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मीडिया गिरोह

मुस्लिम असलम का अपराध हिन्दुओं के नाम: आजतक समेत मेन्स्ट्रीम मीडिया ने नाम छुपाया, गलत शब्द लिखे

बहुत ही बारीकी से कभी प्रतीकात्मक तस्वीर के नाम पर तो कभी सीधे खुल्ले में खेलते हैं कि कौन सी जनता जा रही है तहकीकात करने? अगर बाद में पता भी चला तो क्या हो जाएगा? क्योंकि आजतक कभी इन्हें अपनी इन हरकतों पर कोई बड़ा आउटरेज नहीं झेलना पड़ा।

प्रिय वामपंथियो! अपनी खून की प्यास को सही ठहराने के लिए माँ के गर्भ का ‘इस्तेमाल’ बंद करो

आखिर क्यों न किया जाए सफूरा से सवाल? दिल्ली दंगे क्या कोई फिल्मी सीन था, जिन्हें स्मृतियों से डिलीट कर दें? या कोई काल्पनिक घटना थी, जिसे...

तबरेज हो या अखलाक, जैनब जैसों को दो पैसा फर्क नहीं पड़ता, सारा ज्ञान वामपंथी विचार के लिए है

ज़ैनब सिकंदर एक लाइन का कुछ लिखें या हजार शब्दों का कुछ लिखें, उसका एक ही मकसद है अपनी हिन्दूघृणा को साकार रूप देना और अपने 'मजहबी टार' को अपनी कल्पनाओं के साहित्य से सींचना।

न्यूजलॉन्ड्री का पाक प्रेम: पाकिस्तानी पत्रकार को किया हमदर्दी भरा व्हाट्सएप्प… जो हमारे हाथ लग गया

न्यूजलॉन्ड्री का पाकिस्तान के पत्रकार से ऐसे सवाल पूछना कि क्या ‘घृणा फैलाने के लिए’ वो पैसे लेकर ऐसी करती हैं, विचित्र सोच का परिचायक है।

जोधपुर में पुलिस कार्रवाई को ‘भारत का जॉर्ज फ्लॉयड मोमेंट’ बता खतरनाक एजेंडे को हवा दे रही मीडिया

भारतीय मीडिया जोधपुर में एक उपद्रवी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को सनसनी बनाकर पेश कर रही। उसे जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या की घटना से जोड़ रही।

‘सेकुलर’ प्रोपेगेंडा को ‘राष्ट्रवादी’ कार्टूनों से ध्वस्त करता नवयुवक; हिन्दुओं के नरसंहार ने बनाया आर्टिस्ट

इस कलाकार के इरादे इस दिशा में तब और मजबूत हुए, जब 19 जनवरी को उन्होंने कश्मीरी पंडितों के साथ हुए अत्याचार पर 30 साल बीत जाने पर भी लोगों को चुप देखा।

विकीपीडिया vs ऑपइंडिया: वामपंथी नैरेटिव और गिरोह की साजिश, ऑपइंडिया के खिलाफ यूँ खेला जा रहा खेल

विकीपीडिया पर ऑपइंडिया का पेज इतना नेगेटिव क्यों है? ये वो सवाल है जिसके बारे में लोगों ने हमसे कई बार पूछा। लेकिन, इस सवाल जवाब बेहद सरल है। वो ये कि हमने एक बने-बनाए इकोसिस्टम को चुनौती दी।

‘अमेरिका की तरह भारत में सड़कों पर लोग उतरें और दंगे करें, देश में दंगे भड़काने की तैयारी कर रहा है The Quint’

कपिल मिश्रा ने 'द क्विंट' की एक ऐसी ही अपील के स्क्रीनशॉट ट्विटर पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि किस प्रकार 'द क्विंट' भारत के लोगों को उकसाकर उन्हें सड़कों पर उतर आने की अपील कर रहा है।

भारतीय मीडिया में विदेशी संपादक… देश-विरोधी बातें छापना और प्रोपेगेंडा फैलाना है जिसका एकमात्र काम

सही मायने में भारत को अगर किसी से खतरा है तो वो यही फेक न्यूज और प्रोपेगेंडा चलाने वालों तथा देश का अपमान करने वाले सम्पादकों से है जो...

राजदीप सरदेसाई की ‘लाश’ पत्रकारिता: बीमारी से राजकुमार की मौत, कहा- भूख से मरा, सरकारी मदद कहाँ

राजकुमार बांदा का रहने वाला था। यहॉं के डीएम ने राजदीप सरदेसाई के दावों की पोल खोल कर बताया है कि उसके परिवार को कब कितनी मदद मिली।

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