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7 साल के मासूम का बलात्कार करने वाले सीरियल रेपिस्ट सिकंदर उर्फ़ जीवाणु पर आरोप तय

जयपुर में भट्टा बस्ती की रहने वाली सात साल की मासूम का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म के मामले में सीरियल रेपिस्ट सिकंदर उर्फ़ जीवाणु पर अन्य अपराध सहित पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप तय कर दिए। यह आरोप महानगर की पॉक्सो मामलों की विशेष कोर्ट ने तय किए। इस मामले में पॉक्सो कोर्ट-1 के जज एके अग्रवाल ने शुक्रवार (26 जुलाई 2019) को जीवाणु को आरोप सुनाए, लेकिन उसने सभी आरोपों का खंडन करते हुए पूरे मामले में ट्रायल चाहा है।

इस पर कोर्ट ने अभियोजन के अधिवक्ता एमएस किशनावात को 3 अगस्त को केस से संबंधित साक्ष्य पेश करने के लिए कहा था कि वो पॉक्सो एक्ट के अपराध, चोरी, हत्या व दुष्कर्म जैसे अपराध करने का आदी है। जानकारी के अनुसार, सिंकदर उर्फ़ जीवाणु पर पॉक्सो कोर्ट ने आईपीसी की धारा-323, 341, 363, 376, 376 एबी और पॉक्सो की धारा 3,4,5,6 में आरोप तय किए हैं।

इस मामले में शास्त्री नगर थाना पुलिस ने 24 जुलाई 2019 को चार्जशीट दाख़िल की थी। जीवाणु इससे पहले भी बलात्कार के मामले में सज़ा काट चुका है। उस पर बलात्कार के कई अन्य मामले भी दर्ज हैं।

ग़ौरतलब है कि भट्टा बस्ती में मासूम बच्ची के साथ हुई इस घटना से पूरे इलाक़े में भारी तनाव था। इतना ही नहीं, जब पहली बार जीवाणु को कोर्ट में लाया गया था तो उस दौरान वकीलों अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए उसे पीट दिया था।

जम्मू-कश्मीर में जैश का शीर्ष कमांडर मुन्ना लाहौरी उर्फ बिहारी साथी संग ढेर

जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच शनिवार सुबह मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के शीर्ष पाकिस्तानी कमांडर मुन्ना लाहौरी सहित दो आतंकवादी मारे गए। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दूसरा आतंकवादी लाहौरी का स्थानीय साथी जिन्नत था।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक 19 वर्षीय लाहौरी जैश के लिए लोगों की भर्ती करता था। वह आईईडी बनाने में भी माहिर था और बेहद खतरनाक मंसूबों के साथ भारत आया था।

पीटीआई के अनुसार लाहौरी 30 मार्च को बनिहाल में सेना के काफिले को निशाना बना कर किए गए कार धमाके और पुलवामा के अरिहाल में 17 जून को सेना के वाहन पर किए धमाके में शामिल था, जिसमें दो सैनिकों की जान चली गई थी और नौ अन्य घायल हुए थे।

पुलिस ने बताया कि दक्षिण कश्मीर जिले के बोनबाजार क्षेत्र में आतंकवादियों के मौजूद होने की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने क्षेत्र का घेराव कर के तलाश अभियान शुरू किया था। अभियान के दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलियां चलाईं जिसका बलों ने माकूल जवाब दिया। मुठभेड़ स्थल से हथियार और गोला बारूद भी बरामद किए गए हैं।

बसपा विधायक के फार्म में चल रही थी गोकशी: शकू, जाहिद, ओसफ, जुबैर, नानू और तस्लीम गिरफ्तार

यूपी के बिजनौर पुलिस ने बसपा विधायक रुचि वीरा के फार्म हाउस पर देर रात छापा मारकर गोकशी के आरोप में 6 लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि 7 लोग फरार हो गए। पुलिस ने गोकशी के मामले में 13 आरोपितों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है।

एसपी लक्ष्मी निवास मिश्रा के मुताबिक, थाना कोतवाली शहर बिजनौर के झाकड़ी बांगर गाँव के पास कई बीघा जमीन पर पूर्व सपा विधायक रुचि वीरा का फॉर्म हाउस है। पुलिस को मुखबिर से लगातार सूचना मिल रही थी कि पूर्व विधायक के फार्म हाउस में काफी समय से गोकशी का धंधा चल रहा है। गुरुवार (जुलाई 25, 2019) को पुलिस इलाके में गश्त लगा रही थी कि एक मुखबिर ने उन्हें सूचना दी कि कुछ लोग खेत में गाय का वध कर रहे हैं। मुखबिर ने फार्म के गन्ने के खेत में गोकशी की बात कही। पुलिस जब खेत के लगभग 400 मीटर अंदर पहुँची, तो उन्होंने तकरीबन 12 से 13 लोगों को गाय काटते पाया। इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि 7 अन्य चकमा देकर फरार होने में सफल हो गए। मौके से करीब 2 क्विंटल गोमांस और छुरे आदि बरामद हुए।

एसपी ने बताया कि घटनास्थल पर जो माँस, सींग और चमड़ा जब्त की गई है, शुरुआती जाँच में ये पुष्टि होती है कि वो गाय के ही हैं। हालाँकि, बरामद शरीर के अंगों और माँसों के नमूने प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। इसकी जाँच की जा रही है। आरोपितों की पहचान शकू, जाहिद, ओसफ, जुबैर, गुफरान, नेमुद्दीन, नानू, शकील, नवीन, तस्लीम, रईस, फेम और अबरार के रूप में हुई है। इनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जिसमें से शकू, जाहिद, ओसफ, जुबैर, नानू और तस्लीम को गिरफ्तार किया गया है। इस गोकशी के मामले में पुलिस बसपा विधायक रुचि वीरा के खिलाफ भी संलिप्तता की जाँच कर रही है। विधायक की संलिप्तता पाए जाने पर पुलिस उनके खिलाफ भी कार्रवाई की बात कह रही है।

रुचि वीरा के पति और जिला पंचायत बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष उदयन वीरा ने कहा, “हमारा गो-वध से कोई लेना-देना नहीं है। यह सच है कि झाकरी बांगर में हमारा फार्म है। हमने वहाँ एक चौकीदार रखा है। उसके पास ही उसकी चाबी रहती है। गोहत्या करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। जहाँ भी नापाक हरकतें हो रही हैं, उसे रोकना पुलिस का काम है।”

पुलिस के मुताबिक, साकू रुचि का चौकीदार है और उसकी की मिलीभगत से चोरी छिपे गोकशी कराई जा रही थी। हालाँकि, रुचि वीरा साकू को अपना चौकीदार मानने से इनकार कर रही है। रुचि ने लोकसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी से इस्तीफा देकर बहुजन समाज पार्टी ज्वाइन किया था।

मोहम्मद मुनासिर ने कीर्ति का पीछा किया और भरे बाजार में उसे चाकू घोंपकर मार दिया

साउथ दिल्ली के भोगल इलाके में कल (जुलाई 26, 2019) एक 20-21 साल की लड़की को 25 वर्षीय मोहम्मद मुनासिर ने चाकू घोंपकर मार दिया। ये घटना शुक्रवार को भरे बाजार में शाम करीब 7.30 बजे हुई। इस दौरान मुनासिर ने कीर्ती की गर्दन, छाती और पेट पर कई वार किए।

हालाँकि, बाद में वहाँ मौजूद लोगों ने हत्यारे मुनासिर को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। साथ ही बताया कि उन लोगों के रोकने के बाद भी मुनासिर रुका नहीं और लड़की पर वार करता रहा।

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक चश्मदीदों ने बताया कि करीब 7:30 बजे लड़की भोगल मार्केट से होकर मथुरा रोड की ओर जा रही थी कि तभी आरोपित उसके पीछे आया और उसे धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। इसके बाद उसने लड़की की छाती, गर्दन और पेट चाकू घोंपना शुरू किया।

वहाँ मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने जब उसे रोकने का प्रयास किया तो मुनासिर हाथ में चाकू लेकर उन्हें डराने लगा। लेकिन जब उसने वहाँ से भागने की कोशिश की तो वहाँ मौजूद लोगों ने उसका पीछा किया और उसे पकड़ लिया। इस दौरान गुस्साए लोगों ने उसकी पिटाई भी की। लड़की को फौरन ऑटोरिक्शा करके एम्स अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, लेकिन पुलिस वालों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने हमले के समय इस्तेमाल किए जाने वाला चाकू को बरामद कर लिया है और हत्या के आरोप में मुनासिर पर आईपीसी की 302 धारा के तहत मामला भी दर्ज हो गया है। इलाके के डीसीपी चिनमॉय बिस्वॉल का कहना है कि लोगों द्वारा पीटे जाने के बाद आरोपित की चोटों का इलाज चल रहा है, उसके रिकवर करते ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक बता दें कीर्ती भोगल में अपने भाई के साथ किराए के घर में रहकर नैनी का काम करती थी। उसके माता-पिता तुगलकाबाद निवासी है। वे जब अपने भाई के साथ सराय काले खाँ में रहती थी तब मुनासिर ने उसे देखा था और तब से वो उसका पीछा करता था।

जुम्मे की नमाज से पहले मस्जिद में महमूद पराचा ने दी लोगों को हथियार खरीदने की ट्रेनिंग

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 26 जुलाई को एक मस्जिद के भीतर मॉब लिंचिंग से बचने के लिए समुदाय के लोगों को हथियार खरीदने की ट्रेनिंग दी गई। यह सब कोई और नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट के वकील महमूद पराचा की देख रेख में हो रहा है। पराचा खुद मस्जिद में जुम्मे की नमाज़ से पहले अपने मजहबी भाइयों को हथियारों के बारे में जानकारी दे रहे थे। इस कैंप में उन्होंने लोगों को ‘आत्मरक्षा’ के नाम पर बताया कि वे हथियारों के फॉर्म को कैसे भरें कि उनका फॉर्म रिजेक्ट न हो।

टाइम्स नॉउ द्वारा दिखाई वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि महमूद अपने मजहबी भाइयों से कहते नजर आ रहे हैं कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यकों को पूरे मुल्क में खतरा है। वे उत्तर प्रदेश में भी सुरक्षित नहीं हैं।

उनके मुताबिक उत्तर प्रदेश सरकार एक नया कानून लेकर आने वाली है क्योंकि आज के जो कानून हैं और आज की जो पुलिस व्यवस्था है वो काफी नहीं है। इस दौरान महमूद ने वहाँ बैठे लोगों को ये भी बताया कि बहुत से ऐसी जगहें हैं जहाँ पर हथियार चलाना सिखाया जाता है।

इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट के वकील इस दौरान समुदाय के

लोगों को हथियार खरीदने के लिए उकसाते हुए भी नजर आए। उन्होंने कहा कि अगर हथियार खरीदने के लिए कीमती सामान बेचने की जरूरत हो तो उसे बेचकर भी हथियार खरीदें। महमूद की मानें तो इस तरह की ट्रेनिंग वे 12 जगहों पर देंगे। जिसमें अगली बारी दिल्ली की है।

गौरतलब है कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट के वकील महमूद पराचा ने शिया धर्मगुरू के साथ मिलकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरन इस कैंप के आयोजन का ऐलान किया था। उन्होंने बताया था कि इस कैंप में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को मॉब लिंचिंग से बचने के लिए हथियार खरीदने के बारे में जानकारी दी जाएगी। हालाँकि, इस घोषणा के बाद शिया धर्मगुरू और वकील महमूद पराचा को बहुत आलोचनाओं और FIR का सामना करना पड़ा था। जिसके बाद कल्बे जव्वाद ने अपनी सफाई में यू-टर्न लेते हुए कहा था कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। साथ ही बताया था कि इस कैंप के आयोजक महमूद पराचा ने इस आयोजन को स्थगित कर दिया है और इस कैंप में हथियार चलाने की ट्रेनिंग नहीं दी जाएगी।

‘मानसिक विकृति से ग्रस्त हैं आज़म खान, कड़ी सजा दी जाए’ जौहर यूनिवर्सिटी की 140 बीघा जमीन का पट्टा भी निरस्त

लोकसभा में बीजेपी महिला सांसद रमा देवी पर अपमानजनक टिप्पणी कर चौतरफा आलोचना झेल रहे समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान को एक और बड़ा झटका लगा है। दरअसल, रामपुर में कोसी नदी पर बने आज़म की जौहर यूनिवर्सिटी की करोड़ों की जमीन का पट्टा रद्द कर दिया गया है। आज़म खान ने इस जमीन को उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान लीज पर लिया था। इस जमीन को लीज पर लेते वक्त उन्होंने सभी नियम और कानून को ताक पर रख दिया था। वहीं पूर्व विदेश मंत्री ने ट्वीट करके आजम खान पर हमला बोला और उन्हें कड़ी सजा दिए जाने की माँग की।

जिसके बाद यह मामला एसडीएम अदालत पहुँचा, अब कोर्ट ने इस 140 बीघा जमीन का पट्टा निरस्त करने के आदेश दिए हैं। इस जमीन पर जौहर यूनिवर्सिटी का कैंपस बना हुआ है। इससे पहले भी कोर्ट ने जौहर यूनिवर्सिटी के बीच से गुजरने वाली सड़क को लेकर 3.27 करोड़ का जुर्माना लगाया था, साथ ही 15 दिन के भीतर यूनिवर्सिटी गेट को हटाने का आदेश दिया था।

एसडीएम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जौहर यूनिवर्सिटी की 140 बीघा जमीन के पट्टे को रद्द किया जाता है। यह जमीन 2013 में मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट ने 30 साल से राज्य सरकार से लीज पर ली गई थी। कोर्ट ने माना कि यह कोसी नदी की रेतीली जमीन है, जो कि सार्वजनिक है। इस जमीन को गलत तरीके से लीज पर लिया गया था। रामपुर जिला प्रशासन ने अपनी जाँच में बताया कि जौहर यूनिवर्सिटी की आधी से ज्यादा जमीन को फर्जीवाड़ा कर हड़पा गया है।

गौरतलब है कि, जमीन कब्जाने के 23 से अधिक मामलों में फँसे आज़म खान को रामपुर प्रशासन ने भू-माफिया घोषित कर दिया है। साथ ही उनका नाम राज्य सरकार के एंटी-भू माफिया पोर्टल पर भी सूचिबद्ध कर दिया गया है। आजम खान और उनके साथी आलेहसन पर आलियागंज के 26 किसानों की जमीन हड़पने का आरोप है। पीड़ित लोगों का आरोप है कि आजम खान ने अपने ओहदे और पद का इस्तेमाल करते हुए जौहर विश्वविद्यालय के लिए जमीन हथिया ली। जौहर विश्वविद्यालय के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के शासन में भी इस तरह के आरोप लगे थे। लेकिन सरकार में होने के बावजूद उन पर कभी किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई थी।

वहींं, महिला सांसद रमा देवी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने को लेकर स्पीकर ओम बिड़ला ने शुक्रवार (जुलाई 26, 2019) को सर्वदलीय बैठक की, जिसमें सर्वसम्मति से ये फैसला लिया गया कि आज़म खान माफी माँगे, नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। रमा देवी ने सरकार और स्‍पीकर के सामने माँग रखी कि आज़म खान सोमवार (जुलाई 29, 2019) को बिना शर्त लोकसभा में माफी माँगे और अगर वे माफी नहीं माँगते हैं तो उन्‍हें 5 साल के लिए निलंबित किया जाए। 

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “आज़म खान द्वारा बार-बार दिए गए ऐसे बयान यह साबित करते हैं कि वह मानसिक विकृति से ग्रस्त हैं। कल संसद में महिला सभापति को संबोधित करते हुए दिया गया उनका बयान बदसलूकी की सारी हदें पार कर गया। संसदीय मर्यादा का तकाज़ा है कि आजम खान को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।”

सोनभद्र नरसंहार: 4 और आरोपितों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, अब तक कुल 39 हिरासत में

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में जमीनी विवाद में हुई 10 लोगों की हत्या मामले में पुलिस ने 4 और आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अब तक 39 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिसमें से 18 आरोपित नामजद हैं। पुलिस ने शुक्रवार (जुलाई 26, 2019) को हत्या मामले में नामजद आरोपित सोनू सिंह समेत मुन्नू, राम नगीना और विनय कुमार को हिरासत में लिया। इन चारों आरोपितों को घोरावल कोतवाली पुलिस ने नगर के मुक्खा तिराहे से गिरफ्तार किया।

गौरतलब है कि इससे पहले, पुलिस ने गुरुवार (जुलाई 25, 2019) को नामजद आरोपित रमेश को गिरफ्तार किया था। हत्या के मुख्य आरोपित ग्राम प्रधान यज्ञदत्त, उनके भाई और भतीजे को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में पुलिस ने 28 लोगों के खिलाफ नामजद जबकि 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

उम्भा गाँव में हुए खूनी संघर्ष के बाद आईबी को कई युवाओं के अंडरग्राउंड होने की भी सूचना मिली है। ऐसे में खूफिया एजेंसी को डर है कि अगर संवेदनाओं का फायदा उठाकर बस्तर के नक्सली यहाँ पहुँचते हैं तो किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। 1996 से लेकर 2012 तक ये गाँव नक्सल आंदोलन का शिकार रहा। लेकिन 17 जुलाई जैसी घटना यहाँ उस समय में भी नहीं हुई थी। 17 जुलाई से पहले इस इलाके को शांत माना जाता था लेकिन अब खूफिया एजेंसी को डर है कि नक्सली गाँव वालों की संवेदना को हथियार बनाकर यहाँ अपने पैर पसारने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए खुफिया एजेंसी उम्भा गाँव में होने वाली गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और नक्सलियों को चिह्नित करने की कोशिशों में भी जुटी हुई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए हत्या मामले में गठित जाँच समिति की संस्तुति पर सोनभद्र के घोरावल के SDM, CO घोरावल, इंस्पेक्टर घोरावल समेत पाँच अधिकारियों व कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था। वहीं, सीएम ने इस घटना के लिए स्पष्ट तौर पर कॉन्ग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा था कि इस घटना की नींव 1955 में ही पड़ गई थी, जब कॉन्ग्रेस की सरकार थी। सोनभद्र के विवाद के लिए 1955 और 1989 की कॉन्ग्रेस सरकार दोषी है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोनभद्र में जो घटना घटी है, उसकी नींव 1955 में रखी गई थी। 1955 में कॉन्ग्रेस की सरकार ने सोनभद्र में पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के नाम पर जनजाति के लोगों की भूमि को एक पब्लिक ट्रस्ट के नाम कर दिया। वर्ष 1989 में उस ट्रस्ट से जुड़े लोगों के नाम पर वह जमीन कर दी गई। वर्ष 2017 में वह जमीन कुछ लोगों को बेची गई। यह कैसे हुआ, इसका परीक्षण भी जाँच कमिटी करेगी। इस गड़बड़ी की जाँच के लिये राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है।

महाराष्ट्र: पहाड़ी पर विराजमान भगवान शिव की मूर्ति टूटी, जॉंच जारी

सोशल मीडिया पर महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के प्रतापगढ़ से भगवान शिव की एक मूर्ति टूटने की खबर सामने आई है। ट्विटर यूज़र के अनुसार शिव की यह मूर्ति करीब 400 साल पुरानी है जिसे एक हिन्दू राजा ने बनवाया था।

ट्विटर यूज़र ने आगे लिखा है कि इसी स्थान के पास ख्वाजा उस्मान गनी हारूनी की दरगाह भी है जो कि एक मुस्लिम शासक ने बनाई थी। इस कारण यह जगह हिन्दू और मुस्लिम दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।

ट्विटर यूज़र ने लिखा है- “आज ही स्थानीय मीडिया में यह बात सामने आई है कि शिव की यह विशाल मूर्ति कुछ ‘शांतिदूतों’ ने तोड़ दी है। शांति दूतों ने असल में भगवान की प्रतिमा नहीं, बल्कि सौहार्द को तोड़ा है और यह सन्देश दिया है कि ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ कुछ नहीं होती है।”

हालाँकि प्रशासन का कहना है कि जाँच की जा रही है और प्राकृतिक बिजली गिरने के कारण भी मूर्ति टूट सकती है। अधिकारियों द्वारा आज इस स्थान का निरीक्षण भी किया गया। मूर्ति करीब 20 फुट ऊँची थी, जिस वजह से किसी व्यक्ति द्वारा इसे तोड़ा जाना संभव नहीं लगता है। अधिकारियों ने जल्दी ही यहाँ नई मूर्ति स्थापित करने की बात कही है।

राज्य के पूर्व मंत्री राजकुमार बदौले भी मौके पर पहुँचे और घटना के सन्दर्भ में अधिकारियों से जानकारी ली। महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री स्वयं इस घटना पर नजर रख हुए हैं।

अक्षरधाम मंदिर पर हमले का मुख्य आरोपित यासीन बट अनंतनाग में गिरफ्तार

गुजरात में अक्षरधाम मंदिर पर हुए आतंकी हमले के मुख्या आरोपित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी यासीन बट को आज कश्मीर के अनंतनाग में गिरफ्तार कर लिया गया। उसे गुजरात एटीएस ने गिरफ्तार किया है। वर्ष 2002 में अक्षरधाम मंदिर पर हुए आतंकी हमले में 30 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 80 से ज्यादा घायल हो गए थे।

जम्मू-कश्मीर पुलिस की मदद से यासीन बट को साउथ कश्मीर के अनंतनाग से पकड़ा गया। वहाँ से गुजरात एटीएस की स्पेशल टीम उसे अहमदाबाद ले गई।

सितंबर 24, 2002 को गुजरात के गाँधीनगर के प्रसिद्ध अक्षरधाम मंदिर में 2 आतंकियों ने हमला किया था। एनएसजी के कमांडो की मदद से करीब 12 घंटे चले ऑपरेशन के बाद आतंकियों को मार गिराया गया था। हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों की यासीन बट ने मदद की थी। यासीन के अलावा, मोहम्मद फारूख शेख ने भी इस आतंकी हमले में वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई थी, जिसे गत वर्ष सऊदी अरब से लौटते हुए गिरफ्तार कर लिया गया था।

चौथी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने येदियुरप्पा, कुमारस्वामी के आदेशों पर लगाई रोक

करीब एक महीने से चल रहा था कर्नाटक का ‘नाटक’ खत्म हो चुका है। काफी जद्दोजहद के बाद आखिरकार बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा ने शुक्रवार (जुलाई 26, 2019) को सीएम पद की शपथ ले ली। वह चौथी बार मुख्यमंत्री का कमान संभालेंगे। कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने उन्हें शपथ दिलाई है। इसके साथ ही राज्‍यपाल ने उन्‍हें एक सप्‍ताह के अंदर अर्थात 31 जुलाई तक बहुमत साबित करने के लिए कहा है। उनके शपथ ग्रहण में बीजेपी के वरिष्‍ठ नेताओं के साथ ही कॉन्ग्रेस के निलंबित विधायक रोशन बेग भी शामिल हुए।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुख्‍यमंत्री पद की शपथ लेते ही येदियुरप्पा के एक आदेश ने सरकारी महकमे में खलबली मचा दी है। दरअसल, मुख्‍य सचिव ने सभी उपसचिवों को पत्र लिखकर कुमारस्‍वामी द्वारा जुलाई में दिए गए सभी आदेशों को रोकने की सख्त हिदायत दे दी है।

बता दें कि कॉन्ग्रेस-जद (एस) गठबंधन सरकार के मंगलवार को शक्ति परीक्षण में असफल रहने के बाद से येदियुरप्पा सरकार गठन का दावा पेश करने के लिए पार्टी आलाकमान से निर्देश मिलने का इंतजार कर रहे थे। इसे लेकर जगदीश शेट्टार, अरविंद लिंबावली, मधुस्वामी, बसवराज बोम्मई और येदियुरप्पा के बेटे विजयेंद्र समेत कर्नाटक बीजेपी के नेताओं ने गुरुवार को नई दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की थी और ऐसा बताया जा रहा है कि उन्होंने सरकार गठन के बारे में चर्चा की थी।