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प्रदूषण जस का तस, लेकिन यमुना की सफाई के नाम पर फूँक डाले ₹6857 करोड़: दिल्ली के पर्यावरण विभाग ने खोली अपनी ही सरकार की पोल

दिल्ली में यमुना की सफाई के नाम पर केजरीवाल सरकार ने हजारों करोड़ रुपए खर्च किए हैं। यह जानकारी दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग द्वारा विधानसभा में दी गई। दूसरी तरफ दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के अनुसार यमुना का पानी अब भी जहरीला बना हुआ है।

दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यमुना की सफाई के लिए साल 2017 से 2021 तक 6856.91 करोड़ रुपए खर्च किए गए। हर साल नदी की सफाई पर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने के बावजूद डीपीसीसी की रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली में यमुना नदी पूरे साल प्रदूषित रहती है। फरवरी 2023 में जारी डीपीसीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, जिस स्थान पर नदी शहर से बाहर निकलती है उस स्थान पर नदी के जल में फीकल कोलीफॉर्म (Faecal coliform) सामान्य से 500 गुना अधिक पाया गया था।

यमुना की सफाई को लेकर सीएम केजरीवाल के वादे

दिल्ली सरकार खास तौर पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कई बार यमुना की सफाई को लेकर बड़े-बड़े वादे कर चुके हैं। हाल ही में साल 2023-24 के लिए पेश किए गए बजट में केजरीवाल सरकार ने यमुना की सफाई के लिए 1028 करोड़ रुपए आवंटित किए थे। इस दौरान सीएम केजरीवाल ने वादा किया था कि अगले चुनावों तक यमुना इतनी साफ हो चुकी होगी कि वे इसमें डुबकी लगाएँगे।

दिल्ली सरकार द्वारा यमुना की सफाई के लिए तारीख दर तारीख जारी करने का सिलसिला साल 2015 से चल रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 2015 में पाँच साल के भीतर (2020 तक) यमुना नदी को साफ करने का वादा किया था। उसी साल उन्होंने कहा था कि पाँच साल बाद हम दिल्ली के हर निवासी को यमुना किनारे लाएँगे ताकि वे स्वच्छ नदी पर गर्व महसूस कर सकें।

नवंबर 2019 में दिल्ली के सीएम ने कहा था कि उनकी सरकार ने अगले चार से पाँच वर्षों में यमुना को साफ करने की योजना बनाई है। उसी साल दिसंबर में उन्होंने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि अगले विधानसभा चुनाव (2025) तक पूरे गाँव को यमुना में डुबकी लगाने के लिए ले जाएँगे। जनवरी 2020 में दिल्ली असेंबली चुनावों के ठीक पहले अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि 5 साल में यमुना पूरी तरह साफ हो चुकी होगी। 5 साल बाद लोग नदी में डुबकी लगा सकेंगे।

यमुना के प्रदूषण स्तर में बदलाव नहीं हुआ

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के वजीराबाद से लेकर ओखला के बीच का हिस्सा ही यमुना को 76% तक प्रदूषित कर देता है। यमुना नदी की लंबाई लगभग 1400 किलोमीटर है। जबकि वजीराबाद से ओखला के बीच नदी 22 किलोमीटर क्षेत्र में ही बहती है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की वर्ष 2022 की नई रिपोर्ट के अनुसार यमुना के प्रदूषण स्तर में 4 सालों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

सीपीसीबी ने 2018-19 में राजधानी में यमुना के अलग-अलग स्थानों से लिए सेंपल की जाँच की थी। इसमें बायोलाजिकल आक्सीजन डिमांड (BOD) की सबसे ज्यादा मात्रा 83.0 मिलीग्राम प्रति लीटर थी। CPCB ने 2021-22 में दोबोरा नमूने लिए और जाँच की। इस जाँच में बीओडी की मात्रा 83.0 मिलीग्राम प्रति लीटर ही मिली।

‘मेरे दादा जी 72 हूरों के साथ बिजी होंगे’: पाकिस्तान की महिला पत्रकार ने अब कट्टरपंथियों की वाट लगा दी, पूर्वजों के प्रयागराज छोड़ने के फैसले पर जताया था पछतावा

पाकिस्तान (Pakistan) की मशहूर पत्रकार आरजू काजमी (Arzoo Kazmi) का एक ट्वीट ‘वाट लगा दी दादा जी’ सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने अपने दादा जी के फैसले पर अफसोस जताते हुए बताया था कि वह असल में हिंदुस्तान की रहने वाली हैं, लेकिन उनके दादाजी पलायन कर दिल्ली और प्रयागराज से पाकिस्तान आ गए थे। अब उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर उनके ट्वीट को पसंद करने वालों और नापसंद करने वालों का शुक्रिया अदा किया है। साथ ही 0:18 से 2:15 मिनट के बीच आरजू काजमी ने बताया कि कुछ लोगों ने उन्हें फोन और मैसेज करके उनकी जमकर क्लास लगाई।

उन लोगों ने महिला पत्रकार से कहा, “तुम्हें शर्म आनी चाहिए, इस तरह का ट्वीट लगाने के लिए। तुम्हारे दादा जी की रूह इससे कितनी परेशान होगी।” इस पर आरजू ने उन कट्टरपंथी लोगों के सवालों का जवाब देते हुए कहा, “जहाँ तक हमें इस्लाम में बताया गया है कि 72 हूरें मिलती हैं, मेरे दादाजी तो उन 72 हूरों के साथ बिजी होंगे। उनके पास तो बिल्कुल भी टाइम नहीं होगा कि वह नीचे देख सकें कि मैं यहाँ क्या कर रही हूँ।”

उन्होंने अपनी बात को जारी रखते हुए आगे कहा, “यह मेरा व्यक्तिगत विचार है, जिसे साझा करना मैंने उचित समझा, क्योंकि मेरे एक के बाद एक भाई बाहर जाकर यूरोप में सेटल हो रहे हैं। एक भाई तो बल्कि सेटल हो भी चुका है। ऐसे में ये सोचना कि पाकिस्तान में उनका कोई भविष्य नहीं है। इसी कारण वो और उनका परिवार बाहर जा रहे हैं और अगर मैंने इस बात को ट्विटर पर लिख दिया, तो इतना बवाल क्यों हो गया? लोग इतना ज्यादा डिस्टर्ब क्यों हो गए? ये बात मुझे समझ नहीं आई। कोई बात नहीं आहिस्ता-आहिस्ता आदत पड़ जाएगी। हम तो इसी तरह से बात किया करते हैं। अब किसी को नहीं अच्छी लगती है, तो क्या किया जा सकता है।”

अपनी बात पूरी करने के बाद वह पाकिस्तान की न्यूज बताने लगती है। पत्रकार के मुताबिक, उनके देश (पाकिस्तान) में आटे की किल्लत अभी भी पहले जैसे ही है। रमजान में लोगों के घरों में रसोई गैस तक नहीं आ रही है, जिससे वे काफी परेशान हैं।

बता दें कि इस्लामाबाद (पाकिस्तान) में रहने वाली पत्रकार आरजू काजमी ने अपने पूर्वजों के 1947 में भारत से पाकिस्तान चले जाने के फैसले पर अफसोस जताते हुए 1 अप्रैल, 2023 को ट्वीट किया, “मेरे भाइयों और परिवार के अन्य सदस्यों को लगता है कि उनका पाकिस्तान में कोई भविष्य नहीं है। मेरे दादाजी और उनका परिवार बेहतर भविष्य के लिए प्रयागराज और दिल्ली से पाकिस्तान चला आया था। वाट लगा दी दादा जी।” आरजू का ट्वीट वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने उन्हें अपने परिवार के साथ भारत आने को कहा था।

‘डिग्री तो बहाना है, भ्रष्टाचार से ध्यान हटाना है’: BJP ने पोस्टरों के जरिए अरविंद केजरीवाल की खोली पोल, कोर्ट ने भी फटकारते हुए लगाया था ₹25000 का जुर्माना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री को लेकर बीजेपी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच जंग रुकने का नाम ले रही है। भाजपा ने एक बार फिर केजरीवाल को निशाना बनाते हुए पोस्टर लगाए हैं। इस पोस्टर में कहा गया है कि केजरीवाल भ्रष्टाचार से ध्यान हटाने के लिए पीएम की डिग्री को मुद्दा बना रहे हैं।

दरअसल, पीएम मोदी की डिग्री माँगने को लेकर हाई कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके बाद भी केजरीवाल लगातार डिग्री का मुद्दा उठाते जा रहे हैं। इसको लेकर बीजेपी ने अपने दिल्ली स्थित कार्यालय के बाहर पोस्टर लगाए हैं। इस पोस्टर में लिखा है, “डिग्री तो बहाना है केजरीवाल को भ्रष्टाचार से ध्यान हटाना है।” ये पोस्टर भाजपा नेता आशीष सूद ने लगवाए हैं।

बता दें कि इससे पहले बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दिल्ली में पोस्टर लगवाए थे। इस पोस्टर में अरविंद केजरीवाल को बेईमान बताते हुए दिल्ली की सत्ता से हटाने की अपील की की गई थी। इस पोस्टर में लिखा था, “बेईमान, रिश्वतखोर, तानाशाह अरविंद केजरीवाल को हटाओ, दिल्ली बचाओ।”

क्या है मामला


दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने RTI के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री की माँग की थी। इसको लेकर केंद्रीय सूचना आयोग ने प्रधानमंत्री कार्यालय, गुजरात विश्वविद्यालय और दिल्ली विश्वविद्यालय को निर्देश दिया था कि वह प्रधानमंत्री की डिग्री के बारे में जानकारी दें। केंद्रीय सूचना आयोग के इस निर्देश को गुजरात विश्विद्यालय ने गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। गुजरात हाईकोर्ट ने इस मामले में अरविंद केजरीवाल को फटकार लगाते हुए उन पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।

बता दें कि दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार लगातार सामने आ रहे भ्रष्टाचार के मामलों में घिरी हुई। केजरीवाल सरकार में मंत्री रहे सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया अब भी जेल में बंद हैं। दोनों पर भ्रष्टाचार के बड़े आरोप हैं। इन आरोपों के चलते ही दोनों नेताओं को मंत्री पद से हाथ धोना पड़ा है।

प्राचीन हिंदू मंदिर में तोड़फोड़, गणेश जी की मूर्ति के किए कई टुकड़े: आंध्र की घटना पर हमलावर हुई भाजपा, कहा – ऐसी घटनाओं में गिरफ़्तारी तक नहीं हो रही

आंध्र प्रदेश के गुंटूर में एक हिन्दू मंदिर और उसमें मौजूद देवी-देवताओं की मूर्ति को क्षतिग्रस्त किए जाने की खबर है। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। अभी तक आरोपितों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। जिस मंदिर में भगवान गणेश की मूर्ति को तोड़ा गया है, उस गाँव का नाम हाउस गणेश है। इस घटना के बाद भाजपा ने आंध्र प्रदेश की YSR सरकार पर हिन्दू विरोधी होने का आरोप लगाया है। घटना सोमवार (3 मार्च, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला गुंटूर जिले के फिरंगीपुरम क्षेत्र का है। यहाँ हाउस गणेश नाम के गाँव में एक हिन्दू मंदिर है जो वहाँ के स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र है। मंदिर में तमाम हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियाँ है। आरोप है कि 3 मार्च को किसी अज्ञात व्यक्ति ने मंदिर में घुस कर तोड़फोड़ की है। इसी के इस तोड़फोड़ में मंदिर को नुकसान हुआ है। हमलावर ने मंदिर में मौजूद भगवान गणेश की मूर्ति को भी तोड़ डाला। जब इस मामले की जानकारी ग्रामीणों को हुई तो वो नाराज हो गए।

बताया गया है कि भगवान गणेश की मूर्ति के कई टुकड़े कर दिए गए थे। इस मामले की जानकारी पुलिस को हुई तो वो मौके पर पहुँची। अज्ञात आरोपित के खिलाफ केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी गई है। क्षतिग्रस्त मंदिर की तोड़फोड़ सही करवाई जा रही है और मूर्तियों को फिर से स्थापित करवाया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि असामाजिक तत्वों की पहचान जल्द कर के आरोपित को गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस ने लोगो से संयम बरतने की भी अपील की है।

इस मामले पर नाराजगी जताते हुए भारतीय जनता पार्टी ने आंध्र प्रदेश की YSR सरकार पर हिन्दू विरोधी होने का आरोप लगाया है। भाजपा नेता सुनील देवधर के मुताबिक, YS जगन मोहन रेड्डी सरकार में हिन्दू मंदिरों को निशाना बनाने की यह पहली घटना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस से पहले भी आंध्र प्रदेश में कई मंदिरों को निशाना बनाया गया है लेकिन उन मामलों में किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। आंध्र के मुख्यमंत्री को भाजपा ने हिन्दू विरोधी करार दिया है।

फिलहाल इस मामले में अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं की गई है।

‘नहीं रही ट्विटर की चिड़िया, एलन मस्क ने उसे बना डाला कुत्ता’: बदला-बदला दिख रहा Twitter का लोगो, 20% उछल गए DogeCoin के शेयर्स

ट्विटर खरीदने के बाद से अब तक एलन मस्क ने इसमें कई बड़े बदलाव किए हैं। अब ट्विटर का लोगो भी बदल गया है। ट्विटर के लोगो पर दिखने वाली चिड़िया की जगह अब एक कुत्ता नजर आ रहा है। इसको लेकर यूजर्स सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

दरअसल, सोमवार (3 फरवरी 2023) को ट्विटर यूजर्स को लोगो पर नीली चिड़िया की जगह कुत्ता नजर आ रहा है। इसको देखकर कई यूजर्स हैरान रह गए। ट्विटर पर यूजर्स एक-दूसरे से पूछ रहे थे कि क्या उन्हें भी लोगो बदला हुआ नजर आ रहा है। शुरुआत में यूजर्स का ऐसा लगा कि ट्विटर हैक हो गया है। लेकिन थोड़ी ही देर बाद ट्विटर के मालिक एलन मस्क ने एक ट्वीट किया। उनके इस ट्वीट से यह क्लियर हो गया कि ट्विटर ने अपना लोगो बदल लिया है।

ट्विटर का लोगो बदलने को लेकर एलन मस्क ने एक फोटो ट्वीट की थी। इस फोटो में कुत्ता कार की ड्राइविंग सीट पर बैठा हुआ है। वहीं पुलिसकर्मी एक डॉक्यूमेंट को देखते हुए नजर आ रहा है। इस डॉक्यूमेंट में ट्विटर का पुराना लोगो, यानी कि नीली चिड़िया की फोटो है। साथ ही फोटो में कुत्ते को पुलिस से यह कहते हुए दिखाया गया है कि ‘यह पुरानी फोटो है’।

वहीं एक अन्य ट्वीट में एलन मस्क ने 26 मार्च का एक स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा है, “वादे के अनुसार”। यह स्क्रीनशॉट एक ट्वीट का है। इसमें मस्क ने यूजर्स ने पूछा था, “क्या एक नए प्लैटफॉर्म की जरूरत है?” इस पर चेयरमैन नाम के यूजर ने रिप्लाय करते हुए लिखा कि ट्विटर खरीदो और उसके नीली चिड़िया के लोगो को डॉज में बदल दो।

ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है #doge और #TwitterLogo

बता दें कि ट्विटर के लोगो पर अब तक दिखने वाली नीली चिड़िया का नाम लैरी टी बर्ड है। वहीं अब जो कुत्ता दिख रहा है वह एक जापानी कुत्ता है जिसका नाम काबोसु है। यह कुत्ता डॉजी कॉइन (DogeCoin) का भी लोगो है। ट्विटर का लोगो बदलने के बाद से अब तक इसको लेकर हजारों ट्वीट किए जा चुके हैं। ट्विटर पर #Doge और #TwitterLogo ट्रेंड कर रहा है। बड़ी बात यह है कि ट्विटर का लोगो बदलने के बाद डॉज कॉइन के शेयर में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी देखने को मिली।

ट्विटर के लोगो में कुत्ता नजर आने के बाद नेटिजेन्स ने दी अलग-अलग प्रतिक्रिया::

एक यूजर ने लिखा, “क्या किसी और को डॉजी (कुत्ता) ट्विटर के लोगो में नजर आ रहा है?”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “ट्विटर के लोगो को चुपचाप डॉजी कुत्ते में बदल दिया गया है।”

एक यूजर ने एलन मस्क से सवाल करते हुए कहा, “ट्विटर लॉग इन करने पर डॉज का लोग नजर आ रहा है। एलन मस्क हमें क्या बताने की कोशिश कर रहे हैं? याद लोगो कब तक रहेगा।”

एक यूजर ने मीम शेयर करते हुए लिखा, “नहीं रही ट्विटर की चिड़िया, एलन मस्क ने बना डाला उसको कुतिया”

आइए देखते हैं कुछ अन्य मीम

हिंसा में झुलसे बिहारशरीफ की महिलाओं का सुनिए दर्द: दावा- 500 हिंदू गायब, पुलिस बोली- किसी के लापता होने की शिकायत नहीं मिली

बिहार के नालंदा जिले के बिहारशरीफ में 31 मार्च 2023 को रामनवमी शोभा यात्रा को निशाना बनाया गया था। बिहार पुलिस का दावा है कि स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है। लेकिन आज तक की एक रिपोर्ट पुलिसिया दावों पर सवाल खड़ी कर रही है। इसमें दिख रही महिलाओं का दावा है कि उनके घर के पुरुष गायब हैं। एक महिला 500 हिंदुओं के गायब होने का दावा कर रही है। वैसे नालंदा के डीएम शशांक शुभंकर ने एक वीडियो संदेश में कहा है कि किसी भी व्यक्ति के गायब होने की अब तक शिकायत नहीं मिली है।

इन महिलाओं से बात आज तक की पत्रकार श्वेता सिंह ने की है। वीडियो को देखकर लगता है कि श्वेता सिंह बिहारशरीफ की उस गली में हैं, जहाँ के एक 15 साल के लड़के की गोली लगने से मौत की बात कही जा रही है। श्वेता सिंह से बातचीत में महिलाएँ अपनी सुरक्षा को लेकर सशंकित दिखाई पड़ रही हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े कर रहीं हैं।

वीडियो में 500 हिंदुओं के गायब होने का दावा करने वाली महिला जो कुछ कह रही हैं, उससे प्रतीत होता है कि दंगाइयों ने पहले खुद मस्जिद में आग लगाई और फिर हिंदुओं को निशाना बनाया। वह कहती हैं, “मस्जिदया जला देलकै और कुल के गोलियो मार देलकै। जे उठाबे जाई ओकरे मारई। कुल भाग गेलैन हिंदुअन। 500 हिंदू गायब हई।” महिला ने ये भी बताया कि उनके घर के पुरुष कहाँ हैं, ये उन्हें नहीं पता।

एक अन्य महिला ने बताया है कि सीढ़ी लगाकर पुलिस घरों में घुसी और पुरुषों को ले गई। उन्होंने बताया कि घर में पुरुषों के नहीं होने के कारण महिलाएँ डरी हुईं हैं। एक साथ घरों के आगे बैठ उनका इंतज़ार कर रहीं हैं। महिला के मुताबिक पुलिस उनके घर के पुरुषों को दौड़ा-दौड़ा कर पकड़ रही है। मोहल्ले की एक अन्य महिला ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि उन्हें थाने से भगा दिया गया। एक अन्य महिला ने कहा कि अब दुबारा नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहिए।

श्वेता सिंह से बातचीत में एक महिला पूछती हैं, “क्या मियाँ पुलिस का दामाद लगता है?” महिलाओं का कहना है कि पुलिस उनका साथ नहीं दे रहा है। मोहल्ले में मृतक बच्चे के शव भी कई जगहों पर घुमाने का आरोप लगाया। एक अन्य महिला ने पुलिस पर सिर्फ हिन्दुओं को ही प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। महिला के मुताबिक जिसके नाम केस है, बस उसे ही पकड़ा जाए। लेकिन बिहार पुलिस घर में घुस कर गंदी-गंदी गालियाँ दे रही है। महिलाओं का यह भी आरोप है कि बिहार पुलिस मुस्लिमों की बस्ती की तरफ गई ही नहीं। एक अन्य महिला ने कहा, “मियाँ घर में चढ़ जाएगा तो कौन काम देगा हमको। अपना मर्दाना होता तो जरूर काम देता हमको।”

ऑपइंडिया महिलाओं के इन आरोपों की पुष्टि नहीं करता। नालंदा जिला प्रशासन हालात नियंत्रण में होने के बात कर रहा है। DM शशांक शुभंकर ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। साथ ही अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की बात कही है।

इस बीच बिहार पुलिस ने एक ट्वीट में भी बिहारशरीफ से लोगों के लापता होने के दावे को नकार दिया है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी महिला, पुरुष और बच्चे के लापता होने की शिकायत नहीं मिली है। साथ ही महिला पुलिसकर्मियों से छेड़छाड़, लोगों के पलायन करने सहित कई अन्य दावों को भी अफवाह बताया है।

ग्रूमिंग गैंग के आतंक पर टूटी ब्रिटेन की नींद, PM ऋषि सुनक ने बनाई टास्क फोर्स: पीड़िता ने किया था 5 लाख काफिर लड़कियों के साथ रेप का खुलासा

ग्रूमिंग गैंग के आतंक को खत्म करने के लिए ब्रिटेन ने टास्क फोर्स का ऐलान किया है। मुस्लिमों का यह गिरोह गैर मुस्लिम लड़कियों को टारगेट करता है। डॉ. एला हिल नाम की एक पीड़िता ने 2020 में खुलासा किया था कि यह गैंग 40 साल में कम से कम 5 लाख लड़कियों से रेप कर चुका है।

टास्क फोर्स का ऐलान करते हुए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक (Rishi Sunak) ने कहा है कि ग्रूमिंग गैंग का आतंक खत्म करने के लिए वे कुछ भी करने को तैयार हैं। बच्चों और लड़कियों के साथ हो रहे यौन अपराधों के खिलाफ कार्रवाई में राजनीति को आड़े नहीं आने दिया जाएगा।

सुनक ने कहा है, “पिछले साल मैंने कहा था कि अगर मैं प्रधानमंत्री बनूँगा तो ग्रूमिंग गैंग को समाप्त करने के लिए कड़े फैसले लूँगा। मैं इसके लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाने का ऐलान करता हूँ इसमें विशेषज्ञ पुलिस वाले होंगे जो बच्चों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को लेकर रिपोर्ट करेंगे और आरोपितों को कड़ी सजा दिलाएँगे।”

उन्होंने कहा, “मैं तब तक चैन से नहीं बैठूँगा जब तक यह सुनिश्चित नहीं हो जाता है कि हमारे बच्चे ऐसे माहौल में बड़े हो रहे हैं जो पूरी तरह सुरक्षित हो। यही कारण है कि मैं ग्रूमिंग गैंग पर नकेल कसने के लिए सरकार द्वारा की गई अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू करने जा रहा हूँ। इसको हमेशा के लिए खत्म करने के लिए जो कुछ भी करना होगा, हम करेंगे।”

बता दें कि इससे पहले ब्रिटेन की गृहमंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने कहा था कि इस गैंग से जुड़े अधिकांश लोग ब्रिटिश पाकिस्तानी हैं। डॉ. एला हिल को भी पाकिस्तानी मुस्लिम ब्वॉयफ्रेंड ने ही निशाना बनाया था। हिल ने बताया था कि यह गैंग पूरे ब्रिटेन में फैला हुआ है। बहुत कम ऐसे शहर हैं, जहाँ पर इस गैंग के स्कैंडल नहीं हैं। उन्होंने बताया था कि 40 वर्षों में अकेले ब्रिटेन में जिन करीब 5 लाख लड़कियों का बलात्कार किया गया, उनमें से अधिकतर गोरे हैं और उन्हें शिकार बनाने वाले मुख्य रूप से एशियाई मुस्लिम।

2021 में स्काई न्यूज से बात करते हुए एक अन्य पीड़िता ने बताया था, “मुझे लगता है कि 3 साल के समय में मेरा 150 लोगों ने रेप किया होगा। कई बार 1 दिन में 10 और 11 लोग भी मेरा रेप करते थे।” पीड़िता के अनुसार जब उसे निशाना बनाया गया तब वह 13 साल की थी।

पश्चिम बंगाल में अब दंगाइयों ने रेलवे स्टेशन को बनाया निशाना, पत्थरबाजी के बाद ट्रेनों का परिचालन करना पड़ा बंद: RAF की तैनाती

पश्चिम बंगाल से हिंसा की नई घटना सामने आई है। हुगली जिले के रिसड़ा रेलवे स्टेशन को 3 अप्रैल 2023 को निशाना बनाया गया। पत्थरबाजी की घटना के बाद ट्रेनों का परिचालन बंद करना पड़ा। कई घंटे तक लोकल और मेल एक्सप्रेस की सेवा बाधित रही। मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।

एक बयान में पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कौशिक मिरोन ने बताया है, “रिसड़ा रेलवे स्टेशन पर पथराव की घटना हुई। आम लोगों की सुरक्षा के लिए हावड़ा-बर्धमान मेन लाइन पर सभी लोकल और मेल एक्सप्रेस ट्रेन की सेवाओं को निलंबित कर दिया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों को तैनात किया गया है।”

रिपोर्टों के अनुसार दंगाइयों ने चार ट्रेनों पर हमला किया। हमले के दौरान रेलवे स्टेशन के गेट नंबर चार को निशाना बनाया गया। इसके कारण तीन घंटे से अधिक समय तक सेवाएँ ठप रहीं।

स्थिति पर काबू पाने की कोशिश के दौरान आरएएफ और पुलिस के जवानों पर भी दंगाइयों ने हमला किया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए उन्हें आँसू गैस के गोले दागने पड़े। रेलवे क्रासिंग के पास खड़ा पुलिस का एक वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी ने ताजा हिंसा के वीडियो ट्वीट किए हैं। उनका आरोप है कि इस दौरान बमबाजी भी हुई है। सुवेंदु के मुताबिक रेलवे सुरक्षा बल के हस्तक्षेप के बाद ट्रेन चलाई जा सकी है। अधिकारी का आरोप है कि एक तरफ रिसड़ा जल रहा है और दूसरी तरफ पूरे पश्चिम बंगाल का प्रशासन दीघा में छुट्टियाँ मना रहा है।

अधिकारी ने पूछा है कि जब राज्य सरकार सब कुछ सही बता रही है तो बमबाजी की नई घटना कैसे हुई। उन्होंने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से ध्वस्त बताते हुए राज्य में केंद्रीय बलों की तैनाती को अंतिम विकल्प बताया है।

गौरतलब है कि रामनवमी पर पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में हिंसा भड़क गई थी। खास तौर पर हुगली और हावड़ा काफी प्रभावित हुए थे। पश्चिम बंगाल भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया है कि उनके आदेश पर हिंसा से पीड़ित हिन्दुओं का ही पुलिस दमन कर रही है।

हुगली से भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी ने ममता बनर्जी सरकार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि ममता बनर्जी को वोट हिन्दुओं ने भी दिया था, लेकिन वो सिर्फ मुस्लिमों की चिंता कर रहीं हैं।

‘भारत कभी हिन्दू राष्ट्र नहीं हो सकता’: NCERT ने हटाए मुगलों के चैप्टर तो भड़के सपा MLA इकबाल महमूद, कहा – ताजमहल, लाल किला और क़ुतुब मीनार मुगलों की ही देन

नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने 12वीं के पाठ्यक्रम में बदलाव कर मुगलों से जुड़ी जानकारी हटाने का फैसला किया है। इसको लेकर समाजवादी पार्टी विधायक इकबाल महमूद ने कहा है कि मुगलों का इतिहास पूरी दुनिया में है। सरकार के मिटाने से मुगल नहीं मिटेंगे।

सपा विधायक इकबाल महमूद ने कहा है कि मुगलों ने लंबे समय तक हिंदुस्तान में राज किया है। मुगलों का इतिहास पूरी दुनिया में पढ़ाया जाता है। देश की किताबों से मुगलों की जानकारी हटाने से कुछ नहीं होगा। अब तक जितनी भी किताबें अब छप चुकी हैं उन्हें जब्त किया जाना चाहिए। इससे आने वाली पीढ़ी को मुगलों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकेगी।

इकबाल महमूद ने आगे कहा है कि मुगलों ने भारत को ताजमहल, लाल किला, और कुतुब मीनार जैसी इमारतें दी हैं। मुगलों ने भारत का पैसा भारत में ही लगाया। लेकिन यहाँ ऐसे लोग हुए हैं, जिन्होंने भारत को लूटा है। मुगलों ने हिंदुस्तान को तरक्की का रास्ता दिखाया। लाल किला और कुतुब मीनार का नाम बदलने से इतिहास को नहीं बदला जा सकता। सरकार सिर्फ अपने लिए और अपने वोटों के लिए ही काम कर रही है। भारत कभी हिंदू राष्ट्र नहीं हो सकता

गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी का मुगल प्रेम किसी से छिपा नहीं है। दिवंगत नेता मुलायम सिंह यादव से लेकर वर्तमान अध्यक्ष अखिलेश यादव तक मुगलों के प्रति अपना प्रेम दिखाते रहे हैं। अब एनसीईआरटी द्वारा सिलेबस में बदलाव होने के बाद सपा नेताओं का भड़कना स्वाभाविक है।

क्या है मामला

दरअसल, नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने 12वीं के पाठ्यक्रम में कई बड़े बदलाव किए हैं। ये बदलाव इतिहास, नागरिक शास्त्र और हिन्दी की किताबों में हुआ है। इतिहास की किताब से मुगल इतिहास से जुड़ी जानकारी हटाई गई है। वहीं हिंदी के पाठ्यक्रम से कविताएँ और पैराग्राफ हटाने का फैसला किया गया है। इसके अलावा 10वीं और 11वीं के पाठ्यक्रम से भी मुगल इतिहास से जुड़ी जानकारी हटाई गई है।

ट्रेन में आग लगाने वाला निकला शाहरुख़ सैफ, केरल में मजदूरी करता था: बैग से मिले कई जगहों के बारे में नोट्स, मृतकों में 2 साल की बच्ची भी

केरल में ट्रेन में आग लगाने वाले की पहचान शाहरुख़ सैफ के रूप में हुई है, जो नोएडा का रहने वाला है। वो बतौर मजदूर केरल में काम करता था। पुलिस ने उसका स्केच भी जारी किया है। उसने मामूली कहासुनी के बाद ट्रेन में पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी, जिससे 3 लोगों की मौत हो गई और 8 घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। इस मामले में एक गवाह रजाक है, जिसकी निशानदेही पर एलथूर पुलिस थाने में उसका स्केच तैयार करवाया गया।

रेलवे ट्रैक के पास से पुलिस को एक मोबाइल फोन भी मिला था, जिसे खँगालने के बाद कई सूचनाएँ मिलीं। लेकिन, इस फोन में कोई सिम कार्ड नहीं मिला। इसे पहले ही निकाल लिया गया था। इसे अंतिम बार गुरुवार (30 मार्च, 2023) को प्रयोग में लाया गया था। अब पुलिस शाहरुख़ सैफ के संपर्कों को तलाश रही है, ताकि उसे जल्द से लड़ दबोचा जा सके। पुलिस पहले ही कह चुकी है कि इस मामले का पर्दाफाश जल्द किया जाएगा।

इस मामले की आतंकी एंगल से भी जाँच की जा रही है। NIA ने भी इस मामले में शुरुआती जाँच शुरू कर दी है। ये घटना अलपुझा-कन्नूर एक्सप्रेस की है। मरने वालों में एक 2 साल का बच्चा और एक महिला भी शामिल है। 9 घायलों में से 3 की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। लोगों ने बताया कि आरोपित लाल कपड़ों में था और उसके पास दाढ़ी थी। वो इस अपराध को अंजाम देने के लिए D2 कपार्टमेन्ट से D1 कम्पार्टमेंट में आया था।

इस घटना के तुरंत बाद लोगों ने ट्रेन की चेन खींच कर ट्रेन को रोक दिया। उस समय अँधेरा था, जिसका फायदा उठा कर शाहरुख़ सैफ भाग खड़ा हुआ। घटनास्थल से एक बैग और फोन मिले थे। बैग में एक कागज पर तिरुवनंतपुरम और कन्याकुमारी के कुछ जगहों के नाम थे। कपड़े, चश्मा और पेट्रोल की एक बोतल भी मिली थी। मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने इस घटना की निंदा की है। केरल की भाजपा यूनिट ने इसे देशद्रोहियों की करतूत बताया है।