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BJP गुजरात की सभी 26 सीट जीतेगी: AAP के प्रदेश अध्यक्ष ने कैमरे के सामने लिखकर दिया, कहा- मार्जिन इस बार 5 लाख से कम का होगा

लोकसभा चुनाव 2024 में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। सत्ताधारी पार्टी बीजेपी का सामना कर रहा विपक्षी इंडी गठबंधन भी एकजुट होने की कोशिश कर रहा है। गुजरात में आम आदमी पार्टी और कॉन्ग्रेस ने एक साथ लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जिसमें कॉन्ग्रेस 24 सीटों पर तो आम आदमी पार्टी 2 सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी। आम आदमी पार्टी को भरुच और भावनगर सीट मिली है। अभी तक तो आम आदमी पार्टी दावा कर रही थी कि वो बीजेपी को हराएगी, लेकिन लगता है कि उसका उत्साह चकनाचूर हो चुका है। अभी तक बीजेपी को हराने की बात कर रही आम आदमी पार्टी के लोग अब बीजेपी को रोकने और हार का अंतर करने की बातें करने लगे हैं। इसी कड़ी में गुजरात के आप प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने ‘लिखित गारंटी’ दी है कि बीजेपी जीतेगी तो सभी 26 की 26 सीटें, लेकिन सभी सीटों पर जीत का अंतर 5 लाख से ज्यादा नहीं होगा।

इसुदान गढ़वी ने प्रोपेगैंडा यूट्यूब चैनल ‘जामावत’ को एक इंटरव्यू दिया। इस चैनल की होस्ट देवांशी जोशी से बातचीत में उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी 5 लाख की बढ़त के साथ 26 की 26 सीटें नहीं जीत सकती। ये बात उन्होंने गारंटी के तौर पर लिखकर भी दे दी, साथ ही साइन भी कर दिए। अब ये क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, तो लोग खूब मजे भी ले रहे हैं।

ये वीडियो वायरल होने के बाद लोग आप के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी के मजे ले रहे हैं। इसुदान की गारंटी को लोग अपने-अपने तरीके से समझा रहे हैं। वैसे, इस वीडियो में वो साफ तौर पर बोल रहे हैं कि बीजेपी 5 लाख से ज्यादा अंतर से नहीं जीतेगी, लेकिन वो कहीं भी ये नहीं कह रहे हैं कि आम आदमी पार्टी या कॉन्ग्रेस बीजेपी से जीतेगी भी। आमलौत पर नेता अपनी पार्टी की जीत की बात करते हैं, लेकिन यहाँ तो खुद गढ़वी 5 लाख से कम वोटों से हारने की बात कर रहे हैं। मतलब साफ है कि वो ये मानकर चल रहे हैं कि बीजेपी गुजरात में लोकसभा चुनाव के दौरान क्लीनस्वीप करने वाली है।

बता दें कि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल कई मौकों पर ऐलान कर चुके हैं कि इस बार गुजरात में बीजेपी का लक्ष्य न सिर्फ 26 की 26 सीटें जीतना है, बल्कि हर सीट 5 लाख की बढ़त के साथ जीतना है। इसुदान गढ़वी की इस लिखित गारंटी के बाद अब सोशल मीडिया पर लोग उनका मजाक भी उड़ा रहे हैं। प्राति नाम की एक्स यूजर ने साल 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान अरविंद केजरीवाल द्वारा दी गई ऐसी ही ‘लिखित गारंटी’ को याद किया है, जिसमें उन्होंने इसुदान को पहले एक भी सीट जीतकर दिखाने की चुनौती दी थी।

गौरतलब है कि नवंबर 2022 में आम आदमी पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने भी मीडिया में ऐसा ही हो-हल्ला मचाया था। उन्होंने लिखित भविष्यवाणी की थी कि विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी सरकार बना रही है। उन्होंने सादे पन्ने पर ये लिखकर भी दिया था, कि ‘गुजरात में आम आदमी पार्टी की सरकार बन रही है।’ हालाँकि बाद में केजरीवाल की भविष्यवाणी का क्या हुआ ये तो जगजाहिर है। आम आदमी पार्टी को सिर्फ 5 सीटें मिली, लेकिन इशुदान गढ़वी समेत 128 सीटों पर आम आदमी पार्टी की जमानत जब्त हो गई थी।

इस मुद्दे पर डॉ. आदित्य मेहता नाम के यूजर ने लिखा, “इसुदान का कहना है कि लीड चाहे कितनी भी बड़ी हो, बीजेपी 26 की 26 सीटें जीतेगी। उन्होंने चैतर वसावा के हवाले से लोकप्रिय कॉमेडी मीम का भी जिक्र किया।” गौरतलब है कि पार्टी ने चैतर वसावा को भरूच सीट से मैदान में उतारा है, जहाँ कॉन्ग्रेस से अनबन के बावजूद गठबंधन में पार्टी ने सीट जीती थी। लेकिन अब अगर प्रदेश अध्यक्ष सीट जीतने की बजाय बढ़त की बात कर रहे हैं तो माना जा सकता है कि उन्होंने भरूच सीट पर पहले ही हार स्वीकार कर ली है। यही वजह है कि लोग अब मजाक बना रहे हैं।

कुछ अन्य यूजर भी उनका मजाक उड़ाते हुए कह रहे हैं कि इसुदान गढ़वी का मतलब ये है कि चाहे कुछ भी हो जाए बीजेपी ही जीतेगी।

अब तक बीजेपी को हराने, अब लीड पर आने की बात भी बंद!

गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी के नेता पहले भी कई बार लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराने की बात कह चुके हैं। 7 अगस्त 2023 को इसुदान गढ़वी ने खुद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी 26 की 26 सीटें नहीं जीत पाएगी। उन्होंने INDI गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने की बात कही और दावा किया कि, ‘बीजेपी अब लोकसभा चुनाव में 26 की 26 सीटें नहीं जीत सकती।’ अब अगर कभी ये दावा करने वाले कि बीजेपी ‘नहीं जीतेगी’ इसुदान गढ़वी सीधे लीड पर आ जाएँ और कहें कि बीजेपी 5 लाख की लीड के साथ नहीं जीतेगी तो इसके क्या मायने निकाले जा सकते हैं? क्या आम आदमी पार्टी और इसुदान गढ़वी ने यह मान लिया है कि बीजेपी लोकसभा चुनाव जीतेगी, लेकिन बढ़त कम हो सकती है।

अफगानिस्तान में पकड़ा गया केरल का सनाउल इस्लाम, ISIS में शामिल होने के लिए कंधार गया था: रिपोर्ट में बताया- पूछताछ कर रही तालिबानी एजेंसी

अफगानिस्तान के सत्ताधारी तालिबान ने आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के एक भारतीय शख्स को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार भारतीय केरल का रहने वाला सनाउल इस्लाम बताया जा रहा है। वह इस्लामिक स्टेट में भर्ती होने के लिए अफगानिस्तान पहुँचा था। उसी दौरान तालिबान ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हालाँकि, भारतीय एजेंसियों ने इस संबंध में अभी को स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा है।

अफगान तालिबान का दावा है कि सनाउल इस्लाम ताजिकिस्तान (कुछ रिपोर्ट में कजाकिस्तान) के रास्ते अफगानिस्तान की राजधानी कंधार पहुँचा था। अफगान तालिबान का आरोप है कि सनाउल का संबंध आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट खोरासन प्रोविंस (ISKP) से है। वह आतंकी साजिशों को अंजाम देने के मकसद से अपने आकाओं से मदद लेने के लिए पहुँचा था। इसी उद्देश्य से वह कंधार पहुँचा था।

तालिबान का कहना है कि सनाउल इस्लाम के पास से भारतीय पासपोर्ट बरामद किया गया है। उस पासपोर्ट पर उसका सनाउल इस्लाम लिखा हुआ है। वहीं, उसका निवास स्थान केरल का मल्लापुरम का उल्लात्तूपारा लिखा हुआ है। तालिबान का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ के बाद सनाउल इस्लाम को हिरासत में ले लिया गया है। उसके पास से मोबाइल फोन बरामद हुआ है, जिसकी जाँच की जा रही है।

वहीं, मामले की जाँच के लिए तालिबान ने उसे खुफिया विभाग जनरल डायरेक्टरेट इंटेलिजेंस को सौंप दिया है। तालिबान की इंटेलिजेंस शाखा इस व्यक्ति से पूछताछ कर रही है। तालिबान यह जानने का प्रयास कर रहा है कि वह किन-किन जगहों पर जाने वाला था और किन-किन लोगों से अब तक मिल चुका है और किन-किन लोगों से मिलने वाला था। उसे कंधार के जेल में रखा गया है।

जनम टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय अधिकारियों ने कहा है कि सनाउल इस्लाम की गिरफ्तारी से जुड़े आगे के कदमों को लेकर अफगान एजेंसियों के साथ चर्चा चल रही है। अफगान अधिकारियों ने उसकी तस्वीरें भी जारी की हैं। जाँच से पता चला है कि सनाउल इस्लाम ने आतंकवादी संगठन आईएस (इस्लामिक स्टेट) में शामिल होने के इरादे से ताजिकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान की यात्रा की थी।

यह घटना अब्दुल रशीद अब्दुल्ला से समानता रखती है। दरअसल, अब्दुल रशीद ने केरल के कासरगोड के 21 लोगों के साथ उसी क्षेत्र की यात्रा की थी। यह देखा गया है कि आतंकवादी आमतौर पर ताजिकिस्तान के रास्ते से ही अफगानिस्तान में प्रवेश करते हैं। सनाउल इस्लाम के मामले में भी जाँच टीम द्वारा पुष्टि की गई यही पैटर्न दिख रहा है।

बेंगलुरु के कैफे में बम ही फटा था: कर्नाटक के CM सिद्दारमैया ने IED ब्लास्ट किया कन्फर्म, मौके पर NIA की टीम; धमाके का CCTV फुटेज भी आया सामने

आज (1 मार्च 2024) को बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में जो धमाका हुआ था, उसके बम धमाका होने की पुष्टि मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने की है। इस धमाके का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ गया है, जिसमें धमाके के तुरंत बाद की तबाही नजर आ रही है। जिस समय ये धमाका हुआ, उस समय कैफे में काफी लोग थे। इस धमाके में 9 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसमें महिलाएँ और कैफे के कर्मचारी भी शामिल हैं।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने इस बात को स्वीकार किया कि रामेश्वरम कैफे में हुआ धमाका एक बम ब्लास्ट ही था। सिद्दारमैया ने ये भी कहा है कि इस घटना पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम इस धमाके को अंजाम देने वालों को पकड़ेंगे और उन्हें सजा दिलाएँगे। सिद्धारमैया ने कहा कि जिस व्यक्ति ने कैफे के अंदर बैग रखा, उसे सीसीटीवी फुटेज में कैश काउंटर से एक टोकन लेते हुए देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस बारे में कैशियर से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस विस्फोट से पहले के घटनाक्रमों का पता लगाने के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जाँच कर रही है।

बता दें कि शुक्रवार (1 मार्च 2024) को दोपहर के समय बेंगलुरु के ब्रुकफील्ड इलाके में स्थित मशहूर रामेश्वरम कैफे में धमाका हो गया। जिस समय ये धमाका हुआ, उस समय कैफे में लोगों की भीड़ लगी थी। इस धमाके के साथ ही हर तरफ दहशत फैल गई। कैफे में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। इस विस्फोट का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।

डीजीपी ने मुख्यमंत्री-गृहमंत्री के साथ ही एनआईए और आईबी को भी दी जानकारी

कर्नाटक के डीजीपी डॉ आलोक मोहन ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घायलों की संख्या बढ़कर 5 से 9 हो गई है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। हमारे पास नौ लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है।” उन्होंने कहा कि डीजीपी ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और गृह मंत्री जी परमेश्वर से संपर्क कर उन्हें घटना की जानकारी दी है।

इस दौरान घटनास्थल पर बैटरी भी मिली है, तो धमाके के आईईडी से जुड़े होने की ओर इशारा कर रही है। मुख्यमंत्री सिद्दारमैया इसे आईईडी धमाका बता भी चुके हैं। इस बीच डीजीपी मोहन ने कहा कि उन्होंने इस धमाके की जानकारी राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) दोनों को भेज दी है। इस बीच कर्नाटक के डीजीपी आलोक मोहन घटना स्थल पर पहुँचे। उनके साथ उप मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार और गृहमंत्री डी परमेश्वर भी थे।

इस बीच एनआईए की टीम भी घटनास्थल पर पहुँची है। एनआईए की टीम धमाके वाली जगह की जाँच कर रही है, साथ ही फॉरेंसिक जाँच करने वाली टीम से भी जानकारी जुटा रही है।

रामेश्वरम कैफे में हुए धमाके में स्वर्णम्बा (49), फारूक (19) (स्टाफ), दीपांशु (23), मोहन (41), नागश्री (35), मोमी (30), बलराम कृष्णन (31), नव्या (5), और श्रीनिवास (67) घायल हुए हैं।

बता दें कि शुरुआत में इस घटना को सिलेंडर धमाका बताया गया था, लेकिन बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने कैफे के संचालक के हवाले से जोर देकर इसे बम धमाका कहा था। उन्होंने एक्स पर लिखा था, “अभी-अभी रामेश्वरम कैफे के संस्थापक श्री नागराज से उनके रेस्तरां में हुए विस्फोट के बारे में बात हुई। उन्होंने मुझे बताया कि विस्फोट एक ग्राहक द्वारा छोड़े गए बैग के कारण हुआ, न कि किसी सिलेंडर विस्फोट के कारण। इस धमाके में रेस्तराँ का एक कर्मचारी भी घायल हो गया है। यह स्पष्ट तौर पर बम विस्फोट का मामला लग रहा है। सीएम सिद्दारमैया से बेंगलुरू स्पष्ट जवाब चाहती है।”

मदरसे में नाबालिग को मौलवी ने अधनंगा कर पीटा, छात्रों से कहा- इस पर थूको: ₹100 की घड़ी चुराने का आरोप लगाकर की बर्बरता

महाराष्ट्र के औरंगाबाद स्थित एक मदरसे में 100 रुपए की घड़ी चुराने के जुर्म में नाबालिग लड़के के साथ बर्बरता करने की घटना सामने आई है। चोरी के आरोप में छात्र को मदरसे के मौलाना सैयद उमर अली ने ‘क्रूर सज़ा’ देने का फैसला किया। 16 साल के किशोर को अर्धनग्न करके उसके साथी छात्रों ने उस पर थूका। इतना ही नहीं, उसकी बुरी तरह से पिटाई भी की गई।

जिस किशोर छात्र के साथ यह बर्बरता की गई, वह गुजरात के सूरत का रहने वाला है। उसका दाखिला छत्रपति संभाजी नगर (पूर्व में औरंगाबाद) के खुलताबाद इलाके के जामिया बुरहानुल उलूम मदरसा में हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक, इस किशोर ने पास की दुकान से एक घड़ी चुरा ली। उस घड़ी की कीमत सिर्फ 100 रुपए बताई जा रही है। चोरी की वारदात इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई।

चोरी का पता चलने पर दुकानदार ने तुरंत इसकी शिकायत दर्ज कराई। चोरी का सामान बरामद हो गया। बाद में मदरसे के मौलवी सैयद उमर अली ने छात्र को क्रूर सज़ा देने का फैसला किया। उसने किशोर को अर्धनग्न करके उसकी जमकर पिटाई की। इतना ही नहीं, उसने साथी छात्रों से भी उसे पिटवाया। साथी छात्रों ने उस पर थूका भी। नाबालिग छात्र के साथ बर्बरता का ये कुकृत्य रिकॉर्ड भी किया गया।

इसकी फुटेज जब पीड़ित परिवार तक पहुँची तो वे घबरा गए। उन्होंने इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस स्टेशन में दी और इसकी शिकायत दर्ज करवाई है। इस मामले में मौलवी के खिलाफ माइनर स्टूडेंट प्रोटेक्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। हालाँकि, मौलवी अभी तक गिरफ्तार नहीं हुआ है। वहीं, मारपीट करने वाले नाबालिग छात्रों को समझा कर छोड़ दिया गया।

मदरसों में इस तरह की घटनाएँ आम हैं। मार-पिटाई ही नहीं, बल्कि बच्चों के यौन शोषण की भी घटनाएँ सामने आती रहती हैं। अभी कुछ दिन पहले बिहार के पूर्णिया जिले में एक मदरसा टीचर पर छात्राओं के साथ छेड़खानी और सहकर्मी महिला शिक्षिका से रेप का आरोप लगा था। आरोपित टीचर का नाम मोहम्मद तहसीन है। तहसीन पर कड़ी कार्रवाई की माँग को ले कर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया है।

ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि मदरसे में बड़ी उम्र की लड़कियाँ पढ़ने जाती हैं। पढ़ाई के दौरान ही सहायक टीचर मोहम्मद तहसीन उन लड़कियों को मदरसे के ऊपर बने कमरे में ले जाता है और वहाँ उनसे मालिश करवाता है। मोहम्मद तहसीन का मदरसे में ही पढ़ाने वाली एक महिला शिक्षिका के साथ गलत संबंध है। तहसीन के किसी आपत्तिजनक वीडियो के भी वायरल होने का दावा किया जा रहा है।

इसी तरह कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मदरसा में पढ़ाने वाले एक मौलाना द्वारा अपनी छात्रा से रेप करने का मामला सामने आया था। पीड़िता की उम्र महज 8 वर्ष है। मौलाना आब्दीन का बच्ची की माँ से भी अवैध संबंध थे। इस मामले में पुलिस ने 19 फरवरी 2024 को केस दर्ज करके मौलाना आब्दीन और बच्ची की माँ को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, आब्दीन का भाई अरशद फरार था।

दरभंगा में मोहम्मद जावेद के मकान से मिले 7 जिंदा बम, विस्फोट होने पर लोगों ने दी थी पुलिस को खबर: किसी बड़ी घटना को अंजाम देने का अंदेशा

बिहार के दरभंगा जिले के एक गाँव में पुलिस ने मोहम्मद जावेद के घर से 7 जिंदा बम बरामद किए हैं। कहा जा रहा है कि इस इलाके में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना के तहत इतनी बड़ी संख्या में बमों को रखा गया था। पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है कि आखिर किन उद्देश्यों के लिए यहाँ बम रखे गए थे। साथ ही इसमें जावेद की संलिप्तता की भी जाँच की जा रही है।

बताया जाता कि जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले छोटी एकमी गाँव में बीती रात (29 फरवरी 2024) को एक अर्ध निर्मित मकान में विस्फोट आ था। धमाके की आवाज सुनकर गाँव के लोग घबरा गए। इसके बाद लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुँची और उस घर से 7 जिंदा बम बरामद कर लिया। पुलिस ने इन बमों को डिफ्यूज कर दिया है।

गाँव वालों ने पुलिस को सूचना डायल 112 के जरिए दी थी। सूचना मिलते ही नगर पुलिस अधीक्षक, दरभंगा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर थानाध्यक्ष लहेरियासराय, थानाध्यक्ष बहादुरपुर, गश्ती दल पदाधिकारी, बहादुरपुर थाना पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी एवं डायल 112 की टीम घटनास्थल पर पहुँची थी। वहाँ बम स्क्वॉयड को भी बुला लिया गया था।

मौके पर पहुँचकर पुलिस ने देखा कि घटनास्थल पर एक बोरा है। उसमें सात जिंदा बम रखे हुए हैं। वहीं, विस्फोट हुए बम का अवशेष एक उस मकान में फैला हुआ है। दरभंगा के सिटी एसपी शुभम आर्य ने कहा कि मौके पर पुलिस को भेजा गया तो घटनास्थल से दो फूटा हुआ बम का बिखरा हुआ टुकड़ा बरामद हुआ। इस घटना के सम्बन्ध में बहादुरपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज करके जाँच की जा रही है।

फिलहाल पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस मकान मालिक जावेद से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इन बमों को रखने में कहीं जावेद की तो भूमिका नहीं है। एसपी का कहना है कि अगर इसमें जावेद की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

राहुल गाँधी को क्रैंबिज ने ‘लेक्चर’ पर नहीं बुलाया, ‘पेड इवेंट’ के लिए भारत जोड़ो न्याय यात्रा रोक कर गए हैं ब्रिटेन: जीसस कॉलेज ने ऑपइंडिया को बताया

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी अपनी ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ को बीच में छोड़कर विदेश निकल गए हैं। कॉन्ग्रेस पार्टी ने प्रचारित किया कि उन्हें कैंब्रिज विश्वविद्यालय ने लेक्चर देने के लिए बुलाया है। ये सारा दावा फर्जी निकला है, ऑपइंडिया के पास इस बात के एक्सक्लूसिव सबूत हैं।

दरअसल, राहुल गाँधी की जिस यात्रा को कैंब्रिज विश्वविद्यालय की यात्रा बताया जा रहा है, वो दरअसल एक कॉलेज की यात्रा है। यही नहीं, उस कॉलेज में भी राहुल गाँधी ने जो ‘भाषण’ यानी लेक्चर दिया है, उससे सुनने वाले भी मुट्ठी भर लोग थे। और इस भाषण को देने के लिए ‘व्यवस्था’ करनी पड़ी, क्योंकि इस जगह को पैसे देकर कोई भी बुक कर सकता है।

ऑपइंडिया ये बात यूँ ही नहीं कह रहा है, बल्कि खुद कैंब्रिज विश्वविद्यालय के उस जीसस कॉलेज ने ही ये साफ कर दिया है कि राहुल गाँधी की विजिट ‘बुकिंग’ के बाद हुई थी। उसका कैंब्रिज यूनिवर्सिटी और जीसस कॉलेज से कोई लेना देना नहीं है। न ही कॉलेज और न ही विश्वविद्यालय की उसमें कोई सहभागिता रही, न ही वो इस कार्यक्रम के आयोजक रहे।

बता दें कि 21 फरवरी 2024 को कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने ये जानकारी दी थी कि राहुल गाँधी अपनी ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ को बीच में रोककर 26 फरवरी से 1 मार्च के लिए कैंब्रिज विश्वविद्यालय जा रहे हैं। जहाँ वो ‘लंबे समय से प्रस्तावित’ दो विशेष लेक्चर देंगे। ये लेक्चर 27 फरवरी और 28 फरवरी को होंगे। इसके लिए वो नई दिल्ली में हो रही पार्टी की बैठकों तक में शामिल नहीं हो पाएँगे, क्योंकि ये लेक्चर बहुत अहम हैं।

इसके बाद कॉन्ग्रेस से जुड़े कार्यकर्ताओं, नेताओं ने राहुल गाँधी की ‘तथाकथित कैंब्रिज विश्वविद्यालय’ में दिए गए लेक्चर को शेयर किया। किसी ने उन्हें सादगी की मूर्ति बताया, तो किसी ने कुछ। चूँकि कॉन्ग्रेस का दावा है कि ‘लंबे समय’ ये लेक्चर तय था, ऐसे में कॉन्ग्रेसियों ने माहौल बनाने में कोई कसर नहीं छूटी, लेकिन अब इसकी असलियत सामने आ चुकी है, क्योंकि राहुल गाँधी को बुलाना तो दूर, कैंब्रिज ने पूछा तक नहीं। न ही कैंब्रिज विश्वविद्यालय और न ही जीसस कॉलेज की तरफ से इस कार्यक्रम की सूचना दी गई है और न ही आधिकारिक कार्यक्रमों में इसे लिस्ट किया गया है।

कैंब्रिज की वेबसाइट पर कोई सूचना नहीं।

ऑपइंडिया ने पूछे सवाल, जीसस कॉलेज ने दिया जवाब, ये है कॉन्ग्रेस के फर्जीवाड़े का सबूत

कॉन्ग्रेस पार्टी ने कैंब्रिज के जिस ‘लेक्चर’ का भौकाल बनाया था, जब उसके बारे में सही सूचनाएँ नहीं मिली, तो ऑपइंडिया ने जीसस कॉलेज के प्रशासन से संपर्क किया और 5 सवाल पूछे:

1-कॉन्फ्रेंस रूम कब और कितने समय के लिए बुक किया गया था?

2-कार्यक्रम के आयोजक कौन थे?

3-क्या कॉलेज प्रशासन ने राहुल गाँधी को कार्यक्रम में बोलने के लिए आमंत्रित किया था?

4-कार्यक्रम में कितने उपस्थित लोग उपस्थित थे?

5-ऐलेना हॉल को बुक करने के लिए आयोजकों ने कितना भुगतान किया?

इसके जवाब में जीसस कॉलेज ने राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस के सभी दावों की हवा निकाल दी। कैंब्रिज विश्वविद्यालय से संबद्ध जीसस कॉलेज की प्रवक्ता ने 1 मार्च को ऑपइंडिया के सवालों के लिखित में जवाब दिए। जिसमें बताया गया कि जीसस कॉलेज के ऐलेना हाल में हुआ कार्यक्रम एक ‘पेड कार्यक्रम’ था, इसे कॉलेज प्रशासन ने आयोजित नहीं किया था। जवाब में लिखा गया है, “ये बाहरी कार्यक्रम था, कॉमर्शियल बुकिंग के आधार पर हुआ था। कॉलेज का इस कार्यक्रम के आयोजन या फंडिंग से कोई लेना-देना नहीं है।”

राहुल गाँधी के कार्यक्रम की सच्चाई

इस रिपोर्ट से साफ है कि राहुल गाँधी का ‘कैंब्रिज दौरा’ जनता की आँखों में धूल झोंकने जैसा था। न ही राहुल गाँधी को कैंब्रिज ने बुलाया और न ही जीसस कॉलेज ने। बल्कि पेड कार्यक्रम के जरिए भारत देश की 140 करोड़ जनता को भ्रम में डालने का प्रयास कॉन्ग्रेस पार्टी और राहुल गाँधी की तरफ से किया गया।

(दिबाकर दत्ता की यह रिपोर्ट मूल रूप से अंग्रेजी में प्रकाशित हुई है। विस्तार से पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें)

‘TMC नेता ने संदेशखाली में बहन-बेटियों के साथ दुस्साहस की हदें पार की’: PM मोदी ने ‘CM दीदी’ को घेरा, बंगाल को दी ₹7000+ करोड़ की परियोजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झारखंड के बाद अब पश्चिम बंगाल पहुँच गए हैं। बंगाल में पीएम मोदी ने सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने संदेशखाली का मुद्दा भी उठाया। टीएमसी से निलंबित किए गए नेता शाहजहाँ शेख पर संदेशखाली की महिलाओं ने यौन शोषण और जमीनों पर कब्जे का आरोप लगाया है।

पश्चिम बंगाल के आरामबाग में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “बंगाल की स्थिति आज पूरा देश देख रहा है। माँ, माटी, मानुष… इसकी ढोल पीटने वाली टीएमसी ने संदेशखाली की बहनों के साथ जो किया है, उसे देखकर पूरा देश दुखी है… आक्रोशित है। राजा राममोहन राय की आत्मा आज जहाँ कहीं भी होगी, इन लोगों के कारनामे देखकर अत्यंत दुखी हुई होगी।”

उन्होंने आगे कहा, “इन्होंने संदेशखाली में जो किया, उसे देखकर राजा राममोहन राय की आत्मा आज रोती होगी। टीएमसी के नेता ने संदेशखाली में बहनों-बेटियों के साथ दुस्साहस की सारी हदें पार कर दीं। जब संदेशखाली की बहनों ने अपनी आवाज बुलंद की, ममता दीदी से मदद माँगी तो उन्हें बदले में क्या मिला? मुख्यमंत्री दीदी ने… बंगाल सरकार ने टीएमसी के नेता को बचाने के लिए पूरी शक्ति लगा दी।”

प्रधानमंत्री यहीं नहीं रूके। उन्होंने कहा, “बीजेपी ने नेताओं ने रात-दिन लड़ाई लड़ी। माताओं-बहनों के सम्मान के लिए लड़ाई लड़ी। लाठियाँ खाईं, मुसीबतें झेलीं। बीजेपी के दबाव में आखिरकार कल (29 फरवरी 2024) बंगाल पुलिस ने आपकी (जनता की) ताकत के सामने झुक करके उस आरोपित को गिरफ्तार करना पड़ा।”

ममता बनर्जी की सरकार पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए धरने पर बैठ जाती हैं। टीएमसी चाहती है कि केेंद्र की योजनाओं में भी उनको खुली लूट करने का मौका मिले। अब मोदी इनकी मनमानी चलने नहीं दे रहा है। इसलिए मोदी को टीएमसी अपना दुश्मन नंबर वन मानती है। (आम लोगों से पूछते हुए) आप ही मुझे बताइए, क्या मैं टीएमसी की ये लूट चलने दूँ क्या?”

उन्होंने जनता से मुखातिब होते हुए पूछा, “ये टीएमसी जो करती है, उसे मैं करने दूँ क्या? ये पैसा आपका है या नहीं है? ये बंगाल के लोगों का पैसा है या नहीं है? आपकी मेहनत का पैसा है कि नहीं है? क्या मैं उसे औरों को लूटने दूँ? इन लूटेरों से मैं लड़ता हूँ तो अच्छा करता हूँ या नहीं करता हूँ?” इस दौरान जनता ने पीएम मोदी के पक्ष में जमकर नारे लगाए।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज मैं बंगाल की जनता से वादा हूँ। ये मेरी गारंटी है कि इन लूटने वालों को लौटाना पड़ेगा। ये मोदी छोड़ने वाला नहीं है। मोदी इनकी गालियों से डरता नहीं है। इनके हमले से डरने वाला… रूकने वाला मोदी नहीं है। मैंने पश्चिम बंगाल के बहनों, गरीबों और युवाओं को गारंटी दी है। मोदी की गारंटी ये है कि जिसने गरीब को लूटा है, उसको लौटाना ही पड़ेगा।”

पीएम मोदी ने कहा कि TMC ने बंगाल में अपराध और भ्रष्टाचार का एक नया मॉडल पैदा कर दिया है। राज्य सरकार भ्रष्टाचार एवं अपराध को बढ़ावा देती है और अपराधियों को संरक्षण के बदले TMC नेताओं को भर-भर कर पैसे मिलते हैं। उन्होंने कहा कि टीएमसी सरकार गरीब, किसान, नौजवान और महिला के सशक्तिकरण में बहुत बड़ी रुकावट है। इन वर्गों के बिना बंगाल विकसित नहीं हो सकता।

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में 7,000 करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में रेलवे, बंदरगाह, पेट्रोल और जल शक्ति जैसे बुनियादी ढाँचा शामिल हैं। सरकार ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह और अन्य संबद्ध परियोजनाओं से संबंधित बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के लिए 1,000 करोड़ रुपए की घोषणा की।

बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में ब्लास्ट, मौके पर बम निरोधक दस्ता: बोले बीजेपी MP तेजस्वी सूर्या- कस्टमर छोड़कर गया था बैग, CM दें जवाब

बेंगलुरु के एक कैफे में रहस्यमयी धमाका हुआ है। यहाँ एक बैग में रखे सामान में ब्लास्ट होने से पाँच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। धमाका रामेश्‍वरम कैफे में हुआ है। एचएएल पुलिस स्टेशन को एक घटना की सूचना मिली जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुँची। बेंगलुरु के कैफे में हुए धमाके को शुरूआती जानकारी में सिलेंडर ब्लास्ट का मामला बताया गया। हालाँकि भाजयुमो अध्यक्ष और बेंगलुरु से बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने कैफे के संचालक के हवाले से दावा किया है कि ये विस्फोट एक बैग में हुआ, जो एक ग्राहक लेकर आया था।

सिलेंडर ब्लास्ट की मिली थी सूचना

शुरुआती जानकारी में पता चला कि बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड में द रामेश्वरम कैफे में विस्फोट हुआ, जिसमें कुछ लोग घायल हो गए। व्हाइटफील्ड फायर स्टेशन की तरफ से बताया गया कि उन्हें सिलेंडर ब्लास्ट की सूचना मिली थी। एक कर्मचारी ने बताया, “हमें फोन आया कि रमेश्वरम कैफे में सिलेंडर विस्फोट हुआ है। हम मौके पर पहुँचे और स्थिति का विश्लेषण कर रहे हैं।”

भाजयुमो अध्यक्ष और बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने इसे बम धमाका बताते हुए मुख्यमंत्री से स्पष्टता की माँग की है। तेजस्वी सूर्या ने कहा, “अभी-अभी रामेश्वरम कैफे के संस्थापक श्री नागराज से उनके रेस्तरां में हुए विस्फोट के बारे में बात हुई। उन्होंने मुझे बताया कि विस्फोट एक ग्राहक द्वारा छोड़े गए बैग के कारण हुआ, न कि किसी सिलेंडर विस्फोट के कारण। इस धमाके में रेस्तराँ का एक कर्मचारी भी घायल हो गया है। यह स्पष्ट तौर पर बम विस्फोट का मामला लग रहा है। सीएम सिद्दारमैया से बेंगलुरू स्पष्ट जवाब चाहती है।”

बम निरोधक दस्ता भी रामेश्वरम कैफे पहुँचा, जहाँ धमाका हुआ था।

घटनास्थल पर फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम और जाँच में जुट गई।

बेंगलुरु सेंट्रल से बीजेपी सांसद पीसी मोहन ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “बेंगलुरु सेंट्रल संसदीय क्षेत्र के रामेश्वरम कैफे में रहस्यमयी विस्फोट के बारे में सुनकर चिंतित हूँ। मेरी संवेदनाएँ प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं। अधिकारियों से जाँच करने और सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह है।”

बता दें कि ये धमाका 1 मार्च को दोपहर के समय हुआ। इस धमाके में पाँच लोगों के घायल होने की खबर है। जिस रामेश्वरम कैफे में ये धमाका हुआ, वहाँ आम तौर पर काफी भीड़ रहती है। हालाँकि अभी तक धमाके की वजह सामने नहीं आ पाई है। जाँच के बाद ही धमाके की असली वजह सामने आ पाएगी।

छोटे बेटे की शादी से पहले नीता अंबानी ने बताई ‘मन की 2 इच्छाएँ’, अनंत-राधिका की प्री वेडिंग जलसे के लिए जामनगर चुनने की वजह भी बताई

गुजरात के जामनगर में अनंत-राधिका के प्री वेडिंग फंक्शन की तैयारियों के बीच अंबानी परिवार ने कला-संस्कृति, हिंदू धर्म, पशु प्रेम को लेकर जो अपना लगाव जाहिर किया है, उसकी तारीफ हर भारतीय कर रहा है। इसी बीच एक और वीडियो सामने आई है। इसमें रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने बताया कि उनकी छोटे बेटे अनंत की शादी को लेकर दो सबसे खास क्या इच्छाएँ हैं।

नीता अंबानी की इस वीडियो में उन्होंने बताया कि वो पूरी जिंदगी कला से प्रेरणा लेती रही हैं। वह कला के प्रति काफी पैशनेट भी हैं। उन्होंने कहा, “अपने पूरे जीवन में, मैं कला और संस्कृति से प्रेरित रही हूँ। इसने मुझे गहराई से प्रभावित किया है और मैं इसे लेकर बहुत भावुक हूँ।”

उन्होंने आगे कहा, “जब मेरे सबसे छोटे बेटे अनंत की राधिका के साथ शादी की बात आई, तो मेरी दो महत्वपूर्ण इच्छाएँ थीं। सबसे पहले, मैं अपनी जड़ों के साथ उत्सव को मनाना चाहती थी। जामनगर हमारे दिलों में एक विशेष स्थान रखता है और इसका गहरा महत्व है।”

नीता अंबानी ने कहा, “गुजरात वह जगह है जहाँ से हम आते हैं। यहीं पर मुकेश अंबानी और उनके पिता धीरू भाई अंबानी ने रिफाइनरी का निर्माण किया और मैंने इस शुष्क और रेगिस्तान जैसे क्षेत्र को हरे-भरे टाउनशिप और एक जीवंत समुदाय में परिवर्तित करके अपना करियर शुरू किया।”

अपनी दूसरा इच्छा बताते हुए वह बोलीं, “दूसरा, मैं चाहता थी कि यह उत्सव हमारी कला और संस्कृति के प्रति एक ट्रिब्यूट हो और हमारे प्रतिभाशाली क्रिएटिव दिमागों के हाथों, दिलों और कड़ी मेहनत से बनाई गई हमारी विरासत और संस्कृति का प्रतिबिंब हो।” इस वीडियो में नीता अंबानी ने कहा कि वह भारत की पवित्र भूमि के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करती हैं, जिसके स्तंभ ‘संस्कृति’ और ‘परंपरा’ हैं।

बता दें कि अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की शादी से पूर्व पूरा अंबानी परिवार जामनगर में आकर लगातार धर्म-कर्म के कार्यों में जुटा है। उन्होंने हाल में जामनगर में 14 मंदिरों का निर्माण करवाया है जिसकी सुंदर देखते ही बनती है। इसके अलावा उन्होंने प्री वेडिंग की जो शुरुआत की है उसे भी अन्न सेवा से की है। इसके लिए उन्होंने 51 हजार लोगों को बिठाकर भोजन करवाया। अभी हाल में अनंत अंबानी का इंटरव्यू भी सामने आया है जिसमें उन्होंने अपने परिवार के धार्मिक होने की बात बताई थी। उन्होंने अपने भाई को राम समान बताया और बहन को माँ जैसी।

अब ओलंपिक और नेशनल ट्रायल रुकवाने दिल्ली हाई कोर्ट पहुँचा ‘पहलवान गैंग’, कहा- भारतीय कुश्ती संघ नहीं जारी कर सकता सर्कुलर

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के खिलाफ खड़े होने वाले पहलवान बजरंग पुनिया, विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और सत्यव्रत कादियान ने एक बार फिर कोर्ट का रूख किया है। इन पहलवानों ने WFI द्वारा पहलवानों को एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर और विश्व ओलंपिक क्वालीफायर के चयन ट्रायल में भाग लेने के लिए बुलाने का विरोध किया है। उन्होंने इसके खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दी है।

पहलवानों द्वारा दायर याचिका पर अगले सप्ताह उच्च न्यायालय में सुनवाई होने की संभावना है। ये वही पहलवान हैं, जो भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष एवं भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। बृजभूषण शरण सिंह के कार्यकाल खत्म होने के बाद संजय सिंह कुश्ती संघ के प्रमुख बने हैं और भाजपा सासंद के करीबी माने जाते हैं।

पहलवानों ने अपनी याचिका में कहा है कि WFI को खेल मंत्रालय द्वारा निलंबित कर दिया गया है। इसलिए उसके पास पहलवानों को ट्रायल के लिए बुलाने की कोई शक्ति नहीं है। याचिका में तर्क दिया गया है कि WFI के मामलों के प्रबंधन के लिए भारतीय ओलंपिक संघ (IOC) द्वारा एक तदर्थ समिति का गठन किया गया था। इसके बाद भी WFI ने चयन परीक्षणों के लिए नोटिस जारी किया है।

याचिका में आगे कहा गया है, “जब तक प्रतिवादी नंबर 2 (WFI) को इस तरह के आयोजनों को आयोजित करने या ऐसे किसी भी परिपत्र को जारी करने से रोका नहीं जाता है, तब तक वह कुश्ती खिलाड़ियों को गुमराह करना, हेरफेर करना, प्रभावित करना, धमकाना, अनुचित एवं अनावश्यक प्रतिकूलताएँ पैदा करना जारी रखेगा।”

याचिका में कहा गया है कि तदर्थ समिति ने ट्रायल की तारीखें भी जारी की हैं और वे WFI द्वारा जारी की गई तारीखों से मेल खाती हैं। इससे दो समानांतर राष्ट्रीय चैंपियनशिप के परिणामस्वरूप प्रतिस्पर्धा करने वाले एथलीटों के बीच भ्रम और असमानता पैदा होगी। साथ ही याचिकाकर्ताओं की पात्रता प्रामाणिकता से WFI जानबूझकर छेड़छाड़ कर सकता है।

याचिकाकर्ता पहलवानों ने यह भी तर्क दिया है कि भारतीय कुश्ती महासंघ द्वारा उन्हें और अन्य पहलवानों को जानबूझकर परेशान किया गया है, क्योंकि उन्होंने महासंघ में अवैधताओं और बृज भूषण शरण सिंह एवं अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों पर मुखर और आलोचनात्मक रूख अपनाया था। उन्होंने कोर्ट से 10-11 मार्च को होने जा रहे ट्रायल पर रोक लगाने की माँग की है।

इन पहलवानों ने WFI के ट्रायल का भी बहिष्कार किया है। पहलवानों ने कहा कि जब तक सरकार इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करती और उचित समाधान नहीं निकालती, तब तक प्रदर्शनकारी पहलवान भारतीय कुश्ती महासंघ द्वारा घोषित राष्ट्रीय ट्रायल में हिस्सा नहीं लेंगे। उन्होंने कहा, “हम ट्रायल में तभी शामिल होंगे जब तदर्थ पैनल या सरकार इसे आयोजित करेगी।” 

पिछले दो महीने से रुस में प्रशिक्षण ले रहे बजरंग पूनिया ने कहा कि वह ट्रायल का हिस्सा नहीं होंगे। उन्होंने कहा, “अगर मैं ट्रायल में भाग नहीं लेता तो मैं अपने प्रशिक्षण पर 30 लाख रुपए खर्च नहीं करता, लेकिन निलंबित WFI ट्रायल कैसे आयोजित कर रहा है? मुझे समझ में नहीं आ रहा कि सरकार की मजबूरी क्या है?” WFI ने यह सर्कुलर 26 फरवरी को जारी किया था।

बता दें कि विश्व कुश्ती की सर्वोच्च संस्था युनाइटेड व‌र्ल्ड रेसलिंग (UWW) ने भारत पर लगाया गया अस्थायी निलंबन इस साल फरवरी के मध्य में हटा लिया था। प्रतिबंध हटाने का मतलब है कि भारतीय पहलवान अब विश्व संस्था की अगली प्रतियोगिता में देश के ध्वज तले खेल पाएँगे। दरअसल, समय पर चुनाव नहीं करा पाने के कारण यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने पिछले साल 23 अगस्त को उसे निलंबित कर दिया था। हालाँकि, बाद में चुनाव हुए और इसमें संजय सिंह विजयी हुए।