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‘नमाज पढ़ने का दबाव बनाता है शौहर, ससुर ने की बलात्कार की कोशिश’: गर्भवती हिन्दू पीड़िता ने बयाँ किया दर्द, मुस्लिम युवक ने प्रेम जाल में फँसा के कर लिया था निकाह

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में धर्मांतरण के लिए दबाव डालने और मारपीट करने का मामला सामने आया है। गर्भवती हिंदू युवती का आरोप है कि मुस्लिम युवक ने उसे प्रेम जाल में फँसाकर निकाह किया था। लेकिन अब उसे पूजा-पाठ करने से रोकता है और नमाज पढ़ने का दबाव बनाता है। मना करने पर तलाक देने की धमकी देता है। पीड़ित युवती ने अपने ससुर पर रेप की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है।

मामला मुरादाबाद के बिलारी थाना क्षेत्र का है। पीड़िता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा है कि एक मुस्लिम युवक ने उसे प्रेम जाल में फँसाकर 6 महीने पहले निकाह कर लिया था। अब वह 4 माह से गर्भवती है। शादी के बाद युवती ने अपने ससुराल वालों से पूजा-पाठ करने की अनुमति माँगी।

इस पर शौहर उससे नाराज हो गया और उसके साथ मारपीट करने लगा। उसे कहीं आने-जाने और किसी से बात करने तक में रोक लगा दी है। आए दिन तलाक की धमकी देता है। पीड़िता का यह भी आरोप है कि इसमें उसके शौहर की अम्मी, भाई, बहन बहनोई सभी शामिल हैं। सभी मिलकर उसके शौहर को उसे घर से निकालने के लिए उकसाते हैं।

साथ ही कहते हैं कि यदि वह युवती को घर से निकाल देगा तो किसी और से उसकी शादी करा दी जाएगी। ऑपइंडिया के पास पीड़िता का वीडियो भी उपलब्ध है। इस वीडियो में पीड़िता ने अपने शौहर और उसके घरवालों पर जबरन नमाज पढ़ने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है।

पीड़िता ने यह भी कहा कि 2 महीने पहले भी उसे इसी तरह परेशान किया जा रहा था। तब भी उसने शिकायत की थी। लेकिन उस वक्त सीओ ने उसे समझाकर घर भेज दिया था। वहीं ससुराल वालों ने शौहर को नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया था। ‘दैनिक भास्कर’ की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता ने आरोप लगाया है कि शौहर की गैर-मौजूदगी में उसके ससुर ने उसका रेप करने की कोशिश की थी।

वहीं इस मामले में पुलिस का कहना है कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर 5 आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आगे की जाँच की जा रही है। रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक 4 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। वहीं एक अन्य की तलाश की जा रही है।

प्रभारी सिखा कर गए BJP से कैसे करना है मुकाबला, इधर सारे कॉन्ग्रेसी रोडशो कर BJP में हो गए शामिल: 1200+ नेता बने भाजपाई, कहा – सनातन का अपमान बर्दाश्त नहीं

वडोदरा कॉन्ग्रेस की पूरी लीडरशिप ही भाजपा में शामिल हो गई। इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल मौजूद रहे। गुजरात के समाचार पत्र ‘संदेश’ में इस बारे में कवरेज है कि सीआर पाटिल सिर्फ दो नेताओं को शामिल कराने के लिए वडोदरा पहुँचे थे, लेकिन कॉन्ग्रेसी नेताओं ने बाकायदा पूरे शहर में रोडशो किया और शाम तक पूरे शहर की कॉन्ग्रेस लीडरशिप भाजपा में शामिल हो गई।

ये खबर कॉन्ग्रेस के लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं है, क्योंकि कुछ दिन पहले ही मुकुल वासनिक, जिन्हें गुजरात कॉन्ग्रेस का प्रभारी बनाया गया है, वो वडोदरा पहुँचे थे और सभी नेताओं को भाजपा से मुकाबले की ट्रेनिंग देकर आए थे, लेकिन सभी कॉन्ग्रेसी भाजपा से मुकाबला करने की जगह खुद ही भाजपाई हो गए और कॉन्ग्रेस का झंडा उठाने वालों तक की कमीं पड़ गई।

गुजराती अखबार ‘संदेश’ में कॉन्ग्रेस लीडरशिप के भाजपा में शामिल हो जाने की कवरेज

RSS के कार्यक्रम के लिए प्लॉट दिया, तो कॉन्ग्रेस ने निकाला

कॉन्ग्रेस से भाजपा में शामिल हुए वडोदरा कॉन्ग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश पटेल ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को किसी कार्यक्रम के लिए जगह उपलब्ध कराई थी। इस मामले में कॉन्ग्रेस लीडरशिप ने उनकी बात सुने बगैर उनपर कार्रवाई कर दी। जबकि उनकी तीन पीढ़ियाँ कॉन्ग्रेस में रही थी। उन्होंने तभी फैसला कर लिया था कि वो कॉन्ग्रेस को छोड़ देंगे। सीआर पाटिल की मौजूदगी में करीब 1200 कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ उन्होंने भाजपा की सदस्यता ले ली।

हिंदुत्व और सनातन के खिलाफ हुई कॉन्ग्रेस और INDI एलायंस, तो छोड़ी पार्टी

वडोदरा के कॉन्ग्रेस अध्यक्ष रहे प्रशांत पटेल ने 2019 में लोकसभा चुनाव भी लड़ा था। उन्होंने कहा कि I.N.D.I. गठबंधन के नेता लगातार हिंदुत्व और सनातन के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं, लेकिन कॉन्ग्रेस ने उनका विरोध करने की जगह उनका साथ दिया, चाहें वो उदयनिधि स्टालिन हों या कोई और। कॉन्ग्रेस ने उनकी निंदा तक नहीं की, ऐसे में सनातन का अपमान होता वो नहीं देख सके। प्रशांत पटेल ने कहा कि उनके लिए सनातन सबकुछ है।

प्रशांत पटेल का बयान (फोटो साभार : ‘संदेश’)

जयेश ठक्कर समेत कई कॉन्ग्रेसी बने भाजपाई

जयेश ठक्कर साल 2012 में कॉन्ग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। वो भी भाजपा में शामिल हो गए। उनके अलावा पूर्व पार्षद अनिल परमार समेत अनेक कॉन्ग्रेसी नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि सिर्फ नरेंद्र मोदी की अगुवाई में ही देश और गुजरात का कल्याण हो सकता है। बता दें कि सीआर पाटिल का वडोदरा दौरा इसलिए था कि प्रशांत पटेल और सुरेश पटेल कॉन्ग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष थे, लेकिन उनके साथ पूरे वडोदरा के नेताओं का भाजपा में शामिल होना उनके और पार्टी के लिए बोनस जैसा साबित हुआ।

बिहार के दलित मंत्री ने माथे पर लगाया था तिलक, CM नीतीश कुमार ने गर्दन पकड़कर आगे ठेला… देखिए Video, जानिए क्या है मामला

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह अपनी ही सरकार के मंत्री अशोक चौधरी की गर्दन पकड़ पत्रकार के सिर से टकराते नजर आ रहे हैं। इस दौरान नीतीश कुमार ने कहा कि दोनों पुजारी हैं। बता दें कि अशोक चौधरी बिहार सरकार में बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट में मंत्री हैं।

बिहार की राजधानी पटना में स्थित गाँधी मैदान में मॉरीशस के पूर्व प्रधानमंत्री शिवसागर रामगुलाम की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और मंत्री अशोक चौधरी समेत रामगुलाम की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुँचे थे।

इस दौरान वहाँ मीडियाकर्मियों का जमावड़ा लगा हुआ था। पत्रकार सवाल पूछने ही जा रहे थे, इससे पहले नीतीश कुमार की नजर तिलक लगाए एक पत्रकार पड़ी। इसके बाद वह पीछे पलटकर मंत्री अशोक चौधरी को तलाशने लगे। नीतीश कुमार ने अशोक चौधरी को देखते ही उनकी गर्दन पकड़ ली और ढकेलते हुए तिलक लगाए पत्रकार के पास ले गए।

नीतीश यहीं नहीं रुके। उन्होंने अशोक चौधरी का सिर पत्रकार से टकरा दिया। इसके बाद अशोक चौधरी ने पत्रकार की गर्दन पकड़ा और उससे अपना सिर लड़ाने लगे। शुरुआत में तो लोग समझ नहीं पाए कि नीतीश कुमार अचानक क्या कर रहे हैं। लेकिन, फिर जब उन्होंने कहा कि दोनों पुजारी हैं – तब यह साफ हुआ कि तिलक लगाने के चलते उन्होंने मंत्री और पत्रकार का सिर टकराया है। इस दौरान वहाँ खड़े लोग और पत्रकार हँसते नजर आए। 

जिन्होंने नाबालिग छात्रा का दुपट्टा खींचा और फिर मार डाला, वो ‘अम्बेडकर नगर के अतीक अहमद’ को मानते हैं नज़ीर: स्थानीय लोगों ने बताया – गुर्गों को सपा-बसपा का संरक्षण

उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले में शुक्रवार (15 सितंबर, 2023) को स्कूल से घर लौट रही एक नाबालिग छात्रा की बाइक से कुचल कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने शाहबाज़, अरबाज़ और फैज़ल को गिरफ्तार किया है, जबकि मुन्नू फरार है। ऑपइंडिया ने इस पूरे मामले की 17 सितंबर को ग्राउंड से पड़ताल की। हमें स्थानीय हिन्दू संगठनों के सदस्यों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि आरोपित इलाके के दुर्दांत गैंगस्टर रहे खान मुबारक से प्रेरित थे। साथ ही उन्होंने इलाके में ‘लव जिहाद’ और छेड़खानी को अभी तक जारी बताया।

ऑपइंडिया ने मृतका के पिता से बात की। उन्होंने हमें बताया कि चारों आरोपितों में से एक का अब्बा बाइक मैकेनिक है। वह बाइक बनाता है और उसकी ही दुकान से फैज़ल, शाहबाज, अरबाज़ व मुन्नू मोटरसाइकिलें ले कर लड़कियों को छेड़ते हैं। वहीँ मृतका के चाचा ने हमसे बातचीत के दौरान कहा कि सभी नामजद आरोपित ऐसी हरकतें लगातार और कई लड़कियों के साथ कर रहे थे। जब हमें आरोपितों के काम-धंधे के बारे में सवाल किया तो हमें जवाब मिला कि वो सभी सिर्फ ‘लफंगई’ (आवारागर्दी) करते हैं।

सभी कातिल गैंगस्टर खान मुबारक से प्रभावित

‘राष्ट्रीय देहदान संघ’ के अध्यक्ष और अपनी भी देह को दान कर चुके स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता के पी सिंह पालीवाल ने ऑपइंडिया से इस मामले में बात की। वो पीड़िता के पड़ोसी गाँव के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि नाबालिग के सभी कातिल जून 2023 में हरदोई की जेल में मर चुके गैंगस्टर खान मुबारक से प्रभावित हैं। इलाके में हमेशा से मुस्लिमों के आतंक होने का दावा करते हुए KP सिंह ने इसकी वजह खान मुबारक द्वारा बनाए गए आतंक को बताया। पालीवाल ने दावा किया कि खान मुबारक के गुर्गे आज भी कई गाँवों में मौजूद हैं जो छात्रा की हत्या जैसी कई आपराधिक घटनाओं को आज भी अंजाम दे रहे हैं।

केपी सिंह ने इलाके में फैले आतंक और डर के माहौल की वजह समाजवादी पार्टी व बहुजन समाज पार्टी के शासन में खान मुबारक को मिले संरक्षण को बताया। उनका कहना है कि तब हिन्दू सिर झुका कर चलता था और पुलिस भी शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं करती थी। हालाँकि, पालीवाल का दावा है कि योगी आदित्यनाथ के शासन में जमीन-आसमान का अंतर है और आतंक का माहौल धीरे-धीरे कम हो रहा है। हालाँकि, उन्होंने कॉलेजों में छेड़खानी और ‘लव जिहाद’ अभी तक जारी होने की बात कही। पालीवाल ने आरोपितों पर बुलडोजर चलाने की माँग की। हमें बताया गया कि सड़क और आसपास आबादी मुस्लिम बहुल है।

पढ़ाई छूटने से डरती हैं लड़कियाँ

ऑपइंडिया ने स्थानीय विश्व हिन्दू परिषद (VHP) नेता अखिलेश श्रीवास्तव से बात की। उन्होंने हमें बताया कि इलाके में कई लड़कियाँ छेड़खानी और ‘लव जिहाद’ से परेशान हैं लेकिन वो अंदर ही अंदर इसे सह रही हैं। VHP नेता ने बताया कि घर वालों द्वारा स्कूल से नाम कटवाने का डर और अपने परिवार की अन्य बहनों की पढ़ाई की चिंता के कारण लड़कियाँ चुप रहना पसंद करती हैं। मृतका छात्रा के घर वालों को भी व्यापारी वर्ग से जुड़ा बताते हुए अखिलेश ने उन्हें डरा हुआ बताया और कहा कि दशकों से खान मुबारक जैसे आतताइयों का फैलाया डर आज भी हिन्दुओं में बना हुआ है।

अखिलेश के अनुसार, पहले की सरकारों में ऐसी घटनाएँ आम बात हुआ करती थीं जो योगी की सरकार में बुलडोजर के डर से कम हुई हैं। हालाँकि, उन्होंने इसे मुस्लिम बहुल इलाके में अभी भी जारी होने का दावा किया। मर चुके गैंगस्टर खान मुबारक को इलाके का अतीक अहमद बताते हुए ‘विश्व हिन्दू परिषद (VHP)’ नेता ने कहा कि इलाके के कई मुस्लिम योगी सरकार बदलने पर नया खान मुबारक बनने के मंसूबे पाले हुए हैं। अखिलेश श्रीवास्तव ने छात्रा के कातिलों पर बुलडोजर की कार्रवाई को इलाके के हर हिन्दू की उम्मीद बताया।

खान मुबारक के बारे में बता दें कि उसका अपराध का साम्राज्य लंबा-चौड़ा था। 2003 में एक क्रिकेट मैच के दौरान उसने अम्पायर की ही हत्या कर दी थी। उसके ऊपर अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन का हाथ था। वो अक्सर स्टाइलिश कपड़ों में दिखता था। उस पर 43 मामले दर्ज थे। जून 2023 में हरदोई जेल में कैद रहने के दौरान 45 वर्ष की उम्र में उसकी मौत हो गई थी। वो नैनी जेल में भी 5 साल बंद रहा था। बताया जाता है कि मौत से पहले वो सदमे में थे।

VHP ने दिया था अल्टीमेटम

ऑपइंडिया ने क्षेत्र की पूर्व भाजपा विधायक संजू देवी के प्रतिनधि व विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारी श्याम बाबू गुप्ता से बात की। श्याम बाबू गुप्ता ने बताया कि शुरुआत में कार्रवाई में हीलाहवाली देखते हुए उन्होंने प्रशासन को जल्द सख्त कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया था, जिसके सकारात्मक परिणाम आए। उन्होंने मृतका के घर वालों को आर्थिक से ले कर कानूनी आदि हर प्रकार की मदद का भरोसा दिया।

खान मुबारक ही नहीं अजीमुल हक का भी आतंक

श्याम बाबू गुप्ता ने हमें आगे बताया कि योगी सरकार को इलाके का माहौल सामान्य करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ रही है। पुराने समय को याद करते हुए श्याम बाबू ने कहा कि हिन्दुओं में डर का ऐसा माहौल था कि मोबाइल व्यापारी दुकान में एंड्राइड फोन तक नहीं रखते थे। उन मोबाइलों को खान मुबारक के गुर्गे छीन कर ले जाते थे। साथ ही लूट के डर से सारा बाजार शाम 5 बजे तक बंद हो जाया करता था। श्याम बाबू गुप्ता ने बताया कि मर चुके समाजवादी पार्टी विधायक अजीमुल हक जैसे नेता खान मुबारक जैसे अपराधियों का संरक्षक थे। उन्होंने आरोप लगाया कि हिन्दुओं के दमन में अजीमुल हक का हर अपराधी को संरक्षण होता था।

ऑपइंडिया की टीम ने घटनास्थल हीरापुर बाजार के कुछ अन्य व्यापारियों व आम लोगों से बात करने का प्रयास किया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। इनकार की वजह उन लोगों ने अपनी सुरक्षा की फ़िक्र बताया। कइयों ने कैमरे पर न बोलने की शर्त पर बताया कि योगी आदित्यनाथ ही उनकी अंतिम उम्मीद हैं क्योकि कई लोग सरकार बदलने पर पुराना समय वापस लाने का चैलेन्ज देते हैं। हमने यह भी पाया कि खान मुबारक की मौत के बाद भी उसके खिलाफ बोलने से लोग कतरा रहे थे।

किराए पर मिल रहे कुत्ते, पुलिसकर्मी और थाने: जान लीजिए किसका कितना रेट, खर्चे निकालने के लिए इस राज्य की सरकार ने लिया फैसला

क्या आप पैसा देकर सरकारी सुरक्षा का मजा चाहते हैं तो आपके लिए खुशखबरी है। आप न सिर्फ पुलिसकर्मी, खोजी कुत्ता बल्कि पूरा थाना ही अपने सुरक्षा में लगा सकते हैं क्योंकि केरल में यह भी किराए पर मिल रहा है। दरअसल, आर्थिक समस्याओं से जूझ रही केरल की पिनराई विजयन सरकार ने अपने खर्चे निकालने के लिए अब यही तरीका निकाला है।

बाकायदा केरल की वामपंथी सरकार की तरफ से एक लिस्ट जारी की गई है, जिसमें बताया गया कि पुलिसकर्मियों, कॉन्सटेबल, पुलिस डॉग और यहाँ तक पूरा थाना आदि को अपनी सुरक्षा में लगाने के लिए कितने पैसे खर्च करने होंगे। 

केरल सरकार के इस आदेश के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति चाहे तो मात्र 34,000 रुपए खर्च कर एक दिन के लिए एक पुलिस इंस्पेक्टर, एक ट्रेंड पुलिस डॉग, पुलिस कर्मियों के जरिए इस्तेमाल होने वाले सभी डिवाइस और यहाँ तक कि पूरे पुलिस थाने को भी अपनी सुरक्षा में लगा सकता है। 

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, केरल सरकार के इस आदेश के बाद पुलिस के ट्रेंड कुत्तों, पुलिसवालों और  यहाँ तक की पूरे थाने को किराए पर लिया जा सकता है। हालाँकि, केरल में यह आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए कोई नई योजना नहीं है बल्कि यह एक पुरानी योजना है, उसी में नया रेट जोड़कर इसे फिर से लॉन्च किया गया है। वैसे इस योजना को लेकर पहले भी विवाद होते रहे हैं वहीं इस बार भी केरल सरकार के इस कदम की आलोचना हो रही है। 

किसका कितना रेट 

रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी आदेश में ‘रेट कार्ड’ से पता चलता है कि एक सर्कल इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी को काम पर रखने पर आपको प्रति दिन ₹3,035 से ₹3,340 के बीच खर्च आएगा। यदि आप अधिक किफायती विकल्प चाहते हैं, तो एक सिविल पुलिस अधिकारी चुनें, जिसकी सेवाओं की कीमत मात्र ₹610 है। पुलिस डॉग ₹7,280 प्रति दिन पर आते हैं, और वायरलेस उपकरण के लिए ₹12,130  दैनिक किराया लिया जाता है, वहीं एक पूरा पुलिस स्टेशन ₹12,000 में उपलब्ध है। 

पुलिसकर्मियों की इस सुविधा का कौन ले रहा लाभ

दरअसल, केरल में आयोजित होने वाली प्राइवेट पार्टियों, इंटरटेनमेंट शो, फिल्मों की शूटिंग के दौरान सुरक्षा में सेंधमारी का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में इन कार्यक्रमों के आयोजनों में भले ही बड़ी संख्या में निजी सुरक्षाकर्मी लगाए जाएँ, लेकिन पुलिसकर्मियों के जरिए मिलने वाली सुरक्षा से उनकी तुलना नहीं की जा सकती और यही वजह है कि प्राइवेट पार्टियों, इंटरटेनमेंट शो, फिल्मों की शूटिंग करवाने वाले आयोजक केरल में पुलिस को भी किराए पर लेते हैं। 

अमेरिका में पादरी के पास मिलीं 600 बच्चों की नंगी तस्वीरें: स्विट्जरलैंड में पादरियों ने 1000+ का किया यौन शोषण, पीड़ितों में 74% नाबालिग

अमेरिका के शहर लॉस एंजिल्स में एक पादरी के पास बच्चों की 600 से अधिक आपत्तिजनक फोटो फोटो बरामद हुई हैं। यह पादरी लॉस एंजिल्स के इलाके लॉन्ग बीच के एक चर्च में कार्यरत था। आरोपित को महीनों की जाँच के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है।

अमेरिका: पादरी के पास बच्चों की नंगी तस्वीरें

अमेरिकी समाचार वेबसाइट ‘लॉस एंजिल्स टाइम्स‘ के अनुसार, शहर के लॉन्ग बीच इलाके के कैथोलिक पादरी रोडोल्फो मार्टिनेज ग्वेरा (38) को गिरफ्तार किया गया जो कि चर्च व्यवस्था में काफी वरिष्ठ था। उसके खिलाफ कई रिपोर्ट बच्चों के गुमशुदगी विभाग में भेजी गईं। पादरी के खिलाफ अप्रैल में जाँच चालू की गई थी।

जाँच में पाया गया कि पादरी के पास 600 से अधिक बच्चों के यौन शोषण की तस्वीरें थी। इसमें अधिकांश तस्वीरें 12 वर्ष के कम आयु के बच्चों की थी। मामले में शामिल होने वाले वकीलों का कहना है कि जिस पादरी पर यह आरोप हैं वह काफी शक्तिशाली है। मामले में शामिल वकील एरिक नासरेंको ने कहा, “आरोपित के अपराध विश्वास घटाते हैं और इनमें बड़ी संख्या में बालकों के यौन शोषण की तस्वीरें हैं।”

ग्वेरा को बुधवार (13 सितंबर, 2023) को कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। अभी वह पुलिस की हिरासत में है।

स्विट्जरलैंड: पादरियों ने 1002 का किया यौन शोषण

इस मामले के अलावा स्विट्ज़रलैंड से भी एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक रिसर्च में पाया गया है कि वर्ष 1950 से लेकर अब तक चर्च के पादरियों एवं अन्य कर्मचारियों ने 1000 से अधिक यौन शोषण किए हैं।

ज्यूरिख विश्वविद्यालय द्वारा की गई एक रिसर्च में सामने आया है कि स्विस कैथोलिक पादरियों एवं कर्मचारियों द्वारा 1000 से अधिक यौन शोषण किए गए जिसमें से 74% पीड़ित नाबालिग थे। इस रिसर्च के लिए पीड़ितों से बात की गई और पुराने मामलों को खंगाला गया। हैरान करने वाली बात यह है कि अधिक शोषण पुरुषों का हुआ है। रिसर्च में बताया गया है कि पीड़ितों में 56% पुरुष थे जबकि 39% महिलाएँ थीं, 5% के विषय में जानकारी जुटाई नहीं जा सकी। रिसर्च करने वालों ने यह भी कहा है कि यह सभी अपराधों का छोटा सा नमूना है और असल संख्या कहीं अधिक हो सकती है।

राजस्थान में महिला अधिकारी ने 2 दिन के भीतर खरीद लिए 26 फ्लैट, 15 अपने और 11 बेटे के नाम पर लिखवाई: बिना लोन ही करा ली सारी रजिस्ट्री

राजस्थान सचिवालय में तैनात महिला अधिकारी ज्योति भारद्वाज ने गजब ही कर डाला है। दो दिन के अंदर उन्होंने 26 फ्लैट की रजिस्ट्री करवाई। इन फ्लैटों की कीमत करीब 5 करोड़ रुपए बताई जा रही है।

महिला अधिकारी ने इनमें से 15 फ्लैट की रजिस्ट्री अपने और 11 फ्लैट की रजिस्ट्री अपने बेटे रोहन वशिष्ठ के नाम पर करवाई। इसके लिए 30 लाख रुपए से अधिक का स्टांप ड्यूटी चुकाया। इस भुगतान के लिए उन्होंने लोन तक लेने की जरूरत नहीं पड़ी।

मामला सामने आने के बाद राजस्थान सरकार ने उनके खिलाफ आय से अधिक धन के मामले में जाँच शुरू कर दी है। ज्योति भारद्वाज जयपुर सचिवालय में तैनात हैं। अभी राजस्थान सरकार में सचिव स्तर पर हैं और कार्मिक विभाग के स्टोर में सामान खरीदारी करने के मामलों की प्रभारी हैं। वे अलवर में लंबे समय तक जिला कोषाधिकारी और मत्स्य विश्वविद्यालय में वित्तीय नियंत्रक के पद पर भी तैनात रह चुकी हैं।

चेक से खरीदी गई प्रॉपर्टी, बिल्डर परेशान

खास बात ये है कि जिस बिल्डर से ये फ्लैट खरीदे गए हैं, अब वो खुद के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगा रहा है। बिल्डर का कहना है कि उसके साथ खेल हो गया है। ज्योति भारद्वाज ने करीब 1-1.5 साल में ये सभी प्रॉपर्टी ‘बनी बिल्डटेक’ नाम की कंपनी से खरीदी है। इस कंपनी का ऑफिस जयपुर के मनसरोवर लिंक रोड पर स्थित जेडीए मार्केट में है। कंपनी के डायरेक्टर का कहना है कि ये प्रॉपर्टी चेक से खरीदी गई, लेकिन डेढ़ सालों से कोई भी चेक कैश नहीं हो पाया है। इस मामले में उन्होंने कोर्ट में केस किया है।

कुल 15 फ्लैट अपने नाम, बेटे के नाम किया 11 फ्लैट

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ज्योति भारद्वाज ने जिन 26 फ्लैट की रजिस्ट्री कराई है, उनमें से 15 फ्लैट उन्होंने खुद के नाम दर्ज कराया है। इसके अलावा 11 फ्लैट उनके बेटे रोशन वशिष्ठ के नाम पर दर्ज हुए हैं। इनकी कीमत 4 करोड़ 71 लाख है। ये रजिस्ट्री 4-5 मार्च 2022 यानी पिछले साल कराई गई है। हालाँकि ज्योति भारद्वाज का कहना है कि उनके पति अनुराग और बिल्डर के साथ लेन-देन चल रहा था। उसी लेन-देन का हिस्सा ये प्रॉपर्टी हैं। इस बारे में सही जानकारी उनके पति ही दे पाएँगे।

अधिकारियों द्वारा घोषित की जाने वाली प्रॉपर्टी में नहीं जिक्र

बता दें कि सरकारी कर्मचारियों को हर साल अपनी प्रॉपर्टी की जानकारी सरकार को देनी होती है। लेकिन इस मामले में ज्योति भारद्वाज ने सिर्फ तीन फ्लैट्स की जानकारी सरकार को दी है। उनमें से दो को उन्होंने अपने नाम पर दिखाया है। एक पति अरविंद के नाम से दिखाया है जिसका लोन लिया गया है। अब राजस्थान सरकार ने इस मामले की जाँच शुरू कर दी है।

JNU की महिला कुलपति ने कहा- RSS से होने पर गर्व, पूछा- क्या तीस्ता सीतलवाड़ की तरह हमारे लिए भी रात को खुलेगी सुप्रीम कोर्ट

दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्विद्यालय (JNU) की कुलपति शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित ने 17 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट से सवाल किया है। उन्होंने कहा कि तीस्ता सीतलवाड़ को राहत देने के लिए रात में कोर्ट खुली थी। इसी तरह क्या उनके लिए भी हो सकता है? उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू होने और संघ से जुड़ाव पर उन्हें गर्व है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जेएनयू की पहली महिला कुलपति शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित ने यह बात महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा, “वामपंथी विचारधारा अब भी मौजूद है। आप लोग जानते होंगे कि तीस्ता सीतलवाड़ को जमानत देने के लिए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने शनिवार रात को कोर्ट खोल दिया था। क्या ऐसी ही व्यवस्था हम लोगों के लिए भी होगी?”

उन्होंने आगे कहा, “राजनीतिक सत्ता में बने रहने के लिए आपके पास नैरेटिव पावर होना चाहिए। हमें इसकी जरूरत है। जब तक हमारे पास नैरेटिव पावर नहीं होगी, तब तक हम एक दिशाहीन जहाज की तरह हैं।”

वहीं धूलिपुड़ी पंडित ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से अपने जुड़ाव को याद करते हुए कहा, “मैं बचपन में ‘बाल सेविका’ थी। मुझे संस्कार आरएसएस से ही मिले हैं। मुझे यह कहने में गर्व है कि मैं आरएसएस से हूँ। मुझे यह कहने में भी गर्व है कि मैं हिंदू हूँ। यह कहने में मैं बिल्कुल भी नहीं संकोच नहीं करती।” इसके बाद उन्होंने जय श्री राम का नारा लगाते हुए कहा, “गर्व से कहती हूँ मैं हिंदू हूँ।”

उन्होंने आगे कहा कि वामपंथ और आरएसएस अलग-अलग विचारधाराएँ हैं। 2014 के बाद से इन दोनों विचारधाराओं के बीच संघर्ष में एक बड़ा बदलाव आया है। बता दें कि जेएनयू की कुलपति बनने के बाद जब उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय ध्वज और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर लगाने का फैसला किया तो कुछ लोगों ने इसका विरोध किया था।

इस पर उन्होंने उन लोगों से कहा था कि वे टैक्स देने वालों के पैसे से जेएनयू में फ्री का खाना खा रहे हैं। इसलिए उन लोगों को राष्ट्रीय ध्वज और पीएम मोदी की तस्वीर के सामने झुकना चाहिए। वह देश के प्रधानमंत्री हैं उनका किसी पार्टी से कोई संबंध नहीं है। अब एक साल से अधिक का समय बीत चुका है। कोई भी विरोध नहीं करता।

बिहार में बनने जा रहे नालंदा विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “मैं हाल ही में बख्तियारपुर में स्थित नालंदा विश्वविद्यालय गई थी। हमें बख्तियारपुर का नाम बदलना चाहिए। यह किस तरह का नाम है?” देश की प्राचीन सभ्यता के बारे में उन्होंने कहा, “हमारी भारतीय सभ्यता श्रेष्ठ, नारीवादी और दुनिया में सबसे महान है। द्रौपदी पहली नारीवादी हैं न कि फ्रांसीसी दार्शनिक सिमोन डी बेउवार।”

एक दिन में दो बार खुला सुप्रीम कोर्ट, रात में दी जमानत

गौरतलब है कि गुजरात दंगों के बाद नरेंद्र मोदी सरकार को बदनाम करने की साजिश रचने वाली तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत रद्द करते हुए गुजरात हाईकोर्ट ने शनिवार रात, 1 जुलाई 2023 को तुरंत आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था।

लेकिन, इसके बाद तीस्ता सीतलवाड़ उसी दिन सुप्रीम कोर्ट पहुँच गई थी। जहाँ पहले बेंच ने सुनवाई की। लेकिन दो जजों की राय अलग-अलग रही। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने रात में ही दो अन्य जजों को बेंच का हिस्सा बनवाया। इसके बाद सुनवाई हुई और फिर तीस्ता सीतलवाड़ को जमानत दे दी गई थी।

तमिलनाडु में गणेश पूजा नहीं आसान, चेन्नई पुलिस ने थमाई शर्तों की लंबी लिस्ट: मूर्ति कारीगरों के आँसू देख भी नहीं पसीजा हाईकोर्ट

हाल ही में तमिलनाडु में कारीगरों द्वारा बनाई गई गणेश प्रतिमाओं को सील किए जाने का मामला सामने आया था। वहीं अब अब ग्रेटर चेन्नई पुलिस ने एक फरमान जारी करके कहा है कि हिन्दुओं को विनायागार (गणेश) पांडाल लगाने के लिए बिजली विभाग, पुलिस, अग्निशमन विभाग, हाईवे विभाग और स्थानीय निकाय से पहले इस बात की इजाजत लें कि क्या वह पांडाल लगा सकते हैं।

इन सब शर्तों के अलावा DMK शासित राज्य की पुलिस ने कई अन्य शर्तें भी गणेश चतुर्थी त्योहार को लेकर लगाई हैं जिसमें मूर्ति की ऊँचाई, धार्मिक नारे न लगाने, पटाखे ना फोड़ने और गणेश मूर्तियों को प्रवाहित करने से सम्बंधित भी नियम लागू कर दिए हैं। यहाँ तक कि ऐसे स्थानों पर पांडाल लगाने से भी मना कर दिया गया है जहाँ कोई स्कूल या अस्पताल हैं।

आप भी एक बार ग्रेटर चेन्नई पुलिस द्वारा हिन्दुओं को जारी की गई इन गाइडलाइन्स को एक बार देखिए:

  • 1. जिन लोगों को जमीन पर गणेश प्रतिमा स्थापित की जानी है वो स्थानीय निकाय, हाइवे विभाग और अन्य सरकारी विभागों से अनुमति लें।
  • 2. अग्निशमन विभाग, बिजली विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लें।
  • 3. सारे नियमों को मानते हुए एक फ़ार्म भरके स्थानीय पुलिस थाने से अनुमति लें।
  • 4. गणेश प्रतिमा की ऊँचाई 10 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • 5. मूर्तियों को धार्मिक स्थलों, अस्पतालों और स्कूलों के आसपास नहीं बनाया जा सकता।
  • 6. ऐसे नारे ना लगाए जाएँ कि दूसरे धर्म के लोग आहत हो जाएँ।
  • 7. दो व्यक्तियों को 24 घंटे मूर्तियों के पास तैनात किया जाए।
  • 8. पूजा पांडालों पर किसी भी राजनीतिक दल के समर्थन वाले बैनर पोस्टर नहीं लगाए जा सकते।
  • 9. आग से बचाने वाले नियम माने जाएँ, हर समय इस बात की निगरानी की जाए।
  • 10. पुलिस द्वारा निर्धारित दिनों पर ही प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाए, प्रतिमाओं को चौपहिया वाहनों में रखा जाए और उन्हीं रूट से ले जाया जाए जो पुलिस बताए।
  • 11. कहीं पर भी पटाखे ना फोड़े जाएँ, ना ही पांडालों में ना विसर्जन यात्रा के दौरान।

चेन्नई पुलिस ने यह सारे नियम ट्विटर पर एक नोटिस डालकर जारी किए हैं। लोगों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। लोगों ने चेन्नई पुलिस से प्रश्न पूछा है कि क्या वह अन्य मजहबों के त्यौहार पर क्या वह ऐसी ही एडवायजरी देते हैं और अगर ऐसा नहीं है तो फिर केवल हिन्दुओं के लिए ही ऐसे नियम क्यों हैं।

गणेश चतुर्थी के लिए चेन्नई पुलिस द्वारा लाए गए नियम एवं शर्तें
गणेश चतुर्थी के लिए चेन्नई पुलिस द्वारा लगाए गए नियम एवं शर्तें

लोगों ने यह भी प्रश्न पूछा है कि हाल ही में चेन्नई में ही हुए एआर रहमान के कॉन्सर्ट के लिए क्या एडवायजरी दी गई थी? गौरतलब है कि इस कॉन्सर्ट में कई महिलाओं के साथ छेड़खानी हुई थी और इसके गड़बड़ प्रबन्धन को लेकर चेन्नई के प्रशासन की खूब आलोचना हुई थी।

चेन्नई पुलिस ने यह सब नियम जारी करते हुए यह भी लिखा है कि नारों से किसी अन्य धर्म को समस्या ना हो। ऐसे में सवाल उठ सकता है कि क्या चेन्नई पुलिस ने पहले ही मान लिया है कि हिन्दुओं द्वारा लगाए जाने वाले नारों से अन्य धर्म के लोग भड़केंगे? हालाँकि, यह पहला मौका नहीं है जब गणेश चतुर्थी में खलल डालने का प्रयास ना किया गया हो।

इससे पहले हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियाँ बनाने वाले कारीगरों के कारखानों को भी DMK सरकार ने सील करवा दिया था। यह कारीगर इस समय भगवान गणेश की मूर्तियाँ बना रहे थे जो कि इनकी आय का एकमात्र स्रोत हैं। अधिकारियों ने निर्दयता से इनके कारखानों को प्रदूषण के नाम पर सील कर दिया था।

हिन्दू कारीगरों पर हुए इस अत्याचार को मद्रास हाईकोर्ट ने सुनते हुए रविवार (17 सितंबर, 2023) को इनकी मूर्तियों की बिक्री को मंजूरी तो दे दी, लेकिन फिर एक डिवीजन बेंच ने एकल पीठ के फैसले को पलट दिया। कारीगरों पर आरोप था कि उन्होंने प्लास्टर ऑफ़ पेरिस की मूर्तियाँ बनाई है जबकि उनका कहना था कि मूर्तियाँ ऐसी सामग्री से बनी हैं जो कि पानी में पूरी तरह से घुल जाती हैं। गणेश चतुर्थी पर नियम कानून बनाने वाली डीएमके के ही नेता उदयनिधि स्टालिन ने बीते दिनों सनातन को डेगू और मलेरिया जैसा बताकर खत्म करने की बात कही थी जिसका पूरे देश में विरोध हुआ था।

वहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में डाली गई याचिका पर त्वरित सुनवाई से इनकार कर दिया है।

ऑटो पायलट मोड में उड़ रहा था दुनिया का सबसे खतरनाक लड़ाकू विमान, हो गया गायब: अमेरिका ने आम लोगों से माँगी मदद, ₹1248 करोड़ में आता है एक F-35

अमेरिका का सबसे एडवांस फाइटर जेट एफ-35 लाइटनिंग-II खो गया है। इस एफ-35 फाइटर जेट की खूबियाँ ही अब सरकार के गले की फाँस बन गई हैं। जी हाँ, एफ-35 लाइटनिंग-II फाइटर जेट जिस स्टील्थ टेक्नोलॉजी (रडार की पकड़ से दूर) की वजह से सबसे खतरनाक माना जाता है, उसी टेक्नोलॉजी की वजह से वो गायब हो गया है। वो ऑटो पायलट मोड पर था और उसका पायलट इजेक्ट (प्लेन से बाहर निकलना) कर गया था।

12 अरब रुपए से ज्यादा कीमत का फाइटर जेट गायब

एफ-35 फाइटर जेट को अमेरिका ने अपने नाटो के सहयोगी देशों को भी दिया है। हालाँकि, ये बहुत महँगा भी है। इसके एक यूनिट की कीमत 150 मिलियन डॉलर यानि 12 अरब 48 करोड़ रुपए से अधिक है।

साउथ कैरोलिना राज्य के तटीय इलाके में स्थित चार्लसन ज्वॉइंट बेस से उड़ान भरने के बाद एफ-35 जब आसमान में था, तभी कुछ खराबी आने पर पायलट उसे ऑटो पायलट मोड में डालकर खुद बाहर निकल गया। चूँकि इसकी रफ्तार बहुत ज्यादा होती है, साथ ही ये ऑटो पायलट मोड में होने की वजह से सीधे किसी से टकरा भी नहीं सकता। ऐसे में अमेरिकी रक्षा विभाग के लोगों को लगता है कि ये शायद किसी झील या समंदर में गिर गया हो। ऐसे में उसने आम लोगों से मदद की अपील की है।

एफ-35 की रेंज बहुत ज्यादा

चूँकि, ये फाइटर जेट रडार की पकड़ में नहीं आता, तो इसकी ट्रैकिंग मुश्किल है। ऐसे में ये किस जगह गिरा होगा, इसकी कोई जानकारी नहीं है। हो सकता है कि ऑटो पायलट मोड पर होने की वजह से ये जहाज उस जगह से बहुत दूर निकल गया हो और ऐसी किसी जगह पर हो, जहाँ इनसानी रिहाइश ही न हो। ये जगह घटनास्थल के पास से लेकर 1000 हजार या डेढ़ हजार किलोमीटर से भी ज्यादा दूर हो, क्योंकि इसकी रेंज 2000 हजार किलोमीटर से ज्यादा की है।

स्थानीय नेता ने एयरफोर्स को घेरा, लापरवाही का लगाया आरोप

अब इस मुद्दे पर स्थानीय जन प्रतिनिधि नैंसी मैक ने अमेरिकी एयरफोर्स को घेरा है। उन्होंने आम लोगों से मदद माँगने की घटना पर गुस्सा उतारते हुए कहा है कि क्या अमेरिकी एयरफोर्स, एक ऐसा फाइटर जेट खोजने की कोशिश कर रही है, जिसमें कोई ट्रैकिंग डिवाइस ही नहीं है? या वो चाहती है कि आम लोग इस जेट को ढूंढें और उसे ऑन करें? उनके शब्दों पर गौर करें तो वो हैरानी जताने के साथ तंज करते हुए लापरवाही का आरोप लगा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हादसे में फाइटर जेट से इजेक्ट करने वाला पायलट सुरक्षित है। उसे जरूरी मेडिकल सहायता दी जा रही है। हालाँकि, ये नहीं पता चल पाया है कि प्लेन में ऐसी कौन सी खराबी आई थी कि उसे प्लेन को ऑटो पायलट मोड में डालकर इजेक्ट करना पड़ा।