"पाकिस्तान की हज़ारों वर्ष पुरानी संस्कृति का भारत से कोई लेना-देना नहीं है। पाकिस्तान का अपना इतिहास है, जो हज़ारों साल पहले जाता है। पाकिस्तान की संस्कृति या इतिहास का भारत से कोई भी संबंध नहीं है।" यह 'महान' फैज़ के विचार थे। हरिशंकर परसाई ने 'इकबाल की बेइज्जती' में इसका जिक्र किया है।
"आज मुझे अपने भाई की लाश उठानी पड़ रही है। कल को मेरे और भी हिन्दू, सिख और ईसाई भाइयों को इस स्थिति से गुजरना पड़ सकता है। पाकिस्तान दुनिया भर में ढिंढोरा पीटता है कि यहाँ अल्पसंख्यक सुरक्षित हैं। लेकिन हमारी हालत देखिए, हम रोते-बिलखते आपके सामने खड़े हैं।"
इस पत्रकार को इमरान खान ने 'Indian Sickulars' ग्रुप से लात मार बाहर कर दिया है। एनडीटीवी ने भी उसे बाहर करने का फैसला किया है। बरखा दत्त जैसे ग्रुप एडमिन्स ने भी माना है कि जब सवाल पाकिस्तान को ख़ुश करने का हो तो फेक न्यूज़ से बचना चाहिए।
छत्तीसगढ़ कॉन्ग्रेस ने केवल उस वीडियो को ही फेक नहीं बताया है, जिसमें पाकिस्तान में मुल्ले सिखों को धमकी दे रहे हैं। उसने यह भी कहा है कि "दोनों तरफ" (भारत और पाकिस्तान) से फेक वीडियो शेयर हो रहे हैं। सब जानते हैं कि यह "संघी" भाषा है।
NDTV के श्रीनिवासन जैन को इससे मतलब नहीं है कि एक सिख लड़की अगवा की गई। जबरन उससे इस्लाम कबूल करवाया। इससे भी एनडीटीवी को दिक्कत नहीं है कि आरोपित के समर्थन में मजहबी भीड़ ने गुरु नानक के पवित्र जन्मस्थान को निशाना बनाया।
सिर्फ मूर्तियों को नष्ट किए जाने की कल्पना मात्र और केवल अल्लाह का नाम ही इस दुनिया में रहना चाहिए, ये सोच मात्र ही इस कविता का विरोध करने के लिए काफी होना चाहिए ना? या फिर लिबरल्स को ये लगता है कि उनकी भावनाएँ दूसरों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण हैं?
विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने ट्विटर पर हमले का वीडियो शेयर करते हुए पाकिस्तान के पीएम इमरान खान से तत्काल कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे पर हमले के बाद पूरे पाकिस्तान में सिख समुदाय के बीच दहशत का माहौल है और कई पाकिस्तानी सिख उन्हें फोन कर अपना डर जता रहे हैं।
बांग्लादेश के लगभग 7 साल पुराने वीडियो को ट्वीट कर इमरान ने दावा किया कि भारतीय पुलिस मुस्लिमों पर अत्याचार कर रही है। वहीं, यूपी पुलिस ने भी साफ़ कर दिया है कि ये वीडियो फर्जी हैं और उनकी ओर से इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बुरी तरह ट्रोल होने के बाद इमरान ने ये वीडियो हटा लिया।
पाकिस्तान के इस उग्र भीड़ ने शाम होते-होते भी ननकाना साहिब गुरुद्वारे को घेर रखा है। वहीं, पुलिस-प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोग बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाकर अंदर छिपे हुए हैं।
पाकिस्तानी एजेंडे के तहत भारत के खिलाफ प्रोपगेंडे को हर रोज भारी तादाद में सोशल मीडिया पर फैलाने के लिए यूथ मशीनरी को पाक ISPR में भर्ती कर रहा हैं। झूठ फ़ैलाने के लिए युवाओं को बाकायदा ट्रेनिंग का भी प्रावधान किया गया है।