केरल के कोझिकोड जिले में चलती ट्रेन में आग लगाकर तीन लोगों की हत्या करने के आरोपित शाहरुख सैफी का दिल्ली के शाहीनबाग से भी कनेक्शन मिला है। केरल पुलिस की एक टीम जाँच के सिलसिले में बुधवार (5 अप्रैल 2023) को शाहीनबाग के उसके घर पहुँची। महाराष्ट्र एटीएस की मदद से केरल पुलिस ने उसे रत्नागिरी से दबोचा था।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक घटनास्थल से पुलिस ने एक बैग, डायरी और फोन बरामद किया था। फोन की जाँच से इसमें इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड की जानकारी मिली। पाया गया कि सिम कार्ड दिल्ली के जामिया नगर स्थित शाहीन बाग के पते पर लिया गया है। 31 मार्च 2023 को हरियाणा में सिम का इस्तेमाल बंद कर दिया गया था।
Delhi | A team of Kerala Police arrives at Shaheen Bagh to visit the residence of the Kozhikode train fire incident suspect, Shahrukh Saifi pic.twitter.com/luw2qmxm8i
बुधवार को केरल पुलिस शाहरुख के शाहीनबाग स्थित घर पहुँची। घर की तलाशी ली और परिवार वालों से पूछताछ की। शाहरुख के माता-पिता ने मामले के बारे में किसी तरह की जानकारी न होने की बात कही है। शाहरुख के पिता ने कहा है कि यदि उसने किसी तरह का गुनाह किया है तो उसे सजा दी जाए।
पिता के मुताबिक शाहरुख 31 मार्च 2023 को घर से नोएडा के निठारी के लिए निकला था, लेकिन फिर वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवा दी। परिजनों का कहना है कि उन्हें उसके केरल पहुँचने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। रिपोर्टों में बताया जा रहा है कि शाहरुख सैफी के पिता को पुलिस पूछताछ के लिए साथ लेकर गई है।
रत्नागिरी से पकड़ा गया शाहरुख
शाहरुख के बारे में जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उसके परिजनों के कई नंबरों को सर्विलांस पर रखा हुआ था। रात के करीब 1:30 बजे एक फोन चालू हुआ जिसका लोकेशन महाराष्ट्र के रत्नागिरी में दिखा रहा था। इसके बाद महाराष्ट्र एटीएस को इसकी जानकारी दी गई। उसे रत्नागिरी स्टेशन से दबोचा गया।
कुछ दिन पहले कोच्चि के ब्रह्मपुरम कचरा प्लांट में आग लग गई थी। इससे शहर गैस चैंबर में तब्दील हो गया था। पता चला है कि यह आग किसी ने जानबूझकर लगाई थी। मामले की जाँच एनआईए कर रही है। अब शाहरुख सैफी को 2 हफ्ते पहले त्रिपुनिथुरा में इरुम्पनम के पास देखे जाने की बात भी कही जा रही है।
पेट्रोल छिड़क कर लगा दी थी आग
बता दें 2 अप्रैल की रात केरल में एक ट्रेन में यात्रियों पर अचानक पेट्रोल छिड़क आग लगा दी गई थी। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी। इनमें एक महिला, 2 साल का बच्चा और एक पुरुष शामिल हैं। हादसे में 8-9 लोग जख्मी हो गए थे। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद चलती ट्रेन से भागते हुए शाहरुख को भी कई चोट आई थी। इसका इलाज कराने वह रत्नागिरी के एक अस्पताल में भी गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (5 अप्रैल, 2023) को 14 राजनीतिक पार्टियों द्वारा दर्ज की गई याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ED और CBI जैसी जाँच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि मोदी सरकार विरोध के स्वर को दबाने के लिए ED-CBI का इस्तेमाल हथियार की तरह कर रही है, विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है।
मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पार्डीवाला की बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि वो तथ्यात्मक परिप्रेक्ष्य के बिना कोई सामान्य निर्देश जारी नहीं कर सकते। पीठ ने कहा कि अगर किसी का कोई व्यक्तिगत मामला हो, तभी वो याचिका को सुन सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी सलाह दी कि राजनेता खुद को आम जनता से ऊपर नहीं रख सकते, इसीलिए उनके मामलों में कोई विशेष दिशानिर्देश जारी नहीं किया जा सकता।
याचिकाकर्ताओं ने कॉन्ग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी को अपना काउंसल वकील बना रखा था। जब उन्होंने देखा कि सुप्रीम कोर्ट याचिका पर सुनवाई को तैयार नहीं है, इसीलिए उन्होंने याचिका वापस ले ली। उन्होंने कुछ आँकड़े दिखा कर दावा किया कि जाँच एजेंसियों का इस्तेमाल सिलेक्टेड और टार्गेटेड मामलों में किया जा रहा है। उन्होंने गिरफ़्तारी, रिमांड और जमानत के लिए ऐसे मामलों में अलग से दिशानिर्देश जारी किए जाने की माँग की थी।
14 political parties went to the court which primarily included Congress party, RJD, TMC, AAP, BRS among others.
The Supreme Court observed that there is no separate law for politicians. Law is equal for all and therefore, the Court rejected their petition.
इन पार्टियों की माँग की कि गिरफ्तारी से पहले ये देखा जाए कि आरोपित के फ्लाइट से भागने की आशंका है या नहीं, सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका है या नहीं और ऐसे मामलों में अदालतों ने पहले गिरफ़्तारी को सही ठहराया है या नहीं। जाँच के लिए हाउस अरेस्ट की सलाह भी दी गई थी। दावा किया गया कि लोकतंत्र में ये विषम है, केवल विपक्ष पीड़ित है। हालाँकि, CJI ने कहा कि राजनेताओं को आम आदमी से ऊपर नहीं रखा जा सकता।
छत्तीसगढ़ में एक सनकी ने पूर्व प्रेमिका से बदला लेने के लिए बारूद भरा होम थियेटर वेडिंग गिफ्ट के तौर पर भेजा। म्यूजिक सिस्टम को ऑन करते ही घर में धमाका हो गया। इस घटना में दूल्हे और उसके भाई की मौत हो गई। मामला छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले का है। सोमवार (3 अप्रैल 2023) को हुए विस्फोट में डेढ़ साल के बच्चे समेत दूल्हे के परिवार के 7 सदस्य घायल भी हो गए थे।
पुलिस ने दुल्हन के पूर्व प्रेमी संजू उर्फ सरजू मरकाम को इस मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 33 वर्षीय सरजू शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। उसे मंगलवार (4 अप्रैल 2023) को मध्य प्रदेश के बालाघाट से गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि मरकाम 29 साल की महिला के साथ रिश्ते में था। वह उसे अपनी दूसरी पत्नी बनाना चाहता था।
एसपी मनीषा ठाकुर रावटे ने बताया कि चमारी गाँव में म्यूजिक थिएटर में हुए विस्फोट में दूल्हे हेमेंद्र मेरावी और उसके बड़े भाई राजकुमार की मौत हो गई थी। यह गाँव कबीरधाम जिला मुख्यालय से लगभग 70 किमी दूर है और मध्य प्रदेश की सीमा के करीब है।
पुलिस के अनुसार, कवर्धा जिले के रेगांखार थाना क्षेत्र के चमारी गाँव निवासी हेमेंद्र मेरावी की शादी दो दिन पहले मध्य प्रदेश के अंजना गाँव में हुई थी। शादी में उसे सोनी कंपनी के होम थिएटर म्यूजिक सिस्टम के साथ कई गिफ्ट मिले थे। सोमवार सुबह करीब 11.30 बजे परिवार के लोग शादी में मिले तोहफों खोल रहे थे। तभी हेमेंद्र और उसके बड़े भाई राजकुमार ने होम थिएटर चालू किया। होम थिएटर का बटन दबाते ही उसमें ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि घर की छत उड़ गई और दीवार गिर गई। हेमेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राजकुमार ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। ब्लास्ट के कारण डेढ़ साल के बच्चे समेत 7 लोग घायल हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
जाँच के दौरान सामने आया कि हेमेंद्र मेरावी की पत्नी पहले मरकाम के साथ रिश्ते में थी। उसे मरकाम के शादीशुदा होने की जानकारी नहीं थी। सच्चाई का पता चलने पर उसने मरकाम से शादी से इनकार कर दिया। बावजूद वह उस पर शादी का दबाव बनाता रहता था। पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह ने बताया कि आरोपित ने मेरावी को भी धमकी दी थी और इस बात को लेकर दोनों में कहासुनी भी हुई थी। सिंह ने बताया कि मरकाम ने बदला लेने के लिए म्यूजिक सिस्टम में बम फिट कर शादी में गिफ्ट कर दिया।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कुख्यात गैंगस्टर दीपक बॉक्सर (Deepak Boxer) को गिरफ्तार कर लिया है। वह फर्जी पासपोर्ट बनाकर मेक्सिको पहुँच गया था। अमेरिकी जाँच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) की मदद से वह मेक्सिको में पकड़ा गया और उसके बाद इस्तांबुल के रास्ते बुधवार (5 अप्रैल, 2023) सुबह उसे भारत वापस लाया गया। दीपक भारत में कई मामलों में वांटेड अपराधी है। दीपक बॉक्सर की गिरफ्तारी के लिए गृहमंत्री अमित शाह ने आदेश दिया था।
Deepak Boxer: Delhi’s most wanted #gangster arrested from #Mexico
कुख्यात गैंगस्टर दीपक पहल उर्फ बॉक्सर हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है। दीपक बॉक्सिंग में गोल्ड मेडलिस्ट रह चुका है। अपराध की दुनिया में बॉक्सर की एंट्री 2015 में हुई थी। गोगी गैंग से जुड़े अपराधी मोहित से हुई मुलाक़ात के बाद वह अपराध को अंजाम देने लगा। दीपक 2016 में बहादुरगढ़ में दिल्ली पुलिस कस्टडी से कुख्यात गैंगस्टर गोगी को छुड़ाने के बाद पहली बार चर्चा में आया था। इस दौरान उसने पुलिसकर्मियों पर गोलाबारी भी की थी, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
2018 में उसके गैंग पर मकोका के तहत कार्रवाई हुई थी, तभी से वह फरार था। इस दौरान वह लगातार आपराधिक वारदातों को अंजाम देता रहा। वह 10 मामलों में वांटेड अपराधी है। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास और महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत अन्य अपराध शामिल हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रोहिणी कोर्ट में कुख्यात गैंगस्टर जितेंद्र उर्फ गोगी की हत्या करवाने के बाद वह गोगी गैंग का मुखिया बन गया। यह गैंग लॉरेंस बिश्नोई की गैंग के साथ मिलकर काम करती थी। लॉरेंस बिश्नोई गैंग वही है, जो कई बार बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को जान से मरने की धमकी दे चुका है। दीपक बॉक्सर को विदेश भगाने में लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग ने अहम भूमिका निभाई। बिश्नोई चाहता था कि दीपक बाहर रहकर गैंग का कामकाज संभाले। 27 वर्षीय दीपक पहल विदेश से ही रंगदारी माँग रहा था।
स्पेशल सेल के स्पेशल सीपी एचजीएस धालीवाल ने बताया कि दिल्ली पुलिस के इतिहास में यह पहली बार है, जब संयुक्त पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मदद से मेक्सिको से एक भगोड़े अपराधी को भारत वापस लाया गया है। कोर्ट परिसर में उसके द्वारा अंजाम दिए गए हत्याकांड को लोगों ने ‘पाताल लोक’ में ‘हथौड़ा त्यागी (अभिषेक बनर्जी का किरदर)’ से भी जोड़ा था।
The Special Cell of #DelhiPolice was following him (gangster Deepak Boxer) for several months. There is no other bigger gangster in Delhi-NCR than this. Several teams have worked on this: HGS Dhaliwal, Special CP, Delhi Police
धालीवाल के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को दीपक बॉक्सर की लोकेशन के बारे में गुप्त सूचना मिलने के बाद ऑपरेशन शुरू किया गया। बॉक्सर और उसके गिरोह के खिलाफ इस साल 16 मार्च को स्पेशल सेल पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था, जिसके तहत इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। इस मामले में यह तय किया गया था कि बॉक्सर का पता लगाया जाए और उसे दुनिया के किसी भी कोने से गिरफ्तार किया जाए। करीब एक हफ्ते तक बॉक्सर के सभी पुराने साथियों, गुर्गों और आपराधिक सहयोगियों के साथ निकट संबंधियों से गहन पूछताछ की गई। सभी को एक साथ सर्विलांस पर रखा गया। तब जाकर लगभग एक महीने बाद यह खुलासा हुआ कि वह नकली पासपोर्ट बनवाकर भारत से मेक्सिको भाग गया है। मेक्सिको पहुँचने से पहले अपराधी अलग-अलग देशों में जाकर रुका था।
ऐसे पकड़ा गया दीपक बॉक्सर
दिल्ली स्पेशल सेल के स्पेशल सीपी एचजीएस धालीवाल HGS Dhaliwal ने मंगलवार (4 अप्रैल, 2023) को प्रेस वार्ता में बताया था कि इसी साल जनवरी में दीपक बॉक्सर बरेली से रवि अंटिल नाम का फर्जी पासपोर्ट बनाकर कोलकाता से दुबई भाग गया था।
VIDEO | Delhi Police’s Special Cell team landed at Delhi’s IGI Airport with Deepak ‘Boxer’ (One of the most-wanted gangsters in national capital) earlier today. pic.twitter.com/45EBW4UPk6
उन्होंने बताया कि दुबई से होते हुए वो अलमाटी, कजाखस्तान और फिर तुर्की पहुँचा। यहाँ से वो स्पेन गया। कई अलग-अलग देशों की यात्रा करने के बाद आखिरकार वह मेक्सिको पहुँचा। उसकी लोकेशन कैनकुन सिटी में मिली थी। मेक्सिको का यह इलाका मानव तस्करों के अड्डे और ड्रग्स डीलिंग के लिए बदनाम है। बॉक्सर यहाँ से अमेरिका भागने वाला था। इस बीच दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के 2 अनुभवी अधिकारियों को मैक्सिको भेजा गया।
मैक्सिको पुलिस और एफबीआई की मदद से दीपक बॉक्सर को गिरफ्तार किया गया। वह पिछले 5 वर्षों के 10 सनसनीखेज मामलों में शामिल है। उसे भारत लाने के लिए मेक्सिको, अमेरिका और भारत की खुफिया एजेंसियों के साथ विदेश मंत्रालय और कई देशों के दूतावास ने दिल्ली पुलिस (Delhi Police) का साथ दिया।
दिल्ली पुलिस ने हनुमान जन्मोत्सव पर जहाँगीरपुरी में शोभा यात्रा निकालने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। हनुमान जन्मोत्सव गुरुवार (06 अप्रैल 2023) को है। दिल्ली पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक विश्व हिंदू परिषद और एक अन्य संगठन की तरफ से शोभा यात्रा की इजाजत माँगी गई थी। पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए इजाजत नहीं दी है।
हनुमान जन्मोत्सव के मद्देनजर जहाँगीपुरी की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। एक दिन पहले बुधवार को दिल्ली पुलिस ने इलाके में फ्लैग मार्च भी किया। इसमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। पुलिस ने आम लोगों से किसी भी तरह का अफवाह न फैलाने की अपील की है।
#WATCH | Delhi: Police conduct flag march in Jahangirpuri ahead of Hanuman Jayanti.
Delhi Police has denied permission to Vishwa Hindu Parishad & another group to undertake processions in the Jahangirpuri area of Delhi on the occasion of Hanuman Jayanti on April 6. pic.twitter.com/Y8ZYL3BR3y
बता दें कि पिछले साल हनुमान जन्मोत्सव पर जहाँगीरपुरी में शोभायात्रा पर हमला हुआ था। इसे देखते हुए इस साल यहाँ रामनवमी शोभायात्रा निकालने की भी इजाजत नहीं दी गई थी। रामनवमी के अवसर पर देश के कई शहरों में हिंसा की घटनाओं सामने आई थीं। इसे देखते हुए दिल्ली पुलिस सतर्क है और जहाँगीरपुरी के चप्पे-चप्पे पर तैनात है।
पिछले साल हनुमान जन्मोत्सव पर 16 अप्रैल 2022 को जहाँगीरपुरी में शोभायात्रा पर कट्टरपंथी मुस्लिमों के समूह ने पथराव कर दिया था। इसके बाद इलाके में साम्प्रदायिक तनाव फैल गया था। तोड़फोड़ और आगजनी हुई थी। हमले में 8 पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।
दिल्ली पुलिस ने पिछले साल की घटना को ध्यान में रखते हुए जहाँगीरपुरी में रामनवमी शोभा यात्रा निकालने की भी इजाजत नहीं दी थी। हालाँकि इसके बावजूद इलाके में शांतिपूर्ण ढंग से रामनवमी पर शोभा यात्रा निकाली गई थी। जैसे ही दिल्ली के जहाँगीरपुरी इलाके में रामनवमी मनाने की तस्वीरें सामने आईं, ट्विटर पर कुछ यूजर भड़क गए और प्रतिबंध का हवाला देने लगे। इनमें आरजे सायमा और मेराज हुसैन जैसे लोग शामिल थे।
संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में इस वक्त 2 नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं – पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और पोर्न स्टार स्टॉर्मी डैनियल्स। डोनाल्ड ट्रम्प ने आत्मसमर्पण किया, उनकी गिरफ़्तारी हुई और फिर उन्हें अगली सुनवाई की तारीख़ देकर रिहा कर दिया गया। इससे उन्हें राजनीति में फायदा है या नुकसान, इस पर अलग-अलग विश्लेषण आ रहे हैं। आप सोच रहे होंगे कि ‘रिपब्लिकन पार्टी’ का सबसे बड़े नेता पर आखिर आरोप है क्या?
असल में उन पर बिजनेस फ्रॉड का मामला चल रहा है। ये मामला ‘Hus-Money Payment’ से जुड़ा हुआ है। इसका अर्थ है किसी खास सूचना को छिपाने के लिए किसी को रुपए देना। इसी लेनदेन के कारण डोनाल्ड ट्रम्प फँसे हुए हैं। पोर्न स्टार स्टॉर्मी डैनियल्स का कहना है कि डोनाल्ड ट्रम्प ने उनके साथ सेक्स किया था और उनके पूर्व वकील ने उन्हें 1.30 लाख डॉलर (1.06 करोड़ रुपए) का पेमेंट किया था। ये पेमेंट 2016 में हुआ था।
तब अमेरिका के राष्ट्रपति पद का चुनाव हो रहा था और डोनाल्ड ट्रम्प ने जीत दर्ज की थी। चुनाव के समय चुप्पी साधने के लिए पोर्न स्टार को रुपए दिए गए थे, मूल आरोप यही है। वकील माइकल कोहेन को बाद में कई मामले को जेल भेज दिया गया था। 2018 में ये आरोप पहली बार सामने आए थे। डोनाल्ड ट्रम्प पोर्न स्टार के साथ शारीरिक संबंध बनाने की बात नकार रहे हैं। जबकि स्टॉर्मी डैनियल्स (असली नाम – स्टेफनी क्लिफोर्ड) का कहना है कि जुलाई 2006 में एक चैरिटी गोल्फ टूर्नामेंट के दौरान वो डोनाल्ड ट्रम्प से मिली थीं।
कैलिफोर्निया और नेवाडा के बीच स्थित एक होटल और रिजॉर्ट है ‘Lake Tahoe’ नाम का। आरोप है कि डोनाल्ड ट्रम्प और स्टॉर्मी डैनियल्स ने यहीं रूम में सेक्स किया था। हालाँकि, डोनाल्ड ट्रम्प के वकील इसे नकार रहे हैं। पोर्न स्टार ने कहा था कि डोनाल्ड ट्रम्प ये सब को लेकर जरा भी चिंतित नहीं थे और वो उन्हें घमंडी लगे थे। उस समय डोनाल्ड ट्रम्प की पत्नी मेलेनिया उनके साथ नहीं थीं और उन्होंने अपने बच्चे को जन्म दिया था।
अब नए खुलासे में पोर्न स्टार का कहना है कि 2016 में जब उन्हें चुप रहने के बदले रुपए दिए गए तो उन्होंने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे स्वीकार कर लिया, क्योंकि उन्हें शारीरिक और कानूनी रूप से धमकाया गया था। उन्होंने बताया कि 2011 में लास वेगास स्थित एक कार पार्किंग में एक अज्ञात ने आकर उन्हें कहा था, “ट्रम्प को अकेला छोड़ दो।” स्टॉर्मी डैनियल्स का कहना है कि उस वक्त उनकी बच्ची भी उनके साथ थी।
Trump Awarded $122K In Legal Fees From Stormy Daniels Case – Real News Now. LOL. https://t.co/Yrq98HDDQI
अज्ञात ने आगे कहा था, “ये काफी सुंदर बच्ची है। अगर इसकी माँ को कुछ हो गया तो ये बड़े ही शर्म की बात होगी।” आरोप है कि वकील कोहेन की एक शेल कंपनी ने उन्हें 20 मिलियन डॉलर का क़ानूनी नोटिस भेज कर उन पर करार तोड़ने का आरोप लगाया था। ‘Hus-Money’ पेमेंट अवैध नहीं है, लेकिन ट्रम्प पर इसके लिए बिजनेस में गड़बड़ी करने के आरोप लग रहे हैं। मैनहटन कोर्ट में ट्रम्प ने खुद को निर्दोष बताया है।
हालाँकि, इन सबके बीच एक अदालत से ही पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए अच्छी खबर भी आई। स्टॉर्मी डैनियल्स ने उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज किया था, जो वो हार गई थीं। इसी मामले में कोर्ट ने उन्हें डोनाल्ड ट्रम्प की टीम को 1.20 लाख डॉलर (98.44 लाख रुपए) की क़ानूनी फीस के भुगतान का आदेश दिया। अब तक उन्हें 5 लाख डॉलर (4.10 करोड़ रुपए) भुगतान करने का आदेश दिया जा चुका है। ये मामला उसी कार पार्किंग धमकी से जुड़ा है। ट्रम्प ने इसे फर्जीवाड़ा बताया था, जिसके बाद स्टॉर्मी कोर्ट पहुँच गई थीं।
30 मार्च 2023 को गुजरात के गिर-सोमनाथ जिले के उना में रामनवमी के अवसर पर शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के बाद एक धर्म सभा का भी आयोजन हुआ। इस सभा को सामाजिक कार्यकर्ता काजल सिंगला (काजल हिंदुस्तानी) ने संबोधित किया। उनके भाषण को विवादास्पद बताकर स्थानीय मुस्लिमों ने पूरे शहर में हिंसक प्रदर्शन किए। जगह-जगह पथराव और आगजनी की। दो दिनों तक उना में उत्पात जारी रहा।
अब काजल सिंगला पर तथाकथित फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर समेत कई इस्लामवादी हमलावर हैं। इस्लामवादी गुजरात समेत देश के कई शहरों में रामनवमी शोभा यात्रा पर हमलों के बाद हुई हिंसा का दोष हिंदुओं पर मढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसी सिलसिले में काजल हिंदुस्तानी को भी निशाना बनाया जा रहा है, ताकि उना में हुई हिंसा का दोष उनके सिर पर मढ़ा जा सके। सोशल मीडिया पर हिंदुत्व वॉच और मोहम्मद जुबैर जैसे लोग काजल हिंदुस्तानी का नाम उछाल रहे हैं।
खबरों के मुताबिक उना में हुई रामजी की शोभायात्रा में 30 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए। जुलूस के बाद त्रिकोण बाग के पास रावणवाड़ी में धार्मिक सभा का आयोजन किया गया। इसमें काजल हिंदुस्तानी ने भाषण दिया। काजल हिंदुस्तानी ने अपने भाषण में लव जिहाद और लैंड जिहाद समेत कई मुद्दों पर बात की।
इसके बाद शुक्रवार (31 मार्च, 2023) को बड़ी संख्या में मुस्लिम सड़कों पर उतरे और रामनवमी के अवसर पर दिए गए भाषण को विवादास्पद कहते हुए उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। गौरतलब है कि यह जुमे का दिन था। मुस्लिम भीड़ ने एक पुलिस थाने के आगे ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाए गए। इससे संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
Again, Sar tan se juda slogan raised by jihadi radicals in Una, Gujarat Muslim goons raised slogans in front of the police post, @sanghaviharsh now in what language will you answer them? You used to say that you will forget to look at the stone !#HindusUnderAttackpic.twitter.com/uPwCHJ5era
जुमे के दिन मुस्लिमों द्वारा प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद सांप्रदायिक तनाव फैलने लगा। जिसे देखते हुए उना पुलिस ने हिंदू और मुस्लिम पक्ष के नेताओं को बुलाया। अगले दिन बैठक के बीच दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया और स्थिति तनावपूर्ण होने पर मुस्लिम नेता बैठक छोड़कर चले गए। शहर में इसकी भनक लगते ही पूरा बाजार बंद हो गया। गिर-सोमनाथ एसपी ने सर्किट हाउस में दोनों समुदाय के पाँच-पाँच नेताओं को बुलाकर समझौता कराया। इस दौरान शहर में पुलिस ने गश्ती बढ़ा दी।
सुलह के कुछ ही घंटों बाद शाम को फिर से माहौल बिगड़ गया और शहर में पथराव की घटना हो गई। देर शाम उना के कुंभरवाड़ा, कोलीवाड़ और चंद्रकिरण समाज क्षेत्र में असामाजिक तत्वों ने पथराव किया गया और सोडा की बोतलें भी फेंकी गईं। पुलिस ने किसी तरह सड़क पर उतरी भीड़ को नियंत्रित किया। शुक्रवार (31 मार्च, 2023) को मुस्लिम युवकों ने चक्का जाम कर ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाए। इसके बाद शनिवार की शाम पथराव हुआ। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 70 पत्थरबाजों को हिरासत में लिया।
उना में पुलिस को पत्थरबाजों व दंगाइयों की धर-पकड़ के दौरान भारी मात्रा में हथियार मिले, जो एक पूर्व नियोजित साजिश की ओर इशारा कर रहे हैं। पुलिस को मिले हथियारों में तलवार, कुल्हाड़ी, चाकू, उस्तरा, लोहे का पाइप, लकड़ी और काँच की बड़ी बोतलें मिली हैं। पुलिस हथियारों को जब्त कर आगे की कार्रवाई कर रही है।
2 अप्रैल को काजल हिंदुस्तानी ने इंडिया टीवी को इंटरव्यू दिया। तब तक जिहादियों ने काजल हिंदुस्तानी को ‘सर तन से जुदा’ की धमकी देनी शुरू कर दी थी। ऐसे में लोगों को उम्मीद थी कि काजल हिंदुस्तानी अपने उना वाले भाषण पर सफाई दे सकती हैं। इंडिया टीवी के शो ‘सवाल तो बनता है’ में काजल सिंगला ने हेट स्पीच पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि आज अगर देश में कोई हिंदू साँस लेता है तो कुछ लोग इसे हेट स्पीच समझते हैं।
काजल ने लगभग 40 मिनट के साक्षात्कार के दौरान कई मुद्दों पर खुलकर अपने विचार प्रकट किए। उन्होंने कहा कि मैंने आज तक कभी किसी जाति, धर्म या भगवान के बारे में बुरा नहीं बोला। मैंने सच कहा है और अगर इसमें भी किसी को बुरा लगता है तो मैं जिम्मेदार नहीं हूँ। उन्होंने कहा कि पीएफआई की साजिश के तहत देश में लव जिहाद, जमीन जिहाद और धर्मांतरण की घटनाएँ हो रही हैं। पीएफआई भारत के लिए एक खतरनाक संगठन है जो मुस्लिम नौजवानों को कट्टरवाद, आतंकवाद और अलगाववाद सिखाता है।
काजल हिंदुस्तानी ने आगे कहा, “मैं उनकी लव जिहाद, लैंड जिहाद जैसे मंसूबों के खिलाफ बोल रही हूँ, इसलिए मुझे नहीं लगता कि मैं कुछ गलत कह रही हूँ या हेट स्पीच दे रही हूँ।” सोशल एक्टिविस्ट ने कहा कि जब मैं मुस्लिम समाज में महिलाओं के फायदे के लिए यूनिफॉर्म सिविल कोड की बात करती हूँ तो लोगों को बुरा लगता है। बता दें इन दिनों गुजरात में लव जिहाद और लैंड जिहाद के कई मामले सामने आए हैं।
रामनवमी के अवसर पर आयोजित सभा में लव जिहाद और लैंड जिहाद के खिलाफ आवाज उठाने वाले भाषण के बाद कई मुस्लिम नेताओं ने काजल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी। उनपर एफआईआर दर्ज कर लिया गया। उन पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया गया। इस बीच अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस्लामवादी यूजर सक्रिय हुए और काजल हिंदुस्तानी को निशाना बनाना शुरू किया। हमेशा की तरह यह दिखाने की कोशिश हुई कि दंगों के पीछे हिंदुओं का ही हाथ है।
कुख्यात ट्विटर अकाउंट हिंदुत्व वाच(@HindutvaWatchIn) ने काजल हिंदुस्तानी के एक वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा, “एक हिंदू जागृति सम्मेलन में काजल शिंगला उर्फ काजल हिंदुस्तानी ने मुस्लिमों को निशाना बनाते हुए घृणास्पद भाषण दिया। वो बार-बार यह अपराध करती हैं। उन्होंने हिंदुओं से आह्वान किया कि अपनी रक्षा के लिए जाग जाएँ और हथियार उठा लें।”
Location: New Delhi
At Hindu Jagruti Samelan, Kajal Shingla aka Kajal Hindusthani, a repeat offender, delivered hate speech targeting Muslims and called on Hindus to wake up and pick arms to defend themselves. pic.twitter.com/o8P2aTcvwe
जैसा कि इस वीडियो में सुना जा सकता है कि काजल हिंदुओं से खतरे का सामना करने के लिए शस्त्र उठाने की बात कर रही हैं न कि किसी पर हमला करने के लिए। काजल आत्मरक्षा की बात कर रही हैं। हालाँकि इसके तुरंत बाद प्रोपेगेंडा पोर्टल ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक और तथाकथित फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर ने हिंदुत्ववाच के वीडियो को शेयर किया। उसने दिल्ली पुलिस को टैग करते हुए लिखा, “काजल सिंगला (काजल हिंदुस्तानी) कहती हैं- उठो हिंदुओं, खड़े हो जाओ, अपनी रक्षा के लिए शस्त्र उठा लो। क्या यह हथियार उठाने के लिए उकसाना नहीं है?”
Kajal Singla (Kajal Hindustani) says, “Utho Hinduon shastra apne aap uthao, apni raksha apne aap karo”. Isn’t this provocation to pick up arms? @DelhiPolice ? https://t.co/EETZzknITe
यहाँ भी यह फ़ैक्टचेकर ज़ुबैर आत्मरक्षा में हथियार उठाने के आह्वान को भड़काऊ बता रहा है। गौरतलब है कि यह वही फैक्ट चेकर है जिसने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा को सोशल मीडिया पर इसी तरह निशाना बनाया था और इसके परिणामस्वरूप इस्लामवादियों से उन्हें ‘सर तन से जुदा’ की धमकी मिली थी। जुबैर के भड़काने के बाद ही कट्टरपंथियों ने उदयपुर में कन्हैया लाल नाम के एक व्यक्ति की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी थी, क्योंकि उसने सोशल मीडिया पर नूपुर शर्मा के समर्थन में एक पोस्ट लिखा था।
उसके बाद नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट लिखने पर महाराष्ट्र के अमरावती में उमेश कोल्हे की भी इस्लामवादियों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। इन इस्लामवादियों खासकर मोहम्मद जुबैर जैसे लोगों ने नूपुर शर्मा के जीवन को खतरे में डाल दिया है। उसी तरह का माहौल अब वे काजल हिंदुस्तानी के लिए बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
गौरतलब है कि 2 अप्रैल के बाद से काजल हिंदुस्तानी के किसी भी सोशल मीडिया हैंडल पर कोई पोस्ट या स्टेटस नहीं देखा गया है। ऑपइंडिया की टीम ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की है, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। अब यह देखना होगा कि काजल हिंदुस्तानी की आगे की जिंदगी क्या नूपुर शर्मा की तरह ही जिहादियों से डरकर छिपने में गुजरेगी। या इस बार स्थिति बिगड़ने से पहले ही सरकार और सिस्टम द्वारा कुछ कदम उठाए जाएँगे।
हाल ही में रामनवमी के दौरान देश के कई इलाकों में हिन्दुओं के खिलाफ हिंसा देखने को मिली। बिहार और पश्चिम बंगाल में दंगे लंबे समय तक चलते रहे। वहीं अब गुरुवार (6 अप्रैल, 2023) को हनुमान जयंती का भी त्योहार है। ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की है कि वो सुनिश्चित करें कि हनुमान जयंती के दिन कोई हिंसा न हो। सलाह दी गई है कि उस दिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले से तैयारी कर ली जाए।
इससे साफ़ पता चलता है कि रामनवमी और उसके बाद हुई हिंसा की वारदातों के बाद अब केंद्रीय गृह मंत्रालय सतर्क है। MHA ने राज्यों से कहा है कि वो उन सभी पहलुओं का ध्यान रखें, जो त्योहार के दौरान सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की आशंका रखता हो। त्योहार का शांतिपूर्ण आयोजन हो सके, ये सुनिश्चित करने को कहा गया है। बिहार का सासाराम और नालंदा हिंसा की कई घटनाओं से जलता रहा। पीड़ित हिन्दुओं ने कैमरे के सामने आकर अपनी बातें रखी हैं।
West Bengal government submits before Calcutta High Court a report on the recent violence in Shibpur & Rishra. The court asks the state govt what steps it is taking to ensure peace and tranquillity in the state in view of the upcoming Hanuman Jayanti. Court tells state govt that…
उधर शिबपुर और रिशरा में ताज़ा हिंसा को लेकर पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने कलकत्ता हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश की। इसके बाद उच्च न्यायालय ने TMC सरकार से पूछा कि वो हनुमान जयंती के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कौन-कौन से कदम उठा रही है? राज्य में जो महत्वपूर्ण इमारतें हैं, उनकी सुरक्षा के लिए केंद्र से अर्धसैनिक बलों की तैनाती के लिए निवेदन करने की सलाह भी कलकत्ता हाईकोर्ट ने बंगाल सरकार को दी।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि ये निर्देश देना ज़रूरी था, ताकि आम जनता को ये आश्वासन मिले कि वो वो बिना किसी डर और नुकसान की आशंका के हनुमान जयंती के आयोजनों में हिस्सा लें। हावड़ा और हुगली में रामनवमी के दौरान सबसे ज्यादा हिंसा देखने को मिली थी। कलकत्ता हाईकोर्ट ने ‘सतर्कता से सावधानी भली’ कहावत की याद दिलाते हुए सलाह दी कि बंगाल सरकार अर्धसैनिक बलों की सहायता ले। बता दें कि सीएम ममता बनर्जी ने रमजान का हवाला देते हुए हिन्दुओं को ‘मुस्लिम एरिया’ में न जाने की सलाह दी थी।
कन्नड़ फिल्मों के सुपरस्टार किच्चा सुदीप (Kichcha Sudeep) को धमकी मिली है। धमकी भरे पत्र में उनके प्राइवेट वीडियो लीक करने की बात कही गई है। उन्हें ऐसे वक्त में धमकी दी गई है जब कर्नाटक विधानसभा चुनावों में उन्हें बीजेपी को समर्थन देने का ऐलान किया है। हालाँकि बीजेपी में शामिल होने की अटकलों को उन्होंने खारिज कर दिया है।
किच्चा सुदीप ने बुधवार (5 अप्रैल 2023) को बेंगलुरु में मीडियाकर्मियों से कहा, “मैं केवल भाजपा के लिए प्रचार करूँगा, चुनाव नहीं लड़ूँगा।” इसके साथ ही उन्होंने धमकी भरा पत्र मिलने की खबर की पुष्टि भी की। ‘विक्रांत रोणा’ फिल्म के अभिनेता ने कहा, “हाँ, मुझे धमकी भरा पत्र मिला है और मैं जानता हूँ कि यह मुझे किसने भेजा है। मुझे पता है कि यह फिल्म इंडस्ट्री में से ही कोई एक है। मैं उन्हें करारा जवाब दूँगा। मैं उन लोगों के पक्ष में काम करूँगा, जो मेरे कठिन समय में मेरे साथ खड़े हैं।”
I will only campaign for the BJP, not contest the elections: Kannada actor Kichcha Sudeepa, in Bengaluru pic.twitter.com/tw5oewOAXd
दरअसल, कर्नाटक में 10 मई 2023 को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले साउथ के सुपरस्टार किच्चा सुदीप और दर्शन थुगुदीपा के भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं ने काफी ज़ोर पकड़ा था। इस दौरान किच्चा सुदीप के मैनेजर को एक धमकी भरा पत्र मिलने की खबर सामने आई थी। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केस भी दर्ज किया था।
पुलिस के अनुसार, अभिनेता सुदीप के मैनेजर जैक मंजू (Jack Manju) को एक धमकी भरा पत्र मिला था, जिसमें आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया था। इसके साथ ही अभिनेता के प्राइवेट वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करने की धमकी दी गई थी। पुत्तनहल्ली पुलिस ने अभिनेता के मैनेजर की शिकायत के आधार पर आईपीसी की धारा 504, 506 और 120 (बी) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जाँच की जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले को केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) को सौंपने के बारे में भी विचार किया था। गौरतलब है कि पिछले साल किच्चा सुदीप अपने एक बयान के कारण काफी सुर्खियों में रहे थे। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा था कि ‘हिंदी अब एक राष्ट्रीय भाषा नहीं है।’ उनके इस बयान पर विवाद हो गया था। इसके बाद अजय देवगन ने उनकी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी थी। अजय देवगन ने कहा था, “अगर हिंदी राष्ट्रीय भाषा नहीं है तो अपनी फिल्में हिंदी में क्यों डब करते हो।” इस विवाद ने साउथ बनाम हिंदी इंडस्ट्री की बहस छेड़ दी थी।
रामनवमी के मौके पर बिहार के अलग-अलग इलाकों में जम कर हिंसा हुई, जिसका सबसे ज्यादा असर सासाराम और नालंदा में देखने को मिला। पीड़ित हिन्दुओं ने मीडिया के सामने अपनी व्यथा रोई है। अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी दंगों को लेकर बयान दिया है। विधानसभा में विपक्षी भाजपा ने आक्रामक रूप से इस मुद्दे को उठाया। विधायक जीवेश मिश्रा को 5 मार्शल टाँग कर सदन से बाहर ले आए। नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने भी बिहार की जदयू-राजद महागठबंधन सरकार पर हमला बोला।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हिंसा की घटनाओं पर कहा, “पुलिस-प्रशासन वगैरह सब लोगों ने मिल कर काम किया, बहुत अच्छे ढंग से सब कुछ कंट्रोल हुआ। मैंने एक-एक व्यक्ति से पूछा, और जान लीजिए, सभी लोग लगे हुए हैं। एक-एक घर में जाकर देखा जा रहा है। कुछ दिन के बाद आपलोगों को पता चलेगा। जानबूझ कर ये सब करवाया गया है। एक जगह (सासाराम) उन्हें जाना था तो वहाँ करवाया गया। और दूसरी जगह बिहारशरीफ है, समझ गए? पूरे राज्य का नाम बिहार और उस जगह का नाम भी बिहार है। ये नाम हमने ही रखा है।”
नीतीश कुमार ने कहा कि बिहारशरीफ में धंधा करने की जो कोशिश की गई है, ये सब पता चलेगा। उन्होंने कहा कि कुछ न कुछ बोलते रहता है, लेकिन कहीं कुछ है ही नहीं। उन्होंने कहा कि ये सब पर जाँच हो रही है और उनकी अपील है कि आपस में कोई झगड़ा न हो। उन्होंने दावा किया कि आज तक ये सब नहीं हुआ। साथ ही पूछा कि अब ये सब क्या हुआ? उन्होंने सोशल मीडिया पर भी अनाप-शनाप डाले जाने का आरोप लगाया।
सीएम नीतीश कुमार ने सारा हिंसा का ठीकरा ‘2 लोगों’ पर फोड़ते हुए कहा कि एक राज कर रहा है और दूसरा उसका एजेंट है। उन्होंने कहा कि यही दोनों मिल कर इधर-उधर कर रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राज्यपाल से बात किए जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार से बातचीत की जाती है। उन्होंने दावा किया कि अटल बिहारी वाजपेयी के काल में पार्टी अच्छे तरीके से चलती थी, लेकिन आजकल सारी चीजों पर कब्ज़ा कर लिया गया है।
सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि एक-एक चीज पर नजर है, पूरे बिहार पर नजर है, उन्होंने तत्काल बैठक की है। उन्होंने अमित शाह के बयान ‘दंगाइयों को उलटा लटका कर सीधा करेंगे’ वाले बयान पर कहा कि 2017 में भाजपा के साथ उनकी सरकार थी तब भाजपा नेता के एक बेटे ने ही सब किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया में एकतरफा ‘उनलोगों’ का ही छपता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों से उन्हें काफी उम्मीद है, वो लोग लोगों से बात करेंगे तो सच्चाई पता चलेगी।
नालंदा जाने के सवाल पर नीतीश कुमार ने कहा कि ये तो उनकी जगह ही है और वो पटना से ही बात कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि वो वहाँ जाते ही रहते हैं और कई कार्य करवाए हैं। असदुद्दीन ओवैसी के आरोपों पर उन्होंने कहा कि AIMIM केंद्र सरकार की सत्ताधारी पार्टी का एजेंट है। उन्होंने कहा कि ज्यादा सांसदों वाली पार्टी की खबरें नहीं छपती, लेकिन ओवैसी की खबरें छपती है। उन्होंने पूछा कि ओवैसी कहाँ के रहने वाले हैं और यहाँ उनका क्या है?
उन्होंने ये भी कहा कि सुशील मोदी को तो बोलना ही न है, दूसरा कौन उपाय है। उधर एक अन्य वीडियो में पूर्व मंत्री और दरभंगा के जाले से विधायक जीवेश मिश्रा को मार्शलों ने टाँग कर विधानसभा से बाहर कर दिया। इस पर उन्होंने ऐतराज जताते हुए कहा कि विपक्षी जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है। मिश्रा ने कहा कि बिहार में दंगों और हिन्दुओं पर हुए अत्याचार, रामनवमी के जुलूस पर पत्थरबाजी और हिन्दुओं के कत्लेआम पर उन्होंने सीएम नीतीश से सदन में आकर जवाब देने को कहा तो उनके साथ ऐसा हुआ।
#WATCH | Bihar: BJP MLA Jivesh Mishra carried out of the House by marshals on order of Bihar Assembly Speaker for causing a ruckus inside Assembly pic.twitter.com/YGChQ7q47K
उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष पर एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र को शर्मसार करने का काम किया गया है। हालाँकि, विधानसभा में भाजपा नेताओं ने जब विरोध किया तो बिहार सरकार के मंत्री-विधायक हँसते हुए नजर आए। बता दें कि बिहार में रामनवमी के बाद कई हिन्दुओं के गायब होने की बात कही जा रही है। विपक्षी दलों और पीड़ितों के आरोपों को वहाँ की सरकार और पुलिस लगातार नकार रही है।