Home Blog Page 1355

‘5 साल में हिंदुस्तान पर होगा तेलुगू लोगों का राज’: KCR के मंत्री ने ‘एनिमल’ के इवेंट को बनाया बाँटने का अड्डा, रणबीर कपूर से बोले – देखो, हमारी हिरोइन कितनी स्मार्ट है

तेलंगाना सरकार में मंत्री मल्ला रेड्डी ने ‘एनिमल’ फिल्म के एक प्रमोशन इवेंट के दौरान विवादित बयान दिया है। मल्ला रेड्डी का कहना है कि अगले पाँच सालों में तेलुगू लोग हिन्दुस्तान, बॉलीवुड और हॉलीवुड पर राज करेंगे। अब उनके इस बयान की आलोचना हो रही है। उन्होंने यह बात अभिनेता रणबीर कपूर से कही।

दरअसल, रणबीर कपूर डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा की निर्देशित ‘एनिमल’ फिल्म का प्रमोशन करने 27 नवम्बर को हैदराबाद पहुँचे थे। वह इस फिल्म में लीड रोल में हैं। यह फिल्म 1 दिसम्बर, 2023 को रिलीज हो रही है। इसके प्रमोशन कार्यक्रम में तेलंगाना की सरकार में श्रम और रोजगार मंत्री BRS नेता मल्ला रेड्डी भी आए हुए थे।

इस कार्यक्रम में मल्ला रेड्डी मंच पर चढ़ गए और यह विवादित बयान दिया। इसका वीडियो भी अब वायरल हो रहा है। उन्होंने कहा, “रणबीर जी, आपको एक बात बोलना चाहता हूँ मैं। अगले समय में, अगले पाँच साल में हिन्दुस्तान और बॉलीवुड, हॉलीवुड पूरा रूलिंग करेगा हमारा तेलुगू पीपल।”

आगे उन्होंने कहा, “अभी एक साल बाद हैदराबाद शिफ्ट होना पड़ा। क्यों? क्योंकि बॉम्बे पुराना हो गया और बेंगलुरु में पानी जाम हो गया। हिन्दुस्तान में एक ही सिटी है, वो है हैदराबाद। जैसा हमारे तेलुगु वाले स्मार्ट लोग है, राजमौली जैसा लोग है, दिल राजू जैसा लोग है और अब संदीप भाया। हमारा लोग पूरा हिंदुस्तान, बॉलीवुड और हॉलीवुड को रूल करेगा पूरा। हैदराबाद हमारा स्मार्ट है। हमारा तेलुगु पीपुल स्मार्ट, स्मार्ट, स्मार्ट लोग है। देखो हमारा हीरोइन कितना स्मार्ट है। ‘पुष्पा’ तो धूम मचा के छोड़ दिया।”

रणबीर कपूर इस दौरान मल्ला रेड्डी के बयान पर हँसते रहे और कोई जवाब नहीं दिया। मल्ला रेड्डी ने इस दौरान रणबीर से कहा कि उन्हें हैदराबाद में घर लेना पड़ेगा। इस बात को लेकर अब मल्ला रेड्डी पर प्रश्न उठ रहे हैं। रणबीर के इस दौरान शांत रहने पर उनकी भी प्रशंसा हो रही है।

मल्ला पर लोग इसीलिए भी प्रश्न उठा रहे हैं क्योंकि उन्होंने इस दौरान बेंगलुरु में पानी भरने की बात कही। इसको लेकर एक यूजर ने एक्स पर लिखा कि बेंगलुरु में NIMHAS (राष्ट्रीय मानसिक चिकित्सा संस्थान) मल्ला रेड्डी जैसे लोगों के लिए है। कुछ लोग मल्ला रेड्डी को जोकर भी कह रहे हैं।

लोग यह भी पूछ रहे हैं कि कहीं मल्ला रेड्डी ने शराब तो नहीं पी रखी।

गौरतलब है कि मल्ला का यह बयान हैदराबाद के वोटरों को लुभाने की एक तरकीब भी हो सकता है। वह मेडचाल विधानसभा से BRS के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। मल्ला एक कारोबारी हैं। उनकी हैदराबाद में मल्ला रेड्डी नाम से एक यूनिवर्सिटी भी है। तेलंगाना में 30 नवम्बर को मतदान होना है और कल चुनाव प्रचार का आखिरी दिन था।

भारत की हार पर कश्मीर की यूनिवर्सिटी में लगे ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे, फोड़े पटाखे: गैर कश्मीरी छात्र को गोली मारने की धमकी, UAPA में 7 गिरफ्तार

क्रिकेट वर्ल्डकप 2023 के फाइनल में भारत की हार पर कश्मीर की एक यूनिवर्सिटी में जश्न मनाया गया। ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगे। पटाखे फोड़े गए। आपत्ति जताने वाले गैर कश्मीरी छात्र को धमकी दी गई। इस मामले में यूनिवर्सिटी के 7 कश्मीरी छात्रों को गिरफ्तार किया गया है। इन पर UAPA के तहत केस चलेगा।

19 नवम्बर 2023 को वर्ल्डकप फाइनल में भारत की हार के बाद गांदरबल स्थित शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में कश्मीरी छात्रों ने खूब जश्न मनाया और पटाखे फोड़े। इन छात्रों ने हॉस्टल में हंगामा करते हुए भारत विरोधी नारे लगाए। ये छात्र पाकिस्तान के समर्थन में हंगामा कर रहे थे।

जब एक गैर कश्मीरी छात्र ने इन्हें रोकने का प्रयास किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले पर छात्र ने पुलिस से शिकायत की। जाँच के बाद अब सात छात्रों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसकी पुष्टि विश्वविद्यालय प्रशासन ने की है।

विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया, “हॉस्टल में लगभग 300 छात्र रहते हैं। इनमें से 30-40 छात्र पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों से हैं। 19 नवम्बर की रात को झगड़ा हुआ था। बाहरी छात्रों ने यह आरोप लगाया कि भारत की हार के बाद पटाखे फोड़े गए और उन्हें परेशान किया गया।”

पीड़ित गैर कश्मीरी छात्र ने 7 अन्य छात्रों के विरुद्ध पुलिस को दी हुई शिकायत में कहा है, “मैच के बाद उन्होंने मुझे परेशान करना और गालियाँ देना चालू कर दिया, क्योंकि मैं अपने देश का समर्थन कर रहा था। इन छात्रों ने मुझे गोली मारने की धमकी दी, पकिस्तान के समर्थन में नारे लगाए जिसके कारण बाहर के छात्रों में भय का माहौल व्याप्त हुआ।”

शिकायत के बाद छात्रों को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उनके हॉस्टल से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हॉस्टल के वार्डन से इन छात्रों को पुलिस को सौंपने को कहा। अभी इन सातों छात्रों को गान्दरबल पुलिस थाने में रखा गया है। इन पर UAPA और भारतीय दंड संहिता की धारा 505 (किसी समुदाय के विरुद्ध हिंसा के लिए भड़काने) और 506 (धमकी देने) के तहत कार्रवाई की गई है।

गिरफ्तार छात्रों के नाम तौकीर भट, मोहसिन फारूक वानी, आसिफ गुलजार वार, उमर नजीर डार, सैयद खालिद बुखारी, समीर राशिद मीर और उबैर अहमद हैं। यह सभी विश्वविद्यालय में पशु विज्ञान शाखा के चौथे वर्ष के छात्र हैं। कॉलेज के एक अधिकारी का कहना है कि जिस 20 वर्षीय छात्र को परेशान किया गया, उसने पहले कॉलेज प्रशासन ने शिकायत नहीं की बल्कि सीधे पुलिस में मामला दर्ज करवाया। अब आगे की कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस के हाथ में हैं।

हिरोइनों को घुमाता ही नहीं, ​1 रात में सेल्फी से ₹30 लाख कमाता भी है ऑरी: हत्या की कोशिश से कमाई तक बिग बॉस में बताए, सलमान खान भी हैरान

उसका नाम ओरहान अवत्रामणि है। पर दुनिया जानती है ऑरी के नाम से। बॉलीवुड के तमाम सेलेब्स के साथ उसकी तस्वीरें हैं। हिरोइनें उसके साथ फोटो क्लिक करती हैं। करण जौहर अपने शो ‘कॉफी विद करण’ में उसकी बातें करते हैं। सब जानना चाहते हैं कि ये ऑरी करता क्या है? ऑरी की माने तो वह एक रात में 20 से 30 लाख रुपए सेल्फी से कमा लेता है।

वाइल्डकार्ड एंट्री से बिग बॉस 17 के घर पहुँचे ऑरी ने शो के होस्ट सलमान खान से बातचीत में कई खुलासे किए। इन्हें सुन सलमान भी हैरान रह गए। उसने अपनी हत्या की कोशिशों से लेकर अपने काम के बारे में बात की।

सलमान खान के सवालों का ऑरी ने अपने अंदाज में अजीबोगरीब जवाब दिए। मसलन, जब सलमान ने पूछा कि वे कितने फोन इस्तेमाल करते हैं तो जवाब में ऑरी ने कहा कि उनके सुबह, दिन और रात के इस्तेमाल के लिए 3 अलग फोन होते हैं। उन्होंने इसके पीछे की वजह बताते हुए कहा कि इससे फोन्स की बैटरी खत्म नहीं होती। दावा किया कि उनके 5 मैनेजर हैं।

सलमान के ये पूछने पर की वो इतने सारे फोन का क्या करते हैं। ऑरी ने कहा, “अच्छी तस्वीरों के बहुत सारे फायदे हैं। तस्वीरें वाले पल खत्म हो सकते हैं, लेकिन तस्वीरें जिंदगी भर रहती हैं। अच्छा एडिट करो, अच्छे फोटो डालो।” सलमान ने जब उनसे सवाल किया कि वो ये तस्वीरें किसके लिए अपलोड करते हैं तो ऑरी ने कहा, “दुनिया के बच्चों के लिए। मैं यह सब उनके लिए कर रहा हूँ। एक दिन वहाँ 1000 ऑरी होंगे। मैं इसके लिए तैयारी कर रहा हूँ।”

कुछ ऐसा ही जवाब ऑरी ने पैसे कमाने को लेकर भी दिया। उन्होंने कहा, “नाचता हूँ, गाता हूँ, मैं वह आदमी हूँ जिसने अपनी जिन्दगी जी है। मैंने बहुत काम किया है। मैं एक वेटर, एक्टर, ग्राफिक डिजाइनर था। मैंने पैसे कमाने के लिए बहुत सारे अजीब काम किए हैं। मैंने सब कुछ मेरी जवानी में कमाया। अब मैं अपने बुढ़ापे में रह रहा हूँ।”

उस वक्त सब ऑरी का जवाब सुन हैरान रह गए जब उसने होस्ट सलमान खान के काम क्या करते हो का जवाब देते हुए कहा, “मैं खुद पर काम करता हूँ। मैं उठता हूँ और सिर की मालिश करता हूँ। मैं जर्नलिंग करता हूँ और अपने चक्रों को अलाइन करता हूँ। मैं टैरो कार्ड पढ़ता हूँ, राशिफल पढ़ता हूँ। मैं जिम जाता हूँ, जनवरी में मेरा वजन 74 किलो था और अब मैं 51 साल का हूँ। मैं 47 किलो तक वजन कम करना चाहता हूँ। मैं अपने जिंदगी में पतला ऑरी का किरदार निभा रहा हूँ। इसलिए नवंबर और दिसंबर में मैं पतला ऑरी बन जाऊँगा और फिर देखते हैं अगले कुछ महीनों में मैं साँवला या माँसल हो जाऊँगा।”

इस पर सलमान सवाल किया कि उनकी उम्र क्या है?’ तो ऑरी ने कहा, “मैं 25 साल से अधिक का हूँ, 25 साल से ऊपर का हर कोई एक जैसा है।” इस दौरान सलमान खान को ऑरी ने अपने हत्या की कोशिशों के बारे में बता कर हैरान कर दिया। ऑरी ने बताया, “एक बार हैलोवीन पर मेरे दोस्त ने मुझे सीट से धक्का दे दिया, वह वीडियो वायरल हो गया क्योंकि मैं सीट के पीछे गिर गया था और मैं खिड़की से गिर सकता था और मर सकता था। मैंने पहले अपना फोन दिया और फिर उनसे मुझे बचाने के लिए कहा क्योंकि फ़ोन में सबूत थे।”

ऑरी ने दूसरी बार अपनी हत्या की बात पर कहा, “दूसरी बार, यह एक छत पर पार्टी थी और जिस लड़की को मैंने सोचा था कि वह मेरी करीबी दोस्त है, उसने मुझे शॉट्स पिलाए, और मैं नशे में इस कदर चूर हो गया कि मैं देख भी नहीं सकता था। 10 शॉट्स के बाद उसने मुझे अकेला छोड़ दिया। मैं छत से गिर सकता था और पूल में डूब गया होता।”

पार्टियों के लिए क्रेडिट कार्ड स्वाइप करने के सवाल पर ऑरी का जवाब था, “मैं दिन में और यहाँ तक कि रात में भी कार्ड स्वाइप नहीं करूँगा। स्टार्स पेमेंट नहीं करते, कोई मुझे बिल नहीं देता। मैं एक स्टार हूँ, वो मुझे बिल नहीं देते, बल्कि वो मेरे साथ सेल्फी लेते हैं और चले जाते। यह फ्री नहीं है, मैं उनसे अपनी सेल्फी के लिए फीस नहीं लेता।” सलमान के ये पूछने पर “आपकी सेल्फी का चार्ज क्या है?” ओरी ने कहा, “100 रुपए।” इस दौरान उसने इवेंट की तस्वीरों से एक रात में बीस से तीस लाख रुपए कमा लेने का दावा किया।

गौरतलब है कि ऑरी स्टार किड्स के साथ बाँहों में बाँहें डाले कई बार देखा गया है। सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा और अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस भी उसके पोस्ट्स पर कमेंट करती हैं। ऑरी एक बड़े कारोबारी का बेटा भी बताया जाता है। वो अमीरी, टॉम फोर्ड, विजन ऑफ सुपर और प्रादा जैसे ब्रांड्स के साथ भी जुड़ा हुआ है। हॉलीवुड में किम कार्दशियन और काइली जेनर तक के साथ वो दिख चुका है।

अब जुमे पर बंद रख सकते हैं स्कूल, नीतीश सरकार ने हिंदू त्योहारों की छुट्टियाँ घटाई; ईद-मुहर्रम की बढ़ाई: BJP बोली- इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ बिहार

बीते साल बिहार के 500 से अधिक सरकारी स्कूलों में रविवार की जगह साप्ताहिक अवकाश शुक्रवार यानी जुमे के दिन होने का मामला सामने आया था। ऐसा बगैर किसी आधिकारिक आदेश के हो रहा था। लेकिन अब बिहार की जदूय-राजद सरकार ने स्कूलों में शुक्रवार के साप्ताहिक आदेश को ‘आधिकारिक’ रूप दे दिया है।

बिहार के शिक्षा विभाग ने साल 2024 के लिए स्कूलों का छुट्टी कैलेंडर जारी कर दिया है। इसमें बड़े फेरबदल देखने को मिले हैं। 2023 में सरकारी स्कूलों में रविवार सहित 64 दिन की छुट्टी थी। 2024 में रविवार सहित कुल 60 छुट्टी ही मिलेंगे। एक तरफ हिंदू त्योहारों की छुट्टियाँ कम कर दी गई है तो दूसरी ओर ईद-मुहर्रम की छुट्टी बढ़ा दी गई है।

रिपोर्टों के अनुसार उर्दू प्राथमिक/मध्य/ माध्यमिक/उच्च माध्यमिक या मकतब रविवार को खुले रहेंगे। इन जगहों पर साप्ताहिक अवकाश शुक्रवार को होंगे। इतना ही नहीं मुस्लिम बहुल इलाकों में चलने वाले अन्य सरकारी स्कूल भी साप्ताहिक अवकाश अब शुक्रवार को रख सकते हैं। इसके लिए उन्हें केवल जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होगी।

लाइव हिंदुस्तान में प्रकाशित खबर का अंश
दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर। लाल घेरे में आप स्कूलों में शुक्रवार की छुट्टी से जुड़ी जानकारी पढ़ सकते है

2024 में सरकारी स्कूलों के लिए नीतीश सरकार ने छुट्टी का जो कैलेंडर जारी किया है उससे पता चलता है कि रामनवमी, जन्माष्टमी, महाशिवरात्रि और रक्षाबंधन जैसी छुट्टियाँ हटा दी गई हैं। वहीं बकरीद और मुहर्रम पर छुट्टी एक-एक दिन के लिए बढ़ा दी गई है। यह कैलेंडर बिहार के कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक के विद्यालयों पर लागू होगा।

2023 में तीज पर दो दिन और जिउतिया पर एक दिन की छुट्टी थी, जो अब नहीं मिलेगी। दीपावली पर भी मात्र एक दिन की छुट्टी दी गई है। राज्य में इससे पहले अशोक अष्टमी और अंतिम श्रावणी की छुट्टी भी होती थी, लेकिन इस बार इन्हें भी रद्द किया गया है। भाईदूज और मकर संक्रान्ति जैसे त्योहारों की कोई छुट्टी नहीं होगी।

बिहार सरकार का छुट्टी कैलेंडर

इसके उलट 2024 में बकरीद की तीन दिन की जबकि मोहर्रम की दो दिन छुट्टी रहेगी। वर्ष 2023 में यह छुट्टियाँ क्रमशः 2 और 1 दिन थीं। इनमें इजाफा किया गया है। साथ ही ईद की भी छुट्टी भी तीन दिनों की होगी। शब ए बारात और चेहल्लुम जैसे मुस्लिम त्यौहारों के साथ नए कैलेंडर में मुस्लिमों के कुल 6 त्योहारों पर कुल 10 दिनों की छुट्टी दी गई है।

बिहार सरकार का छुट्टी कैलंडर
बिहार सरकार का छुट्टी कैलेंडर

कैलेंडर में हिन्दुओं के मात्र 4 त्योहार शामिल किए गए हैं जिनके लिए कुल 9 दिनों की छुट्टी घोषित की गई है। महापुरुषों की जयंती पर होने वाली छुट्टियों को भी बंद किया गया है। नए आदेश में कहा गया है कि इन पर छुट्टी ना होकर भोजनावकाश तक पढ़ाई और फिर उनके बारे में चर्चा होगी। बिहार में गाँधी जयंती की भी छुट्टी नहीं होगी।

नीतीश सरकार के इस फरमान को भारतीय जनता पार्टी ने ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ बिहार‘ बताया है।

बिहार भाजपा के अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा है कि नीतीश सरकार तुष्टिकरण के चलते ऐसा कर रही है।

राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशिल कुमार मोदी ने इसे हिन्दुओं को जातियों में बाँटने और अल्पसंख्यकों के तुष्टिकरण की राजनीति बताया है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति का कार्यान्वयन: टूटेगा अंग्रेजी का वर्चस्व – दलित, आदिवासी, पिछड़े, महिलाओं के लिए नई संभावनाओं का द्वार

“शिक्षा का उद्देश्य तथ्यों का नहीं, बल्कि मूल्यों का ज्ञान और कौशल विकास करना है।”

विलियम एडवर्ड्स डेमिंग

नई शिक्षा नीति 1968 और 1986 का लक्ष्य शिक्षा के क्षेत्र में समता और समानता को बढ़ावा देना था। शिक्षा नीति 1968 में जहाँ शैक्षिक ढाँचे में सुधार पर जोर था; वहीं 1986 की शिक्षा नीति में शैक्षिक असमानताओं का उन्मूलन चिंता के केंद्र में था। इसके विपरीत नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP: National Education Policy) अधुनातन शैक्षिक साधनों और नवोन्मेष के माध्यम से समानता और समावेशन को बढ़ावा देती है।

जुलाई 2020 से लागू की गई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति मुख्यतः उच्च शिक्षण संस्थानों में महत्वपूर्ण सुधारों और विनियमन ढाँचे के सरलीकरण की बात करती है। यह सार्वजनिक और निजी संस्थाओं के लिए एक समान, संतुलित एवं संवेदनशील नियमन की प्रस्तावना करने के साथ-साथ शिक्षा क्षेत्र में लाभरहित निजी भागीदारी को भी प्रोत्साहन देती है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य के प्रति समर्पित है। समृद्ध और उन्नत भारतीय ज्ञान परंपरा की सूक्ष्म समझ, गाँधीजी एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के दृष्टिकोण से प्रेरित एवं आत्मनिर्भर भारत की आकांक्षा से लैस यह शिक्षा नीति विविध शिक्षण-अधिगम सिद्धांतों का सामंजस्यपूर्ण समावेशन है। जीवनोपयोगी सैद्धांतिक ज्ञान को अपनाते हुए सामाजिक मूल्यों के साथ बहुभाषावाद को प्रतिष्ठापित करती है। इसने पिछले तीन वर्षों में एक उल्लेखनीय परिवर्तन की पीठिका तैयार करते हुए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और पुनरुद्धार की शुरुआत की है।

इसके अंतर्गत पिछले तीन वर्षों में निम्न आवश्यक तत्वों पर ध्यान दिया गया है:

  • हर विद्यार्थी के लिए निष्पक्ष एवं समावेशी शैक्षिक वातावरण का निर्माण।
  • एक बहुमुखी बुनियादी शैक्षिक ढाँचे का निर्माण जो प्रत्येक छात्र के हितों, आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को पूरा करते हुए सर्वसुलभ भी है।
  • महाविद्यालाओं और विश्वविद्यालयों की ढाँचागत क्षमता को क्रमशः विकसित किया जा रहा है।
  • विनियमन व्यवस्था में संगठनात्मक परिवर्तन करते हुए एकीकृत उपक्रम बनाया जा रहा है। उच्च शिक्षा आयोग और राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन ऐसी ही पहल है।
  • एक व्यापक, संस्कारपरक, कौशल आधारित और अंतःविषयी (इंटरडिसिप्लिनरी) शिक्षा प्रदान की जा रही है।
  • बहुभाषावाद को प्रोत्साहित करते हुए मातृभाषा विशेष रूप से भारतीय भाषाओं में शिक्षण-अधिगम क्रिया को संचालित किया जा रहा है। अभियांत्रिकी , चिकित्सा और प्रबंधन जैसे विषयों की पाठ्य-सामग्री हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषाओं में तैयार की जा रही है।
  • शिक्षकों को निरन्तर प्रेरित और प्रोत्साहित करने के लिए समयबद्ध नियुक्ति और प्रोन्नति की जा रही है।
  • व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के नए व्यावसायिक संस्थान खोलने पर विशेष बल दिया जा रहा है। चिकित्सा शिक्षा संस्थान इसके सबसे बड़े उदाहरण हैं।
  • राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन के लिए 50000 करोड़ की राशि आवंटित की गई है। इसके माध्यम से गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को प्रोत्साहन देना और शोध को समाज और उद्योग जगत से प्रत्यक्षतः जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
  • गुणवत्तापूर्ण दूरस्थ और मुक्त शिक्षा को बढ़ावा देते हुए सकल नामांकन अनुपात (GER) को निरन्तर बढ़ाया जा रहा है।
  • सकल घरेलू उत्पादन का 6% शिक्षा पर व्यय करने की दिशा में भी विचार-विमर्श हो रहा है। भारत का आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभरना और GST कर की निरन्तर बढ़ती राशि ने आशान्वित किया है कि भारत सरकार शिक्षा बजट बढ़ाकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लिए आवश्यक भौतिक ढाँचा तैयार करेगी।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होने के परिणामस्वरूप समावेशी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई तरह के प्रयास किये जा रहे हैं, जैसे- अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC), जिसमें उच्च शिक्षा संस्थान (HEIs) छात्रों द्वारा प्राप्त क्रेडिट्स को डिजिटल रूप में जमा कर रहे हैं। छात्र त्रिवर्षीय ऑनर्स प्रोग्राम या चतुर्वर्षीय ऑनर्स प्रोग्राम, अनुसन्धान के साथ चतुर्वर्षीय ऑनर्स प्रोग्राम का चयन कर रहे हैं।

ऑनर्स प्रोग्राम के चयन के साथ ही, छात्र प्रोग्राम के किसी भी वर्ष में प्रवेश ले या छोड़ सकते हैं। उन्हें अध्ययन अवधि के अनुसार प्रमाण-पत्र दिया जाएगा। अब उनका समय, श्रम और संसाधन निष्फल नहीं जाएगा। उच्च शिक्षा में बहु-प्रवेश और निकास प्रणाली के साथ-साथ बहुविषयक पठन-पाठन भी अकादमिक बैंक ऑफ़ क्रेडिट (ABC) के माध्यम से पूरा किया जा रहा है।

भारत सरकार शिक्षा के माध्यम के साथ-साथ भारतीय भाषा, कला और संस्कृति को प्रोत्साहन दे रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति इसे संभव कर रही है। इसके अंतर्गत कई उच्च शिक्षण संस्थान क्षेत्रीय भाषा या मातृभाषा को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ स्थानीय भाषा को शिक्षण का माध्यम बना रहे हैं। इससे वंचित वर्ग- दलित, आदिवासी, पिछड़े, अल्पसंख्यक और महिलाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुल रहे हैं।

अध्ययन-अध्यापन में अंग्रेजी भाषा के वर्चस्व ने इन वर्गों की वंचना को कई गुना बढ़ाते हुए उसे स्थायित्व प्रदान किया है। औपनिवेशिक पाठ्यचर्या ने भारतीय मेधा को कुंठित करते हुए अपनी जड़ों से काट डाला है। अब स्थानीयता और अंतरराष्ट्रीयता का समन्वयन करते हुए जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

प्रतिभा पलायन और पूँजी प्रवाह को रोकने के लिए नामी-गिरामी विदेशी विश्वविद्यालयों के परिसर भारत में खोले जा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है।

सभी वर्गों को समान अवसर प्रदान करने के लिए वित्तीय सहायता, विशेष ऋण, छात्रवृत्तियाँ और पुरस्कार आदि सुनिश्चित किए गए हैं। शिक्षकों को अपनी शिक्षण विधियों को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण और प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

सूचना-तकनीक यंत्रों और माध्यमों से शिक्षण और अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, समावेशी और सरल बनाया जा रहा है। नवाचार और नवोन्मेष शिक्षा परिदृश्य का वर्तमान है। आज राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आलोक में प्रत्येक कक्षाकक्ष वह सुन्दर उपवन है, जहाँ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की रोशनी में क्षमता, प्रतिभा, आकांक्षा और संभावना के बहुरंगी फूल खिल रहे हैं।

भारत के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में से एक, दिल्ली विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी) के कार्यान्वयन में अग्रणी भूमिका है। यह कई अंतरराष्ट्रीय समझौता ज्ञापनों, सहयोगी सम्बन्धों को धरातल पर उतार रहा है। यह वसुधैव कुटुंबकम् की भावना के साथ-साथ सर्वजनीनता और सार्वभौमिकता को साकार करने की दिशा में निर्णायक पहल कर रहा है। विश्व के प्रमुख विश्वविद्यालयों के साथ की जा रही रणनीतिक साझेदारियाँ पारस्परिक आदान-प्रदान के साथ-साथ शिक्षण परिदृश्य को गतिशील और समृद्ध बना रही हैं।

देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप पाठ्यक्रमों में आधारभूत परिवर्तन और विषयों के चयन में लचीलापन, बहुविषयकता, गुणवत्तापूर्ण शोध और नवाचार, कॉलेजों की स्वायत्तता और शिक्षक प्रशिक्षण आदि को अपनाया है। सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों और अनेक राज्य विश्वविद्यालयों ने अपने स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों को सीबीसीएस (CBCS: Choice Based Credit System) और एलओसीएफ (LOCF: Learning Outcomes-based Curriculum Framework) फ्रेमवर्क के अंतर्गत परिवर्तित करते हुए अधुनातन कर लिया है।

सीबीसीएस और एलओसीएफ प्रणाली छात्रों को अपने पसंदीदा पाठ्यक्रम चुनने और बुनने की स्वतंत्रता प्रदान करती है। पाठ्यक्रमों के अलावा शिक्षण प्रविधियों और पद्धतियों में भी निर्णायक बदलाव हुए हैं। ये बदलाव यूजीसीएफ पाठ्यक्रम 2022 (UGCF: Undergraduate Curriculum Framework 2022) के अनुरूप हैं। इसका उद्देश्य समग्र शिक्षा सुनिश्चित करना है। यह बदलाव छात्रों के करियर लक्ष्यों के अनुसार कौशल विकास और संस्कार निर्माण में सहयोगी सिद्ध होगा।

बहुविषयक और अंतरविषयक अनुसंधान और पठन-पाठन को प्रोत्साहन देने के लिए अनेक विश्वविद्यालयों ने कई बहुविषयक कार्यक्रमों की शुरुआत की है, जैसे बी.ए (ऑनर्स) इन लिबरल आर्ट्स और एम.ए. इन इंटरडिस्प्लिनरी स्टडीज़। यह कार्यक्रम छात्रों को विभिन्न विषयों का अध्ययन एक साथ करने की अनुमति देते हैं। साथ ही, विचार-विमर्श, समस्या-समाधान क्षमता और संवाद कौशल विकसित करने के उद्देश्य से डिज़ाइन किए गए हैं। ये 21वीं सदी की आवश्यकताओं और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बनाए गए हैं।

विश्वविद्यालयों में इन्नोवेशन सेंटर, इन्क्यूबेशन सेंटर, स्टार्ट-अप फंड, उद्यमोदय फाउंडेशन, विश्वविद्यालय फाउंडेशन और रिसर्च पार्क आदि की स्थापना जैसी महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।

निष्कर्षतः पिछले तीन वर्षों में देश के उच्च शिक्षा तंत्र में महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। इन बदलावों ने उच्च शिक्षा प्रणाली को अधिक छात्र-केंद्रित, शोध-केंद्रित एवं नवाचारी बना दिया है। साथ ही, कई विश्वविद्यालयों को विश्वस्तरीय शैक्षिक प्रतिष्ठा की प्राप्ति हेतु प्रतिस्पर्धी बना दिया है। लेकिन इस लक्ष्य की प्राप्ति और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के कार्यान्वयन की सबसे बड़ी बाधा आर्थिक संसाधनों और ढाँचागत सुविधाओं का अभाव है। सरकार को शिक्षा में निवेश बढ़ाना चाहिए। ऐसा करके ही भारत को एक ज्ञान अर्थ-व्यवस्था (विश्वगुरु) और विश्व शक्ति बनाया जा सकता है।

वाइफ को खोने से डर से अपनी ही शादी में बरसाईं गोलियाँ: पूर्व पैरामिलिट्री जवान और पैराओलम्पिक खिलाड़ी की हरकत: पत्नी, सास, साली को मार कर ली आत्महत्या

थाईलैंड में एक शादी समारोह के दौरान उस समय अफरातफरी मच गई जब दूल्हे ने अपनी दुल्हन और 3 अन्य लोगों को गोलियों से भून दिया। बाद में दूल्हे ने खुद को भी गोली मार कर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान मिस्टर चतुरोंग सुकसुक के तौर पर हुई है। चतुरोंग सुकसुक ने पैरालंपिक खेलों में निशानेबाजी और तैराकी में थाईलैंड का प्रतिनिधित्व किया था। मृतक थाईलैंड की पैरामिलिट्री का पूर्व अर्धसैनिक भी है। घटना शनिवार (25 नवंबर, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना थाईलैंड के नाखोन रत्चासिमा प्रदेश में आने वाले वांग नाम खियो जिले की है। यहाँ के एक गाँव में 29 साल के चतुरोंग 25 नवंबर की सुबह 44 वर्षीया कंचना पचुनथुएक से शादी के बंधन में बँधे थे। दोनों एक प्रेमी जोड़े के तौर पर पिछले 3 वर्षों से लिव इन रिलेशनशिप में थे। शनिवार को ही इन दोनों की शादी की ख़ुशी में पार्टी आयोजित की गई थी। इस पार्टी में चतुरोंग और उनकी पत्नी के नाते-रिश्तेदारों के अलावा कई दोस्तों ने भी शिरकत की थी।

बताया जा रहा है कि चतुरोंग सुकसुक अपनी शादी की पार्टी में थोड़ा अपसेट और नाराज से दिख रहे थे। थोड़े समय बाद चतुरोंग पार्टी छोड़ कर कहीं बार चले गए। जब चतुरोंग वापस लौटे तो उनके हाथों में 9 MM की एक पिस्टल दिख रही थी। उन्होंने वापस आते ही अचानक समारोह में गोलियाँ बरसानी शुरू कर दीं। ये गोलियाँ उन्होंने अपनी बीवी कंचना, 62 वर्षीया सास और 38 वर्षीया साली को निशाना बना कर चलाईं थीं। हमले में तीनों की मौत हो गई। गोलीबारी की चपेट में शादी समारोह में मौजूद 2 मेहमान भी आए।

इन दोनों मेहमानों को इलाज के के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यहाँ एक मेहमान ने दम तोड़ दिया। वहीं दूसरे घायल का इलाज चल रहा है। हमले के बाद चतुरोंग ने खुद को भी गोली मार ली जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया जा रहा है कि दूल्हा दिव्यांग था और उसको डर था कि कहीं भविष्य में उसकी बीवी उसको छोड़ न दे। कुछ लोगों के अनुसार पार्टी में पति-पत्नी में बहस भी हुई थी। हालाँकि पुलिस मामले की जाँच-पड़ताल में जुटी हुई है।

मृतक चतुरोंग पहले थाईलैंड की पैरामिलिट्री में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान हुई एक दुर्घटना में चतुरोंग ने दायाँ पैर खो दिया था। इसके बाद उन्होंने पैरालंपिक खेलों में हिस्सा लिया। साल 2022 में इंडोनेशिया में 11वें आसियान पैरा खेलों में चतुरोंग ने रजत पदक जीता था।

कक्षा 4 के छात्र पर टूट पड़े उसके 3 सहपाठी, राउंडर से किए पैरों में108 वार: मामला पहुँचा थाने, CWC को आशंका- हिंसक गेम खेलना हो सकती है वजह

मध्य प्रदेश के इंदौर में कक्षा 4 में पढ़ने वाले एक छात्र पर उसके 3 सहपाठियों ने हमला किया है। इस हमले के दौरान गणित की पढ़ाई में काम आने वाले ज्योमिट्री कंपास के राउंडर को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया गया। पीड़ित के पैरों पर इसी राउंडर से 108 बार मारा गया।

फ़िलहाल, हमले के बाद पीड़ित छात्र का इलाज करवाया गया और अब उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना शुक्रवार (24 नवंबर, 2023) की है। इस घटना की पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई है। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) ने इस पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना इंदौर के एयरोड्रम थानाक्षेत्र की है। पीड़ित छात्र यहाँ के एक प्राइवेट स्कूल में कक्षा 4 में पढ़ता है। पीड़ित के पिता ने बताया कि 24 नवंबर को उनका बेटा हर दिन की तरह स्कूल में पढ़ने गया था। दोपहर 2 बजे के आसपास छात्र के 3 सहपाठियों ने अचानक ही उस पर एकजुट हो कर हमला बोल दिया। हथियार के तौर पर ज्योमिट्री बॉक्स में आने वाले राउंडर का इस्तेमाल किया गया। खासतौर पर पीड़ित छात्र के पैरों को ही निशाना बनाया गया। तीनों हमलावर छात्रों ने पीड़ित पर कुल 108 बार वार किया।

पीड़ित छात्र के पिता ने आगे बताया कि उनके बेटे ने घर आ कर उन्हें सारे मामले की जानकारी दी। वो शिकायत ले कर स्कूल पहुँचे तो वहाँ उनको कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने घटना का CCTV फुटेज भी पीड़ित के पिता को नहीं दिखाया। आखिरकार हमले के शिकार हुए छात्र पीड़ित के पिता ने इंदौर के एयरोड्रम थाने में शिकायत दर्ज करवाई। उनका कहना है कि उन्हें अब तक पता ही नहीं चल पाया है कि उनके बेटे पर उसके 3 सहपाठियों ने हमला क्यों किया?

इलाके के ACP विक्रम सिंह चौहान का कहना है कि पीड़ित छात्र का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। पीड़ित और अरोपित सभी छात्र 10 साल से कम उम्र के हैं। बकौल ACP मामले में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) ने इस मामले की रिपोर्ट तलब की है। कमेटी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी कम उम्र के छात्रों ने इतना हिंसक वर्ताव क्यों किया। कमेटी को इस बात की भी आशंका है कि कहीं हमलावर छात्र हिंसक दृश्यों वाले वीडियो गेम तो नहीं खेलते थे। फ़िलहाल मामले में जाँच जारी है।

85 घाटों पर 12 लाख दीये, 11 टन फूलों से विश्वनाथ मंदिर की सजावट: काशी की देव दीपावली में पहुँचे 70 देशों के प्रतिनिधि, CM योगी बोले – हर हर महादेव

देव दीपावली के मौके पर सोमवार (27 नवंबर, 2023) को वाराणसी प्रकाश से जगमग दिखा। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “देव दीपावली के पावन अवसर पर आशा, आस्था, आत्मीयता और अंत्योदय के असंख्य दीयों के दिव्य प्रकाश से जगमग अविनाशी काशी।” उन्होंने इस दौरान ‘हर-हर महादेव’ का नारा भी लिखा। शाम के बाद पूरी काशी रंग-बिरंगे प्रकाश से जगमग दिखी। काशी के घाटों पर गजब की चकाचौंध देखने को मिली।

काशी के 85 घाटों पर 12 लाख दीये जलाए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इस दौरान वहाँ उपस्थित रहे। पहली बार 70 देशों के राजदूत व प्रतिनिधि भी देव दीपावली के साक्षी बने। 12 लाख में से 1 लाख दीये गाय के गोबर के बनाए गए थे। बता दें कि राक्षस त्रिपुरासुर ने कभी पूरी सृष्टि में आतंक मचाया था। भगवान शिव ने उसका संहार किया और फिर देवताओं ने दिवाली मनाई थी, इसीलिए इसे देव दीपावली के रूप में जाना गया।

देवाधिदेव महादेव के पूजन के रूप में ये परंपरा पुरातन काल से ही चली आ रही है। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर देव दीपावली मनाई जाती है। विश्वनाथ मंदिर को सजाने के लिए 11 टन फूल मँगाए गए थे। केंद्रीय आवासीय, शहरी मामलों, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी समारोह में मौजूद रहे। DM ने खुद तैयारियों का जायजा लिया था। साफ़-सफाई के लिए विशेष निर्देश दिए गए थे। विदेशी मेहमानों के लिए भी विशेष व्यवस्थाएँ की गई थीं।

गंगा नदी के किनारे प्रकाश से सारे घाट जगमग रहे। इस दिन लाखों लोग गंगा में भी स्नान करते हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी विदेशी मेहमानों का स्वागत किया। कुल मिला कर 150 विदेशी मेहमान उपस्थित थे। वाराणसी मंडल के कई मजिस्ट्रेट को व्यवस्था बनाने के लिए तैनात किया गया था। इससे पहले अयोध्या भी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में शामिल हुआ था। अयोध्या में 22.23 लाख दीये जलाए गए थे। अब वाराणसी जगमग हुआ है।

गाजियाबाद में आसिफ बने आकाश और सुमैया बनीं प्रिया: शंखनाद और हवन के बीच लगाए जय श्री राम के नारे, कहा- सनातन धर्म ही सबसे बढ़िया

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एक मुस्लिम परिवारों के 2 सदस्यों ने घर वापसी की है। आसिफ नाम का युवक घर वापसी करके अब आकाश चौहान बन चुका है जबकि उनकी बीवी सुमैया खातून अब प्रिया नाम से जानी जाएँगी। इस दम्पति ने मंदिर में शंखनाद और वेदमंत्रों के बीच जय श्री राम के नारे लगाए और आगे का जीवन सनातन पद्धति के अनुसार जीने का संकल्प लिया। घर वापसी का यह कार्यक्रम हिन्दू रक्षा दल नाम के संगठन ने रविवार (26 नवंबर, 2023) को करवाया।

हिन्दू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने ऑपइंडिया से बातचीत करते हुए इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घर वापसी करने वाला आसिफ मूल रूप से लोनी का रहने वाला है। उसका टैक्सी का कारोबार है। आसिफ काफी समय से पिंकी चौधरी से खुद को हिन्दू धर्म में लाने की गुजारिश कर रहा था। हालाँकि, उसकी 5 साल पहले शादी सुमैया खातून नाम की लड़की से हुई थी। दोनों का एक बेटा भी है। सुमैया शुरू से ही हिन्दू धर्म से प्रभावित थी।

आखिरकार 26 नवंबर को पिंकी चौधरी ने गाजियाबाद के ही भोपुरा क्षेत्र में पड़ने वाले एक मंदिर में घर वापसी का कार्यक्रम रखा। यहाँ आसिफ और सुमैया ने विधि-विधान से पूजापाठ किया। इस दौरान शंखनाद और वेदमंत्रों के बीच दोनों ने हवन किया और भविष्य में सनातन पद्धति के हिसाब से ही जीवन जीने का फैसला किया। अब आकाश चौहान बन चुके आसिफ ने कहा, “मुझे सनातन धर्म सबसे बढ़िया और पवित्र धर्म लगा। इस्लाम कोई धर्म नहीं है। आपस में ही शादी-वादी। वो सब बेकार है।” बकौल आसिफ उसने खुद ही पिंकी चौधरी से घर वापसी का आग्रह किया था।

वहीं भगवान राम की जय बोलते हुए आसिफ की पहले सुमैया और अब प्रिया चौहान ने भी खुद को बेहद खुश बताया। उन्होंने कहा, “हिन्दू धर्म ही बढ़िया है। इस्लाम में कोई कुछ नहीं होता। ये 3 बार में तलाक कर देते हैं।” प्रिया ने आगे कहा कि अब उनका घर-परिवार सब सही से रहेगा। हिन्दू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने कहा, “पूरा देश इसे देखे और जिसे भी घर वापसी करनी हो वो हमारे पास आए। हम आपकी सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी लेते हैं।”

‘लड़ूँगी लोकसभा का चुनाव’: पिता समेत प्रशांत किशोर के ‘जन सुराज’ में शामिल हुईं अभिनेत्री अक्षरा सिंह, बोलीं – शिक्षित एवं विकसित बिहार का है सपना

भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह प्रशांत किशोर के ‘जन सुराज’ में शामिल हो गई हैं। ‘जन सुराज’ ने जानकारी दी है कि अक्षरा सिंह ने NP मंडल और अफाक अहमद की मौजूदगी में संगठन की संस्थापक सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वो बिहार के भविष्य को उज्जवल देखना चाहती हैं। ‘जन सुराज’ चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर का अभियान है, जिसके तहत वो पूरे बिहार में नेटवर्क तैयार कर रहे हैं और गाँव-गाँव तक पहुँच रहे हैं।

अक्षरा सिंह ने संगठन से जुड़ने के बाद कहा कि हर घर को सँवारने वाला एक बेटा नहीं, बल्कि बेटी होती है। उन्होंने खुद को बिहार की बेटी बताते हुए कहा कि उनकी कल्पना है कि राज्य सही मायनों में शिक्षित बने और खूब तरक्की करे। उन्होंने कहा कि भविष्य में मौका मिलने पर वो लोकसभा चुनाव भी ज़रूर लड़ेंगी। हालाँकि, आरा से चुनाव लड़ने की अटकलों को उन्होंने अफवाह करार दिया। बता दें कि भोजपुरी स्टार पवन सिंह, जिनके साथ उनके करीबी रिश्ते रहे हैं, वो भाजपा की तरफ से आरा से ही दावेदारी ठोक रहे हैं।

अक्षरा सिंह ने कहा कि वो 15 महीने की ‘जन सुराज यात्रा’ से खासी प्रभावित हैं। उन्होंने खुद को प्रशांत किशोर की सोच से प्रभावित बताते हुए कहा कि वो आगे वही करेंगी जिसमें बिहार की जनता का भला होगा। हालाँकि, उन्होंने ये भी साफ़ किया कि वो जल्दबाजी नहीं कर रही हैं। भोजपुरी अभिनेत्री ने सोच बदलने और राजनीति में युवाओं के आने पर जोर दिया। उनके पिता इंद्रजीत सिंह ने भी ‘जन सुराज’ की सदस्यता ली। अभी भी अक्षरा का कहना है कि उन्होंने राजनीति ज्वाइन नहीं की है।

अक्षरा सिंह ने इस दौरान सामाजिक कुरीतियों को बदलने की भी बात की। उन्होंने कहा कि आगे प्रशांत किशोर का जैसा निर्देश होगा उस हिसाब से वो काम करेंगी। वो पदयात्रा में भी शामिल होंगी। इससे पहले उनका रुझान भाजपा की तरफ दिख रहा था, वो केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी मिली थीं। अक्षरा सिंह ने इसीलिए कहा कि सभी राजनीतिक दलों से उन्हें सम्मान और प्यार मिलता है। उन्होंने कहा कि वो बिहार को एक विकसित राज्य के रूप में देखना चाहती हैं।

बता दें कि पवन सिंह के साथ करीबी रिश्ते को लेकर अक्षरा सिंह अक्सर चर्चा में रही हैं। भोजपुरी स्टार पवन सिंह के साथ उन्होंने कई फिल्मों में काम किया है। पवन सिंह ने 2017 में ही भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया था और तब से वो पार्टी के कुछ कार्यक्रमों में दिखते भी रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले अब दोनों ही राजनीति में सक्रिय हो गए हैं। अक्षरा सिंह पटना के कंकड़बाग की रहने वाली हैं।