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जिस गाँव के लिए बेटी हैं माँ गंगा, अब वहीं पहुँचे PM मोदी: उत्तराखंड का 3 साल में 13वाँ दौरा, पूजा-अर्चना के बाद बोले- राज्य के लिए जो संकल्प लिए, वह पूरे हो रहे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तराखंड के दौरे पर गए हैं। पीएम मोदी का यह दौरा माँ गंगा की पूजा-अर्चना को समर्पित है। पीएम मोदी उत्तराखंड के उस गाँव में पहुँचे हैं, जहाँ माँ गंगा को बेटी की तरह पूजा जाता है। पीएम मोदी का उत्तराखंड का यह तीन साल के भीतर 13वां दौरा है।

गुरुवार (6 मार्च, 2025) को पीएम मोदी उत्तराखंड के उत्तरकाशी पहुँचे हैं। उत्तरकाशी में पीएम मोदी का यह दौरा मुखवा गाँव में हो रहा है। मुखवा हर्षिल के पास मौजूद एक गाँव है। यहाँ पीएम मोदी ने माँ गंगा के मंदिर में पूजा-अर्चना भी की है।

मुखवा में माँ गंगा का शीतकालीन निवास है। गंगोत्री धाम से माँ गंगा को सर्दियों के मौसम में मुखवा गाँव ले आया जाता है। मुखवा में उनके मंदिर इसके बाद आरती और पूजा रोज होती है। म्ख्वा में माँ गंगा को ग्रामीण बेटी की तरह मानते हैं और गंगोत्री के कपाट खुलने पर उन्हें विदा करते हैं।

गंगोत्री धाम में पूजा करने वाले पुजारी भी इसी मुखवा गाँव के रहने वाले होते हैं। कहा जाता है कि आदि शंकराचार्य ने मुखवा गाँव में माँ गंगा की पीठ स्थापित की थी। यहाँ के मंदिर में माँ गंगा की पुरानी मूर्ति स्थापित है। इसकी सालों भर पूजा चलती है।

पीएम मोदी ने यहीं पर आरती में हिस्सा लिया है। यहाँ उन्हें मंदिर की तरफ गंगाजल भी भेंट किया गया। यह क्षेत्र तिब्बत सीमा से भी ज्यादा दूर नहीं है। पीएम मोदी इससे पहले काशी में भी माँ गंगा के तट पर कई बार पूजा अर्चना कर चुके हैं। उन्होंने 2014 में भी कहा था कि काशी में माँ गंगा ने उन्हें बुलाया है।

हर्षिल पहुँचे प्रधानमंत्री मोदी ने यहाँ एक रैली को भी हरी झंडी दिखाई है। यह बाइक रैली हर्षिल से जादुंग तक जाएगी। पीएम मोदी ने इसके बाद यहाँ आयोजित एक जनसभा को भी संबोधित किया है। इस जनसभा में इतनी भीड़ आई कि कुर्सियाँ कम पड़ गईं।

पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत माणा में हुए हादसे में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा, “उत्तराखंड की देवभूमि ऊर्जा से ओतप्रोत है… माँ गंगा के शीतकालीन गद्दी स्थल पर आकर यहाँ मैं धन्य हो गया हूँ। माँ गंगा की कृपा से मुझे उत्तराखंड की सेवा करने का मौक़ा मिला है।”

पीएम मोदी ने कहा, “माँ गंगा का स्नेह है कि मैं उनके मायके मुखवा गाँव आया हूँ, यहाँ मुझे मुखीमठ में पूजा का सौभाग्य प्राप्त हुआ है… कुछ साल पहले मैं जब बाबा केदार के दर्शन के लिए मैं उनके चरणों में गया था तब मेरे मुंह से कुछ भाव प्रकट हुए थे। मैंने कहा था कि यह दशक उत्तराखंड का है।”

उन्होंने कहा, “बाबा केदार के आशीर्वाद से वह भाव सच्चाई में बदल रहे हैं… यहाँ उत्तराखंड की प्रगति के लिए नए रास्ते खुल रहे हैं। उत्तराखंड का जन्म जिसके लिए हुआ था, अब वह पूरे हो रहे हैं। हमारे संकल्प पूरे हो रहे हैं।” पीएम मोदी का यह भाषण आप नीचे लगे वीडियो में सुन सकते हैं।

पीएम मोदी ने इस दौरान हाल ही में सोनप्रयाग से केदारनाथ तक मंजूर की गई रोपवे की बधाई दी। पीएम मोदी ने कहा कि अब पहाड़ों पर नया इन्फ्रा बन रहा है। उन्होंने कहा कि 1962 युद्ध में खाली करवाए गए दो गाँव वापस बसाए जाने का प्रयास चल रहा है।

बेंगलुरु में ओड़िया साइनबोर्ड देख भड़का कन्नड़ गुंडा, धमकी से डर कर रेस्टोरेंट मालिक ने बोर्ड उतारा: वायरल वीडियो देख लोग पूछ रहे सवाल

कर्नाटक के बेंगलुरु में स्थानीय भाषा के चलते एक और विवाद सामने आया है। यहाँ ‘डिलिशियस पखाल (Delicious pakhal)’ नाम के ओड़िया रेस्टोरेंट के मालिक को एक कन्नड़ भाषी आदमी ने आकर धमकी दी कि वो रेस्टोरेंट के ऊपर से उस साइनबोर्ड को हटाए जिसमें ओड़िया भाषा में रेस्टोरेंट का नाम लिखा है।

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कार में बैठा युवक रेस्टोरेंट के कर्मचारी को बुलाता है और पूछताछ शुरू करता है। वह पूछता है कि आखिर बोर्ड पर ओड़िया भाषा में रेस्टोरेंट का नाम क्यों लिखा है?

दिलचस्प बात ये है कि ये सवाल वो व्यक्ति तब करता है जब रेस्टोरेंट पर कन्नड़ भाषा में भी रेस्टोरेंट का नाम साफ लिखा था। व्यक्ति का रवैया परखते हुए रेस्टोरेंट का कर्मचारी बहुत सहजता से जवाब देता है, “इस रेस्टोरेंट में ओडिशा का खाना मिलता है। यह खाना 90 फीसदी ओड़िया लोगों के लिए होता है इसलिए इस साइनबोर्ड को लगाया गया है।”

अजीब बात ये है कि ओड़िया रेस्टोरेंट में काम करने वाला कर्मचारी पूरी तरह से कन्नड़ में बात कर रहा था, फिर भी उस कार सवार का गुस्सा बढ़ता गया। उसने कर्मचारी को धमकी दी कि वह अपने रेस्टोरेंट से ओड़िया भाषी बोर्ड हटा दे, क्योंकि वो एक हफ्ते बाद आकर दोबारा देखेगा।

उसने कहा, “बेंगलुरु में काम करने के लिए कन्नड़ भाषा और कन्नड़ लोगों को पहली प्राथमिकता मिलनी चाहिए। क्या आपने अन्य राज्यों को हमारी भाषा में बोर्ड लगाने की अनुमति देते देखा है? यहाँ उस भाषा की अनुमति नहीं है। इसे हटा दें। मैं एक हफ़्ते में वापस आऊँगा।”

इस घटना के बाद उस रेस्टोरेंट के मालिक ने किसी विवाद से बचने के लिए अपने रेस्टोरेंट से वो बोर्ड हटा दिया जिसकी नई तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर हैं। लेकिन, इस बीच लोग पुरानी वीडियो को शेयर करते हुए कई तरह के सवाल खड़े कर रहे हैं। खुद कन्नड़ भाषी लोग ये कह रहे हैं कि जब रेस्टोरेंट का मालिक कन्नड़ में बात कर रहा है, साइनबोर्ड सिर्फ मार्केटिंग के लिए लगाया है तो दिक्कत क्या है? वो लोग ओड़िया व्यंजन परोसते हैं तो इतना तो किया ही जा सकता है।

नोट: यह खबर मूल रूप से अंग्रेजी में प्रकाशित हुई है। आप इसे पूरा पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं।

रमजान में श्रीनाथजी मंदिर से सुनाई पड़ी पटाखों की आवाज, तो भड़क गए मुस्लिम: द्वारका में हिंदू परिवार को मकसूद और मोन समेत 4 ने बेरहमी से पीटा, 2 घायल

गुजरात के देवभूमि द्वारका के खंभालिया में 2 मार्च को श्रीनाथजी हवेली मंदिर के प्रांगण में पटाखे फोड़ने पर चार मुस्लिमों ने एक हिंदू परिवार पर हमला कर दिया। हमलावरों की पहचान मकसूद, तौसीफ, मोईन और फूलकंद के रूप में हुई है। हमलावरों ने रमजान का हवाला देते हुए जश्न मनाने पर आपत्ति जताई थी। आरोपितों ने झगड़े के दौरान हिंदू परिवार के साथ मारपीट की। इसमें एक नाबालिग समेत दो लोग घायल हो गए हैं।

इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 117(2), 352 और 54 के साथ-साथ गुजरात पुलिस अधिनियम की धारा 135(1) के तहत एफआईआर दर्ज की है। शिकायत के अनुसार, विपुल ठक्कर का भतीजा 20 फरवरी की रात 10 बजे मंदिर के वार्षिक उत्सव में बचे हुए पटाखों को फोड़ रहा था। इसी दौरान मकसूद, मोईन और तौसीफ लाठी-डंडे लेकर मंदिर में घुस आए।

स्रोत: गुजरात पुलिस/ऑपइंडिया गुजराती

तीनों हमलावरों ने पटाखे छोड़ रहे हिंदू परिवार को डाँटकर पटाखे जलाने से मना कर दिया। इस दौरान तीनों मुस्लिम आरोपित हिंदू परिवार से गाली-गलौज करने लगे। इसी बीच फूलकंद नाम का एक चौथा मुस्लिम वहाँ आ गया। उसके पास लकड़ी की एक छड़ी थी। इसी बीच मकसूद ने विपुल के बाएँ हाथ पर बेसबॉल बेट से हमला कर दिया। इससे विपुल के हाथ में फ्रैक्चर हो गया।

विपुल के भतीजे को भी मुस्लिमों के समूह ने पीटा। शोर सुनकर घर की महिलाएँ और पड़ोसी वहाँ आ गए। लोगों को आता देखकर हमलावर मौके से फरार हो गए। विपुल और उनके भतीजे को इस हमले में कई कई चोटें आई हैं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, ठक्कर के बाएँ हाथ में फ्रैक्चर हुआ है और उसके भतीजे के शरीर पर कई चोटें आई हैं।

विपुल ठक्कर ने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने न केवल उनके साथ दुर्व्यवहार किया, बल्कि मंदिर और उसके देवता का अपमान भी किया। उन्होंने कहा कि हमलावरों ने धमकी दी है कि अगर वे पटाखे जलाना जारी रखेंगे तो वे मंदिर को बंद करा देंगे और उनके परिवार को मार देंगे। ऑपइंडिया ने संबंधित पुलिस स्टेशन से बयान लेने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

(इस रिपोर्ट को मूलत: मेघल सिंह परमार ने ऑपइंडिया गुजराती के लिए लिखी है। आप मूल रिपोर्ट इस लिंक को क्लिक करके पढ़ सकते हैं।)

जो पत्थर दंगाइयों ने फेंके, उन्हीं से UP में बन रही पुलिस चौकी: कोर्ट भी सख्त, 10 दंगाइयों की जमानत अर्जी खारिज

उत्तर प्रदेश के संभल में जो पत्थर दंगाइयों ने पुलिस पर फेंके थे, उन्हीं से अब पुलिस चौकी बन रही हैं। संभल में इन पत्थरों से दर्जनों पुलिस चौकी बन रही हैं। इनमें से कई चौकियाँ उन्हीं इलाकों में बन रही हैं, जिनमें मुस्लिम दंगाइयों ने हिंसा की थी। जिले भर में अब कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। वहीं पुलिस पर हमला करने वाले अब कोर्ट में जमानत के लिए चक्कर काट रहे है।

संभल के एसपी कृष्ण कुमार ने इस मामले में बताया, “पुलिस द्वारा जिन पत्थरों को उपद्रवियों द्वारा फेंका गया था, उनका उपयोग करके चौकियों की नींव रखी जा रही है। इसके अलावा शासन से मिले बजट के द्वारा चौकियों का निर्माण करवाया जा रहा है।”

उन्होंने आगे बताया, “संभल में कुल 38 आउटपोस्ट और चौकियाँ बनाई जा रही हैं। ‘सेफ संभल’ नाम का एक प्रोजेक्ट प्रशासन की मदद से पुलिस द्वारा जिले में लाया गया है। इसमें ₹3 करोड़ की लागत से चेहरा पहचान करने वाले तमाम कैमरे लगाए जा रहे हैं। यह किसी भी व्यक्ति की पहचान और उसकी गतिविधियाँ पहचानने में मदद करेंगे।”

एसपी कृष्ण कुमार ने बताया है कि अब तक संभल में 600 इस तरह के कैमरे लगाए जा चुके हैं। इसके लिए संभल के गाँवों में भी काम चल रहा है। गौरतलब है कि बीते दिनों में संभल की विवादित शाही जामा मस्जिद के सामने और अपराधियों के लिए कुख्यात मुहल्ले दीपासराय में 2 चौकियाँ स्थापित की गई थीं।

संभल में पुलिस के एक्शन के बीच अब जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हिंसा करने वाले दंगाई कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए मुस्लिम दंगाई कोर्ट से जमानत की गुहार लगा रहे हैं। हालाँकि, उन्हें कोर्ट ने कोई राहत देने से इनकार किया है।

संभल की अदालत में बुधवार (5 मार्च, 2025) को 14 दंगाइयों ने जमानत के लिए अर्जी लगाई थी। इनमें से 4 की तारीख बढ़ा दी गई जबकि अदालत ने 10 दंगाइयों की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने आमिद, अंसार, सुभान उर्फ मुन्ना, सुजाउद्दीन उर्फ सज्जू, दिलनवाज, मुस्तफा समेत 10 की जमानत याचिका खारिज की हैं।

संभल में इन सबके बीच दंगाइयों पर कार्रवाई भी तेजी से चल रही है। संभल पुलिस को 74 दंगाइयों में से 3 के नाम पते मालूम हो गए हैं और उनको गिरफ्तार किए जाने की तैयारी चल रही है। संभल पुलिस ने इन 74 दंगाइयों की पहचान के लिए पोस्टर लगाए थे और बाकी जिलों से मदद माँगी थी।

पुलिस अभी एक दाढ़ी वाले शख्स को भी ढूंढ रही है जो दंगाइयों को भड़का रहा था। उसके विषय में जानकारी नहीं इकट्ठा की जा सकी है। गौरतलब है कि 24 नवम्बर, 2024 को संभल की शाही जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान इस्लामी कट्टरपंथियों ने खूब हिंसा की थी।

उन्होंने पुलिस पर पत्थर बरसाए थे और कई गाड़ियाँ तहस नहस कर दी थी। इस दौरान फायरिंग भी हुई थी। इस दंगे में 4 लोगों की मौत हुई थी। पुलिस इसके बाद लगातार संभल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में जुटी हुई है और दंगाइयों पर कार्रवाई कर रही है।

देहरादून में 11 अवैध मदरसों पर लगा ताला, कार्रवाई देख 88 भागे-भागे पहुँचे रजिस्ट्रेशन करवाने: मुस्लिम संगठन ने कहा – मदरसे के लिए मान्यता की जरूरत नहीं

उत्तराखंड में अवैध मदरसों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। देहरादून में ही अब तक 11 अवैध मदरसों को सील किया जा चुका है। पूरे राज्य की बात करें तो पूर्व में 500 से अधिक मदरसे ऐसे चिह्नित किए गए, जिनपर कार्रवाई होनी है।

मालूम हो कि यह कार्रवाई केवल अवैध मदरसों के खिलाफ ही हो रही है वो भी इसलिए क्योंकि जाँच के दौरान जब इन्हें मौका दिया गया तो इनके पास रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज नहीं मिले। मदरसों को सील करने के लिए आदेश 28 फरवरी को पारित किया गया था। इसके बाद उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के पास करीबन 88 आवेदन मान्यता पाने के लिए आए। बोर्ड ने अभी तक इनमें से 51 मदरसों को मान्यता प्रदान की है।

देहरादून में अवैध मदरसे

देहरादून के जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने बताया कि सदर देहरादून तहसील में ऐसे अंपजीकृत मदरसे 16 पाए गए थे जबकि विकासनगर में 34 , डोईवाला में 6 और कलसी में 1।

जाँच के दौरान इन मदरसों के पास पंजीकरण संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद प्रशासन ने इन मदरसों को सील करने के लिए एक संयुक्त टीम का गठन किया। इस टीम में जिला प्रशासन, पुलिस के साथ अल्पसंख्यक आयोग और मदरसा बोर्ड के अधिकारी शामिल थे।

इस बाबत विकासनगर तहसील के उप-जिलाधिकारी विनोद कुमार ने भी बयान दिया। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार उन्होंने बताया, “3 मार्च से अब तक नौ मदरसे सील किए जा चुके हैं। अन्य दो संस्थान डोईवाला और सदर में हैं।”

मुस्लिम संगठन का विरोध

बता दें कि इस कार्रवाई से मुस्लिम सेवा संगठन के लोग नाराज हैं। इसके अध्यक्ष नईम कुरैशी ने कहा, “मदरसा चलाने के लिए किसी मान्यता की आवश्यकता नहीं होती। सीलिंग अवैध है क्योंकि मदरसा सील करने से पहले प्रबंधकों को कोई आदेश या नोटिस नहीं दिया गया। उन्होंने इसका कारण भी नहीं बताया।”

आगे उन्होंने कहा, “हमने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में और आज मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण में मस्जिद को अवैध रूप से सील करने के खिलाफ प्रदर्शन किया। हमने ज्ञापन भी सौंपा। हमने कहा कि अगर वे इस अवैध सीलिंग को नहीं रोकते हैं, तो हम सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करेंगे।”

मान्यता प्राप्त मदरसा और गैर-मान्यता प्राप्त मदरसा

मान्यता प्राप्त मदरसे शिक्षा के लिए राज्य बोर्ड के अंतर्गत आते हैं जबकि गैर-मान्यता प्राप्त मदरसे बड़े मदरसों जैसे दारुल उलूम नदवतुल उलमा और दारुल उलूम देवबंद द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई कराते हैं। अब उत्तराखंड सरकार ऐसे गैर मान्यता प्राप्त मदरसों पर कार्रवाई इसलिए कर रही है ताकि हर छात्र को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके, बच्चों को आधुनिकता की जानकारी हो, वह NCERT का सिलेबस पढ़ें और नई चीजें सीख सकें।

लंदन में एस जयशंकर की गाड़ी पर खालिस्तानियों का हमला, पुलिस के सामने तिरंगे को फाड़ा: बोले विदेश मंत्री- PoK को भारत में मिला सदा के लिए खत्म करेंगे मुद्दा

लंदन में खालिस्तान समर्थकों के समूह ने जयशंकर और भारतीय राजदूत की गाड़ी को घेर लिया और उन पर हमला करने की कोशिश की। इस दौरान खालिस्तान के झंडे लहराए गए और ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ सहित कई आपत्तिजनक नारे लगाए गए। एक शख्स ने भारतीय झंडा तिरंगा को फाड़ दिया। वहीं, एक कार्यक्रम में उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को वापस लेने की बात कही।

जयशंकर गुरुवार (6 मार्च) को लंदन के चैथम हाउस थिंक टैंक के कार्यक्रम में जा रहे थे। जब वे अपनी कार से उतरे तो खालिस्तान समर्थकों के एक समूह ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान उन पर हमला करने की कोशिश की। इतना ही नहीं, उनके सामने एक शख्स ने भारतीय झंडा तिरंगा को फाड़ दिया। इस दौरान लंदन पुलिस चुपचाप सब कुछ देखती रही। उसने खालिस्तानी गुंड़ों को वहाँ से हटाने की कोशिश नहीं की।

चैथम हाउस के कार्यक्रम में बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि कश्मीर घाटी में शांति के लिए अनुच्छेद 370 को हटाया गया। इसके बाद अब देश को कश्मीर से चुराए गए हिस्से की वापसी का इंतजार है। इसे पाकिस्तान ने चोरी की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को खाली कराने से यह मुद्दा पूरी तरह से हल हो जाएगा।

जयशंकर ने कहा कि कश्मीर के अधिकांश मुद्दों का हल निकाल लिया गया है। अनुच्छेद 370 खत्म करना पहला कदम था। कश्मीर में विकास और सामाजिक न्याय को बहाल करना दूसरा कदम था और राज्य में चुनाव कराना तीसरा कदम था। अब मामला सिर्फ PoK का है। उसे वापस लेने के बाद कश्मीर का मुद्दा हमेशा के लिए हल हो जाएगा।

बता दें कि जयशंकर 4 से लेकर 9 मार्च तक ब्रिटेन की आधिकारिक यात्रा पर हैं। वे अपने ब्रिटिश समकक्ष डेविड लैमी और अन्य प्रमुख अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत-ब्रिटेन के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देना है, जिसमें व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा, लोगों के बीच आपसी संबंध और रक्षा सहयोग शामिल हैं।

ब्रिटेन की अपनी आधिकारिक यात्रा के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर 6 और 7 मार्च को आयरलैंड की यात्रा पर रहेंगे। यहाँ वे आयरिश विदेश मंत्री साइमन हैरिस से मिलेंगे और उनसे कई मुद्दों पर बात करेंगे। इसके अलावा, वे आयरलैंड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी बातचीत करेंगे। अंत में वे भारतीय प्रवासियों के साथ बातचीत के एक कार्यक्रम में शामिल होंगे।

कर्नाटक में मुस्लिमों को 4% आरक्षण, सरकारी पैसे से बनेंगे अमीर: कॉन्ग्रेसी CM ला रहे प्रस्ताव, भाजपा बोली- हिन्दुओं का हिस्सा छीन रहे

कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार मुस्लिम आरक्षण की तैयारी कर रही है। यह आरक्षण राज्य में दिए जाने वाले ठेकों में लागू किया जाएगा। इसके लिए कानूनी मोर्चे पर हलचल तेज है। राज्य में मुस्लिमों को आरक्षण क़ानून में बदलाव करके दिया जाएगा। भाजपा ने कॉन्ग्रेस के इस कदम का विरोध करते हुए हमला बोला है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्नाटक की सिद्दारमैया सरकार मुस्लिमों को कर्नाटक के सरकारी निर्माण के ठेकों में 4% का आरक्षण देना चाहती है। कॉन्ग्रेस यह आरक्षण देने के लिए 1999 के एक कानून में बदलाव करेगी। नया विधेयक बजट सत्र में ही लाया जाएगा।

इस विधेयक का राज्य के वित्त विभाग ने एक मसौदा तैयार भी कर लिया है। बताया गया है कि राज्य के संसदीय कार्य मंत्री ने भी इस बदलाव को मंजूरी दे दी है। जल्द ही यह विधेयक विधानसभा में पेश हो जाएगा। अगर मुस्लिमों के लिए आरक्षण लागू होता है तो राज्य में ठेकों में आरक्षण बढ़कर 47% हो जाएगा।

कर्नाटक में अभी SC-ST और OBC को आरक्षण मिलता है। यह आरक्षण वर्गीकृत करके दिया जाता है। ठेकों में आरक्षण सिद्दारमैया ने ही लागू किया था। उन्होंने 2013-18 की सरकार के दौरान SC-ST जबकि बीते वर्ष OBC को आरक्षण देने का ऐलान किया था।

ऐसा पहली बार नहीं है कि कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार मुस्लिमों को अलग से आरक्षण देने की तैयारी की हो। इससे पहले नवम्बर, 2024 में भी सरकार इस प्रस्ताव पर काम कर चुकी है लेकिन तब विरोध के कारण इस आइडिया को छोड़ दिया गया था।

कर्नाटक में कॉन्ग्रेस का यह कदम मुस्लिम वोटों को अपनी तरफ लुभाने का एक पैंतरा माना जा रहा है। वह इस मामले में JD(S) को किनारे करना चाहती है। सिद्दारमैया सरकार के इस प्रस्ताव को लेकर अब राज्य में मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा हमलावर है। भाजपा ने कहा है कि कॉन्ग्रेस केवल मुस्लिमों को ही अल्पसंख्यक मानती है।

भाजपा ने इसे तुष्टिकरण की राजनीति करार दिया है। कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष बीवाई विजयेन्द्र ने कहा, “कॉन्ग्रेस पार्टी लगातार ऐसे कानून लाती है जो हिंदुओं और अन्य समुदायों के खिलाफ भेदभाव करते है, उनसे उनके अधिकार छीनते हैं जबकि मुसलमानों को लाभ पहुंचाते हैं।”

1 करोड़ पांडुलिपि को डिजिटल अवतार दे रहा भारत, PM मोदी ने ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के बारे में बताया: कहा- एजुकेशन, स्किल और हेल्थकेयर से खड़ा होता है देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (5 मार्च) को रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को गति देने के लिए कौशल विकास और इनोवेशन में निवेश करने को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे निकलने के लिए AI, चिकित्सा शिक्षा, औद्योगिक प्रशिक्षण और शहरी नियोजन में बड़ा निवेश करना ही होगा।

बजट वेबिनार में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने जितनी प्राथमिकता आधारभूत ढाँचे के विकास और उद्योगों को दी है, उतनी ही प्राथमिकता मानव विकास, अर्थव्यवस्था और नवाचार को भी दी है। उन्होंने कहा कि मानव संसाधन में निवेश का विज़न तीन स्तंंभों पर खड़ा होता है और वह है- शिक्षा, कौशल विकास और चिकित्सा।

उन्होंने कहा कि भारत का वर्तमान शिक्षा प्रणाली बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। इसके नतीजे आने वाले कुछ वर्षों में दिखने शुरू हो जाएँगे। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) जैसे बड़े कदम, IIT का विस्तार, एजुकेशन सिस्टम में तकनीक का समावेश, AI का उपयोग, पाठ्यपुस्तकों का डिजिटलीकरण जैसे अनेकों प्रयास मिशन मोड में हो रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि साल 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार बनने से लेकर अब तक 3 करोड़ से ज्यादा युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। 1,000 से अधिक ITI संस्थानों को अपग्रेड करने और 5 ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि यह सब कुछ इंडस्ट्री की जरूरतों को पूरी करने के लिए ध्यान में रखा जा रहा है।

इस साल की बजट की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस बार के बजट में 10,000 अतिरिक्त मेडिकल सीटों की घोषणा की गई है। अगले 5 सालों में 75,000 सीटें जोड़ने का टारगेट है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा लोगों तक पहुँचाना सरकार का लक्ष्य है और इसके लिए सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में टेली-मेडिसिन सुविधा का विस्तार हो रहा है।

पीएम मोदी ने साल 2047 के अपने विजन के बारे में बताते हुए कहा कि साल 2047 तक भारत की शहरी आबादी लगभग 90 करोड़ होने का अनुमान है। इतनी बड़ी आबादी के लिए योजनाबद्ध शहरीकरण की जरूरत है। इसके लिए सरकार ने 1,00,000 करोड़ रुपए का Urban Challenge Fund बनाने की पहल की है। इससे गवर्नेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंशियल सस्टनेबिलिटी पर फोकस किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने भारत में पर्यटन उद्योग में भारी संभावनाओं की ओर भी इंगित किया। उन्होंने कहा कि पर्यटन सेक्टर का देश की जीडीपी में 10 प्रतिशत तक होने की संभावना है। इसे करोड़ों युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश भर में 50 जगहों को टूरिज्म पर फोकस करते हुए विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘Heal in India’ और ‘Land of the Buddha’ अभियान के माध्यम से दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम वाला देश बन गया है। इसके लिए सरकार ने इस बजट में कई कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ाने के लिए 1,00,000 करोड़ रुपए का फंड पास किया गया है। इससे निवेश बढ़ेगा। IIT और IISc में 10,000 रिसर्च फेलोशिप की व्यवस्था बनाई गई है। इससे रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा।

इतना ही नहीं, मोदी ने कहा कि ज्ञान भारतम मिशन के माध्यम से भारत की समृद्ध पांडुलिपियों की विरासत को सहेजने का काम चल रहा है। इस मिशन के माध्यम से एक करोड़ से अधिक पांडुलिपियों को डिजिटल फॉर्म में बदला जाएगा। इसके बाद एक नेशनल डिजिटल रिपॉजिटरी बनाई जाएगी, जिससे दुनिया भर के स्कॉलर्स और रिसर्चर्स भारत के ऐतिहासिक और पारंपरिक ज्ञान को जान सकें।

कौन सी मस्जिद (अहमदिया या बिस्मिल्लाह) से पहले दिया जाएगा अजान- इस पर भिड़े शिया और अल अदीस मुस्लिम: रमजान में एक-दूसरे पर बरसाए पत्थर, अहमदाबाद की घटना

गुजरात के अहमदाबाद में रमजान के महीने में मुस्लिमों के दो गुटों के बीच खूब पत्थर चले। अजान देने को लेकर हुए विवाद में मस्जिद के बाहर काफी देर तक मुस्लिमों के बीच लड़ाई होती रही। लड़ाई में कई लोग घायल हुए हैं। मामला मुस्लिमों के दो फिरकों से जुड़ा हुआ है। इस लड़ाई झगड़े का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इस झगड़े की वीडियो बीते कुछ दिनों से वायरल हो रही थी और बताया जा रहा था कि यह कर्णावती अहमदाबाद की है। इसमें पथराव होता दिख रहा था। हालाँकि, इसके विषय में पक्की जानकारी नहीं सामने आ रही थी। ऑपइंडिया के पास भी यह वीडियो आई थी।

ऑपइंडिया ने इस वीडियो के विषय में पता लगाने का प्रयास किया और इस कड़ी में अहमदाबाद पुलिस से सम्पर्क किया। अहमदाबाद पुलिस ने बताया कि यह वीडियो मुस्लिमों के बीच झड़प की ही है और उसे इस घटना के विषय में जानकारी है।

अहमदाबाद पुलिस ने बताया, “यह वीडियो 2 मार्च 2025 यानी पिछले रविवार शाम 6:30 बजे का है। अहमदाबाद के शाहपुर थाना क्षेत्र में पहले अज़ान देने के मुद्दे पर अहमदिया मुसलमानों और बिस्मिल्लाह मस्जिद के बीच झड़प हो गई। जिसके बाद मुस्लिम समुदाय के दो कबीले अल अदीस और शिया आमने-सामने आ गए और दोनों में मारपीट शुरू हो गई।”

अहमदाबाद पुलिस ने आगे बताया, “बाद में दोनों गुटों के बीच समझौता हो गया।” अहमदाबाद पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस वीडियो की प्रामाणिकता और इसका अहमदाबाद से होना भी सही साबित हुआ है। यह भी पता चला कि यह घटना इसी रमजान महीने की है।

‘अपनी सहेलियों से भी मिलवाओ’: ब्यावर की तरह ही भीलवाड़ा में भी एक्टिव था ‘मुस्लिम गैंग’, कुछ सदस्य कैफे में करते थे रेप… कुछ बाहर देते थे पहरा

राजस्थान के भीलवाड़ा में ब्यावर जैसा कांड हुआ है। एक युवती के साथ मुस्लिम लड़कों के एक गैंग ने एक साल तक रेप किया। युवती पर अश्लील फोटो-वीडियो से दबाव बनाया जाता था। उसे लगातार ब्लैकमेल करके एक कैफे में ले जाकर रेप किया गया। पीड़िता को अपनी सहेलियों से दोस्ती करवाने को कहा गया। सभी आरोपितों को इस मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

कैफे में हुआ रेप

दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार, भीलवाड़ा की रहने वाली एक युवती ने हाल ही में पुलिस के पास रेप और ब्लैकमेल मामले में FIR दर्ज करवाई थी। युवती ने बताया है कि मार्च 2024 में उसके साथ की एक मुस्लिम लड़की ने उस पर अपने एक भाई अशरफ से मिलने का दबाव बनाया।

युवती जब कैफे में पहुँची तो यहाँ उसको अशरफ के साथ एक और मुस्लिम युवक ने नशीली कॉफ़ी पिला दी। कैफे के भीतर युवती के साथ फिर दोनों लड़कों ने रेप किया। रेप के दौरान उसकी फोटो-वीडियो लिए गए। इस दौरान दूसरे मुस्लिम लड़के कैफे के बाहर खड़े रहे। यह मुस्लिम युवक निगरानी का काम करते थे।

इसके बाद युवती को प्रताड़ित करने का सिलसिला चालू हो गया। युवती ने अपनी शिकायत में बताया है कि अशरफ और दूसरे युवक ने यह अश्लील फोटो दूसरे मुस्लिम लड़कों के साथ साझा की। इसी के सहारे वह उस पर दबाव बनाने लगे। इसके बाद उन्होंने भी युवती के साथ रेप किया।

फोटो-वीडियो भी दूसरे मुस्लिम लड़कों को दिए

इतने तक ही कहानी नहीं रुकी। युवती के फोटो-वीडियो और भी साथियों के साथ बाँटे गए। उसे धमकी दी गई कि अगर वह रेप का विरोध करेगी तो फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएँगे। इसके चलते वह डरती रही और यह आरोपित उसका रेप करते रहे।

युवती के ऊपर अशरफ के एक दूसरे मुस्लिम साथी ने दबाव बनाया कि वह अपनी सहेलियों से बात करवाए। उसने जबरदस्ती उनके सोशल मीडिया हैंडल्स भी ले लिए। यहाँ तक कि एक पार्क में उसके साथ बदतमीजी की, जिसके बाद राहगीरों ने युवती को बचाया।

कोई मिस्त्री-कोई मजदूर

युवती को ब्लैकमेल करने वाले मुस्लिम गैंग के अधिकांश लड़के मजदूर-मिस्त्री का काम करते हैं। इनमें से एक पेंटर है, एक मिस्त्री, एक मजदूर और एक मोटर मैकेनिक के तौर पर काम करता है। मुख्य आरोपित अशरफ सट्टे का काम करता है। एक आरोपित मुस्लिम एक हत्याकांड का आरोपित है।

पुलिस ने इस मामले में FIR होने के बाद कार्रवाई चालू की है। FIR में 9 लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया है। पुलिस ने इनमें से 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम अशरफ, बबलू, सनवीर मोहम्मद, सोयबनर मोहम्मद, फैजान गोरी, सोहेब, खालिद और आमिर हैं।

सांसद बोले- लव जिहाद का मामला

पुलिस ने उनकी मदद करने वाली मुस्लिम लड़की को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने टीमें बना कर इस मामले में जाँच चालू कर दी है। 8 आरोपितों को कोर्ट में पेश करके रिमांड पर भी लिया गया है। पुलिस उनसे पूछताछ भी कर रही है। वकीलों ने इस मामले में मुस्लिम गैंग का केस लड़ने से मना किया है।

इस मामले में भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल ने एसपी से मिलकर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। दामोदर अग्रवाल ने माँग की है कि लव जिहाद के माध्यम से बड़ा षड्यंत्र चल रहा है और भीलवाड़ा मामले में भी यही शक है। दामोदर अग्रवाल ने विदेशी फंडिंग की आशंका भी जताई है।

ब्यावर की तरह है मामला

इससे पहले राजस्थान के ब्यावर में कई हिन्दू लड़कियों को मिस्त्री-मजदूर वाले मुस्लिम गैंग ने कैफे में ले जाकर उनके साथ यौन शोषण किया था। इन हिन्दू लड़कियों की अश्लील फोटो वीडियो के सहारे उन्हें ब्लैकमेल करते थे। लड़कियों से कहा जाता था कि वह अपनी सहेलियों का नम्बर दें।

इस मामले में भी 6-7 मुस्लिम लड़के गिरफ्तार किए गए थे। इस गैंग में कुछ नाबालिग भी शामिल थे। ब्यावर कांड के बाद भीलवाड़ा में भी इसी तरह का मामला सामने आने पर कई संगठनों ने चिंता जताई है।