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मुहर्रम जुलूस को भाइयों के साथ देख रहे थे अजय यादव, तलवार से काट कर मार डाला: BJP बोली- तेजस्वी यादव ने लगवाए ‘शहाबुद्दीन जिंदाबाद’ के नारे, अब हिंदुओं पर हो रहे हमले

बिहार के मोतिहारी में मुहर्रम जुलूस में विवाद के बाद हिंदू युवक की हत्या कर दी गई। मृतक युवक की पहचान 22 वर्षीय अजय यादव के रूप में हुई है। इस्लामी कट्टरपंथियों ने अजय यादव पर तलवार से सिर पर वार किया। घटना में दो अन्य हिंदू युवक घायल हुए हैं। जबकि अजय की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना मोतिहारी जिले के मेहसी थाना क्षेत्र के कनकट्टी बाजार की है। पुरानी रंजिश को लेकर इस्लामी कट्टरपंथियों ने मुहर्रम जुलूस की आड़ में अजय यादव की हत्या की साजिश रची। रविवार (06 जुलाई 2025) शाम 7 बजे क्षेत्र में मुहर्रम के ताजिया का जुलूस निकाला जा रहा था।

जुलूस में शिया मुस्लिम की भीड़ लाठी-डंडे, तलवार और बरछी लेकर करतब दिखा रहे थे। वही देखने अमवा निवासी अजय यादव, भाई धनंजय यादव और चचेरे भाई नवल किशोर यादव पहुँचे थे। तभी जुलूस में शामिल करतब दिखाने वाले लोगों से अजय यादव की कहासुनी हो गई। तभी तलवार भांज रहे एक मुस्लिम ने अजय के गले पर तलवार से वार किया। अजय के साथियों से भी मारपीट की।

घटना में अजय यादव बुरी तरह घायल हो गया, जिसके बाद उसे और बाकी दोनों घायलों को मेहसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहाँ डॉक्टर हरेंद्र कुमार रवि ने अजय यादव को मृत घोषित कर दिया। वहीं, अजय के चचेरे भाई नवल किशोर को मुजफ्फरपुर SKMCH में बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है।

वहीं, अजय के भाई धनंजय यादव ने घटना की पूरी जानकारी दी। धनंजय यादव ने कहा, “भैया पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। तलवार से सिर पर पीछे से मार दिया। गाँव का ही निजामुल आया और उन्हें गोद में उठा लिया। जब मना किया तो मुझे भी मारा।”

पुरानी रंजिश को लेकर मुहर्रम जुलूस की आड़ में रची हत्या की साजिश

घटना के बाद क्षेत्र में भारी सुरक्षाबल को तैनात किया गया है। मोतिहारी SP स्वर्ण प्रभात ने बताया कि मेहसी थाना क्षेत्र में घटना मोहर्रम जुलूस में हुई, लेकिन मोहर्रम से जुड़ी नहीं है। पुरानी रंजिश को दोनों पक्षों की आपस में मारपीट हो गई। 15 दिन पहले भी आपसी विवाद हुआ था। उस मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया था।

वहीं, मृतक अजय यादव के भाई धनंजय यादव ने बताया कि पंचायत चुनाव में चचेरे भाई राजेश यादव प्रत्याशी थे। चुनाव के दौरान उनका निजामुद्दीन से विवाद हुआ था। तभी से मनमुटाव चल रहा है। अब निजामुद्दीन ने साजिश रचकर मुहर्रम जुलूस की आड़ में भाई अजय यादव की हत्या कर दी।

बता दें कि पुलिस ने मामले में शामिल 12 लोगों को हिरासत में लिया है। साथ ही इलाके में शांति का माहौल बनाए रखने की अपील की है।

BJP ने तेजस्वी यादव की चुप्पी पर किया सवाल

मोतिहारी में अजय यादव की हत्या पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने चुप्पी साधी हुई है। इस पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राजद को घेरा है। बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने तेजस्वी यादव को यादव समाज का साथ न देने का आरोप लगाया है।

अमित मालवीय ने ट्वीट कर लिखा, “तेजस्वी यादव ने हाल ही में मंच से ‘शाहबुद्दीन ज़िंदाबाद’ के नारे लगवाए और उसके तुरंत बाद ही बिहार में अराजक तत्वों ने मुहर्रम के जुलूस की आड़ में हिंदू समाज पर हमले शुरू कर दिए।”

उन्होंने मोतिहारी में अजय यादव की हत्या का मामला बताते हुए कहा, “मोतिहारी में ऐसी ही एक घटना में अजय यादव की नृशंस हत्या कर दी गई। तेजस्वी यादव, जो स्वयं यादव समाज से आते हैं, ने अब तक इस हत्या पर एक शब्द नहीं बोला। क्या राजद की राजनीति में मुस्लिम तुष्टिकरण इतना हावी हो गया है कि यादव समाज की जान की कोई कीमत ही नहीं रह गई?”

तेजस्वी यादव के शहाबुद्दीन प्रेम को लेकर अमित मालवीय ने घेरते हुए कहा, “मुहर्रम के नाम पर हाल के दिनों में बिहार के कई जिलों में हुई हिंसा उसी शाहबुद्दीनवादी मानसिकता का परिणाम है, जिसे तेजस्वी यादव मंच से महिमामंडित कर रहे हैं।”

तेजस्वी यादव ने ‘शहाबुद्दीन जी अमर रहे’ के लगाए थे नारे

बता दें कि अमित मालवीय जिस शहाबुद्दीन की बात कर रहे हैं। वो वही शहाबुद्दीन है, जिसके अमर रहने के नारे तेजस्वी यादव ने राजद के स्थापना दिवस पर लगाए थे। और यह वही शहाबुद्दीन है, जिसका बिहार के सीवान जिले में राज चला करता था। गैंगस्टर के नाम पर शहाबुद्दीन ने कई मासूम लोगों की जान ली। इनमें चंदा बाबू के तीन बेटें भी शामिल हैं, जिनको तेजाब से नहला दिया गया था।

इसी शहाबुद्दीन के समर्थन में तेजस्वी यादव ने नारे लगाए। जबकि तेजस्वी यादव अपने ही समाज के युवक अजय यादव की इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा की गई हत्या पर खामोश हैं।

‘गोमांस खाओ, कुरान पढ़ो, इस्लाम कबूलो’: जिसके झाँसे में आकर घर से भागी हिंदू युवती, वही शहबाज अब कह रहा- मेरे घर में भगवान नहीं चाहिए, अल्लाह को मानो

बिहार के बेगूसराय में इंदौर की हिंदू युवती को मोहम्मद शहबाज ने जबरन धर्म परिवर्तन और गोमांस खिलाने का दबाव बनाया। दो साल तक लिव-इन में रहने के बाद निकाह किया। आरती से आरती परवीन बना दिया। युवती का कहना है कि शौहर इस्लाम धर्म न अपनाने पर मारपीट करता है। युवती ने पुलिस से घर वापस भेजने की गुहार लगाई है।

आरती ने महिला पुलिस थाने पहुँचकर आपबीती सुनाई है। आरती ने बताया कि शहबाज ज्वेलरी शॉप में माला गूंथने का काम करता था। तब वीडियो कॉल करके कहता था कि यह उसकी दुकान है। शहबाज ने जिंदगी भर खुश रखने का वादा किया। इसके बाद साल 2018 में आरती इंदौर से भागकर बेगूसराय शहबाज के पास आ गई।

यहाँ 2 साल लिव-इन में रहने के बाद साल 2020 में शहबाज ने आरती से निकाह कर लिया। आरती का नाम बदलकर आरती परवीन रख दिया। तब से रोजाना धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाता है। गोमांस खाने और नमाज पढ़ने के लिए जबरदस्ती करता है।

“पैसे माँगों, नहीं तो धंधा करवाऊँगा”

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, आरती ने बताया कि पहले शहबाज उसे खुश रखता था, लेकिन अब रोजाना मारपीट करता है। आरती ने कहा, “गंदी-गंदी गालियाँ भी देता है। दहेज के लिए प्रेशर बनाता है। कहता है कि माँ और भाई से एक लाख रुपए माँगो, नहीं तो धंधा करवाऊँगा गोमांस खाने को मजबूर करता है। नहीं खाती तो पीटता है।”

आरती कहती है, “मैं हिंदू धर्म ही मानती हूँ। मैंने धर्म परिवर्तन नहीं किया है। लेकिन वो कहता है नमाज पढ़ो, रोजा रखो, कुरान पढ़ो। मेरे मोबाइल में कृष्ण भगवान की फोटो थी, वह भी डिलीट कर दिया। उसका कहना है कि मेरे घर में कोई भगवान नहीं चाहिए, सिर्फ मेरे अल्लाह को मानो।”

आरती का घरवालों से नहीं कोई संपर्क

साल 2018 में शहबाज के झाँसे में आकर आरती घरवालों के खिलाफ आकर घर से भाग गई थी। आरती बताती हैं कि इसके बाद से ही माता-पिता से कोई संपर्क नहीं रहा है। आरती ने कहा कि शहबाज को चुनकर उन्होंने गलती की है। आरती ने पुलिस से अपने इंदौर शहर वापस भेजने का आग्रह किया है। वह कहती हैं कि अकेले गुजारा कर लूँगी, लेकिन शहबाज के साथ नहीं रहना है।

आरती ने बताया कि शहबाज ने आधार कार्ड में भी आरती का नाम बदलकर आरती परवीन करवा दिया है। आरती ने कहा, “उसने आधार कार्ड पर मेरा नाम बदलकर आरती परवीन करवा दिया। रोज मारने की धमकी देता है। तीन-चार बार जान से मारने की कोशिश की है। मैं किसी तरह बचकर थाने पहुँची हूँ।”

आरती को अल्पावास गृह भेजा गया

DSP सुबोध कुमार ने बताया कि पीड़िता 05 जुलाई 2025 को थाने आई थी। यहाँ पीड़िता ने बयान दर्ज कराया कि अब वह अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती है। लेकिन पीड़ित ने लिखित शिकायत देने से इनकार कर दिया है। फिलहाल मेडिकल जाँच के बाद पीड़िता को अल्पावास गृह भेजा गया है। साथ ही पीड़िता के परिजनों को भी सूचना दी गई है।

26/11 के समय मुंबई में ही था तहव्वुर राणा, CSMT की रेकी भी की… लश्कर से ली 3 बार ट्रेनिंग: पूछताछ में कबूला- मैं पाक फ़ौज का ट्रस्टेड आतंकी, हमले की योजना में था शामिल

26/11 मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर हुसैन राणा ने पूछताछ के दौरान बताया है कि हमले के समय वह मुंबई में था और पाकिस्तानी फौज का भरोसेमंद एजेंट था।

तहव्वुर राणा अभी दिल्ली की तिहाड़ जेल में NIA की हिरासत में है। मुंबई क्राइम ब्रांच से पूछताछ में तहव्वुर राणा ने बताया कि दोस्त डेविड कोलमैन हेडली ने पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के साथ कई ट्रेनिंग ली थी।

तहव्वुर राणा ने यह भी बताया कि लश्कर-ए-तैयबा मुख्य रूप से एक जासूसी नेटवर्क के रूप में काम करता था।

मुंबई में मौजूदगी और साजिश

तहव्वुर राणा ने खुलासा किया कि मुंबई में अपनी कंपनी का एक इमिग्रेशन सेंटर खोलने का विचार उसी का था। तहव्वुर राणा ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस जैसी जगहों का भी रेकी किया था।

तहव्वुर राणा ने कहा कि 26/11 के हमले पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के सहयोग से किए गए थे और यह आतंकियों की योजना का हिस्सा था।

पाकिस्तानी फौज से संबंध

तहव्वुर राणा ने यह भी बताया कि उसे पाकिस्तानी फौज ने खाड़ी युद्ध के दौरान सऊदी अरब भेजा था। तहव्वुर राणा ने 1986 में पाकिस्तानी फौज में कैप्टन डॉक्टर के रूप में काम किया था।

तहव्वुर राणा सियाचिन जैसे संवेदनशील इलाकों में तैनात रहा। तहव्वुर राणा ने दावा किया कि पाकिस्तानी फौज प्रतिष्ठान उस पर भरोसा करता था।

हेडली से संबंध और फर्जी दस्तावेज

तहव्वुर राणा और हेडली स्कूल के दोस्त थे। तहव्वुर राणा ने पूछताछ में बताया कि हेडली ने उसे आश्वस्त किया था कि वह उसके रिकॉर्ड को साफ करने में मदद करेगा, इसलिए वह आतंकी साजिश का हिस्सा बनने को तैयार हो गया।

तहव्वुर राणा ने यह भी बताया कि हेडली ने लश्कर-ए-तैयबा के तीन ट्रेनिंग कैंप्स में भाग लिया था। NIA की चार्जशीट के अनुसार, हेडली ने इमीग्रेंट लॉ सेंटर नाम से कंपनी के एजेंट के रूप में भारत के कई शहरों का दौरा किया था।

तहव्वुर राणा ने बताया कि यह कंपनी बनाने का विचार उसका ही था और इसका उपयोग आतंकियों की निगरानी के लिए किया गया था। तहव्वुर राणा के भूमिका की पुष्टि 14 गवाहों ने की।

हालाँकि, फर्जी भारतीय दस्तावेजों के लिए तहव्वुर राणा ने भारतीय दूतावास को दोषी ठहराया। लेकिन जाँच से पता चला है कि तहव्वुर राणा ने हेडली को फर्जी दस्तावेजों से भारत में घुसने में मदद की थी।

कई मामलों में पूछताछ जारी

तहव्वुर राणा को साल 2025 की शुरुआत में अमेरिका से भारत डिपोर्ट किया गया था। मई 2025 में उसे ज्यूडिशियल कस्टडी में लिया गया था।

तहव्वुर राणा से साजिश, हत्या, आतंकी साजिश और जालसाजी सहित कई आरोपों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। दिल्ली की एक कोर्ट ने पिछले महीने (जून 2025) तहव्वुर राणा की ज्यूडिशियल कस्टडी 9 जुलाई 2025 तक बढ़ा दी थी।

बता दें कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले में 166 लोग मारे गए थे। आतंकी समुद्र रास्ते पाकिस्तान से आए थे और उन्होंने मुंबई में कई जगह पर हमला कर 60 घंटे तक दहशत फैलाई थी। तहव्वुर राणा ने इन हमले वाली जगहों की रेकी और प्लानिंग में मदद की थी।

कन्हैया लाल हत्याकांड पर बनी फिल्म के विरोध में उतरी जमीयत उलेमा ए हिन्द, कोर्ट में लगाई रोकने को याचिका: मुखिया मदनी ने किया ऐलान, नुपुर शर्मा का समर्थन करने पर रियाज और गौस ने रेता था गला

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मुखिया अरशद मदनी ने शनिवार (5 जुलाई 2025) को एक विवादास्पद बयान दिया है। मदनी ने कहा है कि उनकी संस्था ने ‘उदयपुर फाइल्स: कन्हैयालाल टेलर मर्डर’ फिल्म की रिलीज को रोकने के लिए देश के कई हाई कोर्ट में याचिकाएँ दायर की हैं।

यह फिल्म 28 जून 2022 को उदयपुर में हुई दर्जी कन्हैयालाल की हत्या पर आधारित है। यह हत्या इस्लामी आतंकियों मुहम्मद रियाज़ अत्तारी और मुहम्मद ग़ौस ने की थी। कन्हैयालाल ने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में एक पोस्ट की थी, जिसके बाद उन्हें ‘ईशनिंदा’ का आरोपित बताया गया और सरेआम उनकी हत्या कर दी गई।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद पर पहले भी आतंकियों के पक्ष में खड़े होने के आरोप लग चुके हैं और अब इस संगठन ने अब इस फिल्म का विरोध किया है। संगठन ने दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र के हाई कोर्ट में याचिकाएँ दायर कर फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की माँग की है।

मदनी ने अब आरोप लगाया है कि फिल्म में इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बातें कही गई हैं। उन्होंने कहा, “फिल्म के ट्रेलर में नूपुर शर्मा का वह बयान दिखाया गया है, जिसने पूरे देश में बवाल मचा दिया था। इस बयान से भारत की कई देशों के साथ दोस्ताना रिश्तों पर असर पड़ा और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि भी खराब हुई। इसके चलते बीजेपी को उन्हें पार्टी से निकालना पड़ा।”

मदनी का कहना है कि अगर यह फिल्म रिलीज होती है, तो इससे देशभर में मुस्लिम समुदाय में आक्रोश फैल सकता है और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। उनके इस बयान को कई लोग धमकी के तौर पर देख रहे हैं।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स: कन्हैयालाल टेलर मर्डर’ के ट्रेलर को लेकर गंभीर आपत्तियाँ जताई हैं। उन्होंने कहा, “इस फिल्म के ट्रेलर में इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद और उनकी पवित्र बीवीयों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गई हैं, जो देश की शांति और कानून-व्यवस्था को बिगाड़ सकती हैं।”

मदनी ने दावा किया है कि फिल्म में देवबंद को कट्टरता का केंद्र दिखाया गया है और उलेमा के खिलाफ भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म मुसलमानों को बदनाम करती है और समाज में नफरत फैलाने का काम करती है।

इसके साथ ही अरशद मदनी ने फिल्म में विवादित ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़े दृश्यों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि “ऐसे दृश्य संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 के तहत मिले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हैं।” मदनी ने माँग की है कि इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई जाए ताकि देश में सौहार्द बना रहे।

‘उदयपुर फाइल्स: कन्हैयालाल टेलर मर्डर’ 11 जुलाई को होगी रिलीज

‘उदयपुर फाइल्स: कन्हैयालाल टेलर मर्डर’ फिल्म सिनेमाघरों में शुक्रवार (11 जुलाई) को रिलीज होने वाली है। यह फिल्म उदयपुर के दर्जी कन्हैयालाल की बेरहमी से हुई हत्या पर आधारित है।

फिल्म में अभिनेता विजय राज मुख्य भूमिका में नजर आएँगे। इसके अलावा रजनीश दुग्गल, प्रीति झंगियानी, कमलेश सावंत, काँची सिंह और मुश्ताक खान जैसे कलाकार भी फिल्म का हिस्सा हैं।

इस फिल्म का निर्देशन और लेखन भारत एस. श्रीनाथे ने किया है, जबकि फिल्म के निर्माता अमित जानी हैं। वहीं फिल्म का वितरण रिलायंस एंटरटेनमेंट द्वारा किया जा रहा है। फिल्म में 2022 में उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या के दौरान और उसके बाद देश में घटी घटनाओं को दिखाया गया है।

जमीयत उलमा-ए-हिंद और आतंकवादियों का बचाने का उसका इतिहास

जमीयत उलमा-ए-हिंद का आतंकियों को इसी तरह से बचाने और पनाह देने का इतिहास रहा है। इसी के तहत जमीयत उलमा-ए-हिंद (JUH) ने 2007 में अपने नेता अरशद मदनी के नेतृत्व में एक लीगल सेल (कानूनी प्रकोष्ठ) शुरू किया था, इसका मकसद आतंकवाद में गिरफ्तार हुए मुस्लिम लड़कों को कानूनी मदद देना।

उन्होंने जिनको बचाया, वह इसलिए छूटे क्योंकि उनके खिलाफ सबूत नहीं थे। जमीयत ने 7/11 का मुंबई ट्रेन विस्फोट, 2006 मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपितों को सहायता दी है। इसी तरह जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने 26/11 मुंबई आतंकी हमला मामले, 2011 मुंबई ट्रिपल ब्लास्ट केस, मुलुंड ब्लास्ट केस, गेटवे ऑफ इंडिया ब्लास्ट केस के आरोपितों का भी बचाव किया था।

मुहर्रम जुलूस की भीड़ ने महावीर मंदिर पर किया हमला, ताजिया निकालने के दौरान हिन्दू-पुलिसवालों पर चलाए पत्थर… 20 घायल: FIR दर्ज, बिहार के कटिहार का मामला

बिहार के कटिहार में 6 जुलाई 2025 की दोपहर मुहर्रम के जुलूस के दौरान कट्टरपंथियों ने नया टोला स्थित महावीर मंदिर पर पथराव करना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि वार्ड नंबर 34 और 35 से ताजिया जुलूस निकल रहा था। तभी अचानक मंदिर और वहाँ रह रहे लोगों पर कट्टरपंथियों ने हमला कर दिया।

ऑपइंडिया से बात करते हुए स्थानीय लोगों ने बताया कि मुहर्रम जुलूस शांति से निकाला जा रहा था, पर नया टोला में पहुँचते ही यह उग्र हो गया।

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कट्टरपंथी महावीर मंदिर पर पत्थर फेंक रहे हैं। वे सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों और घरों पर भी पत्थर बरसा रहे हैं।

कुछ लोगों और पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। हिंसा सिर्फ नया टोला तक सीमित नहीं रही, यह पानी टंकी चौक, दौलत राम चौक और आजाद चौक जैसे अन्य इलाकों तक भी फैल गई।

कट्टरपंथियों के उपद्रव की अलग-अलग वीडियो

ये मुहर्रम जुलूस के नाम पर कट्टरपंथियों के जरिए हिंसा हो रही है। 3 अलग-अलग वीडियो है। एक वीडियो में स्थानीय लोगों ने अपने घर की बालकनी से पत्थरबाजी करते हुए रिकॉर्ड किया है, जिसमें ईंट के बड़े-बड़े टुकड़े लोगों पर और पुलिसकर्मियों पर फैंके जा रहे हैं।

दूसरी वीडियों में महावीर मंदिर के पास खड़े स्थानीय लोगों को कट्टरपंथी लाठी-डंडों से मारने के लिए दौड़े चले आ रहे हैं।

तीसरी वीडियो में देखा जा सकता है कि महावीर मंदिर के सामने कट्टरपंथी तोड़फोड़ कर रहे हैं। हाथों में लाठी-डंडे लिए हुए है। स्थानीय लोग अपने घरों से वीडियो रिकॉर्ड कर रहे हैं।

पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

इस घटना पर पुलिस ने प्रतिक्रिया दी है। डीएम मनीष कुमार मीणा और एसपी वैभव कुमार शर्मा मौके पर पहुँचे। उन्होंने नगर वासियों से घरों में रहने और सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलाने की अपील की।

बिहार गृह सचिवालय ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि गलत और भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। कटिहार शहर में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है।

पुलिस और प्रशासन ने हिंसा में शामिल लोगों पर कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। वर्तमान माहौल तनावपूर्ण है पर पुलिस की भारी तैनाती के बाद स्थिति नियंत्रण में है।

पुलिसकर्मी समेत लोग घायल

कट्टरपंथियों के पथराव का शिकार वहाँ की पुलिसकर्मी और आम जनता हुई। इसमें कई पुलिसकर्मियों समेत 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और एमएलसी अशोक अग्रवाल भी मौके पर पहुँचे।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की ढीली व्यवस्था के कारण बवाल बढ़ा। डीएसपी और नगर विधायक इलाके में कैंप कर रहे हैं।

देशभर में मुहर्रम पर अन्य हिंसक घटनाएँ

देश के कई हिस्सों में 6 जुलाई 2025 को मुहर्रम के ताजिया जुलूसों के दौरान हिंसा और सांप्रदायिक तनाव की खबरें सामने आई हैं।

  • मध्य प्रदेश- उज्जैन में मुहर्रम जुलूस के दौरान खजूर वाली मस्जिद के पास हंगामा हुआ। उपद्रवियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और प्रतिबंधित मार्ग पर घोड़ा ले जाने की जिद की। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो हमला किया गया। इसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। जुलूस के आयोजक इरफान खान उर्फ लल्ला समते 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।
  • राजस्थान- राजसमंद के कुंभलगढ़ किले में मुहर्रम जुलूस की अनुमति को लेकर पाँच दिनों से विवाद चल रहा है। हिंदू संगठनों और व्यापारियों ने 5 जुलाई 2025 को बाजार बंद कर विरोध प्रदर्शन किया।
  • उत्तर प्रदेश- रायबरेली में 4 जुलाई 2025 को कुढ़ा गाँव में बिना अनुमति निकाले गए मुहर्रम जुलूस के दौरान आपत्तिजनक नारेबाजी हुई। विरोध करने पर मुस्लिम लोग उग्र हो गए और लाठी-डंडों व हथियारों से हमला किया। 4 बाइक, एक ऑटो और एक ट्रैक्टर तोड़ दिए गए। 150 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
  • कुंडा- मुहर्रम से पहले शांति व्यवस्था के लिए पूर्व कैबिनेट मंत्री राजा भैया के पिता राजा उदय प्रताप सिंह समेत 13 लोगों को नजरबंद किया गया।
  • महाराजगंज- मुहर्रम जुलूस के दौरान बीजेपी नेता शिवभूषण चौबे से मारपीट की गई। पुलिस ने उन्हें सुरक्षित निकाला और तीन लोगों को हिरासत में लिया।
  • देवरिया– मुहर्रम जुलूस में एक कट्टरपंथी को फिलिस्तीन की टीशर्ट पहनने पर हिरासत में लिया गया। श्रीनगर में भी ऐसे ही झंडे दिखे थे।
  • आजमगढ़– भुजी गांव में मुहर्रम जुलूस के दौरान मुस्लिम युवक आपस में भिड़ गए, जिसमें 7 लोग घायल हुए। 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
  • कुशीनगर- गुलहरिया रेगुलेटर पर मुहर्रम जुलूस के दौरान एक प्राचीन शिव मंदिर के सामने इस्लामिक झंडा फहराया गया और भड़काऊ नारे लगाए गए, जिससे तनाव फैल गया। रामकोला में डीजे की आवाज को लेकर विवाद में एक बच्चा घायल हुआ।
  • बरेली– साहूकारा बाजार में ताजिया रखने को लेकर दो समुदायों के बीच तनाव हुआ। हिंदू व्यापारियों ने विरोध में बाजार बंद कर दिया।
  • बिहार- गोपालगंज माँझा थाना क्षेत्र में ताजिया मिलान के दौरान हिंसक झड़प और पत्थरबाजी हुई, जिसमें 6 से अधिक लोग घायल हुए।
  • भागलपुर में दो पक्षों में भिड़ंत हुई। इसमें 8 लोग घायल हुए। एक वीडियो में एक युवक फायरिंग करते देखा गया था।
  • वैशाली में दो अखाड़ों के बीच झड़प हुई। इसमें आजाद अखाड़ा और पगला अखाड़ा शामिल था।

पिछली घटनाएँ और उठते सवाल

कटिहार की इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं। खासकर सांसद तारिक अनवर के कार्यकाल में ऐसी घटनाओं का होना चिंताजनक है। साल 2017 में भी मुहर्रम के समय ही दुर्गा पूजा के दौरान हिंसा हुई थी।

अब 8 साल बाद फिर से मुहर्रम पर यह घटना हुई है। 2017 की घटना के बाद हिंदू संगठनों ने त्योहारों पर कोई अनहोनी न हो, यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी ली थी। 2022 और 2025 में बजरंग दल ने हिंदू शोभायात्राओं के दौरान मस्जिद पर रंग गुलाल पड़ने से रोकने के लिए ह्यूमन चेन भी बनाई थी।

प्रशासन की सतर्कता और पीस कमेटी पर सवाल

इन सभी घटनाओं के बाद प्रशासन अलर्ट पर है। बिहार और यूपी में सख्त गाइडलाइंस जारी की गई हैं। बिना अनुमति जुलूस निकालने पर रोक है। भड़काऊ हरकतों पर सख्ती बरती जा रही है।

कई जिलों में ड्रोन और CCTV से निगरानी हो रही है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। डीएम और एसपी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक तनाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

हैरानी की बात यह है कि इन सभी जगहों पर पीस कमेटियों (शांति समितियों) की बैठकें हुई थीं। लेकिन इसके बावजूद हिंसा का दौर नहीं थमा।

ऑपइंडिया ने अपने लेख में बताया था कि इन पीस कमेटियों की बैठकों का इस्तेमाल अक्सर हिंदुओं को कटघरे में खड़ा करने के लिए होता है। जबकि घटना को अंजाम हमेशा इस्लामी पक्ष देता है।

महाराष्ट्र में ईरान समर्थक बैनर

महाराष्ट्र के पुणे में लोनी खलबोर गाँव में मुहर्रम पर ईरान के नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और रुहोल्ला खुमैनी के ईरान के झंडे वाले बैनर लगाए गए।

बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के विरोध के बाद पुलिस और नगर निगम ने बैनर हटाए। पुलिस ने बताया कि बैनर लगाने की कोई अनुमति नहीं ली गई थी।

–साथ में हर्षवर्धन

वामपंथी सरकार ने ISI जासूस ज्योति मल्होत्रा को बनाया था मेहमान, सरकारी खर्चे पर कन्नूर-कोच्चि और अलप्प्पुझा में मौज करवाई… RTI से खुलासा: भाजपा बोली- CM का दामाद चलाता है टूरिज्म विभाग

हरियाणा की व्लॉगर और ISI जासूस ज्योति मल्होत्रा का केरल सरकार से कनेक्शन उजागर हुआ है। आरटीआई से ये सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि ज्योति मल्होत्रा को केरल सरकार ने टूरिज्म को बढ़ावा देने के नाम पर मुफ्त में केरल के पर्यटन स्थल की सैर करवाई।

ज्योति को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के लिए जासूसी करने और सेना से जुड़ी कई खुफिया जानकारियाँ पाकिस्तान को भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। ज्योति 2022 से 4 बार पाकिस्तान जा चुकी है। उसने और उसके पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों से कनेक्शन के सबूत मिले थे।

आरटीआई के मुताबिक ज्योति मल्होत्रा केरल टूरिज्म विभाग के खास कैंपेन का हिस्सा थी। इसके तहत ज्योति 2024 से 2025 के बीच मुन्नार, कन्नूर, कोच्चि, कोझिकोड, अलप्पुझा जैसे खूबसूरत इलाकों का मुफ्त में लुत्फ उठाया।

उसके ठहरने, खाने-पीने का पूरा खर्च केरल पर्यटन विभाग ने वहन किया। ये सब कुछ केरल सरकार के इन्फ्लुएंसर प्रोग्राम के तहत किया गया। इस पर केरल के पर्यटन मंत्री पी ए मोहम्मद रियास ने कहा कि केरल के पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए व्लॉगर्स को लाया गया था।

केरल के बीजेपी नेता के सुरेंद्रन ने आरटीआई पर हुए खुलासे पर केरल सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा: “अब आरटीआई दस्तावेज मेरे द्वारा कहे गए हर शब्द को साबित करते हैं। सीएम के दामाद द्वारा नियंत्रित केरल पर्यटन ने पाक से जुड़े जासूस की यात्रा को प्रायोजित क्यों किया?”

उन्होंने कहा कि राज्य की सुरक्षा सीएम का पारिवारिक मामला नहीं है।

कौन है ज्योति मल्होत्रा

ज्योति मल्होत्रा हरियाणा के हिसार की रहने वाली एक यूट्यूबर और ट्रैवल व्लॉगर है। उसका यूट्यूब चैनल ‘ट्रेवल विद जो’ और इंस्टाग्राम अकाउंट ‘@travelwithjoone’ काफी लोकप्रिय हैं। उसके यूट्यूब पर 3.77 लाख से ज़्यादा सब्सक्राइबर और इंस्टाग्राम पर 1.31 लाख फॉलोअर्स हैं।

ज्योति मल्होत्रा को भारतीय खुफिया जानकारी पाकिस्तान को देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उस पर आरोप है कि उसने भारत के सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और सेना से जुड़ी कई गुप्त सूचनाएँ पाकिस्तान भेजी हैं।

जाँच में पता चला है कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में थी और पाकिस्तान हाई कमीशन, दिल्ली में उसकी मुलाकात एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश से हुई थी। दानिश को बाद में भारत से निष्कासित कर दिया गया था।

ज्योति ने कई बार पाकिस्तान की यात्रा की है और अपनी यात्राओं के वीडियो भी बनाए हैं। उसके वीडियो और रील्स में भारत और पाकिस्तान की तुलना करते हुए संवेदनशील सूचनाएँ साझा करने का भी आरोप है। पुलिस ने उसके डिजिटल डिवाइस और खातों से 12 टेराबाइट्स से अधिक डिजिटल फॉरेंसिक डेटा बरामद किया है, जिसमें पाकिस्तानी कनेक्शन के सबूत शामिल हैं। उस पर सरकारी गोपनीयता अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

भारत को संयुक्त राष्ट्र में मिले स्थायी सदस्यता…BRICS देशों ने की माँग, पहलगाम हमले की भी निंदा: PM मोदी बैठक में बोले- आतंकवादियों के खिलाफ एक्शन लेने से हिचके नहीं

रियो शिखर सम्मेलन के संयुक्त घोषणापत्र में प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले 11 सदस्यीय ब्रिक्स ने पहलगाम हमले की निंदा की है। साथ ही संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार का पुरजोर समर्थन किया है।

भारत के लिए संयुक्त घोषणापत्र में कही गयी दोनों बातें काफी अहम है, क्योंकि भारत लंबे समय से यूएनएससी में नए देशों को शामिल करने की माँग करता रहा है।

रियो शिखर सम्मेलन के संयुक्त घोषणापत्र में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के साथ दोहरने मापदंडों को खारिज किया गया है। इससे पहले क्वाड देशों ने भी पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की थी।

अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ पर चिंता जताते हुए इसे डब्लूटीओ के नियमों का उल्लंघन बताया गया है। साथ ही इससे विकासशील देशों को होने वाले नुकसान की बात कही गई है।

आतंकियों को पनाह देने वालों की आलोचना

ब्रिक्स देशों की ओर से कहा गया है, ‘हम 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हैं, जिसमें 26 लोग मारे गए और कई घायल हो गए। हम आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों का मुकाबला करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं, जिसमें आतंकवादियों का सीमा पार आवागमन, आतंकवाद का वित्तपोषण और आतंकियों को सुरक्षित ठिकाने देना शामिल हैं।’

ब्रिक्स देशों ने एकजुट होकर आतंकवाद से लड़ने की इच्छा जताई है। साथ ही यूएन से आतंकवाद पर सम्मेलन बुलाने का आग्रह भी किया गया है। भारत के लिए ब्रिक्स का ज्वाइंट स्टेटमेंट काफी संतोष देने वाला है और इसे भारत की जीत के रूप में लिया जाना चाहिए।

इससे पहले पीएम मोदी ने ब्रिक्स में पीस एंड सिक्योरिटी एंड रिफॉर्म ऑफ ग्लोबल गवर्नेंस सत्र के दौरान पड़ोसी मुल्क पर निशाना साधते हुए कहा कि आतंकवाद पर दोहरे मापदंडों की कोई जगह नहीं है। अगर कोई देश आतंकवाद का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन करता है तो उसे इसकी कीमत चुकानी होगी। आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने से किसी देश को हिचकना नहीं चाहिए। आतंकवाद का समर्थन या इसकी मौन सहमति बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी देशों को मिलकर इस पर फैसला करना होगा।

भारत के आर्थिक संबंध सचिव दम्मू रवि ने इसकी जानकारी देते हुए कहा, “…प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पहलगाम में हुआ हमला पूरी मानवता पर हमला है। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवादियों को वित्तपोषित करने, बढ़ावा देने और सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराने वालों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए… प्रधानमंत्री ने कहा कि बहुध्रुवीय विश्व को आकार देने में ब्रिक्स महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने ब्रिक्स समूह में विज्ञान मऔर अनुसंधान कोष स्थापित करने पर विचार करने के संदर्भ में कुछ सुझाव भी दिए…”

दम्मू रवि ने कहा, ” सभी सदस्यों ने भारत का समर्थन किया है। उन्होंने पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की।”

यूएनएससी के विस्तार की माँग

ब्रिक्स सम्मेलन में यूएनएससी में सुधार का समर्थन किया गया है। सुरक्षा परिषद को और लोकतांत्रिक, प्रभावी और कार्यकुशल बनाने के लिए बदलाव की माँग की गई है।

घोषणापत्र में कहा गया है, “हम यूएनएससी के व्यापक सुधार के लिए अपना समर्थन दोहराते हैं, ताकि इसे और अधिक लोकतांत्रिक, प्रतिनिधि, प्रभावी और कुशल बनाया जा सके, और परिषद की सदस्यता में विकासशील देशों का प्रतिनिधित्व बढ़ाया जा सके, ताकि यह मौजूदा वैश्विक चुनौतियों का पर्याप्त रूप से जवाब दे सके और ब्रिक्स देशों सहित अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के उभरते और विकासशील देशों की आकांक्षाओं का समर्थन कर सके, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय मामलों में यूएनएससी में अपनी भूमिका निभा सकें। हम अफ्रीकी देशों की आकांक्षाओं को मान्यता देते हैं, जैसा कि एज़ुल्विनी सर्वसम्मति और सिर्ते घोषणा में परिलक्षित होता है।”

इसमें कहा गया है, “संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषध में सुधार से विश्वस्तर पर दक्षिण की आवाज पहुँच पाएगी। इसलिए भारत और ब्राजील की आकांक्षाओं को अपना समर्थन देते हैं।”

बकवास दल है ये, कभी नहीं होगा कामयाब… डोनाल्ड ट्रंप ने मस्क की ‘अमेरिका पार्टी’ का उड़ाया मजाक: वित्त मंत्री ने अरबपति पर कसा तंज, कहा- राजनीति छोड़ें, कंपनी पर ध्यान दें

अरबपति एलन मस्क ने हाल ही में ‘अमेरिका पार्टी’ बनाई है। इस पर तुंरत प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा कि यह ‘बेहूदा’ कदम है, जो देश की राजनीति में भ्रम फैलाएगा। ट्रंप ने ये भी कहा कि मस्क पटरी नीचे उतर गए है।

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि तीसरी पार्टी बनाना बेहूदा है, क्योंकि रिपब्लिकन पार्टी सफल रही है और अमेरिका में हमेशा से दो-दलीय प्रणाली रही है। तीसरी पार्टियाँ कभी सफल नहीं हुई हैं, इसलिए मस्क इससे मजे ले सकते हैं, लेकिन मुझे यह बेहूदा लगता है।”

ट्रंप का मस्क के कारोबार पर निशाना

ट्रंप ने कहा कि मस्क का नया राजनीतिक कदम रिपब्लिकन पार्टी की हाल की नीतियों के खिलाफ है। ट्रंप ने अपने एक बिल की तारीफ की, जिसने संघीय इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नियम को खत्म कर दिया।

यह नियम लोगों को इलेक्ट्रिक कार खरीदने के लिए मजबूर करता था, और इस बदलाव से मस्क की कंपनी टेस्ला सीधे प्रभावित हुई।

ट्रंप ने कहा कि जब मस्क ने उन्हें समर्थन दिया था, तो उन्होंने मस्क से पूछा था कि क्या उन्हें पता है कि वह ईवी नियम खत्म करने वाले हैं। ट्रंप को हैरानी हुई जब मस्क ने कहा कि उन्हें इससे कोई दिक्कत नहीं है।

नासा प्रमुख की नियुक्ति का दावा

राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी बताया कि मस्क ने स्पेस इंडस्ट्री से अपने एक करीबी दोस्त को नासा प्रमुख बनाने की कोशिश की थी।

ट्रंप का कहना है कि उन्होंने मस्क के बड़े स्पेस कॉन्ट्रेक्ट को देखते हुए हितों के टकराव से बचने के लिए इस अनुरोध को मना कर दिया।

मस्क का जवाब और बेस्सेंट की राय

मस्क ने ट्रंप की बातों पर ‘ड्यून‘ किताब से एक लाइन कही, “डर दिमाग को मारने वाला है।” ट्रंप की टिप्पणियों के बाद अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेस्सेंट ने भी मस्क पर हमला किया।

बेस्सेंट ने कहा कि मस्क को राजनीति छोड़कर अपनी कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए। बेस्सेंट ने बताया कि मस्क ने पहले ‘डोगे’ (एक सरकारी विभाग) का नेतृत्व किया था, लेकिन तब उनकी बजट कटौती से टेस्ला की बिक्री को नुकसान हुआ था।

बेस्सेंट को लगता है कि मस्क की नई पार्टी की घोषणा से उनकी कंपनियों के बोर्ड खुश नहीं होंगे और वे चाहेंगे कि मस्क अपने कारोबार पर ध्यान दें।

मस्क के आरोप

एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘अमेरिका पार्टी’ शुरू करने का एलान किया। मस्क ने रिपब्लिकन और डेमोक्रेट, दोनों पार्टियों पर ‘फालतू खर्च’ का आरोप लगाया।

मस्क ने लिखा कि देश में बर्बादी और भ्रष्टाचार के कारण हम एक-दलीय प्रणाली में जी रहे हैं, लोकतंत्र में नहीं। उनकी पार्टी का लक्ष्य लोगों को आजादी वापस दिलाना है।

मस्क ने ट्रंप के नए टैक्स बिल की भी आलोचना की। मस्क का कहना है कि यह बिल 2034 तक देश के कर्ज में $3.3 ट्रिलियन और बढ़ा देगा।

मस्क की योजना है कि उनकी पार्टी हाउस और सीनेट चुनावों में हिस्सा लेगी, ताकि कॉन्ग्रेस में संतुलन बनाया जा सके। मस्क ने एक सर्वे भी शेयर किया, जिसमें ज़्यादातर लोगों ने दो-दलीय प्रणाली से अलग होने का समर्थन किया था।

MP-UP से लेकर बिहार तक, मुहर्रम जुलूस में इस्लामी कट्टरपंथियों ने हिंदुओं को बनाया निशाना, तो कहीं पुलिस पर बरपाया कहर: कटिहार में मंदिर पर पथराव, हर तरफ तनाव

देश के कई हिस्सों में मुहर्रम के ताजिया जुलूस के दौरान रविवार (6 जुलाई 2025) को हिंसा और सांप्रदायिक तनाव की खबरें सामने आई हैं। खास तौर पर मध्य प्रदेश के उज्जैन और बिहार के कटिहार में हालात सबसे ज्यादा बेकाबू रहे, जहाँ जुलूस में शामिल कुछ उपद्रवियों ने मंदिरों को निशाना बनाया, पुलिस पर हमले किए और इलाकों को तनाव की चपेट में ला दिया।

उत्तर प्रदेश और बिहार के कई अन्य जिलों में भी छोटी-बड़ी झड़पें हुईं, जिनमें कई लोग घायल हुए। स्थानीय लोग पुलिस की ढीली व्यवस्था से नाराज हैं, और प्रशासन ने अब अतिरिक्त फोर्स तैनात कर हालात काबू करने की कोशिश शुरू की है। लोग इस बात से आहत हैं कि मातम का दिन हिंसा का दिन बन गया।

उज्जैन में इस्लामी भीड़ का बवाल, पुलिस बैरिकेड तोड़े, जवाब में लाठीचार्ज

उज्जैन में मुहर्रम जुलूस के दौरान खजूर वाली मस्जिद के पास भारी हंगामा मच गया। जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड तोड़ डाले और तय रास्ते से हटकर प्रतिबंधित मार्ग पर घोड़ा ले जाने की जिद पकड़ ली। पुलिस ने जब रोकने की कोशिश की, तो भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस घटना ने पूरे शहर में तनाव फैला दिया।

बताया जा रहा है कि जुलूस से तीन दिन पहले पुलिस और मुस्लिम समाज के नेताओं की बैठक हुई थी, जिसमें रास्ता तय किया गया था। सभी ने लिखित सहमति भी दी थी, लेकिन कुछ उपद्रवियों ने नियम तोड़कर माहौल खराब कर दिया।

पुलिस ने जुलूस के आयोजक इरफान खान उर्फ लल्ला और उसके 15 साथियों पर केस दर्ज किया है। एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा कि नियम तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय हिंदू संगठनों ने इस घटना पर गुस्सा जताया है और सख्त कार्रवाई की माँग की है। लोग कह रहे हैं कि मुहर्रम जैसे पवित्र दिन को हिंसा में बदलने की साजिश की गई।

बिहार के कटिहार में मुहर्रम जुलूस के दौरान महावीर मंदिर पर पथराव

बिहार के कटिहार में मुहर्रम जुलूस के दौरान हालात और भयावह हो गए। इस्लामी कट्टरपंथियों ने महावीर मंदिर पर पथराव कर दिया, जिससे मंदिर के शीशे टूट गए। जब स्थानीय लोगों ने विरोध किया, तो उनके घरों पर भी ईंटें फेंकी गईं। इस हमले में कई घरों को नुकसान पहुँचा और इलाके में डर का माहौल बन गया। घटना के बाद पूरा क्षेत्र छावनी में बदल गया और पुलिस ने भारी फोर्स तैनात कर दी।

डीएम मनीष कुमार और एसपी वैभव शर्मा ने मौके पर पहुँचकर हालात संभाले। पथरबाजी में कई पुलिसकर्मियों समेत 20 से ज्यादा लोग घायल हुए।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस पहले से सतर्क नहीं थी, जिसकी वजह से बवाल बढ़ गया। डीएसपी और नगर विधायक ने इलाके में कैंप किया, लेकिन लोग अभी भी डरे हुए हैं। सोशल मीडिया पर घटना के वीडियो वायरल हो रहे हैं और प्रशासन ने अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

कुशीनगर में मंदिर के सामने झंडा फहराने को लेकर बवाल

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के खड्डा थाना क्षेत्र स्थित गुलहरिया रेगुलेटर पर उस समय तनाव फैल गया, जब मुहर्रम के ताजिया जुलूस के दौरान कुछ युवकों ने एक प्राचीन शिव मंदिर के सामने इस्लामिक झंडा फहराया और भड़काऊ नारे लगाए। इससे हिंदू समुदाय के लोग आक्रोशित हो गए।

इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे मामला और बिगड़ गया। पुलिस मौके पर समय से नहीं पहुँच सकी, जिससे विवाद ने उग्र रूप ले लिया। हालाँकि बाद में थाना प्रभारी हर्षवर्धन सिंह के नेतृत्व में कुछ युवकों को हिरासत में लिया गया और पुलिस ने हालत पर काबू पाया।

इसी जिले के रामकोला थाना क्षेत्र के टेकुआटार बाजार में भी ताजिया जुलूस के दौरान डीजे की आवाज को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते दो पक्षों के बीच कहासुनी हुई और भगदड़ मच गई, जिसमें 8 वर्षीय एखलाक नामक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अगर पुलिस समय से मौके पर होती तो यह घटना टाली जा सकती थी।

गोपालगंज में ताजिया मिलान के दौरान हिंसक झड़प

बिहार के गोपालगंज जिले के माँझा थाना क्षेत्र में स्थित छवही तकी और सिकमी गाँव के बीच ताजिया मिलान के दौरान हिंसक झड़प और पत्थरबाज़ी हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सिकमी गाँव के लोगों ने छवही तकी के जुलूस पर पत्थरों से हमला किया, जिससे 6 से अधिक लोग घायल हो गए। एसडीपीओ राजेश कुमार के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति संभाली। गाँव में पुलिस कैंप तैनात किया गया है।

भागलपुर और वैशाली में भी हिंसा, फायरिंग का वीडियो वायरल

भागलपुर में दो पक्षों में भिड़ंत हो हुई, जिसमें 8 लोग घायल हुए है। घटना का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक युवक फायरिंग करते देखा जा सकता है। वहीं वैशाली जिले में दो अखाड़ों आजाद अखाड़ा और पगला अखाड़ा  के बीच झड़प हुई और कुछ लोग घायल हो गए।

इन सभी घटनाओं के बाद प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। सभी जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है।

बरेली में तनाव के बाद बाजार बंद

उत्तर प्रदेश के बरेली में साहूकारा बाजार में ताजिया रखने को लेकर दो समुदायों के बीच तनाव हो गया। हिंदू व्यापारियों ने विरोध में बाजार बंद कर दिया और दोषियों की गिरफ्तारी की माँग की। पुलिस ने इलाके में फोर्स बढ़ा दी है ताकि हालात और न बिगड़ें। इस घटना ने भी मुहर्रम के मातम को हिंसा और तनाव में बदल दिया।

इन सभी घटनाओं के बाद प्रशासन हर जगह अलर्ट हो गया है। बिहार और यूपी में पुलिस ने सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। बिना अनुमति जुलूस निकालने पर रोक है, और भड़काऊ हरकतों पर सख्ती बरती जा रही है। कई जिलों में ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी हो रही है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। डीएम और एसपी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक तनाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

हैरानी की बात ये है कि इन सभी जगहों पर पीस कमेटियों (शांति समितियों) की बैठकें हुई थी। इन बैठकों के बावजूद हिंसा का दौर थमा नहीं। ऑपइंडिया ने अपने लेख में विस्तार से बताया था कि कैसे इन पीस कमेटियों की बैठक का इस्तेमाल सिर्फ हिंदुओं को कटघरे में खड़े करने के लिए होता है, जबकि घटना को अंजाम हमेशा इस्लामी पक्ष देता है। शांति समितियों पर आधारित ऑपइंडिया की खास रिपोर्ट को यहाँ क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

आगरा में नाबालिग बच्ची के साथ घर में घुसकर छेड़छाड़, आरोपित अस्लान गिरफ्तार: पीड़िता के परिवार को आरोपित के परिजनों ने धमकाया, पुलिस ने दर्ज की FIR

आगरा के ट्रांस यमुना इलाके में संजीवनगर कॉलोनी में शुक्रवार (4 जुलाई 2025) की सुबह एक 16 साल की नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ की घटना हुई। तीन युवक जबरन लड़की के घर में घुस आए और उसके साथ छेड़छाड़ की। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।

लड़की के पिता को जैसे ही इसकी खबर मिली, वो फौरन घर पहुँचे और एक आरोपित अस्लान को पकड़ लिया। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर आई और अस्लान को गिरफ्तार कर लिया।

पूरा मामला क्या है

ये घटना 4 जुलाई 2025 की सुबह करीब 8 बजे की है। पीड़िता के पिता एक पारिवारिक कार्यक्रम में गए थे। उनकी पत्नी, बेटा और 16 साल की बेटी उससे पहले घर लौट आए थे। लड़की घर के बाहर वाले कमरे में काम कर रही थी, जबकि उसकी माँ अंदर के कमरे में आराम कर रही थी।

इसी दौरान इस्लामनगर, टेढ़ी बगिया के रहने वाले अस्लान पुत्र इकबाल अपने दो साथियों के साथ जबरन घर में घुस आया। अस्लान ने लड़की के साथ छेड़छाड़ शुरू की। जब लड़की ने विरोध किया, तो तीनों ने उसे पीटा और उसके कपड़े फाड़ दिए। लड़की ने जोर-जोर से चीखना शुरू कर दिया।

लड़की की चीख सुनकर उसकी माँ दौड़कर आई। तभी पीड़िता का पिता भी घर पहुँच गया। उन्होंने फौरन दरवाजा बंद कर अस्लान को पकड़ लिया, लेकिन बाकी दो युवक भाग निकले। परिवार ने तुरंत 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को बुलाया।

पुलिस मौके पर पहुँची और अस्लान को गिरफ्तार कर थाने ले गई। लड़की के पिता ने लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता की मेडिकल जाँच कराई, जिसमें उसके हाथों और शरीर पर चोट के निशान पाए गए।

पुलिस ने अस्लान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) (जानलेवा हमले की कोशिश), धारा 351(3) (महिला के साथ अभद्र व्यवहार), धारा 74 (बलात्कार), धारा 64(1) (जबरन घर में घुसना) और धारा 333 (साजिश और अपराध में भागीदारी) के तहत मामला दर्ज किया।

चूँकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए अस्लान के खिलाफ POCSO एक्ट की धारा 3 और 4 के तहत भी केस दर्ज किया गया, जो बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से जुड़ा है। पुलिस ने बताया कि बाकी दो फरार आरोपितों की तलाश की जा रही है।

पीड़िता के परिवार ने बताया कि घटना के बाद अस्लान के परिवार वालों ने उन पर समझौता करने का दबाव बनाया और केस न करने की धमकी दी।

पीड़िता के परिवार का बयान

पीड़िता के पिता ने ऑपइंडिया से बातचीत में बताया, “मेरी बेटी घर के आगे वाले कमरे में अकेली थी। अचानक तीन लड़के घर में घुस आए। अस्लान ने मेरी बेटी के साथ छेड़छाड़ की और बाकी दोनों भी उसे परेशान कर रहे थे। अगर मैं समय पर घर न पहुँचता, तो कुछ भी हो सकता था। हमें न्याय चाहिए।” इस घटना से जुड़ी FIR की कॉपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है।