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मूसा-बुरहान वानी की ज़मीन है त्राल: BJP से आगाह कर बोले उमर अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने त्राल को आतंकी बुरहान वानी और जाकिर मूसा की जमीन बताया है। लोगों से चुनाव का बहिष्कार नहीं करने और भाजपा से सावधान रहने की अपील करते हुए उन्होंने यह बात कही।

श्रीनगर में एक रैली को संबोधित करते हुए नेशनल कॉन्फ्रेन्स के उपाध्यक्ष उमर ने आतंकियों का महिमामंडन करने वाला यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि त्राल से एक बीजेपी विधायक को जीत मिली जहां का बुरहान वानी और जाकिर मूसा रहने वाला था। अब उनकी (बीजेपी) नजरें कुछ और दूसरी विधानसभाओं पर है।

उमर अब्दुल्ला ने कहा, “हमें इन साज़िशों से लड़ना होगा। हम कमज़ोर होते हुए भी इन साज़िशों से नहीं लड़ सकते। हमें शक्तिशाली होने की ज़रूरत है। फारूक अब्दुल्ला ने केवल 10 फ़ीसदी वोट हासिल करके चुनाव जीता। मैं उन्हें बताना चाहूँगा कि यह उनकी विफलता का प्रमाण है कि केवल 10 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया।”

अब्दुल्ला ने यह कहते हुए त्राल के मतदाताओं को रिझाने का प्रयास किया कि वे चुनाव का बहिष्कार न करें। उन्होंने कहा, मतदान का बहिष्कार करना एक ख़तरनाक स्थिति है। अगर मतदाताओं ने बहिष्कार किया तो वही हाल हो सकता है जो लोकसभा चुनाव में हुआ था। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में उस इतिहास को दोहराना नहीं है।

यहाँ इस बात का उल्लेख करना जरूरी है कि पिछले साल, नेशनल कॉन्फ्रेन्स और पीडीपी दोनों ने जम्मू और कश्मीर में स्थानीय निकाय चुनावों का बहिष्कार किया था।

अनंतनाग ज़िले के कोकेरनाग क्षेत्र में 2016 में एक मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी को सशस्त्र बलों ने मार गिराया था। 23 मई, 2019 को अंसार ग़ज़ावत उल-हिंद के तथाकथित प्रमुख ज़ाकिर मूसा मारा गया था। मूसा अल-क़ायदा का कश्मीर प्रमुख था।

कहब त लग जाइ धक से, औरतन पर समाजवदियन के बोल बहके फक्क से

इसे समाजवादी पार्टी यानी सपा का चाल-चरित्र कहें या कमर के ऊपर सोच नहीं पाने की कुव्वत। पार्टी नेताओं में महिलाओं को लेकर ओछी टिप्पणी करने की होड़ लगी रहती है। इस होड़ और इससे मिलने वाली सुर्खियों का नशा इन पर कुछ ऐसा चढ़ता है कि वे बेहद सहजता से महिलाओं के साथ होने वाले हर अपराध के लिए पीड़िता को ही कठघरे में खड़ा कर देते हैं।

जब सपा की नींव रखने वाले मुलायम सिंह यादव सार्वजनिक तौर पर बलात्कार का यह कहकर बचाव करें कि “लड़के हैं, गलती हो जाती है” तो नीचे क्यों न होड़ लगे? इसी होड़ में लोकसभा के भीतर रामपुर से सपा सांसद आजम खान सदन की अध्यक्षता कर रहीं रमा देवी से कह बैठते हैं,“आप मुझे इतनी अच्छी लगती हैं कि मेरा मन करता है कि आपकी आँखों में आँखें डाले रहूॅं।” ये वही आजम खान हैं, जिन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान इशारों-इशारों में प्रतिद्वंद्वी महिला उम्मीदवार की अंडरवियर का कलर तक बता दिया था।

समस्या केवल बहके बोल ही नहीं है। बचाव में गढ़े जाने वाले तर्क बताते हैं कि इस पार्टी के लिए कामुक टिप्पणियॉं कितनी आम बात है। पार्टी आलाकमान के घर की पढ़ी-लिखी सांसद रह चुकी बहू महिला के अंडरवियर का रंग बताए जाने को ‘छोटी सी बात’ बताती हैं। आँखों में आँखें डालने को सपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ‘कविता’ बताते हैं। तो आजम खान की हमसफर तजीन फातिमा की दलील है कि उर्दू में मिठास ही इतनी है कि उनके पति के कहे का लोगों ने गलत मतलब निकाल लिया।

आगे बढ़ने से पहले एक नजर सपा नेताओं के बहके बोल पर डालिए।

मुलायम सिंह यादव

  • साल 2010 में महिला आरक्षण विधेयक के विरोध में टिप्पणी करते हुए कहा था, ”वर्तमान स्वरूप में महिला आरक्षण विधेयक पास हुआ तो संसद में उद्योगपतियों और अधिकारियों की ऐसी-ऐसी लड़कियाँ आ जाएँगी जिन्हें देखकर लड़के पीछे से सीटी बजाएँगे।”
  • साल 2012 में बाराबंकी में कहा था कि समृद्ध तबके की महिलाएँ ही अपने जीवन में आगे बढ़ पाएँगी। गाँव की महिलाओं को कभी मौक़ा नहीं मिलेगा, क्योंकि ये आकर्षक नहीं होतीं।
  • 2014 में बलात्कार के आरोपियों का बचाव करते हुए कहा “लड़कों से गलती हो जाती है, लेकिन उन्हें मौत की सजा देना गलत है। अगर हम सरकार में आए तो हम कानून में संशोधन करेंगे।”

अबु आजमी

  • साल 2013 में महिलाओं पर विवादित टिप्पणी देते हुए कहा था कि फैशन और नग्नता भारत की वर्तमान स्थिति के लिए जिम्मेदार है।अपने विवादास्पद बयान में आजमी ने यह भी कहा था कि अगर बलात्कार के दोषियों के लिए मौत की सजा का कानून हो सकता है तो ऐसा कानून भी होना चाहिए जो महिलाओं के देर रात तक घूमने और गैर मर्द के साथ घूमने पर रोक लगाए।
  • 2013 में ही कहा था कि औरतें सोने की तरह कीमती होती हैं, अगर उन्हें खुला छोड़ा तो उन्हें लूट लिया जाएगा।
  • एक बार कहा था, “महिलाओं को बाहर जाने की आजादी है लेकिन बस परिवार के साथ। मैं अपने बेटे को रात में बाहर भेज सकता हूँ लेकिन अपनी बेटी को नहीं। मैं पहले भी कह चुका हूँ कि महिलाएँ सोने की तरह कीमती हैं। आजकल कहीं भी महिलाओं के ऊपर हमला हो जा रहा है इसलिए हमें इससे बचने के उपाय करने चाहिए।”

सपा के अन्य नेता

  • तहलका संपादक तरुण तेजपाल पर बलात्कार का मुकदमा दायर होने के बाद तत्कालीन सपा नेता नरेश अग्रवाल ने बड़ा ही विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था, “जब महिला हिंसा को रोकने का कानून बनाया जा रहा था, तभी मैंने कहा था कि एंटी रेप बिल की वजह से अधिकारी महिलाओं को नौकरी पर रखने से कतराएंगे। मुझे पता चला है कि कई अधिकारी महिला पीए रखने से कतराते हैं।”
  • राम गोपाल यादव के अनुसार बॉलीवुड की हीरोइन मुंबई के बार डांसर्स से भी अश्लील हैं।
  • शिव चरण प्रजापति ने कहा बलात्कार के लिए महिलाएँ ज्यादा जिम्मेदार होतीं हैं।
  • साल 2013 में असम गैंगरेप मामले में प्रतिक्रिया देते हुए नरेश अग्रवाल ने कहा था,  “इस तरह कि चीजें दैनिक आधार पर होती रहती हैं। मैंने दिल्ली में भी हुई ऐसी घटनाओं के बारे में पढ़ा। मैं समझता हूँ कि आखिर क्यों मीडिया कई बार एक बलात्कार पर फोकस करता है, जबकि दूसरे को नजरअंदाज कर देता है।”
  • आजम खाम के बेटे अब्दुल्लाह आजम ने एक रैली में जया प्रदा को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा “अली भी हमारे…बजरंग बली भी चाहिए, लेकिन अनारकली नहीं चाहिए।”
  • मुरादाबाद से सपा सांसद एसटी हसन ने ट्रिपल तलाक बिल पर कहा “बीवी को गोली मारने या जला कर मरने से अच्छा है कि उसे तलाक दे दें।” जायरा वसीम के बॉलीवुड छोड़ने के फैसले का समर्थन करते हुए हसन साहब ने बॉलीवुड हीरोइनों को ‘तवायफ’ बता दिया था।

अब आप समझ ही गए होंगे कि समाजवादी पार्टी से जुड़े दिग्गज़ नेताओं के लिए सेक्सिस्ट कमेंट करना कोई बड़ी बात नहीं। वे चाहे न चाहे उनके भाषणों में उनकी सोच नजर आ ही जाती है। ये महिलाओं पर बात करते हुए सिर्फ़ राजनीति के नाम पर अपनी धूर्तता का प्रदर्शन करते हैं। उनकी छवि को बूस्ट करने में वे तथाकथित नारीवादी ढाल बनती हैं, जिन्हें एक विशेष पार्टी पर हमला करने के लिए महिला के सिंदूर और मंगलसूत्र से तो दिक्कत है, लेकिन सपा ‘नायकों’ की कथनी से उन्हें कोई दर्द नहीं होता।

लाल आतंक: 5 CPIM कार्यकर्ताओं को BJP नेता की हत्या के मामले में उम्रकैद

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के 5 कार्यकर्ताओं को एक सत्र अदालत ने शुक्रवार (जुलाई 2, 2019) को को 2008 में भाजपा कार्यकर्ता की हत्या करने के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। केरल स्थित थालास्सेरी के अतिरिक्त जिला सत्र न्यायालय के न्यायाधीश पीएन विनोद ने केवी सुरेंद्रन (62) की हत्या के दोषियों पर 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह राशि भाजपा नेता केवी सुरेन्द्रन को देने के भी निर्देश दी गए हैं।

अदालत ने मामले में थिरुवांगोद निवासी अखिलेश (35 वर्ष), एम कलेश (36 वर्ष), एम लिजेश (32 वर्ष), विनेश (25 वर्ष) और पीके शैजोश (28 वर्ष) को सजा सुनाई। अदालत ने इस हत्या के मामले में दो व्यक्तियों को बरी कर दिया।

दोषियों ने राजनीतिक द्वेष के कारण मार्च 07, 2008 को भाजपा नेता केवी सुरेंद्रन की उनके घर पर धारदार हथियारों से हत्या कर दी थी। इसके बाद पुलिस घायल सुरेन्द्रन को लेकर अस्पताल पहुँची जहाँ उन्होंने दमतोड़ दिया था।

अन्य दलों के सदस्यों के खिलाफ वामपंथी हिंसा, विशेष रूप से भाजपा, अक्सर खूनी संघर्ष में बदलती देखी गई है। इस तरह के ही ताजा मामले में, विश्वविद्यालय के एक छात्र को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के सदस्य ने चाकू मार दिया था। SFI CPI-M की छात्र शाखा है। विश्वविद्यालय में छात्रों ने घटना के बाद विश्वविद्यालय में कम्युनिस्ट कैडर के आतंक का खुलासा किया था।

पाकिस्तानी क्रिकेटर की रंगीन मिजाजी ऐसी, सिंगल बता कई महिलाओं से डेट

पाकिस्‍तान के सलामी बल्‍लेबाज इमाम उल हक पर लड़कियों से अफेयर रखने और उन्‍हें धोखा देने का आरोप लगा है। एक ट्विटर यूजर के द्वारा लड़कियों के साथ उनकी कथित व्हाट्सऐप चैटिंग के स्‍क्रीनशॉट को लीक करने के बाद ये सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें इमाम कथित तौर पर लड़कियों को अश्लील संदेश भेजते थे। इसके वायरल होने के बाद उन पर स्टारडम का इस्तेमाल करते हुए लड़कियों का शोषण करने का आरोप लगाया गया है।

पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, ट्विटर उपयोगकर्ता ने दावा किया कि ये चैट पिछले 6 महीनों में हुई हैं, यानी कि हाल ही में संपन्न हुए आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2019 के दौरान भी वो इन लड़कियों से चैट किया करते थे। जिस ट्विटर हैंडल से चैट की स्क्रीनशॉट लीक हुई थी, खबर लिखते समय वो ट्विटर अकाउंट मौजूद नहीं था।

बता दें कि, इस ट्विटर हैंडल पर इमाम उल हक को टैग करते हुए कुछ स्क्रीनशॉट शेयर किए गए। जिसमें लिखा गया कि इमाम खुद को हमेशा सिंगल बताते रहते हैं, लेकिन वो 7 से 8 महिलाओं के साथ डेटिंग कर रहे थे और उनका शोषण भी कर रहे थे।

इमाम उल हक के चैट की फोटो लीक करने वाले ट्विटर हैंडल का स्क्रीनशॉट

इस ट्वीट पर विभिन्न ट्विटर यूजर्स और इमाम के प्रशंसकों की मिश्रित प्रतिक्रियाएँ सामने आईं। जहाँ कुछ ने लड़कियों को दोषी ठहराते हुए पाकिस्तानी खिलाड़ी का बचाव किया, तो वहीं अन्य ने इमाम के व्यवहार की आलोचना की। कुछ लोगों ने तर्क दिया कि यह मामला #MeToo आंदोलन में सामने आए अन्य मामलों की तरह नहीं है, इसलिए इसे इस तरह से वर्गीकृत करना गलत होगा।

कुछ ऐसे भी लोग थे, जिन्होंने उस ट्विटर यूजर की आलोचना की, जिसने क्रिकेटर की बातचीत के इन स्क्रीनशॉट को शेयर किया और बाद में अपना अकाउंट डिलीट कर लिया। उन्होंने उसे अटेंशन सीकर बताया, जिसने माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर पब्लिसिटी पाने और ध्यान आकर्षित करने के लिए खिलाड़ी के चैट का इस्तेमाल किया।

जियो टीवी के खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने इस मुद्दे को व्यक्तिगत बताते हुए विवाद से दूर रहने का फैसला किया है।

इमाम उल हक हाल ही में संपन्न हुए विश्व कप में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। उन्होंने इंग्लैंड में बेहतरीन प्रदर्शन किया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक अर्धशतक और बांग्लादेश के खिलाफ एक शतक बनाया था। हालाँकि, पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सकी थी और इसकी वजह से टीम को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।

कारगिल दिवस पर उमर-शेहला-महबूबा भूले ट्विटर पासवर्ड, ट्वीट करने वाली स्याही खत्म

सोशल मीडिया पर अक्सर हर दूसरी बात पर उपद्रव मचाने वाले लोगों के पास कारगिल विजय दिवस के बीस वर्ष पूरे होने पर शब्दों का अकाल दिख रहा है। इनमें कुछ ऐसे भी हैं, जो ऐसे परिवारों से सम्बन्ध रखते हैं, जिन्होंने सालों कश्मीर पर राज किया।

कारगिल विजय दिवस पर अपने ट्विटर एकाउंट डिटेल्स भूल चुके इन चंद लोगों में उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ़्ती और शेहला रशीद प्रमुख ‘अभियुक्त’ हैं! इस सूची में कॉन्ग्रेस पार्टी के ‘संभावित अध्यक्ष’ राहुल गाँधी आते-आते रह गए, क्योंकि राहुल गाँधी के ट्विटर एकाउंट से कारगिल विजय दिवस पर कुछ देर पहले ही एक ट्वीट आया है।

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राहुल गाँधी पर जिम्मेदारियाँ ज्यादा हैं, इस कारण उनकी सुबह जरा देर से शुरू होती है। यह भी गौर करने लायक बात है कि कॉन्ग्रेस विजय दिवस मनाने से कतराती आई है, क्योंकि उसके अनुसार यह भाजपा की जीत है। यही वजह है कि UPA सरकार के ज़माने में 2004-2009 तक कारगिल दिवस नहीं मनाया जाता था। इसके बाद जब राहुल गाँधी का ट्वीट आया तो लोग उन्हें गुड मॉर्निंग कहना नहीं भूले।

(इसके बारे में आप विस्तृत रूप से इस लिंक पर पढ़ सकते हैं)

उमर अब्दुल्ला हों या फिर शेहला रशीद, सोशल मीडिया पर अफवाहों और मनगढ़ंत मुद्दों पर अपने प्रलापों की वजह से अक्सर चर्चा में बने रहने वाले इन सभी का कारगिल विजय की वर्षगाँठ पर सन्नाटे में चले जाना तो यही दर्शाता है कि इनकी खुशियाँ और प्राथमिकताएँ अन्य नागरिकों से भिन्न हैं। यह भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि कारगिल युद्ध के समय फारूख अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री थे। आज, कारगिल विजय की 20वीं वर्षगाँठ पर वो किस मजबूरी में खामोश हो सकते हैं, यह शोध का विषय है।

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JNU की फ्रीलांस प्रोटेस्टर शेहला रशीद, जिन पर कठुआ रेप पीड़ितों के लिए जमा किए गए चंदे को अकेले डकार जाने के भी आरोप लगते आए हैं, पुलवामा आतंकी हमले के वक़्त अफवाह और उन्माद फैलाने के लिए पचहत्तर ट्वीट प्रति मिनट की रफ़्तार से ट्वीट करते हुए देखी गई थी। आज वही शेहला रशीद शायद किसी जरूरी मीटिंग या दैनिक जीवन की व्यस्तता के बीच कारगिल विजय दिवस पर भारतीय सैनिकों के नाम 2 शब्द लिख पाने में भी असमर्थ रहीं।

इस जमात में शामिल लोग कुछ छुटपुट ट्वीट कर भी रहे हैं तो वो मात्र गोबर से गैस बनाने की ही प्रक्रिया है।

एक नजर कुछ चुनिंदा ऐसी हस्तियों पर जो आम तौर पर ट्विटर पर ‘सुई से लेकर सब्बल’ तक पर निबंध लिखते देखे जाते हैं, लेकिन कारगिल विजय दिवस समारोह के अवसर पर इनके कीबोर्ड की स्याही खत्म हो गई –

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माफी नहीं मॉंगी तो आजम खान पर होगी कार्रवाई, बचाव में बीवी बोली- उर्दू की मिठास से गलतफहमी

लोकसभा में गुरुवार (जुलाई 25, 2019) को सपा सांसद आज़म खान द्वारा भाजपा सांसद रमा देवी के ऊपर दिए गए आपत्तिजनक बयान को लेकर सभी महिला सांसदों के तल्‍ख तेवर देखने को मिले हैं, इन सभी सांसदों ने एक सुर में लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से एक्शन लेने की माँग की थी। इसे लेकर स्पीकर ने विपक्षी नेताओं के साथ सर्वदलीय बैठक की। इस बैठक में फैसला लिया गया कि आजम खान लोकसभा में माफी माँगे, नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी तो वहीं आज़म खान की पत्नी तजीन फातिमा उनके बचाव में उतर आई हैं।

तजीन का कहना है कि आज़म खान को साजिश के तहत फँसाया जा रहा है। वो एक अच्छे वक्ता हैं। इसलिए उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है, ताकि वो संसद में ना बोल पाएँ। फातिमा ने कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं बोला है, जिसको लेकर उनके ऊपर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं। उर्दू भाषा में ऐसी मिठास है, जिसकी वजह से ऐसा लग रहा है। तजीन का कहना है कि उन्हें जया प्रदा के मामले में भी फँसाया गया था, जिससे कि वो लोकसभा न पहुँच सकें और अभी भी विधानसभा उपचुनाव आ रहा है, जिसको लेकर उन्हें फँसाया जा रहा है।

महिला सांसद के ऊपर की गई टिप्पणी को केंद्रीय मंत्री स्‍मृति ईरानी, वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण, टीएमसी सांसद मिमी चक्रवर्ती समेत अन्‍य सांसदों ने निंदनीय और शर्मनाक बताया है। स्‍मृति ईरानी ने तो आजम खान को पुरुष सांसदों पर धब्‍बा तक बता दिया है तो वहीं खुद शिवहर से भाजपा सांसद रमा देवी ने आजम खान के निलंबन की माँग की है।

रमा देवी ने सरकार और स्‍पीकर से कहा कि आजम खान सोमवार को बिना शर्त लोकसभा में माफी माँगे। अगर वे माफी नहीं मागते हैं तो उन्‍हें 5 साल के लिए निलंबित किया जाए। उन्‍होंने स्‍पीकर और सरकार के सामने ये माँग रखी है।

पाकिस्तान ने कहा 2022 तक स्पेस में भेजेंगे इंसान, लोग बोले- चंदा मामा दूर के

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी के एक ऐलान से सोशल मीडिया में पाकिस्तान का मजाक बन गया। उन्होंने ट्वीट कर बताया कि पाकिस्तान 2022 में चीन की मदद से अपने पहले व्यक्ति को अंतरिक्ष में भेजेगा। इसके लिए चयन प्रक्रिया फरवरी 2020 से शुरू होगी।

असल में, पाकिस्तान के पास न तो कोई अंतरिक्ष प्रोग्राम है और न ही स्पेस स्ट्रक्चर। उसकी आर्थिक स्थिति भी दयनीय है। इस सूरते हाल में चौधरी के दावे पर सवाल उठने ही थे और सोशल मीडिया यूजर्स ने इसमें देर भी नहीं लगाई।

अपने मंत्री के इस ऐलान को पाकिस्तानियों ने भी गंभीरता से नहीं लिया। मीर मोहम्मद अली खान ने ट्वीट किया, “मैं कुछ लोगों को नामित करना चाहता हूँ। लेकिन, आपको मुझसे वादा करना होगा कि उन्हें वापस नहीं लाया जाएगा।”

चौधरी ने बताया कि अंतरिक्ष में भेजने के लिए 50 लोगों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद यह सूची 25 पर आएगी और 2022 में पाकिस्तान अपने पहले व्यक्ति को अंतरिक्ष में भेज देगा। उनके मुताबिक यह क्षण पाकिस्तान के लिए ऐतिहासिक अवसर होगा।

चौधरी की इस घोषणा के बाद ट्विटर पर हैशटैग पाकिस्तान ट्रेंड करने लगा। सोशल मीडिया एक्टिविस्ट और टीवी पत्रकार गुल बुख़ारी ने उनके ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए कहा, ”क्या आप उपलब्धियाँ बता सकते हैं जो अंतरिक्ष में एक पाकिस्तानी को भेजने के लिए पैसे खर्च करेंगे? अब तक तो कोई वैज्ञानिक उपलब्धियाँ नहीं दिखी हैं।”

सलमान हैदर ने ट्वीट किया है, “हमारे पास स्वीमिंग पूल नहीं है इसलिए हम जंगल में डूबेंगे, लेकिन हम डूबेंगे।।”

ट्विटर यूज़र वहीद ने लिखा, “हमें इस तरह की चीज़ों की ज़रूरत नहीं है। लोग यहाँ भूख से मर रहे हैं और आप लोग पाकिस्तानी आवाम के पैसे को अपने ऐश-ओ-आराम के लिए उड़ा रहे हैं। सबसे पहले यहाँ ग़रीबी को दूर कीजिए उसके बाद अंतरिक्ष पर भेजने की बात कीजिए।”


बच्चा चोर समझ ग्रामीणों ने 3 कॉन्ग्रेस नेताओं को पीटा, 5 के खिलाफ FIR

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में घर लौट रहे तीन कॉन्ग्रेसी नेताओं को गाँव वालों ने बच्चा चोर समझकर बेरहमी से पीट दिया। घटना बैतूल के शाहपुर थाना इलाके के शीतल झिरी गाँव की है। गुरुवार (जुलाई 25, 2019) की देर रात तीनों नेता एक समारोह में शामिल होकर कार से घर लौट रहे थे।

रास्ते में ग्राम नवल सिंग ढाना रोड पर झाड़ियाँ पड़ी हुई थी। बीच रास्ते झाड़ियाँ पड़ी देखकर तीनों नेता घबरा गए और अपनी कार वापस गाँव की तरफ ले जाने लगे। इसी बीच आस-पास छिपे ग्रामीणों ने उन पर हमला कर दिया। जब तक वो कुछ समझ पाते, तब तक लाठी, पत्थरों से गाँव वालों ने उनकी कार पर हमला कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने कार में बैठे तीनों नेताओं को बाहर निकाला और उनकी पिटाई शुरू कर दी।

कॉन्ग्रेस नेता किसी तरह गाँववालों के चंगुल से छूटे और पुलिस से शिकायत की। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी दीपक पाराशर घटनास्थल पर पहुँचे। तब तक ग्रामीण वहाँ से भाग चुके थे। जिन लोगों के साथ मारपीट हुई है, उनकी पहचान कॉन्ग्रेस जिला महामंत्री धर्मेंद्र शुक्ला, जनपद सदस्य धरमू सिंग लांजीवार और आदिवासी कोरकु समाज के तहसील अध्यक्ष ललित बारस्कर के रूप में हुई है। 5 के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।

शाहपुर पुलिस ने पीड़ित धर्मेंद्र शुक्ला की शिकायत पर शीतल झिरी गाँव के 5 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है। आरोपितों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने ग्रामीणों को बच्चा चोर की अफवाह पर ध्यान न देने और गाँव में संदिग्ध व्यक्ति को देखने पर तत्काल सूचना देने की हिदायत दी है।

आखिरकार लौट आए राहुल गाँधी, एक हफ्ते बाद सांत्वना देने पहुँचे शीला दीक्षित के घर

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस की वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित को देह त्यागे एक हफ्ता बीत चुका है। लेकिन राहुल गाँधी को उनके परिवार से मिलकर सांत्वना देने का समय आज (जुलाई 26, 2019) मिला। दो हफ्तों से सबकी नजरों से गायब चल रहे राहुल गाँधी आज पूर्व मुख्यमंत्री के घर उनके बेटे संदीप दीक्षित से मिले।

वे न तो दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री की अंतिम विदाई में शामिल हुए और न ही उस समय दिखे जब शीला दीक्षित का शव AICC (ऑल इंडिया कॉन्ग्रेस कमेटी) के दफ्तर रखा गया। उनकी इस गैर-मौजूदगी ने कई लोगों के मन में सवाल खड़े किए।

मीडिया रिपोर्टों की माने तों शीला दीक्षित के अंतिम संस्कार के दौरान उन्हें पुष्पांजलि देने के लिए राहुल गाँधी का नाम भी सूची में था। लेकिन वे वहाँ नहीं पहुँचे, जिस कारण पार्टी कार्यकर्ताओं को काफ़ी ठेस पहुँची। इस दौरान राजनीति से जुड़े सभी बड़े नेता वहाँ मौजूद थे। जिनमें सोनिया गाँधी और प्रियंका वाड्रा का नाम भी शामिल है।

जानकारी के मुताबिक कॉन्ग्रेस के कई नेताओं को यही नहीं पता था कि आखिर राहुल हैं कहाँ? लेकिन मीडिया रिपोर्टों के मानें तो राहुल आज सुबह ही विदेश से भारत लौंटे हैं। मीडिया रिपोर्टों का कहना है कि वे अमेरिका में अपनी छुट्टियाँ मनाने गए थे।

गौरतलब है कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी उस समय अमेरिका में छुट्टी मनाने भारत से रवाना हुए थे जब कर्नाटक में कॉन्ग्रेस-जेडीएस का गठबंधन को राजनैतिक संकट झेलना पड़ रहा था।

अलका लाम्बा ने ‘नपुं*क, घटिया, नीच’ कहकर जिसे दिया ‘ओपन चैलेंज’ वो निकला AAP कार्यकर्ता!

दिल्ली में आम आदमी पार्टी विधायक अलका लाम्बा और विवादों का सम्बन्ध बढ़ता ही जा रहा है। आए दिन ट्विटर पर सक्रियता को लेकर लाम्बा सुर्ख़ियों में रहती हैं। कभी उन्हें मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल व्हाट्एप्प ग्रुप से निकाल देते हैं तो कभी जोड़ देते हैं। आज एक नया प्रकरण अलका लाम्बा से जुड़ गया है।

अरविन्द केजरीवाल से नाराज चल रही अलका लाम्बा ने आज सुबह ट्वीट करते हुए एक नंबर पोस्ट कर लिखा-

“+91 99115 88225 अबे तू जो भी है, हिम्मत हो तो सामने आकर बात कर, नपुंसक-घटिया नीच आदमी- खुली चुनोती?”

आम आदमी पार्टी की विधायक ने ट्वीट में दिल्ली पुलिस को भी टैग किया। अंदाजा लगाया जा रहा था कि कोई मनचला युवक लाम्बा को फोन कर के परेशान कर रहा है। लेकिन, एक यूजर ने जवाब देते हुए उस नंबर से जुड़ी हैरान करने वाली जानकारी दी।

@pokershash नाम के ट्विटर यूज़र ने अलका लाम्बा को जवाब देते हुए युवक की पहचान बताने का दावा किया है। युवक ने जवाब में लिखा है- “AAP ka hi banda hai. @arvindkrjiwal ?”

जवाब देने वाले यूज़र ने अलका लाम्बा द्वारा शेयर किए गए नंबर से जुड़े युवक की पहचान आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता के रूप में बताई है। हालाँकि, यह जानकारी सही है या नहीं ऑपइंडिया इसकी पुष्टि नहीं करता।

अलका लाम्बा के ट्वीट पर अन्य यूज़र्स ने भी अपनी प्रतिक्रियाएँ व्यक्त की हैं –

आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविन्द केजरीवाल से अलका लाम्बा की नाराजगी काफी लम्बे समय से चल रही है। हाल ही में उन्होंने केजरीवाल पर बदले की भावना से काम करने के आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि केजरीवाल उनसे बदला लेने के लिए उन्हें उनके निर्वाचन क्षेत्र में सीसीटीवी लगाने से रोक रहे हैं।

अलका लाम्बा ने ये आरोप ट्वीट के जरिए लगाए थे। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, “दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल अब बदले की भावना से काम कर रहे हैं, जिसका खामियाजा चाँदनी चौक विधानसभा क्षेत्र की जनता को उठाना पड़ रहा है, मेरे द्वारा इलाके में लगवाए जा रहे CCTVs के काम को रुकवाकर AAP* यह कैसी राजनीति करने का उदाहरण पेश करना चाहती है?”

शायद आम आदमी पार्टी में चल रहे उनके आंतरिक मनमुटाव का ही नतीजा है कि वो सोशल मीडिया पर इस प्रकार लिखने को मजबूर हुई हैं।