भारतीय मूल के दर्शन साह को अमेरिकी वायुसेना ने तिलक लगाकर ड्यूटी करने की अनुमति दे दी है। वॉरेन एयर फोर्स बेस पर तैनात शाह दो साल से अनुमति माँग रहे थे।
90 के दशक में कश्मीरी पंडितों का नरसंहार पहली बार नहीं हुआ था। 14वीं शताब्दी में सूफी संतों से मिली सीख पर सिकंदर बुतशिकन ने इस काम को धड़ल्ले से किया था।