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हाथ में डंडे लेकर ईद पर बिना अनुमति निकाला जुलूस, हिन्दुओं ने रोका तो किया बवाल: हरिद्वार पुलिस ने गुलशाद, एहतेशाम समेत 50+ पर की FIR

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में ईद के मौके पर निकले जुलूस में अवैध तौर पर जुलूस में DJ बजाने को ले कर विवाद खड़ा हो गया। बताया जा रहा है कि बिना अनुमति निकला यह जुलूस बाजार तक पहुँच गया जिस से दो पक्षों में तनाव फ़ैल गया था। हालाँकि पुलिस ने फ़ौरन सक्रियता दिखाते हुए हालात को काबू किया और उपद्रवियों को तितर-बितर किया। गैरकानूनी तौर पर जुलूस निकाल कर माहौल को खराब करने की कोशिश करने वालों पर FIR दर्ज कर के कार्रवाई की जा रही है। घटना शनिवार (22 अप्रैल 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला हरिद्वार के थानाक्षेत्र झबरेड़ा का है। यहाँ साल 2007 में मुस्लिम समुदाय के एक कार्यक्रम के दौरान बवाल हुआ था। इस बवाल के शांत होने के बाद बाजार में किसी भी प्रकार के जुलूस की अनुमति प्रशासन द्वारा नहीं दी जाती है। इस बार के भी जुलूस के लिए जॉइंट मजिस्ट्रेट से भीम आर्मी के सदस्यों ने अनुमति माँगी थी जिसे नामंजूर कर दिया गया था। घटना के दिन झबरेड़ा के बूडढ़्पुरयान इलाके में ईद के मौके पर कुछ लोग जमा हुए। इन सभी ने बाकायदा DJ आदि लगा कर जुलूस निकाला। यह जुलूस थोड़ी ही देर में झबरेड़ा के मुख्य बाजार तक पहुँच गया। जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने डंडे भी ले रखे थे।

जुलूस की जानकारी जब हिन्दू संगठनों को हुई तो उन्होंने इसे कानून का उल्लंघन बताया। जुलूस समर्थकों और इसका विरोध कर रहे लोगों के बीच बहस भी होने लगी। इस बीच अवैध तौर पर जुलूस निकाले जाने की भनक स्थानीय प्रशासन को भी लग चुकी थी। थाना प्रभारी ने भारी फ़ोर्स के साथ जुलूस निकाल रहे लोगों को दौड़ाया। पुलिस की इस कार्रवाई से जुलूस में शामिल लोग तितर-बितर हो गए। DJ को जब्त कर लिया गया और मामले में जरूरी धाराओं में FIR दर्ज कर के आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई। इस जुलूस का मुख्य सूत्रधार भीम आर्मी को माना जा रहा है। हरिद्वार पुलिस ने भीम आर्मी नेताओं सहित 11 नामजदों और 40 से 50 अन्य अज्ञात लोगों को FIR में आरोपित किया है।

मामले में शिकायतकर्ता खुद पुलिस है। भीम आर्मी के नामजद आरोपितों के नाम इनामुल हक, एहतशाम, इखलाख, गुलशाद, दिलावर, आज़ाद, विकास, सौरभ और महक सिंह हैं। पुलिस द्वारा CCTV फुटेज सहित अन्य माध्यमों से कानून तोड़ने वालों की तलाश भी शुरू कर दी गई है। इन सभी पर IPC की धारा 143, 144 और 153 के तहत कार्रवाई हुई है। इसके साथ 83 पुलिस एक्ट के तहत DJ मालिक जगदीश कुमार का चालान किया गया है। DJ के साथ चल रहे वाहन टाटा 407 को भी मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सीज कर दिया गया है। हालात पूरी तरह से नियंत्रण में और जनजीवन सामान्य बताया गया है। एहतियातन पुलिस फ़ोर्स तैनात है।

मंदिर में घुसे मोहम्मद मोइउद्दीन ने देवी प्रतिमा के सामने उतारा पायजामा, परिसर में पेशाब किया: बिहार के मुजफ्फरपुर की घटना, पुलिस ने पकड़ा

बिहार के मुजफ्फरपुर में एक मंदिर को अपवित्र करने का मामला सामने आया है। ईद के दिन मोहमद मोइउद्दीन नाम के शख्स ने मंदिर में जाकर शर्मनाक हरकत की। वह मंदिर चप्पल पहने हुए घुस गया और देवी के सामने पायजामा खोलकर खड़ा हो गया और फिर मंदिर में पेशाब कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया है।

घटना मुजफ्फरपुर में नगर थाना के कल्याणी चौक पर स्थित हनुमान मंदिर का है। यहाँ एक साथ कई मंदिर स्थित हैं। शनिवार (22 अप्रैल 2023) को मोहमम्द मोइउद्दीन चप्पल-जूते पहनकर मंदिर में जबरन घुस गया। इस दौरान जब पुजारी ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने पुजारी के साथ मारपीट की।

इसके बाद वह देवी माँ की प्रतिमा के सामने अपना पायजामा खोलकर खड़ा हो गया। बाद में युवक ने पास वाले मंदिर में जाकर पेशाब कर दिया। इसको देखकर पुजारी हंगामा करने लगा। पुजारी की आवाज सुनकर भीड़ इकट्ठा होने लगी। इस दौरान मौका पाकर मोइउद्दीन वहाँ से भाग गया।

हालाँकि, गुस्साई भीड़ आरोपित के घर जा पहुँची और वहाँ 22 साल के मोइउद्दीन की जमकर पिटाई कर दी। घटना की जानकारी जैसे ही पुलिस को मिली वह मौके पर पहुँच गई और आरोपित को छुड़ाकर गिरफ्तार कर लिया। मोइउद्दीन कल्याणी बाड़ा दीवान रोड का रहने वाला है। लोगों की पिटाई से घायल होने के बाद उसका अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

लोगों का कहना है कि इस तरह की घिनौनी हरकत के दौरान वह महजबी नारे भी लगा रहा था। पुलिस ने मोहम्मद मोइउद्दीन को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी तक एक ही आरोपित के शामिल होने की बात सामने आई है। इस घटना के पीछे के उसके इरादे के बारे में भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

घटना के बाद इलाके में तनाव फैला हुआ है। हालात को देखते हुए पुलिस इलाके में गश्त कर रही है। तनाव को देखते हुए विशेष पुलिस टीम ने इलाके में फ्लैग मार्च भी निकाला और सामाजिक सौहार्द्र बिगाड़ने वालों पर कार्रवाई करने की बात कही है।

जंग के कारण लोग रोटी को मोहताज, टॉयलेट का पानी पीकर जीवित: हिंसाग्रस्त सूडान से सऊदी अरब ने भारतीयों को बचाया, विदेश मंत्री जयशंकर के कॉल के बाद एक्शन

उत्तरी अफ्रीकी देश सूडान में जारी हिंसा के बीच मोदी सरकार ऐक्शन में है। सऊदी अरब की सरकार से बातचीत के बाद वहाँ से कुछ भारतीयों को सऊदी अरब ने निकाला है। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सूडान से उसने न सिर्फ अपने नागरिकों निकाला, बल्कि सहयोगी एवं मित्र राष्ट्रों के कई नागरिकों को निकाला गया है।

सूडान में सत्ता पर कब्जा को लेकर सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच संघर्ष जारी है। ऐसे में वहाँ कई भारतीय भी फँसे हुए थे। इस बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सऊदी अरब के अपने समकक्ष से बात की और भारतीयों को वहाँ से निकालने में मदद माँगी। इसके बाद सऊदी अरब ने 66 लोगों को निकाला, जिनमें भारतीय भी शामिल हैं।

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा, “सऊदी नेतृत्व के निर्देशों के कार्यान्वयन में हम सूडान से निकाले गए नागरिकों, राजनयिकों और अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों सहित भाईचारे एवं मित्र देशों के कई नागरिकों के सुरक्षित आगमन की घोषणा करते हुए प्रसन्न हैं।”

बयान में आगे कहा गया है, “निकाले गए 91 लोगों में भाईचारे एवं मित्र देशों के 66 नागरिक शामिल हैं। इनमें भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, बुल्गारिया, कुवैत, कतर, यूएई, मिस्र, ट्यूनीशिया, फिलीपींस, कनाडा और बुर्किना फासो के नागरिक हैं। सऊदी अरब इन सभी को जरूरी सुविधाएँ उपलब्ध करा रहा है।”

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (21 अप्रैल 2023) को वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सूडान में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की थी। इस दौरान सूडान में स्थिति का आंकलन किया गया। भारतीय दूतावास के आधिकारिक रिकॉर्ड के हिसाब से वहाँ 181 भारतीय नागरिक हैं। हालाँकि, वहाँ 350 से ज्यादा भारतीयों के मौजूद होने की संभावना जताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सूडान में फँसे भारतीयों के पास खाना और पीने का पानी भी खत्म हो चुका है। वे भुखमरी के कगार पर पहुँच गए हैं। जिंदा रहने के लिए टॉयलेट का पानी पीने के लिए मजबूर हैं। ऊपर से उन्हें गोली का निशाना बनने का खतरा हमेशा बना रहता है। 

बात दें कि सूडान के सेना प्रमुख अब्देल फत्ताह अल-बुरहान और उनके डिप्टी मोहम्मद हमदान डागलो के लड़ाई तेज हो गई है। सेना (SAF) का नेतृत्व जनरल अब्देल फतह अल-बुरहान कर रहे हैं। वहीं, अर्द्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्स (RSF) का नेतृत्व डागालो कर रहे हैं।

SAF ने अक्टूबर 2021 में सूडान के निरंकुश तानाशाह उमर अल-बशीरका तख्तापलट कर दिया था। इसके बाद से सेना संप्रभुता परिषद के जरिए देश पर शासन कर रही है। वहीं, RSF सूडान में नागरिक सरकार स्थापित करना चाहता है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच जंग जारी है।

‘राम तो रहीम हैं’: ईद पर JDU नेता नीरज कुमार ने सरकारी आवास पर किया मोहम्म्द बोध का पाठ, कहा- 786 बार पढ़ने से मनोकामना पूरी होती है

जनता दल यूनाईटेड (JDU) के प्रवक्ता और बिहार सरकार में पूर्व मंत्री नीरज कुमार ने ईद के मौके पर मोहम्मद बोध का पाठ किया। यह पाठ उन्होंने सामूहिक तौर पर अपने सरकारी आवास पर शनिवार (22 अप्रैल 2023) को किया है। JDU प्रवक्ता ने राम को रहीम कहा। इस मौके पर नीरज ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोहम्म्द बोध पाठ के दौरान JDU के नीरज कुमार ने कहा कि वो भाजपा सरकार को आईना दिखा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि नाथ सम्प्रदाय से दीक्षित लोग रमज़ान के महीने में मोहम्मद बोध का पाठ करते हैं। 786 बार इसका पाठ करने से हर मनोकामना पूरी होती है। इस दौरान नीरज ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उदाहरण के तौर पर नाथ सम्प्रदाय से दीक्षित बताया। उन्होंने पूछा कि योगी आदित्यनाथ कुंडलधारी हैं लेकिन क्या भारतीय जनता पार्टी उनके कामों और आचरण से सहमत है ?

नीरज कुमार ने अपने मोहम्मद बोध पथ के दौरान माफिया अतीक अहमद की हत्या का भी जिक्र किया। तब उन्होंने आरोप लगाया कि अतीक अहमद ने कभी फूलपुर लोकसभा का चुनाव निर्दलीय लड़ कर भाजपा को जिताने में मदद की थी। कहावत में बदलाव करते हुए नीरज कुमार ने भाजपा के लिए ‘मुँह में राम बगल में बड़का उस्तरा’ का प्रयोग किया। नीरज ने साल 2008 की न्यूक्लियर डील में भाजपा द्वारा लिए गए सपा से समर्थन को भी अतीक अहमद से जोड़ा और कहा कि उस समय अतीक समाजवादी पार्टी का तात्कालिक सांसद था।

राम को रहीम बताते हुए नीरज ने अतीक अहमद को किसी धर्म से जोड़ने का विरोध करते हुए गुंडा को अपने ही धर्म के लोगों का दुश्मन बताया। इस दौरान उन्होंने अतीक अहमद को गोली मारे जाने की घटना का विरोध किया। योगी मॉडल और फेक मॉडल का भी नाम नीरज ने अपनी बयानबाजी में किया। खुद नीरज के साथ उनकी पार्टी के तमाम अन्य नेता भी मोहम्मद बोध का पाठ करने में मौजूद रहे।

गौरतलब है कि ईद के मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के गाँधी मैदान पहुँच कर ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान पूर्व इदैन कमेटी के सदर महमूद आलम ने मुख्यमंत्री को गुलदस्ता व साफा पेश किया।

‘यह गिरफ्तारी अंत नहीं… शुरुआत है’: 36 दिन बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा ‘भगोड़ा’ अमृतपाल; सरेंडर से पहले गुरुद्वारे में कराई संगत, फोटो-वीडियो आई

खालिस्तान समर्थक ‘पंजाब वारिस दे’ का चीफ अमृतपाल सिंह आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ ही गया। अमृतपाल के खुद सरेंडर करने की बात कही जा रही है। हालाँकि, पंजाब पुलिस का कहना है कि उसे मोगा से गिरफ्तार किया गया है। उसे असम के डिब्रूगढ़ जेल में शिफ्ट किया जाएगा।

अमृतपाल पिछले 36 दिनों से भागा-भागा फिर रहा था। उसे पकड़ने के लिए पंजाब पुलिस के साथ-साथ अन्य एजेंसियाँ कड़ी मशक्कत कर रही थीं। पंजाब पुलिस ने अमृतपाल को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तार किया है। पंजाब पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि वे फर्जी न्यूज ना फैलाएँ।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमृतपाल एक दिन पहले ही मोगा आ गया था। शनिवार को उसने यहाँ एक बड़ी सभा की और लोगों के बीच भाषण दिया। इसके बाद नाटकीय ढंग से पुलिस के सामने सरेंडर किया। कहा जा रहा है कि उसकी पत्नी किरणदीप कौर पर जब सुरक्षा एजेंसियों ने शिकंजा कसा तो वह टूट गया।

20 अप्रैल 2023 को किरणदीप कौर लंदन भागने की जुगत में थी। इस बीच उसे अमृतसर के श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर इमीग्रेशन के अधिकारियों ने रोक लिया था। इमीग्रेशन विभाग ने कहा था कि किरणदीप की पृष्ठभूमि और अमृतपाल से रिश्ते के कारण उसे रोका गया था। इसके बाद अधिकारियों ने उससे पूछताछ की थी।

जिस वक्त उसे गिरफ्तार किया गया, उस वक्त वह गुरुद्वारे में प्रवचन दे रहा था। गिरफ्तारी से पहले उसने कहा, “यह जरनैल सिंह भिंडरांवाले का जन्म स्थान है। उसी जगह पर हम अपना काम बढ़ा रहे हैं और अहम मोड़ पर खड़े हैं। एक महीने से जो कुछ हो रहा है, वे सब सभी ने देखा है।”

रिपोर्ट के मुताबिक, उसने आगे कहा, “अगर सिर्फ गिरफ्तारी की बात होती, तो गिरफ्तारी के बहुत तरीके थे। हम सहयोग करते। दुनिया की कचहरी में हम दोषी हो सकते हैं। सच्चे गुरु की कचहरी में नहीं। एक महीने बाद फैसला किया, इसी धरती पर लड़े हैं और लड़ेंगे। जो झूठे केस हैं, उनका सामना करेंगे। गिरफ्तारी अंत नहीं शुरुआत है।”

अमृतपाल अपने समर्थकों के साथ सरेंडर करना चाहता था। इसके लिए वह शनिवार रात को मोगा के रोडे गाँव पहुँचा था। इस संबंध में उसके करीबियों ने पंजाब पुलिस के अधिकारियों से संपर्क भी किया। इसके लिए रविवार चुना गया था।

इससे पहले अमृतपाल को लेकर कहा जा रहा था कि वह 14 अप्रैल 2023 को बैशाखी के दिन सरेंडर कर सकता है। हालाँकि, ऐसा नहीं हुआ। उसकी खोज में पंजाब पुलिस से लेकर केंद्रीय एजेंसियाँ और खुफिया एजेंसियाँ तक लगी हुई थीं। लगभग 20 हजार पुलिसकर्मी उसे पंजाब से लेकर पड़ोसी राज्यों तक खोज रहे थे।

अमृतपाल को असम के डिब्रूगढ़ में स्थानांतरित किया जा रहा है। वहाँ पहले से ही उसके 8 सहयोगी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में हैं। इनमें उसका खास सहयोगी पप्पनप्रीत सिंह भी शामिल है। मोगा जिले के रोडे गाँव में रविवार (23 अप्रैल 2023) की सुबह गिरफ्तार के दौरान अमृतपाल सफेद कुर्ता और भगवा पगड़ी में नजर आया। इसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं।

अमृतपाल पर थाने पर हमला करने से लेकर विभिन्न वर्गों के बीच वैमनस्य फैलाने, हत्या के प्रयास, पुलिसकर्मियों पर हमले और जनता द्वारा कर्तव्य के वैध निर्वहन में बाधा उत्पन्न करने से संबंधित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ जाँच में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के साथ भी उसके संबंध दिखे हैं।

महिलाओं को ईद के कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति नहीं: अफगानिस्तान में तालिबान का एक और फरमान, सर्वोच्च नेता के लिए दुआ करना अनिवार्य

अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार ने अब महिलाओं पर ईद के त्योहार में शामिल होने पर रोक लगा दी है। रिपोर्टों के अनुसार तालिबानी हुकूमत ने देश के बगलान और तखर प्रान्तों में महिलाओं के घर से निकलने पर पाबंदी लगा दी। पाबंदी लगाए जाने का कारण पुरुषों के साथ मेल जोल और हिजाब न पहनना बताया जा रहा है।

अफगानिस्तान की ‘खामा प्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, मुल्क के बगलान और तखर में महिलाओं के लिए सख्त आदेश जारी किए गए थे। इस आदेश के अनुसार, ईद-उल-फितर के दिन महिलाओं के समुह में बाहर निकलने पर मनाही थी। फरमान में यह भी कहा गया कि ईद की नमाज में तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबतुल्ला अखुंदजादा के लिए दुआ करना जरूरी है। हुकूमत की ओर से जारी फरमान की कॉपी को नातीक मलिकजादा नाम के एक फ्रीलांस पत्रकार ने ट्वीट किया है।

रिपोर्टों के अनुसार, तालिबानी हुकूमत ने अप्रैल की शुरुआत में अफगानिस्तान के हेरात में परिवारों और महिलाओं को बगीचों या बाहरी स्थानों पर भोजन करने से मना कर दिया था। अधिकारियों की मानें तो तालिबान द्वारा लगाए जा रहे इन प्रतिबंधों का कारण महिलाओं और पुरुषों का मेल जोल और महिलाओं का हिजाब न पहनना है।

साल 2021 में तालिबान अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज हुआ था। इसके बाद से ही देश में महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन शुरू हुआ। दुनिया भर में निंदा के बावजूद अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार आए दिन महिलाओं के खिलाफ नए-नए पाबंदियों वाले फरमान जारी करती रहती है। अफगानिस्तान में छठी कक्षा के बाद लड़कियों की उच्च शिक्षा पर प्रतिबंध लगा हुआ है।

इसके अलावा देश में महिलाओं के संयुक्त राष्ट्र (UN) के लिए काम करने पर भी मनाही है। महिलाओं के सार्वजनिक स्थानों पर भी काम करने की मनाही है। महिलाएँ का बिना किसी पुरुष के घर से निकलना सख्त मना है। घर से बाहर सर से लेकर पाँव तक ढँका रहना भी जरूरी है। आए दिन तालिबानी फरमानों की विश्व बिरादरी आलोचना करता रहता है।

बिस्तर पर सो रही थी 18 माह की मासूम: मुँह में दबा कर उठा ले गए कुत्ते, नोच-नोच कर मार डाला

देश भर में कुत्तों के हमले की घटनाएँ बढ़ती जा रहीं हैं। हालिया मामला आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम का है। यहाँ कुत्तों के हमले में 18 महीने की बच्ची की मौत हो गई। कुत्तों के हमले के समय बच्ची घर में अकेली थी। घटना शुक्रवार (21 अप्रैल 2023) शाम की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला श्रीकाकुलम जिले के जी सिगदम मंडल के मेट्टावलसा का है। यहाँ, 18 माह की बच्ची अपने घर के भीतर बिस्तर पर लेटी हुई थी। इसी दौरान कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। कुत्ते उसे मुँह पर दबाकर पास में स्थित एक बगीचे में ले गए। बगीचे में ही कई कुत्तों ने मिलकर बच्ची को बुरी तरह नोच खाया।

इस घटना के बाद जब बच्ची की माँ घर लौटी तो उसने देखा कि बच्ची घर पर नहीं है। इसके बाद उन्होंने आस-पड़ोस में पूछताछ की। पूछताछ के बाद भी जब बच्ची का पता नहीं चला तो उन्होंने आसपास के इलाके में ढूँढ़ना शुरू किया। इस पर उन्हें एक बगीचे में बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। मौके पर देखा तो कुत्तों के हमले से बच्ची बुरी तरह घायल हो चुकी थी। आनन-फानन में घरवाले बच्ची को लेकर हॉस्पिटल पहुँचे। जहाँ डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।

कुत्तों के हमले से मॉर्निंग वॉक करने गए व्यक्ति की हुई थी मौत

बता दें कि उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में कुत्तों के हमले में सफदर अली नामक व्यक्ति की मौत हो गई थी। रविवार (16 अप्रैल 2023) की सुबह करीब 6:30 बजे यूनिवर्सिटी के पार्क में मॉर्निंग वॉक करने गया था। जहाँ कुत्तों के एक झुंड ने उस पर हमला कर दिया। हमले के बाद वह गिर गया। इसके बाद कुत्तों ने उसके हाथ, पैर और पेट व अन्य अंगों को नोंचकर घायल कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई। घटना का वीडियो भी सामने आया था।

सफदर अली रोज की तरह पार्क में घूमने आया था। इसी दौरान कुत्तों के हमले से यह घटना हो गई। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के गार्ड ने उसके शव को देखकर पुलिस को सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुँचकर जाँच शुरू की। जाँच के दौरान आसपास के CCTV खँगालने के बाद मामले की सच्चाई सामने आई।

‘ईद का दिन, लेकिन कहीं सड़क पर नमाज नहीं हुआ’: CM योगी का साफ़ सन्देश – यहाँ कानून सबके लिए बराबर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि ईद मनाई जा रही है, नमाज पढ़े जा रहे हैं लेकिन कहीं भी सड़क जाम नहीं किया गया। ईद की नमाज सड़कों पर नहीं मस्जिद में पढ़ी जा रही है क्योंकि सबको मालूम है कि यहाँ कानून का राज है। अब प्रदेश में दंगे नहीं होते। यूपी की कानून व्यवस्था दूसरे राज्यों के लिए उदाहरण बन गई है।

सीएम योगी राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्षों के दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करने पहुँचे थे। सम्मेलन लखनऊ के सिग्नेचर बिल्डिंग में आयोजित किया गया है। इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि पहले राज्य में राजनीतिक संक्रमण था। जिसकी वजह से राज्य को माफियाओं ने जकड़ रखा था। पहले राज्य लोक सेवा व चयन आयोग की भर्ती नहीं हो पाती थी। भाई भतीजा वाद व जाति वाद हावी था।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “वर्ष 2017 में जब मैंने राज्य की कमान संभाली थी तो उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, उच्चतर शिक्षा चयन आयोग और माध्यमिक शिक्षा चयन आयोग से जुड़ी परीक्षाओं में शिकायतों की ढेर लगी हुई थी। भर्ती की कई प्रक्रियाओं में न्यायालय का स्टे लगा हुआ था। मैंने अधिकारियों से भर्ती प्रक्रिया में जरूरी सुधार और पारदर्शीता लाने के लिए कहा। अब राज्य में पारदर्शी तरीके से भर्ती होती है।”

मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन के दौरान राज्य के कानून व्यवस्था पर भी बात की। उन्होंने कहा पहले उपद्रव होते थे अब उत्सव होते हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा, “आज ईद है, ईद की नमाज पढ़ी जा रही है लेकिन कहीं भी सड़क पर नमाज नहीं हो रही। कोई आवागमन बंद नहीं है क्योंकि सभी को मालूम है कि यहाँ कानून का राज है और ये सब के लिए समान है।” सीएम योगी ने कहा कि कानून व्यवस्था में सुधार का ही नतीजा है कि दुनिया भर के निवेशक यूपी में निवेश के लिए आकर्षित हो रहे हैं।

तिरंगे से मांस साफ करता था मोहम्मद सैफ कुरैशी, वीडियो वायरल होने के बाद हुआ गिरफ्तार: जानिए क्या है राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग के नियम-कानून

राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का अपमान करने के मामले में पुलिस ने मोहम्मद सैफ कुरैशी नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। मामला दादरा एवं नगर हवेली का है। आरोपित अपनी दुकान में तिरंगे से माँस की सफाई कर रहा था। गिरफ्तारी शुक्रवार (21 अप्रैल, 2023) को हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला दादरा एवं नगर हवेली के सिलवासा जिले के बाविसा फलिया का है। यहाँ मोहम्मद सैफ कुरैशी की चिकन शॉप नामक माँस की दुकान थी। इस दुकान में वह तिरंगे से माँस की सफाई करता था। घटना का वीडियो भी सामने आया था। वीडियो के सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के साथ ही आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की माँग की जा रही थी।

इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपित मोहम्मद सैफ कुरैशी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। जहाँ से कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है। फिलहाल, नगर पालिका ने इस दुकान को सील कर दिया है। दुकान के मालिक की पहचान हाशिम कुरैशी के रूप में हुई।

भारतीय ध्वज संहिता-2002

राष्ट्रीय ध्वज किसी भी देश के लिए गर्व की बात है। राष्ट्रीय ध्वज को फहराने व इसका उपयोग करने तथा क्षतिग्रस्त होने पर इसे नष्ट करने के लिए भारतीय ध्वज संहिता-2002 के तहत निर्धारित नियमों का पालन करना होता है। ध्वज संहिता के अनुसार, फटे या क्षतिग्रस्त राष्ट्रीय ध्वज को नष्ट करने के दो तरीके हैं। पहला इसे दफनाना और दूसरा जलाना। दोनों ही तरीकों में निर्धारित सभी नियमों का पालन करना जरूरी है।

भारतीय ध्वज संहिता 2002 के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज को दफनाने के लिए, लकड़ी के बॉक्स में क्षतिग्रस्त झंडे को इकट्ठे करने के बाद उसे मोड़ कर ठीक ढंग से रखना चाहिए। इसके बाद बॉक्स को जमीन में दफनाया जाना चाहिए। ध्वज दफन होने के बाद कुछ समय के लिए मौन रखना होता है। वहीं, एक अन्य तरीका अग्नि संस्कार है। इसके लिए एक सुरक्षित स्थान पर साफ सफाई करने के बाद वहाँ आग जलाना होता है।

इसके बाद झंडे को अच्छी तरह से मोड़ कर उसे आग के मध्य में रखना होता है। गौरतलब है कि यदि राष्ट्रीय ध्वज को बिना मोड़े जलाया जाता है तो इसे एक आपराधिक कृत्य माना जाता है। इसके अलावा, किसी भी अन्य तरीके से राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करना अपराध है।

कश्मीर के मार्तण्ड सूर्य मंदिर में ईद पर फोड़े गए पटाखे, हिन्दुओं के पूजा करने पर पुरातत्व विभाग ने जताई थी आपत्ति: ‘हैदर’ फिल्म में इसे बताया था ‘शैतान की गुफा’

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में स्थित मार्तण्ड सूर्य मंदिर में ईद पर पटाखे फोड़ने का मामला सामने आया है। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कई लड़के पटाखे जलाते हुए देखे जा सकते हैं। याद हो कि ये वही मंदिर है, जिसके अब सिर्फ अवशेष बचे हुए हैं और विशाल भरद्वाज की फिल्म ‘हैदर’ में इसे ‘शैतान की गुफा’ बता कर इसे बदनाम किया गया था।

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि लड़के मंदिर में उछल-कूद मचा रहे हैं। इसी दौरान कुछ लड़के पटाखे फोड़ते हुए भी देखे जा सकते हैं। इनमें से एक लड़का सफेद कपड़े में दिखाई दे रहा है। उसके सिर में टोपी भी देखी जा सकती है। इससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि मंदिर में पटाखे फोड़ने वाले लोग इस्लामवादी हैं।

बता दें कि मार्तण्ड सूर्य मंदिर देश के गिने-चुने सूर्य मंदिरों में से एक है। इस मंदिर को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने संरक्षित स्मारक घोषित किया है। यही नहीं, इस मंदिर में हिंदुओं के पूजा करने पर पुरातत्व विभाग आपत्ति तक जता चुका है। वहीं ईद पर पटाखे फोड़ने की घटना सामने आने के बाद एएसआई ने अब तक किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं दी है।

ललितादित्य मुक्तापीड ने करवाया था भव्य मंदिर का निर्माण

कश्मीर में एक बहुत ही पराक्रमी राजा हुआ थे जिनका नाम था ललितादित्य मुक्तापीड। कहा जाता है कि मार्तण्ड सूर्य मंदिर का निर्माण उन्होंने ही करवाया था। उनका तो सन् 761 में निधन हो गया और उनके बाद उनके वंश के अधिकतर राजा दुर्बल साबित हुए, लेकिन ये मंदिर लोगों को अपने प्रिय राजा की याद दिलाता रहा। मार्तण्ड सूर्य मंदिर की भव्यता की तुलना विजयनगर सम्राज्य की राजधानी हम्पी से होती रही है। अफ़सोस ये कि इस्लामी आक्रांताओं की बर्बरता के कारण हम्पी के भी अब सिर्फ अवशेष ही बचे हैं। वो शहर, जिसकी तुलना तब के रोम से होती थी।

उस समय भारत, ईरान और मध्य एशिया के कई क्षेत्रों में करकोटा वंश के ललितादित्य मुक्तापीड का शासन फैला हुआ था। भले ही इस मंदिर का भव्य निर्माण उन्होंने कराया हो, इससे जुड़ी कथा महाभारत में पांडवों तक जाती है। मार्तण्ड सूर्य मंदिर के आसपास कुल 84 अन्य छोटे-छोटे मंदिर हुआ करते थे, जिनके आज सिर्फ अवशेष ही बचे हैं। ओडिशा के कोणार्क और गुजरात के मोढेरा की तरफ मार्तण्ड सूर्य मंदिर का स्थान भी देश में उच्चतम था।

15वीं शताब्दी की शुरुआत में इस्लामी आक्रांताओं ने इसे जड़ से मिटाने की ठान ली और इसे अवशेषों में बदल दिया। एक पूरी की पूरी फ़ौज को इस मंदिर को तोड़ने में पूरे एक साल लग गए, जिससे इसकी मजबूती का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। इससे तीन किलोमीटर की दूरी पर ही मट्टन में शिव मंदिर स्थित है, जहाँ आज भी पूजा-पाठ होता है। यहाँ एक जल के कुंड के भीतर ही शिवलिंग स्थित है। श्रद्धालु वहाँ आज भी दर्शन के लिए जाते हैं।

अनंतनाग शहर से पूर्व दिशा में इसकी दूरी 3 किलोमीटर है और ये जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से 64 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ये एक किस्म के पठार पर स्थित है। उस समय इसकी कलाकृतियाँ देख कर लोग अचंभे से भर जाते थे। सिकंदर शाह मीरी ने उनमें से कई मंदिरों को ध्वस्त कर के उन्हीं ईंट-पत्थरों का इस्तेमाल कर मस्जिदें बनवाई। उसने इसकी जड़ों को खोदना शुरू किया और उनमें से पत्थर निकाल कर लकड़ियाँ भर देता था। इसके बाद उन लकड़ियों में वो आग लगवा देता था। इस तरह उसने मार्तंड सूर्य मंदिर को ध्वस्त कर डाला।

ये भी जानने लायक बात है कि इस मंदिर को नष्ट करने की सलाह उसे एक ‘सूफी फकीर’, जिसे आजकल ‘सूफी संत’ भी कहते हैं, उसने दी थी। उसका नाम था – मीर मुहम्मद हमदानी। वो कश्मीर के समाज को इस्लामी बनाना चाहता था। वो इलाके में ब्राह्मणों के वर्चस्व को तोड़ कर सारी संपदा हथियाना चाहता था। इसके बाद कई भूकंप भी आए, जिनमें मंदिर को क्षति पहुँची। जिस पठार पर इसे बनाया गया था, वहाँ से तब अधिकतर कश्मीर घाटी को देखा जा सकता था।