2019 के लोकसभा चुनावों में, कॉन्ग्रेस पार्टी ने एक चुनावी घोषणा पत्र जारी किया था, जिसमें यह स्पष्ट रूप से कहा गया था कि कॉन्ग्रेस पार्टी यदि कभी सत्ता में आती है तो वह कृषि उपज मंडी समितियों के अधिनियम में संशोधन करेगी।
कुछ लोग और वामपंथी मीडिया संगठन हैं, जिन्होंने विस्तारवादी चीनी डिजाइन के खिलाफ भारत के रुख को कमजोर करने और मोदी सरकार के खिलाफ अपने एजेंडे को पूरा करने के लिए इस संकट का इस्तेमाल किया है।
खुद को कॉन्ग्रेस अध्यक्ष बनाने की मुहिम को उदित राज बीजेपी आईटी सेल का उपक्रम बता रहे हैं। पर डिजिटल एक्टिविस्ट ने ऑपइंडिया को इस आँधी की वजह कुछ और ही बताई।
व्यापक फेरबदल के नाम पर ओल्ड गार्ड को किनारे कर कॉन्ग्रेस ने युवराज के वफादारों को भाव दिया है। यह उस योजना का हिस्सा है जो अध्यक्ष पद पर राहुल गॉंधी की दोबारा ताजपोशी से पूरी होनी है।
महाराष्ट्र सरकार इस समय अपनी मराठा छवि, क्षेत्रीय गौरव जैसे राग अलाप रहे हैं। वहीं, कॉन्ग्रेस में राहुल गाँधी के समकक्ष युवा नेता मिलिंद देवड़ा ने अपनी ही पार्टी के पक्ष पर चोट करते हुए ट्वीट किया है।