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नरेंद्र मोदी

चंद्रबाबू नायडू ने BJP विधायकों को आंध्र में आगे न बढ़ने देने की दी धमकी

शुक्रवार (1 फरवरी 2019) को विधानसभा में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अपना आपा खो दिया और...

मोदी की बंगाल रैली में भारी भीड़, हादसा टालने के लिए PM ने जल्दी समाप्त किया भाषण

मोदी ने कहा, “यह दृश्य देखकर मुझे समझ आ रहा है कि दीदी हिंसा पर क्यों उतर आई हैं। यह आपका प्यार है कि लोकतंत्र के बचाव का नाटक करने वाले लोग लोकतंत्र की हत्या करने पर तुले हुए हैं।”

पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री पद के लिए लोगों की पहली पसंद नरेंद्र मोदी

इस रिपोर्ट में उभर कर सामने आने वाली सबसे बड़ी बात यह है कि पश्चिम बंगाल में रहने वाले 46% लोगों ने बीजेपी की रथ यात्रा पर रोक के फ़ैसले को गलत माना है।

बजट 2019: चुनाव से पहले ही किसानों के खाते में होगी ₹2000

किसानों के लिए उठाए गए इस कदम से जहाँ सरकार पर ₹75 हज़ार करोड़ का खर्च बढ़ेगा वहीं देश के लगभग 12 करोड़ किसानों को इससे लाभ पहुँचेगा।

बजट 2019: जब संसद में गूँजा ‘हाउ इज़ द जोश?’

आज के बजट भाषण में ₹5 लाख तक की वार्षिक आय पर टैक्स में छूट देने की जैसे ही घोषणा हुई, संसद 'मोदी-मोदी' के नारों से गूँजने लगी।

बजट में हुई MEME आयोग के लिए विशेष फंड की घोषणा

अस्वस्थ चल रहे वित्त मंत्री अरुण जेटली के स्थान पर कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल कैबिनेट द्वारा अंतरिम बजट स्वीकार कर लिए जाने के बाद एकदम जोश में दिखे।

3.5 करोड़ के सर पर आई छत; 42वीं बैठक में 4.78 लाख और मकानों को मंजूरी

आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने शहरी गरीबों के लाभ के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 4,78,670 अन्‍य किफायती मकानों के निर्माण को मंजूरी प्रदान की है।

न्यूनतम आमदनी योजना: क्या मोदी सरकार बजट में लेगी यह रिस्क?

हो सकता है कि मोदी सरकार भी इस बजट सत्र में यूनिवर्सल बेसिक इनकम से जुड़ा कोई बड़ा ऐलान कर दे। माहौल भाँपते हुए राहुल गाँधी भी एक रैली में बेसिक इनकम से जुड़ी योजना की घोषणा को हवा दे चुके हैं।

कलिकाल के संजय हैं दिव्यदृष्टिधारी जनेऊधारी शिवभक्त रामभक्त दत्तात्रेय गोत्री राहुल गाँधी

राहुल गाँधी की दिव्यदृष्टि एक के बाद एक सपने देखने में अब तक लगातार कामयाब रही है। जैसे उनका एक सपना था कि राफेल डील की फ़ाइलें पर्रीकर के बेडरूम में थीं।

यूनिवर्सल बेसिक इनकम: क्या हैं इसके मायने, क्या कहीं पर लागू हुआ है? जानिए सब कुछ

अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के वंचित परिवारों में यह देखा गया कि बेहतर वित्तीय स्थिति में उन्होंने राशन की दुकानों की बजाय बाज़ार से सामान ख़रीद अपने पोषण स्तर में सुधार किया और स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति और प्रदर्शन दोनों बेहतर हुई।

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