तीन सितंबर को पाकिस्तान के सिंध प्रांत में दो हिंदू लड़की को अगवा कर उनका धर्म परिवर्तन करवाया गया था। इससे पहले एक सिख युवती को उसके घर से गुंडों ने उठा लिया था। धर्म परिवर्तन करवा कर उसकी शादी आतंकी हाफ़िज़ सईद के संगठन से जुड़े युवक से करवा दी थी।
पिता राजेश कुमार ने बताया है कि वह सनातन धर्म को मानने वाले व्यक्ति हैं और उनकी बेटी को सलमान सुहेल ने धर्मपरिवर्तन करके मुस्लिम युवक से शादी करने के लिए अगवा कर लिया है। अब बच्ची भी किसी डर से उसी के पक्ष में बात कर रही है।
शादी के बाद कामरान दिल्ली चला गया, पूजा सिंदरी में ही रहने लगी। इसके बाद शुरू हुआ खेल! कामरान के पिता अली अहमद खान ने पूजा को ताने देना शुरू कर दिया कि हिंदू रीति-रिवाज़ न माने। जेठानी साज़िया ख़ान ने कहा कि वो अपनी नौटंकी (पूजा-पाठ) बंद करे।
पीड़िता से जबरन इस्लाम क़बूल करवाकर उसका निक़ाह हाफ़िज़ सईद के आतंकी संगठन के जमात-उद-दावा के मोहम्मद हसन से करवा दिया था। इस घटना से आहत सिख समुदाय ने पाकिस्तान में सिख परिवारों की सुरक्षा की माँग करते हुए विरोध-प्रदर्शन किया है।
पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों को अगवा कर इस्लाम कबूल करवाने का सिलसिला पुराना है। ऐसे ज्यादातर मामलों में पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं करती। इसके कारण आबादी 15 साल में घटकर 8 हजार हो गई है।
पीड़िता के भाई ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान, सेना प्रमुख बाजवा और पंजाब के गवर्नर से न्याय की गुहार लगाई है। केंद्र सरकार ने भी शुक्रवार को इस मामले में पाकिस्तान सरकार से बात कर तत्काल प्रभाव से ठोस क़दम उठाने को कहा था।
पाकिस्तान की प्रशासनिक व्यवस्था का ज़िक्र करते हुए कल्याण सिंह ने कहा कि जाँचकर्ता से लेकर वकील और जज तक, अधिकतर बहुसंख्यक समुदाय यानी मुस्लिम हैं। इसलिए सिख समुदाय से जुड़े मुद्दों का क़ानूनी तौर पर कोई समाधान मौजूद ही नहीं है।
मैं आत्महत्या कर लूँगा, मुझसे शादी कर लो - ऐसे ही इमोशनल ब्लैकमेल करके अब्दुल ने हिंदू लड़की को शादी के लिए तैयार किया। फिर धर्म परिवर्तन करवा कर निकाह किया और ससुराल में उसे छोड़ सऊदी अरब चला गया। देवर और उसके पति के बहनोई ने कई बार रेप की कोशिश की और...
भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर से पाकिस्तान पर बने दवाब के चलते पीड़िता को सुरक्षित उसके घर पहुँचा दिया गया है। वहीं, पाकिस्तानी पंजाब प्रांत की ननकाना साहिब पुलिस ने इस मामले में 8 आरोपितों को गिरफ़्तार कर लिया है।
यह विधेयक बहकाने, जबरन, अनुचित तरीके से प्रभावित करने, दबाव, लालच, शादी या किसी भी धोखाधड़ी के तरीके से धर्म परिवर्तन पर रोक लगाता है। यदि कोई भी शादी बस धर्मांतरण के लिए होती है तो वह इस विधेयक की धारा 5 के तहत इसे अमान्य माना जाएगा।