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अमृतपाल के फरार होने से लेकर गिरफ़्तारी तक, पंजाब सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट: Pak से लिंक का भी ब्यौरा, पर्दे के पीछे बैठे मददगार भी नपेंगे

पंजाब सरकार ने अमृतपाल सिंह की गिरफ़्तारी और उसके खिलाफ हुई कार्रवाई के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दी है। बता दें कि पंजाब में फ़िलहाल मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ की सरकार है। NIA ने भी इस संबंध में अब तक जो भी जाँच की है, उसकी रिपोर्ट ‘मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स (MHA)’ को भेज दी है। ‘राष्ट्रीय जाँच एजेंसी’ इस मामले पर नजर रखे हुए थी।

अमृतपाल सिंह डेढ़ महीने से भी अधिक समय से पुलिस की आँख में धूल झोंक रहा था। पता चला है कि इस दौरान वो विदेशो फोन नंबरों का इस्तेमाल कर रहा था। व्हाट्सएप्प कलकी ग के जरिए वो अपने साथियों के साथ बातचीत कर रहा था। MHA ने पंजाब सरकार से कहा था कि वो अमृतपाल सिंह की फरारी से लेकर उसकी गिरफ़्तारी तक की विस्तृत रिपोर्ट उसे सौंपी जाए। साथ ही उसे पनाह देने वालों का पूरा भ्योरा भी तलब किया गया।

फरारी के दौरान अमृतपाल सिंह के अलग-अलग जगह पर छिपने की खबरें भी सामने आती रही थीं और उसे पनाह देने वाले कई साथी गिरफ्तार भी हुए हैं। उसके लोकेशनों को लेकर भी केंद्र सरकार को जानकारियाँ भेज दी गई हैं। पंजाब सरकार ने मंगलवार (25 अप्रैल, 2023) को सारा रिकॉर्ड MHA के हवाले कर दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इस मामले में पंजाब सरकार की तारीफ कर चुके हैं। अमृतपाल सिंह को विदेशी फंडिंग मिलने की बात भी सामने आई है। उसके खातों की डिटेल्स और उसके काफिले में शामिल गाड़ियों के मालिकों के बारे में भी डिटेल्स जुटाए गए हैं।

साथ ही इस रिपोर्ट में पाकिस्तान से उसके संबंधों का भी जिक्र है। इस मामले में अब तक 400 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। MHA उन लोगों को खँगालना चाहती है, जिन्होंने पर्दे के पीछे से खालिस्तानी अलगाववादी अमृतपाल सिंह की मदद की। अमृतपाल ने हरियाणा से एक डोंगल खरीदी थी और कनाडा के एक नंबर से व्हाट्सएप्प चला रहा था। मोबाइल में बिना कोई सिम डाले वो ऐसा कर रहा था। अमृतपाल सिंह फ़िलहाल असम के डिब्रूगढ़ जेल में है, जहाँ उससे पूछताछ करने पंजाब पुलिस भी जाने वाली है।

4 राज्य-PFI के 16 ठिकाने, NIA ने एक साथ मारी रेड: बिहार के कई जिलों में कार्रवाई कर रही है एजेंसी, दरभंगा का डेंटिस्ट भी रडार पर

प्रतिबंधित इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। देश के चार राज्यों में एक साथ पीएफआई से जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की गई है। इन राज्यों में बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब और गोवा शामिल हैं। सबसे ज्यादा 12 जगहों पर बिहार में कार्रवाई हुई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में दो और पंजाब तथा गोवा में एक-एक जगहों पर एजेंसी ने दबिश दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एनआईए की कई टीमों ने एक साथ पीएफआई के कई ठिकानों पर छापेमारी की है। मध्य प्रदेश के खण्डवा में भी छापेमारी की बात कही जा रही है। हालाँकि एसपी ने किसी भी कार्रवाई की जानकारी होने से इनकार कर दिया।

एनआईए ने बिहार के दरभंगा के उर्दू बाजार में स्थित डेंटिस्ट डॉ. सारिक रजा और सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के शंकरपुर गाँव मे महबूब नामक व्यक्ति के घर पर छापेमारी की। हालाँकि महबूब को एनआईए की कार्रवाई की पहले ही भनक लग गई। वह मौके से फरार हो गया। एनआईए ने उसके घरवालों से पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि सारिक रजा और महबूब दोनों ही PFI से जुड़े हुए हैं।

इसके अलावा, NIA की एक टीम ने बिहार के मोतिहारी जिले के चकिया के कुँआवा गाँव में सज्जाद अंसारी के घर छापेमारी की। बताया जा रहा है कि सज्जाद बीते 14 महीनों से सऊदी अरब में नौकरी कर रहा है। छापेमारी के बाद जाँच एजेंसी ने सज्जाद के घर से कुछ कागजात बरामद किए हैं। एनआईए ने यह छापेमारी मोतिहारी जिले के चकिया अंतर्गत हरपुर किशुनी निवासी मोहम्मद इरशाद की निशानदेही पर की। इरशाद पहले ही गिरफ्तार हो चुका है।

यही नहीं, एनआईए ने बिहार के मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र के बरहारा गाँव मे शहाबुद्दीन नामक व्यक्ति के घर पहुँची। हालाँकि उसके घर में कोई नहीं मिला। इसके अलावा एनआईए ने कटिहार में भी पीएफआई के ठिकानों पर छापेमारी की।

केंद्र सरकार द्वारा पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद अब तक एनआईए कई बार छापेमार कार्रवाई कर चुकी है। इस छापेमारी में PFI के कई बड़े नेता और कैडर जाँच एजेंसी के हत्थे चढ़ चुके हैं। अब इन्हीं नेताओं और कैडरों की निशानदेही व इंटेलिजेंस एजेंसी के इनपुट पर एनआईए लगातार इस तरह की कार्रवाई कर रही है। माना जा रहा है कि पीएफआई के बड़े नेताओं की गिरफ्तारी के बाद निचले स्तर के लोग एक बार फिर संगठन को खड़ा करने में जुटे हुए हैं। ज्ञात हो कि देश विरोधी और आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के चलते केंद्रीय गृह मंत्रालय ने PFI पर प्रतिबंध लगाया था।

फोन पर बात करते आई शाइस्ता की तस्वीर, दावा- अपने नाम करवा रही अतीक अहमद की प्रॉपर्टी: ढाढ़ी बढ़ाकर चकमा दे रहा है बमबाज गुड्डू मुस्लिम

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड के प्रमुख आरोपितों में शामिल शाइस्ता परवीन और गुड्डू मुस्लिम की तलाश जारी है। इस बीच शाइस्ता की नई तस्वीर सामने आई है। इसमें वह किसी से फोन पर बात करती हुई दिखाई दे रही है। कहा जा रहा है कि शाइस्ता, अतीक अहमद की काली कमाई पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है। वहीं गुड्डू मुस्लिम की आखिरी लोकेशन पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में मिलने की बात कही जा रही है।

शाइस्ता परवीन को लेकर बड़ा दावा किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि वह अपने शौहर अतीक की संपत्तियों को अपने नाम कराने की कोशिश कर रही है। इसके लिए वह अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की भी मदद ले रही है। पुलिस अब उस सीए का भी पता लगा रही है। कहा जा रहा है कि शाइस्ता प्रयागराज में ही किसी मुस्लिम बहुल इलाके में छिपी हुई है और अधिक से अधिक धन जुटाने की कोशिश कर रही है। शाइस्ता की आर्थिक मदद करने वालों पर भी पुलिस की नजर है।

उमेश पाल हत्याकांड के बाद से फरार शाइस्ता परवीन, अपने बेटे असद के एनकाउंटर और शौहर अतीक की हत्या के बाद भी सामने नहीं आई थी। इस बीच उसकी एक तस्वीर जरूर सामने आई है। दावा है कि यह तस्वीर शाइस्ता के फरार होने के ठीक पहले की है।

उधर बमबाज गुड्डू मुस्लिम भी गिरफ्तारी से बचने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहा है। पता चला है कि लगातार लोकेशन बदलने के साथ-साथ गुड्डू मुस्लिम ने अपना हुलिया भी बदल लिया है। पुलिस को चकमा देने के लिए उसने दाढ़ी बढ़ा ली है। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि उसकी लोकेशन छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बाद अब पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में मिली है। सूत्रों का दावा है कि किसी भी वक्त गुड्डू मुस्लिम को गिरफ्तार किया जा सकता है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उमेश पाल की हत्या के बाद से गुड्डू मुस्लिम झाँसी, नासिक, पुणे, ओडिशा सहित कई जगहों पर छिप चुका है। दावा है कि 2 अप्रैल से लेकर 13 अप्रैल तक वह ओडिशा में छिपा हुआ था। पुलिस ने उस पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा है। बता दें कि हत्या से ठीक पहले अतीक अहमद का भाई अशरफ गुड्डू मुस्लिम की ही बात कर रहा था। लेकिन अचानक हमले के बाद उसकी बात पूरी नहीं हो पाई। बता दें कि 15 अप्रैल 2023 की रात अतीक और अशरफ की तीन शूटरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

100 करोड़ लोगों ने सुनी ‘मन की बात’, 58% के जीवन में आया बदलाव: IIM के अध्ययन से खुलासा- लोगों को पसंद है PM मोदी का कम्युनिकेशन स्टाइल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो शो ‘मन की बात’ के 100 एपिसोड पूरे होने वाले हैं। इसके जरिए वो देशवासियों से अपनी बात कहते हैं, उनके संदेशों का जवाब देते हैं और उनको उचित सलाह भी देते हैं। चूँकि रेडियो गाँव-गाँव में उपलब्ध साधन है और गरीबों को भी सुलभ है, इसीलिए पीएम मोदी ने देशवासियों तक अपनी बात पहुँचाने के लिए इसे चुना। अब IIM रोहतक के एक सर्वे में सामने आया है कि ‘मन की बात’ को 100 करोड़ श्रोताओं ने सुना है।

रविवार (30 अप्रैल, 2023) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ के 100वे एपिसोड को संबोधित करेंगे। रोहतक स्थित ‘भारतीय प्रबंधन संस्थान’ के सर्वे में सामने आया है कि 23 करोड़ लोग ऐसे हैं जो ‘मन की बात’ के नियमित श्रोता हैं, जबकि 100 करोड़ लोगों ने कभी न कभी इसे सुना है। टीवी न्यूज़ चैनलों द्वारा भी इसका लाइव प्रसारण किया जाता है, इसीलिए इस सर्वे में वो दर्शक भी शामिल हैं। सर्वे में सामने आया है कि लोगों के व्यवहार में भी इससे बदलाव आया है।

साथ ही इस कार्यक्रम से आम लोगों में आशावादिता बढ़ी है और वो उनकी ख़ुशी में भी इजाफा हुआ है। श्रोताओं ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपनी बात कहने का तरीका पसंद आया। साथ ही पीएम मोदी इस कार्यक्रम में जो कहते हैं, वो सहानुभूति देने वाला और निर्णायक भी होता है। देश में 96% लोग ऐसे हैं, जो ‘मन की बात’ कार्यक्रम के बारे में जानते हैं। बता दें कि इसकी शुरुआत 3 अक्टूबर, 2014 को हुई थी।

IIM रोहतक के सर्वे को मंगलवार (25 अप्रैल, 2023) को प्रसार भारती के CEO गौरव द्विवेदी की उपस्थिति में जारी किया गया। 60% लोगों ने राष्ट्र-निर्माण में सहभागिता के लिए हामी भरी है, 55% ने देश का जिम्मेदार नागरिक बनने की बात कही है, 63% का कहना है कि केंद्र सरकार के प्रति उनका रवैया सकारात्मक है, 59% ने कहा कि केंद्र सरकार में उनका भरोसा बढ़ा है, 58% ने कहा कि उनकी लाइफस्टाइल में सुधार हुआ है।

इसके अलावा 73% लोग ऐसे हैं जो सरकार के कामकाज को लेकर आशावादी हैं और देश के विकास को लेकर काम हो रहा है। बड़ी बात ये है कि कभी-कभार ‘मन की बात’ सुनने वालों में से 41% लोग ऐसे हैं, जो इसके नियमित श्रोता बनना चाहते हैं। अधिकतर लोगों का यही कहना था कि ‘मन की बात’ सुनने का एक ही कारण हैं – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। इसके कंटेंट और कम्युनिकेशन स्टाइल ने लोगों के जीवन में प्रभाव डाला है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में उन्हें क्या अच्छा लगता है? जवाब में अधिकतर लोगों ने कहा – वो विद्वान हैं, जनता से एक इमोशनल बॉन्ड बनाते हैं, निर्णायक हैं, लोगों की संवेदनाओं को समझते हैं, उनसे सीधा संवाद करते हैं। 44.7% लोग टीवी पर ‘मन की बात’ देखते हैं, जबकि 17.6% लोग रेडियो पर सुनते हैं। 37.6% लोग इसे मोबाइल फोन पर देखते हैं। विज्ञान के क्षेत्र में देश की उपलब्धियाँ, आम लोगों की कहानियाँ, हमारे जवानों की बहादुरी की गाथाएँ, युवाओं और पर्यावरण से जुड़े मुद्दे – ये प्रमुख विषय हैं जिन पर लोग सुनना पसंद करते हैं।

इस अध्ययन में शामिल होने वाले प्रतिभागियों की पृष्ठभूमि के बारे में बोलते हुए, IIM रोहतक के निदेशक धीरज शर्मा ने बताया कि इस अध्ययन में 10003 लोगों ने भाग लिया था। इनमें से 60% पुरुष थे, जबकि 40% महिलाएँ थीं। इस अध्ययन में भाग लेने वाले लोग 68 विभिन्न पेशों से जुड़े हुए थे। इनमें से 64% लोग अनौपचारिक एवं स्व-नियोजित क्षेत्र से जुड़े हुए थे, जबकि छात्रों की हिस्सेदारी 23% की थी। 22 भारतीय भाषाओं, 29 बोलियों और 11 विदेशी भाषाओं में ‘मन की बात’ का प्रसारण होता है।

पहली शादी 3 साल, दूसरी शादी 1 साल… जब मिया खलीफा ने ‘आपसी मतभेदों’ से दिया राॅबर्ट को तलाक: अलग होते ही शुरू हो गई डेटिंग की गॉसिप भी

पोर्न स्टार मिया खलीफा (Mia Khalifa) एक बार अपनी शादी, तलाक और डेटिंग को लेकर चर्चा में हैं। कहा जाता है कि उनकी पहली शादी तीन साल तो दूसरी केवल एक साल चली थी। दूसरी बार तलाक लेने के बाद से ही झाय कॉर्टेज के साथ उनके डेट करने की खबरें भी चलने लगीं।

मिया खलीफा ने दूसरी शादी रॉबर्ट सैंडबर्ग (Robert Sandberg) से की थी। सालभर में ही दोनों का तलाक हो गया था। मिया खलीफा ने इसका कारण ‘आपसी मतभेद’ को बताया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पोर्न स्टार ने जुलाई 2021 को रॉबर्ट सैंडबर्ग को तलाक देने की घोषणा की थी। मिया और रॉबर्ट ने 2020 में अपने घर पर शादी रचाई थी। दोनों (मिया और रॉबर्ट सैंडबर्ग) ने इंस्टाग्राम पर संयुक्त बयान जारी कर तलाक लेने की जानकारी दी थी। हालाँकि, अब वह पोस्ट उन्होंने डिलीट कर दी है।

पति के साथ अलग होने की घोषणा करते हुए मिया खलीफा ने लिखा था, “हम विश्वास के साथ कह सकते हैं कि हमने अपनी शादी को सफल बनाने के लिए सब कुछ किया, लेकिन लगभग एक साल की कोशिशों के बाद हम दूर जा रहे हैं। हम अच्छे दोस्त हैं और हमने वास्तव में शादी बचाने की कोशिश की। हम हमेशा एक-दूसरे से प्यार और सम्मान करेंगे, क्योंकि हम जानते हैं कि एक हमारे अलग होने का कारण क्या है। यह ना सुलझने वाले मतभेद हैं, जिसके लिए कोई भी दूसरे को दोष नहीं दे सकता है।” इस संबंध में उन्होंने 2021 में एक ट्वीट भी किया था।

बताया जाता है कि इससे पहले पोर्न स्टार की शादी 2011 में हुई थी। यह शादी 2014 तक चली थी। लेकिन उनके इस पूर्व पति के बारे में जानकारी सार्वजानिक नहीं है। ऐसा कहा जाता है कि मिया खलीफा ने यह शादी हाई स्कूल के दौरान ही की थी। इसके बाद सैंडबर्ग ने उन्हें 2019 में प्रपोज किया था। दोनों ने 2020 में शादी कर ली। 28 वर्षीय रॉबर्ट पेशे से शेफ थे और लॉस एंजेलिस में मिया और उनके कुत्ते बेला के साथ रहते थे।

रॉबर्ट से तलाक लेते ही मिया की ‘प्यूर्टो रिकान’ के कलाकार झाय कॉर्टेज़ के साथ डेटिंग की खबरें चलने लगी। दोनों को YouTube पर रिलीज किए गए एक वीडियो में साथ देखा गया था। इसके बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं।

बिहार के नवादा में सफीक आलम के घर फटा बम, महिला से पूछताछ कर रही पुलिस: यहीं JDU नेता मंजूर आलम के घर मिला था हथियारों का जखीरा

बिहार का नवादा फिर चर्चा में है। यहाँ से एक घर में बम फटने की घटना सामने आई है। सोमवार रात (24 अप्रैल 2023) हुए विस्फोट में घर का एक हिस्सा टूट कर गिर गया। यह घर सफीक आलम का है। धमाके के समय घर के लोग बाहर गए हुए थे, इसलिए कोई हताहत नहीं हुआ। इससे पहले नवादा में अवैध हथियार रखने के आरोप में जदयू नेता समेत 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, धमाका नवादा के गोंदापुर स्थित ईदगाह इलाके में हुआ। जिस घर में धमाका हुआ उसमें किराएदार रहते हैं। शादी के चलते घटना के वक्त सभी लोग घर से बाहर थे। धमका इतना जोरदार था कि घर का एक हिस्सा टूट कर गिर गया। मलबा दूर-दूर तक बिखर गया। धमाके के बाद घर में आग लग गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुँचकर आग पर काबू पाया।

पहले माना जा रहा था कि गैस सिलेंडर के फटने से धमाका हुआ। लेकिन जाँच में सामने आया है कि घर के भीतर रखा सिलेंडर पूरी तरह सुरक्षित है। मीडिया से बात करते हुए मकान मालिक सफीक आलम ने भी इसकी पुष्टि की है। घटना की जानकारी मिलने के बाद एसडीओपी और सदर एसडीओ मौके पर पहुँचे। फिलहाल मामले की जाँच की जा रही है।

इस घटना पर नवादा पुलिस ने ट्वीट कर कहा है, “रात करीब 1 बजे नवादा शहर के गोंदापुर इस्लामनगर मोहल्ले में एक बंद घर में आग लगने की सूचना प्राप्त होने पर DIAL 112 और अग्निशमन की टीम के द्वारा तुरंत घटनास्थल पर पहुँचकर आग पर काबू पाया गया। घटनास्थल का निरीक्षण करने पर प्रथमदृष्टया यह बम विस्फोट का मामला पाया गया। घटनास्थल को सील कर दिया गया है। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड घटनास्थल पर पहुँच रहे हैं। FIR दर्ज करते हुए जाँच की जा रही है। एक महिला को हिरासत में लेकर कर पूछताछ की जा रही है।”

बता दें कि इससे रविवार (23 अप्रैल 2023) को नवादा पुलिस ने छापेमार कार्रवाई करते हुए जदयू नेता मंजूर आलम के घर से बम समेत अवैध हथियार बरामद किए थे। इस मामले में पुलिस ने मंजूर आलम समेत उसके बेटे और भतीजे को गिरफ्तार किया था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 5 जिंदा बम, एक पिस्टल, सात कट्टा, एक राइफल समेत कई जिंदा कारतूस बरामद की थी।

‘आरोप गंभीर हैं’: महिला पहलवानों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को जारी किया नोटिस, कपिल सिब्बल ने CJI को सौंपी शिकायतों की कॉपी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों का प्रदर्शन एक बार फिर से शुरू हो गया है। इन पहलवानों की माँग है कि ‘भारतीय कुश्ती संघ (WFI)’ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ न सिर्फ यौन शोषण की fir दर्ज की जाए, बल्कि उन्हें पद से हटा कर गिरफ्तार भी किया जाए। महिला पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की थी, जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने इसे गंभीर मामला बताते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है।

इस याचिका में माँग की गई है कि कैसरगंज से भाजपा के सांसद बृजभूषण शरण सिंह के विरुद्ध यौन शोषण की FIR दर्ज की जाए। बता दें कि केंद्रीय खेल मंत्रालय ने पिछली बार पहलवानों के प्रदर्शन के बाद एक जाँच समिति भी बनाई थी। मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली पहलवानों ने यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले को शुक्रवार (28 अप्रैल, 2023) को सुना जाएगा।

मंगलवार (25 अप्रैल, 2023) को सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में नोटिस जारी करने के आदेश दिए। पहलवानों का कहना है कि जब तक उनकी माँगें पूरी नहीं हो जातीं, वो जंतर-मंतर पर ही सोएँगे-खाएँगे। दिल्ली पुलिस ने इसकी पुष्टि की है कि 7 शिकायतें दर्ज की गई हैं। उन सभी की जाँच की जा रही है। कोई पुष्ट सबूत के सामने आते ही FIR दर्ज की जाएगी। केंद्रीय खेल मंत्रालय की समिति से भी दिल्ली पुलिस ने संपर्क किया है और डिटेल्स माँगे हैं।

वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने महिला पहलवानों का प्रतिनिधित्व करते हुए सुप्रीम कोर्ट में कहा कि पीड़िताओं में एक नाबालिग भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कमिटी की रिपोर्ट को भी सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने नाबालिग पहलवान के बारे में बताया कि वो स्वर्ण पदक भी जीत चुकी हैं। उन्होंने कहा कि शिकायत वो सार्वजनिक रूप से नहीं पढ़ सकते, CJI को इसे देखना चाहिए। उन्होंने माँग की कि FIR दर्ज न करने के लिए पुलिस पर भी मामला चलाया जाए।

पाकिस्तान से जो जान बचाकर भागे, राजस्थान के जोधपुर में उनके घरों पर चला बुलडोजर: बोले पीड़ित हिंदू- हम वहाँ भी बर्बाद थे, यहाँ भी बर्बाद हैं

राजस्थान के जोधपुर में ऐसे लोगों की बस्ती पर बुलडोजर चलाया गया है, जो जान बचाकर पाकिस्तान से आए थे। जिनके घरों पर जोधपुर विकास प्राधिकरण ने सोमवार (24 अप्रैल 2023) को बुलडोजर चलाया है, उनमें से ज्यादातर हिंदू हैं। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अतिक्रमण हटाने के लिए की गई। वहीं, पीड़ित हिंदुओं का कहना है कि उन्होंने यह जमीन खरीदी है।

पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार की बातें किसी से छिपी नहीं है। ये लोग वहाँ से भागकर राजस्थान के जोधपुर के समीप चोखा गाँव में घर बनाकर रह रहे थे। इनमें से अधिकांश लोगों के पास भारत में रहने के लिए लॉन्ग टर्म वीजा है। लेकिन अब तक इन्हें भारत की नागरिकता नहीं मिली है।

जोधपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की कार्रवाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि घरों पर हो रही कार्रवाई से घबराकर एक महिला बेहोश हो गई है। वहीं, कुछ अन्य महिलाएँ रोती-बिलखती दिखाई दे रही हैं। वीडियो में एक व्यक्ति कहता है, “यह देखो यह यहाँ पर बेहोश हो गई है। हम हिंदुस्तान आए हैं, ये हिंदुस्तान है हमारा। देखो ये लोग हमारे घर तोड़ रहे हैं। पाकिस्तान में हम बर्बाद थे। यहाँ पर भी हम बर्बाद हैं। यहाँ देखो हम मर रहे हैं। ये लोग हमें मारने के लिए आए हैं।”

वहीं, वीडियो के बीच में एक व्यक्ति को अधिकारियों से घर खाली करने के लिए 2 दिन की मोहलत माँगते हुए सुना जा सकता है। वीडियो में देखा जा सकता है कि चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल है। लोग दुखी और परेशान हैं। JDA के अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ दिख रहे हैं। मौके पर एक बुलडोजर खड़ा हुआ भी नजर आ रहा है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, जोधपुर विकास प्राधिकरण ने इस कार्रवाई को अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई बताते हुए पाकिस्तानी हिंदुओं के घरों समेत करीब 200 घरों पर बुलडोजर चला दिया। वहीं, पीड़ित हिंदुओं का कहना है कि उन्होंने यह जमीन खरीदी है। इसके लिए उन्होंने भू-माफिया को 70000 से लेकर 2 लाख रुपए तक दिए हैं।

अपने घरों को टूटता हुआ देखकर लोग आक्रोशित हो उठे। कथित तौर पर लोगों ने कार्रवाई करने आई टीम पर पथराव किया है। पथराव में JDA अधिकारियों व बुलडोजर के ड्राइवर को चोट लगी है। इस मामले में पुलिस ने जेडीए के अधिकारी और एक पत्रकार की शिकायत पर FIR भी दर्ज की है।

मीडिया से बात करते हुए जोधपुर प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा है करीब 400 बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। यह जमीन गाँधी नगर की है। बिना किसी अनुमति के यहाँ अवैध निर्माण किया गया था। प्रवासी दावा कर रहे थे कि उन्होंने जमीन खरीदी है। लेकिन जब उनसे जमीन के कागज माँगे गए तो वे कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। इसके बाद कार्रवाई करते हुए घरों को गिरा दिया गया।

‘जल्द ही मार दूँगा’: CM योगी को जान से मारने की धमकी, UP डायल 112 पर आया व्हाट्सएप मैसेज

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) को जान से मारने की धमकी दी गई। यह धमकी आपातकालीन सेवाओं के लिए जारी किए गए नंबर डायल-112 पर व्हाट्सएप मैसेज कर दी गई है। धमकी भरा मैसेज रविवार (23 अप्रैल 2023) रात भेजा गया।

सीएम योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी का मैसेज डायल-112 के मुख्यालय की सोशल मीडिया डेस्क को व्हाट्सएप पर मिला। धमकी देने वाले व्यक्ति ने इस मैसेज में लिखा है, “सीएम योगी को मार दूँगा जल्द ही”। योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद पुलिस और जाँच एजेंसियाँ एलर्ट पर हैं। जिस व्हाट्सएप नंबर से मैसेज भेजा गया था, उसकी गहनता से जाँच की जा रही है।

फिलहाल, इस मामले में पुलिस ने लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 506, 507 और IT एक्ट की धारा 66 के तहत मामला दर्ज किया है। एफआईआर सोमवार (24 अप्रैल 2023) को दर्ज हुई।

पहले भी मिल चुकी हैं धमकियाँ

बता दें कि इससे पहले गत 18 अप्रैल 2023 को झारखंड के रहने वाले अमन रजा नामक व्यक्ति ने सीएम योगी को गोली मारने की धमकी दी थी। उसने यह धमकी फेसबुक पोस्ट के जरिए दी थी। इस मामले में यूपी एटीएस जाँच कर रही है। अमन रजा की गिरफ्तारी के लिए जाँच टीम झारखंड के बोकारो भी गई थी। लेकिन वह नहीं मिला।

गौरतलब है कि अगस्त 2022 में भी डायल-112 पर व्हाट्सएप कर सीएम योगी की बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने जाँच करते हुए राजस्थान के भरतपुर से सरफराज नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय उसके पास से एक अन्य पत्र भी मिला था। इस पत्र में, 15 दिन के भीतर सीएम योगी की बम से उड़ाने के बारे में लिखा हुआ था।

केवल आनंद मोहन ही नहीं, टोटल 27 अपराधियों को छोड़ रही बिहार सरकार: JDU+RJD सरकार बनने के बाद से 2070 हत्या, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने जारी किया था डाटा

बिहार सरकार ने इसी साल 10 अप्रैल को जेल नियमावली, 2012 के नियम 481 में संशोधन किया था। इससे बाहुबली और पूर्व सांसद आनंद मोहन के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हुआ। वे 1994 में गोपालगंज के जिलाधिकारी जी कृष्णैया की हत्या के मामले में आजीवन कारवास की सजा काट रहे थे। आनंद मोहन के बेटे चेतन बिहार की महागठबंधन सरकार के साझीदार राजद के विधायक हैं।

आनंद मोहन की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए नियमों में संशोधन की खूब चर्चा हुई। लेकिन बिहार सरकार ने रिहाई का जो आदेश जारी किया है, उससे पता चलता है कि आनंद मोहन रिहा होने वाले इकलौते नहीं हैं। 26 अन्य अपराधियों को भी रिहा किया जा रहा है। इनमें 13 अपराधी राजद के MY समीकरण (मुस्लिम+यादव) से ताल्लुक रखते हैं। रिहा होने वाले कैदियों की सूची में आनंद मोहन का नाम 11वें नंबर पर है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आनंद मोहन के बेटे और राजद विधायक चेतन आनंद की सोमवार (24 अप्रैल 2023) को सगाई थी। इसके लिए वह 15 दिन के पेरोल पर पहले से बाहर हैं। यह पेरोल मंगलवार (25 अप्रैल 2023) को खत्म हो रही थी। इससे पहले नीतीश सरकार ने 27 अपराधियों की रिहाई वाली सूची जारी कर दी है।

नीतीश सरकार ने जेल नियमावली बदला

10 अप्रैल को नीतीश कुमार ने कैबिनेट की बैठक बुलाई थी। बैठक में जेल नियमावली, 2012 के नियम 481(i) (क) में संशोधन किया गया। जेल नियामवली से उस वाक्य को ही हटा दिया गया है, जिसमें सरकारी कर्मचारी की हत्या का जिक्र था। इस संशोधन के बाद ही आनंद मोहन की रिहाई का रास्ता साफ हो पाया है।

महागठबंधन सरकार में 2070 हत्या

27 अपराधियों की रिहाई की सूची ऐसे समय में सामने आई है, जब बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि पुलिसकर्मियों पर हमला हो रहा है। यहाँ तक कि महिला अधिकारियों को भी नहीं छोड़ा जा रहा है।

कुछ दिन पहले ही केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद हुए क्राइम का डाटा साझा किया था। राज्य में अगस्त 2022 में राजद, काॅन्ग्रेस और वामपंथी दलों के सहयोग से नीतीश कुमार ने सरकार बनाई थी। राय ने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से जो डाटा साझा किया है, उससे पता चलता है कि 9 अगस्त 2022 को यह सरकार बनने के बाद से बिहार में गंभीर अपराध की 4848 घटनाएँ हुई हैं। इनमें 2070 हत्या, 345 ब्लात्कार, 144 अपहरण और 700 हत्या के प्रयास के मामले हैं।

हालाँकि इन आँकड़ों का सोर्स ट्वीट में स्पष्ट नहीं है। राय ने ट्वीट कर कहा है, “बिहार हत्या, लूट, दुष्कर्म से त्रस्त है। अपराधियों की बहार है, क्योंकि अपराध को पनाह देने वाली नीतीश-तेजस्वी की सरकार है। बिहार की महागठबंधन सरकार कान में रूई डालकर मौन बैठी है। अपराधी बेखौफ़ वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।”