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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बड़ा नक्सली हमला, IED ब्लास्ट में 10 जवान बलिदान, 1 ड्राइवर की भी चली गई जान: CM बघेल बोले – लड़ाई अंतिम चरण में

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बड़ा नक्सली हमला हुआ है। अरनपुर इलाके में हुई इस घटना में DRG के 10 जवान बलिदान हो गए। 1 नागरिक की भी मौत हुई है। घटना के समय ‘डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड’ जवान गाड़ी से जा रहे थे, तभी IED बम से हमला हुआ। नक्सलियों ने वहाँ पहले से ही विस्फोटक प्लांट कर रखे थे। ये घटना बुधवार (26 अप्रैल, 2023) को दोपहर में हुई है। पिछले सप्ताह नक्सलियों ने एक पत्र जारी कर के सुरक्षा बलों पर हमले की धमकी दी थी।

बताया जा रहा है कि DRG के जवान अपने साथियों को लेने अरनपुर जा रहे थे। जवाबी कार्रवाई में कुछ नक्सलियों के घायल होने की भी बात कही जा रही है। हाल के दिनों में इससे पहले भी नक्सलियों ने इस तरह के हमले किए थे, लेकिन कई कोई हताहत नहीं हुआ था। इस हमले में कई गाड़ियों को भी नुकसान पहुँचा है। ख़ुफ़िया सूचना मिली थी कि इलाके में माओवादी छिपे हुए हैं, जिसके बाद ऑपरेशन लॉन्च किया गया था।

बता दें कि DRG के जवान ‘सेंट्रल रिजर्व पुलिस बल (CRPF)’ के थे। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस घटना के बाद कहा, “दंतेवाड़ा के थाना अरनपुर क्षेत्र अंतर्गत माओवादी कैडर की उपस्थिति की सूचना पर नक्सल विरोधी अभियान के लिए पहुंचे डीआरजी बल पर आईईडी विस्फोट से हमारे 10 डीआरजी जवान एवं एक चालक के शहीद होने का समाचार बेहद दुखद है। हम सब प्रदेशवासी उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उनके परिवारों के साथ दुःख में हम सब साझेदार हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें।”

इस घटना से ठीक पहले सुरक्षा बलों के जवानों और पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान चलाया था। राज्य के गृह मंत्री तमरध्वज साहू ने कहा कि इलाके में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एक टीम को भेजा गया है। वहाँ बारिश भी हो रही है, ऐसे में स्थिति काफी कठिन है। सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि नक्सलियों से लड़ाई अब अंतिम चरण में है और अब उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। बता दें कि DRG में ऐसे ही जवान भर्ती किए जाते हैं, जो उसी वातावरण में पले-बढ़े हों।

लव जिहाद, महिलाओं की तस्करी, इस्लामी धर्मांतरण, आतंकवाद और ISIS… जारी हुआ ‘The Kerala Story’ का ट्रेलर, रोकने में लगे थे वामपंथी-कॉन्ग्रेसी

बॉलीवुड के निर्माता-निर्देशक विपुल अमृतलाल शाह की फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ (The Kerala Story) का ट्रेलर बुधवार (26 अप्रैल, 2023) को रिलीज किया गया। सच्ची घटनाओं पर आधारित इस फिल्म का ट्रेलर 2 मिनट 45 सेकंड का है। इसमें केरल की महिलाओं की तस्करी और धर्मांतरण कराकर उन्हें आतंकवाद की आग में झोंकने की कहानी को मार्मिक तरीके से पेश किया गया है। यह फिल्म 5 मई 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

ट्रेलर की शुरुआत केरल के हँसते-खेलते हिंदू परिवार से की गई है। यहाँ एक माँ अपनी बेटी शालिनी उन्नीकृष्णन को हाथों से खाना खिलाते हुए और उसे प्यार करती हुई नजर आ रही है। लड़की भी अपने परिवार के साथ बेहद खुश दिखाई दे रही है। ट्रेलर में शालिनी से पूछा जाता है, “आईएसआईएस कब जॉइन किया?” इस पर वह कहती है, “आईएसआईएस कब जॉइन किया, ये जानने के लिए क्यों और कैसे जॉइन किया ये जानना ज्यादा जरूरी है।”

इसके बाद दिखाया गया है कि शालिनी उन्नीकृष्णन को कैसे एक मुस्लिम शख्स अपने प्रेम के जाल में फाँसता है। उसे इस्लाम कबूल करवाकर शालिनी से फातिमा बनाया गया, उसका निकाह कराया और फिर उसे आतंकवाद की आग में झोंक देने की कहानी है। इसमें शालिनी के अलावा केरल की हजारों महिलाओं की तस्करी-धर्मांतरण की दिल दहला देने वाली क्रूरता भी दिखाई गई है। इसके माध्यम से राज्य के आईएसआईएस कनेक्शन का पर्दाफाश करने की एक शानदार कोशिश की गई है।

ट्रेलर में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी एस अच्युतानंदन के एक बयान का भी हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया कि अगले 20 वर्षों में केरल इस्लामिक स्टेट बन जाएगा। फिल्म में शालिनी उन्नीकृष्णन का मुख्य किरदार अभिनेत्री अदा शर्मा ने निभाया है।

बता दें कि विपुल अमृतलाल शाह और निर्देशक सुदीप्तो सेन ने इस भयावह सच्ची घटना को बड़े पर्दे पर उतारने के लिए कई सालों तक गहन रिसर्च की है। मार्च 2022 में सुदीप्तो सेन ने बताया था, “2009 से केरल और मैंगलोर की लगभग 32000 लड़कियों को हिंदू और ईसाई से इस्लाम मजहब में कन्वर्ट किया गया है और उनमें से ज्यादातर सीरिया, अफगानिस्तान और अन्य ISIS व हक्कानी प्रभावशाली क्षेत्र में पहुँच जाती हैं।”

सुदीप्तो को रिसर्च के दौरान यह भी पता चला कि अपहरण और तस्करी के जरिए गायब हुईं कुछ लड़कियाँ अफगानिस्तान और सीरिया की जेल में पाई गई थीं। इनमें से ज्यादातर लड़कियों की शादी ISIS के आतंकवादियों से की गई थी और उन्हें ‘सेक्स स्लेव’ बनाया गया था। वहीं, ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म का ‘द कश्मीर फाइल्स’ जैसा विरोध हुआ था। इस फिल्म को रिलीज होने से रोकने के लिए वामपंथी-कॉन्ग्रेसी, डीजीपी ने FIR के दिए आदेश थे।

उमेश पाल हत्याकांड को नाम दिया ‘ऑपरेशन जानू’, 1 दिन पहले अतीक अहमद के घर में हुई थी पार्टी: शौहर के कब्र पर पहुँच सकती है शाइस्ता परवीन

अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन की अब भी यूपी पुलिस को तलाश है। वो उमेश पल हत्याकांड की साजिशकर्ताओं में शामिल थी। अतीक अहमद और उसका भाई अशरफ मारा जा चुका है। शाइस्ता परवीन की तलाश में यूपी पुलिस और उसकी STF कई जगह दबिश दे रही है। अतीक अहमद के घर पर काम करने वाले राकेश से पुलिस ने पूछताछ की है, जिसने बताया है कि 23 फरवरी की रात वहाँ प्रत्यु हुई थी।

इसके अगले ही दिन उमेश पाल की हत्या हो गई थी। उस पार्टी में शाइस्ता परवीन और अतीक अहमद के बेटे असद के अलावा सभी शूटर्स भी शामिल थे। असद अहमद के फोन से जानकारी मिली है कि इस हत्याकांड को ‘ऑपरेशन जानू’ नाम दिया गया था। राकेश को लेकर अतीक अहमद का एक नाबालिग बेटा पार्टी का सामान लाने बाजार गया था। असद ने राकेश को बताया था कि ‘ऑपरेशन जानू’ की सफलता के लिए तमाम मेहमान पार्टी करने वाले हैं।

शाइस्ता परवीन पर 50,000 रुपए का इनाम है। उसकी मदद करने वाले 7 वकीलों और 20 अन्य लोगों की पुलिस को तलाश है। आर्थिक रूप से भी कुछ लोग उसकी मदद कर रहे हैं। शाइस्ता पर 4 मामले दर्ज हैं, जिनमें 2009 का धोखाधड़ी वाला मामला भी है। उधर अपुष्ट खबरों में ये भी कहा जा रहा है कि अतीक अहमद का साथी गुड्डू मुस्लिम मुस्लिम मुखबिर बन गया है और उसकी की सूचना पर असद का एनकाउंटर हुआ।

गुड्डू मुस्लिम की तलाश में ओडिशा में भी छापेमारी हो चुकी है। उस पर 5 लाख रुपए का इनाम है। शाइस्ता की एक नौकरानी काफी दिनों से घर से भागी हुई थी, उसके चकिया लौटने से उससे भी पूछताछ हुई है। अतीक अहमद के भाई अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा की भी तलाश हो रही है। शाइस्ता परवीन और जैनब फातिमा अपने शौहर अतीक की कब्र पर भी पहुँच सकती है, ऐसे में वहाँ भी निगरानी बढ़ा दी गई है।

अतीक अहमद का बड़ा बेटा उमर गोसाईगंज जेल में बंद है। ये भी सामने आया था कि घटना से एक दिन पहले असद उससे मिला था। इसे भी उमेश पाल हत्याकांड से जोड़ कर देखा जा रहा है। इस हत्याकांड के हवाला कनेक्शन की भी जाँच जारी है। सूचना मिली है कि शाइस्ता परवीन को 1.20 करोड़ रुपए पहुँचाए गए थे। अधिवक्ता खान सौलत हनीफ से भी पूछताछ हो रही है, जो उमेश पाल के अपहरण के पुराने केस में नैनी जेल में बंद है। कुछ खबरों में कहा जा रहा है कि शाइस्ता परवीन बदले का ब्लूप्रिंट बना रही है।

केजरीवाल के ₹45 करोड़ वाले घर से टूटा आशुतोष का सपना, चंदा के नाम पर जनता पूछ रही माँ-बाप से जुड़े सवाल

मंगलवार (25 अप्रैल 2023) को हिंदी न्यूज चैनल टाइम्स नाऊ नवभारत ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) के घर को लेकर बहुत बड़ा खुलासा किया। इसके बाद से दिल्ली की राजनीति में हड़कंप मचा हुआ है। चैनल ने अपने कार्यक्रम में बताया गया कि कोरोना काल में जब लोग अपनी जिंदगी बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे थे, उस वक्त दिल्ली के मुख्यमंत्री अपने सरकारी बंगले के सौंदर्यीकरण में 44.78 करोड़ रुपए खर्च कर रहे थे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इसे लेकर चर्चाएँ हो रही हैं। ट्विटर पर भी #OperationSheeshMahal ट्रेंड कर रहा है।

माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर #OperationSheeshMahal कई घंटों तक ट्रेंड करता रहा। इस हैशटैग के साथ लोगों ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पर जमकर निशाना साधा। इस लिस्ट में केजरीवाल के पुराने साथी आशुतोष का भी नाम है। पूर्व आप नेता ने #SheeshMahal का उपयोग करते हुए लिखा कि शीशमहल (सीएम केजरीवाल का घर) एक सपने की मौत का मकबरा है।

आशुतोष के इस ट्वीट पर यूजर्स ने उनको भी ट्रोल करना शुरू कर दिया। एक यूजर ने AAP द्वारा उन्हें राज्यसभा न भेजे जाने को लेकर तंज किया।

स्ट्रेंजर नाम के यूजर ने लिखा कि केजरीवाल ने अपने घर के नवीनीकरण के लिए करदाताओं और चंदे से मिले 45 करोड़ रुपए खर्च कर दिए।

ट्विटर यूजर @AmitLeliSlayer ने लिखा, “दिल्ली वालों जब आप अस्पताल में बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर तलाश रहे थे तब आपके पैसों से आपका मुख्यमंत्री अपने लिए शीश महल बनवा रहा था। खास सीएम के लिए आम क्या है?”

मिस्टर सिन्हा नाम के यूजर ने लिखा कि यदि आप केजरीवाल को इसलिए पसंद करते हैं, क्योंकि आपको बीजेपी और मोदी पसंद नहीं तो ठीक है। यह आपकी पसंद नापसंद पर निर्भर है, लेकिन यदि आप यह समझकर केजरीवाल को सपोर्ट करते हैं कि वे एक ईमानदार और आम इंसान हैं तो आप दिमागी रूप से स्वस्थ नहीं हैं और आपको इलाज की जरूरत है।

मिनिस्ट्री ऑफ सरकास्म नाम के यूजर ने सीएम केजरीवाल की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा यह शख्स (सीएम केजरीवाल) हमारे लिए प्रेरणा स्रोत हैं। इन्होंने अपने घर के रेनोवेशन में 45 करोड़ रुपए खर्च किए, जो उन्होंने घी बेचकर कमाया था।

बता दें कि महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने अपनी एक चिट्ठी में खुलासा किया था कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कहने पर ही बीआरएस दफ्तर में 15 करोड़ रुपए पहुँचाए गए थे। खत में सुकेश ने दावा किया था कि चैट में 15 करोड़ रुपए को कोड वर्ड में 15 किलो घी कहा गया है।

‘मेरे लिए क्रिमिनल शब्द का प्रयोग मत करो’ – IAS अधिकारी का हत्यारा आनंद मोहन मीडिया से ऐसे बतिया रहा, बिहार में बहार है?

एक सांसद थे। संसद में आने से पहले उसने IAS अधिकारी का ही मर्डर कर दिया था। कोर्ट ने फाँसी की सजा भी सुना दी। बाद में उम्रकैद हुई। उस हत्यारे ने जेल में सजा भी काट ली। अब मीडिया को कह रहा है – “मेरे लिए क्रिमिनल शब्द का प्रयोग मत करो।” बात हो रही है बहार वाले बिहार की। कानून ने जिसे हत्यारा माना है, वो शख्स है आनंद मोहन सिंह।

बिहार की नीतीश सरकार ने 10 अप्रैल 2023 को जेल नियमावली, 2012 के नियम 481 में संशोधन किया। इससे बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया। आनंद मोहन गोपालगंज के जिलाधिकारी जी कृष्णैया की हत्या में शामिल था और आजीवन कारावास की सजा काट रहा था।

आनंद मोहन अपने बेटे चेतन आनंद की सगाई के सिलसिले में पेरोल पर बाहर आया। 26 अप्रैल को उसका पेरोल खत्म हो रहा था, इसलिए वो सहरसा जेल वापस चला गया। अब बिहार सरकार की तरफ से जेल नियमावली संशोधन संबंधी नोटिफिकेशन जारी किए जाने के बाद IAS अधिकारी के हत्यारे को 27 अप्रैल को ही जेल से रिहा कर दिया जाएगा।

पेरोल पर बाहर निकलने के बाद आनंद मोहन ने पत्रकारों से अपनी रिहाई को लेकर खूब चर्चा की। नेटवर्क 18 को दिए गए एक इंटरव्यू में तो उसने खुद को क्रिमिनल कहे जाने को लेकर आपत्ति भी जताई। नेटवर्क 18 जब आनंद मोहन का इंटरव्यू कर रहा था, उस वक्त उसके साथ पत्नी लवली आनंद और बेटा चेतन भी मौजूद थे। इस दौरान आनंद मोहन ने कहा कि उसे जो सजा हुई, उसे किस्मत समझकर काट लिया।

पत्रकार ने जब पूछा कि उसकी छवि तो क्रिमिनल की बन गई थी, इस पर सवाल पूरा हुए बिना आनंद मोहन ने आपत्ति जताते हुए पत्रकार से ही सवाल करना शुरू कर दिया। उसने कहा कि क्या उस पर रंगदारी माँगने का आरोप है? क्या रेप के आरोप हैं? उसने आगे यह भी पूछा कि क्या किसी क्रिमिनल को अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेता साथ बैठाएँगे? लालू, नीतीश या मोदी क्यों साथ बैठाएँगे। आनंद मोहन ने कहा कि वो फ्रीडम फाइटर्स के परिवार से आता है और जेपी आंदोलन से राजनीति में कदम रखा। उसने कहा कि वो लोगों के लिए लगातार सत्ता से लड़ाई लड़ा है, जो कोई क्रिमिनल नहीं कर सकता।

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए आनंद मोहन ने कहा कि क्रिमिनल शब्द को न दोहराएँ क्योंकि यह शब्द उसके लिए उसके विरोधी भी इस्तेमाल नहीं करते। इस नेता से जब यह पूछा गया कि क्या उसकी रिहाई बीजेपी के अपर कास्ट वोट बैंक को तोड़ने के लिए की जा रही है, तो उसने कहा कि वो सभी तबकों की राजनीति करता है। लोग अलग-अलग आईने से इसे देखते हैं। बता दें कि आनंद मोहन राजपूत तबके से आते हैं।

आनंद मोहन से जब पूछा गया कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने उसकी रिहाई के फैसले पर सवाल उठाया है, तो इस पर उसने तंज कसते हुए पूछा – “कौन मायावती? हम बचपन से कलावती को जानते हैं। सत्यनारायण भगवान की कथा में है। मायावती कौन है, हम नहीं जानते।”

बता दें कि आनंद मोहन की रिहाई पर जी कृष्णैया की विधवा उमा देवी ने निराशा जताई है। उन्होंने कहा है, “मुझे अच्छा नहीं लग रहा है। उसने एक ईमानदार अधिकारी को मारा था। उसको जैसी सजा मिलनी चाहिए, वो नहीं मिली। उसकी रिहाई का सबको विरोध करना चाहिए।”

साथ ही उन्होंने इस फैसले के लिए बिहार की जातीय राजनीति को भी जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा, “बिहार में जाति की राजनीति है। वह (आनंद मोहन) राजपूत है। राजपूतों का वोट पाने के लिए उसे जेल से छोड़ा जा रहा है। यदि ऐसा नहीं होता तो एक अपराधी को बाहर लाने की क्या जरूरत थी।”

उधर आईएएस एसोसिएशन ने भी आनंद मोहन को रिहा किए जाने के फैसले की निंदा की। आईएएस एसोसिएशन ने ट्वीट कर फैसले को निराशाजनक बताया। एसोसिएशन की तरफ से लिखा गया कि आनंद मोहन ने जी कृष्णैया की नृशंस हत्या की थी। ऐसे में उसकी रिहाई दुखद है। बिहार सरकार जल्दी से जल्दी फैसला वापस ले। ऐसा नहीं हुआ तो इस फैसले को न्याय से वंचित किए जाने के तौर पर देखा जाएगा।

जीसस के लालच में लाशों से भरा मुर्दाघर, सरकार ने रोका सर्च ऑपरेशन, और डेड-बॉडी रखने की जगह नहीं: केन्या में 90 की मौत, बढ़ेगा आँकड़ा

अफ्रीकी देश केन्या (Kenya) में पादरी पॉल माकेन्ज़ी नथेन्गे (Paul Mackenzie Nthenge) द्वारा फैलाए गए अंधविश्वास ‘भूखे रहोगे तो यीशु से मिलवाऊँगा’ के चलते अब तक दर्जनों लोग अपनी जान दे चुके हैं। मंगलवार (25 अप्रैल 2023) को मरने वालों की संख्या बढ़कर 90 हो गई, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं। केन्याई पुलिस शाकाहोला के जंगल से लोगों के शवों को अभी भी निकाल रही है। पुलिस के अनुसार, जाँच कर रहे अधिकारियों ने कुछ समय के लिए शवों की तलाश रोक दी थी, क्योंकि मुर्दाघर भरे हुए थे।

मालिंदी शहर के पास शाकाहोला जंगल में सामूहिक कब्रों की खोज ने केन्याई लोगों को झकझोर कर रख दिया है। अभी और लाशें मिलने की आशंका जताई जा रही। मंगलवार को 17 शवों का पता लगाया गया। केन्याई अधिकारियों ने इसे ‘शाकाहोला वन नरसंहार’ करार दिया है। इसके साथ ही केन्या की सरकार ने बड़े पैमाने पर ईसाई देश में कट्टरपंथी धार्मिक संगठनों पर नकेल कसने का संकल्प लिया है। अधिकारियों के अनुसार, मरने वालों में 50-60 प्रतिशत बच्चे हैं।

केन्या के गृह मंत्री किथुरे किंडिकी ने मीडियाकर्मियों से कहा, “हम नहीं जानते हैं कि कितनी और कब्रें व शव मिलेंगे। जिसने लोगों से भूखा रहने को कहा था, वे आराम से खा-पी रहे थे और कह रहे थे कि वो उन्हें अपने जीसस से मिलने के लिए तैयार कर रहे हैं।” इससे पहले किथुरे किंडिकी ने शाकाहोला जंगल की लगभग 800 एकड़ जमीन को सील कर इसे अपराधस्थल घोषित कर दिया था। इस मामले की जाँच से जुड़े लोगों के मुताबिक, मरने वालों में अधिकांश बच्चे शामिल हैं। उनके माता-पिता ने उन्हें भूखा रहने के लिए कहा था, ताकि वह भी पादरी के कहे अनुसार जीसस से मिल सकें।

गौरतलब है कि यह पूरा मामला केन्या के किलिफी काउंटी क्षेत्र के शाकाहोला गाँव का है। यहाँ पादरी पॉल माकेन्ज़ी नथेन्गे गुड न्यूज इंटरनेशनल चर्च चलाता था। वह यहाँ प्रार्थना के लिए लोगों को इकट्ठा करता था। इसके बाद लोगों से उसने कहा कि ‘यदि वे भूखे रहेंगे तो वह उन्हें यीशु से मिलवाएगा’। उसकी बात पर यकीन कर कई लोग भूखे रहने लगे। इस मामले का खुलासा 15 अप्रैल 2023 को हुआ था। पादरी की बातों पर विश्वास करके 15 लोगों ने खाना छोड़ दिया था और सभी एक घर में एक साथ रहने लगे थे।

प्रियंका गाँधी ने पकाया जला हुआ करिया-करिया डोसा, कॉन्ग्रेस ने वीडियो एडिट कर लिखा – ‘कुशल हाथ, परफेक्ट डोसा’: पूरा वीडियो आया तो खुल गई पोल

कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में सभी पार्टियाँ चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक रही है। इसी बीच कॉन्ग्रेस पार्टी ने प्रियंका गाँधी का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वो डोसा बनाती दिख रही हैं। पार्टी ने कैप्शन में लिखा, “परफेक्ट डोसा तो बस एक शुरुआत है। ऐसे कुशल हाथों से दुनिया में कितनी शक्ति लाई जा सकती है – इसकी कोई सीमा नहीं है।” हालाँकि, कॉन्ग्रेस ने जो वीडियो शेयर किया वो ट्रिम किया हुआ छोटा वीडियो था।

पूरे वीडियो में कुछ और ही किस्सा नजर आता है। कॉन्ग्रेस पार्टी ने वीडियो का साउंड म्यूट कर के बैकग्राउंड में म्यूजिक लगा कर इसे पोस्ट किया। इसमें प्रियंका गाँधी को तवा पर डोसा बनने के लिए घोल रखते हुए देखा जा सकता है। एक और कुक इसमें उनकी मदद करता हुआ दिखता है। इसके बाद प्रियंका गाँधी डोसा को मोड़ कर रख देती हैं, उसे पलट कर नहीं सेंकती हैं। ये वीडियो मैसूर के ‘Mylari होटल’ का है। उन्होंने वहीं पर नाश्ते में मसाला डोसा और इडली लिया।

समाचार एजेंसी ‘Asianet Newsable’ के ट्विटर हैंडल पर इसका पूरा वीडियो देखा जा सकता है। इसमें प्रियंका गाँधी पुलिसकर्मियों और अपने सरकारी सुरक्षाकर्मियों के साथ होटल में घुसती हैं। उनके साथ कर्नाटक कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार और पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला भी नाश्ता करते दिख रहे हैं। इस वीडियो में 3 मिनट के बाद देखा जा सकता है कि प्रियंका गाँधी ने पूरे डोसे को जला डाला। एक भी डोसा अच्छा नहीं लगा।

प्रियंका गाँधी द्वारा बनाए गए डोसों का रंग भी काला-काला सा नजर आ रहा है। उनके साथ जो कुक था, उसने डोसों को पलट-पलट कर उन्हें पकाना सिखाया। जबकि कॉन्ग्रेस ने इसका एडिटेड वीडियो शेयर कर के ‘कुशल हाथ’ वका कैप्शन लिख डाला। प्रियंका गाँधी इस वीडियो में कुक के साथ हँसी-मजाक करती हुई भी दिख रही हैं। बता दें कि डोसा को दोनों तरफ से अच्छे से पकाया जाता है, लेकिन इतना नहीं कि उनका रंग एकदम ही काला पड़ जाए।

मुस्लिम आरक्षण रद्द करने पर सुप्रीम कोर्ट ने 9 मई तक लगाई रोक, कर्नाटक सरकार ने कहा- मजहबी आधार पर संविधान में आरक्षण की व्यवस्था नहीं

कर्नाटक में मुस्लिमों के खत्म किए गए 4 प्रतिशत आरक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया है। तीन दशक पुराने इस आरक्षण को रद्द करने के कर्नाटक सरकार के फैसले को चुनौती दी गई है। कर्नाटक सरकार के इस फैसले पर 9 मई 2023 तक के लिए रोक लगा दी गई है। हालाँकि, कर्नाटक सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट देकर अपने फैसले का बचाव किया है।

अपनी एफिडेविट में कर्नाटक सरकार ने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण पूर्णत: असंवैधानिक है। यह ना सिर्फ संविधान की धारा 14, 15, 16 का उल्लंघन करता है, बल्कि यह सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत का भी उल्लंघन करता है। बता दें कि कर्नाटक में 10 मई को चुनाव होने वाले हैं।

मुस्लिम पक्ष द्वारा दायर इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की जज बीवी नागरत्ना और केएम जोसेफ सुनवाई कर रहे हैं। याचिका की सीधे सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर भी कर्नाटक सरकार ने सवाल उठाया है और कहा कि याचिकाकर्ता ने इस याचिका को पहले कर्नाटक हाईकोर्ट में नहीं दायर किया।

कर्नाटक सरकार ने यह भी दलील दी कि संविधान में कहा गया है कि आरक्षण का उद्देश्य उन लोगों को आगे लाने का मौका देना है, जो ऐतिहासिक रूप से पिछड़े और भेदभाव के शिकार रहे हैं। इसका जिक्र संविधान के आर्टिकल 14-15 तक में किया गया है। पिछड़ी जातियों के बारे में भी कही गई है।

अपनी दलील में कर्नाटक सरकार ने आगे कहा कि पिछड़ेपन की बात समाज के वर्ग को लेकर कही गई है। मजहब के आधार पर नहीं। इसलिए मजहब के आधार पर मुस्लिमों को दिया गया आरक्षण असंवैधानिक था और सरकार ने इसे खत्म कर दिया।

दरअसल, मुस्लिमों को OBC कैटेगरी के तहत चार प्रतिशत का आरक्षण मिलता था। इस व्यवस्था को कॉन्ग्रेस की सरकार ने राज्य में लागू किया था। इसके बाद इस व्यवस्था को मुख्यमंत्री बोम्मई की नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने रद्द कर दिया। इस चार प्रतिशत को वोक्कालिगा और लिंगायत जैसी जातियों में बाँट दी गई है। वहीं, मुस्लिमों को EWS कैटेगरी के तहत रखा गया है।

मुस्लिमों का आरक्षण रद्द करने की घोषणा करते हुए सीएम बोम्मई ने कहा था, “चार प्रतिशत (अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण) आरक्षण को 2C और 2D के बीच विभाजित किया जाएगा।वोक्कालिगा और अन्य के लिए दी जाने वाली 4 प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर 6 प्रतिशत किया जाएगा। वहीं, वीरशैव पंचमसाली और अन्य (लिंगायत) के 5 प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर 7 प्रतिशत किया जाएगा।”

सरकार के इस फैसले से सभी लोगों को फायदा मिलेगा। मुस्लिमों को जहाँ 4 प्रतिशत की जगह अब 10 प्रतिशत का लाभ मिलेगा, वहीं वोक्कालिगा और लिंगायत समुदाय के आरक्षणों में भी 2-2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

लोगों पर ‘मन की बात’ का पड़ा गहरा प्रभाव: ‘मन की बात @ 100’ कन्क्लेव में बोले आमिर खान – ये कम्युनिकेशन के माध्यम से नेतृत्व का तरीका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो शो ‘मन की बात’ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ‘Mann Ki Baat@100’ नेशनल कन्क्लेव आयोजित किया गया, जिसमें कई दिग्गज नेता और सेलेब्रिटी पहुँचे। कन्क्लेव में पहुँचे आमिर खान ने कहा कि भारत के लोगों पर ‘मन की बात’ का गहरा असर पड़ा है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक कार्यों में गिना। उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी इस कन्क्लेव में मौजूद रहे।

केंद्रीय खेल और सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर भी इस मौके पर उपस्थित रहे। उन्होंने भारत के दुनिया के तीसरे सब बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम बनने की जानकारी देते हुए बताया कि हर दिन एक नया स्टार्टअप हो रहा है। अनुराग ठाकुर ने बताया कि कैसे भारत पहले आयत के मामले में दूसरे नंबर पर था, लेकिन अब दुनिया का सबसे बड़ा निर्माता बन गया है। कन्क्लेव के समापन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस कार्यक्रम पर बना डाक टिकट लॉन्च करेंगे।

साथ ही इसी थीम पर बने 100 रुपए के विशेष सिक्के का भी विमोचन किया जाएगा। 3 अक्टूबर, 2014 को विजयादशमी त्योहार के मौके पर ‘मन की बात’ की शुरुआत हुई थी और अब इसके साढ़े 8 वर्ष हो चुके हैं। आमिर खान ने इस दौरान ये भी कहा कि संचार माध्यम से नेतृत्व करने का यही तरीका है। उन्होंने कहा कि इसमें आप बताते हैं कि आप कहाँ देख रहे हैं, भविष्य में क्या देख रहे हैं और कैसे लोग इसमें आपका साथ दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ में इस तरह के कम्युनिकेशन होते हैं, जो महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से प्रधानमंत्री महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा करते हैं, लोगों की सोच को समझते हैं। इस कन्क्लेव में देश भर के 100 से भी अधिक नागरिक सम्मिलित हो रहे हैं। साथ ही कई पुस्तकों का भी विमोचन किया जाएगा। अभिनेत्री रवीना टंडन भी इस कन्क्लेव में शामिल हुईं। वहीं भारतीय पैरा एथलीट दीपा मलिक ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ कर अगर आप देश के विकास में योगदान देते हैं तो आपको पीएम मोदी की सराहना मिलती है।

जुड़वा मुस्लिम बहनें जाती हैं स्कूल… श्रीराम, भगवान शंकर और हिंदुओं को गाली देने का करती हैं काम

गोवा की 2 मुस्लिम बहनें अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर हिंदू देवी-देवताओं और हिंदुओं के खिलाफ लगातार आपत्तिजनक पोस्ट शेयर कर रही थीं। मामला संज्ञान में आने के बाद गोवा पुलिस के क्राइम ब्रांच ने उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। दोनों बहनों को क्राइम ब्राँच ने पूछताछ के लिए तलब किया है।

पूरा मामला तब सामने आया, जब 18 अप्रैल 2023 को एक ट्विटर यूजर ने दोनों बहनों द्वारा किए गए आपत्तिजनक पोस्ट का स्क्रीन शॉट और उनके इंस्टाग्राम अकाउंट का लिंक शेयर किया। यूजर ने दावा किया कि स्कूल जाने वाली दोनों बहनें अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से न सिर्फ हिंदुओं के साथ गाली-गलौज करती हैं बल्कि लगातार उनकी धार्मिक भावनाएँ भड़काने का काम कर रही हैं।

श्रीराम से लेकर भगवान शिव तक को गाली, हिंदुओं को सेक्स स्लेव से जोड़ने की बात करने वाली बहनें

ट्वीट के बाद गोवा पुलिस ने इसका संज्ञान लिया। अब दोनों इंस्टाग्राम अकाउंट उपलब्ध नहीं हैं।

जिस ट्वीट में हिंदू-घृणा से सनी इन दोनों बहनों की करतूत का जिक्र था, उस पर रिप्लाई करते हुए आईपीएस ऑफिसर निधिन वलसन ने लिखा कि इस संबंध में एफआईआर दर्ज किया जा रहा है। इसके बाद 25 अप्रैल 2023 को उन्होंने पोस्ट को कोट करते हुए जानकारी दी कि आरोपित जुड़वा बहनों को क्राइम ब्राँच ने पूछताछ के लिए तलब किया है।

आईपीएस निधिन ने लिखा, “गोवा की 2 जुड़वा बहनों पर हाल ही में धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली सामग्री पोस्ट करने के आरोप में मामल दर्ज किया गया था। दोनों छात्राओं को क्राइम ब्रांच में तलब किया गया है।”

एक्शन मोड में गोवा पुलिस

बता दें कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम हिंदू धर्म के खिलाफ नफरत फैलाने का अड्डा बन चुका है। यहाँ हिंदुओं के प्रति आपत्तिजनक सामाग्री पोस्ट करने पर त्वरित कार्रवाई नहीं की जाती। यही कारण है कि इंस्टाग्राम हिन्दू विरोध और हिन्दू घृणा का हब बन चुका है। इस पर ऑपइंडिया ने पहले भी एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इस रिपोर्ट में हमने कई इंस्टाग्राम पेज और यूजर्स द्वारा पोस्ट किए जा रहे कंटेट को शामिल किया था।

इंस्टाग्राम यूजर्स द्वारा लगातार हिन्दू देवी-देवताओं के नाम पर आपत्तिजनक पोस्ट किए जा रहे थे। देवी देवताओं को भद्दी-भद्दी गालियाँ दे कर इस्लामिक हस्तियों को ज्यादा श्रेष्ठ बता कर दिखाया जा रहा था। एक पेज का नाम ही माँ सीता को अश्लील गाली देते हुए रखा गया। साथ ही यूजरनेम में हिन्दुओं को ‘हिजड़ा’ बताया गया। इसके बाद हिंदुत्व को अश्लील गालियाँ दी गई थीं। इस रिपोर्ट को इस लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं।

संपादकीय नोट: दोनों बहनें डीएवी स्कूल में पढ़ती हैं, नाबालिग होने के कारण नाम प्रकाशित नहीं किया गया है।