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‘राजीव गाँधी जैसे हाल होगा’: PM मोदी के केरल दौरे में आत्मघाती हमले की धमकी, BJP का आरोप – पुलिस ने लीक किया सिक्योरिटी प्लान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केरल दौरे को लेकर आत्मघाती हमले की धमकी वाला पत्र सामने आया है, जिसके बाद पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। पुलिस और जाँच एजेंसियाँ इस पत्र को लेकर छानबीन करने में लग गई हैं। पीएम मोदी सोमवार (24 अप्रैल, 2023) को 2 दिवसीय केरल दौरे पर आ रहे हैं। ये पत्र कोच्चि के किसी व्यक्ति द्वारा मलयालम भाषा में लिखा गया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन के पास इसे भेजा गया है।

के सुरेंद्रन ने इस पत्र को पिछले ही सप्ताह पुलिस को सौंप दिया था। इसके बाद पुलिस ने एनके जॉनी नामक व्यक्ति को ट्रेस किया, जिसका पता इस पत्र में लिखा हुआ था। पत्र में लिखा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वही हाल होगा, जो राजीव गाँधी का हुआ था। बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की हत्या लिट्टे ने आत्मघाती हमलावरों के जरिए ही करवाई थी। जॉनी ने इससे इनकार किया है कि ये पत्र उसने लिखा है।

हालाँकि, उसने लिखा है कि ये उसके किसी दुश्मन का काम हो सकता है जो उसे फँसाना चाहता हो। जॉनी ने बताया कि पुलिस ने उसके घर पहुँच कर छानबीन की है। साथ ही उसकी हैंडराइटिंग से पत्र की लिखावट का मिलान किया। जॉनी का कहना है कि पुलिस समझ गई है कि पत्र उसने नहीं लिखा। जिन लोगों पर जॉनी को शक है, उनके पास उसने पुलिस के साथ साझा किए हैं। हालाँकि, प्रदेश भाजपा ने आरोप लगाया है कि पीएम मोदी के दौरे को लेकर जो VVIP सिक्योरिटी प्लान है, उसे केरल पुलिस लीक कर रही है।

के सुरेंद्रन ने कहा कि केरल में मजहबी कट्टरपंथी ताकतें काफी सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि PFI और SDPI से लेकर माओवादी संगठनों तक के नाम सामने आए हैं, लेकिन केरल पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। असल में केरल पुलिस के ADG के एक पत्र के सामने आने से सकैती प्लान लीक होने की बात कही जा रही है। केंद्रीय मंत्री एम मुरलीधरन ने इसे पुलिस की बड़ी लापरवाही करार दिया है। पीएम मोदी अपने दौरे में राज्य की पहली ‘वन्दे भारत’ ट्रेन का उद्घाटन करेंगे।

कर्नाटक में गलत था मुस्लिम आरक्षण, हमने हटा दिया: अमित शाह की दो टूक, कहा- कॉन्ग्रेस ने असंवैधानिक तरीके से दिया था, भारी बहुमत से जीतेगी

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah)ने कहा है कि कर्नाटक में मुस्लिमों को दिया गया आरक्षण संविधान के खिलाफ था। इसलिए इसे भाजपा की सरकार ने खत्म कर दिया। उन्होंने यह आरक्षण जरूरतमंदों को दी गई है। गृहमंत्री ने दावा किया कि राज्य में एक बार फिर भाजपा बहुमत की सरकार बनाएगी।

इंडिया टुडे के राउंड टेबल कार्यक्रम में बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि भाजपा के पास विजन है और उसने कर्नाटक को आगे ले जाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने राज्य में असंवैधानिक व्यवस्था समाप्त करने और हकदार को हक देने का काम किया है।

अमित शाह ने कहा कि कॉन्ग्रेस ने असंवैधानिक रूप से राज्य में चार प्रतिशत मुस्लिम आरक्षण को लागू किया था। उन्होंने कहा कि इसे लागू करने के लिए कॉन्ग्रेस संविधान के खिलाफ चली गई थी। इसे भाजपा सरकार ने खत्म कर अन्य समुदायों का आरक्षण बढ़ाया।

बता दें कि मार्च 2023 में कर्नाटक की बोम्मई सरकार ने मुस्लिम आरक्षण को खत्म करते हुए कहा था कि इस फैसले से सभी लोगों को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा था कि मुस्लिमों को जहाँ 4 प्रतिशत की जगह अब 10 प्रतिशत का लाभ मिलेगा, वहीं वोक्कालिगा और लिंगायत समुदाय के आरक्षणों में भी 2-2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य के विकास के लिए ऐसी पार्टी को चुनना बहुत जरूरी है जो सामाजिक रूप से राज्य का एकीकरण करके सामाजिक न्याय पर विश्वास करती हो, सांस्कृतिक पुनरुत्थान और संस्कृति को मजबूत करना चाहती हो, गरीबी हटाकर जनता के बीच समानता लाने वाली पार्टी हो। उन्होंने कहा कि भाजपा ने इसमें बहुत अच्छा काम किया है और जनता का भरोसा जीता है।

उन्होंने कहा कि पिछले 75 सालों तक कई ऐसी सरकारें चलीं, जिन्होंने इस देश भीतर दो देश बना दिए। 80 करोड़ लोग एक ओर थे और 50 करोड़ लोग एक ओर थे। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने देश की जनता के लिए समान रूप से काम किया।

रमजान के आखिरी जुमे पर बेगम को हिंदुत्व में मिली ‘रोशनी’, शिवम से विवाह कर बनी रिद्धि: जोड़े का डांस Video वायरल

उत्तर प्रदेश के बरेली में एक और मुस्लिम लड़की ने हिंदू धर्म स्वीकार किया है। रोशनी बेगम नाम की इस लड़की को नई पहचान रिद्धि गुप्ता के तौर पर मिली है। रमजान के आखिरी जुमे यानी शुक्रवार (21 अगस्त 2023) को उसने अगस्त्य मुनि आश्रम में शिवम गुप्ता से विवाह किया। नवविवाहित जोड़े का शादी के बाद डांस करते हुए भी एक वीडियो सामने आया है।

रोशनी मूल रूप से बदायूं के कोतवाली नगर क्षेत्र के कबूलपुरा की रहने वाली है। शादी के बाद एक वीडियो जारी कर उसने खुद और अपने पति को परेशान नहीं करने की अपील अपने परिजनों से की है। काफी समय से बदायूं के ही उझानी थाना क्षेत्र के रहने वाले शिवम गुप्ता से उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था। शिवम के परिवार वाले इस रिश्ते के लिए तैयार हो गए। लेकिन रोशनी के परिजन इसके खिलाफ थे। रोशनी ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो उस पर कई तरह की बंदिशें लगा दी।

इस शादी को सम्पन्न करवाने वाले अगत्स्य मुनि आश्रम के महंत पंडित केके शंखधर ने ऑपइंडिया को बताया कि लड़की ने खुद से शिवम के साथ शादी करने की इच्छा जताई थी। इसके बाद उन्होंने सारे कागजातों की जाँच की। लड़की और लड़का दोनों बालिग थे। लड़के के परिवार वालों को बुलाया गया और फिर इस शादी को सम्पन्न करवाया गया। शादी के दौरान रोशनी ने वेदमंत्रों का पाठ किया और अपने पति के साथ हवन किया। शादी बाद उसका नाम रिद्धि गुप्ता रखा गया है।

पंडित शंखधर ने हमें यह भी बताया कि लड़के के घर वाले लड़की के परिजनों द्वारा किसी FIR आदि की आशंका से परेशान हैं। हालाँकि रोशनी ने एक वीडियो जारी कर अपनी मर्जी से शादी करने और खुद के बालिग होने की बात कही है। रोशनी ने परिजनों से परेशान न करने की भी अपील की है।

इससे पहले बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में सबीना नाम की एक मुस्लिम लड़की ने हिन्दू धर्म स्वीकार कर सोमपाल से शादी की थी। इसी आश्रम में अमरीना ने राधिका बन कर पप्पू से, नाजिश ने निहारिका बन कर नीलेश से और शहनाज ने सुमन बन कर अजय से शादी की थी। कुछ समय पहले ऑपइंडिया से बात करते हुए पंडित केके शंखधर ने अपनी जान का भी खतरा बताया था। उन्होंने बताया था कि आश्रम में 64 से अधिक मुस्लिम लड़कियों ने हिंदू लड़कों से शादी की है, जिसके चलते वे कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं।

‘बाप जैसे हैं अतीक साहब’: इमरान प्रतापगढ़ी को माफिया कहता था ‘दिल की धड़कन’, अब कॉन्ग्रेस ने कर्नाटक में बनाया स्टार प्रचारक

कॉन्ग्रेस ने इस्लामी कट्टरपंथी नेता इमरान प्रतापगढ़ी को कर्नाटक में कॉन्ग्रेस का स्टार प्रचारक बनाया है। कॉन्ग्रेस पार्टी ने ही उन्हें सांसद बना कर राज्यसभा भी पहुँचाया। कर्नाटक विधानसभा चुनाव् में इमरान प्रतापगढ़ी कॉन्ग्रेस पार्टी के लिए रैलियाँ करेंगी। स्पष्ट है कि मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए कॉन्ग्रेस पार्टी ने ये निर्णय लिया है। अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद भी इमरान प्रतापगढ़ी लगातार यूपी सरकार पर हमलावर हैं।

बता दें कि इमरान प्रतापगढ़ी माफिया अतीक अहमद को अपना ‘गुरु’ और बड़ा भाई कहते रहे हैं। प्रतापगढ़ में एक रैली के दौरान अतीक अहमद ने उनकी काफी तारीफ़ भी की थी। शायर के बाद नेता बने इमरान प्रतापगढ़ी ने देश भर में CAA-NRC के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान भी शायरी और भाषणबाजी कर-कर के लोगों को भड़काया है। इस्लामी कट्टरपंथियों के लिए वो डिमांड में थे। इन सबके बावजूद कॉन्ग्रेस पार्टी उन पर लगातार भरोसा जताती रही है।

भाजपा ने भी आरोप लगाया है कि अतीक अहमद अक्सर इमरान प्रतापगढ़ी के मुशायरों का हिस्सा बना करता था और इमरान प्रतापगढ़ी उसकी शान में कसीदे पढ़ा करते थे। अब इमरान प्रतापगढ़ी उस वीडियो पर सफाई देते हुए कह रहे हैं कि उन्होंने माहौल बनाने के लिए ये सब कहा था और और कवि होने के कारण उनके लिए ये सामान्य बात थी। कॉन्ग्रेस पार्टी ने इमरान प्रतापगढ़ी को अपने अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बना रखा है।

न सिर्फ इमरान प्रतापगढ़ी अब अतीक अहमद की तारीफ़ में कसीदे पढ़े जाने पर सफाई दे रहे हैं, बल्कि कॉन्ग्रेस पार्टी भी उन्हें स्टार कैम्पेनर बनाए जाने के निर्णय का बचाव कर रही है। इमरान प्रतापगढ़ी का जो वीडियो वायरल हो रहा है, वो 7 साल पुराना है। उस समय इमरान प्रतापगढ़ी कॉन्ग्रेस में नहीं हुआ करते थे। इमरान प्रतापगढ़ी ने अतीक अहमद के लिए ‘भाई कहूँ या बाप’ भी बोला था। अब भाजपा पूछ रही है कि ऐसे व्यक्ति को स्टार प्रचार बनाने का क्या औचित्य है?

इस वीडियो में इमरान प्रतापगढ़ी कहते दिख रहे हैं, “ये इक शायर का दावा है कभी भी रद्द नहीं होगा, तेरे कद के बराबर अब किसी का कद नहीं होगा, इलाहाबाद वालों बात मेरी याद रखना तुम, कई सदियों तलक कोई अतीक अहमद नहीं होगा। बड़ी दुश्वारियाँ हैं पर जिसे गाया जरूरी है, छलक कर दर्द होठों तक चला आया जरूरी है, इलाहाबाद वालों बात मेरी याद रखना तुम, तुम्हारे शहर पर इस शख्स का साया जरूरी है।”

वीडियो में अतीक अहमद की तरफ इशारा कर के इमरान प्रतापगढ़ी कहते हैं, “वो बिल्कुल बाप की हैसियत में हैं। जनाब अतीक अहमद की दुआएँ मुझे बहुत ताकत देती रही हैं हमेशा से। मैं जब हिंदुस्तान के किसी भी शहर में खड़े होकर जालिम हुकूमतों के खिलाफ जब भी आवाज बुलंद करता था तो अंदर से एक एहसास रहता था कि इलाहाबाद में बैठा हुआ एक शख्स है। कुछ भी गड़बड़ होगी तो वह संभाल लेगा। यह जो अहसास है वो बहुत बड़ा है। मैं उन्हें सलाम करता हूँ।”

इसी तरह, माफिया अतीक अहमद ने भी इमरान प्रतापगढ़ी को ‘दिल की धड़कन’ और ‘छोटा भाई’ कहता था। ये भी बताया जाता है कि अतीक अहमद के दो बेटे इमरान के दोस्त अब भी हैं। भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने निशाना साधते हुए कहा कि कितने शर्म की बात है कि जिस माफ़िया डॉन के हाथ बेगुनाह लोगों के खून से रंगे हैं, कॉन्ग्रेस उसे मसीहा बता रही है। भाजपा का आरोप है कि कॉन्ग्रेस हमेशा आतंकियों के हमदर्दों को आगे बढ़ाती है।

DLF लैंड डील में रॉबर्ट वाड्रा को नहीं मिली है क्लीनचिट, जाँच के लिए बनी है नई SIT: हरियाणा सरकार ने कॉन्ग्रेस के झूठ का किया पर्दाफाश

हरियाणा में DLF लैंड डील मामले में रॉबर्ट वाड्रा को कथित क्लीन चिट दिए जाने पर राजनीति गरमा गई है। हरियाणा के पूर्व सीएम भूपिंदर हुड्डा सहित कॉन्ग्रेस पार्टी दावा कर रही है कि वाड्रा को क्लीन चिट मिल गई है। वहीं, जगदीश खट्टर की नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने इससे इनकार किया है।

हरियाणा पुलिस ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय को सूचित किया है कि रॉबर्ट वाड्रा की स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट डेवलपर डीएलएफ के बीच भूमि सौदे में संदिग्ध अनियमितताओं की जाँच के लिए इस साल विशेष जाँच दल (SIT) का पुनर्गठन किया गया है।

हलफनामे में कहा गया है कि आगे की जाँच के लिए 22 मार्च 2023 को एक नई SIT गठित की गई है। इसमें एक डीसीपी, दो एसीपी, एक इंस्पेक्टर और एक एएसआई शामिल हैं। पुलिस ने एक अन्य हलफनामे के माध्यम से कहा कि इस मामले से संबंधित पूरा रिकॉर्ड अभी तक संबंधित विभागों द्वारा प्रदान नहीं किया गया है।

पुलिस ने कहा कि स्थानीय प्राधिकरण ने नियमों के उल्लंघन की सूचना नहीं दी है, फिर भी डीसीपी, मानेसर, गुरुग्राम की देखरेख में मामले की जाँच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कुछ रिकॉर्ड की अभी पूरी तरह से जाँच किया जाना बाकी है।

पुलिस विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि मामले की अभी गहन जाँच की जा रही है। उन्होंने कहा, “एसआईटी की जाँच का फोकस राजस्व नुकसान तक ही सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य उन सभी लोगों को बेनकाब करना है जो कुछ व्यक्तियों को वित्तीय लाभ के लिए आपराधिक साजिश में शामिल हैं, और बदले में लेनदेन से जुड़े हैं।”

हाईकोर्ट को दिए अपने हलफनामे में पुलिस ने कहा, “तहसीलदार, मानेसर, गुरुग्राम द्वारा यह बताया गया कि स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने 18 सितंबर, 2019 को डीएलएफ यूनिवर्सल लिमिटेड को 3.5 एकड़ जमीन बेची और उक्त लेनदेन में किसी भी नियम / नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया है।”

इसमें आगे कहा गया है, “तहसीलदार, वज़ीराबाद, गुरुग्राम से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, यह स्पष्ट रूप से कहा गया था कि विचाराधीन भूमि डीएलएफ यूनिवर्सल लिमिटेड के नाम पर नहीं मिली है और भूमि अभी भी एचएसवीपी/एचएसआईआईडीसी, हरियाणा के नाम पर मौजूद है।”

हरियाणा पुलिस के मुताबिक, एसआईटी के रिमाइंडर के बावजूद रिकॉर्ड उपलब्ध कराने वाले कुछ अधिकारी जाँच में शामिल नहीं हुए हैं। साथ ही कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधितों को पत्र भेजे जा रहे हैं।

हलफनामे में मामले के संबंध में पुलिस विभाग को प्राप्त कई अभिलेखों का विवरण भी दिया गया है। पुलिस ने अदालत को बताया कि वजीराबाद गुरुग्राम में स्थित 350 एकड़ भूमि के बारे में विस्तृत जानकारी मांगने के लिए इस साल जनवरी में संपदा अधिकारी को भी सूचित किया गया था, जिसे 2010 में डीएलएफ रिटेल डेवलपर्स को हस्तांतरित किया गया था।

बता दें कि भूमि सौदा मामले में डीएलएफ रियल एस्टेट डेवलपर्स, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अन्य के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होने के पाँच साल बाद SIT का पुनर्गठन किया गया है। साल 2012 में 30.5 एकड़ भूमि के इस सौदे में हुड्डा, रॉबर्ट वाड्रा और अन्य पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश एवं अन्य अपराधों का आरोप लगाया गया है।

दरअसल, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय राज्य के सांसदों और विधायकों (वर्तमान या पूर्व) के खिलाफ आपराधिक मामलों के लंबित होने के संबंध में स्वत: संज्ञान लेकर मामले की सुनवाई कर रहा है। अदालत जाँच प्रक्रिया में तेजी लाने के साथ-साथ इनकी सुनवाई और निगरानी के संबंध में निर्देश जारी करती रही है। कोर्ट के आदेश के बाद सरकार की ओर से यही स्टेटस रिपोर्ट फाइल की गई है।

दरअसल, संबंधित अधिकारियों द्वारा SIT को पूरा विवरण अभी तक उपलब्ध नहीं कराने की जानकारी कोर्ट में दिए जाने को ही कॉन्ग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा क्लीन चिट बता रहे हैं। इसे हरियाणा सरकार ने जानबूझकर भ्रम फैलाने की कोशिश बताया है। मुख्यमंत्री के ओएसडी जवाहर यादव ने इसको लेकर ट्वीट भी किया।

अक्षय तृतीया पर लिए सात फेरे, अक्षय तृतीया पर ही तिरंगे में लिपटे घर आए देबाशीष बिस्वालः इफ्तारी के लिए फल लेकर लौट रहे थे बलिदानी

जम्मू-कश्मीर के पुंछ में गुरुवार (20 अप्रैल 2023) को इफ्तारी का सामान लेकर सांगियोटे गाँव लौट रहे पाँच सेना के जवान वाहन आग लगने के बाद बलिदान हो गए। ये आग आतंकवादी हमले के कारण गाड़ी में लगी। बलिदानियों में पंजाब के 4 जवानों के साथ एक ओडिशा के देबाशीष बिस्वाल भी थे। देबाशीष का पार्थिव शरीर शनिवार (22 अप्रैल 2023) को भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर आया।

इस दौरान देबाशीष की की पत्नी संगीता भी वहाँ मौजूद रहीं। ये संयोग बहुत अजीब था कि 2 साल पहले अक्षय तृतीया के दिन ही संगीता और देबाशीष की शादी हुई थी और अक्षय तृतीया पर ही उनका पार्थिव शरीर लौटकर भुवनेश्वर आया। दोनों की एक सात महीने की बेटी है जिसका चेहरा तक देबाशीष ने नहीं देखा था। माता-पिता कुछ कहने की अवस्था में नहीं हैं जबकि परिजनों को संगीता और उनकी नवजात बच्ची की चिंता है।

उन्हें श्रद्धांजलि देने भाजपा नेता संबित पात्रा भी भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर आए। उन्होंने कहा कि यह देश देबाशीष के सर्वोच्च बलिदान को सदैव श्रद्धापूर्वक याद करेगा।

गाँव को दिया था इफ्तारी का निमंत्रण

बता दें कि देबाशीष सेना की राष्ट्रीय राइफल्स ईकाई का हिस्सा थे। उनकी तैनाती जम्मू कश्मीर में थी। गुरुवार को वह इफ्तारी के फल लेकर लौट रहे थे क्योंकि सेना की ओर से पूरे गाँव को निमंत्रण दिया गया था। जानकारी के मुताबिक करीबन 4000 लोग उस दिन शाम 7 बजे होने वाली इफ्तारी में शिरकत करते। सेना ने इनके लिए अपने वाहन में बालाकोट के बसूनी के आरआर मुख्यालय से सामग्री ली थी, और भीमबेर गली क्षेत्र के रास्ते में उन्होंने गाड़ी में और सामान रखा था। लेकिन पुंछ और राजौरी के बीच रास्ते में आतंकी हमले के बाद यह घटना घट गई।

करीबन 3 बजे वाहन पर टोटा गली के पास आतंकी हमला हुआ। इस हमले से सेना के ट्रक में आग लग गई। जब अन्य जवानों और ग्रामीणों ने पास जाकर देखा तो पाँच जवानों वहाँ बलिदान हो चुके थे और छठे की हालत गंभीर थी। इस घटना के बाद उस गाँव के लोगों ने ईद न मनाने का फैसला किया जिन्हें उस दिन सेना ने इफ्तार पर बुलाया था। सरपंच बोले- क्या इफ्तार जब हमारे पाँच जवान ही हादसे में बलिदान हो गए।

काॅन्ग्रेस ने ‘असम की बेटी’ अंगकिता दत्ता को पार्टी से निकाला: यूथ काॅन्ग्रेस अध्यक्ष की बदजुबानी कर दी थी सार्वजनिक, लगाया था लैंगिक भेदभाव का आरोप

काॅन्ग्रेस ने डॉ. अंगकिता दत्ता (Angkita Dutta) को 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया है। पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने की बात कहते हुए उन पर कार्रवाई की गई है। इससे पहले असम काॅन्ग्रेस ने उन्हें शो काॅज नोटिस जारी किया था। असम प्रदेश यूथ काॅन्ग्रेस की अध्यक्ष रहीं अंगकिता ने यूथ काॅन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास (Srinivas BV) और  यूथ कॉन्ग्रेस के सेक्रेटरी इंचार्ज वर्धन यादव पर लैंगिक भेदभाव तथा बदजुबानी का आरोप लगाया था। कहा था कि राहुल गाँधी ने भी उनकी शिकायतों पर गौर नहीं किया और प्रताड़ना का सिलसिला चलता रहा।

अंगकिता दत्ता ने इस मामले में 19 अप्रैल 2023 को गुवाहाटी के दिसपुर पुलिस स्टेशन में श्रीनिवास के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने कहा था, “श्रीनिवास पिछले छह महीनों से उन्हें परेशान और प्रताड़ित कर रहे हैं। लैंगिक टिप्पणी करते हैं। अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से इसकी शिकायत करने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं।”

इस मामले में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का समर्थन मिलने के बाद काॅन्ग्रेस ने उन्हें पार्टी से निकाला है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार (21 अप्रैल 2023) को कहा था, “अंगकिता दत्ता असम की बेटी हैं। जिस तरीके से काॅन्ग्रेस इस मामले से निपट रही है, वह दुखद है। उन्हें लगता है कि अंगकिता ने गलत बयान दिया है और यूथ काॅन्ग्रेस अध्यक्ष सही हैं। मुझे खुशी होती यदि असम काॅन्ग्रेस उनका समर्थन करती। लेकिन जो दिख रहा है वो इसके बिल्कुल उलट है।”

उल्लेखनीय है कि अंगकिता के आरोपों के बाद काॅन्ग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनावों के लिए स्टार प्रचारकों की जो सूची जारी की थी, उसमें भी श्रीनिवास का नाम था। वहीं अंगकिता को अपने ट्विटर बाॅयो में ‘प्रताड़ित महिला अध्यक्ष’ लिखने के लिए मजबूर होना पड़ा था। 18 अप्रैल को अंगकिता ने राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी वाड्रा को टैग करते हुए एक के बाद एक कई ट्वीट किए थे। उन्होंने ट्विटर पर अपनी योग्यता और शिक्षा के बारे में जानकारी देने के बाद श्रीनिवास BV पर उत्पीड़न और बदजुबानी के आरोप लगाए थे। उन्होंने लिखा था, “मैंने गुवाहाटी यूनिवर्सिटी से PhD की डिग्री प्राप्त की। हम पार्टी के हित को ध्यान में रखते हुए चुप्पी साधे रहते हैं। लेकिन, श्रीनिवास द्वारा प्रताड़ना कम नहीं होती।” उन्होंने बताया है कि श्रीनिवास BV ने उन्हें कई बार प्रताड़ित किया है।

डॉ. अंगकिता दत्ता ने की मानें तो उन्होंने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान राहुल गाँधी को भी प्रताड़ना की जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंगकिता का आरोप है कि स्त्री होने के कारण उनके साथ भेदभाव हुआ। उनकी मानें तो पार्टी आलाकमान के सामने ही वे कई बार प्रताड़ना का शिकार हुई, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया। अंगकिता ने प्रियंका गाँधी से पूछा था कि लड़की हूँ लड़ सकती हँ के नारे का क्या हुआ? बकौल अंगकिता वे महीनों से शिकायतों पर एक्शन की उम्मीद कर रही थीं। अब उन्हें ही नोटिस थमा दिया गया है।

अतीक अहमद का ‘खौफ’ ऐसा प्रयागराज छोड़ मुंबई में बस गईं सोनिया गाँधी की रिश्तेदार, माफिया ने कब्जा ली थी जमीन; PMO तक को देना पड़ा था दखल

माफिया अतीक अहमद की हत्या के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी के एक नेता ने उसके लिए ‘भारत रत्न’ की माँग की है। वहीं, एक पुराने वीडियो में अतीक कॉन्ग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी की शान में कसीदे पढ़ता दिख रहा है। हालाँकि, एक वक्त ऐसा भी था जब कॉन्ग्रेस की पूर्व अध्यक्षा सोनिया गाँधी की रिश्तेदार की ही प्रॉपर्टी पर अतीक ने कब्ज़ा कर लिया था। बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को दखल देकर उसे मुक्त करवाना पड़ा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रयागराज के सिविल लाइन्स के एमजी मार्ग पर मौजूद पैलेस टाकीज सोनिया गाँधी के रिश्तेदार वीरा गाँधी की है। वह सोनिया गााँधी की ससुर फिरोज गाँधी की बहनोई के भतीजे की पत्नी हैं। साल 2007 में जब अतीक अहमद फूलपुर से समाजवादी पार्टी का सांसद था, तब उसके गुर्गों ने पैलेस टाकीज के पीछे की जमीन कब्ज़ा कर ली थी।

अतीक ने सबसे पहले पैलेस टॉकीज की बगल वाली जमीन को खरीदा और उसके बाद अपने गुर्गों की मदद से बगल वाली वीरा गाँधी की जमीन पर भी कब्जा कर लिया। टाकीज की पीछे वाली जमीन पर कब्जा करके उसने वहाँ ताला लगवा दिया था। इसके चलते टाकीज को बंद करना पड़ा था।

उस समय वीरा गाँधी ने स्थानीय प्रशासन ने अपनी जमीन को खाली करने की तमाम दरख्वास्त की, लेकिन अतीक के रुतबे के आगे वो सब नाकाफी रहीं। तत्कालीन SP सिटी प्रयागराज लालजी शुक्ला के मुताबिक, यह अतीक अहमद का एक प्रयोग था, जिसके बाद वह टाकीज पर भी कब्ज़ा जमा लेता। उन्होंने कहा उस प्रयोग के सफल होने पर अतीक अहमद वीरा गाँधी की शहर में मौजूद अन्य तमाम जमीनों को भी हथिया लेता।

उस समय केंद्र में कॉन्ग्रेस पार्टी की सरकार थी। मामले की उच्चस्तरीय शिकायत होने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय का दखल हुआ था। इसके बाद अतीक अहमद ने इस मामले से अपने हाथ पीछे खींचे थे। हालाँकि, वीरा गाँधी और उनके परिवार ने इस मामले में FIR नहीं दर्ज करवाया था। बाद में वह प्रयागराज छोड़कर मुंबई में बस गईं।

गौरतलब है कि 15 अप्रैल 2023 को अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज में हत्या कर दी गई थी। हत्या लवलेश, अरुण और सनी नाम के 3 शूटरों ने की थी। इनके हमले के दौरान अतीक और अशरफ पुलिस कस्टडी में काल्विन अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के लिए गए थे। तीनों हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसका 4 दिनों का रिमांड ले कर पूछताछ की जा रही है।

51 साल की हिरोइन को भेजते हैं प्राइवेट पार्ट की फोटो, बताया- रात में आते हैं गंदे मैसेज: काम नहीं मिलने पर बेच रहीं हैं साबुन

साउथ की टीवी एक्ट्रेस रहीं 51 साल की ऐश्वर्या भास्करन ने खुलासा किया है कि उन्हें पिछले कुछ दिनों से यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ लोग उनके नंबर का गलत इस्तेमाल करके उन्हें भद्दे-भद्दे मैसेज भेज रहे हैं। हाल में तो उन्हें एक शख्स ने अपने प्राइवेट पार्ट की ही फोटो भेज दी।

ऐश्वर्या भास्करन मुख्य रूप से मलयाली, तेलुगु और तमिल फिल्मों में काम करती थीं। कुछ समय से काम न मिलने की वजह से उन्होंने साल 2022 में साबुन बेचना शुरू कर दिया। वह अपना यूट्यूब चैनल ‘मल्टी मॉमी’ भी चलाती हैं। वहाँ वह अपने सोप के कारोबार और कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में बताती हैं।

भास्करन ने अपनी एक वीडियो में बताया कि बीते कुछ दिनों में उन्हें यौन उत्पीड़न झेलना पड़ा है। उन्होंने अपने बिजनेस के लिए अपना नंबर सोशल मीडिया पर डाला था ताकि ग्राहक उनके ऑनलाइन साबुन खरीद सकें। हालाँकि नंबर साझा करने के बाद उन्हें गंदे मैसेज आने लगे।

वीडियो में ऐश्वर्या ने बताया, “एक आदमी ने तो मुझे अपने प्राइवेट पार्ट की फोटो भेजी और कहा कि क्या वो साबुन पर्सनली आकर देख सकता है।” पूर्व एक्ट्रेस के मुताबिक उन्हें ऐसे मैसेज देखकर पैनिक अटैक आते हैं। वह बताती हैं कि अपनी बेटी से हिम्मत मिलने के बाद वह ऐसे मैसेजों के बारे में ऑनलाइन बता पा रही हैं। उन्होंने कहा कि वो मामले को अभी साइबर पुलिस तक लेकर नहीं गई हैं लेकिन अगर ये सब रुका नहीं तो वो शिकायत करेंगी।

उल्लेखनीय है कि ऐश्वर्या कई फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। इनमें प्रजा, बटरफ्लाइज, यजमान और हाउसफुल जैसी फिल्में शामिल हैं। ऐश्वर्या ने हिंदी सिनेमा में गर्दिश फिल्म के जरिए डेब्यू किया था। ये फिल्म 1993 में आई थी। आज ऐश्वर्या की उम्र 51 है। अपने करियर में उन्होंने कई बड़े फिल्मी सितारों के साथ काम किया लेकिन अब उन्हें काम मिलने में दिक्कत हो रही है और वह साबुन का बिजनेस करती हैं।

ट्यूशन पढ़ने निकली दलित लड़की, नहर में तैरती मिली लाश: रेप के बाद हत्या का दावा, बंगाल पुलिस पर शव को घसीटने का आरोप

पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर जिले के कलियागंज में कथित बलात्कार के बाद एक नाबालिग दलित लड़की की हत्या कर दी गई। इस घटना से आक्रोशित होकर लोग सड़कों पर उतर आए और उन पर पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। वहीं, NCPCR के प्रमुख ने घटनास्थल पर जाने की बात कही है।

कलियागंज में गुरुवार (20 अप्रैल 2023) की शाम को एक किशोरी ट्यूशन पढ़ने के लिए घर से निकली थी। रात होने के बावजूद वह अपने घर नहीं लौटी तो परिजन परेशान हो गए। उसके परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने किशोरी की पूरी रात तलाश की। जब उसका पता नहीं चला तो परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

इसी बीच अगले दिन नहर में एक किशोरी की लाश तैरती हुई लोगों ने देखा। इसके बाद लोगों ने उसकी पहचान लापता किशोरी के रूप में की। इस घटना के बाद इलाके लोग आक्रोशित हो गए और आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी की माँग को लेकर शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए लाठी चार्ज किया।

पुलिस अधिकारी का कहना है कि जब पुलिस की टीम लड़की का शव लेने के लिए पहुँची तो स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया। अधिकारी का कहना है कि गुस्साए लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव भी किया। इस दौरान वे सड़कों पर टायर जलाकर ट्रैफिक को पूरी तरह जाम कर दिया था।

पुलिस का कहना है कि भीड़ को काबू में करने के लिए लोगों पर लाठी चार्ज करना पड़ा और आँसू गैस के गोले दागे गए। पुलिस की इस कार्रवाई में कई लोगों के घायल होने की भी खबर है। पुलिस का कहना है कि वह मामले की जाँच कर ही है।

जिले के एसपी का कहना है कि मृतक के परिजनों द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। लाठी चार्ज और आँसू गैस के गोले दागने को लेकर उन्होंने कहा कि पीड़िता का शव जब्त कर जल्द-से-जल्द पोस्टमॉर्टम कराने के लिए ऐसा करना पड़ा, महत्वपूर्ण सबूत खो न जाएँ।

उधर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के प्रमुख प्रियंक कानूनगो ने कहा कि वे कालियागंज में नाबालिग के कथित बलात्कार और हत्या की सूचना मिलने के बाद जाँच के लिए जा रहे हैं। हमने इस घटना की जानकारी राज्य सरकार के मुख्य सचिव और उत्तर दिनाजपुर के कलेक्टर को दोपहर में दी, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।”

एक न्यूज का लिंक साझा करते हुए प्रियंक ने कहा, “पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर में जिस लड़की का सामूहिक बलात्कार और हत्या की गई उसके शव को इस तरह बेइज्जत करने का आरोप पुलिस पर लगा है। लड़कियों को न्याय, दोषियों को सज़ा मिले इस अध्ययन के लिए आज वहाँ जा रहा हूँ।”

इस घटना के बाद विपक्षी दल भाजपा राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर हमलावर है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में अराजकता का आरोप लगाया और अपराध के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पुलिस अगले महीने TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की प्रस्तावित यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था करने में व्यस्त है।

सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा विधायकों को पीड़ित परिवार से मिलने नहीं दे रही है। उन्होंने पुलिस पर सबूतों को मिटाने का भी आरोप लगाया। बता दें कि घटना को लेकर इलाके में तनाव व्याप्त है।