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प्लेन को पैसेंजर ट्रेन बनाकर रख दिया… इंडिगो फ्लाइट से उतर यात्रियों ने रनवे पर बैठ खाया खाना, वीडियो देख लोग हैरान; DGCA ने जारी की गाइडलाइन्स

घने कोहरे के कारण हर जगह यातायात बाधित है लेकिन सफर में फँसे यात्री इस बात को नहीं समझ रहे। हाल में इंडिगो फ्लाइट की एक वीडियो आई थी जिसमें गुस्साए पैसेंजर ने पायलट के मुँह पर मुक्का मार दिया था। अब एक अलग वीडियो सामने आई है जिसमें दिख रहा है कि फ्लाइट लेट होने की वजह से यात्री रनवे पर बैठकर ही डिनर करने लगे।

सोशल मीडिया पर ये वीडियो खूब शेयर हो रही है। दावा है कि इंडिगो की गोवा से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट 12 घंटे लेट थी जिसके कारण इसे मुंबई डायवर्ट किया गया। वहीं प्लेन से नीचे उतरकर यात्रियों ने खाना खाया। इसकी वीडियो शेयर करके कहा गया कि यात्रियों ने तो फ्लाइट को पैसेंजर ट्रेन जैसा बना दिया है। किसी ने ऐसी वीडियो को देख कहा कि ये एयरपोर्ट है या बस अड्डा… इसकी हालत क्या कर दी है।

इंडिगो ने ऐसी घटनाओं पर कहा, “हम 14 जनवरी को गोवा से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की उड़ान 6E2195 से जुड़ी घटना से अवगत हैं, दिल्ली में विजिबिलिटी (दृश्यता) कम होने के कारण फ्लाइट को मुंबई डायवर्ट किया गया था। हम ईमानदारी से अपने ग्राहकों से माफी माँगते हैं और फिलहाल घटना की जाँच कर रहे हैं।”

गौरतलब है कि इससे पहले फ्लाइट लेट की वजह से पायलट को मारने वाली वीडियो से काफी हंगामा हुआ था। इसके बाद डीजीसीए ने नई गाइडलाइन्स जारी की। उन्होंने विमानन कंपनियों से कहा कि उड़ानों में देरी पर यात्रियों के अपडेट देते रहो या तो फिर फ्लाइट को कैंसल कर दो।

बता दें कि हवाई सेवा में कोहरे के कारण जो आजकल व्यवधान आ रहा है उसे देखते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने कहा कि एयरलाइंस को अपनी वेबसाइटों पर विमानों में देरी के बारे में वास्तविक समय की जानकारी प्रकाशित करनी चाहिए। इनके अलावा प्रभावित यात्रियों को व्हॉट्सएप और ईमेल के माध्यम से वास्तविक स्थिति की सूचना देते रहना चाहिए।

गाइडलाइन्स में लिखा है कि खराब मौसम और कोहरे के कारण एयरलाइन्स ऐसी उड़ानों को तय समय से काफी पहले रद्द कर सकती है जो काफी देर से संचालित हो रही हैं या फिर उनके लेट होने की आशंका है या जिनकी उड़ानों में 3 घंटे से ज्यादा का समय लगेगा। ऐसा करने से हवाई अड्डे पर भीड़भाड़ को कम करने और यात्रियों की असुविधा को भी कम करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही लेट हो रही फ्लाइट्स की जानकारी देने, उड़ान के बारे में यात्रियों को सूचित करने, मार्गदर्शन करने के लिए एयरलाइंस को कहा गया है।

दिल्ली एयरपोर्ट पर पायलट के साथ हुई बदसलूकी मामले के बाद ही डीजीसीए ये एसओपी लेकर आया। केंद्र मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपील करते हुए कहा कि सभी यात्रियों से मेरा विनम्र अनुरोध है कि कठिन समय में सहयोग करें… किसी भी कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार की घटना अस्वीकार्य है। इसकी बजाय किसी भी घटना के लिए मौजूदा कानूनी प्रावधानों के अनुरूप दृढ़ता से निपटा जाना चाहिए।

संतोष की लाश पेड़ पर… 20 साल की मुस्लिम लड़की से प्यार करके मंदिर में की थी शादी: मायके में लड़की, बिहार पुलिस कर रही जाँच

बिहार के वैशाली में एक हिंदू युवक की हत्या कर दी गई। उसे मार कर पेड़ पर टाँग दिया गया। आरोप है कि उसने एक मुस्लिम युवती से प्रेम विवाह किया था, इस कारण उसकी हत्या कर दी गई। वो 10 दिन पहले ही घर लौटा था। मृतक की पहचान बहुआरा गाँव के निवासी सत्यनारायण चौधरी के बेटे संतोष कुमार के रूप में हुई है। उसे प्रेम विवाह करने की वजह से मार दिया गया।

ये घटना वैशाली जिले के पातेपुर थाना इलाके के बहुआता गाँव की है। इसी गाँव के आम के पेड़ पर संतोष नाम के युवक का शव लटका मिला। शव मिलने की सूचना मिलते ही आसपास के लोग इकट्ठे हो गए। इसके बाद मौके पर पुलिस पहुँची और जाँच-पड़ताल में जुट गई।

संतोष की हत्या से आक्रोशित लोगों ने पातेपुर-समस्तीपुर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया और हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद लोगों को शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल भेज दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संतोष का प्रेम प्रसंग पिछले तीन साल से पोखरा गाँव के शौकत अली की 20 साल की बेटी मोसरत खातून से चल रहा था। मोसरत तीन माह पहले वैशाली से भागकर दिल्ली चली गई थी। वहाँ दोनों ने हिंदू रीति-रिवाजों से शादी कर ली थी। इसके बाद दोनों ने कोर्ट मैरिज भी किया था। स्थानीय लोगों ने बताया कि संतोष शौकत के घर गाय दुहने जाता था, इसी दौरान उसके मोसरत से प्रेम संबंध स्थापित हो गए थे।

मोसरत जब भागी थी, उस मामले को लेकर पातेपुर थाना में अपहरण का मामला दर्ज कराया गया था। दिल्ली में शादी करने के बाद 10 दिन पहले ही संतोष और मोसरत गाँव लौटे थे। इसके बाद पुलिस ने न्यायालय के समक्ष 164 का बयान दर्ज कराया था। और लड़की को उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया था।

पुलिसिया कार्रवाई के बाद अब संतोष का शव पेड़ से लटका मिला है। इस बारे में महुआ के एसडीपीओ सौरभ सुमन ने मीडिया से बताया है कि पीड़ित परिवार के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जाँच शुरू कर दी गई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि संतोष के ससुराल पक्ष के लोगों ने उसकी हत्या कर दी।

‘राम जन्मभूमि से 4 किमी दूर बन रहा है राम मंदिर’: अयोध्या पर घृणा फैलाने से बाज नहीं आ रहा विपक्ष, जानिए कहाँ होंगे रामलला विराजमान

पूरा भारत राममय है। भगवान राम के नवनिर्मित भव्य मंदिर में 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। सारा देश इसकी प्रतीक्षा कर रहा है, लेकिन विपक्ष के नेता घृणा फैलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसी कड़ी में अब शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट के नेता और सांसद संजय राउत ने ऐसा दावा कर दिया, जिसके बाद लोग उनकी बुद्धि पर तरस खा रहे हैं। राउत ने दावा किया है कि रामलला का मंदिर मूल जन्मस्थान पर नहीं, बल्कि वहाँ से 4 किलोमीटर दूर बनाया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संजय राउत ने कहा है कि बीजेपी जिस जगह पर राम मंदिर बनवा रही है, वह मंदिर का मूल स्थान नहीं है। मंदिर वहाँ से 3-4 किलोमीटर दूर बनवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा वाले कहते थे कि ‘रामलला हम आएँगे मंदिर वहीं बनाएँगे’, लेकिन मंदिर वहाँ नहीं बना है। राउत ने कहा कि मूल स्थान से दूर तो कोई भी राम मंदिर बनवा सकता था।

संजय राउत ने कहा कि वो विवादित जगह आज भी वैसे ही है। राउत के इस बयान को विपक्षी नेता हाथों-हाथ ले रहे हैं और इसको लेकर सोशल मीडिया पर घृणा फैलाने में जुट गए हैं। संजय राउत के इस बयान का वीडियो विकास बंसल नाम के एक कॉन्ग्रेसी कार्यकर्ता ने भी शेयर किया है।

संजय राउत के बयान को लेकर ऑपइंडिया से बात करते हुए विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि इस तरह की बातें करने वाले विधर्मी हैं। ये लोग मानसिक दिवालियेपन के शिकार हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह आरोप लगाने वाले लोग मानसिक दिवालियेपन की पराकाष्ठा पार कर रहे हैं।

विनोद बंसल ने ऑपइंडिया से कहा, “पूज्य संतों… श्रेष्ठ लोगों… वरिष्ठ लोगों ने इस स्थान को तय किया है। अगर किसी व्यक्ति को संदेह है इस स्थान को लेकर, वो भी किसी राजनीतिक व्यक्ति को तो उन्हें संतों की शरण में जाना चाहिए।” उन्होंने संजय राउत के दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया।

ये है संजय राउत के दावे की हकीकत

दरअसल, संजय राउत भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त 2020 को भव्य राम मंदिर की आधारशिला रखी थी। उन्होंने मंत्रोच्चार के बीच इस अनुष्ठान को पूरा किया था। ये वही जगह थी, जहाँ भगवान राम का मंदिर हमेशा से हुआ करता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसी जगह पर राम मंदिर की आधारशिला रखी थी, जहाँ पर भगवान राम दशकों से टेंट में रहते आ रहे थे।

ये वही जगह थी, जिसे कारसेवकों ने बाबरी ढाँचे को ढहाकर समतल कर दिया था और एक चबूतरा बना दिया था। इसी चबूतरे पर रामलला को रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा था, “बरसों से टाट और टेंट के नीचे रह रहे ‘हमारे रामलला’’ के लिए अब एक भव्य मंदिर का निर्माण होगा।”

उन्होंने कहा था, “टूटना और फिर उठ खड़ा होना, सदियों से चल रहे इस व्यतिक्रम से राम जन्मभूमि आज मुक्त हो गई है।” राउत के सवाल के बाद अब आप भी सोच रहे होंगे कि अगर ये वही जगह है तो फिर भगवान राम कहाँ हैं, क्योंकि उस जगह पर तो निर्माण कार्य चल रहा है। तो इसका जवाब भी हम आपको दे देते हैं।

मार्च 2020 को भगवान राम को किया गया था अस्थाई मंदिर में शिफ्ट

दरअसल, भगवान राम की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण कार्य के शुरू होने से पूर्व ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान राम को अस्थाई मंदिर में शिफ्ट कराया था। योगी आदित्यनाथ ने 25 मार्च 2020 को तड़के ही इस काम को संपन्न कराया था।

उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा था, “भव्य राम मंदिर के निर्माण का पहला चरण आज सम्पन्न हुआ। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम त्रिपाल से नए आसन पर विराजमान… मानस भवन के पास एक अस्थायी ढाँचे में ‘रामलला’ की मूर्ति को स्थानांतरित किया। भव्य मंदिर के निर्माण हेतु ₹11 लाख का चेक भेंट किया।”

अब तो मामला समझ में आ ही गया होगा। दरअसल, रामलला को तिरपाल से मुक्ति दिलाकर उन्हें अस्थाई मंदिर में शिफ्ट किया गया था, जो मानस भवन के नजदीक है। इस बात की सूचना भी सार्वजनिक तौर पर मौजूद है। ऐसे में संजय राउत का बयान न सिर्फ उनके मानसिक दिवालिएपन को दर्शाता है, बल्कि ये भी बताता है कि विपक्ष के नेता किस तरह से जनता में भ्रम और घृणा फैलाने का काम कर रहे हैं।

बेटी के बाद अब पिता सचिन तेंदुलकर भी हुए DeepFake का शिकार, पीएम मोदी के मंत्री ने कहा- जल्द लाएँगे कठोर कानून

बेटी सारा तेंदुलकर के बाद अब पूर्व क्रिकेटर भारत रत्न सचिन तेंदुलकर भी डीपफेक का शिकार हो गए हैं। उनके एक वीडियो इंटरव्यू का क्लिप लेकर गेमिंग एप को प्रमोट करने वाला वीडियो बना लिया गया है। तेंदुलकर ने इस वीडियो को फर्जी बताते हुए कार्रवाई की माँग की है। इसके बाद केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि ऐसे मामलों को कठोरता निपटा जाएगा।

सोशल मीडिया साइट X (पूर्व में ट्विटर) पर पर सचिन तेंदुलकर की पोस्ट का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री चंद्रशेखर ने कहा, “AI द्वारा संचालित DeepFakes और गलत सूचनाएँ भारतीय उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और विश्वास के लिए खतरा हैं। ये नुकसान पहुँचाती हैं और कानून का उल्लंघन करती हैं। इन्हें प्लेटफॉर्म को रोकना और हटाना ही होगा।”

उन्होंने अपनी पोस्ट में आगे कहा, “इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की हालिया एडवाइजरी में प्लेटफ़ॉर्म को इसका 100% अनुपालन करने के लिए कहा गया है। प्लेटफार्मों द्वारा अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए हम जल्द ही आईटी अधिनियम के तहत कड़े नियमों को अधिसूचित करेंगे।”

दरअसल, सचिन तेंदुलकर ने 15 जनवरी 2024 को अपने एक्स अकाउंट पर 30 सेकेंड लंबा एक वीडियो साझा किया है। उन्होंने इस वीडियो के साथ लिखा, “ये वीडियो नकली है और आपको धोखा देने के लिए बनाया गया है। टेक्नोलॉजी का इस प्रकार का दुरुपयोग बिल्कुल गलत है। आप सब से विनती है कि ऐसे वीडियो या एप या विज्ञापन आपको अगर नजर आए तो उन्हें तुरंत रिपोर्ट करें।”

आगे उन्होंने लिखा, “सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को भी सावधान रहना चाहिए और इनके खिलाफ की गई शिकायत पर जल्द से जल्द एक्शन लेना चाहिए। उनकी भूमिका इस बारे में बहुत जरूरी है ताकि गलत सूचना और खबरों को रोका जा सके और डीपफेक का दुरुपयोग खत्म हो।”

दरअसल में वायरल वीडियो में एआई तकनीक का इस्तेमाल करते हुए सचिन तेंदुलकर को एक गेमिंग एप की बात करते हुए दिखाया गया है। सचिन के चेहरे और आवाज वाली वीडियो में कहा गया है, “मेरी बेटी इस समय यह गेम खेल रही है, जिसके बारे में हर कोई बात कर रहा है- एविएटर। वह स्काईवड एविटर क्वेस्ट एप खेल कर हर दिन 180 हजार रुपए निकालती है। मुझे कभी आश्चर्य होता है कि अच्छा पैसा कमाना कितना आसान हो गया है और सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह एप मुफ्त है। कोई भी आईफोन मालिक इसे डाउनलोड कर सकता है।”

ऑपइंडिया ने अपनी जाँच में यह पाया कि जिस वीडियो से सचिन की यह फर्जी क्लिप बनाई गई है वह उनके आठ महीने पुराने एक इंटरव्यू में से निकाली गई है। यह वीडियो 24 अप्रैल 2023 को कामिया जानी नाम की एक लाइफस्टाइल ब्लॉगर के यूट्यूब चैनल कर्ली टेल्स पर डाला गया है।

किसी एप या गेम का प्रचार करने के लिए किसी बड़ी हस्ती का डीपफेक बनाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले नवम्बर 2024 में कारोबारी रतन टाटा का एक डीपफेक वीडियो बनाया गया था। इसमें उन्हें सट्टेबाजी को प्रमोट करते हुए दिखाया गया था। इसमें भी एविएटर नाम के ही एप को बढ़ावा दिया जा रहा था। उन्होंने इसकी सच्चाई ट्विटर पर लोगों को बताई थी।

गौरतलब है कि सचिन तेंदुलकर से पहले अभिनेत्री उनकी बेटी सारा तेंदुलकर, एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय, अभिनेत्री रश्मिका मंदाना और कैटरीना कैफ के साथ भी ऐसा हो चुका है। उनके भी डीपफेक के जरिए वीडियो बनाकर वायरल किए गए थे। इसके बाद भारत में डीपफेक को लेकर नई बहस भी छिड़ी थी।

इंदिरा गाँधी जिस बात के लिए देती रह गईं नारे, PM मोदी ने 9 साल में वह कर दिखाया: 25 करोड़ लोग गरीबी से निकले बाहर, नीति आयोग ने दिए आँकड़े

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारत विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश की अर्थव्यवस्था की गति न सिर्फ पूरी दुनिया में सबसे तेज है, बल्कि देश के करीब 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से भी ऊपर उठे हैं और वो भी महज 9 सालों में। एक आँकड़े के मुताबिक, साल 2013-2014 में भारत की 29.17 प्रतिशत से अधिक आबादी गरीबी रेखा से नीचे थी, जबकि मौजूदा समय में ये आँकड़ा घटकर 11.28 प्रतिशत रह गया है।

नीति आयोग द्वारा जारी एक शोधपत्र में ये आँकड़े सामने आए हैं। ये शोधपत्र संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी), ऑक्सफोर्ड नीति और मानव विकास पहल (ओपीएचआई) की इनपुट पर तैयार किए गए हैं। नीति आयोग ने इसे ‘2005-06 से भारत में बहुआयामी गरीबी’ नाम से प्रकाशित किया है।

इस शोधपत्र में बताया गया है कि साल 2013-14 से 2022-23 के बीच देश के 24.82 करोड़ लोगों को गरीबी की परिधि से बाहर निकाला। ये शोधपत्र नीति आयोग के सदस्य प्रोफेसर रमेश चंद द्वारा तैयार किया गया है। इसे नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम की उपस्थिति में जारी किया गया।

नीति आयोग द्वारा जारी आँकड़ों का ग्राफिक (फोटो साभार : PIB)

बहुआयामी गरीबी सूचकांक (Multidimensional Poverty Index-MPI) यानी एमपीआई एक विश्वस्तरीय मान्यता प्राप्त मापक है, जो मौद्रिक पहलुओं से हटकर कई आयामों में गरीबी को दर्शाता है। एमपीआई अलकिरो और फोस्टर पद्धति पर कार्य करता है। इसके आँकड़ों के अनुसार, भारत में बहुआयामी गरीबी में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।

इसके अनुसार, भारत में गरीबी साल 2013-14 में 29.17% से घटकर 2022-23 में 11.28% रह गई है, यानी 17.89 प्रतिशत की कमी आई है। उत्तर प्रदेश में पिछले 9 वर्षों के दौरान 5.94 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले हैं, जो सबसे अधिक है। इसके बाद बिहार में 3.77 करोड़, मध्य प्रदेश में 2.30 करोड़ और राजस्थान में 1.87 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं।

शोधपत्र यह भी दर्शाता है कि 2005-06 से 2015-16 की अवधि की तुलना में 2015-16 से 2019-21 में गरीबी में तेज गिरावट दर्ज की गई है। साल 2005-15 में गरीबी की वार्षिक गिरावट 7.69% थी, जो साल 2016-21 में बढ़कर 10.66% वार्षिक गिरावट हो गई। इस संपूर्ण अध्ययन अवधि के दौरान एमपीआई के सभी 12 संकेतकों में महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किए गए हैं।

भारत सरकार की कोशिशों के चलते उम्मीद है कि भारत साल 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) लक्ष्यों को प्राप्त कर लेगा। इसमें सबसे कमजोर और वंचितों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सरकार के निरंतर समर्पण और दृढ़ प्रतिबद्धता ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

नीती आयोग द्वारा जारी किया गया शोध पत्र (फोटो साभार : PIB)

भारत सरकार की राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पीडीएस सिस्टम से 81.35 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिलता है। इस योजना को 5 वर्षों के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही पोषण अभियान, मातृ स्वास्थ्य संबंधित योजनाओं, उज्ज्वला योजना, बिजली की पहुँच, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसे परिवर्तनकारी अभियानों ने सामूहिक रूप से लोगों की स्थिति में सुधार किया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री जनधन योजना और पीएम आवास योजना जैसी योजनाओं ने भी गरीबी को कम करने में मदद की है।

इस शोधपत्र में आगे बताया गया है कि उन राज्यों में जहाँ गरीबी दर की काफी ज्यादा थी, उन राज्यों में भी काफी सुधार हुआ है। सबसे ज्यादा सुधार उत्तर प्रदेश, बिहार जैसे राज्यों में हुआ है। केंद्र सरकार की कोशिश है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत देश को साल 2047 तक विकसित बनाने का जो लक्ष्य रखा है, उसे समय से पहले ही पूरा कर लिया जाए। इस दिशा की ओर देखें तो ये आँकड़े काफी सुखद प्रतीत होते हैं।

बता दें कि भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। भारत अगले तीन सालों में दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो जाएगा, जो जल्द ही 5 ट्रिलियर डॉलर के आँकड़ों को पार कर लेगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत दुनिया में आई अस्थिरता के बाद भी आर्थिक मोर्चे पर बढ़िया प्रदर्शन कर रहा है और इस समय विश्व की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। भारत पर यूक्रेन-रूस और इजरायल-हमास के बीच चल रहे युद्ध का भी उतना असर नहीं पड़ा है।

भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी तिमाही में 7.6% की वृद्धि प्राप्त की है। यह अनुमानों से कहीं अधिक है। इसे पहले वैश्विक संस्थानों ने अनुमान लगाया था कि भारत की आर्थिक तरक्की की गति 6% से लेकर 7% के बीच में रहेगी। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.8% रही थी। इस प्रकार पहले छः महीनों में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.7% रही है, जो कि किसी भी बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था से कहीं अधिक है। 

अयोध्या में आमलोगों के लिए दर्शन कब से, किनके रामलला गर्भगृह में होंगे विराजमान: प्राण-प्रतिष्ठा से पहले सारे सवालों का चंपत राय ने दिया जवाब

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में 22 जनवरी 2024 को भगवान रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा होनी है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया है कि प्राण-प्रतिष्ठा के अगले दिन यानी 23 जनवरी से आम लोग मंदिर में दर्शन कर सकेंगे। साथ ही गर्भगृह में प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज द्वारा निर्मित भगवान राम की बाल विग्रह की स्थापना की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि रामलला की तीन मूर्तियों का निर्माण किया गया है। दो अन्य मूर्तियों को भी राम मंदिर में ही स्थापित किया जाएगा। लेकिन गर्भगृह में जिस मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होगी वह नीलवर्ण के रामलला हैं। इसे योगीराज ने बनाया है। इसका निर्माण कर्नाटक के नीले पत्थर से किया गया है।

23 जनवरी से आम जनता भी कर सकेगी दर्शन

15 जनवरी को मीडिया से बात करते हुए चंपत राय ने बताया कि 20-21 जनवरी को मंदिर में दर्शन की अनुमति नहीं होगी, क्योंकि 22 जनवरी के कार्यक्रम की तैयारियाँ करनी है। उन्होंने बताया कि मुख्य प्राण-प्रतिष्ठा समारोह 12.20 बजे से शुरू होगा, जो एक बजे तक चलेगा। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, संघ प्रमुख मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपना मनोभाव प्रकट करेंगे। इनके अलावा महंत नृत्य गोपाल दास भी अपना आशीर्वाद देंगे।

राइ ने बताया, “20-21 जनवरी को दर्शन बंद रखने का विचार चल रहा है। भगवान का दर्शन पूजन, पूजन, आरती, भोजन पुजारी कराएँगे। अंदर के लोग उपस्थित रहेंगे। 23 जनवरी से आम श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।”

चंपत राय ने एक बाद फिर से निवेदन किया है कि 22 जनवरी को वही लोग आएँ जो समारोह के लिए आमंत्रित हैं। शेष लोग इस दिन अपने आसपास के मंदिरों में उत्सव मनाएँ। उन्होंने प्राण-प्रतिष्ठा के बाद शंख ध्वनि करने और प्रसाद वितरण का भी आग्रह किया है। साथ ही कहा है कि सूर्यास्त के बाद अपने घर के मुख्य द्वार पर सभी लोग कम से कम पाँच दीपक जलाएँ।

चंपत राय ने बताया कि समारोह के दौरान देश के जितने भी पारंपरिक वाद्ययंत्र हैं उनका वादन होगा। इनमें उत्तर प्रदेश का पखावर, बाँसुरी, ढोलक, कर्नाटक का वीणा, महाराष्ट्र का सुंदरी, पंजाब का अलगोजा, उड़ीसा का मर्दल, मध्य प्रदेश का संतूर, मणिपुर का पुँग, असम का नगाड़ा और काली, दिल्ली की शहनाई, झारखंड का सितार, गुजरात का संतार, तमिलनाडु का मृदंग इत्यादि शामिल हैं।

राय ने बताया कि मिथिला सहित देश के अलग-अलग हिस्सों से भगवान के लिए उपहार आ रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने जोधपुर से बैलगाड़ियों पर अपनी गोशाला का घी लेकर आए एक साधु का भी उल्लेख किया।

होंठों पर लाली-हाथों में कंगन, चेहरा पुता-नाखून रंगा… 34 साल की गर्लफ्रेंड की जगह परीक्षा दे रहा था 26 साल का बॉयफ्रेंड, पंजाब पुलिस ने पकड़ा

पंजाब के फरीदकोट में अपनी गर्लफ्रेंड के बदले परीक्षा दे रहे एक युवक को पकड़ा गया है। लड़की दिखने के लिए उसने ना सिर्फ सलवार-कमीज पहनकर ना सिर्फ महिला का वेश बना रखा था, बल्कि माथे पर बिंदी और होंठों पर लिपस्टिक भी लगा रखा था। उसने लड़की की गेटअप में आधार और वोटर कार्ड आदि भी बनवा रखा था। अंग्रेज सिंह नाम के इस युवक की महिला के गेटअप में तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

जानकारी के अनुसार, पंजाब के फजिल्का का रहने वाला अंग्रेज सिंह फरीदकोट में बाबा फरीद विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित एक परीक्षा में शामिल होने आया था। यहाँ वह अपनी गर्लफ्रेंड परमजीत कौर बन कर परीक्षा दे रहा था। हालाँकि, उसके हावभाव को देखकर शंका हुई और पूछताछ के बाद उसे पकड़ लिया गया।

किसी को शक ना हो इसके लिए अंग्रेज सिंह ने चूड़ियाँ पहन रखी थी और माथे पर बिंदी भी लगा रखी थी। यहाँ तक कि होंठों पर लिपस्टिक और हाथों में नेल पॉलिश लगाकर भी पहुँचा था। उसने दाढ़ी-मूँछें क्लीन करा रखी थीं और मेकअप भी लगा रखा था। परीक्षा केंद्र के अधिकारियों से बचने के लिए उसने सिर पर टोपी पहन रखा और शरीर पर शॉल ओढ़ रखा था।

हालाँकि, उसकी योजना परवान नहीं चढ़ सकी दरअसल, इस परीक्षा में लोगों के अंगूठे के निशान को मिलाया जा रहा था। जब उसकी बारी आई तो उसका फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं हो पाया। इसके बाद यहाँ मौजूद सुरक्षाकर्मियों को उस पर शक हुआ। जब जाँच हुई तो पता चला कि वह लड़की नहीं, बल्कि लड़का है और अपनी गर्लफ्रेंड की जगह पर परीक्षा देने आया है।

26 साल के अंग्रेज सिंह ने अपनी गर्लफ्रेंड का फर्जी मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड भी बनवा रखा था, जिसमें नाम तो उसकी गर्लफ्रेंड परमजीत कौर का था, लेकिन तस्वीर लड़की की वेश-भूषा में उसकी लगी हुई थी। इन फर्जी दस्तावेजों को पुलिस ने बरामद कर लिया है। दरअसल, 34 साल की परमजीत कौर पहले भी इस परीक्षा को दे चुकी थी, वह पास नहीं कर पाई थी।

पुलिस ने बताया कि अंग्रेज सिंह को गिरफ्तार किया गया था। हालाँकि, जमानत पर उसे छोड़ दिया गया है। फरीदकोट विश्वविद्यालय द्वारा इस मामले में FIR दर्ज करवाई गई है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “एक शख्स सिर्फ अपनी गर्लफ्रेंड के लिए इतना जोखिम उठा सकता है?” बता दें कि फरीदकोट और फिरोजपुर के 26 केंद्रों पर आयोजित इस भर्ती परीक्षा में 7,500 उम्मीदवार उपस्थित हुए थे।

पश्चिम बंगाल के मुस्लिम बहुल इलाकों में पैर पसार रहे नक्सली, CAA के नाम पर भड़का रहे: वामपंथी आतंकी सब्यसाची गोस्वामी की गिरफ्तारी से खुलासा

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया से बंगाल पुलिस ने एक वामपंथी नक्सल आतंकी को पकड़ा गया है। यह बंगाल के उन इलाकों में अपनी सक्रियता बढ़ा रहा था, जहाँ मुस्लिम आबादी अधिक है। वहाँ वह अपनी नक्सली आतंकी विचारधारा को फैलाकर हिंसा बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा था। गिरफ्तार किए गए इस नक्सली आतंकी का नाम सब्यसाची गोस्वामी उर्फ़ किशोर है।

जानकारी के अनुसार, गोस्वामी झारखंड-बंगाल सीमा से तीन किलोमीटर दूर पकड़ा गया है। उसे 12 जनवरी 2024 की रात को बंगाल पुलिस ने पकड़ा। 55 साल का गोस्वामी के पास से 9 एमएम की एक पिस्टल, कई राउंड गोलियाँ और माओवादी साहित्य बरामद हुए हैं। गोस्वामी बंगाल के उत्तर 24 परगना का रहने वाला है।

माओवादी गतिविधियों के चलते 2004 से उसे कम-से-कम 5 बार गिरफ्तार किया जा चुका है। पिछली बार उसे साल 2022 में गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद वह जमानत पर बाहर था। वह जंगलमहल क्षेत्र में ग्रामीणों को हथियारों की आपूर्ति कर रहा था। इसी जंगलमहल के अंतर्गत पुरुलिया आता है।

प्रतिबंधित CPI (Maoist) का यह नक्सल आतंकी की तलाश राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की मोस्ट वॉन्टेड सूची में शामिल था। NIA लाल आतंक फैलाने के मामले में उसे तलाश रही थी। गोस्वामी के ऊपर 10 लाख रुपए का ईनाम भी रखा गया था। बंगाल पुलिस के अनुसार, झारखंड के सुरक्षाबलों से सूचना मिली थी कि गोस्वामी बंगाल सीमा के जंगलों में अपनी गतिविधियाँ बढ़ा रहा है।

पुलिस ने बताया है कि वह पुरुलिया के आसपास के इलाके के गाँव वालों को हथियार देकर हिंसा भड़काना चाहता है। यहाँ वह उन गाँवों के लोगों को भड़का रहा था, जो जंगलों से घिरे हुए हैं। बंगाल पुलिस का कहना है कि गोस्वामी पुरुलिया में लोगों को भड़काकर हिंसा को बढ़ावा दे रहा था। बता दें कि साल 2010 में पुरुलिया में नक्सलियों ने 5 नागरिकों की हत्या कर दी थी।

पुलिस को पता चला है कि नक्सली आतंकवादी बांग्लादेश से सटे बंगाल के नादिया और मुर्शिदाबाद जैसे मुस्लिम आबादी वाले इलाकों में साल 2019 से अपनी पैठ बना रहे हैं। ये CAA कानून के नाम पर मुस्लिमों को भड़काने का काम कर रहे हैं। यह भी सामने आया है कि मुस्लिमों को भड़काकर ये नक्सली बांग्लादेश सीमा के गाँवों में शरण ले रहे हैं। यहाँ के नक्सली आतंकी अपनी सभाएँ भी कर रहे थे।

गौरतलब है कि बीते कुछ वर्षों में भारत में नक्सली घटनाओं में काफी कमी देखी गई है। केंद्र सरकार ने संसद में दिए एक उत्तर में बताया था कि साल 2010 के मुकाबले नक्सली हमलों में 90% तक की कमी देखी गई है। हालाँकि, नक्सली और उनसे जुड़े ओवरग्राउंड वर्कर लगातार हिंसा फैलाने की जुगाड़ में लगे रहते हैं।

‘नौकरी चाहिए तो एक रात साथ में बिताओ’: नौकरी के लिए इंटरव्यू देने पहुँची लड़कियों से सेक्स की माँग, FIR दर्ज होने पर अधिकारी ने माँगी माफी

मध्य प्रदेश के बीज निगम में नौकरी पाने के लिए महिलाओं, युवतियों को सेक्स के लिए तैयार रहना पड़ेगा। वो अगर एक रात अधिकारी के साथ बिताएँगी, तभी नौकरी मिलेगी। ये हम नहीं, उसी बीज निगम के अधिकारी का कहना है। ग्वालियर में राज्य सरकार के उपक्रम बीज विकास निगम में नौकरी के लिए हुए साक्षात्कार में शामिल होने वाली लड़कियों से सेक्स की डिमांड की गई है।

मामला 3 जनवरी 2024 को ग्वालियर स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में एमपी बीज विकास निगम द्वारा निकाली गई भर्ती के लिए आयोजित हुए इंटरव्यू से जुड़ा है। जिस अधिकारी ने नौकरी देने के लिए युवतियों के सामने इस तरह का प्रस्ताव रखा, उसका नाम संजीव कुमार तंतुवे है। तंतुवे बीज विकास निगम में प्रोडक्शन असिस्टेंट है।

उसने इंटरव्यू में शामिल हुई कम-से-कम 3 लड़कियों को फोन एवं मैसेज किया और नौकरी देने के लिए उनसे सेक्स की डिमांड की। उसने कहा, “मेरे साथ एक रात गुजारोगी तो नौकरी मिलेगी। एक घंटे में बताओ कि कर सकती हो नहीं।” इसके बाद पीड़िता ने ह्वाट्सऐप मैसेज का स्क्रीनशॉट लेकर ग्वालियर पुलिस में उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा है, “मैं ग्वालियर के कॉलेज में पढ़ती हूँ। तीन जनवरी को कृषि विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट सेल ने मध्य प्रदेश राज्य बीज विकास निगम में मेरा इंटरव्यू करवाया था। मेरे इंटरव्यू से बाहर आने के कुछ घंटों के बाद कॉल और वॉट्सऐप मैसेज आए।”

पीड़िता ने आगे बताया, “मैसेज भेजने वाले ने कहा- मैं इंटरव्यू पैनल से हूँ और मैंने ही तुम्हारा इंटरव्यू लिया है। मैं तुम्हारा सेलेक्शन भी करवा सकता हूँ, लेकिन उसके बदले में मेरा क्या फायदा होगा? उसने मेरी बैकग्राउंड और निजी जानकारियाँ ली और फिर नौकरी देने के बदले शारीरिक संबंध बनाने की डिमांड रखी। ऐसा ही मैसेज मेरी बैचमेट लड़की को भी किया गया था।”

इस बात की शिकायत क्राइम ब्रांच ग्वालियर से की गई और नंबर भी दिया गया, जो सिवनी निवासी संजीव कुमार के नाम पर था। इसके बाद पुलिस ने संजीव कुमार को धारा 354ए के तहत हिरासत में ले लिया। आरोपित ने अपनी गलती मानी और माफी माँग ली। इसके बाद पुलिस ने आरोपित को नोटिस देकर छोड़ दिया।

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित लड़की रीवा जिले की रहने वाली है। वो M.Sc की पढ़ाई कर रही है। वहीं, जिस आरोपित संजीव कुमार तंतुवे का नाम सामने आया है, वो बीज विकास निगम भोपाल में प्रोडक्शन असिस्टेंट है। संविदा पर निकाले गए इस पद के लिए इंटरव्यू लेने के लिए वह भोपाल से आया था। हालाँकि, उसके खिलाफ क्या विभागीय कार्रवाई की गई है, इसका अभी पता नहीं चल पाया है।

अफगानिस्तान को हराकर महाकाल के दरबार पहुँचे भारतीय क्रिकेटर, उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध मंदिर की भस्म आरती में लिया हिस्सा

भारतीय क्रिकेटर रवि विश्नोई, तिलक वर्मा, वॉशिंगटन सुंदर और जितेश शर्मा मकर संक्रान्ति 15 जनवरी 2024 को सुबह उज्जैन में महाकाल ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने पहुँचे। यहाँ वे महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए। ये सबी क्रिकेटर इंदौर में पिछली रात भारत और अफगानिस्तान के बीच हुए मैच को खेलने के बाद पहुँचे थे। खिलाड़ियों ने मीडिया से भी बातचीत की।

महाकाल नगरी पहुँचे खिलाड़ियों ने नंदी हॉल में बैठकर महाकाल की भस्म आरती में भाग लिया। यहाँ उन्होंने पूजा-अर्चना के बाद ध्यान लगाया। उन्होंने यहाँ के पुजारियों से ज्योतिर्लिंग के बारे में भी जानकारी ली। ये चारों खिलाड़ी लगभग 2 घंटे मंदिर परिसर में रुके।

गौरतलब है कि 14 जनवरी 2024 को भारत और अफगानिस्तान के बीच इंदौर में टी20 मैच खेला गया, जिसमें भारत ने जीत हासिल की। यह भारत और अफगानिस्तान के बीच हो रहे तीन मैचों की सीरीज में दूसरा मैच था। अफगानिस्तान ने पहले खेलते हुए भारत के सामने 173 रनों का लक्ष्य रखा था। अफगानिस्तान की तरफ से गुल्बदीन नायब ने सर्वाधिक 57 रन बनाए। वहीं, रवि विश्नोई ने अफगानिस्तान के दो विकेट चटकाए।

भारत ने मात्र 15.4 ओवर में 173 रन बनाए। इस दौरान भारत ने मात्र 4 विकेट खोए। बलेबाज यशस्वी जायसवाल ने भारत की तरफ से 34 गेंदों में 68 रनों की धुआँधार पारी खेली। नए बल्लेबाज शिवम दुबे ने भी मात्र 32 गेंदों में ही 63 रन ठोक दिए। विराट कोहली का भी बल्ला इस मैच में गरजा और उन्होंने 16 गेंदों में 29 रन जड़े।

हालाँकि, इस मैच में कप्तान रोहित शर्मा कुछ कमाल नहीं दिखा पाए और शून्य पर आउट हो गए। उभरते बल्लेबाज रिंकू सिंह को भी अधिक मौका नहीं मिला और वे मात्र 9 रन बनाकर नाबाद रहे। भारतीय बल्लेबाजों की धुआँधार बल्लेबाजी की वजह से भारत ने 26 गेंद शेष रहते ही यह लक्ष्य हासिल कर लिया।