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‘मुस्लिमों शासकों की बुराई मत करना, मंदिरों का विध्वंस नहीं पढ़ाना’: कम्युनिस्टों ने किताबों से साफ करवाई इस्लामी बर्बरता, आज फिर ‘मुगल प्रेम’ में हो रहे दुबले

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्यसभा सांसद बिनय विश्वम (Binoy Viswam) ने केंद्र सरकार को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में में उन्होंने नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) की किताबों से मुगलों के बारे में जानकारी हटाने को लेकर चिंता व्यक्त की है।

मोदी सरकार को लिखे अपने पत्र में बिनय विश्वम ने कहा है कि एनसीईआरटी की किताबों में भारी बदलाव किए जा रहे हैं। इस तरह के बदलाव के जरिए भारतीय इतिहास के कुछ समय की जानकारी विलुप्त करने की कोशिश की जा रही है। विश्वम ने सरकार पर इतिहास, राजनीतिक व्यवस्था और समाज को बिगाड़ने तथा सांप्रदायीकरण करने का आरोप लगाया। 

उन्होंने कहा है, “दिल्ली सल्तनत, मुगल साम्राज्य और उस समय के साहित्य और वास्तुकला से संबंधित सामग्री को हटाना और कम करना प्रथम दृष्टया सांप्रदायिक रूप से पक्षपाती प्रतीत होता है। सामाजिक आंदोलनों से जुड़ी जानकारियाँ भी काफी हद तक हटाई गई हैं।”

नहीं हटाया गया मुगलों का इतिहास

सबसे पहली बात तो यह है कि NCERT की किताबों से मुगलों से जुड़े अध्यायों को हटाया नहीं गया है। ऑपइंडिया ने एनसीईआरटी की किताबों को लेकर शुरू हुए विवाद से जुड़े झूठ का भंडाफोड़ करने की कोशिश की है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि NCERT ने अपनी किताबों खासतौर से 12वीं कक्षा की इतिहास की किताब में संशोधन किया है और मुगल साम्राज्य से जुड़े कुछ अध्यायों को हटाया गया है। अफवाह बढ़ने के बाद, एनसीईआरटी के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने मीडिया द्वारा किए जा रहे दावों का खंडन किया है।

एनसीईआरटी के निदेशक सकलानी ने एएनआई से हुई बातचीत में कहा है कि मुगलों पर जो अध्याय थे उन्हें हटाया नहीं गया है। जिन चीजों का किताब में बार-बार जिक्र था या फालतू थे सिर्फ उन्हें हटाया गया है। कोरोना वायरस महामारी के चलते बच्चों पर अधिक बोझ न बढ़े इसलिए यह फैसला लिया गया। उन्होंने यह भी कहा है कि जो लोग इस मुद्दे को फालतू में उठा रहे हैं उन्हें NCERT की वेबसाइट पर जाकर इसकी जाँच करनी चाहिए।

CPM सरकार ने किताबों से ‘मुगलों की सच्चाई’ हटाने का दिया था आदेश…

विडंबना यह है कि सीपीएम नेता आज कथित तौर पर मुगलों का इतिहास हटाने को लेकर हो-हल्ला कर रहे हैं। लेकिन इसी सीपीएम पार्टी ने पश्चिम बंगाल की सत्ता में रहते हुए मुगलों द्वारा हिंदुओं पर किए गए अत्याचारों की घटनाओं को किताबों से हटवा दिया था। इसके लिए सरकार ने साल 1989 में एक आदेश जारी किया था। इस आदेश में मुगलों द्वारा हिंदुओं पर किए गए अत्याचारों की घटनाओं को ‘विवादित’ बताते हुए हटाने के लिए कहा गया था।

इस आदेश में साफ तौर पर लिखा हुआ था, “मुस्लिम शासन की कभी भी आलोचना नहीं होनी चाहिए। मुस्लिम शासकों और आक्रमणकारियों द्वारा किए गए मंदिरों के विनाश का भी उल्लेख नहीं किया जाना चाहिए।”

(फोटो साभार:’फंडामेंटलिज्म इन द कंटेम्परेरी वर्ल्ड: क्रिटिकल सोशल एंड पॉलिटिकल इश्यूज’ पेज नंबर-273)

लेखक संतोष सी साहा ने अपनी पुस्तक ‘फंडामेंटलिज्म इन द कंटेम्परेरी वर्ल्ड: क्रिटिकल सोशल एंड पॉलिटिकल इश्यूज’ में बताया है कि पश्चिम बंगाल की सत्ता में बैठी तत्कालीन कम्युनिस्ट सरकार ने साल 1989 में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (28 अप्रैल 1989) को एक आदेश जारी किया था।

इस्लामवादियों ने किया हिंदुओं पर अत्याचार

इस्लामवादियों द्वारा हिंदुओं पर किए गए अत्याचारों को किताबों से हटाने के इस तरह के उपायों के जरिए कोशिश यह थी कि बड़े होकर हिंदुओं को यह पता चलेगा कि मुगलों और अंग्रेजों के आने से पहले भारत में कुछ भी ठीक नहीं था। यही नहीं, यह भी दिखाने की कोशिश की जाती है कि इस्लामिक आक्रांताओं ने इस देश में कुछ भी गलत नहीं किया है।

वास्तव में, मुस्लिमों द्वारा भारत के इतिहास को लेकर जो लिखा गया है उससे भी यह पता चलता है कि इस्लामवादी शासकों ने हिंदुओं पर जमकर अत्याचार किया और जबरन इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर किया। इतिहास की कई किताबों में न केवल इस्लामवादी शासकों के अत्याचार की घटनाओं को हटाया गया बल्कि इन आक्रांताओं का महिमामंडन भी किया गया।

वास्तव में मध्यकालीन इतिहास केवल मुगलकालीन इतिहास ही है। स्कूल का पाठ्यक्रम इस तरह से तैयार किया गया है जैसे कि यह बताने की कोशिश की गई हो कि भारत में हर बड़ा और अच्छा काम मुगलों ने ही किया है। हालाँकि सच्चाई यह है कि धर्मांतरण से लेकर, मंदिरों को तोड़ने, महिलाओं पर अत्याचार और बलात्कार से लेकर सभी प्रकार के व्यभिचार मुगल काल में चरम पर थे।

‘काॅन्ग्रेस ने बिना टेंडर अडानी को दिया था बंदरगाह’: निर्मला सीतारमण ने राहुल गाँधी को याद दिलाई करनी, कहा- झूठ बोलने और माफी माँगने की उन्हें आदत

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा है कि राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) अडानी का नाम लेकर भाजपा पर आरोप लगाते हैं, लेकिन सच यह है कि कॉन्ग्रेस ने बिना किसी टेंडर के विझिंगम बंदरगाह अडानी को दिया था। सीतारमण ने कहा है कि भाजपा ने अडानी को कभी अनुचित लाभ नहीं दिया। राहुल गाँधी प्रधानमंत्री पर झूठे आरोप लगाकर बार-बार अपराध कर रहे हैं।

सीतारमण ने गुरुवार (6 अप्रैल 2023) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कहा, “राहुल गाँधी को लगता है कि अडानी को सभी चीजें दे दी गई हैं। यह सच नहीं है। सच्चाई यह है कि कॉन्ग्रेस ने थाली में सजाकर विझिंगम बंदरगाह अडानी को दे दिया था। यह किसी टेंडर के आधार पर नहीं दिया गया। अब वहाँ कॉन्ग्रेस की सरकार नहीं, बल्कि सीपीएम की सरकार है। उन्हें इस बारे में सवाल पूछने और केरल सरकार से उस आदेश को रद्द करने की माँग करने से किसने रोक रखा है?”

निर्मला सीतारमण ने आगे कहा, “मैं यह भी कहना चाहती हूँ कि राहुल गाँधी प्रधानमंत्री पर निराधार आरोप लगाकर बार-बार अपराध कर रहे हैं। राहुल गाँधी ने साल 2019 में भी ऐसा ही किया था। अब फिर से वही सब कर रहे हैं।”

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा है, “साल 2013 में जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह विदेश में थे तब राहुल गाँधी ने एक अध्यादेश को बकवास बताते हुए फाड़ दिया था और उसे कूड़ेदान में फेंक दिया था। राजस्थान में भी अडानी को पूरा सोलर पावर प्रोजेक्ट दे दिया गया। राहुल गाँधी सोलर प्रोजेक्ट को रद्द करने से कौन रोक रहा है? वह मोदी-अडानी भाई-भाई चिल्लाते हैं, राजस्थान में ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं?”

सीतारमण ने राहुल गाँधी पर हमला बोलते हुए कहा, “वह छत्तीसगढ़ में भी ऐसा क्यों नहीं कह पा रहे हैं? अगर साठ-गाँठ वाला पूँजीवाद कहीं हो रहा है तो यह सिर्फ कॉन्ग्रेस की सत्ता वाले राज्यों में ही हो रहा है। इस पर राहुल गाँधी एक शब्द भी नहीं बोलेंगे। अगर वह प्रधानमंत्री पर आरोप लगा रहे हैं तो वे जाएँ और अपनी ही सरकारों के आदेशों को रद्द करें।”

वित्त मंत्री ने कहा है कि पहले तो वे झूठे आरोप लगाते हैं फिर उसे 100 बार दोहराते हैं। इसके बाद भगवान से प्रार्थना कर इसका लाभ उठाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि साल 2019 में राफेल को लेकर प्रधानमंत्री पर दिए गए अपने बयानों के लिए राहुल गाँधी को सुप्रीम कोर्ट में माफी माँगनी पड़ी थी।

निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि राफेल पर माफी माँगने से पहले राहुल गाँधी को आरएसएस के खिलाफ गलत बयानबाजी करने के लिए लिखित में माफी माँगनी पड़ी थी। उन्होंने कहा, “अब आज कह रहे हैं कि वह गाँधी हैं, सावरकर नहीं। क्या राहुल गाँधी यह भूल चुके हैं कि वो पहले दो बार माफी माँग चुके हैं।”

बोले पोप- सेक्स गॉड की दी हुई सबसे खूबसूरत चीज, LGBT का स्वागत करें कैथोलिक चर्च: हस्तमैथुन पर भी की बात, कहा- गर्भपात कबूल नहीं

ईसाइयों के गुरु पोप फ्रांसिस ने कहा है कि ईश्वर द्वारा मनुष्यों को दी गई सबसे खूबसूरत चीज सेक्स है। इसके अलावा उन्होंने हस्तमैथुन, चर्च में LGBT को अधिकार, पॉर्न इंडस्ट्री, गर्भपात और यौन शोषण समेत कई अन्य मुद्दों पर बात की है।

दरअसल, बुधवार (5 अप्रैल 2023) को डिज्नी प्लस प्रोडक्शन ने ‘द पोप आंसर्स’ (The Pope Answers) डॉक्यूमेंट्री रिलीज की है। यह डॉक्यूमेंट्री 20 साल की उम्र के 10 युवाओं के साथ हुई बातचीत पर आधारित है। इन युवाओं ने साल 2022 में पोप फ्रांसिस से कई मुद्दों पर सवाल किए थे।

इस बातचीत में पोप ने सेक्स को लेकर कहा है, “सेक्स गॉड द्वारा मनुष्य को दी गई खूबसूरत चीजों में से एक है।”

मास्टरबेशन यानि हस्तमैथुन को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए पोप ने कहा है कि खुद को सेक्शुअली यानी यौन रूप से व्यक्त करना एक समृद्धि है। इसलिए जो चीज आपको असल यौन अभिव्यक्ति से दूर करती है। वह इस समृद्धि को कम कर सकती है।

LGBT या थर्ड जेंडर को लेकर बात करते हुए पोप फ्रांसिस ने कहा है, “कैथोलिक चर्च को ऐसे लोगों का स्वागत करना चाहिए। सभी व्यक्ति ईश्वर की संतान हैं। ईश्वर किसी को भी अस्वीकार नहीं करता। ईश्वर एक पिता है। मेरे पास किसी को चर्च से निकालने का कोई अधिकार नहीं है।”

वहीं, गर्भपात को लेकर बोलते हुए उन्होंने कहा है कि चर्च के पादरियों को गर्भपात कराने वाली महिलाओं के प्रति दयालु होना चाहिए। लेकिन गर्भपात एक ऐसी प्रथा है जिसे स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।

डिज्नी प्लस की डॉक्यूमेंट्री ‘द पोप आंसर’ में पोप फ्रांसिस द्वारा की गई इस बातचीत को दुनिया के सबसे बड़े चर्च ‘वैटिकन चर्च’ के आधिकारिक अखबार L’Osservatore Romano में भी प्रकाशित किया गया। अखबार ने पोप फ्रांसिस की इस बातचीत को ‘खुली और ईमानदार बातचीत’ कहा है।

पादरियों के ‘सेक्स पर प्रतिबंध’ के नियम अस्थाई: पोप फ्रांसिस

बता दें कि इससे पहले पोप फ्रांसिस ने पादरियों के लिए बनाए गए नियम ‘सेक्स पर प्रतिबंध’ को अस्थाई बताया था। उन्होंने कहा था कि पादरियों को शादी करने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। पोप ने कहा था कि पादरियों को सेक्स करने से रोकने वाले चर्च के पुराने हो चले नियमों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने उन्होंने चर्चों से भी नियमों में बदलाव की चर्चा का स्वागत करने की अपील की थी।

BJP में अनिल एंटनी, मनमोहन सरकार में रक्षा मंत्री थे पिता: BBC की प्रोपेगेंडा डॉक्यूमेंट्री पर छोड़ी थी कॉन्ग्रेस, अब कहा- वहाँ परिवार सेवा ही धर्म

अनिल एंटनी बीजेपी में शामिल हो गए हैं। उन्होंने गुरुवार (6 अप्रैल 2023) को दिल्ली में पार्टी की सदस्यता ली। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, बीजेपी के केरल प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन और वरिष्ठ नेता मुरलीधरन मौजूद थे। अनिल एंटनी ने बीबीसी की प्रोपेगेंडा डॉक्यूमेंट्री को लेकर मतभेद के बाद काॅन्ग्रेस छोड़ दी थी। वे काॅन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी के बेटे हैं। एके एंटनी मनमोहन सिंह की सरकार में रक्षा मंत्री हुआ करते थे।

बीजेपी में शामिल होने के बाद अनिल एंटनी ने कहा कि कई कॉन्ग्रेस नेता एक परिवार की सेवा को अपना धर्म समझते हैं। मैं समझता हूँ कि मेरा धर्म राष्ट्र की सेवा करना है। पीएम मोदी के पास 25 वर्षों में देश को विकसित राष्ट्र बनाने का दृष्टिकोण है। एक युवा भारतीय होने के नाते मुझे ऐसा लगता है कि यह मेरी जिम्मेदारी है कि राष्ट्रीय एकता और राष्ट्र निर्माण में पीएम मोदी के प्रयासों में अपना योगदान दूँ।

बता दें जनवरी 2023 में ही अनिल एंटनी ने कॉन्ग्रेस से त्यागपत्र दिया था। उन्होंने बीबीसी की प्रोपेगेंडा डॉक्यूमेंट्री का विरोध करते हुए कहा था कि इससे देश की संप्रभुता कमजोर होगी। इसे लेकर उन्होंने 24 जनवरी 2023 को एक ट्वीट किया था। एंटनी के अनुसार उनपर इस ट्वीट को डिलीट करने का दबाव बनाया जा रहा था।

अनिल एंटनी ने ट्वीट कर इस्तीफा देने की जानकारी साझा की थी। उन्होंने लिखा था, “मैंने कॉन्ग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। मुझे मेरा ट्वीट हटाने के लिए कहा गया था, लेकिन मैंने मना कर दिया। जो लोग अभिव्यक्ति की आजादी की बात करते हैं, वहीं लोग मुझ पर ट्वीट हटाने का दबाव दे रहे थे। जो लोग प्रेम का प्रचार करने वाले थे, वहीं फेसबुक पर अब मेरे खिलाफ नफरत-अपशब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसे ही पाखंड कहते हैं। जिंदगी चलती रहती है।”

अमेरिकी चर्च में 600 बच्चों का यौन शोषण, 150 पादरी भी थे शामिल: 80 साल तक छिपाने की कोशिश, 463 पन्नों की रिपोर्ट से हुआ खुलासा

चर्च में बच्चों के यौन शोषण का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इसके मुताबिक अमेरिकी राज्य मैरीलैंड के कैथोलिक चर्च में 600 से ज्यादा बच्चों का यौन शोषण किया गया। इसमें शामिल लोगों में करीब 150 पादरी थे। यौन शोषण की ये घटनाएँ 80 साल में अंजाम दिए गए हैं। 463 पन्नों की एक रिपोर्ट से ये खुलासे हुए हैं।

चार साल की जाँच के बाद यह रिपोर्ट तैयार की गई है। मैरीलैंड अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने बुधवार (5 अप्रैल 2023) को यह रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट में उन कैथोलिक पादरियों की पहचान की गई है, जो 1940 के बाद से यौन शोषण में संलिप्त थे। ब्रायन फ्रॉश के अटॉर्नी जनरल रहते इस मामले की जाँच 2019 में शुरू की थी। सैकड़ों पीड़ितों और गवाहों से बातचीत तथा एक लाख पन्नों के अध्ययन के बाद यह रिपोर्ट तैयार की गई है।

यह रिपोर्ट पिछले साल नवंबर में ही तैयार हो गई थी। लेकिन अदालती अनुमति मिलने के बाद अब जारी की गई है। जिन बच्चों का शोषण हुआ उनमें ज्यादातर कमजोर परिवारों से थे और चर्च से जुड़े थे। इस दौरान इन्हें चुप रहने के लिए धमकी भी दी गई थी। यह बात भी सामने आई है कि 80 साल तक चले इस यौन शोषण को चर्च की तरफ से दशकों तक छुपाने की कोशिश भी की गई।

इस रिपोर्ट को लेकर बाल्टीमोर के आर्कबिशप विलियम लोरी ने जीवित बचे पीड़ितों से माफी माँगी है। उन्होंने कहा, “कैथोलिक चर्च के इतिहास में हुई यह अब तक की सबसे दुखद घटना है, जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता और न ही भुलाया जा सकता है। चर्च के उच्च पदों पर बैठे लोगों द्वारा बच्चों को नुकसान पहुँचाया गया और हम पीड़ितों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने में विफल रहे। साथ ही दुर्व्यवहार करने वालों को उनके किए की सजा भी नहीं दिलवा पाए। इसका हमें खेद है।”

इससे पहले अमेरिका के इलिनोइस प्रांत में करीब 700 पादरियों पर बच्चों के यौन शोषण का आरोप लगा था। इलिनोइस के अटॉर्नी जनरल ने भी अपनी रिपोर्ट में इसका जिक्र किया था कि चर्च इन मामलों से निपटने में अक्षम रहा थे। चर्च ने यौन शोषण के आरोपित पादरियों की संख्या 185 बताई थी, लेकिन अटॉर्नी जनरल ने कहा था कि ऐसे पादरियों की संख्या इससे कहीं बहुत ज्यादा है।

जय श्रीराम के जयकारों से गूँजा जहाँगीरपुरी, लहराया भगवा: हनुमान जन्मोत्सव पर निकली शोभायात्रा, चप्पे-चप्पे पर थी दिल्ली पुलिस की नजर

दिल्ली के जहाँगीरपुरी (Jahangirpuri, Delhi) इलाके में गुरुवार (6 अप्रैल 2023) को हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर शोभा यात्रा निकाली गई। विश्व हिंदू परिषद की तरफ से निकाली गई रैली में हजारों की संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। इलाके में एक दिन पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबल तैनात थे। हालाँकि, देर रात्र‍ि तक जहाँगीरपुरी में शोभा यात्रा निकालने की अनुमति नहीं दी गई थी, लेकिन बाद में कुछ शर्तों के साथ दिल्ली पुलिस ने अनुमति दे दी।

दिल्ली पुलिस की तरफ से इजाजत मिलने के बाद विश्व हिंदू परिषद (VHP) की तरफ से भव्य रैली निकाली गई। हजारों की तादाद में भगवा झंडा हाथ में लिए लोग शोभा यात्रा में शामिल हुए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने निश्चित रास्तों से होते हुए यात्रा की इजाजत दी है। इस दौरान रैली की सुरक्षा में पुलिस के जवान तैनात रहे। इसके पहले पुलिस ने शोभा यात्रा आयोजकों के साथ बैठक की थी, जिसमें जुलूस का रास्ता तय किया गया। साथ ही कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई।

बीजेपी नेता कपिल मिश्रा भी जहाँगीर पुरी में आयोजित रैली में शामिल हुए। इसकी जानकारी देते हुए कपिल मिश्रा ने ट्विटर पर लिखा, “जहाँगीरपुरी में हनुमान जन्मोत्सव की शोभा यात्रा में जा रहा हूँ। दिल्ली पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था शानदार है। जहाँगीर पुरी में शोभा यात्रा हो रही है और शानदार हो रही है।”

बताया जा रहा है कि जहाँगीरपुरी में निकाली गई यात्रा एक खास स्थान पर रोक दी गई। शोभा यात्रा तय रुट से भटक न जाए, इसके लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाई हुई है। वहीं, कपिल मिश्रा समेत वीएचपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से यात्रा निकाल रहे हैं।

बता दें इसके पहले दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए शोभा यात्रा की इजाजत नहीं दी थी। पूरे जहाँगीरपुरी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। बुधवार से ही इलाके में पुलिस का फ्लैगमार्च चल रहा था।

पिछले साल हनुमान जन्मोत्सव पर 16 अप्रैल 2022 को जहाँगीरपुरी में शोभायात्रा पर कट्टरपंथी मुस्लिमों के समूह ने पथराव कर दिया था। इसके बाद इलाके में साम्प्रदायिक तनाव फैल गया था। तोड़फोड़ और आगजनी हुई थी। हमले में 8 पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।

इस देखते हुए इस साल रामनवमी के अवसर पर भी पुलिस ने शोभा यात्रा निकालने की भी इजाजत नहीं दी थी। हालाँकि, इसके बावजूद इलाके में शांतिपूर्ण ढंग से रामनवमी पर शोभा यात्रा निकाली गई थी।

पत्रकार सोनाली मिश्रा ने लव जिहाद पर ‘नेहा की लव स्टोरी’ नाम से लिखी किताब, Pocket FM पर नोमान शाहजी के नाम से अपलोड: लेखिका ने भेजा लीगल नोटिस

‘नेहा की लव स्टोरी’ – पत्रकार सोनाली मिश्रा की लव जिहाद पर लिखी किताब है। उनकी इस किताब को बहुत से लोग लेखक नोमान शाहजी द्वारा लिखी गई मान रहे हैं। इस कंफ्यूजन की वजह है – स्टोरीटेलिंग व ऑडियो प्लेटफॉर्म पॉकेट एफएम (Pocket FM) पर अपलोड की गई एक किताब। किताब का नाम है – ‘नेहा की लव स्टोरी’ और लेखक की जगह नाम लिखा हुआ है – नोमान शाहजी। इस संबंध में पुस्तक की मूल लेखिका सोनाली मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट की वकील नुपूर शुक्ला से ऑडियो प्लेटफॉर्म पॉकेट एफएम को लीगल नोटिस भिजवाया है।

नोमान शाहजी के नाम से अपलोड किताब

नोटिस में वकील नुपूर ने बताया कि सोनाली मिश्रा की किताब गरुण प्रकाशन की रति द्वारा प्रकाशित की गई थी। इस किताब ने भारत समेत कई जगहों पर ख्याति कमाई। फिलहाल ये अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म पर मौजूद है। मगर इसकी कॉपीराइट अब भी लेखिका के पास है।

वकील नुपूर शुक्ला ने जो लीगल नोटिस भेजा है, उसमें यह आरोप लगाया गया है कि ‘नेहा की लव स्टोरी’ नामक पुस्तक की मूल लेखिका से बिना पूछे अवैध ढंग से उनकी किताब को पॉकेट एफएम पोर्टल पर डाल दिया गया। इस पोर्टल से पाठक मुफ्त में इस किताब को डाउनलोड करके पढ़ सकते हैं।

पॉकेट एफएम को वकील नुपूर शुक्ला द्वारा भेजा गया लीगल नोटिस

नोटिस के अनुसार मूल लेखक सोनाली मिश्रा से बिना पूछे पॉकेट एफएम पोर्टल पर ऐसा किया गया जो कि आईपीसी की धारा 420 और 406 के तहत दंडनीय अपराध है। इसके अलावा सोनाली मिश्रा की वकील ने लीगल नोटिस में कहा है कि इस कारण से उनकी क्लाइंट के काम को मुफ्त में और किसी अन्य के नाम से सार्वजनिक किए जाने से मानसिक आघात हुआ है, साथ ही आर्थिक नुकसान भी।

लीगल नोटिस में पॉकेट एफएम (Pocket FM) प्लेटफॉर्म को चेतावनी दी गई कि वो नोटिस मिलने के तीन दिन के भीतर किताब को हटाएँ। अगर ऐसा नहीं होता तो मामला कोर्ट तक जाएगा और परिणामों के लिए वह खुद जिम्मेदार होंगे।

वकील नुपूर शुक्ला ने लीगल नोटिस के जरिए स्टोरीटेलिंग व ऑडियो प्लेटफॉर्म पॉकेट एफएम को यह भी संदेश दिया है कि अपलोड हुई ‘नेहा की लव स्टोरी’ पुस्तक से लेखिका का जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई के लिए 5 लाख रुपए भी सोनाली मिश्रा को दिए जाएँ। इतना ही नहीं अगर प्लेटफॉर्म तीन दिन के भीतर अपने पोर्टल से किताब नहीं हटाता है तो अगले दिन से उन्हें प्रतिदिन के 15000 रुपए तब तक देने होंगे, जब तक कि प्लेटफॉर्म किताब नहीं हटाता।

इन सबके अतिरिक्त वकील ने पॉकेट एफएम प्लेटफॉर्म से 11000 रुपए लीगल नोटिस के खर्चे के माँगे। वकील ने कहा है कि उनकी क्लाइंट से पॉकेट एफएम को माफी माँगनी होगी और ये भी बताना होगा कि किसके कहने पर या शह पाकर वो अवैध रूप से प्लेटफॉर्म पर किताब अपलोड की गई।

अपडेट: पॉकेट एफएम ने लेखक नोमान शाहजी द्वारा अपलोड की गई किताब ‘नेहा की लव स्टोरी’ को अपने प्लेटफॉर्म से हटा लिया है। साथ ही कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनके प्लेटफॉर्म पर ‘नेहा की लव स्टोरी’ पुस्तक के अपलोड किए जाने में उनका या उनके किसी कर्मचारी का कोई हाथ नहीं है, उनका प्लेटफॉर्म एक इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म है, जिस पर कोई भी यूजर/लेखक अपनी लिखी कृति को अपलोड कर सकता है।

2 पति रखने से सुधर गया ब्राजील की सोशल मीडिया स्टार का ‘मेंटल हेल्थ’, अब तीसरे की तलाश: कहा- डिप्रेशन से उबरी, वे बर्तन धोते हैं और प्यार भी करते हैं

ब्राजील की सोशल मीडिया स्टार लैरी इंग्रिड (Larry Ingrid) दो पतियों के साथ रहती हैं। उनका दावा है कि दो पति होने की वजह से वह डिप्रेशन से बाहर आईं। वह अब तीसरे पति की तलाश कर रही हैं। 27 वर्षीय लैरी इंग्रिड को लारिसा के नाम से भी जाना जाता है।

लैरी के एक पति इटालो सिल्वा (Italo Silva) हैं, जिनकी उम्र 25 साल है। वहीं, दूसरा पति 18 वर्षीय जोआओ विक्टर है। लैरी का सिल्वा से एक बेटा और विक्टर से एक बेटी है। सिल्वा से उनकी मुलाकात आठ साल पहले हुई थी। उस समय सिल्वा की सिर्फ उम्र 17 साल थी।

लैरी का कहना है कि उन तीनों ने हमेशा साथ रहने के लिए एग्रीमेंट किया है। लैरी का कहना है, “दो पति होने से मुझे डिप्रेस होने का समय नहीं मिलता। मेरे दोनों पति घर की सफाई करते हैं। मेरे लिए बर्तन धोते हैं और मुझे बहुत प्यार करते हैं।”

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्राजील में दो शादी करना कानून अवैध है। वहाँ एक शादी से इतर संबंध रखना गैरकानूनी माना जाता है। हालाँकि, लैरी को इस बात की कोई परवाह नहीं है। वह अपने दोनों पतियों के साथ बेहद खुश हैं।

लैरी इंग्रिड सोशल मीडिया स्टार होने के साथ-साथ एक सिंगर भी हैं। वह टिकटॉक और इंस्टाग्राम पर अपनी लव लाइफ से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो शेयर करती रहती हैं। टिकटॉक पर उनके 19 लाख और इंस्टाग्राम पर करीब 3 लाख 75 हजार फॉलोअर्स हैं।

लैरी के पहले पति सिल्वा ने बताया कि जब कोई तीसरा व्यक्ति उनकी पत्नी लैरी के आसपास होता है, तो उन्हें और लैरी के दूसरे पति विक्टर को ईर्ष्या होने लगती है। उन्होंने बताया कि जब इस तरह की स्थिति उनके सामने आती है तो इस पर तीनों आपस में बात करते हैं।

लैरी के दूसरे पति विक्टर ने कहा कि उनके परिवार के लिए यह रिश्ता बेहद मुश्किल था, लेकिन समय के साथ उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया। वहीं, लैरी का कहना कि वह किसी दूसरी महिला को अपने रिश्ते में नहीं आने देगी, लेकिन उन्हें अपने लिए किसी तीसरे पुरुष की तलाश है।

आम लोगों के हाथ में पद्म पुरस्कार, विजेताओं ने मोदी सरकार को सराहाः कहा- जमीनी स्तर पर काम करने वालों का हो रहा सम्मान, जनता को अच्छा करने की मिलेगी प्रेरणा

राष्ट्रपति भवन में 55 पद्म पुरस्कार विजेताओं ने बुधवार (05 अप्रैल 2023) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों पुरस्कार प्राप्त किया। इनमें बौद्ध धर्मगुरु कुशोक थिकसे नवांग, सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता गजानन जगन्नाथ माने और बीदरी कलाकार शाह रशीद अहमद कादरी भी शामिल थे। पद्म पुरस्कार विजेताओं का कहना है कि मोदी सरकार जमीनी लोगों को पुरस्कृत कर रही है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा पद्मश्री प्राप्त करने वाले थिकसे मठ के प्रमुख कुशोक नवांग ने कहा, “मैं आने वाली पीढ़ी के लिए काम कर रहा हूँ। मैं लोगों को मिलकर रहने की प्रेरणा देता हूँ। इस क्षेत्र में कई प्रयास किए हैं। इसलिए मुझे यह सम्मान प्राप्त हुआ है।” उन्होंने कहा कि पीएम मोदी लद्दाख के लोगों के लिए बहुत काम कर रहे हैं।

राष्ट्रपति द्वारा पद्म श्री प्राप्त करते कुशोक नवांग (फोटो साभार- ट्विटर @rashtrapatibhvn)

सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार को भी पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। शिक्षा और साहित्य क्षेत्र में पद्म अवार्ड पाने वाले आनंद कुमार ने कहा कि अब जमीनी स्तर के लोगों को पुरस्कार मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकार की तरफ से उन्हें सम्मानित करने सूचना दी गई तो उन्हें यकीन नहीं हुआ।

आनंद कुमार ने कहा कि सरकार के इस कदम से जनता में उम्मीद जगती है कि अच्छा काम करेंगे तो पुरस्कार अवश्य मिलेगा। बता दें आनंद कुमार आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों को मुफ्त में आईआईटी प्रवेश परीक्षा की ट्रेनिंग देते हैं।

राष्ट्रपति द्वारा पद्म श्री प्राप्त करते आनंद कुमार (फोटो साभार- ट्विटर @rashtrapatibhvn)

सोशल वर्कर गजानन जगन्नाथ माने ने पद्मश्री प्राप्त करने के बाद खुशी का इजहार करते हुए कहा, “मैं 35 सालों से कुष्ठ रोगियों के पुनर्वास के लिए काम कर रहा हूँ। इस काम में परिवार और दोस्तों का भी साथ मिलता है। राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित होना बहुत बड़ी बात है।” उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सरकार अब पद्म पुरस्कारों के लिए जमीनी स्तर से लोगों को चुन रही है।

राष्ट्रपति द्वारा पद्म श्री प्राप्त करते गजानन जगन्नाथ माने (फोटो साभार- ट्विटर @rashtrapatibhvn)

कर्नाटक के मशहूर बीदरी (एक प्रकार की शिल्पकला) कलाकार शाह रशीद अहमद कादरी को भी पद्मश्री से नवाजा गया। पुरस्कार मिलने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का आभार व्यक्त किया और उनकी तरीफ भी की।

रशीद अहमद ने पीएम मोदी से कहा, “मैं 5 साल तक UPA सरकार से उम्मीद पाले रहा कि मुझे पद्मश्री मिलेगा, लेकिन नहीं मिला। उसके बाद केंद्र में बीजेपी की सरकार बनी तो कोई उम्मीद नहीं थी। मगर आपने पद्मश्री देकर मेरा ख्याल गलत साबित कर दिया। मुझे चुना इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।”

राष्ट्रपति द्वारा पद्म श्री प्राप्त करते शाह रशीद अहमद कादरी (फोटो साभार- ट्विटर @rashtrapatibhvn)

बता दें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार (5 अप्रैल 2023) की शाम 3 पद्म विभूषण, 5 पद्म भूषण और 47 पद्मश्री पुरस्कार प्रदान किए। इसके पहले 22 मार्च को राष्ट्रपति ने पहले नागरिक अलंकरण समारोह में 54 पद्म पुरस्कार प्रदान किए थे।

CRPF में बंपर बहाली, 1.30 लाख पदों पर होगी भर्ती: गृह मंत्रालय ने जारी किया नोटिफिकेशन, जानिए कैसे करें आवेदन-कितनी मिलेगी सैलरी

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में बड़ी भर्ती होने वाली है। इसको लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी किया है। नोटिफिकेशन के अनुसार सीआरपीएफ में कॉन्स्टेबल के पद पर करीब 1.30 लाख पदों पर भर्ती की जाएगी। गृह मंत्रालय ने यह नोटिफिकेशन बुधवार (5 अप्रैल 2023) को जारी किया।

गृह मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार सीआरपीएफ में 129929 पदों पर भर्तियाँ होनी हैं। इसमें 125262 पदों में पुरुषों तक 4667 महिला अभ्यर्थियों की भर्ती की जाएगी। यही नहीं, पूर्व अग्निवीरों के लिए भी 10 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गईं हैं। कॉन्स्टेबल पद के लिए 21700 रुपए से 69100 रुपए प्रति माह का वेतमान निर्धारित किया गया है।

CRPF में भर्ती के लिए आवेदकों को किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम 10 वीं पास होना आवश्यक है। ग्रुप सी की इस भर्ती के लिए सभी भारतीय नागरिक आवेदन कर सकते हैं। नेपाल और भूटान के नागरिकों को इस भर्ती में वरीयता नहीं दी जाएगी। सामान्य वर्ग के आवेदकों के लिए उम्र सीमा 18-23 निर्धारित की गई है। वहीं, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग (SC/ST) के लिए आयु सीमा में 5 वर्ष तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 3 साल की छूट दी गई है। पूर्व अग्निवीरों को आयु सीमा में छूट का प्रावधान रखा गया है।

कॉन्स्टेबल पद की इस भर्ती के लिए आवेदकों को फिजिकल एफिशियेंसी टेस्ट, मेडिकल टेस्ट और लिखित परीक्षा से गुजरना होगा। तीनों चरणों में पास होने के बाद CRPF नियमानुसार भर्ती प्रक्रिया पूरी करेगी। हालाँकि इस भर्ती के लिए वैकेंसी ब्रेक-अप यानी भर्ती कब से शुरू होगी इस बारे में गृह मंत्रालय की ओर से कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है।

सीआरपीएफ कॉन्स्टेबल भर्ती 2023 के लिए अधिक जानकारी प्राप्त करने के CRPF की आधिकारिक वेबसाइट, crpf.gov.in और भर्ती पोर्टल rect.crpf.gov.in पर देखना होगा। इन दोनों वेबसाइट पर ही 129929 पदों के लिए निकली इस भर्ती से संबंधित पूरी जानकारी उपलब्ध होगी।