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जीसस के लालच में लाशों से भरा मुर्दाघर, सरकार ने रोका सर्च ऑपरेशन, और डेड-बॉडी रखने की जगह नहीं: केन्या में 90 की मौत, बढ़ेगा आँकड़ा

अफ्रीकी देश केन्या (Kenya) में पादरी पॉल माकेन्ज़ी नथेन्गे (Paul Mackenzie Nthenge) द्वारा फैलाए गए अंधविश्वास ‘भूखे रहोगे तो यीशु से मिलवाऊँगा’ के चलते अब तक दर्जनों लोग अपनी जान दे चुके हैं। मंगलवार (25 अप्रैल 2023) को मरने वालों की संख्या बढ़कर 90 हो गई, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं। केन्याई पुलिस शाकाहोला के जंगल से लोगों के शवों को अभी भी निकाल रही है। पुलिस के अनुसार, जाँच कर रहे अधिकारियों ने कुछ समय के लिए शवों की तलाश रोक दी थी, क्योंकि मुर्दाघर भरे हुए थे।

मालिंदी शहर के पास शाकाहोला जंगल में सामूहिक कब्रों की खोज ने केन्याई लोगों को झकझोर कर रख दिया है। अभी और लाशें मिलने की आशंका जताई जा रही। मंगलवार को 17 शवों का पता लगाया गया। केन्याई अधिकारियों ने इसे ‘शाकाहोला वन नरसंहार’ करार दिया है। इसके साथ ही केन्या की सरकार ने बड़े पैमाने पर ईसाई देश में कट्टरपंथी धार्मिक संगठनों पर नकेल कसने का संकल्प लिया है। अधिकारियों के अनुसार, मरने वालों में 50-60 प्रतिशत बच्चे हैं।

केन्या के गृह मंत्री किथुरे किंडिकी ने मीडियाकर्मियों से कहा, “हम नहीं जानते हैं कि कितनी और कब्रें व शव मिलेंगे। जिसने लोगों से भूखा रहने को कहा था, वे आराम से खा-पी रहे थे और कह रहे थे कि वो उन्हें अपने जीसस से मिलने के लिए तैयार कर रहे हैं।” इससे पहले किथुरे किंडिकी ने शाकाहोला जंगल की लगभग 800 एकड़ जमीन को सील कर इसे अपराधस्थल घोषित कर दिया था। इस मामले की जाँच से जुड़े लोगों के मुताबिक, मरने वालों में अधिकांश बच्चे शामिल हैं। उनके माता-पिता ने उन्हें भूखा रहने के लिए कहा था, ताकि वह भी पादरी के कहे अनुसार जीसस से मिल सकें।

गौरतलब है कि यह पूरा मामला केन्या के किलिफी काउंटी क्षेत्र के शाकाहोला गाँव का है। यहाँ पादरी पॉल माकेन्ज़ी नथेन्गे गुड न्यूज इंटरनेशनल चर्च चलाता था। वह यहाँ प्रार्थना के लिए लोगों को इकट्ठा करता था। इसके बाद लोगों से उसने कहा कि ‘यदि वे भूखे रहेंगे तो वह उन्हें यीशु से मिलवाएगा’। उसकी बात पर यकीन कर कई लोग भूखे रहने लगे। इस मामले का खुलासा 15 अप्रैल 2023 को हुआ था। पादरी की बातों पर विश्वास करके 15 लोगों ने खाना छोड़ दिया था और सभी एक घर में एक साथ रहने लगे थे।

प्रियंका गाँधी ने पकाया जला हुआ करिया-करिया डोसा, कॉन्ग्रेस ने वीडियो एडिट कर लिखा – ‘कुशल हाथ, परफेक्ट डोसा’: पूरा वीडियो आया तो खुल गई पोल

कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में सभी पार्टियाँ चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक रही है। इसी बीच कॉन्ग्रेस पार्टी ने प्रियंका गाँधी का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वो डोसा बनाती दिख रही हैं। पार्टी ने कैप्शन में लिखा, “परफेक्ट डोसा तो बस एक शुरुआत है। ऐसे कुशल हाथों से दुनिया में कितनी शक्ति लाई जा सकती है – इसकी कोई सीमा नहीं है।” हालाँकि, कॉन्ग्रेस ने जो वीडियो शेयर किया वो ट्रिम किया हुआ छोटा वीडियो था।

पूरे वीडियो में कुछ और ही किस्सा नजर आता है। कॉन्ग्रेस पार्टी ने वीडियो का साउंड म्यूट कर के बैकग्राउंड में म्यूजिक लगा कर इसे पोस्ट किया। इसमें प्रियंका गाँधी को तवा पर डोसा बनने के लिए घोल रखते हुए देखा जा सकता है। एक और कुक इसमें उनकी मदद करता हुआ दिखता है। इसके बाद प्रियंका गाँधी डोसा को मोड़ कर रख देती हैं, उसे पलट कर नहीं सेंकती हैं। ये वीडियो मैसूर के ‘Mylari होटल’ का है। उन्होंने वहीं पर नाश्ते में मसाला डोसा और इडली लिया।

समाचार एजेंसी ‘Asianet Newsable’ के ट्विटर हैंडल पर इसका पूरा वीडियो देखा जा सकता है। इसमें प्रियंका गाँधी पुलिसकर्मियों और अपने सरकारी सुरक्षाकर्मियों के साथ होटल में घुसती हैं। उनके साथ कर्नाटक कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार और पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला भी नाश्ता करते दिख रहे हैं। इस वीडियो में 3 मिनट के बाद देखा जा सकता है कि प्रियंका गाँधी ने पूरे डोसे को जला डाला। एक भी डोसा अच्छा नहीं लगा।

प्रियंका गाँधी द्वारा बनाए गए डोसों का रंग भी काला-काला सा नजर आ रहा है। उनके साथ जो कुक था, उसने डोसों को पलट-पलट कर उन्हें पकाना सिखाया। जबकि कॉन्ग्रेस ने इसका एडिटेड वीडियो शेयर कर के ‘कुशल हाथ’ वका कैप्शन लिख डाला। प्रियंका गाँधी इस वीडियो में कुक के साथ हँसी-मजाक करती हुई भी दिख रही हैं। बता दें कि डोसा को दोनों तरफ से अच्छे से पकाया जाता है, लेकिन इतना नहीं कि उनका रंग एकदम ही काला पड़ जाए।

मुस्लिम आरक्षण रद्द करने पर सुप्रीम कोर्ट ने 9 मई तक लगाई रोक, कर्नाटक सरकार ने कहा- मजहबी आधार पर संविधान में आरक्षण की व्यवस्था नहीं

कर्नाटक में मुस्लिमों के खत्म किए गए 4 प्रतिशत आरक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया है। तीन दशक पुराने इस आरक्षण को रद्द करने के कर्नाटक सरकार के फैसले को चुनौती दी गई है। कर्नाटक सरकार के इस फैसले पर 9 मई 2023 तक के लिए रोक लगा दी गई है। हालाँकि, कर्नाटक सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट देकर अपने फैसले का बचाव किया है।

अपनी एफिडेविट में कर्नाटक सरकार ने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण पूर्णत: असंवैधानिक है। यह ना सिर्फ संविधान की धारा 14, 15, 16 का उल्लंघन करता है, बल्कि यह सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत का भी उल्लंघन करता है। बता दें कि कर्नाटक में 10 मई को चुनाव होने वाले हैं।

मुस्लिम पक्ष द्वारा दायर इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की जज बीवी नागरत्ना और केएम जोसेफ सुनवाई कर रहे हैं। याचिका की सीधे सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर भी कर्नाटक सरकार ने सवाल उठाया है और कहा कि याचिकाकर्ता ने इस याचिका को पहले कर्नाटक हाईकोर्ट में नहीं दायर किया।

कर्नाटक सरकार ने यह भी दलील दी कि संविधान में कहा गया है कि आरक्षण का उद्देश्य उन लोगों को आगे लाने का मौका देना है, जो ऐतिहासिक रूप से पिछड़े और भेदभाव के शिकार रहे हैं। इसका जिक्र संविधान के आर्टिकल 14-15 तक में किया गया है। पिछड़ी जातियों के बारे में भी कही गई है।

अपनी दलील में कर्नाटक सरकार ने आगे कहा कि पिछड़ेपन की बात समाज के वर्ग को लेकर कही गई है। मजहब के आधार पर नहीं। इसलिए मजहब के आधार पर मुस्लिमों को दिया गया आरक्षण असंवैधानिक था और सरकार ने इसे खत्म कर दिया।

दरअसल, मुस्लिमों को OBC कैटेगरी के तहत चार प्रतिशत का आरक्षण मिलता था। इस व्यवस्था को कॉन्ग्रेस की सरकार ने राज्य में लागू किया था। इसके बाद इस व्यवस्था को मुख्यमंत्री बोम्मई की नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने रद्द कर दिया। इस चार प्रतिशत को वोक्कालिगा और लिंगायत जैसी जातियों में बाँट दी गई है। वहीं, मुस्लिमों को EWS कैटेगरी के तहत रखा गया है।

मुस्लिमों का आरक्षण रद्द करने की घोषणा करते हुए सीएम बोम्मई ने कहा था, “चार प्रतिशत (अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण) आरक्षण को 2C और 2D के बीच विभाजित किया जाएगा।वोक्कालिगा और अन्य के लिए दी जाने वाली 4 प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर 6 प्रतिशत किया जाएगा। वहीं, वीरशैव पंचमसाली और अन्य (लिंगायत) के 5 प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर 7 प्रतिशत किया जाएगा।”

सरकार के इस फैसले से सभी लोगों को फायदा मिलेगा। मुस्लिमों को जहाँ 4 प्रतिशत की जगह अब 10 प्रतिशत का लाभ मिलेगा, वहीं वोक्कालिगा और लिंगायत समुदाय के आरक्षणों में भी 2-2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

लोगों पर ‘मन की बात’ का पड़ा गहरा प्रभाव: ‘मन की बात @ 100’ कन्क्लेव में बोले आमिर खान – ये कम्युनिकेशन के माध्यम से नेतृत्व का तरीका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो शो ‘मन की बात’ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ‘Mann Ki Baat@100’ नेशनल कन्क्लेव आयोजित किया गया, जिसमें कई दिग्गज नेता और सेलेब्रिटी पहुँचे। कन्क्लेव में पहुँचे आमिर खान ने कहा कि भारत के लोगों पर ‘मन की बात’ का गहरा असर पड़ा है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक कार्यों में गिना। उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी इस कन्क्लेव में मौजूद रहे।

केंद्रीय खेल और सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर भी इस मौके पर उपस्थित रहे। उन्होंने भारत के दुनिया के तीसरे सब बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम बनने की जानकारी देते हुए बताया कि हर दिन एक नया स्टार्टअप हो रहा है। अनुराग ठाकुर ने बताया कि कैसे भारत पहले आयत के मामले में दूसरे नंबर पर था, लेकिन अब दुनिया का सबसे बड़ा निर्माता बन गया है। कन्क्लेव के समापन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस कार्यक्रम पर बना डाक टिकट लॉन्च करेंगे।

साथ ही इसी थीम पर बने 100 रुपए के विशेष सिक्के का भी विमोचन किया जाएगा। 3 अक्टूबर, 2014 को विजयादशमी त्योहार के मौके पर ‘मन की बात’ की शुरुआत हुई थी और अब इसके साढ़े 8 वर्ष हो चुके हैं। आमिर खान ने इस दौरान ये भी कहा कि संचार माध्यम से नेतृत्व करने का यही तरीका है। उन्होंने कहा कि इसमें आप बताते हैं कि आप कहाँ देख रहे हैं, भविष्य में क्या देख रहे हैं और कैसे लोग इसमें आपका साथ दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ में इस तरह के कम्युनिकेशन होते हैं, जो महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से प्रधानमंत्री महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा करते हैं, लोगों की सोच को समझते हैं। इस कन्क्लेव में देश भर के 100 से भी अधिक नागरिक सम्मिलित हो रहे हैं। साथ ही कई पुस्तकों का भी विमोचन किया जाएगा। अभिनेत्री रवीना टंडन भी इस कन्क्लेव में शामिल हुईं। वहीं भारतीय पैरा एथलीट दीपा मलिक ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ कर अगर आप देश के विकास में योगदान देते हैं तो आपको पीएम मोदी की सराहना मिलती है।

जुड़वा मुस्लिम बहनें जाती हैं स्कूल… श्रीराम, भगवान शंकर और हिंदुओं को गाली देने का करती हैं काम

गोवा की 2 मुस्लिम बहनें अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर हिंदू देवी-देवताओं और हिंदुओं के खिलाफ लगातार आपत्तिजनक पोस्ट शेयर कर रही थीं। मामला संज्ञान में आने के बाद गोवा पुलिस के क्राइम ब्रांच ने उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। दोनों बहनों को क्राइम ब्राँच ने पूछताछ के लिए तलब किया है।

पूरा मामला तब सामने आया, जब 18 अप्रैल 2023 को एक ट्विटर यूजर ने दोनों बहनों द्वारा किए गए आपत्तिजनक पोस्ट का स्क्रीन शॉट और उनके इंस्टाग्राम अकाउंट का लिंक शेयर किया। यूजर ने दावा किया कि स्कूल जाने वाली दोनों बहनें अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से न सिर्फ हिंदुओं के साथ गाली-गलौज करती हैं बल्कि लगातार उनकी धार्मिक भावनाएँ भड़काने का काम कर रही हैं।

श्रीराम से लेकर भगवान शिव तक को गाली, हिंदुओं को सेक्स स्लेव से जोड़ने की बात करने वाली बहनें

ट्वीट के बाद गोवा पुलिस ने इसका संज्ञान लिया। अब दोनों इंस्टाग्राम अकाउंट उपलब्ध नहीं हैं।

जिस ट्वीट में हिंदू-घृणा से सनी इन दोनों बहनों की करतूत का जिक्र था, उस पर रिप्लाई करते हुए आईपीएस ऑफिसर निधिन वलसन ने लिखा कि इस संबंध में एफआईआर दर्ज किया जा रहा है। इसके बाद 25 अप्रैल 2023 को उन्होंने पोस्ट को कोट करते हुए जानकारी दी कि आरोपित जुड़वा बहनों को क्राइम ब्राँच ने पूछताछ के लिए तलब किया है।

आईपीएस निधिन ने लिखा, “गोवा की 2 जुड़वा बहनों पर हाल ही में धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली सामग्री पोस्ट करने के आरोप में मामल दर्ज किया गया था। दोनों छात्राओं को क्राइम ब्रांच में तलब किया गया है।”

एक्शन मोड में गोवा पुलिस

बता दें कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम हिंदू धर्म के खिलाफ नफरत फैलाने का अड्डा बन चुका है। यहाँ हिंदुओं के प्रति आपत्तिजनक सामाग्री पोस्ट करने पर त्वरित कार्रवाई नहीं की जाती। यही कारण है कि इंस्टाग्राम हिन्दू विरोध और हिन्दू घृणा का हब बन चुका है। इस पर ऑपइंडिया ने पहले भी एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इस रिपोर्ट में हमने कई इंस्टाग्राम पेज और यूजर्स द्वारा पोस्ट किए जा रहे कंटेट को शामिल किया था।

इंस्टाग्राम यूजर्स द्वारा लगातार हिन्दू देवी-देवताओं के नाम पर आपत्तिजनक पोस्ट किए जा रहे थे। देवी देवताओं को भद्दी-भद्दी गालियाँ दे कर इस्लामिक हस्तियों को ज्यादा श्रेष्ठ बता कर दिखाया जा रहा था। एक पेज का नाम ही माँ सीता को अश्लील गाली देते हुए रखा गया। साथ ही यूजरनेम में हिन्दुओं को ‘हिजड़ा’ बताया गया। इसके बाद हिंदुत्व को अश्लील गालियाँ दी गई थीं। इस रिपोर्ट को इस लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं।

संपादकीय नोट: दोनों बहनें डीएवी स्कूल में पढ़ती हैं, नाबालिग होने के कारण नाम प्रकाशित नहीं किया गया है।

NCERT ने जिस फालतू मुगल इतिहास को हटाया, केरल की वामपंथी सरकार उसे पढ़ाएगी: इसके लिए अलग से छापी जाएँगी किताबें

नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने पिछले दिनों इतिहास, नागरिक शास्त्र और हिंदी के पाठ्यक्रम में कुछ बदलाव किए थे। केरल की कम्युनिस्ट सरकार ने इन बदलावों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। केरल की स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SCERT) ने तय किया है कि पाठ्यक्रम से जिन सामाग्री को NCERT ने हटाया है, उसे राज्य सरकार के स्कूली किताबों में शामिल किया जाएगा।

मंगलवार (25 अप्रैल 2023) को केरल शिक्षा विभाग की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एनसीईआरटी द्वारा हटाए गए पाठ्यक्रमों को शामिल करने को लेकर चर्चा हुई। बैठक में केरल शिक्षा बोर्ड ने हटाए गए हिस्सों को पाठ्यक्रम में शामिल रखने का फैसला लिया। शिक्षा विभाग ने राज्य सरकार से फैसले को लागू करने की अनुमति माँगी है। सरकार की तरफ से अनुमति मिलते ही हटाए गए चैप्टर्स केरल के स्कूलों में पढ़ाए जा सकेंगे।

केरल के शिक्षा मंत्री ने पहले ही कहा था कि राज्य अपने स्कूलों के पाठ्यक्रम में NCERT द्वारा हटाए गए हिस्सों को शामिल करेगा। केरल शिक्षा विभाग मुगलों का इतिहास, गुजरात दंगे और डार्विन के विकासवाद की थ्योरी को अपने सिलेबस में शामिल रखना चाहती है।

केरल सरकार की मंजूरी मिलते ही विवादित विषयों को राज्य भर के स्कूलों में पढ़ाया जाएगा। इसके लिए छात्रों को केरल में छपी सप्लीमेंट्री किताबें उपलब्ध कराई जाएँगी, जो NCERT की किताबों से इतर स्कूलों में पढ़ाई जाएँगी।

बता दें NCERT ने 10वीं, 11वीं और 12वीं के इतिहास, नागरिक शास्त्र और हिन्दी की किताबों में बदलाव किया है। इतिहास की किताब से मुगल इतिहास से जुड़ी फालतू जानकारी हटाई गई है। वहीं हिंदी के पाठ्यक्रम से कुछ कविताएँ और पैराग्राफ हटाने का फैसला किया गया है। सिलेबस में जो भी बदलाव किया गया है, उसे मौजूदा शैक्षणिक सत्र यानी 2023-24 से ही लागू कर दिया गया है।

माओवादी सरकार ने हटाई थी ‘मुगलों की सच्चाई’

आश्चर्यजनक है कि सीपीएम ने पश्चिम बंगाल की सत्ता में रहते हुए मुगलों द्वारा हिंदुओं पर किए गए अत्याचारों की घटनाओं को किताबों से हटवा दिया था। इसके लिए एक आदेश जारी किया था। इस आदेश में साफ तौर पर लिखा हुआ था, “मुस्लिम शासन की कभी भी आलोचना नहीं होनी चाहिए। मुस्लिम शासकों और आक्रमणकारियों द्वारा किए गए मंदिरों के विनाश का भी उल्लेख नहीं किया जाना चाहिए।”

अब उसी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्यसभा सांसद बिनय विश्वम (Binoy Viswam) ने केंद्र सरकार को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में में उन्होंने नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) की किताबों से मुगलों के बारे में जानकारी हटाने को लेकर चिंता व्यक्त की।

देश का पहला पानी में चलने वाला मेट्रो, राज्य की पहली ‘वंदे भारत’ ट्रेन, भारत का पहला डिजिटल साइंस पार्क: PM मोदी ने केरल को दिए एक से बढ़ कर एक सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (25 अप्रैल 2023) को केरल में देश के पहले वाटर मेट्रो सर्विस की शुरुआत की। इसके साथ-साथ उन्होंने केरल को पहले वंदे भारत ट्रेन का तोहफा भी दिया। पीएम मोदी ने तिरुवनंतपुरम में डिजिटल साइंस पार्क की आधारशिला रखी और कई अन्य परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इसके पहले उन्होंने तिरुवनंतपुरम में एक रोड शो भी किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरुवनंतपुरम में सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर तिरुवनंतपुरम-कासरगोड के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इसके अलावा उन्होंने डिंडीगुल-पलानी-पलक्कड़ सेक्शन के रेल इलेक्ट्रिफिकेशन का भी उद्घाटन किया। इसके बाद पीएम मोदी ने तिरुवनंतपुरम में देश के पहले डिजिटल साइंस पार्क की आधारशिला रखी। 1515 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट के पहले फेज में 200 करोड़ रुपए खर्च किए जाएँगे।

इसके अलावा प्रधानमंत्री ने देश की पहली वाटर मेट्रो सर्विस का उद्घाटन किया। यह मेट्रो पोर्ट सिटी कोच्चि में कोच्चि सिटी से आस-पास के 10 टापुओं के बीच चलेगी। पीएम मोदी ने परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के अवसर पर लोगों को संबोधित भी किया। उन्होंने विकास कार्यों और करोड़ों के प्रोजेक्ट की शुरुआत को लेकर प्रदेश के लोगों को बधाई दी। पीएम मोदी ने इस अवसर पर कहा कि केरल बहुत ही जागरूक, समझदार और शिक्षित लोगों का राज्य है। यहाँ के लोग सामर्थ्यवान और परिश्रमी हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि केरल का विकास होगा तो देश का भी विकास होगा। हम इस सेवा भावना के साथ काम कर रहे हैं। पीएम ने जानकारी दी कि इस साल के बजट में भी हमने 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करना तय किया है। उन्होंने कहा कि हम रेलवे के स्वर्णिम युग की तरफ बढ़ रहे हैं। पीएम ने कहा कि हम देश के भगौलिक परिस्थिती के अनुसार मेड इन इंडिया सुविधाएँ दे रहे हैं। उदाहरण के लिए आवश्यकतानुसार सेमी-हाई स्पीड ट्रेनों का संचालन हो, रो-रो फेरी हो, रोप-वे हो जहाँ जैसी जरूरत, वहाँ वैसा सिस्टम तैयार किया जा रहा है।

पीएम ने कहा कि केरल की पहली वंदे भारत ट्रेन नॉर्थ केरल को साउथ केरल से जोड़ेगी। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह ट्रेन पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना तेज गति से चलेगी। पीएम ने कहा कि भाजपा सरकार बिना जाति-मजहब देखे एक भारत श्रेष्ठ भारत के भाव के साथ सभी के लिए विकास के कार्य करती है।

देश में सबसे युवा मुख्यमंत्री बने, सबसे बुजुर्ग मुख्यमंत्री भी… 5 बार पंजाब के CM रहे प्रकाश सिंह बादल का निधन, PM मोदी बोले – मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति

5 बार पंजाब के मुख्यमंत्री रहे प्रकाश सिंह बादल का निधन हो गया है। वो 95 साल के थे। 1970 में वो देश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने थे। वो 1996 से 2008 तक ‘अकाली दल’ के अध्यक्ष रहे थे। प्रकाश सिंह बादल के बारे में ये भी जानने वाली बात है कि 2007 से 2017 के बीच वो देश के सबसे बुजुर्ग मुख्यमंत्री बने थे। 2007 और 2012 के चुनाव में पंजाब में अकाली दल-भाजपा गठबंधन को बड़ी जीत मिली थी और प्रकाश सिंह बदल सीएम बने थे।

प्रकाश सिंह बादल को ‘शिरोमणि अकाली दल (SAD)’ का पितृपुरुष माना जाता है। वो पंजाब के सबसे बुजुर्ग नेता थे। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें पंजाब के मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार (25 अप्रैल, 2023) को रात 8:28 बजे उन्होंने अंतिम साँस ली। उन्हें ICU में रखा गया था। बठिंडा स्थित बादल गाँव में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। बुधवार सुबह उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गाँव ले जाया जाएगा।

इससे पहले अस्पताल ने बताया था कि प्रकाश सिंह बादल की तबीयत में हल्का सुधार हुआ है, लेकिन फिर उनके निधन की खबर आई। उन्हें पिछले साल जून में ही गैस्ट्रिक्स और अस्थमा के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके निधन पर दुःख जताते हुए उन्हें भारतीय राजनीति का एक विशालकाय व्यक्तित्व करार दिया। उन्होंने कहा कि बादल ने कठिन समय में पंजाब को विकास के रास्ते में बढ़ाया।

प्रधानमंत्री ने प्रकाश सिंह बादल के निधन को अपने लिए व्यक्तिगत क्षति बताते हुए कहा कि तक उन्हें उनसे काफी कुछ सीखने को मिला। उन्होंने बताया कि उनसे की गई बातचीत में उनकी विद्वता स्पष्ट दिखती थी। प्रकाश सिंह बादल का जन्म 8 दिसंबर, 1927 को हुआ था। उनके बेटे सुखबीर सिंह बादल पंजाब के उप-मुख्यमंत्री रहे हैं। उनकी बहू हरसिमरत कौर बादल केंद्रीय मंत्री रही हैं। वो अपने पीछे अपनी पत्नी सुरिंदर कौर बादल को भी छोड़ गए हैं।

रिलायंस के पुराने कर्मचारी को मुकेश अंबानी ने गिफ्ट किया 22 मंजिला घर, कीमत ₹1500 करोड़

उद्योगपति और रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी ने अपने दोस्त और पुराने कर्मचारी मनोज मोदी को मुंबई में 1500 करोड़ रुपए का घर गिफ्ट किया है। मनोज मोदी को मुकेश अंबानी का दाहिना हाथ माना जाता है। इसलिए उन्हें रिलायंस के कर्मचारी होने के साथ-साथ मुकेश अंबानी के दोस्त होने का भी दर्जा प्राप्त है। रिपोर्टों के मुताबिक, रिलायंस के लिए लिए गए सभी अहम फैसलों में उनकी सहमति आवश्यक होती है।

मनोज मोदी वर्षों से रिलायंस के लिए अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। उनकी ईमानदारी और निष्ठा का ही नतीजा है कि मुकेश अंबानी के बेटे आकाश अंबानी, अनंत अंबानी और ईशा अंबानी भी उनकी बहुत इज्जत करते हैं। सभी उनकी सलाह मानते हैं। अब मुकेश अंबानी ने अपने सबसे चहेते कर्मचारी और दोस्त को उनके मेहनत का फल 22 मंजिला इमारत के रूप में देने का फैसला किया है।

यह मकान मुंबई के पॉश इलाके नेपियन सी रोड में है, जिसे 1.7 लाख वर्ग फुट जमीन पर बनाया गया है। इस इमारत का नाम वृंदावन रखा गया है। बिल्डिंग की शुरुआती 7 फ्लोर्स को पार्किंग के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। घर का ज्यादातर फर्निचर इटली से मँगाया जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, घर मिलने के बाद मनोज ने मुंबई स्थित 41.5 करोड़ रुपए के अपने 2 फ्लैट बेच दिए हैं।

बता दें कि मुकेश अंबानी और मनोज मोदी दोनों क्लास साथी रहे हैं। दोनों ने मुंबई में रासायनिक प्रौद्योगिकी संस्थान (ICT) से साथ में पढ़ाई की है। पढ़ाई खत्म होने के बाद जब मुकेश अंबानी अपने पिता के साथ रिलायंस में काम करना शुरू किया तो उन्होंने अपने क्लासमेट मनोज को भी बुला लिया। जानकारी के मुताबिक, मनोज साल 1980 से ही मुकेश के साथ रिलायंस के लिए सेवाएँ दे रहे हैं।

मनोज मोदी रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल के निदेशक (Director) हैं। मनोज चंकचौंध से दूरी बनाए रखते हैं। यही वजह है कि वे किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं हैं। मुकेश अंबानी द्वारा अपने दोस्त को दिए गए इस कीमती तोहफे की चर्चा हर तरफ की जा रही है।

गर्लफ्रेंड के पिता को पसंद नहीं करता था आमीन, फँसाने के लिए UP पुलिस को मैसेज भेजा- CM योगी को जल्द मार दूँगा: कानपुर से पकड़ा गया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) को जान से मारने की धमकी देने वाला पकड़ा गया है। आरोपित की पहचान आमीन के तौर पर हुई है। कानपुर से मंगलवार (25 अप्रैल 2023) को उसे गिरफ्तार किया गया। पता चला है कि अपनी गर्लफ्रेंड के पिता को फँसाने के लिए उसने सीएम की हत्या की धमकी दी थी।

धमकी आपातकालीन सेवाओं के लिए जारी किए गए नंबर डायल-112 पर व्हाट्सएप मैसेज कर रविवार (23 अप्रैल 2023) रात दी गई थी। मैसेज में लिखा था, “सीएम योगी को मार दूँगा जल्द ही।” धमकी भरा मैसेज मिलने के बाद लखनऊ पुलिस ने केस दर्ज कर जाँच शुरू कर दी थी। लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाने में सोमवार (24 अप्रैल 2023) को अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 506, 507 और IT एक्ट की धारा 66 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक आमीन को उसकी प्रेमिका के पिता पसंद नहीं करते हैं, इसलिए वह उन्हें फँसाना चाहता था। इसके लिए आमीन ने उनका मोबाइल चुरा लिया। इसके बाद 23 अप्रैल की रात 8.22 मिनट पर उसने यूपी पुलिस के 112 नंबर पर व्हाट्सएप मैसेज भेजा। मैसेज मिलते ही यूपी पुलिस के कान खड़े हो गए और उस नंबर की जाँच शुरू कर दी जिससे धमकी दी गई थी।

सर्विलांस की टीम ने पाया कि जिस नंबर से मैसेज आया था वह कानपुर का है। इसके बाद कानपुर पुलिस से संपर्क किया गया और पुलिस नंबर मालिक तक पहुँची। पुलिस को फोन चोरी होने की जानकारी मिली। इसके बाद छानबीन करती हुई पुलिस आमीन तक पहुँची। पूछताछ में उसने फोन चुराकर धमकी भरा मैसेज भेजने की बात कबूल ली। पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक उस पर चोरी समेत कई धाराएँ लगाई गई हैं।

कानपुर पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने कहा है कि आरोपित का मकसद गर्लफ्रेंड के पिता को फँसाकर रास्ते से हटाना था। उसका उद्देश्य सीएम योगी को धमकी देना नहीं था। आमीन से विस्तार से पूछताछ की जा रही है। इसके बाद उसे अदालत में पेश किया जाएगा।

बता दें कि इससे पहले गत 18 अप्रैल 2023 को झारखंड के रहने वाले अमन रजा नामक व्यक्ति ने सीएम योगी को गोली मारने की धमकी दी थी। उसने यह धमकी फेसबुक पोस्ट के जरिए दी थी। इस मामले में यूपी एटीएस जाँच कर रही है। अमन रजा की गिरफ्तारी के लिए जाँच टीम झारखंड के बोकारो भी गई थी। लेकिन वह नहीं मिला।

गौरतलब है कि अगस्त 2022 में भी डायल-112 पर व्हाट्सएप कर सीएम योगी की बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने जाँच करते हुए राजस्थान के भरतपुर से सरफराज नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय उसके पास से एक अन्य पत्र भी मिला था। इस पत्र में, 15 दिन के भीतर सीएम योगी की बम से उड़ाने के बारे में लिखा हुआ था।