Homeव्हाट दी फ*लाइटर के सामने छोड़ी गैस, जल गया पिछवाड़ा: वीडियो में चले थे प्रैंकस्टर बनने,...

लाइटर के सामने छोड़ी गैस, जल गया पिछवाड़ा: वीडियो में चले थे प्रैंकस्टर बनने, अब ठीक से बैठना भी मुश्किल

ये मामला चीन के जिलिन प्राँत का है। यहाँ के बिन तोऊजी नामक युवक ने एक प्रैंक वीडियो बनाने के चक्कर में अपना पिछवाड़ा जला लिया।

किसी व्यक्ति के पिछवाड़े से निकली गैस सारी दुनिया जला सकती है, लेकिन इसके लिए उसे इकट्ठा करना पड़ेगा। ठीक वैसे ही, जैसे गोबर-गैस से गैस बनती है और उसका इस्तेमाल खाना बनाने में किया जाता है। लेकिन क्या हो? अगर सब लोग एक साथ गैस छोड़ें (पादें), और कोई माचिस की तिल्ली लगा दे? तो भैया, ऐसा करने की बिल्कुल भी मत सोचना। एक प्रैंकस्टर ने ऐसा करने की हिमाकत की है, अब वो सामान्य तौर पर बैठ नहीं पा रहा है, क्योंकि अपनी गैस (पाद) जलाकर लोगों को हँसाने के चक्कर में उसका पिछवाड़ा जल चुका है। जो पूरी दुनिया में उसके जले पिछवाड़े की दुहाई दे रहा है।

NY पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ये मामला चीन के जिलिन प्रान्त का है। यहाँ के बिन तोऊजी नामक युवक ने एक प्रैंक वीडियो बनाने के चक्कर में अपना पिछवाड़ा जला लिया। दरअसल, युवक ने जैसे ही गैस छोड़ी, उसी समय लाइटर जलाते ही उसमें आग लग गई। तुरंत ही युवक छटपटाने लगा और किसी तरह से आग पर काबू पाया। इसके बाद वो दर्द से कराहने लगा।

भले ही ये मामला को हँसी-मजाक का लग रहा हो, लेकिन ये मामला है बेहद गंभीर। दरअसल, हम जो गैस छोड़ते हैं, उसमें हाइड्रोजन, मीथेन और कार्बन डाई ऑक्साइड गैस की बहुलता होती है। ये सारे गैस कुल मिलाकर 75 प्रतिशत हिस्सा होती है। इन गैसों के संपर्क में ऑक्सीजन के आते ही ये जलने लायक हो जाती है।

हालाँकि, इसमें एक बात ये भी है कि इंसान जो गैस छोड़ता है, उसमें भी इन गैसों की भिन्न-भिन्न मात्रा होती है, जो आपके भोजन पर निर्भर करती है। अगर इसमें अकेले 65 प्रतिशत मात्रा हाइड्रोजन की है, तो ये बेहद ज्वलनशील हो सकता है।

ये अकेला मामला नहीं है, जिसमें इंसान से निकले गैस की वजह से आग लगी हो। साल 2016 में एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जिसमें एक अस्पताल में ऑपरेशन के समय मरीज ने गैस छोड़ दिया, तो ऑपरेशन में इस्तेमाल किए जा रहे लेजर ने आग पकड़ लिया था। उस घटना में मरीज को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचा था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘फोर्स्ड लेबर’ के नाम पर भारत पर 12.5% टैरिफ का USTR प्रस्ताव: क्या सुप्रीम कोर्ट से झटका खाने के बाद ट्रंप खोज रहे नया...

USTR ने भारत सहित कई देशों पर नए टैरिफ का प्रस्ताव दिया है। भारत ने कहा कि प्रक्रिया जारी है और फैसला अभी बाकी है।

टिंडर से दोस्ती, ₹50 लाख की फिरौती और हथौड़े से कत्ल: DU के छात्र आयुष नौटियाल की हत्या केस में इश्तियाक अली दोषी, पढ़ें-...

2018 के चर्चित आयुष नौटियाल मर्डर केस में कोर्ट ने इश्तियाक अली को दोषी करार दिया। पढ़ें अपहरण, फिरौती, हत्या और पुलिस जाँच की पूरी कहानी।
- विज्ञापन -