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‘मेरे फाड़े कपड़े, दुर्गा माता की मूर्ति तोड़ी, सब लूट ले गए’ : बंगाल में भाजपा बूथ अध्यक्ष की पत्नी पर 300-400 की मुस्लिम भीड़ ने किया हमला, BJP ने शेयर की वीडियो

पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के करणदिघी उपमंडल के अल्तापुर गाँव में शुक्रवार (8 मार्च 2024) को बीजेपी बूथ अध्यक्ष की पत्नी पर हमला किया गया। इस हमले की जानकारी ‘बीजेपी वेस्ट बंगाल’ के एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में दी गई।

वीडियो में पीड़िता अपना दर्द सुना रही है। वह कहती है, “300-400 मुसलमानों की भीड़ मेरे घर पर आई। मैं खिड़की से उनसे बात कर रही थी और विनती कर रही थी कि वो हमें अकेला छोड़ दें। लेकिन उन्होंने हमारी नहीं सुनी। उन्होंने हमारा दरवाजा तोड़ा। फिर वो हमारे सूटकेस, अलमारी, टीवी, बिस्तर और यहाँ तक कि चावल रखने के बर्तनों को भी ले गए।”

पीड़िता ने आगे बताया, “हमलावरों ने हमारे घर में रखी देवी दुर्गा और देवी मनसा की मूर्तियों को भी तोड़ दिया। इसके अलावा बेटे पर हमला करके उसके पैर को तोड़ा, वहीं बेटी का हाथ फ्रैक्चर हो गया।”

पीड़िता के अनुसार, उनपर भी ईंट फेंककर हमला हुआ जिसके बाद उनकी कान से खून निकलने लगा। इतना ही नहीं, उन्हें कहते सुना जा सकता है, “उन लोगों ने मेरे कपड़े फाड़े, मेरे शरीर से सब हटा दिया। उस भीड़ में एक भी हिंदू नहीं था। सबके सब मुसलमान थे।”

महिला रोते हुए कहती है कि वो लोग भाजपा समर्थक हैं इसलिए उनके साथ ये सब होता है। वह बताती हैं, “मेरे पति बीजेपी के बूथ अध्यक्ष हैं। पार्टी की बैठकें मेरे घर पर आयोजित की जाती हैं। ऐसी ही एक बैठक कल हुई। जब से मेरे पति ने चुनाव लड़ा, तब से हमें धमकी दी जा रही थी।”

उन्होंने कहा, “मेरे पास कुछ नहीं बचा है। उन्होंने सब कुछ नष्ट कर दिया। यह सब इसलिए हुआ क्योंकि हम बीजेपी का समर्थन करते हैं…मेरे पति मुसलमानों के डर से छिपे थे लेकिन उन्हें आसपास न पाकर मुझे निशाना बनाया गया।”

गौरतलब है कि बंगाल में भाजपा की बूथ अध्यक्ष की पत्नी के साथ हुई इस घटना की जानकारी होने के बाद बीजेपी सांसद लॉकेट चटर्जी ने ट्वीट किया। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल में संदेशखाली से करणदिघी तक हिंदुओं का उत्पीड़न बिन रोक-टोक जारी है। मुख्यमंत्री लगातार दोष हिंदुओं पर मढ़ती हैं। पश्चिम बंगाल के निवासियों को न्याय का इंतजार है। #NoVoteToMamata”

वहीं शनिवार (9 मार्च 2024) को बीजेपी विधायक डॉ अशोक कुमार लाहिड़ी ने अस्पताल में पीड़िता से मुलाकात की। उन्होंने एक ट्वीट में जानकारी दी, “कल रात (8 मार्च) करीब 1 बजे, करणदिघी विधानसभा क्षेत्र के अल्तापुर में टीएमसी प्रायोजित गुंडों ने बीजेपी बूथ अध्यक्ष राजकुमार दास की पत्नी और परिवार के सदस्यों पर हमला किया। आज, मैं उनसे (राजकुमार दास की पत्नी) रायगंज जिला अस्पताल में मिला। मैं दोषियों के लिए सख्त सजा की माँग करता हूँ।”

बता दें कि संदेशखाली में महिलाओं के साथ हुए अत्याचार की घटना सामने आने के बाद स्थानीय वैसे ही हैरान हैं कि आखिर बंगाल में हो क्या रहा है। इस बीच ममता बनर्जी की एक वीडियो सामने आई है जोकि 2019 की है। इस वीडियो को भी बीजेपी ने ही शेयर किया था और बताया था कि कैसे वो तुष्टिकरण की राजनीति करती हैं।

इस वीडियो में ममता बनर्जी इफ्तार में जाने की बात पर कहती नजर आ रही हैंजे गोरु दूध देई, तार लाठी खेता होई (हमें उस गाय की लात बर्दाश्त करनी होगी जो हमें दूध देती है।)

शफीक ने सेब खरीदा, काटने के लिए चाकू भी… काट डाला हिंदू प्रेमिका का गला: भाग कर एक दिन पहले ही साथ गुजारी थी रात, 20 दिन बाद मिली लाश

बिहार के कैमूर की रहने वाली एक 21 साल की हिंदू लड़की को शफीक अंसारी में अपना भविष्य दिखता था। वो शफीक के कहने भर से सारी दुनिया से भिड़ने को तैयार रहती थी, क्या घर वाले और क्या समाज? शफीक अंसारी की सराफत के आगे वो एकदम नतमस्तक रहती थी। और अब जब शफीक अंसारी की सराफत सामने आई है, तो वो लड़की इस दुनिया में नहीं है, क्योंकि शफीक ने पहले तो रात भर उसके जिस्म का सुख प्राप्त किया और फिर दूसरे दिन उसे पहाड़ी पर चाकू से गोद दाला और शव को झाड़ियों में ठिकाने लगा दिया।

ये मामला तब भी न खुलता, अगर बिहार पुलिस इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद न लेती, क्योंकि मोबाइल लोकेशन, आखिरी कॉल डिटेल्स जैसे सबूतों के दम पर जब पुलिस ने शफीक अंसारी को उठाया, तब जाकर पता चला कि वो हिंदू लड़की कहाँ है। क्योंकि वो लड़की 20 दिन गायब थी और परिजनों को लगता था कि वो भाग चुकी है। कहीं अपनी जिंदगी जी रही होगी, लेकिन लड़की तो 20 दिन पहले ही मर गई थी और उसक शव झाड़ियों में पड़ा सड़ रहा था।

ये मामला सासाराम जिले का है, जहाँ रोहतास के माँझर कुंड में शफीक अंसारी ने लड़की के शव को ठिकाने लगाया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैमूर जिले के भभुआ थाना क्षेत्र के कुदरा की रहने वाली लड़की भभुआ आ गई थी। यहाँ वो 17 फरवरी को अपनी ममेरी बहन को मैट्रिक की परीक्षा दिलाने आई थी, लेकिन इसके बाद वो गायब हो गई। कैमूर के कुदरा थाना इलाके के रहने वाले शफीक अंसारी के साथ वो सासाराम के किराए के मकान में रात भर रुकी। इसके अगले दिन शफीक उसे लेकर रोहतास के माँझर कुंड के जंगलों में ले गया। उसने प्रेमिका को सेब खिलाने के लिए चाकू भी खरीदा और मौका पाते ही उसने प्रेमिका को मौत के घाट उतार दिया।

भभुआ के एसडीपीओ शिवशंकर कुमार ने मीडिया से बताया कि युवती का शव माँझर कुंड पहाड़ी के जंगल से बरामद किया गया है। पुलिस ने जब शफीक को पकड़ा, तब उसने अपनी प्रेमिका को ठिकाने लगाने की बात कबूली। उसने बताया कि प्रेमिका की हत्या उसने 18 फरवरी को ही कर दी थी और फिर पहाड़ी की ही झाड़ियों में उसके शव को छिपा आया। पुलिस ने युवती के शव को बरामद कर लिया है, वहीं से चाकू भी मिल गया है।

‘छोड़ो बहन के ल%@$ …’ : राजौरी गार्डन में आदिल को पकड़ने गई दिल्ली पुलिस, भीड़ ने घेर कर लाठी-डंडे-चाकू से किया हमला

दिल्ली के राजौरी गार्डन के रघुबीर नगर में पुलिस पर हमले की खबर आई है। वहाँ पुलिस आदिल नाम के बदमाश को पकड़ने गई थी। इसी दौरान इलाके में मौजूद आदिल के समर्थकों ने पुलिकर्मियों पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि हमलावरों के पास लाठी-डंडे और चाकू जैसे हथियार थे। हमले में पुलिकर्मियों को काफी चोट आई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आदिल की तलाश पुलिस को लंबे समय से थी। द्वारका के मोहन गार्डन थाने की कई पुलिस टीमें आदिल को पकड़ने की कोशिश कर रही थीं। ऐसे में जब पुलिस को उसके राजौरी में होने की सूचना मिली तो वह वहाँ उसे पकड़ने गए लेकिन इलाके में आदिल को पकड़ते ही उसके समर्थक और रिश्तेदार हथियारों के साथ बाहर आ गए। उन्होंने पुलिस पर हमला किया। साथ ही उनकी गाड़ी के शीशे भी तोड़े।

राजौरी गार्डन की घटना वाली वीडियो में क्या है?

सबने मिलकर आदिल को छुड़ाने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उसे छूटने नहीं दिया। सामने आई वीडियो में पुलिस को एक व्यक्ति को जकड़े देखा जा सकता है। वहीं आसपास भीड़ हल्ला करती दिख रही है। औरतें चिल्ला रहीं हैं, पुलिस के साथ उलझ रही हैं। वहीं पुलिस उन्हें शांत कराने का प्रयास कर रही है।

एक पुलिकर्मी इस दौरान आदिल को गर्दन से पकड़े रखता है। आदिल भीड़ का हल्ला देख बीच बीच में खुद को पुलिस की पकड़ से छुड़ाने का प्रयास भी करता है। मगर, पुलिस उसे खींचकर ले जाती है। वीडियो में स्थानीय महिलाओं को पुलिस की वर्दी पकड़कर खींचते भी साफ देखा जा सकता है। इसके अलावा सुदर्शन न्यूज ने जो 4 मिनट की वीडियो शेयर की है उसमें 2:30 मिनट के बाद देख सकते हैं पीछे से एक युवक पुलिस को गाली भी देता है… “छोड़ो ओ बहन के ल%@$”

बता दें कि दिल्ली के इंदरलोक का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि दिल्ली के दूसरे इलाके से पुलिस पर हमले की घटना सामने आई है। पुलिस टीम ने वहाँ स्थिति को संभालने की बहुत कोशिश की लेकिन जब कोई हल नहीं निकला तो राजौरी गार्डन और तिलक नगर थाने के एसएचओ के साथ काफी संख्या में पुलिसकर्मियों को वहाँ भेजकर भीड़ को शांत कराया गया। मौके पर पुलिस टीम जाने के बाद इलाके में शांति का माहौल है। जानकारी के अनुसार, इस मामले में एफआईआर हो गई है। पुलिस ने आदिल के अलावा तीन लोगों को और गिरफ्तार किया है।

‘राजीव गाँधी के साथ नाचते हुए इटली की बार डांसर सोनिया’ : कॉन्ग्रेस के कार्टून पर BRS का डायरेक्ट हमला, राहुल सहित वीडियो रिलीज करने की धमकी भी

तेलंगाना में कॉन्ग्रेस और भारत राष्ट्र समिति के बीच की तनातनी अब पर्सनल अटैक तक आ गई है। भारत राष्ट्र समिति यानी बीआरएस ने कॉन्ग्रेस के सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में न सिर्फ कॉन्ग्रेस की सबसे बड़ी नेता सोनिया गाँधी बल्कि उनके स्वर्गीय पति राजीव गाँधी को भी घसीट लिया है। यही नहीं, अब तक का सबसे बड़ा हमला करते हुए बीआरएस ने ऐसा पोस्टर जारी किया है, जैसा अब तक किसी पार्टी ने नहीं किया। इस पोस्टर में सोनिया गाँधी और राजीव गाँधी को डाँस करते दिखाया गया है, साथ ही धमकाया भी गया है कि अगर कॉन्ग्रेस नहीं सुधरी, तो राहुल गाँधी का वीडियो भी जारी किया जाएगा।

बीआरएस ने वो कर दिया, जो अब तक किसी ने भी नहीं किया था

बीआरएस ने कॉन्ग्रेस को सीधे तौर पर ‘बार डांसर पार्टी’ करार दे दिया। इस तस्वीर में सोनिया गाँधी और उनके स्वर्गीय पति पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी को दिखाया गया है। यही नहीं, बीआरएस ने सीधे तौर पर कहा है कि अगर कॉन्ग्रेस पार्टी नहीं सुधरी, तो वो भी पर्सनल अटैक जारी रखेगी।

बीआरएस ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “केसीआर की तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ बंद कर दिया जाए, जिन्होंने अपनी जान पर खेलकर तेलंगाना के लिए संघर्ष किया। अगर आप नहीं रुके, तो हम सोनिया और राहुल की और भी तस्वीरें मॉर्फ कर सकते हैं। वैसे, तुमने ये नहीं सुना होगा कि कुत्ते की दुम सीधी हो गई, वो टेढ़ी की टेढ़ी ही रहती है। वैसे, हमें ये बताने की जरूरत नहीं कि ‘बापति’ कौन है। सारी दुनिया जानती है कि वो (राजीव गाँधी) इटली के बार में डांस के चक्कर में नशे (शराब) की वजह से फंस गए। अगर ये सब जारी रहा, तो हम पूरा वीडियो भेजेंगे, जिसे वो लोग चबाकर निगल नहीं पाएँगे।”

इन विवाद की शुरुआत तब हुई, जब बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर ने तेलंगाना के कॉन्ग्रेसी मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी उन नौकरियों को अपना बता रहे हैं, जो केसीआर ने मुख्यमंत्री रहते तेलंगाना के युवाओं को दी। उन्हें शर्म आनी चाहिए।

इसके जवाब में तेलंगाना पार्टी ने एक मॉर्फ तस्वीर जारी की, जिसमें केसीआर, केटीआर, हरीश राव, कविता और संतोष राव को ‘चीप कार गैंग’ के तौर पर दिखाया गया, एक ऐसे गैंग के तौर पर, जो कार चोरी करते हैं। तेलंगाना कॉन्ग्रेस ने लिखा, “कलवाकुंतला गैंग सस्ते शब्दों की आड़ में कारों (वोटों) की चोरी करने में जुटी है। वो जो काम (नौकरियाँ दिलाने का) करते हैं, उसका क्रेडिट लें। अगर वो अच्छा काम करेंगे, तभी वो क्रेडिट ले सकते हैं। लेकिन इन्होंने लोगों का खून पिया है। सस्ते शब्दों और झूठे प्रचार से बचना चाहिए और अच्छे विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए। अन्यथा वो भूमिका भी छिन जाएगी। सुरक्षित रहें।”

बता दें कि तेलंगाना के निर्माण के लिए केसीआर ने लंबे समय तक लड़ाई लड़ी थी। तेलंगाना बनने के बाद वो दो बार मुख्यमंत्री रहे, लेकिन पिछले चुनाव में उनकी पार्टी को जबरदस्त हार का सामना करना पड़ा। अभी तेलंगाना में कॉन्ग्रेस की पूर्ण बहुमत की सरकार है। चूँकि लोकसभा चुनाव सिर पर है, ऐसे में दोनों पार्टियों में खूब तनातनी हो रही है। तेलंगाना में 17 लोकसभा सीटें हैं, जिन पर कब्जे की कड़ी लड़ाई है। पिछले लोकसभा चुनाव में बीआरएस ने 9 सीटें जीती थी, लेकिन इस बार मुकाबला काफी कड़ा है।

दिल्ली पुलिस को घेर, गालियाँ बकती हमलावर मुस्लिम भीड़: ‘पुलिसकर्मी मनोज तोमर और नमाज’ मामले से अलग, DP के पक्ष पर लोग उठा रहे सवाल

बीते शुक्रवार (8 मार्च 2024) को दिल्ली के इंदरलोक में हुई घटना के बाद एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होना शुरू हुई है। इस वीडियो को लेकर कई यूजर्स ने दावा किया कि ये एसआई मनोज कुमार तोमर पर हुए हमले की वीडियो है। वीडियो में दिख रहा है कि सैंकड़ों की भीड़ कुछ पुलिसकर्मियों को घेरकर चल रही है। वहीं पीछे से आवाज आ रही है- ‘मारो सालों को &^%$ को। बहन के %&^* को मारो…’ सोशल मीडिया यूजर्स के हिसाब से ये इस वीडियो में जहाँ एसआई मनोज तोमर और अन्य पुलिसकर्मियों को घेरा जा रहा है, उन्हें गाली दी जा रही है। वहीं डीसीपी नॉर्थ ने इस वीडियो को लेकर किए गए दावों का खंडन किया है।

दरअसल, भीड़ वाली वीडियो शेयर करके लिखा जा रहा था- “कल दिल्ली में एक नमाजी को लात मारने वाले दरोगा मनोज तोमर पर पुलिस की मौजूदगी में हमला।” इसी दावे को नकारते हुए डीसीपी नॉर्थ दिल्ली के आधिकारिक हैंडल से कहा गया कि यह दावा और जानकारी गलत है।

उन्होंने कहा- “यह गलत जानकारी है। बताए गए एसआई इस वीडियो में नहीं है। वीडियो कल (9 मार्च) की नहीं है बल्कि 8 मार्च की है जब प्रदर्शनकारी इंदरलोक में इकट्ठा हुए थे। स्थानीय लोग पुलिस अधिकारियों को बचाते हुए पुलिस पोस्ट तक लेकर गए थे जिसके बाद वहाँ झड़प हुई थी।”

बता दें कि इस वीडियो से संबंधित दी गई पुलिस की जानकारी से नेटिजन्स संतुष्ट नहीं हैं। वो अलग-अलग सवाल उठा रहे हैं। कोई कह रहा है कि इस सफाई के लिए शुक्रिया, लेकिन जिस तरह का माहौल बनाया गया है उसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। कोई पूछ रहा है कि अगर इस वीडियो में एसआई नहीं भी हैं तो भी ये घटना जहाँ की है, वहाँ पर कार्रवाई होनी चाहिए। वीडियो को शेयर करके गौर करवाया जा रहा है कि वीडियो में भीड़ कह रही है- “यही है $$££, मारो साले को।”

डीसीपी के ट्वीट के नीचे आई प्रतिक्रिया।

गौरतलब है कि 8 मार्च 2024 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होना शुरू हुई थी। उस वीडियो में पुलिसकर्मी मनोज तोमर सड़क पर बैठकर नमाज पढ़ने वालों को हटाते दिख रहे थे। इसी दौरान उन्होंने एक नमाजी को पैर मारकर भी हटने को कहा। इसी हरकत की वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ आने लगीं। कुछ लोग जहाँ इस वीडियो में नजर आ रहे पुलिकर्मी का विरोध करते दिखे तो वहीं कुछ लोग समर्थन में आ गए। सोशल मीडिया पर #IStandWithManojTomar जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।

एल्विश-मैक्सटर्न के बीच सुलह, सामने आई थी मारपीट की वीडियो: FIR के बाद बोले – ‘सिस्टम’ वाले… एक घर में बर्तन तो बजते ही हैं’

यूट्यूबर एल्विश यादव और मैक्सटर्न वाले सागर ठाकुर के बीच कई दिन तक चली लड़ाई के बाद सुलह हो गई है। इससे पहले एल्विश के सागर ठाकुर को पीटने का एक वीडियो भी सामने आया था। एल्विश ने भी एक वीडियो डाल कर अपना बचाव किया था। अब एल्विश ने एक फोटो सागर ठाकुर के साथ डाली है और कहा कि उनके बीच भाईचारा है।

यह पूरा मामला तब चालू हुआ जब एल्विश यादव विवादित कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी के साथ नजर आए और लोगों ने उन्हें ट्रोल किया। सागर ठाकुर ने भी उन्हें इसी दौरान ट्रोल किया। उन्होंने इसको लेकर एल्विश की एक पुरानी वीडियो डाली।

इस पर एल्विश ने सागर को धमकाया। गुरुग्राम में दोनों के बीच विवाद हुआ था। इस पूरे घटनाक्रम के बाद सागर ठाकुर ने एक वीडियो जारी किया और पूरी बात बताई थी। सागर ने दावा किया, “जब एल्विश स्टोर पर आया, तो उसने सीधे मुझे मारा और उसके साथियों ने भी गालियाँ देते हुए पीटना शुरू कर दी। एल्विश यादव ने मेरी रीढ़ की हड्डी तोड़ने की कोशिश की ताकि मैं शारीरिक रूप से बेकार हो जाऊँ। एल्विश ने जाने से पहले मुझे जान से मारने की धमकी भी दी।”

इस वीडियो में सागर ने गुरुग्राम पुलिस पर एल्विश को बचाने के भी आरोप लगाए थे और कहा, “एल्विश के ऊपर एक भी वो सेक्शन नहीं लगा, जो मैंने एफआईआर में लिखवाई थी। हरियाणा में इस तरह गुंडागर्दी चल रही है कि एक बंदा आता है मारता है और उसके खिलाफ कोई एक्शन नहीं होता। इसे क्या समझा जाए, जिसके पास पैसा है वो कुछ भी कर सकता है। अगर मुझे कुछ भी होता है, तो इसके जिम्मेदार एल्विश यादव होंगे।” सागर ने सीएम खट्टर से भी मदद की गुहार लगाई थी।

इस मारपीट का एक वीडियो भी सामने आया था। एल्विश इसमें अपने साथियों के साथ आते हैं। मारपीट का ये वीडियो करीब 5 मिनट का है, जिसमें वो ‘जान से मारने’ की धमकी भी देते दिख रहे हैं। इस वीडियो में एल्विश और उसके साथी सागर ठाकुर को पीटते हुए साफ दिख रहे हैं। वहीं, हरे रंग के कपड़ों में पीड़ित सागर ठाकुर है। इसी मारपीट के मामले में एल्विश यादव औऱ उसके साथियों के खिलाफ आईपीसी के सेक्शन 147, 149, 323 और 506 के तहत केस दर्ज किया गया था।

इसके बाद एल्विश यादव ने भी अपना पक्ष रखने के लिए एक वीडियो जारी किया। इसमें एल्विश ने कहा, “मैं चाहता हूँ एक साइड की स्टोरी आपने सुनी। दूसरी साइड की स्टोरी भी जानने का आपको हक है और मुझे सुनाने का हक है। जो लोग हरकतें करके विक्टिम कार्ड खेल रहे हैं, जो ये लोग मेरे खिलाफ इकट्ठा होकर आवाज उठा रहे, बहुत पुरानी आदत है मुझे, मैं ये 2020 से झेल रहा हूँ मैं।”

आगे उन्होंने कहा, “जो ये लेफ्ट लॉबी इकट्ठी हो जाती है। ठीक है, मेरे साइड की भी स्टोरी सुन हो भाई, आप उसका (सागर ठाकुर) ट्विटर हैंडल खोलना, जब मैं बिग बॉस में गया था, 8 महीने हो गए हैं, 8 महीने से आप देखना कि मैं क्या कर रहा हूँ मैक्सटर्न के साथ और मैक्सटर्न मेरे साथ क्या कर रहा है। उसका हर एक ट्वीट मेरे विरुद्ध मिल जाएगा।” एल्विश ने कहा कि सागर ने उनके परिवार को जिन्दा जलाने की बात कही, जिससे उनको गुस्सा आया।

इस मामले में दर्ज की गई FIR पर एल्विश यादव को गुरुग्राम पुलिस ने पूछताछ के लिए भी बुलाया था। हालाँकि, अब दोनों पक्ष के बीच समझौते की खबर आ गई और इसकी पुष्टि एल्विश यादव ने ही एक फोटो के साथ कर दी। हालाँकि, अभी स्पष्ट नहीं है कि सागर ठाकुर उर्फ़ मैक्सटर्न ने अपनी FIR वापस ली है या नहीं।

बेंगलुरु में पानी की किल्लत, कोरोना-काल वाला तर्क और WFH: सूसू-पॉटी-खाने-पीने की आजादी को लेकर घर से काम करने वाला आइडिया से निकलेगा हल?

बेंगलुरु में लोगों को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। नहाने, पीने और बाकी के कामों के लिए पानी की भीषण समस्या है। पूरा शहर पानी की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में बेंगलुरु में रहने वालों ने पानी की कमी से बचने के लिए आईडिया देना चालू कर दिए हैं।

बेगलुरु में काम करने वाले पानी की कमी के कारण अब घर से काम करने (Work From Home) की इजाजत माँग रहे हैं। उनका कहना है कि यदि यहाँ स्थित कम्पनियों में काम करने वालों को घर से काम करने को कह दिया जाए तो यह समस्या जल्दी ही सुलझ जाएगी।

सोशल मीडिया पर अपील की जा रही है कि बेंगलुरु में बाहर के शहरों से काम करने आए लोगों को उनके घर जाकर काम करने की इजाजत दी जाए। इससे उन्हें पानी कमी नहीं होगी। उनके बाहर जाने से शहर में रहने वालों के लिए पानी की आपूर्ति भी बढ़ सकेगी और दोनों पक्ष आराम से रह सकेंगे।

WFH की माँग करने वालों का तर्क है कि इससे पहले कोरोना के दौर में भी वह घर से काम कर चुके हैं और इससे उनके काम पर कोई असर नहीं पड़ा था। ऐसे में अगर पानी की कमी को सुलझाने के लिए यह कदम उठाया जा सकता है।

गौरतलब है कि बेंगलुरु वर्तमान में पानी की भीषण किल्लत से जूझ रहा है। शहर के बड़े हिस्से में पानी नहीं पहुँच रहा है। यहाँ लोग बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर हैं। सोशल मीडिया पर लोग बता रहे हैं कि उन्हें नहाने और शौच के लिए तक पास के शॉपिंग मॉल्स में जाना पड़ रहा है।

एक यूजर ने रेडिट पर बताया की समस्या इतनी गंभीर है कि लोग बर्तन ना धोने के लिए बाहर से खाना ऑर्डर कर रहे हैं। नहाने के पानी की कमी से बचने को यहाँ काम करने वाले लोग नए इंतजाम बना रहे हैं। पानी की कमी ने बेंगलुरु के आम जीवन के हर आयाम को प्रभावित किया है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, टेक सिटी बेंगलुरु के पानी का मुख्य स्रोत कावेरी नदी है। बेंगलुरु में कावेरी से ही पीने और बाकी कामों के लिए पानी आता है। यह पानी शहर के पानी आपूर्ति सिस्टम से भेजा जाता है। हालाँकि, जिन इलाकों में यह पानी नहीं पहुँचता है, वहाँ जमीन में की गई बोरिंग के जरिए पानी पहुँचता है।

यहाँ जमीन में किए गए बोरवेल से पानी की आपूर्ति होती है और टैंक में पानी का भंडारण किया जाता है। इसके अलावा पानी के टैंकरों के द्वारा भी पानी की आपूर्ति होती है। लेकिन इस समय समस्या यह है कि जमीन के बोरवेल सूख गए हैं और उनमें पानी नहीं आ रहा है। पानी का स्तर नीचे गिरने से ही यह समस्या आई है।

गौरतलब है कि बेंगलुरु में बाहर के शहरों से आकर काम के लिए रहने वालों की बड़ी संख्या है। एक रिपोर्ट के अनुसार, यह बेंगलुरु की जनसंख्या का 50% से अधिक है। ऐसे में इस जनसंख्या का दबाव कम होने से आपूर्ति में आ रही समस्या को कुछ समय के लिए हल किया जा सकता है।

बेंगलुरु टेक कम्पनियों का देश में सबसे बड़ा हब है। इन कम्पनियों में काम करने के लिए देश भर से लोग आते हैं। बेंगलुरु में बाहर से आने वाले पहले ही ऊँचे किराए और रहने की जगह ना मिलने सम्बन्धी समस्याएँ बताते रहे हैं। अब पानी की समस्या ने उन्हें फिर से WFH की माँग करने पर मजबूर कर दिया है।

टेक कम्पनियों में काम करने वालों के WFH की माँग करने के पीछे तर्क है कि उनका काम कहीं भी बैठ कर हो सकता है, ऐसे में इस संकट के बीच यह कदम उठाया जाना चाहिए। हालाँकि, अभी कर्नाटक सरकार ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है। माना जा रहा है कि अगर समस्या बनी रहती है तो कुछ टेक कम्पनियाँ यह निर्णय ले सकती हैं।

239 लोगों को एक साथ मारने का ‘मजा’, पायलट जहरी अहमद शाह की सेक्स लाइफ और एक भी लाश नहीं मिलने की ‘फूलप्रूफ प्लानिंग’: MH370 फिर चर्चा में

मलेशिया का एक विमान मार्च 2014 में उड़ान के बाद अचानक लापता हो गया था। फ्लाइट संख्या MH370 में कुल 239 यात्री सवार थे। तमाम कोशिशों के बावजूद उस विमान को आज तक खोजा नहीं जा सका। अब ब्रिटेन के निवासी और बोइंग एक्सपर्ट साइमन हार्डी ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया है कि संभावना है कि पायलट कैप्टन जहरी अहमद शाह द्वारा विमान को जानबूझ कर समुद्र में डुबाया गया हो। उन्होंने आशंका जताई है कि ऐसा कैप्टन ने अपने साथ कई लोगों को मौत के मुँह में धकेलने के लिए किया हो।

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह विमान 8 मार्च 2014 को दक्षिण चीन सागर के ऊपर उड़ाने भरने के बाद अचानक ही गायब हो गया था। विमान कुआलालंपुर से बीजिंग की यात्रा पर था। उड़ान भरने के महज 39 मिनट बाद गायब हुए इस विमान को दोबारा कभी नहीं देखा गया। घटना के एक साल बाद 2015 में साइमन हार्डी इस लापता हुए विमान का पता लगाने के लिए जाँच दल में शामिल हुए। जाँच ऑस्ट्रेलियाई परिवहन सुरक्षा ब्यूरो द्वारा की जा रही है।

अब द सन अखबार ने हार्डी के हवाले से बताया, “मैं MH 370 की खोज में एक शामिल एक विशेषज्ञ हूँ। मुझे पता है कि कैसे एक ‘आत्मघाती’ पायलट ने विमान और यात्रियों को समुद्र के नीचे पूरी तरह से डुबो दिया था।”

यह बयान उन्होंने विमान के लापता होने की दसवीं बरसी पर एक ख़ास इंटरव्यू के दौरान दिया है। साइमन हार्डी ने आगे बताया, “मेरा मानना है कि विमान को ऐसी जगह गिराया गया था, जहाँ पहले कोई खोजी दल नहीं गया था। पायलट को पता था कि वहाँ जहाज हमेशा के लिए खो जाएगा।”

साइमन हार्डी ने आगे कहा, “विमान के पायलट, कैप्टन ज़हरी ने सभी यात्रियों को मारने का प्लान बनाया था। वह इस आत्मघाती साजिश को अंजाम देते हुए बेहद खुश था। अमेरिका की संघीय जाँच ब्यूरो (एफबीआई) भी अपनी शुरुआती जाँच में इसी फैसले पर पहुँची थी।”

पायलट के बारे में हार्डी ने आगे बताया कि वह एक शातिर साजिशकर्ता था, जो इस बात को लेकर संतुष्ट होना चाहता था कि विमान को ऐसी जगह गिराया जाए, जहाँ कोई खोज न पाए। हार्डी का मानना है कि सैकड़ों यात्रियों से भरे विमान को गायब करने में पायलट को अलग प्रकार का ही मजा आया होगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक बोइंग विशेषज्ञ हार्डी ने विमान की तलाश के लिए दुनिया के सर्वश्रेष्ठ सिमुलेटर का उपयोग किया था। वो इस फैसले पर पहुँचे कि 53 वर्षीय पायलट ज़हरी जहाज को समुद्र के उस क्षेत्र में डुबाना चाहता था, जिसे गिल्विनक फ्रैक्चर ज़ोन कहा जाता है। यह इलाका दक्षिणी हिंद महासागर के नीचे सैकड़ों मील क्षेत्र में फैला हुआ है, जहाँ गायब हुए विमान को खोजना बेहद मुश्किल काम है।

लापता विमान MH 370 विमान की खोज के लिए छेड़ा गया व्यापक अभियान साल 2017 में बंद कर दिया गया था। खोजकर्ता हार्डी तब तक अपने दावे को साबित नहीं कर पाए थे। हार्डी का यह भी कहना है कि अगर भविष्य में कभी कोई भी खोजकर्ता लापता विमान तक पहुँच पाया तो वो इसे गहरे समुद्र की चट्टानों के बीच दबा पाएगा।

अकेलापन और परेशान, आत्मघाती थे कैप्टन जहरी

कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि मनोवैज्ञानिकों और साथी पायलट के मुताबिक पहले से परेशान कैप्टन जहरी अकेलेपन के शिकार थे। उनकी हरकतों को आत्मघाती भी बताया गया है। दावा किया था कि उन्होंने एक युवा इंस्टाग्राम मॉडल के जुड़वाँ बच्चों को डरावने फेसबुक मैसेज भेजे थे, जो बाद में सार्वजानिक हो गए थे। इसके बाद कैप्टन जहरी को मनोवैज्ञानिकों ने आत्मघाती सोच वाला माना था। कैप्टन के साथी पायलटों ने यहाँ तक दावा किया है कि जहरी अपनी शादी टूट जाने के बाद कुछ फ्लाइट अटेंडेंट के साथ हमबिस्तर भी हुए थे।

साथी पायलटों ने यह भी बताया था कि कैप्टन अहमद शाह जहरी फेसबुक पर कई मॉडलों को फॉलो करते थे। वह उन मॉडलों को सेक्स प्रपोजल देकर कुआलालंपुर आने का ऑफर देते थे। ब्रिटिश विशेषज्ञ हार्डी ने अपनी जाँच निष्कर्ष में पायलट जहरी की इन हरकतों को भी शामिल किया है। एक रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कैप्टन ने उड़ान भरने से पहले ग्राउंड स्टाफ से पूरे केबिन के बजाय सिर्फ कॉकपिट के लिए अतिरिक्त ऑक्सीजन भरने के लिए कहा था। साथ ही उन्होंने एक्स्ट्रा पेट्रोल भी भरवाया था।

एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार इस बात की भी आशंका है कि पायलट ज़ाहरी ने साजिश के तहत यात्रियों को धीरे-धीरे मारने की तैयारी की थी। इसी साजिश के तहत जहरी ने शायद पहले अपने साथी पायलट को या तो मार डाला था या बेहोश कर दिया था। विमान के उड़ान भरने के बाद उसकी सैटेलाइट आदि से मिली लोकेशन और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को भेजे जाने वाले संकेतों में कमी भी कहीं न कहीं हार्डी के दावे को मजबूती देती हैं।

हार्डी के अनुसार जहाज में एक्स्ट्रा पेट्रोल डालने की माँग के पीछे कैप्टन जहरी की सोच विमान को कई घंटे तक किसी अज्ञात स्थान की तरफ उड़ाने की थी। यह समय लगभग 7 घंटे का होता, तब तक सभी यात्री और चालक दल के सदस्य बेहोश हो चुके होते। बकौल हार्डी हर यात्री के मर जाने की वजह से भी विमान को तलाशने में दिक्कत आई। साथ ही जहाज को लम्बे समय इधर-उधर घुमाने के बाद ऐसी जगह गिराया गया, जहाँ पहले कोई खोज नहीं हुई थी। यह वजह विमान का मलबा न मिलने में सबसे अहम रही क्योंकि जहाज सागर की गहराइयों में समा चुका था।

कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि खोजकर्ताओं को लापता विमान के कुछ हिस्से मिले। इनमें फ्लैपरॉन (पंख मतलब साइड विंग्स का टुकड़ा) भी शामिल है। यह टुकड़ा मेडागास्कर से लगभग 425 मील पश्चिम दिशा में रीयूनियन नामक द्वीप के पास पाया गया। हार्डी ने कहा कि अगर फ़्लैप नीचे थे तो इसका मतलब कोई लीवर को हिला रहा था। फ़िलहाल हार्डी के बयान के बाद दुनिया भर में एक नई बहस छिड़ गई है।

फिर हारे पहलवान बजरंग पूनिया, ट्रायल्स में रोहित कुमार ने दी पटखनी: बिना ट्रायल्स के एशियन गेम्स में गए थे, वहाँ भी मिली थी हार

भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया 2024 के ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले पाएँगे। इन ओलम्पिक का आयोजन फ्रांस की राजधानी पेरिस में होना है। बजरंग पूनिया की ओलम्पिक के लिए आयोजित ट्रायल्स में ही हार गए हैं। उन्हें पहलवान रोहित कुमार ने पटखनी दी है।

पेरिस ओलंपिक के लिए अभी क्वालिफायर्स होना बाकी हैं। उससे पहले सोनीपत में ट्रायल्स का आयोजन किया गया था। यह ट्रायल्स सोनीपत में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (SAI) की एकेडमी में हुए थे। इसमें बजरंग पूनिया का मुकाबला रोहित कुमार से हुआ।

रोहित कुमार ने इन ट्रायल में बंजरंग पूनिया को 9-1 के अंतर से पटखनी दे दी। इसी के बाद स्पष्ट हो गया कि वह क्वालिफायर्स में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। इससे पहले के क्वालीफायर में भी बजरंग पूनिया मुश्किल से जीत कर यहाँ तक पहुँचे थे। पहलवान रविंदर कुमार ने एक पॉइंट गंवा दिया था, इसके कारण पूनिया को जीत मिल गई थी।

बजरंग पूनिया के प्रदर्शन में काफी गिरावट देखी गई है। इससे पहले वह 2023 एशियन गेम्स में भी हार चुके हैं। उन्हें जापान के एक पहलवान के यामागुची ने 10-0 से शिकस्त दी थी। वह एशियन गेम्स से बिना मेडल लिए ही लौट आए थे।

गौरलतब है कि पूनिया बिना ट्रायल्स के ही एशियन गेम्स में गए थे। इसकी माँग वह लगातार कर रहे थे। इसके बाद भारतीय कुश्ती संघ ने उन्हें एशियन गेम्स में बिना कोई ट्रायल लिए ही भेज दिया था। इसको लेकर अन्य कुछ पहलवानों ने प्रश्न भी उठाए थे।

पहलवान प्रदर्शन और बजरंग पूनिया

बजरंग पूनिया का नाम हालिया सुर्खियों में कुश्ती की वजह से कम और धरने प्रदर्शन की वजह से अधिक आया है। पूनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट के साथ दिल्ली में हुए पहलवान प्रदर्शन का नेतृत्व भी कर रहे थे। वह लगातार तत्कालीन कुश्ती संघ अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के विरुद्ध प्रदर्शन कर रहे थे और उन्हें हटाने की माँग कर रहे थे। बजरंग पूनिया इसके बाद राहुल गाँधी के साथ भी दिखे थे। राहुल गाँधी उनके यहाँ एक दिन पहुँचे थे और खाना भी खाया था। राहुल ने पूनिया के साथ कुश्ती के दांव पेंच भी आजमाए थे।

बजरंग पूनिया ने दिसम्बर 2023 में ही अपना पद्म श्री पुरष्कार भी लौटा दिया था। उन्हें 2019 में यह दिया गया था। बताया गया कि जब वह आज के ट्रायल में हार गए तो गुस्से से बाहर निकल गए। उन्हें SAI के अधिकारियों ने रोका भी लेकिन वह नहीं रुके।

केरल यूनिवर्सिटी में बवाल: वामपंथी SFI गुंडों के खिलाफ छात्रों का हल्लाबोल, पुलिस ने विद्यार्थियों पर ही किया लाठीचार्ज, कई घायल, ‘इंतिफादा’ से तनाव

केरल स्टेट यूनिवर्सिटी में चल रहे सालाना जलसे में जमकर बवाल हुआ है। केरल स्टू़डेंट यूनियन के कार्यकर्ताओं ने स्टेज पर चढ़कर हंगामा काटा और एसएफआई का विरोध किया। इस दौरान पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया और छात्रों को तितर बितर भी किया। केरल यूनिवर्सिटी में चल रहा ये यूथ फेस्टिवल वही है, जिसे पहले “इंतिफादा” नाम दिया गया था, लेकिन काफी विरोध प्रदर्शन और हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद इस नाम को बदल दिया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तिरुअनंतपुरम में केरल स्टूडेंट यूनियन ने यूनिवर्सिटी के सीनेट हॉल में इतना जोरदार प्रदर्शन किया कि पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ गया। इसके बाद पुलिस और स्टूडेंट्स यूनियन के बीच भी जोरदार बवाल हुआ। इस दौरान पुलिस स्टूडेंट्स को कॉलर से पकड़ते हुए खदेड़ती नजर आई। पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत भी लिया। केरल स्टूडेंट यूनियन एसएफआई की गुंडागर्दी के विरोध में प्रदर्शन कर रही थी। उनका आरोप है कि केरल सरकार भी एसएफआई का समर्थन करती है।

केरल यूनिवर्सिटी में बवाल के बीच केएसयू से जुड़े छात्रों ने आरोप लगाया है कि एफएसआई के कार्यकर्ताओं ने फेस्टिवल में हिस्सा लेने पहुँचे छात्रों को पीटा है, जिसके बाद उन्होंने जोरदार प्रदर्शन किया। मनोरमा न्यूज द्वारा प्रसारित वीडियो में पुलिस केएसयू कार्यकर्ताओं की पिटाई करते हुए और उन्हें घसीटते हुए भी दिख रही है। इस दौरान पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में भी लिया है।

बेईमानी के लिए एफआईआर दर्ज

केरल यूनिवर्सिटी में 4 दिनों से आर्ट फेस्टिवल चल रहा है। इस फेस्टिवल में यूनिवर्सिटी से जुड़े तमाम कॉलेज भी हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन एक कार्यक्रम में आरोप लगाया गया कि प्रतियोगिता के जजों ने पैसे लेकर गलत टीम (कॉलेज) को जिता दिया, जबकि उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। ये इस मामले में शनिवार को हंगामा होने के चलते कई कार्यक्रमों में देरी हो गई थी, जिसके बाद पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई औऱ पुलिस ने प्रतियोगिता के जज, ट्रेनर और दो अन्य लोगों को हिरासत में ले लिया।

बताया जा रहा है कि “मारगमकली” नाम की प्रतियोगिता में चौदह टीमों ने भाग लिया। जिसमें इवानियोस कॉलेज को विजेता घोषित कर दिया गया। इसका विरोध करने वालों ने आरोप लगाया कि इवानियोस टीम ने प्रदर्शन के दौरान लय खो दी थी और पैसे लेकर जज ने उस टीम के पक्ष में फैसला दिया। इस मामले में अब इवानियोस कॉलेज ने यूनिवर्सिटी के वीसी और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से शिकायत की है कि दबाव के चलते प्रतियोगिता के फैसले को बदला जा रहा है। ऐसे में इस मामले को लेकर भी दो पक्ष आमने-सामने आ चुके हैं।