राहुल गाँधी संजय भंडारी के साथ संदेहास्पद ज़मीन सौदों में बुरी तरह घिरते नज़र आ रहे हैं। भाजपा ने OpIndia के ख़ुलासे के बाद राजनीतिक हमले तेज़ कर दिए हैं। तीन तरफ से अटैक करते हुए कॉन्ग्रेस अध्यक्ष को राफेल तक घेरा जा रहा है।
OpIndia के माध्यम से राज्यवर्धन राठौड़ ने राहुल गाँधी को घेरते हुए कहा है कि राहुल गाँधी को हथियारों के सौदागर संजय भंडारी और यूरोफाइटर अधिकारियों के साथ उनकी मुलाकात के बारे में बताना चाहिए।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब कई लोग घूस आदि जैसे पारम्परिक तरीके से भ्रष्टाचार के रास्ते अपनाते रहे हैं, कॉन्ग्रेस परिवार ने नया तरीक़ा इजाद किया है।
स्मृति ईरानी ने कॉन्ग्रेस पर 'फैमिली पैकेज भ्रष्टाचार' करने का आरोप लगाया। स्मृति ईरानी ने कहा कि गाँधी परिवार ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। एचएल पाहवा के यहाँ पर ED की रेड में राहुल गाँधी के नाम के दस्तावेज पाए गए।
राहुल गाँधी की दादी से लेकर पिताजी तक के राजनीतिक दंभ को बिहार और यूपी ने ही चकनाचूर किया है। लेकिन विदेशी पढ़ाई के कारण शायद राहुल को इन ऐतिहासिक घटनाओं की जानकारी नहीं होगी। सामाजिक समस्याओं का राजनीतिकरण शाह बानो की तरह कहीं कॉन्ग्रेस की कब्र न खोद दे इस बार!
अमेठी के रेलवे स्टेशन परिसर में राहुल गाँधी के विरोधस्वरूप एक पोस्टर लगाया गया है। इस पोस्टर में वह आतंकी मसूद अज़हर के साथ दिख रहे हैं। पोस्टर में राहुल गाँधी को जैश सरगना का पाँव छूते हुए दिखाया गया है।
रक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने कहा कि यह फ़ैसला कितना सही और कितना गलत था- इस पर बहस हो सकती है, लेकिन किसी अधिकारी का नाम लेकर उसे कटघरे में खड़ा करना सही नहीं है। अधिकारी तो बस अपनी ड्यूटी कर रहे थे, जो सरकार द्वारा उन्हें सौंपी गई थी।
रॉबर्ट वाड्रा की तरह राहुल गाँधी भी संजय भंडारी से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। गाँधी परिवार का क़रीबी भंडारी एक हथियार डीलर है। राफेल सौदे के दौरान दसौं द्वारा उसे फटकार लगाई जा चुकी है।