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‘जिस जज ने राहुल गाँधी को सज़ा सुनाई, सत्ता में आने पर उसकी जीभ काट डालेंगे’: कॉन्ग्रेस नेता ने सरेआम किया ऐलान

तमिलनाडु में कॉन्ग्रेस पार्टी के एक नेता ने ऐलान किया कि सत्ता में आते ही उस जज की जीभ काट ली जाएगी जिन्होंने राहुल गाँधी को 2 साल की सजा सुनाई थी। धमकी देने वाले कॉन्ग्रेस नेता की पहचान मणिकंदन के तौर पर हुई है। पुलिस ने कॉन्ग्रेस नेता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। कॉन्ग्रेस नेता का यह वीडियो 6 अप्रैल, 2023 का बताया जा रहा है।

तमिलनाडु के डिंडीगुल में कॉन्ग्रेस की एससी/एसटी विंग की तरफ से राहुल गाँधी को अयोग्य ठहराने के खिलाफ प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। इस प्रदर्शन में कॉन्ग्रेस पार्टी जिला प्रमुख मणिकंदन भी शामिल हुए। सड़क पर उन्होंने स्थानीय भाषा में लोगों को संबोधित भी किया। इसी संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि सूरत की अदालत ने हमारे नेता (राहुल गाँधी) को दो साल की सजा सुनाई। उन्होंने कहा, “सुनिए जस्टिस एच वर्मा जब कॉन्ग्रेस सत्ता में आएगी तो हम आपकी जीभ काट देंगे।”

डिंडीगुल पुलिस ने मणिकंदन के खिलाफ आईपीसी की धारा 153बी समेत तीन धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच की जा रही है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने धमकी से संबंधित एक वीडियो भी जारी किया है। इसमें कॉन्ग्रेस नेताओं और वर्कर्स को हाथ में कॉन्ग्रेस का झंडा व बैनर लेकर प्रदर्शन करते देखा जा सकता है। कुछ लोग भी जमा हुए हैं जिन्हें मणिकंदन संबोधित कर रहे हैं।

बता दें कि मोदी सरनेम पर आपत्तिजनक बयानबाजी करने के मामले में 23 मार्च, 2023 को सूरत की जिला अदालत ने राहुल गाँधी को दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद उन्हें जमानत भी दे दी गई। उन्हें ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए 30 दिनों का समय दिया गया था। इस बीच राहुल गाँधी की संसद सदस्यता भी चली गई थी और उनसे सरकारी बंगला भी खाली करा लिया गया था।

होटल वाले ने तेज प्रताप यादव का सामान निकाल फेंका, रात भर सड़क पर घूमते रहे मंत्री: शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जाँच

लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और बिहार सरकार में मंत्री तेज प्रताप यादव को आधी रात के समय वाराणसी के एक होटल से निकाल दिया गया। मामला शुक्रवार (07 अप्रैल 2023) की देर रात का है। बताया जा रहा है कि तेज प्रताप व्यक्तिगत दौरे पर वाराणसी पहुँचे थे। अब तेज प्रताप के सहायक मिशान सिन्हा ने वाराणशी के सिगरा थाने में होटल प्रबंधन के खिलाफ दुर्व्यवहार का मामला दर्ज कराया है।

दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार वाराणसी दौरे पर पहुँचे तेज प्रताप ने अरकेडिया होटल में कमरा बुक किया हुआ था। रात में वह घूमने के लिए वाराणसी के अस्सी घाट पहुँचे। कथिततौर पर जब वे होटल लौटे तो उनका सामान कमरे में न होकर रिसेप्शन पर रखा हुआ था। आरोप है कि होटल कर्मचारियों ने बिना किसी सूचना के तेज प्रताप की सुरक्षा में तैनात जवानों के कमरे से सारा सामान बाहर निकाल दिया।

शिकायत में कहा गया है कि सीसीटीवी कैमरे को देखने के बाद पता चला है कि होटल के लोग तेज प्रताप के कमरे में भी गए थे। उनका सामान भी बाहर निकाला गया था। जब तेज प्रताप होटल पहुँचे तो उन्होंने अपना सामान रिसेप्शन पर देखा। इससे वे आग बबूला हो गए। पुलिस का कहना है कि उन्हें तेज प्रताप के सहायक की तरफ से लिखित शिकायत मिली है। पुलिस मामले में होटल प्रबंधन का पक्ष जानने की कोशिश कर रही है।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक होटल प्रबंधन का कहना है कि उनकी बुकिंग 7 अप्रैल रात 12 बजे तक के लिए ही थी। उसके बाद कमरा दूसरे व्यक्ति के नाम पर बुक था। इसलिए उन्हें मजबूरन सामान निकालना पड़ा। सामान बाहर देख नाराज तेज प्रताप आधी रात को ही होटल से जाने लगे। हंगामे के बाद मौके पर पहुँची पुलिस और होटल प्रबंधन के लोगों ने तेज प्रताप को मनाने की कोशिश की। तेज प्रताप नाराज होकर निकल गए।

दलित महिला से बलात्कार, एसिड से जला कर हत्या: सुकर खान ने पड़ोसन के साथ की हैवानियत, 4 बच्चों की माँ थी मृतका

राजस्थान के बाड़मेर में एक दलित महिला का रेप करने के बाद हत्या कर दिए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता की हत्या एसिड से जला कर हुई है। लगभग 30 साल उम्र के आरोपित का नाम सुकर खान है जो महिला का पड़ोसी बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। घटना गुरुवार (6 अप्रैल, 2023) की है। मृतका के घर वालों ने 1 करोड़ रुपए और बच्चों के लिए सरकारी नौकरी की माँग की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला बाड़मेर के बालोतरा कस्बे का है। पीड़िता की उम्र 45 साल की है जो सुकर खान के पड़ोस में अपने परिवार के साथ रहती थी। महिला के पति ने पुलिस में शिकायत देते हुए बताया कि गुरुवार को वह काम करने के लिए बालोतरा गया था। घटना के दौरान पीड़िता के बच्चे भी स्कूल गए थे। एक पड़ोसन के हवाले से पीड़िता के पति ने आगे बताया कि दोपहर के 2 बजे सुकर खान उनके घर में घुसा। तब पीड़िता घर में अकेली थी। घर में घुस कर सुकर ने पीड़िता से रेप किया।

शिकायत में आगे बताया गया है कि रेप के दौरान पीड़िता के चीखने-चिल्लाने की आवाज पड़ोस में गई। एक पड़ोसन मदद के लिए घर में घुसी तब सुकर ने उसे भी धक्का दे दिया। बचाने आई महिला जमीन में गिर गई तब सुकर खान ने अपने साथ लाया गया एसिड पीड़िता के ऊपर उड़ेल दिया। एसिड के तौर पर बोतल में थिनर होने की आशंका जताई जा रही है जिसमें आरोपित द्वारा आग भी लगा दी गई।। एसिड के हमले में पीड़िता बुरी तरह से झुलस गई। महिला के पति को पड़ोसन द्वारा घटना की जानकारी फोन पर दी गई। इस हरकत के बाद आरोपित सुकर खान भाग निकला।

शिकायत कॉपी में मृतका के पति ने पीड़िता के अंतिम बयान का जिक्र किया है। तब पीड़िता ने अपने पति से बताया था, “मुल्जिम सुकर खान मुझे अकेली देख कर अपनी ढाणी में आया था व मेरे साथ गलत हरकत करते हुए मुझे ढाणी में बने हुए कमरे में जबरदस्ती पकड़ कर अंदर ले गया। मुझे गिरा कर मेरे पहना हुआ घाघरा व चड्डी उतार कर मेरे नग्न कर के अपने खुद के पहने हुए कपड़े उतार कर मेरे साथ खोटा काम मेरी इच्छा के विरुद्ध किया।” ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

पीड़िता के पति ने अपनी पत्नी को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया जहाँ से उसे जोधपुर रेफर कर दिया गया। आखिरकार आपसी सलाह कर के पीड़िता के परिजन इलाज के लिए बालोतरा के ही एक निजी अस्पताल में ले गए जहाँ उनकी मौत हो गई है। शुक्रवार को यह केस थाना पचपदरा में दर्ज हुआ। आरोपित सुकर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जाँच की जा रही है। पीड़िता के पक्ष में तमाम लोगों ने थाने पर हंगामा भी किया।

मृतका 2 बच्चियों और 2 बच्चों की माँ थी। आरोपित पर IPC की धारा 450, 376 (1), 326- A के साथ SC/ST एक्ट में केस दर्ज हुआ है। पीड़िता की मौत के बाद अब इस केस में सुकर खान पर धाराएँ बढ़ाई जा सकती हैं। ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़िता के पति ने बताया कि उनके परिवार को 1 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद के साथ बच्चे को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने सुकर खान पर कड़ी कार्रवाई की भी माँग की।

इजरायल में 2 आतंकी हमले: 45 साल के यूसुफ अबू जाबिर ने कार से लोगों को रौंदा, फिलिस्तीनी की गोलीबारी में भी 2 बहनों की मौत

इस्लामी मुल्कों से घिरे इजरायल में हुए आतंकी हमले में तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि 8 से अधिक लोग घायल हैं। शुक्रवार (7 अप्रैल 2023) की शाम को तेल अवीव में हुए हमले में इटली के एक नागरिक की मौत हो गई है। वहीं, इजरायल के अधिकार वाले वेस्ट बैंक में हुए आतंकी हमले में दो बहनों की मौत हो गई है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को तेल अवीव के भीड़भाड़ वाले इलाके में एक कार लोगों को रौंदती हुई निकल गई। इसमें 35 वर्षीय एक इतालवी नागरिक की मौत हो गई। मृतक की पहचान एलेक्जेंड्रो परिनी के रूप में हुई है। वह इटली की राजधानी रोम में वकील था। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इस हमले की निंदा की है।

हमलावर की पहचान 45 साल के यूसुफ अबू जाबिर के रूप में हुई है। वह कफ़र कासेम शहर का रहने वाला है और अरबी मूल का इजरायली नागरिक है। जाबिर ने लोगों को निशाना बनाकर फायरिंग करने के लिए हथियार निकालने की भी कोशिश की। जाबिर के परिजनों से पूछताछ के लिए एजेंसियाँ उसके घर तक गई थीं।

वहीं वेस्ट बैंक में फिलिस्तीन की ओर से अंधाधुन फायरिंग की गई, जिसमें एक कार में सवार दो बहनों की मौत गोली लगने से हो गई। वहीं, उनकी माँ गंभीर रूप से घायल हैं और जीवन-मौत से जूझ रही हैं। दोनों बहने इजरायली मूल की ब्रिटिश नागरिक थीं। मृतक बहनों की उम्र 16 साल और 20 साल थी। 

मुस्लिमों के लिए पवित्र रमजान के इस महीने में हुए आतंकी हमले में कुल तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि 8 से अधिक लोग घायल हैं। इस आतंकी हमले की अमेरिका, इटली, ब्रिटेन सहित दुनिया भर के देशों ने निंदा की है।

अमेरिका ने कहा, “अमेरिका आज के आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा करता है। आज के भयानक हमलों में तीन मारे गए और कम से कम आठ अन्य घायल हुए। इससे इजरायल, इटली और यूनाइटेड किंगडम के नागरिक प्रभावित हुए हैं। किसी भी राष्ट्रीयता के निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना निंदनीय है।”

वहीं, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पुलिस को सभी आरक्षित सीमा पुलिस इकाइयों को जुटाने के लिए निर्देश दिया है और IDF (इज़राइल रक्षा बलों) को निर्देश दिया है कि वे आतंकवादी हमलों का सामना करने के लिए अतिरिक्त बल जुटाएँ।” इन आतंकी हमलों के सभी पीड़ित पर्यटक हैं।

बता दें कि यरुशलम स्थित अल अक्सा मस्जिद में दंगों को रोकने के लिए इजरायल सुरक्षा एजेंसियों के घुसने पर तनाव बढ़ गया था। इसके बाद गाजा स्थित आतंकी संगठन हमास और लेबनान स्थित आतंकी संगठन हिजबुल्लाह की और से इजरायल पर रॉकेट से कई हमले किए गए।

इसके जवाब में इजरायल ने गाजा पट्टी में एयरस्ट्राइक करके हमास के मोर्चे को तबाह कर दिया। लेबनान में भी हमले किए गए। अब फिलिस्तीन ने उसके जवाब में ताजा आतंकी हमला किा है। हाल ही में गाजा से 25 और लेबनान से 34 रॉकेट इजरायल पर दागे गए थे।

हवा में उड़ रहे विमान का खोलने लगा गेट, एयरपोर्ट पर हुआ सुरक्षा बलों के हवाले: इंडिगो की फ्लाइट में नशेड़ी की करतूत से खतरे में आए यात्री

दिल्ली से बेंगलुरु जा रहे इंडिगो एयरलाइन्स के विमान में एक यात्री द्वारा नशे में हंगामा करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि यात्री ने हवा में उड़ रहे विमान का इमरजेंसी गेट खोलने का भी प्रयास किया। जब लोगों ने ऐसा करने से रोका तब आरोपित उनसे भी भिड़ गया। फिलहाल लैंडिंग के बाद आरोपित को सुरक्षा बलों के हवाले कर दिया गया जो फ़िलहाल हिरासत में है। घटना शुक्रवार (7 अप्रैल 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शुक्रवार को इंडिगो एयरलाइन्स की फ्लाइट संख्या 6E 360 ने दिल्ली से बेंगलुरु के लिए उड़ान भरी। इसी विमान में 40 वर्षीय यात्री प्रतीक भी बैठा था। मूल रूप से कानपुर का रहने वाला प्रतीक बेंगलुरु की एक ई कॉमर्स कम्पनी में बतौर मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव काम करता है। आरोप है कि प्रतीक ने नशा किया था। विमान के टेक ऑफ करने के कुछ ही समय बाद प्रतीक अन्य यात्रियों से उलझने लगा। कुछ ही देर में उसने उड़ रहे जहाज की इमरजेंसी लैंडिंग के लिए बने दरवाजे को भी खोलने का प्रयास किया। जैसे-तैसे प्रतीक को काबू किया गया।

आरोपित की हरकतों के बारे में एयरपोर्ट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को पहले ही सूचित किया जा चुका था। फ्लाइट के बेंगलुरु में लैंड होने के बाद आरोपित को सुरक्षा बलों ने कस्टडी में ले लिया। प्रतीक पर IPC की धारा 336, 290, 11 A के साथ विमान अधिनियम की धारा 1934 के तहत FIR दर्ज हुई है। इसमें लोगों के जीवन को खतरे में डालना, सार्वजनिक उपद्रव और जानबूझ कर गैर कानूनी काम करने जैसे आरोप शामिल हैं। हालाँकि अभी तक प्रतीक की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इस मामले पर इंडिगो के प्रवक्ता ने कहा कि सुरक्षा मानकों पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। एयरलाइन के मुताबिक आरोपित की हरकत के बाद क्रू मेंबर्स द्वारा यात्रियों को अलर्ट किया गया था और विमान के कैप्टन को भी संदेश भेज दिया गया था। गौरतलब है कि 4 मार्च, 2023 को ही न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही अमेरिकन फ्लाइट में यात्री ने शराब के नशे में पेशाब कर दिया था। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज किया था।

MP के मिशनरी स्कूल में ‘तिलक-कलावे’ पर प्रतिबंध: NCPCR जाँच करने पहुँचा तो लैब में मिला ‘मानव भ्रूण’, प्रिंसिपल बोली- ये तो प्लास्टिक का है

मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना (Bina, Sagar, Madhya Pradesh) में ईसाई मिशनरी द्वारा संचालित निर्मल ज्योति कान्वेंट स्कूल की प्रयोगशाला में मानव भ्रूण मिलने पर बवाल हो गया है। पुलिस ने इस भ्रूण को जब्त कर जाँच के लिए कहा है। इसका खुलासा मध्य प्रदेश बाल संरक्षण आयोग की जाँच में हुआ है।

यह मानव भ्रूण कहाँ कहाँ से आया और कितना पुराना है, इसका जवाब स्कूल के पास नहीं है। इस संबंध में जब बाल आयोग के सदस्यों ने स्कूल की प्राचार्या से पूछा तो वह भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। पुलिस सोमवार (10 अप्रैल 2023) को भ्रूण जाँच के लिए एफएसएल को भेजेगी।

दरअसल, स्कूल का फीस जमा नहीं करने पर प्राचार्य ने एक छात्र को स्कूल से निष्कासित कर दिया था। कहा जा रहा है कि ईसाई मान्यताओं को नहीं मानने के कारण उस पर अधिक फीस लगाया गया था। हालाँकि, छात्र के परिजन ने इसे देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद छात्र को निष्कासित कर दिया गया था।

स्कूल द्वारा निष्कासित करने बाद छात्र के परिजनों ने इस संबंध में 3 फरवरी 2023 को पुलिस प्रशासन से शिकायत की। इसके साथ ही इसकी शिकायत मध्य प्रदेश बाल संरक्षण आयोग से भी शिकायत की गई थी। बच्चे के पिता राकेश कुशवाहा का कहना था कि उनका बच्चा 10 में पढ़ता है और उसे स्कूल नहीं जाने दिया जा रहा है।

ऑर्गनाइजर के अनुसार, कई छात्रों का आरोप है कि स्कूल में ईसाई धर्म की मान्यताओं का पालन करने के लिए मजबूर किया जाता था। उन्हें स्कूल में तिलक और कलावा नहीं लगाने दिया जाता था। जो भी छात्र इसे पहनकर आते थे, उन्हें स्कूल निलंबित कर देता था। इसके लिए उन्होंने स्कूल के शिक्षिका डोमनिका मैडम और सिस्टर ग्रेस पर आरोप लगाया था।

राकेश कुशवाहा की शिकायत के बाद बाल संरक्षण आयोग के सदस्य ओमकार सिंह और निवेदिता शर्मा गुरूवार (6 अप्रैल 2023) को स्कूल की जाँच के लिए बीना पहुँचे। आयोग के सदस्यों ने स्कूल का रजिस्टर चेक किया और स्कूल का निरीक्षण भी शुरू किया। प्रयोगशाला में निरीक्षण के दौरान आयोग के सदस्यों को एक जार में मानव भ्रूण रखा हुआ मिला।

आयोग के सदस्यों ने जब इसके बारे में पूछताछ की तो प्राचार्य सही जानकारी नहीं दे पाई। प्राचार्य ने इसे प्लास्टिक से बना हुआ कृत्रिम भ्रूण बताया। जब आयोग ने पूछा कि प्लास्टिक के भ्रूण को संरक्षित क्यों किया गया है, तब प्राचार्य सही जवाब नहीं दे पाई। यह मानव भ्रूण लगभग दो महीने पुराना है।

इस दौरान आयोग के सदस्यों ने यह भी पाया कि स्कूल के परिसर में ही गेस्ट रूम बना हुआ है। जब आयोग के सदस्य वहाँ जाने लगे तो उन्हें रोक दिया गया। आयोग के सदस्यों का कहना है कि स्कूल के परिसर में गेस्ट रूम नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, स्कूल की प्रयोगशाला में कई जीवों के नमूने रखे हुए हैं, जो सही ढंग से संरक्षित नहीं करने के कारण सड़ गए हैं।

आयोग के सदस्यों ने यह भी पाया कि स्कूल के सभी स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया गया है। इसके साथ ही स्कूल की जमीन का डायवर्सन अन्य व्यवसाय के लिए कराया गया था। यह नियम के खिलाफ है। स्कूल छात्रों पर फीस को लेकर भारी दबाव बनाता रहता है, जिसके कारण वे मानसिक रूप से दबाव महसूस करते हैं।

असम में PFI से जुड़े 3 संदिग्ध गिरफ्तार: संगठन पर बैन लगने के बाद SDPI में हुए शामिल, वॉट्सऐप के जरिए फैला रहे थे कट्टरपंथ

असम पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) से जुड़े सदस्यों पर बड़ी कार्रवाई की है। इस एक्शन के दौरान PFI और उसकी छात्र शाखा CFI (कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया) से जुड़े 3 सक्रिय संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों के नाम ज़ाकिर हुसैन, अबू समा और शाहिदुल इस्लाम हैं। आरोपितों के पास कैश और कुछ दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। यह कार्रवाई शनिवार (8 अप्रैल 2023) की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कार्रवाई असम के बारपेटा जिले में हुई है। गिरफ्तार किए गए 2 आरोपितों में PFI के राज्य सचिव ज़ाकिर हुसैन और अबू सामा हैं जबकि तीसरा आरोपित CFI का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष शाहिदुल इस्लाम है। असम पुलिस के ADGP (SB) हिरेन नाथ के मुताबिक इन सभी के पास से पुलिस को डेढ़ लाख रुपए (150000), 4 मोबाइल फोन और SDPI के पर्चे बरामद हुए हैं। गिरफ्तार आरोपितों से पुलिस की पूछताछ जारी है।

अब SDPI से जुड़ गए हैं PFI वाले

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि PFI पर बैन लगने के बाद उसके तमाम सदस्य SDPI से जुड़ गए हैं। बताया यह जा रहा है कि कर्नाटक में अभी भी PFI मेंबर SDPI से जुड़ कर काफी एक्टिव हैं और वो वॉट्सऐप ग्रुपों के माध्यम से अपनी चरमपंथी सोच का प्रचार कर रहे हैं। इतना ही नहीं PFI के वही सदस्य अब राजनैतिक जमीन पर भी उतरने की तैयारी कर रहे हैं।

इंडिया टुडे ने चाँद पाशा, मुनीब आदि लोगों का स्टिंग भी प्रकाशित किया है। दावा किया गया है कि ये सभी लोग अलग-अलग प्रत्याशियों के प्रचार में जुटे हुए हैं।

पाकिस्तान सहित 155 देशों की नदियों-समुद्रों के जल से रामलला का होगा जलाभिषेक: अयोध्या में CM योगी करेंगे पूजा, जानिए तारीख

वैश्विक हिंदू एकता के संकेत के रूप में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) 155 विभिन्न देशों की नदियों के जल से अयोध्या में राजा रामचंद्र का ‘जलाभिषेक’ करेंगे। यह समारोह 23 अप्रैल 2023 को भगवान राम के जन्म के उपलक्ष्य में आयोजित किया जाएगा।

समारोह की तैयारियाँ जोरों पर हैं और प्रशासन 155 अलग-अलग देशों की नदियों से पानी इकट्ठा कर रहा है। इन नदियों के पानी को एक विशेष कंटेनरों में एकत्र किया जाता है। इसके बाद इस जल से रामलला का वैदिक मंत्रोच्चार से जलाभिषेक किया जाएगा।

बता दें कि राममंदिर के पहले फेज का काम खत्म करने की समय सीमा दिसंबर 2023 है। यह काम लगभग पूरा होने वाला है। कहा जा रहा है कि दिसंबर 2023 में मंदिर का काम पूरा होने के बाद जनवरी 2024 में मकर संक्राति के दिन मंदिर के गर्भगृह में रामलला को प्रतिष्ठित किया जाएगा।

जलाभिषेक समारोह धार्मिक आयोजन होने के साथ-साथ शांति, सद्भाव और वैश्विक हिंदू एकता को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे दुनिया भर के लोगों को समावेशी और भाईचारे का एक शक्तिशाली संदेश भेजने की उम्मीद है।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय के अनुसार, योगी आदित्यनाथ 23 अप्रैल को अयोध्या के मनीराम दास छावनी सभागार में भाजपा नेता विजय जॉली के नेतृत्व वाली टीम से कलश प्राप्त करेंगे। इसमें 155 विभिन्न देशों की नदियों का पानी है। इस दौरान सभागार में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ ‘जल कलश’ की पूजा करेंगे।

इस कलश में पाकिस्तान की रावी नदी समेत 155 देशों की नदियों का पानी शामिल होगा। चंपत राय ने कहा कि पाकिस्तान से हिंदू रावी नदी का पानी दिल्ली लाने से पहले दुबई भेजा गया। इसके बाद वहाँ से भारत लाया गया। पाकिस्तान के अलावा तिब्बत, चीन, सूरीनाम, यूक्रेन, रूस, कजाकिस्तान, कनाडा आदि देशों की नदियों से भी पानी लाया गया है।

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के लिए नदियों और समुद्रों से जल एकत्र करने की पहल दिल्ली स्थित एक गैर-सरकारी संगठन, दिल्ली स्टडी ग्रुप द्वारा की गई थी। दिल्ली के पूर्व भाजपा विधायक विजय जॉली संगठन के अध्यक्ष हैं। जॉली ने कहा कि उन्हें स्वर्गीय अशोक सिंघल और पीएम मोदी से दुनिया भर से पानी इकट्ठा करने और भगवान राम का जलाभिषेक करने की प्रेरणा मिली थी।

राम मंदिर आंदोलन की गोरक्षपीठ ने की थी अगुवाई

बताते चलें कि योगी आदित्यनाथ यूपी के मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ राम मंदिर के लिए लगभग 200 वर्षों से लड़ाई लड़ने वाले गोरखपुर स्थित गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर भी हैं। नाथ संप्रदाय ने इस लड़ाई को पूरी तन्मयता से साथ लड़ी। गोरक्षपीठ और योगी आदित्यनाथ भगवान राम के प्रति गहरी आस्था के लिए जाने जाते हैं।

सन 1855 से 1885 तक गोरक्षनाथ पीठ के पीठाधीश्वर रहे महंत गोपालनाथ महाराज ने 1850 से 60 के बीच राम जन्मभूमि विवाद लगभग हल करने की ओर थे। क्रांतिकारी अमीर अली और आंदोलन में सक्रिय रहे बाबा रामचरण दास को साथ लेकर विवाद हल करने की पहल शुरू की। अमीर अली जन्मभूमि हिंदुओं को सौंप देना चाहते थे।

अंग्रेजों को जब इसके बारे में पता चला तो उन्होंने इस विवाद को बनाए रखने के लिए दोनों को फाँसी दे दिया। इसके बाद आगे चलकर नाथ पंथ के ही योगीराज बाबा गंभीर नाथ और ब्रह्मनाथ जी महाराज ने भी राममंदिर विवाद को सुलझाकर राम मंदिर बनाने की कोशिश की।

साल 1935 से 1969 तक गोरखनाथ मंदिर के मठाधीश रहे महंत दिग्विजय नाथ को राम मंदिर निर्माण आंदोलन का सूत्रधार कहा जाता है। 23 सितंबर 1949 को बाबरी ढाँचे के नीचे जब रामलला की मूर्ति प्रकट हुई थी, उस दौरान महंत दिग्विजय नाथ साधु संतों के साथ भजन कीर्तन कर रहे थे।

मंहत दिग्विजय नाथ के परमधाम जाने के उनके शिष्य और पीठ के महंत अवैद्यनाथ ने कमान संभाली। उनकी अगुवाई में 1984 में राम जन्मभूमि न्यास का गठन हुआ था। महंत अवैद्यनाथ न्यास के पहले अध्यक्ष चुने गए। महंत अवैद्यनाथ के ब्रह्मलीन होने के बाद आंदोलन की कमान योगी आदित्यनाथ के हाथों में आ गई। 

घरों पर फेंका जाता है खून, गली में अवैध मस्जिद-मदरसे बन रहे: दावा- दिल्ली के ब्रह्मपुरी में हिन्दू पलायन को मजबूर, अमित शाह को पत्र लिखा

दिल्ली में साल 2020 के हिन्दू विरोधी दंगों के शिकार रहे ब्रह्मपुरी के हिन्दुओं ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने नमाज़ और मदरसे के नाम पर गली में बाहरी मुस्लिमों के जमावड़े की शिकायत की है। पीड़ितों ने खुद को घरों से बाहर निकलने में भी दिक्कत बताते हुए पलायन को मजबूर होने की आशंका जताई है। बुधवार (5 अप्रैल 2023) को भेजे गए इस पत्र में आरोपित के रूप में खासतौर पर अब्दुल रफीक का नाम लिखा गया है।

इस शिकायती पत्र में शिकायतकर्ता के तौर पर शीशपाल तिवारी हैं। उनके साथ इस चिट्ठी पर ब्रह्मपुरी के ही कई अन्य लोगों के भी दस्तखत हैं। चिट्ठी में विषय के तौर पर हिन्दुओं को भगाने के लिए गैरकानूनी मस्जिद और मदरसों को बनाने का जिक्र किया गया है। रफीक के खिलाफ साल 2018 में दिल्ली पुलिस के DCP द्वारा कराए गए समझौते को तोड़ने का भी आरोप है। इस समझौते में सिर्फ गली के लोगों को नमाज़ पढ़ने की अनुमित दी गई थी लेकिन शिकायत के अनुसार अब वहाँ बाहरी लोग नमाज़ पढ़ने पहुँच रहे हैं।

शिकायतकर्ताओ ने इसे जानबूझ कर की जा रही हरकत बताया है। उनका कहना है कि हिन्दू परिवारों का घर से बाहर निकलना भारी पड़ रहा है जिस से वो घर छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं। शिकायत में आगे बताया गया है कि गली नंबर 8 ले मकान C-76/4,में साल 2017-2018 में हिन्दुओ को भगाने के लिए मस्जिद व मदरसों का निर्माण शुरू किया गया था। इस निर्माण का हिन्दू समाज ने काफी विरोध किया था। तब स्थानीय प्रशासन ने साल 2018 में दोनों समुदायों को बुला कर आपसी समझौता लिखित करवा दिया था। शिकायतकर्ताओं ने इस समझौते की कॉपी भी अटैच की है। सुदर्शन न्यूज़ के पत्रकार सागर कुमार ने इस पत्र को शेयर किया है।

शीशपाल तिवारी व अन्य लोगों के मुताबिक उनके घरों में आरोपितों द्वारा खून तक डाल दिया जाता है। तब इसकी शिकायत न्यू उस्मानपुर थाने में की जाती है। नए आरोप में गली के निवासियों ने कहा है कि मास्टरमइंड अब्दुल रफीक 2018 में पुलिस द्वारा कराए समझौते का उल्लंघन कर रहा है। रफीक पर बाहरी लोगों को बुला कर गली में नमाज़ पढ़वाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं ने रफीक की इस हरकत के पीछे हिन्दुओं को पलायन करवाने की साजिश की आशंका जताई है।

नमाज़ के नाम पर जुटने वाले बाहरी लोगों में कई असामाजिक तत्व होने की भी शिकायत की गई है। साथ ही गली में एक नए मदरसे के निर्माण की तैयारी की तरफ भी इशारा किया गया है। अंत में अब्दुल रफीक और उसके साथियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की गई। इस कार्रवाई को अपने पलायन रोकने के लिए बेहद जरूरी बताया गया है। पत्र की प्रतियाँ केंद्रीय गृहमंत्रालय के साथ दिल्ली के उपराज्यपाल, पुलिस कमिश्नर, इलाके के SHO, ACP और DCP को भी भेजी गईं हैं। पत्र में ACP सीलमपुर की मुहर भी लगी है और तारीख 5 अप्रैल 2023 की है।

8-10 साल से चल रही ये साजिश

ऑपइंडिया ने इस शिकायत की पुष्टि के लिए शिकायतकर्ता रामनाविवास शर्मा से बात की। उन्होने पत्र भेजने की पुष्टि करते हुए बताया कि नमाज़ के नाम पर उन्हें और गली वालों को कुछ मुस्लिमों द्वारा काफी परेशान किया जा रहा है। शर्मा ने आरोप लगाया कि गली में जगह बदल-बदल कर नमाज़ पढ़ी जा रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

ऑपइंडिया ने इस मामले पर हुई कार्रवाई आदि की जानकारी के लिए दिल्ली पुलिस के DCP नार्थ ईस्ट को सम्पर्क किया तो एक बार उनका फोन व्यस्त बताया और दूसरी बार उन्होंने कॉल नहीं उठाई। ACP सीलमपुर का ऑफिसियल नंबर स्विच ऑफ बताया। मामले में पुलिस का वर्जन आने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।

‘अडानी को बाहरी संस्थाएँ बना रहीं निशाना’: NCP प्रमुख शरद पवार ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर उठाए सवाल, कॉन्ग्रेस को कहा- इस मुद्दे पर संसद ठप करना ठीक नहीं

NCP सुप्रीमो शरद पवार ने शुक्रवार (7 अप्रैल 2023) को कॉन्ग्रेस को जबरदस्त झटका दिया है। उन्होंने कहा कि अडानी समूह को अज्ञात संस्थाओं द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। दरअसल, कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी के नेतृत्व में विपक्षी दल अडानी ग्रुप के खिलाफ संयुक्त संसदीय समिति (JPC) जाँच की लगातार माँग करते आ रहे हैं।

अडानी समूह के टीवी चैनल NDTV को दिए इंटरव्यू में शरद पवार ने शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट पर JPC की माँग पर अपनी असहमति जताई। उन्होंने कहा कि वह इस मामले पर कॉन्ग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष द्वारा संसद को ठप करने से सहमत नहीं हैं।

JPC की माँग को लेकर उन्होंने कहा, “इस मुद्दे को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया गया। जो मुद्दे उठाए गए, किसने उठाए? इनके (हिंडनबर्ग) बारे में हमने कभी नहीं सुना। उनकी पृष्ठभूमि क्या है? जब वे ऐसे मुद्दे उठाते हैं जो पूरे देश में हंगामा खड़ा कर देते हैं तो इसकी कीमत देश की अर्थव्यवस्था को चुकानी पड़ती है। इन बातों को नज़रअंदाज नहीं कर सकते। ऐसा लगता है कि यह निशाना बनाया गया था।”

पवार की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, “ये NCP के अपने विचार हो सकते हैं, लेकिन 19 समान विचारधारा वाले विपक्षी दल मानते हैं कि पीएम से जुड़ा अडानी समूह का मुद्दा वास्तविक और बहुत गंभीर है। सभी विपक्षी दल संविधान और लोकतंत्र को भाजपा से बचाने तथा उसके विभाजनकारी और विनाशकारी राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक एजेंडे को हराने में साथ रहेंगे।

वहीं, तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने ट्वीट कर कहा, “अडानी के स्वामित्व वाला चैनल अडानी के दोस्तों का साक्षात्कार कर रहा है, ताकि हमें बताया जा सके कि उन्हें कैसे निशाना बनाया जा रहा है। भारतीय मीडिया ज़िंदाबाद — आप वास्तव में एक दुर्लभ प्रजाति हैं! संयोग से टीएमसी ने अडानी मुद्दे की जेपीसी जाँच की कॉन्ग्रेस की माँग का समर्थन नहीं किया है।”

वहीं, भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने कहा, “एक विदेशी शॉर्ट-सेलर द्वारा लेबल किए गए आरोपों के कारण एक भारतीय कॉर्पोरेट की जाँच नहीं की जा सकती। जो पार्टियाँ देश की प्रशासनिक और वाणिज्यिक व्यवस्था से अवगत हैं, वे सच्चाई जानती हैं और वे अपनी बात रख रही हैं।”

बता दें कि अमेरिकी शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में अडानी समूह पर कई आरोप लगाए हैं। इनमें मनी लॉन्ड्रिंग, अनऑथोराइज्ड ट्रेडिंग, वित्तीय गड़बड़ी, भारी-भरकम लोन सहित कई गंभीर आरोप हैं। हिंडेनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अडानी समूह ने मॉरीशस और कैरेबियन द्वीप समूह जैसे टैक्स हेवन में संस्थाओं का उपयोग करके अपनी कंपनियों की सूचीबद्ध शेयरों को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया। 

इन आरोपों के बाद से कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी अडानी समूह के खिलाफ मुद्दा उठाते रहे हैं। इस मामले को लेकर न्यायालय ने जाँच का आदेश दे रखा है। इसके बावजूद राहुल गाँधी संयुक्त संसदीय समिति (JPC) जाँच की लगातार माँग कर रहे हैं। बताते चलें कि हिंडनबर्ग के स्वयं का इतिहास भी काला है। उस पर अमेरिका में जाँच हो रही है।