Laxmii फिल्म में तर्क और हॉरर तलाशना इसके बहिष्कार का कारण तलाशने से कहीं ज्यादा परेशान कर देने वाला काम है। जब फिल्म में कथा ही नहीं तो पटकथा का कैसा बहिष्कार?
तनिष्क ने एक बार फिर विवादित विज्ञापन बनाया था। जिसमें तनिष्क ने हिन्दू विरोधी एजेंडा परोसते हुए दिवाली को निशाना बनाया था। पिछली बार की तरह इस बार भी तनिष्क के इस विज्ञापन की जम कर आलोचना हुई।
एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि हमारे त्यौहार आपके लिए 'सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम' नहीं है। एक ने सेलेब्रिटीज की शादियों और IPL के समय भी ज्ञान देने को कहा।
जब बर्बरता तुम्हारी शिक्षा की आधारशिला है, हत्या तुम्हारे लिए एक सम्मानजनक कर्म है, बलात्कार पुण्य और काफिरों के धार्मिक स्थल तोड़ना जन्नत-उल-फिरदौस में कमरे रिजर्व करवाता है, फिर कोई सामान्य बुद्धि-विवेक वाला तुमसे या तुम्हारे मजहब को स्नेहाशिक्त भाव से कैसे देख सकता है?
मुंगेर में हुई क्रूरता की वारदात से पहले क्या हुआ था और ये सब शुरू कैसे हुआ? वहाँ की 'बड़ी दुर्गा पूजा समिति' के पदाधिकारियों से जानिए कि उन पर कैसे पहले से ही बनाया जा रहा था दबाव।