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‘जय श्री राम’ के उद्घोष से माँ ने रिंकू शर्मा को दी श्रद्धांजलि, कपिल मिश्रा ने परिवार के लिए जुटाए ₹85 लाख

दिल्ली के मंगोलपुरी में रविवार (जनवरी 14, 2021) को हजारों की संख्या में लोग रिंकू शर्मा के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पहुँचे। लोगों ने रिंकू शर्मा के हत्यारों को तत्काल फाँसी देने की माँग की। पीड़ित माँ राधा देवी के वहाँ पहुँचने से माहौल और गमगीन हो गया। उन्होंने बेटे के लिए न्याय की माँग करते हुए मंच से ‘जय श्री राम’ का उद्घोष भी किया।

रिंकू शर्मा की माँ ने उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा, “मेरा बेटा जिनकी दुःखों में दो बार अपना खून देकर शामिल हुआ, उन्हीं लोगों ने उसकी पीठ में छुरा घोंप दिया। हत्यारों ने हमें ऐसा गम दिया है, जिसे कभी भूला नहीं जा सकता। मैं उन धोखेबाजों के लिए फाँसी की सजा की माँग करती हूँ।” आक्रोश और गम में डूबी राधा शर्मा ने कई बार ‘जय श्री राम’ का उद्घोष किया, जिसे वहाँ मौजूद लोगों ने भी दोहराया।

रिंकू के छोटे भाई मन्नू शर्मा ने भी ‘जय वीर बजरंगी’ का उद्घोष करते हुए उपस्थित लोगों का श्रद्धांजलि सभा में आने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि उनका भाई मरा नहीं है, बल्कि उसने बलिदान दिया है। मंगोलपुरी में सुरक्षा के अब भी तगड़े इंतजाम हैं और रिंकू के घर की तरफ जाने वाली गलियों में पुलिस की बैरिकेडिंग है। मेटल डिटेक्टर से जाँच के बाद ही लोगों को आगे जाने की अनुमति दी जा रही है।

हालात सामान्य होने तक सुरक्षा बलों की तैनाती जारी रहेगी। पुलिस इलाके के लोगों से संवाद कर के शांति-व्यवस्था बनाए रखने की अपील कर रही है। उधर, कपिल मिश्रा ने पीड़ित परिवार की मदद के लिए जो अभियान चलाया था, उसके तहत अब तक अब तक करीब 8.5 हजार लोगों ने मिल कर 80 लाख से भी अधिक की राशि ‘Crowdcash’ वेबसाइट के जरिए इकट्ठी की है। उन्होंने एक करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा है। मनीष मुंद्रा के 5 लाख रुपए मिला दें तो ये आँकड़ा 85 लाख हो जाता है।

कपिल मिश्रा ने कहा कि वो मंगलवार को रिंकू के परिवार से मिलने के लिए जाएँगे। उन्होंने कहा कि इस नृशंस हत्या के 5 दिन बीतने के बावजूद दिल्ली के सीएम ने पीड़ित परिवार से मिलना तो दूर, संवेदना के दो शब्द तक नहीं कहा। दिल्ली के पूर्व मंत्री मिश्रा ने कहा कि केजरीवाल अपना वोट बैंक नाराज होने के डर से ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हत्यारे केजरीवाल के वोट बैंक वाले लोग थे। उन्होंने कहा:

“देश की राजधानी में बैठ कर वोट बैंक की घटिया राजनीति हो रही है और उन्हें एक शब्द भी बोलना गँवारा नहीं है, हमारे बेटे की हत्या पर? मुझे केवल इस बात का संतोष है कि केजरीवाल की इस शर्मनाक राजनीति का हम सबने मिल कर जवाब दिया है। पूरी दुनिया से लोगों ने पीड़ित परिवार को श्रद्धांजलि दी है और सहयोग राशि भी दी है। हम उनका बेटा वापस नहीं ला सकते, लेकिन परिवार अकेला और कमजोर न पड़े- ये जिम्मेदारी तो हम उठा ही सकते हैं।”

कपिल मिश्रा ने बताया कि अब जल्द ही उस धनराशि को परिवार के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने पूरे देश से पूछा कि क्या वोट बैंक की इस घिनौनी राजनीति को चलने देनी चाहिए, जो केजरीवाल कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि हमारे बेटों के पीठ पर खंजर घोंपा जाए और हमारा ही सीएम एक शब्द न बोले? उन्होंने कहा कि AAP अपने वोट बैंक को खुश करे, हम परिवार के साथ हैं।

बताते चलें कि रिंकू शर्मा के भाई मन्नू के मुताबिक, राम मंदिर शिलान्यास के बाद से ही पड़ोस में रहने वाले नसरूदीन के परिवार से उनके भाई की अक्सर कहासुनी हुआ करती थी। इसको लेकर दोनों परिवारों के बीच काफी समय से मतभेद था। पहले भी कई बार ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने, हनुमान चालीसा का पाठ कराने, गली में दीप जलाने को लेकर मुस्लिम परिवार ने गाली-गलौज और मारपीट की थी। 10 फरवरी 2021 की रात बजरंग दल के कार्यकर्ता रिंकू शर्मा पर घर में घुसकर हमला किया गया था। अगले दिन उनकी मौत हो गई थी।

CM योगी ने किया ‘अभ्युदय’ का आगाज, 484852 छात्रों ने कराया रजिस्ट्रेशन

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज (फरवरी 15, 2021) सिविल परीक्षाओं के लिए फ्री कोचिंग योजना ‘अभ्युदय’ का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कोचिंग के लिए चयनित छात्र-छात्राओं से संवाद भी किया। 16 फरवरी 2021 यानी बसंत पंचमी से इस योजना के तहत कक्षाएँ शुरू हो जाएँगी। अब तक इस योजना के लिए 4 लाख 84 हजार से अधिक छात्र पंजीकरण करवा चुके हैं। इनमें 50 हजार का चयन हुआ है।

सीएम योगी ने सोमवार को इस योजना की औपचारिक शुरुआत करते हुए बताया कि सभी मंडलों में फिजिकल और वर्चुअल क्लास शुरू होंगी। इस योजना के तहत छात्रों को सिविल सर्विस, आइआइटी जेईई, नीट सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग दी जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जीवन के सर्वांगीण विकास का माध्यम ही ‘अभ्युदय’ है। यह कोचिंग मात्र नहीं है। यह उत्तर प्रदेश के युवाओं के सर्वांगीण विकास का पथ प्रदर्शक बनेगा। इसी विश्वास के साथ इस योजना को शुरू किया गया है।

उन्होंने बताया कि मंगलवार से कक्षाएँ शुरू हो जाएँगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि जो भी छात्रों के मन में है, वह परिणाम यह योजना जरूर देगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं के स्वप्नों को अब सही दिशा और रफ्तार मिलेगी। अब बच्चों को तैयारी के लिए कोटा नहीं जाना पड़ेगा।

इस बातचीत में उन्होंने कृषि कानून पर भी बात की। वह बोले कि खेती को लाभकारी बनाने के लिए कृषि कानून लाए गए हैं। जो लोग नहीं चाहते कि किसानों का हित हो उन लोगों द्वारा भ्रम पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। इस भ्रम के परिणाम स्वरूप कुछ जगह भले ही आंदोलन हो रहा है, लेकिन सामान्यत: देश के किसानों ने कृषि कानूनों को सकारात्मक भाव से लिया है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना के जरिए छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उच्‍च स्‍तरीय मार्गदर्शन और एग्जाम से पहले ट्रेनिंग दी जाएगी। जिसमें संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC), अधीनस्‍थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC), अन्‍य भर्ती बोर्ड, नीट (NEET), जेईई (JEE), एनडीए (NDA), पीओ (PO), एसएससी (SSC), टीईटी (TET), बीएड (B.Ed) और अन्य परीक्षाएँ शामिल हैं।

अभ्‍युदय कोचिंग के पोर्टल पर अब तक 36 लाख से अधिक हिट आ चुके हैं। पोर्टल 10 फरवरी को लॉन्च हुआ था। प्रदेश सरकार की ओर से शुरू की गई इस योजना का फायदा छात्रों को एक परीक्षा देने के बाद मिलेगा। इसके लिए शनिवार को ऑफलाइन परीक्षा का आयोजन किया गया था। कुल 4,84,852 छात्रों में से 50192 छात्रों का चयन ऑफलाइन क्लास के लिए किया गया।

सहयोग का वादा कर वकील निकिता जैकब फरार, शांतनु का भी निकला वारंट: दिशा के समर्थन में केजरीवाल

दिशा रवि के बाद अब दिल्ली पुलिस निकिता जैकब और शांतनु की तलाश कर रही है। दोनों के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। दिशा को 13 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था और अगले दिन अदालत ने उसे 5 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया था। ग्रेटा थनबर्ग टूलकिट मामले में यह​ पहली गिरफ्तारी थी। देश विरोधी टूलकिट को तैयार करने में प्रमुख भूमिका निभाने का आरोप दिशा पर है।

दिशा की गिरफ्तारी के बाद उसके समर्थन में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आगे आए हैं। कॉन्ग्रेस के नेता और लिबरल बिग्रेड भी उसकी गिरफ्तारी पर लगातार प्रलाप कर रही है। निकिता भी उसकी करीबी बताई जाती है।

दिल्ली पुलिस की एक टीम गुरुवार (फरवरी 11, 2021) को निकिता के घर पहुँची थी, लेकिन शाम का समय होने के कारण उससे पूछताछ नहीं हो सकी। एक्टिविस्ट और अधिवक्ता निकिता ने पुलिस के बताए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी किए थे।

साथ ही उसने कहा था कि वह जाँच में पूरा सहयोग देगी। लेकिन, उसके बाद वह अंडरग्राउंड हो गई। निकिता के मुंबई स्थित आवास पर पुलिस ने उसके महिला होने के कारण शाम के बाद तलाशी नहीं ली। निकिता के बारे में उसके माता-पिता ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। बताया जाता है कि जैकब ने ही टूलकिट का खाका तैयार किया था। उसके लोकेशन के बारे में पता किया जा रहा है।

निकिता जैकब के बारे में कई लोग यह भी दावा कर रहे हैं कि वह आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़ी हुई है। बॉम्बे हाईकोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस करने वाली निकिता का नाम तभी सामने आया था, जब टूलकिट के लीक होने के बाद लोगों ने इसकी लाइव एडिटिंग के स्क्रीनशॉट्स लिए थे। निकिता ने अपने सारे सोशल मीडिया हैंडल्स डिलीट कर लिए हैं। निकिता और शांतनु इस टूलकिट को बाँटने के लिए भी जिम्मेदार बताए जाते हैं।

इस बीच AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि 21 वर्षीय दिशा रवि की गिरफ़्तारी लोकतंत्र पर बहुत बड़ा हमला है। उन्होंने कहा, “हमारे किसानों का समर्थन करना अपराध नहीं है।” कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी ने शायराना अंदाज़ में मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए लिखा, “डरते हैं बंदूकों वाले एक निहत्थी लड़की से, फैले हैं हिम्मत के उजाले एक निहत्थी लड़की से”। चिदंबरम सहित अन्य कॉन्ग्रेस नेताओं ने भी सुर में सुर मिलाए हैं।

उधर दिल्ली पुलिस अपने द्वारका कार्यालय में दिशा से पूछताछ कर रही है। दिशा ने अपने फोन का डेटा डिलीट कर दिया था, जिसे पुनः प्राप्त करने के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि हजारों लोग उक्त साजिश में शामिल हैं, जो खालिस्तान समर्थक आतंकी गुरुपतवंत सिंह पन्नू से प्रभावित हैं। दिशा ने खुद को ‘किसान आंदोलन’ का समर्थक बताया। सुनवाई के दौरान वह अदालत में रोने भी लगी थी।

राम मंदिर के लिए सारे जेवर देना चाहती थीं 54 वर्षीय आशा कंवर, मृत्यु के बाद पति ने समर्पित कर दिए

अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण से पहले देश भर में निधि जुटाने निकले कार्यकर्ताओं को तमाम ऐसे रामभक्त मिल रहे हैं, जिनकी आस्था किसी को भी भावुक कर दे। राजस्थान के जोधपुर से एक मामला आया है जहाँ एक पति ने रुंधे गले के साथ अपनी पत्नी के सारे जेवर प्रभु श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए समर्पित कर दिए। पति ने निधि जुटा रहे दल को 4 फरवरी को फोन करके बताया कि उनकी पत्नी की आखिरी इच्छा थी कि सारे जेवर राम मंदिर निर्माण में दिए जाएँ, इसलिए वह लोग आकर ले जाएँ।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, 4 फरवरी को कॉल करने वाले ने दल के सदस्यों से कहा, “श्रीमान, मैं विजयसिंह गौड़ बोल रहा हूँ। मेरी पत्नी आशा कंवर राम मंदिर के लिए अपने सारे जेवर भेंट करना चाहती थीं। आज वो हमें छोड़कर चली गई। उनकी क्रियाक्रम से पहले कृपया आप लोग आइए और उनकी अंतिम इच्छा के तौर पर सारे गहने प्रभु के लिए ले जाइए।”

घटना जोधपुर के सूरसागर भूरटिया का है। यहाँ आशा कंवर नाम की महिला ने 1 फरवरी को अपने पति और बेटे मनोहर सिंह के अपने जेवर मंदिर निर्माण के लिए समर्पित करने की इच्छा जताई थी। पति और बेटे ने इससे रजामंदी जताते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि वे जल्द पता करेंगे कि कैसे ये गहने मंदिर के लिए दिए जाएँ।

आशा के गहनों में आड़, कानों के झुमके, शीशफूल, हाथ की नोगरी, गले की चेन, दो जोड़ी टॉप्स, एक जोड़ी अँगूठी, एक बोर, कान की बालियाँ, एक कंठी शामिल थी।

बता दें कि 1 फरवरी को पति-पुत्र के सामने राम मंदिर के लिए दान देने की इच्छा प्रकट करने वाली आशा कंवर कोरोना से संक्रमित हो चुकी थीं। 3 फरवरी को रूटीन चेकअप के लिए जब अस्पताल गईं तो फेफड़ों का संक्रमण बता उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया। अगले दिन सुबह 9 बजे उनकी मृत्यु हो गई। दाह संस्कार के बाद परिवार के लोगों ने आशा की अंतिम इच्छा को पूरा करने का संकल्प लिया और अंतत: उनके गहने समपर्ण निधि अभियान के कार्यकर्ताओं को सौंप दिए।

गहने सौंपते हुए आशा कंवर के सभी परिजनों की आँख में आँसू थे। वहीं समर्पण निधि अभियान चलाने वाले भी ऐसी आस्था देख हैरान थे। घरवालों ने बताया कि मृत्यु से कुछ दिन पहले उन्होंने आत्मकथा लिखना शुरू किया था। इसमें उन्होंने विवाह से लकर अपने मायके व ससुराल पक्ष से मिले प्रेम का उल्लेख किया था। अपनी आत्मकथा में उन्होंने प्रभु श्रीराम और रामायण के प्रति लगाव जाहिर किया था। हालाँकि, इसे पूरा कर पाने का समय नियति ने आशा को नहीं दिया और वह मात्र 54 साल की उम्र में परिवार को अलविदा कह गईं।

दिल्ली में हमले की साजिश रच रहा जैश, बिहार से हथियारों की खरीद: आतंकियों से पूछताछ में खुलासा

आतंकी राजधानी दिल्ली को दहलाने की साजिश में जुटे हुए हैं। जम्मू-कश्मीर के DGP दिलबाग सिंह ने रविवार (फरवरी 14, 2021) को खुलासा किया कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद किसी बड़े हमले की फ़िराक में है। कश्मीर में सक्रिय आतंकियों ने अब पाकिस्तान के साथ-साथ बिहार से भी हथियारों की खरीद शुरू कर दी है।

आतंकी साजिशों के लिए पंजाब में पढ़ाई करने वाले कुछ कश्मीरी छात्रों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इन अवैध हथियारों को घाटी तक लाने के लिए कई तिकड़म आजमाए गए थे। आतंकियों हिदायतुल्ला मलिक और जहूर अहमद राथर की गिरफ़्तारी के बाद दोनों से हुए पूछताछ में ये सूचनाएँ मिली हैं। मलिक लश्कर-ए-मुस्तफा का संस्थापक है, तो जहूर द ‘रेजिस्टेंट फ्रंट’ से जुड़ा हुआ है।

मलिक को जम्मू के कुंजवानी से दबोचा गया था। वहीं राथर सांबा जिले के बारी ब्राह्मना क्षेत्र से धराया है। ये दोनों जैश और लश्कर का मुखौटा संगठन चला रहे थे। मलिक को उसकी बीवी समेत 4 आतंकियों का साथ दबोचा गया, जो पिछले वर्ष एक बैंक वैन से 60 लाख रुपए की लूट के आरोपित हैं। उसने पाकिस्तान में आतंकवाद का प्रशिक्षण लेकर कश्मीर में अपना संगठन खड़ा किया। अब तक इस नेटवर्क के 8 आतंकियों की पहचान हो चुकी है।

इनमें से कुछ को गिरफ्तार किया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है। मलिक ने बिहार से 7 पिस्टल मँगा कर अपने गुर्गों में बाँटा। वो जम्मू में अपना अड्डा बनाने की योजना पर काम कर रहा था, ताकि कश्मीर में कड़ी सुरक्षा से बच कर आतंकी हरकतों को अंजाम दिया जा सके। पाकिस्तान से सुरंगों और ड्रोन के माध्यम से गोला-बारूद मँगाए जाते थे। वो जैश कमांडर आशिक नेंगरू का भी करीबी हुआ करता था।

आशिक के बारे में पता चला है कि वो अपने परिवार के साथ ही पाकिस्तान भाग गया है। पाकिस्तान भागने के बाद वो कश्मीर के आतंकियों को प्रशिक्षण और निर्देश दे रहा है। आईबी ने पिछले कुछ दिनों में सीमा पर 6 ऐसे सुरंगों का पता लगाया है, जिनका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए होता था। शनिवार को जम्मू बस स्टैंड से चंडीगढ़ के नर्सिंग कॉलेज में पढ़ने वाले अल-बद्र के आतंकी सोहैल को IED विस्फोटक के साथ दबोचा गया था।

आईजी मुकेश सिंह ने पाकिस्तान की साजिश का भंडाफोड़ करते हुए कहा था कि सोहेल को आईईडी लगाने के लिए तीन से चार जगहों का टारगेट दिया गया था। इनमें रघुनाथ मंदिर, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और लखदाता बाजार का नाम शामिल था। इसमें से किसी एक जगह पर उसे आईडी रखना था। इस आईडी को रखने के बाद उसे श्रीनगर की फ्लाइट पकड़नी थी, जहाँ उसे अल बदर तंजीम का ग्राउंड वर्कर अथर शकील खान उसे रिसीव करता।

बता दें कि हिदायतुल्लाह मलिक के पास से भारी मात्रा में गोला-बारूद और हथियार भी जब्त किए गए थे। हिदायतुल्लाह 24 मार्च 2019 को श्रीनगर से दिल्ली के लिए इंडिगो फ्लाइट से निकला था और अजीत डोभाल के दफ्तर के बाहर सुरक्षा तथा CISF की तैनाती के डिटेल्स जुटाए थे। फिर उसने इसका वीडियो अपने पाकिस्तानी आका को भेजा। इस सूचना के बाद डोभाल की भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

कारवाँ की कुंठा: सचिन तेंदुलकर डरपोक, अंबानी का कर्मचारी; मिडिल क्लास को बुद्धि नहीं

‘किसान आंदोलन’ की आड़ में अंतरराष्ट्रीय साजिश का पर्दाफाश होने के बाद कला और खेल क्षेत्र की नामचीन हस्तियों ने इसका विरोध करते हुए देश के प्रति एकजुटता दिखाई थी। लिबरल लॉबी को यह बेहद नागवार गुजरी। इसके बाद से ही एकजुटता दिखाने वाली हस्तियाँ, खासकर सचिन तेंदुलकर इनके निशाने पर हैं।

‘कारवाँ मैगजीन’ ने एक लेख में तेंदुलकर को सत्ता के सामने झुकने वाला व्यक्ति करार दिया है। वो भी तब, जब महाराष्ट्र की सरकार इन ट्वीट्स की जाँच कर रही है। लेख में सचिन तेंदुलकर को नैतिक रूप से डरपोक बताते हुए CAA विरोध-प्रदर्शन के दौरान उनकी चुप्पी पर सवाल खड़े किए गए हैं। इस लेख को वैभव वत्स ने लिखा है, जो शनिवार (फरवरी 13, 2021) को प्रकाशित हुआ।

किसी डच इतिहासकार की पुस्तक से उद्धरण लेकर लिखा गया है कि एक तानाशाह अपने आसपास के लोगों को झूठा बना देता है। भारत के पक्ष में सेलेब्रिटीज के ट्वीट्स को मोदी काल का पाखंड बताते हुए लिखा गया है कि उन्होंने सत्ता के नौकरों की तरह बर्ताव किया। इसमें सचिन के बारे में लिखा है कि वो एक बड़े सार्वजनिक छवि वाले व्यक्ति हैं, जिनके खिलाफ कोई सरकार किसी प्रकार की कार्रवाई करते दिखना नहीं चाहेगी।

कारवाँ ने सचिन तेंदुलकर को कहा भला-बुरा

इसमें इस पर एकदम से चुप्पी साध ली गई है कि सचिन तेंदुलकर और लता मंगेशकर जैसे ‘भारत रत्न’ से सम्मानित व्यक्तियों के खिलाफ भी महाराष्ट्र की शिवसेना-कॉन्ग्रेस-एनसीपी सरकार जाँच करवा रही है। उनके मुकेश अम्बानी के साथ संबंधों की बात करते हुए लिखा गया है कि मध्यम वर्ग में उनकी परवरिश हुई है और मुंबई में इस तरह के लोग हमेशा सत्ताधारियों के सामने झुकते हैं। कारवाँ ने लिखा है कि क्रिकेट हो या राजनीति, सचिन शक्तिशाली लोगों से डरते हैं।

उन्हें चेतावनी दी गई है कि अगर वो ‘नैतिक मूल्यों’ को नजरअंदाज करेंगे तो फिर उन्हें जीवन भर इस तरह सेलेब्रिटी वाला स्टेटस नहीं मिलेगा। सचिन पर निशाना साधने के क्रम में मध्यम वर्ग को ‘बौद्धिक रूप से खाली, मानवाधिकार और लोकतंत्र के प्रति उदासीन तथा लोगों के हितों की उपेक्षा करने वाला’ बताया है। सचिन को बचकाना बताते हुए उनकी आत्मकथा को दिमाग खराब कर देने वाली तुच्छता कहा गया है।

कारवाँ में लिखा गया है कि सचिन ने अपनी पुस्तक में कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं कहा। साथ ही अक्षय कुमार पर निशाना साधते हुए तेंदुलकर को उन्हीं की श्रेणी में जाने वाला बताया गया है। समाज और दुनिया के बारे में उनकी समझ पर सवाल उठाए गए हैं। उन्हें रिलायंस के मुंबई इंडियंस का ‘कर्मचारी’ बताते हुए अम्बानी के सामने दण्डवत होने वाला बताया गया है। वसीम जाफर का समर्थन न करने को लेकर भी नाराजगी जताई गई है।

इससे पहले कॉन्ग्रेस सांसद जसबीर सिंह गिल ने तेंदुलकर पर हमला करते हुए कहा था कि वे ‘भारत रत्न के लायक नहीं हैं’। साथ ही दावा किया था कि सचिन अपने बेटे को आईपीएल टीम में जगह दिलाने के लिए सरकार का समर्थन कर रहे हैं। इसी तरह केरल के कोच्चि में युवा कॉन्ग्रेस के सदस्यों ने विरोध जताते हुए सचिन तेंदुलकर के कट आउट पर कालिख पोत दी थी। उनके खिलाफ जम कर नारेबाजी भी की गई थी।

केजरीवाल की बेटी से ऑनलाइन ठगी में मेवात के साजिद सहित 3 गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बेटी के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में दिल्ली पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान कपिल, मानवेंद्र और साजिद के रूप में हुई है। कपिल और मानवेंद्र उत्तर प्रदेश से हैं, जबकि साजिद हरियाणा के मेवात का रहने वाला है। धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड अब भी फरार है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, मानवेंद्र ने एचडीएफसी बैंक में कपिल का अकाउंट खोला था। दूसरा अकाउंट साजिद का था। 7 फरवरी को जब सीएम की बेटी ने OLX पर सेकेंड हैंड सोफा बेचना चाहा तो डील फाइनल होने पर खरीददार ने एक कोड स्कैन करने को भेजा। कथित तौर पर हर्षिता को विश्वास दिलाने के लिए पहले धोखेबाजों ने थोड़ा अमाउंट भेजा था, लेकिन उसके कुछ देर बाद पहले हर्षिता के अकाउंट से 20 हजार और दूसरी बार 14000 रुपए निकाल लिए।

NDTV की रिपोर्ट हो गई थी गायब

बता दें कि इस मामले में NDTV ने फरवरी 8, 2021 को एक रिपोर्ट पब्लिश की थी। इसमें मीडिया हाउस ने बताया था कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बेटी हर्षिता केजरीवाल ने जब ऑनलाइन मार्केटप्लेस ओएलएक्स (OLX) पर सेकेंड हैंड सोफा बेचने की कोशिश की, तो जालसाज ने उन्हें 34,000 रुपए का चूना लगा दिया।

इसमें कहा गया था कि दिल्ली के सिविल लाइन्स पुलिस स्टेशन में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है और मामले की जाँच की जा रही है। लेकिन, रिपोर्ट प्रकाशित करने के कुछ मिनट बाद NDTV ने अपनी वेबसाइट से इसे हटा लिया। बाद में इंडिया टीवी ने भी इस रिपोर्ट को अपनी साइट से हटा लिया था। मीडिया संस्थानों ने ऐसा क्यों किया था, ये साफ नहीं है।

भगवद्गीता और PM मोदी की तस्वीर लेकर ‘आत्मनिर्भर मिशन’ पर स्पेस में जाएगा सैटेलाइट

भारत से निजी क्षेत्र का पहला सैटेलाइट (सतीश धवन सैट/ Satish Dhawan Satellite) अपने साथ श्रीमद्भगवद्गीता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर और 25 हजार लोगों के नाम लेकर अंतरिक्ष में जाने को तैयार है। ये सैटेलाइट इस माह के अंत तक लॉन्च की जाएगी। इस नैनो सैटेलाइट को चेन्नई आधारित कंपनी स्पेसकिड्ज ने डेवलप किया है। ये कंपनी छात्रों के बीच स्पेस साइंस से जुड़ी चीजों को प्रमोट करने के लिए जानी जाती है।

स्पेसकिड्ज इंडिया के सीईओ और संस्थापक डॉ. श्रीमथी केसान (Dr Srimathy Kesan) ने बताया कि समूह में इसे लेकर बहुत उत्साह है। ये उनका स्पेस में भेजा जाने वाला पहला सैटेलाइट है। उनके अनुसार, “जब हमने इस मिशन को फाइनल किया, हमने लोगों से उनके नाम स्पेस में भेजने के लिए पूछे। मात्र एक हफ्ते में हमारे पास 25 हजार एंट्री आई। इनमें 1 हजार ऐसे नाम हैं जो भारत से बाहर के हैं।” जानकारी के मुताबिक, जिन लोगों के नाम स्पेस में भेजे जाएँगे, उन्हें एक बोर्डिंग पास भी मिलेगा।

डॉ. श्रीमथी केसान के अनुसार, स्पेस साइंस में लोगों की दिलचस्पी बढ़ाने के मकसद से ऐसा किया गया है। उन्होंने बताया कि इस मिशन में टॉप पैनल में प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर के साथ आत्मनिर्भर मिशन लिखा होगा। ये सैटेलाइट पूरी तरह भारत में निर्मित है। यहाँ तक की इलेक्ट्रॉनिक्स और सर्किटरी भी भारत में ही तैयार हुए हैं। उन्होंने कहा कि जैसे अन्य मिशन में बाइबल भेजी जाती है, उसी आधार पर वह इस सैटेलाइट में भगवद्गीता भेज रहे हैं।

केसान ने कहा कि इसरो की सलाह के बाद कुछ डिजाइन परिवर्तन होने हैं। इसके बाद इसे श्रीहरिकोटा के स्पेसपोर्ट भेजा जाएगा। हम सैटेलाइट भेजने से पहले अंतिम मिनट की जाँच कर रहे हैं। हमें इसरो में परीक्षण  के बाद सोलर पैनल को फिर से देखना है, क्योंकि इसमें कुछ दिक्कत थी। लेकिन हमने यही सोचा था कि ये दो दिन में अंतरिक्ष में पूरी तरह जा सकती है।

बता दें कि स्पेसकिड्ज की इस सैटेलाइट का प्रक्षेपण इसरो अपने विश्वसनीय ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान ‘पीएसएलवी सी-51’ से दो अन्य निजी उपग्रहों के साथ करेगा। कंपनी के मुख्य तकनीकी पदाधिकारी ने बताया कि 3.5 किलोग्राम वजनी इस नैनो उपग्रह में एक अतिरिक्त चिप लगाई जाएगी, जिसमें सभी लोगों के नाम होंगे। इस नैनोसेटेलाइट को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के संस्‍थापक के नाम पर ही रखा गया है। इसका मकसद सिर्फ़ छात्रों के बीच अंतरिक्ष विज्ञान को बढ़ावा देना है।

दिशा रवि ने डिलीट कर दिया था फोन का पूरा डेटा, अब पुलिस को निकिता जैकब और शांतनु की तलाश: रिपोर्ट

दिल्ली पुलिस ने शनिवार (फरवरी 13, 2021) को बेंगलुरु के सोलादेवना हल्ली से पर्यावरण एक्टिविस्ट दिशा रवि को गिरफ्तार किया था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अब शांतनु और निकिता जैकब नामक दो अन्य आरोपितों की गिरफ़्तारी के लिए मुंबई में दबिश दी जा रही है। पुलिस ने गूगल से भी तकनीकी मदद माँगी है। स्वीडन की क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग द्वारा गलती से लीक किए गए टूलकिट डॉक्यूमेंट को लेकर ये कार्रवाई की जा रही है।

दिल्ली पुलिस अपने द्वारका कार्यालय में दिशा से पूछताछ कर रही है। दिशा ने चालाकी करते हुए अपने फोन के डेटा को डिलीट कर डाला, जिसे पुनः प्राप्त करने के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि हजारों लोग उक्त साजिश में शामिल हैं, जो खालिस्तान समर्थक आतंकी गुरुपतवंत सिंह पन्नू से प्रभावित हैं। दिशा ने खुद को ‘किसान आंदोलन’ का समर्थक बताया। दिशा के पिता मैसूर में एथलेटिक्स कोच हैं और माँ घरेलू महिला हैं।

‘फ्राइडे फॉर फ्यूचर’ नामक संस्था की संस्थापकों में से एक दिशा रवि उस टूलकिट का प्रचार-प्रसार करने में सक्रिय रूप से शामिल थीं, जिसमें भारत की छवि खराब करने की साजिश रची गई थी। दिल्ली पुलिस ने पहले ही बताया था कि उसने उस टूलकिट को संज्ञान में लिया है, जिसमें भारत के खिलाफ आर्थिक, सांस्कृतिक, और क्षेत्रीय युद्ध छेड़ने के साथ-साथ गणतंत्र दिवस के दिन हुई हिंसा जैसी वारदातों को अंजाम देने के लिए योजना बनाई गई थी।

डॉक्यूमेंट को बनाने वालों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया था। दिशा रवि को दिल्ली पुलिस की साइबर क्रिमिनल सेल ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया है कि उस डॉक्यूमेंट को तैयार करने और उसका प्रचार-प्रसार करने में वो शामिल है। दिशा ने एक व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाया था और उसमें ही इसकी पूरी साजिश रची गई। इस टूलकिट का ड्राफ्ट बनाने के लिए दिशा रवि ने अन्य साजिशकर्ताओं के साथ मिल कर काम किया।

पुलिस के अनुसार, इस प्रक्रिया में इन सबने खालिस्तानी संगठन ‘पोएटिक जस्टिस ग्रुप’ का साथ दिया, जो भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के एजेंडे पर काम करता है। दिशा रवि ने ही इस टूलकिट को ग्रेटा थनबर्ग के साथ शेयर किया था। पुलिस ने बताया है कि गलती से ग्रेटा द्वारा इसे ट्वीट किए जाने के बाद दिशा रवि ने उससे उक्त ट्वीट को डिलीट करने को कहा था। दिशा बस 2 लाइन की एडिटिंग करने की बात कर रही है, लेकिन पुलिस के मुताबिक उस डॉक्यूमेंट में काफी ज्यादा एडिटिंग की गई।

दिशा माउंट कार्मेल कॉलेज में BBA की छात्रा है और पेड़-पौधों पर आधारित भोजन को बढ़ावा देने के दावा करती है। साथ ही वो खुद के शाकाहारी होने की बात भी कहती है। पटियाला हाउस कोर्ट में रोते हुए दिशा ने कहा कि उसने तो बस डॉक्यूमेंट में दो लाइन की एडिटिंग की है। उसके मोबाइल फोन्स और लैपटॉप्स सहित सारे गैजेट्स जब्त कर लिए गए हैं। राजद्रोह के अलावा उसके खिलाफ IPC की धारा 124A (लिखित शब्दों या संकेतों द्वारा भारत में विधि द्वारा स्थापित सरकार के खिलाफ घृणा फैलाना) के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।

इन दोनों धाराओं के अलावा धारा-153 (अपने बयानों से सांप्रदायिक शत्रुता पैदा करना), 153A (लिखित बयानों या संकेतों द्वारा दंगे जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश) और 120B (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज हुआ है। ग्रेटा थनबर्ग ने उसके संस्था ‘FFF’ को समर्थन दे रखा है। दिशा ‘गुड माइल्ड’ नामक कंपनी से भी जुड़ी हुई है। कोर्ट में उसने किसानों को ‘भोजन-पानी’ देने वाला बता कर इमोशनल माहौल बनाने की कोशिश की।

ब्रांडिंग के लिए आंटी कमला हैरिस के नाम का इस्तेमाल बंद करें: मीना हैरिस को ह्वाइट हाउस के वकीलों ने चेताया

अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की भतीजी मीना हैरिस हाल के दिनों में भारत विरोधी बयानों के कारण सुर्ख़ियों में रही हैं। ‘लॉस एंजेल्स टाइम्स’ में प्रकाशित खबर की मानें तो ह्वाइट हाउस के अधिवक्ताओं ने अब उनसे कहा है कि वे अपनी कंपनी की ब्रांडिंग के लिए अपनी आंटी के नाम का इस्तेमाल करना बंद करें। मीना हैरिस एक कंपनी चलाती हैं, जो कपड़ों, वीडियोज, डिजाइनर हेडफोन्स और बच्चों की किताबों का कारोबार करती है।

मीना ने ‘एम्बिशयस गर्ल’ नामक एक किताब भी लिखी है। इसके प्रमोशन हाल ही में NBC टुडे और ABC द व्यू नामक शोज में किया गया था। इस किताब के प्रमोशन के लिए वह कई मैगजीन्स के कवर पर भी दिख चुकी हैं। ह्वाइट हाउस के अधिकारियों ने LA टाइम्स से कहा कि कुछ चीजों को वापस पुराने रूप में नहीं लाया जा सकता, लेकिन इस व्यवहार में बदलाव लाने की ज़रूरत है।

मीना हैरिस के कपड़े की कंपनी ‘फेनोमेनल’ ने कमला हैरिस की तस्वीर वाली स्वेटशर्ट्स निकाले थे, जिन पर ‘वाइस प्रेसिडेंट आंटी’ लिखा था। हालाँकि, चुनाव के बाद उन्हें कमला हैरिस के नाम का इस्तेमाल करने से रोक दिया गया। साथ ही हेडफोन्स पर ‘द फर्स्ट बट नॉट दी लास्ट’ लिखा था, जिसमें कमला हैरिस के रूप में अमेरिका को पहली महिला उपराष्ट्रपति मिलने की बात कही गई थी।

खबर में कहा गया है कि चेतावनी देने के बावजूद मीना हैरिस ने शपथग्रहण समारोह में जाने के लिए एक प्राइवेट जेट का इस्तेमाल किया था। इसका खर्च एक कैम्पेन डोनर ने उठाया था। 36 वर्षीय मीना हैरिस हार्वर्ड में प्रशिक्षित वकील हैं, जिन्होंने 4 वर्ष पहले एक कंपनी की शुरुआत की थी। उनके ब्रांड के कपड़े अक्सर सेलेब्रिटी या सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को पहने देखा गया है।

‘आई एम स्पीकिंग’ लिखे कपड़े अब भी बिक रहे हैं। ये वही पंक्ति है, जिसका इस्तेमाल कमला हैरिस ने तत्कालीन उपराष्ट्रपति माइक पेन्स के साथ बहस के दौरान किया था। उन्होंने एक प्रोडक्शन कंपनी के साथ मिल कमला हैरिस की सफलता पर एक वीडियो भी बनाया। हेडफोन्स पर भी कमला हैरिस द्वारा कहे गए शब्द थे। मीना का दावा है कि वो वैधानिक और नैतिक दायरों में रह कर ही ये सब कर रही हैं। मीना हैरिस पहले Uber में एक बड़े पद पर थीं।

उपराष्ट्रपति की प्रवक्ता सबरीना सिंह ने कहा कि कमला हैरिस और उनका परिवार उच्च-स्तर के नैतिक व्यवहार का प्रदर्शन करेगा। साथ ही उन्होंने ह्वाइट हाउस के नियमों की याद दिलाते हुए कहा कि उपराष्ट्रपति का नाम किसी भी कमर्शियल गतिविधि के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, जिससे लगे कि वो इस चीज का समर्थन या प्रचार करती हैं। डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ अभियान में बायडेन और हैरिस ने पारिवारिक कारोबारों को लेकर उनकी खूब आलोचना की थी।

बता दें कि मीना हैरिस सोशल मीडिया पर फेक न्यूज़ भी फैलाती हुई नज़र आई थीं। इसमें दावा किया गया था कि 23 साल की लेबर राइट ‘एक्टिविस्ट’ नवदीप कौर को गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में उन पर अत्याचार किए गए और उनका ‘यौन शोषण’ हुआ। उन्होंने झूठा दावा किया कि भारतीय मीडिया ने उनके खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शन का महिमामंडन किया। साथ ही ग्रेटा के टूलकिट का समर्थन किया।