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‘नए सिरे से शुरू हो सुनवाई’: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में इलाहाबद HC ने मस्जिद पक्ष को दिया झटका, शाही ईदगाह पर सुनवाई के खिलाफ था वक्फ बोर्ड

मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका दिया है। दरअसल, हाई कोर्ट ने शाही ईदगाह ट्रस्ट और सुन्नी वक्फ बोर्ड की याचिका खारिज कर दी। साथ ही कोर्ट ने मथुरा के जिला जज को पूरे मामले की नई सिरे सुनवाई करने का आदेश दिया। हाई कोर्ट का फैसला सोमवार (1 मई, 2023) को आया।

दरअसल, भगवान श्रीकृष्ण विराजमान की ओर से मथुरा जिला अदालत में एक याचिका दायर की गई थी। इस याचिका में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह की पूरी जमीन को श्रीकृष्ण विराजमान के नाम घोषित किए जाने की माँग की गई थी। इस याचिका को स्वीकार करते हुए जिला अदालत ने सुनवाई शुरू करने का फैसला किया था। इस फैसले के खिलाफ शाही ईदगाह और यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

निर्णय देते हुए हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस प्रकाश पडिया ने कहा है कि इस मामले में फैसला पहले ही आ चुका है, ऐसे में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही कोर्ट ने मथुरा जिला जज को मामले की सुनवाई नए सिरे से शुरू करने के आदेश दिए हैं। बता दें कि शाही ईदगाह और सुन्नी वक्फ बोर्ड की याचिका के चलते इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भगवान श्रीकृष्ण विराजमान की तरफ से मथुरा कोर्ट में दाखिल केस में रोक लगा दी थी। हालाँकि कोर्ट के फैसले के बाद यह रोक भी हट गई। हालाँकि अब कोर्ट को एक बार फिर दोनों पक्षों के दावों पर शुरू से सुनवाई करनी होगी।

क्या है मामला?

श्रीकृष्ण जन्मभूमि का यह विवाद श्रीराम जन्मभूमि की तरह ही है। भगवान श्रीकृष्ण विराजमान का दावा है कि औरंगजेब ने मंदिर तुड़वाकर यहाँ मस्जिद बनवाई। वहीं, मुस्लिम पक्ष इस बात का विरोध कर रहा है। यह पूरा विवाद 13.37 एकड़ जमीन के मालिकाना हक से जुड़ा हुआ है। फिलहाल भगवान श्रीकृष्ण विराजमान के पास 10.9 एकड़ जमीन का मालिकाना हक है। शेष जमीन शाही ईदगाह का कब्जा है।

इसको लेकर ही भगवान श्रीकृष्ण विराजमान की तरफ से मथुरा कोर्ट में एक केस दायर किया गया था। इस केस में 20 जुलाई 1973 के फैसले को रद्द कर 13.37 एकड़ भूमि को कटरा केशव देव की जगह श्रीकृष्ण विराजमान के नाम घोषित किए जाने की माँग की गई थी। श्रीकृष्ण विराजमान का कहना था कि जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच एक समझौता हुआ था। उक्त समझौते के आधार पर साल 1973 में दिया गया फैसला इसमें लागू नहीं होता, क्योंकि उस समय वह पक्षकार नहीं था।

पिता मल्लिकार्जुन खड़गे से भी आगे निकले बेटे प्रियांक, PM मोदी को बताया ‘नालायक बेटा’: कॉन्ग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री को कहा था ‘साँप’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर इन दिनों कॉन्ग्रेस नेता हर रोज आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कर रहे हैं। कुछ दिन पहले कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उन्हें ‘जहरीला सांप’ कहा था। अब उनके बेटे ने पीएम मोदी को ‘नालायक बेटा’ कहा है।

प्रियांक खड़गे ने कर्नाटक चुनाव से पहले कलबुर्गी में पीएम मोदी की एक रैली के बाद उनपर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी मालखेड़ा में बंजारा समुदाय से बोलते हैं कि उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। उनका बेटा दिल्ली में बैठा हुआ है। लेकिन वो ऐसे नालायक बेटे का क्या करें। ऐसे नालायक बेटे के साथ अपना घर कैसे चलाएँ। प्रियांक खरगे ने कहा कि खुद को बंजारा समुदाय का बेटा बताकर पीएम ने बंजारा समुदाय के लिए ही आरक्षण की समस्या खड़ी कर दी।

भारतीय जनता पार्टी ने प्रियांक खड़गे के इस बयान पर आपत्ति जताई है। कर्नाटक भाजपा के प्रवक्ता ने कहा कि पीएम मोदी को नालायक बेटा कहकर प्रियांक खड़गे अपने बेटे मल्लिकार्जुन खड़गे से भी आगे निकल गए हैं।

भाजपा नेता नारायणस्वामी ने कहा, “उनका मुँह गंदा ही है। क्या ये सब चुनाव में जरूरी है। मैं खड़गे जी का आदर करता हूँ क्योंकि मैंने उनके साथ काम किया है। वे बेंगलुरु में ऐसे नहीं रहे। मुझे नहीं पता उन्हें दिल्ली जाकर क्या हुआ। अब उनका बेटा भी यही कर रहा है। उन्होंने हमारे पीएम के लिए गंदे शब्द बोले हैं।”

बता दें कि इससे पहले कर्नाटक अध्यक्ष ने कर्नाटक चुनाव के दौरान कहा था, “पीएम मोदी ‘जहरीले साँप’ की तरह हैं। आप सोच सकते हैं कि यह जहर है या नहीं। यदि आप इसे चाटते हैं, तो आप मर मर जाएँगे।” खड़गे के इसी बयान पर पीएम ने भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था,

“आज जब मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहा हूँ, तो कॉन्ग्रेस सबसे ज्यादा परेशान है। कॉन्ग्रेस अब धमकी दे रही है। वे कहते हैं ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी।’ वे मेरी तुलना साँप से कर रहे हैं और लोगों से वोट माँग रहे हैं। मेरे लिए देश की जनता भगवान शिव का रूप है। मैं भगवान रूपी जनता के गले का साँप बनना स्वीकार करता हूँ। कर्नाटक की जनता उन्हें मुँहतोड़ जवाब देगी। 10 मई को उत्तर दें।”

विरोध होने के बाद खड़गे ने इस बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने जहरीला सांप पीएम मोदी को नहीं बीजेपी को दिया था।

‘ऐसे ही नाचती रही तो ब्रिटेन वाले खुद आकर कोहिनूर लौटा जाएँगे’: किंग चार्ल्स III के कोरोनेशन में सोनम कपूर को बुलावा, वीडियो शेयर कर बोले लोग – गुलामी का बदला

बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनम कपूर (Sonam Kapoor) का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। ब्रिटेन के किंग चार्ल्स III के कोरोनेशन सेरेमनी में परफॉर्मेंस देने के लिए उन्हें बुलाया गया है, उससे पहले उनका एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना का कारण बन रहा है। वायरल वीडियो में एक्ट्रेस को एक फैशन शो में परफॉर्म करते हुए देखा जा सकता है। इस परफॉर्मेंस को देखने के बाद यूजर्स उनका जमकर मजाक उड़ा रहे हैं।

दरअसल, लंदन के वेस्टमिंस्टर एब्बे में 6 मई, 2023 को किंग चार्ल्स III का राज्याभिषेक होने जा रहा है। करीब एक हफ्ते तक यह राज्याभिषेक समारोह मनाया जाएगा। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय (Queen Elizabeth) के निधन के करीब आठ महीने बाद किंग चार्ल्स III आधिकारिक तौर पर ब्रिटेन की राजगद्दी संभालेंगे।

कोरोनेशन कॉन्सर्ट 7 मई, 2023 को विंडसर कैसल (Windsor Castle) में आयोजित किया जाएगा। इस इवेंट में केटी पेरी (Katy Perry), टॉम क्रूज (Tom Cruise) और लियोनेल रिची (Lionel Richie) के अलावा बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनम कपूर को भी आमंत्रित किया गया है। इस बीच सोनम कपूर के इस वायरल वीडियो को शेयर कर लोग उन पर सवाल उठा रहे हैं। उन्हें बी ग्रेड का कलाकार कह रहे हैं।

ध्यान देने वाली बात ये है कि इस वीडियो को लोगों ने किंग चार्ल्स III के राज्याभिषेक समारोह का समझ लिया, लेकिन असल में ये वहाँ का नहीं है। ये पुराना है। ये कार्यक्रम अभी अभी हुआ नहीं है और उसमें सोनम कपूर का परफॉर्मेंस भी अभी नहीं हुआ है। पत्रकार भारती जैन लिखती है कि जहाँपनाह, कोहिनूर अब दे ही दीजिए वरना चार राउंड और लगाऊँगी।

एक यूजर लिखता है, “यूके की अर्थव्यवस्था कितनी बुरी हालत में है ब्रो, ये लोग सोनम कपूर को बुला रहे हैं।”

एक और यूजर लिखता है कि पैसा दो तो यही सोनम कपूर तुम्हारे मोहल्ले में इससे भी अच्छा नाचेगी।

अभिनव खरे ने सोनम कपूर का मजाक उड़ाते हुए ब्रिटेन पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि ब्रिटिश साम्राज्य का अधिकारिक रूप से सूर्य अस्त हो चुका है। कम बजट में बी ग्रेड कलाकार आधे मन से परफॉर्म कर रहे हैं। ब्रिटेन में आर्थिक संकट।

रोजी नाम की यूजर ने एक्ट्रेस की परफॉर्मेंस का मजाक उड़ाते हुए लिखा, “सोनम कपूर ने किंग चार्ल्स के राज्याभिषेक समारोह में इस तरह की परफॉर्मेंस देकर अंग्रेजों से हमारा बदला ले लिया।”

बताया जा रहा है कि सोनम कपूर कॉमनवेल्थ के वर्चुअल क्वायर को इंट्रोड्यूस करेंगी और स्पीच भी देंगी। फिलहाल, सोनम अपने पति आनंद अहूजा और बेटे वायु के साथ लंदन में ही हैं।

बता दें कि कुछ समय पहले सोनम नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘AK vs AK’ में दिखी थीं। अब वह डायरेक्टर शोम मखीजा की फिल्म ‘ब्लाइंड’ में काम कर रही हैं, जिसे सुजॉय घोष प्रोड्यूस कर रहे हैं। यह कोरियन फिल्म का रीमेक है। सोनम के साथ इसमें पूरब कोहली, विनय पाठक और लिलेट दुबे भी नजर आएँगे।

‘चुनाव जीतने के लिए इन्होंने करा दी सैनिकों की हत्या’: PM मोदी पर कॉन्ग्रेस नेता का विवादित बयान, अभिनेत्री बेटी भी चुनाव में माँगती हैं वोट

पुलवामा में हुए आतंकी हमले को लेकर कॉन्ग्रेस नेता विवादित बयान देते रहे हैं। अब भागलपुर से विधायक अजीत शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा है कि पीएम मोदी ने 2019 का लोकसभा चुनाव जीतने के लिए पुलवामा हमला कराया था। उन्होंने यह भी कहा है कि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले फिर से इसी तरह का हमला हो सकता है।

दरअसल, भागलपुर से कॉन्ग्रेस विधायक अजीत शर्मा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 100वें एपिसोड को लेकर सवाल पूछा गया था। इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा है कि वह चुनाव जीतने के लिए पुलवामा में सैनिकों को मरवा सकते हैं, ये भी उनके ‘मन की बात’ है। देश की जनता सब जानती है। उन्होंने कहा, “2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भी ये इसी तरह कुछ न कुछ करेंगे। चाहे ये सैनिकों की हत्या करवा दें या फिर देश में हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कर दें।”

अजीत शर्मा के इस बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा है कि कॉन्ग्रेस नेता बहुत विषैला बोल रहे हैं। पूरी कॉन्ग्रेस भाषा की मर्यादा भूल चुकी है। कॉन्ग्रेस को इसका जवाब कर्नाटक चुनाव में मिलेगा। उन्होंने कहा कि जो भी देश के प्रधानमंत्री को गाली देगा, बलिदानियों का अपमान करेगा, देश का अपमान करेगा उसको देश की जनता माफ करने वाली नहीं है।

एक्ट्रेस नेहा शर्मा के पिता हैं अजीत शर्मा

बता दें कि अजीत शर्मा बॉलीवुड एक्ट्रेस नेहा शर्मा के पिता हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान नेहा शर्मा कई बार अपने पिता के लिए वोट माँगते नजर आ चुकी हैं। नेहा शर्मा बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म ‘तानाजी’ में नजर आ चुकी हैं। इसके अलावा ‘तेरी मेरी कहानी’, ‘यंगिस्तान’, ‘यमला पगला दीवाना 2’ में भी एक्टिंग कर चुकी हैं।

गौरतलब है कि इसी साल कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पुलवामा हमले की बरसी पर ही विवादित ट्वीट किया था। दिग्विजय ने लिखा था, “आज हम CRPF के उन 40 जवानों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं, जो पुलवामा में खुफिया एजेंसियों की विफलता के कारण बलिदान हो गए। मुझे उम्मीद है कि बलिदान हुए जवानों के परिवारों का अच्छी तरह से पुनर्वास किया गया है।” इसके अलावा, कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद बीके हरिप्रसाद, नवजोत सिंह सिद्धू समेत कई नेता इसी तरह विवादित बयान देते रहे हैं।

केंद्र सरकार ने 14 मैसेंजर ऐप्स पर लगाया बैन, इन्हीं का इस्तेमाल कर के घाटी में आतंक फैला रहे थे पाकिस्तान में बैठे सरगना: देखें लिस्ट

भारत सरकार ने 14 मैसेंजर ऐप्स को बैन कर दिया है। इन ऐप्स के जरिए पाकिस्तान में बैठे आतंकी भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। ऐसे में केन्द्र सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए ऐप्स को प्रतिबंधित कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जाँच एजेंसियों ने सरकार को जानकारी दी थी कि पाकिस्तानी आतंकी जम्मू-कश्मीर में बैठे अपने समर्थकों व अन्य आतंकियों से बातचीत करने के लिए इन ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन ऐप्स के जरिए घाटी में आतंकी गतिविधियाँ बढ़ रहीं थीं। कहा जा रहा है कि भारतीय सेना, खुफिया एवं जाँच एजेंसियाँ इस मामले में जाँच कर रहीं थीं। इन सभी के इनपुट के बाद सरकार ने यह कार्रवाई की है।

केंद्र सरकार द्वारा जिन ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने की जानकारी सामने आ रही है, उसके अनुसार, क्रायपवाइजर, एनिग्मा, सेफस्विस, विकरमे, मीडियाफायर, ब्रियर, बीचैट, नंदबॉक्स, कॉनियन, आईएमओ, एलिमेंट, सेकेंड लाइन, जांगी, थ्रेमा पर बैन लगाया गया है। सरकार की इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर यह स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी एक बार फिर सिर उठाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन समय रहते ही सरकार ने उन पर लगाम लगा दिया।

‘टाइम्स नाउ’ ने एक रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि सरकार ने जिन ऐप्स पर बैन लगाया है उनमें से अधिकांश ऐप्स को ऐसे डिजाइन किया गया था कि उसमें यूजर अपनी पहचान छिपाकर चैट कर सकता है। साथ ही इसके इंटरफेस के चलते यूजर्स की पहचान कर पाना भी मुश्किल था। यही नहीं, न तो ऐप्स को भारत से संचालित नहीं किया जा रहा था और न ही इन्हें बनाने वाले लोग भारत में हैं।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार इससे पहले भी देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए खतरा उत्पन्न कर रहे 250 से अधिक चीनी ऐप्स को बैन कर चुकी है। इन ऐप्स में टिकटॉक, पबजी, फ्री फायर, शेयरइट, वीचैट, हैलो, लाइकी, यूसी ब्रॉउसर, यूसी न्यूज, बिगो लाइव जैसे कई अन्य ऐप शामिल हैं।

‘मिशनरियों द्वारा ईसाई मजहब फैलाना गैरकानूनी नहीं’: सुप्रीम कोर्ट में बोली तमिलनाडु की DMK सरकार – उन्हें निशाना बनाए जाने की हो रही कोशिश

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में धर्मांतरण विरोधी कानून को लेकर जारी बहस के बीच तमिलनाडु सरकार ने सोमवार (1 मई 2023) को अपना पक्ष रखा। तमिलनाडु की स्टालिन सरकार का कहना है कि ईसाई धर्म का प्रसार करने वाली मिशनरियों के बारे में कुछ भी अवैध नहीं है, जब तक कि वे ऐसा करने के लिए गैरकानूनी साधनों का इस्तेमाल नहीं करते हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत का संविधान लोगों को ‘अपने धर्म को शांति से फैलाने’ और ‘अपनी मान्यताओं को बदलने’ का अधिकार देता है।

डीएमके (DMK) के नेतृत्व वाली सरकार ने शीर्ष न्यायालय में कहा कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ धर्मांतरण विरोधी कानूनों का दुरुपयोग होने का ज्यादा खतरा है। देश के नागरिकों को स्वतंत्र रूप से अपना धर्म चुनने की अनुमति दी जानी चाहिए। नागरिकों की व्यक्तिगत आस्था और निजता पर सवाल उठाना उचित नहीं।

सुप्रीम कोर्ट में भाजपा नेता व एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय ने एक जनहित याचिका दायर की थी। इसमें जबरन धर्मांतरण के खिलाफ सीबीआई जाँच और धर्मांतरण विरोधी कानून का मसौदा तैयार करने की माँग की गई थी। इस पर तमिलनाडु सरकार की ओर से कहा गया है कि राज्य में पिछले कई सालों से जबरन धर्मांतरण कराने का कोई भी मामला सामने नहीं आया है।

स्टालिन सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में यह भी कहा गया है कि भारत के संविधान का अनुच्छेद 25 प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का प्रचार करने का अधिकार देता है। इसलिए, ईसाई धर्म का प्रसार करने वाले मिशनरियों के कार्यों को कानून के खिलाफ नहीं देखा जा सकता है। अगर यह नैतिकता, स्वास्थ्य जैसी चीजों के खिलाफ है, तो इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

इसके साथ ही राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि राज्यों के विभिन्न धर्मांतरण विरोधी कानूनों के तहत सजा पर कोई डेटा नहीं है। नागरिक उस धर्म को चुनने के लिए स्वतंत्र हैं, जिसका वे पालन करना चाहते हैं। याचिकाकर्ता की आलोचना करते हुए सरकार ने आगे कहा कि ईसाई मिशनरियों को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है।

‘प्रण है हिंदुओं को खंड-खंड नहीं होने दूँगा’ : MP में बागेश्वर धाम वाले पंडित धीरेंद्र शास्त्री से कथा सुन 95 लोगों ने की घर वापसी, बोले- लालच में फँसकर बने थे ईसाई

मध्यप्रदेश के सागर जिले में बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री द्वारा करवाई जा रही कथा में 50 से ज्यादा परिवारों के 95 लोगों ने सनातन धर्म अपनाया। ये लोग जिले के अलग-अलग गाँवों के रहने वाले हैं। उन्होंने घर वापसी के वक्त कहा कि वो लोग लालच में आकर ईसाई बन गए थे लेकिन अब फिर ऐसाइ नहीं होगा।

बता दें कि सागर जिले के बहेरिया इलाके में बांके बिहारी नगर में पंडित धीरेंद्र शास्त्री 24 अप्रैल से कथा कर रहे थे। रविवार को इस कथा का अंतिम दिन था। इसी दिन 95 लोगों ने घर वापसी करते हुए कहा- “हम लालच में आकर मार्ग से भटक गए थे। लेकिन अब नहीं भटकेंगे। हम सनातन में ही रहेंगे।”

पंडित धीरेंद्र कृष्णा शास्त्री ने इन्हें धर्म की शपथ दिलाई। इन्हें पीली पट्टिका पहनाकर इनका हिंदू धर्म में स्वागत किया गया। इस दौरान घर वापसी करने वाले लोगों ने बताया कि उन्हें किन परिस्थितियों में ईसाई बना दिया गया था और उन्हें क्या कहा गया था।

नौनेलाल नाम के शख्स ने कहा कि कि पैसे देने और बच्चों की पढ़ाई का लालच देकर उन लोगों को ईसाई बनाया गया था। लेकिन जब उन्होंने पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा सुनी तो उनकी आत्मा जाग गई। वे बोले- अब जबतक जिंदगी रहेगी, सनातनी धर्म में ही रहेंगे। कहीं नहीं जाएँगे चाहे कोई कितना ही दम लगाए।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, दयाल नाम के शख्स ने बताया कि उसे पानी में डुबकी लगवाकर ईसाई बनाया गया था और ऐसा करने के बाद उसे बकरी, मच्छरदानी और कंबल भी मिले थे। दयाल ने कहा, “मजदूरी करते थे इसलिए लालच में आ गए। उन्होंने कहा था कि ईसाई धर्म मानोगे तो ऐसे ही सब कुछ मिलेगा।” वहीं घर वापसी करने वाली एक महिला ने भी बताया कि कैसे उसे ईसाई बनाकर उसे मंगलसूत्र पहनने से मना किया गया था।

95 लोगों की सनातन में वापसी कराने के बाद बागेश्वर धाम वाले पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “हम जातिवाद में नहीं पड़ते। आज से आप लोग हमारा परिवार है।” उन्होंने हिंदुओं से अपील की कि सभी घर वापसी वाले लोगों को अपना परिवार मानें। उन्होंने कहा कि अगर आज भी हिंदू नहीं जागे तो इसी तरह उन्हें खंड-खंड किया जाता रहेगा। पंडित धीरेंद्र शास्त्री बोले- “मेरा प्रण है कि मैं हिंदुओं को खंड-खंड नहीं होने दूँगा। ये अभियान चलता रहेगा।”

बता दें कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने इससे पहले भी कई धर्मांतरित लोगों को घर वापसी करवाई है। इस माह फरवरी में 200 से ज्यादा लोग उनका आशीर्वाद लेकर सनातन में आए। उससे पहले क्रिसमस के ही दिन करीबन 300 लोगों ने हिंदू धर्म स्वीकारा था। इस अभियान के कारण उन्हें कई बार निशाना भी बनाया गया। लेकिन उन्होंने ये साफ कहा कि वो हिंदुओं को बिखरने से बचाते रहेंगे।

‘गलती हो गई आपको इंटरव्यू देकर’ : वामपंथी मीडिया को तसल्ली से इंटरव्यू देने वाले सत्यपाल मलिक की क्यों पत्रकार के आगे बँध गई थी घिग्घी, वीडियो वायरल

आजकल अपने मोदी विरोधी बयानों के कारण लेफ्ट मीडिया में छाए जम्मू-कश्मीक, बिहार और मेघालय के पूर्व गवर्नर सत्यपाल मलिक का एक हैरान करने वाला इंटरव्यू वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। देख सकते हैं कि द वायर समेत तमाम वामपंथी संस्थानों को तसल्लीबख्स साक्षात्कार देने वाले सत्यपाल मलिक इस इंटरव्यू में न केवल पत्रकार सुशांत सिन्हा के सवालों से भाग रहे हैं बल्कि ऑन कैमरा कह रहे हैं- “आपको को इंटरव्यू देकर उन्होंने गलती कर दी।”

इस वीडियो में क्या है?

दरअसल, सुशांत और सत्यपाल मलिक का वीडियो साल 2021 में कथित किसांन आंदोलन को लेकर है। इस वीडियो में सुशांत उनके कुछ बयानों पर सवाल कर रहे हैं। सुशांत पूछते हैं कि यदि मलिक किसानों के साथ हो रहे बर्ताव के साथ खुश नहीं थे तो क्यों वह गवर्नर के पद पर आसित रहे।

इस पर सत्यपाल मलिक जवाब देने की जगह कहते नजर आए, “मैं आपके एटिट्यूड से खुश नहीं हूँ, मैंने आपको इंटरव्यू देने के लिए हाँ बोलकर गलती की। आपको मेरे साथ ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए।” मलिक ने कहा, “मुझे गवर्र पीएम और राष्ट्रपति ने बनाया है अगर वो बोल देंगे तो मैं पद छोड़ दूँगा।”

जब सुशांत ने उनसे एमएसपी पर सवाल किया तो उन्होंने कहा, “मेरे मुँह में जबरदस्ती ये सब मत डालिए मैं आपको नमस्ते करता हूँ मुझे कहीं जाना है। मैं दिन भर पत्रकारों को भुगतता हूँ। आपके जैसा बर्ताव किसी ने नहीं किया।”

इस वीडियो में सुशांत ने सत्यपाल मलिक से उनके उस बयान पर भी सवाल किया जिसमें उन्होंने पीएम के खिलाफ सिखों को उकासाया था। सत्यपाल मलिक ने इंदिरा गाँधी की हत्या याद दिलाते हुए कहा था कि अच्छा हुआ मोदी सरकार ने कृषि कानून वापस ले लिए वरना उनका हाल इंदिरा गाँधी जैसा होता।

इस बयान पर सुशांत ने पूछा कि लोगों को ये बयान धमकी जैसा लगा जिस पर सत्यपाल मलिक सफाई देते हुए बोले कि जो लोगों को लग रहा है वो गलत है। उन्होंने सिर्फ बताया था कि ये लोग बहुत समय तक चीजों को याद रखते हैं। इसमें कोई धमकी देते हैं। बस मशवरा था कि इनके साथ हिंसा मत करिए, बातचीत करके चीजों को सुलझा लीजिए।

वीडियो में देख सकते हैं कि जैसे ही सुशांत पूछते हैं कि आपके एक बयान के बाद अगर पीएम पर कोई हमला हो तो क्या वो जिम्मेदारी लेंगे इस पर सत्यपाल मलिक अपना पल्ला झाड़ कहते हैं कि उनकी क्यों जिम्मेदारी होगी और कोई हमला भी क्यों होगा। वीडियो के अंत में मिल को अपना माइक उतारते टाइम कहते सुना जा सकता है- ‘ले भाई गलती हो गई आगे से इनको कभी भी कोई इंटरव्यू नहीं देना न बुलाना।’

वामपंथी मीडिया में सत्यपाल मलिक

बता दें कि सत्यपाल मलिक इन दिनों वामपंथी मीडिया समूहों में काफी छाए हुए हैं। वो कभी द वायर के करण थापर को इंटरव्यू देते दिखते हैं तो कभी आरफा खानुम शेरवानी को। कुछ समय पहले उनकी मुलाकात रवीश कुमार से भी हुई थी। साक्षात्कारों में देखने को मिलता है कि वो काफी शांति से पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हैं और कुछ भी ऐसा कहते हैं जो लेफ्ट मीडिया के लिए बड़ी हेडलाइन होती है जबकि एक साल पुराने इस इंटरव्यू में उन्हें समझ नहीं आ रहा वो क्या जवाब दें। ये वीडियो सोशल मीडिया पर पिछले साल भी वायरल हुआ था और अब भी लोग इसे दोबारा शेयर करने लगे हैं।

‘जलती चिता से शव निकाल दुष्कर्म’: हिंदुओं की बदनामी के लिए इस्लामी कट्टरपंथियों ने फैलाया झूठ, पाकिस्तानी कब्र में लाशों के साथ रेप वाला एंगल भी

पाकिस्तान में कब्रों में दफन लाशों के साथ रेप करना कोई नई खबर नहीं है। हाल में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें मोहम्मद रियाज नाम का ‘हैवान’ बता रहा है कि उसने 48 शवों के साथ दुष्कर्म किए। उसकी ये वीडियो वायरल होने के बाद भारत के इस्लामी कट्टरपंथी सक्रिय हैं। उन्होंने पाकिस्तान को बदनामी से बचाने के चक्कर में फेक न्यूज फैलाकर अपनी फजीहत करवा ली।

दरअसल, 12 साल बाद रियाज की वीडियो वायरल होने के बाद इस्लामी कट्टरपंथियों ने ये दिखाने का प्रयास किया कि ये नेक्रोफीलिया का केस है। ऐसे मामले भारत से भी आते हैं। उन्होंने राजस्थान के सीकर से फैली फेक न्यूज उठाई और सोशल मीडिया पर दिखाना शुरू किया कि भारत में जलती लाश के साथ बलात्कार होता है।

देख सकते हैं कि झूठ को फैलाने में प्रोपेगेंडाबाज पत्रकार मीर फैजल भी है। उसने अपने ट्वीट में लिखा कि राजस्थान के सीकर में शंकर लाल, बाबू लाला, राजू कुमार, दीपक और हरि सिंह ने जलते शव को चिता से निकालकर उसके साथ रेप किया।

मीर फैजल की तरह तमाम इस्लामी कट्टरपंथियों ने इस खबर को धड़ल्ले से सोशल मीडिया पर शेयर किया और आरोपितों के नाम उभारे। फेक न्यूज फैलाने वालों में सदफ आफरीन, मोहम्मद आसिफ खान समेत तमाम यूजर्स के नाम हैं।

इन सबने एशियानेट द्वारा चलाई गई एक फर्जी न्यूज को आधार बनाकर ट्विटर पर झूठ लिखा। हालाँकि इनका झूठ ज्यादा समय टिक नहीं सका क्योंकि सीकर पुलिस ने इसका सच बता दिया।

सीकर पुलिस ने लिखा- “उक्त घटना मिथ्या एवं भ्रामक है। शव के दाहर संस्कार के तीन दिन बाद ये व्यक्ति अपने परिचित से मिलने इलाके में आए। लेकिन ग्रामीणों ने संदिग्ध समझकर इन्हें मारा पीटा। जब थाना अजीतगढ़ द्वारा मौके पर विधिक कार्रवाई की गई तो दुष्कर्म जैसी घटना का कोई सबूत नहीं मिला।”

पाकिस्तान में कब्रों में लगाने पड़ रहे ताले

गौरतलब है कि कब्र में घुसकर लाशों का रेप करना पाकिस्तान में सामान्य हो गया है। जिस रियाज की वीडियो आने के बाद भारत के इस्लामी कट्टरपंथियों ने झूठ फैलाया वो 2011 का मामला है। रियाज ने गिरफ्तारी के बाद कैमरे पर मीडिया के सामने बेशर्मी से बताया था कि वो कब्र में घुसकर मृत औरतों के साथ गलत काम करता था। उसका कहना था कि वो अपने साथी के साथ इसे अंजाम देता था। उसने 48 औरतों के शवों के साथ ऐसा किया था।

रियाज ऐसी हरकत करने वाला पाकिस्तान का अकेला हैवान नहीं है। साल 2019 में एक रफीक नाम के शख्स ने भी 14 साल की लड़की की लाश को कब्र के साथ निकालकर उसका रेप किया था। साल 2020 में ओकारा से भी ऐसी ही खबर आई थी। फिर थट्टा में भी नाबालिग बच्ची के शव के साथ बलात्कार की घटना हुई थी।

ऐसे तमाम मामले हैं जो अब तक पाकिस्तान से आ चुके हैं। एक वीडियो वायरल हुई थी जिसमें दावा किया गया था कि पाकिस्तान की स्थिति ये है कि लोगों को लाशें दफनाने के बाद कब्रों में दरवाजे और ताले लगवाने पड़ते हैं ताकि बच्चियों और महिलाओं की लाश के साथ कोई गलत काम न किया जाए।

जिस प्रवीण नेट्टारू को इस्लामी कट्टरपंथियों ने कुल्हाड़ी से काट डाला, उनके परिवार के लिए BJP ने बनवाया नया घर: लगे ₹60 लाख, मूर्ति भी स्थापित की

प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के आतंकियों के हमले में मारे गए भाजपा युवामोर्चा कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टारू के परिवार के लिए बीजेपी ने घर बनवाया है। इस घर की कीमत करीब 60 लाख रुपए बताई जा रही है। घर में प्रवीण नेट्टारू की एक मूर्ति भी स्थापित की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस घर का निर्माण दक्षिण कन्नड़ जिले के सुल्या तालुक अंतर्गत बेल्लारे गाँव में किया गया। 2700 वर्ग फ़ीट और करीब 60 लाख रुपए की लागत में बनकर तैयार हुए घर का गृह प्रवेश कार्यक्रम गुरुवार (27 अप्रैल, 2023) को संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष नलिन कतील आरएसएस के प्रभाकर नट समेत कई नेता मौजूद रहे।

नवंबर 2022 में कर्नाटक बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष नलिन कुमार कतील ने इस घर का शिलान्यास किया था। यह घर प्रवीण नेट्टारू के पुराने घर को तोड़ कर उसी स्थान पर बनाया गया है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी रविवार (30 अप्रैल 2023) को नेट्टारू के घर पहुँचे

बता दें कि 26 जुलाई 2022 को बेल्लारे में PFI के आतंकियों ने भाजपा नेता प्रवीण नेट्टारू को कुल्हाड़ी से उस वक़्त काट दिया था, जब वे दुकान बंद कर अपने घर जा रहे थे। हमलावर बाइक पर सवार हो कर आए थे। इस हत्याकांड की जाँच कुछ ही समय बाद NIA को सौंप दी गई थी।

NIA ने इस केस में अभी तक जिन आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट लगाई है उनके नाम मोहम्मद शियाब, मुस्तफा पैचार, ए बशीर, रियाज़, मसूद, मोहम्मद शरीफ, अबू बकर सिद्दीक, नौफाल, इस्माइल, इकबाल, शहीद, मोहम्मद शफीक, उमर फारूक, अब्दुल कबीर, मोहम्मद ईशा, आबिद, शेख हुसैन, ज़ाकिर, अब्दुल हरिस और तुफैल हैं। फिलहाल मुस्तफा पैचार, मसूद, मोहम्मद शरीफ, अबू बकर सिद्दीक, उमर फारूक और तुफैल फरार चल रहे हैं। इन आरोपितों को गिरफ्तार करवाने वाले पर NIA ने इनाम भी घोषित किया है।