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भारत में ब्लॉक किया गया BBC पंजाबी का ट्विटर हैंडल, खालिस्तानी अमृतपाल सिंह पर चला रहा प्रोपेगंडा

पंजाब में खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के खिलाफ जारी कार्रवाई के बीच बीबीसी पर बड़ा एक्शन लिया गया है। सरकार ने बीबीसी न्यूज़ पंजाबी (BBC News Punjabi) के ट्विटर अकाउंट पर भारत में रोक लगा दी है। इससे पहले भी कुछ अन्य ट्विटर अकाउंट पर रोक लगाई गई थी।

बीबीसी पंजाबी के ट्विटर हैंडल ‘@bbcnewspunjabi’ पर जाने में एक मैसेज दिखाई दे रहा है। इस मैसेज में कहा गया है – कानूनी माँग के जवाब में इस अकाउंट को भारत में रोका गया है। ऐसा पहली बार नहीं है जब बीबीसी पर इस तरह की कार्रवाई की गई हो।

बीबीसी न्यूज़ पंजाबी के ट्विटर अकाउंट का स्क्रीनग्रैब

इससे पहले सरकार ने बीबीसी की प्रोपेगेंडा डॉक्यूमेंट्री ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ के प्रसारण पर भी भारत में रोक लगा दी थी। यह डॉक्यूमेंट्री साल 2022 में हुए गुजरात दंगो पर आधारित थी। इस डॉक्यूमेंट्री में भारत की एकता और अखंडता पर प्रहार करने की कोशिश की गई थी।

बता दें कि इससे पहले 19 मार्च, 2023 को खालिस्तान समर्थक सांसद और शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान का ट्विटर अकाउंट भी इसी तरह बैन किया गया था। वह संगरूर लोकसभा सीट से सांसद हैं। सिमरनजीत के ट्विटर अकाउंट पर भी “कानूनी माँग के जवाब में इस अकाउंट को भारत में रोका गया” का मैसेज दिखाई दे रहा है।

यही नहीं, 20 मार्च 2023 को कनाडा के सांसद जगमीत सिंह का ट्विटर अकाउंट भी भारत में बैन किया गया था। बता दें कि जिन ट्विटर अकाउंट पर कार्रवाई की जा रही है उन पर अमृतपाल सिंह के खिलाफ पंजाब पुलिस की कार्रवाई को लेकर गलत तरीके से दिखाने या बताने का आरोप है।

फरार है अमृतपाल सिंह

बता दें कि खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह पुलिस कार्रवाई से बचने के फरार हो गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस और जाँच एजेंसियाँ लगातार प्रयास कर रहीं हैं। इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि अमृतपाल सिंह नेपाल भाग गया होगा। इसको लेकर भारत सरकार के अनुरोध के बाद नेपाल ने उसे निगरानी सूची में रखा हुआ है। भारत ने नेपाल से कहा है कि अमृतपाल सिंह को किसी अन्य देश में भागने की अनुमति नहीं दी जाए।

पंजाब बठिंडा रेंज के आईजी सुखचैन सिंह ने कुछ दिन पहले जानकारी दी थी कि पंजाब पुलिस ने 207 लोगों को पकड़ा है, जिनमें 177 लोगों को हिरासत में रखा गया है। वहीं, 30 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके पहले IG ने कहा था कि जिन्हें हिरासत में रखा गया है, उन्हें चेतावनी देकर छोड़ा जा सकता है। इसके बाद 24 मार्च 2023 को 44 लोगों को रिहा कर दिया गया था। इधर, अमृतपाल की एक नई तस्वीर सामने आई है। इस तस्वीर में वह अपने साथी पपलप्रीत के साथ हाइवे के किनारे बैठकर एनर्जी ड्रिंक रहा है। ये तस्वीर कहाँ की है, इसका पता नहीं लग पाया है। हालाँकि, दोनों को सुरक्षा एजेंसियाँ हर जगह तलाश रही हैं।

इसके पहले भी अमृतपाल की कई तस्वीरें सामने आई थीं। इन तस्वीरों में वह जुगाड़ पर बैठा दिख रहा था तो एक में वह छाता लिए हुए कहीं जा रहा है। इसके अलावा, एक अन्य तस्वीर में वह बैग लिए हुए और अपना मुँह ढँक कर तेजी से आगे जाते हुए दिख रहा था।

जामिया हिंसा मामले में दिल्ली HC ने पलटा निचली अदालत का फैसला, शरजील इमाम समेत 9 पर चलेगा केस: कोर्ट ने कहा- हिंसा करना अधिकार में नहीं आता

साल 2019 जामिया हिंसा मामले में दिल्ली कोर्ट ने आज (28 मार्च 2023) निचली अदालत का फैसला पलटते हुए अपना निर्णय सुनाया। इस दौरान उन्होंने 11 में से 9 आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किए। इनमें शरजील इमाम, सफूरा जरगर और आसिफ इकबाल समेत 9 का नाम है। इससे पहले निचली अदालत ने 11 आरोपितों को आरोपमुक्त किया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में फैसले को लेकर अपनी याचिका डाली थी।

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने फैसला देते हुए कि शांतिपूर्ण रूप से एकजुट होने के अधिकार में कुछ प्रतिबंधों के अधीन है और हिंसा करना या हिंसक भाषणा देना किसी भी हाल में उस अधिकार में संरक्षित नहीं होते। कोर्ट ने कुछ आरोपितों पर आरोप तय करते हुए कहा, “वीडियो के शुरू में ही दिख रहा है कि भीड़ की पहली लाइन में खड़े होकर लोग दिल्ली पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे और हिंसात्मक ढंग से बैरिकेड को धक्का दे रहे थे।”

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कोर्ट ने मोहम्मद कासिम, अनवर, शहजर राणा खान, उमर अहमद, मोहम्मद बिलाल नदीम, शरजील इमाम, सफूरा जरगर और चंदा यादव के खिलाफ आईपीसी की धारा 143, 147, 149, 186, 353, 427 और प्रीवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट की धारा 3 के तहत आरोप तय किए हैं।

वहीं मोहम्मद शोएब और मोहम्मद अबुजर पर आईपीसी की धारा 143 लगाई गई है बाकी सभी धाराओं से कोर्ट ने उनको बरी कर दिया है। जबकि आरिफ इकबाल तन्हा को धारा 308, 323, 341 और 435 से बरी किया गया है। बाकी सब धाराओं में उसपर आरोप तय हैं।

उमेश पाल की किडनैपिंग में अतीक अहमद दोषी करार, MP-MLA कोर्ट के बाहर ‘जूतों की माला’ से हो रहा इंतजार

माफिया अतीक अहमद को प्रयागराज कोर्ट ने उमेश पाल के अपहरण के मामले में दोषी करार दिया है। बता दें कि विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में उमेश पाल गवाह थे, जिनका अपहरण कर उन्हें डराया-धमकाया गया था। हालाँकि, फरवरी 2023 में, अपहरण की घटना के 17 साल बाद उमेश पाल की अतीक अहमद और उसके परिवार ने हत्या भी करा दी।

इसी बीच प्रयागराज MP-MLA कोर्ट के बाहर एक व्यक्ति जूतों की माला लेकर खड़ा था। उसने दावा किया कि वो अतीक अहमद को ये माला पहनाना चाहता है। उसने ये भी दावा किया कि ये जूते उमेश पाल के परिवार वालों के हैं। हालाँकि, अतीक अहमद को पुलिस वाले घेरे हुए थे। 25 जनवरी, 2005 को राजू पल की हत्या कर दी गई थी। उमेश पाल की पत्नी की शिकायत पर धूमनगंज पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया गया था।

समाजवादी पार्टी के शासनकाल में प्रयागराज में अतीक अहमद की तूती बोलती थी। 2004 के लोकसभा चुनाव में उसने फूलपुर से जीत दर्ज की थी। साथ ही वो इलाहाबद पश्चिम सीट से लगातार 5 बार विधायक भी रह चुका है। उसके खिलाफ 100 से भी अधिक आपराधिक मामले चल रहे हैं। वो सोनेलाल पटेल द्वारा गठित ‘अपना दल’ का अध्यक्ष भी रह चुका है। उसकी बीवी शाइस्ता परवीन भी उमेश पाल की हत्या के मामले में फरार है।

अब अदालत अतीक अहमद सहित सभी दोषियों को सज़ा भी सुनाएगी। हालाँकि, उमेश पाल के परिजनों ने अतीक अहमद के लिए फाँसी की सज़ा की माँग की है। ये पहली बार हो रहा है, जब किसी मामले में अतीक अहमद को दोषी करार दिया गया हो। क्योंकि, पहले गवाहों को डराने-धमकाने से लेकर जजों के पीछे हटने तक के मामले सामने आते थे। अतीक अहमद को फ़िलहाल सुप्रीम कोर्ट से भी झटका मिला है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि स्टेट मशीनरी कानून के हिसाब से कार्रवाई करेगी।

उमराह के लिए जा रहे थे हज यात्री, बस का ब्रेक फेल होने से 20 की झुलस कर मौत: पहाड़ी से ऊपर उठा दिखा काला धुआँ, वीडियो आया सामने

सऊदी अरब में उमराह के लिए जा रहे यात्रियों की बस दुर्घटना का शिकार हो गई है। इस हादसे में अलग-अलग देशों के लगभग 20 यात्रियों की मौत हो गई है। लगभग 29 अन्य यात्री घायल बताए जा रहे हैं, जिनका इलाज चल रहा है। हादसे की वजह बस का ब्रेक फेल होना बताया गया है। हादसे के दौरान बस में आग लग गई थी। इस हादसे का वीडियो भी वायरल हो रहा है। घटना सोमवार (27 मार्च, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटनास्थल सऊदी अरब की असीर प्रांत और आभा शहर को जोड़ने वाली सड़क है। यहाँ एक बस में लगभग 50 की संख्या में लोग सवार हो कर मक्का की तरफ जा रहे थे। ये सभी उमराह करने मक्का की तरफ निकले थे। अचानक ही बस के ब्रेक फेल हो गए। ड्राइवर ने बस कंट्रोल में रखने की काफी कोशिश की, लेकिन वो नाकाम रहा। बस सड़क के किनारे बने एक पुल से टकरा कर पलट गई। इस टक्कर से बस में आग लग गई। जब तक कोई कुछ समझ पाता तब तक 20 यात्री बुरी तरह से झुलस गए, जिनकी मौत हो गई।

सऊदी अधिकारीयों के मुताबिक, जिस रास्ते पर हादसा हुआ है वह पहाड़ों के बीच से हो कर गुजरती है। इस राह पर 11 सुरंगे और 32 पुल बने हुए हैं। घटना के बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस मौके पर पहुँची। घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जहाँ उनका इलाज चल रहा है। इस हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक ऊँचे पुल के नीचे से आग की लपटें उठती दिखाई दे रहीं हैं। नीचे से उठ रहा काला धुआँ भी पहाड़ी के ऊपर तक जा रहा है।

गौरतलब है कि अक्टूबर 2019 में सऊदी अरब में ही मदीना के पास एक और बस हादसा हुआ था। तब यात्रियों से भरी बस एक दूसरे वाहन से भिड़ गई थी। इस हादसे में हज करने जा रहे 35 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 4 लोग घायल हो गए थे। इसके अलावा अगस्त 2022 में भी मक्का की ओर जा रही एक बस के एक्सीडेंट में 2 लोगों की मौत हो गई थी और 18 लोग घायल हो गए थे।

‘शब्द राहुल के, संस्कार सोनिया गाँधी के’: कॉन्ग्रेस नेता ने की अभद्र टिप्पणी तो स्मृति ईरानी ने दिया करारा जवाब, कहा – सुप्रीम कोर्ट के सामने नाक रगड़ कर माँगते हैं माफ़ी

कॉन्ग्रेस की यूथ विंग, युवा कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवासन बीवी ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी। इसको लेकर स्मृति ईरानी ने कहा है कि श्रीनिवासन ने जो कहा है उसमें शब्द राहुल गाँधी के हैं और संस्कार सोनिया गाँधी के हैं, बस जुबान कॉन्ग्रेस नेता की है। यही नहीं, उन्होंने कहा है कि राहुल गाँधी का पीएम मोदी के प्रति विष देश के अपमान में परिवर्तित हो गया है।

दरअसल, स्मृति ईरानी मंगलवार (28 मार्च, 2023) को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से बात कर रही थीं। इस दौरान एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “शब्द राहुल गाँधी के हैं, संस्कार सोनिया गाँधी का है। बस जुबान युवा कॉन्ग्रेस का है। मैं यह इसलिए कह रही हूँ कि यह युवा कॉन्ग्रेस के पहले अध्यक्ष नहीं हैं जो अभद्र टिप्पणी कर रहे हैं। कॉन्ग्रेस में जब तक राहुल और सोनिया रहेंगे तब तक कॉन्ग्रेस का हर नेता जो प्रमोशन चाहेगा, मुझ पर इस प्रकार की टिप्पणी करता रहेगा।”

बता दें कि श्रीनिवासन BV का एक वीडियो सामने आया था। यह वीडियो दिल्ली के जंतर-मंतर में चल रहे कॉन्ग्रेस के विरोध प्रदर्शन का है। इस वीडियो में उन्होंने स्मृति ईरानी को लेकर कहा था, “स्मृति ईरानी गूँगी-बहरी हो गई हैं। मैं उनको कहना चाहता हूँ – उसी डायन को, महँगाई डायन को डार्लिंग बना कर बेडरूम में बिठाने का काम किया है।”

‘पीएम मोदी की छवि पर प्रहार करने का राहुल गाँधी ने लिया प्रण’

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यह भी कहा “राहुल गाँधी ने एक मैगजीन इंटरव्यू में था कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी की ताकत उनकी छवि है। राहुल गाँधी ने 4 मई, 2019 में एक मैगजीन इंटरव्यू में यह प्रण लिया था कि मैं पीएम मोदी की छवि पर प्रहार करता रहूँगा, जब तक उस छवि को नष्ट ना कर दूँ। गाँधी खानदान की नरेंद्र मोदी को यह पहली धमकी नहीं थी। इस खानदान ने सत्ता में रहते हुए पीएम मोदी की छवि खराब करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर आजमाया। लेकिन वे ना जनता का प्रेम पीएम मोदी के लिए कम कर सके और ना जनता का साथ।”

उन्होंने यह भी कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने गाँधी परिवार से खुद ही यह कहा था कि आप चाहें तो मेरा जितना भी अपमान कर लें, लेकिन देश का अपमान न करें। राजनीतिक बौखलाहट के चलते राहुल गाँधी का पीएम मोदी के प्रति विष, देश के अपमान में परिवर्तित हो चुका है। उन्होंने मोदी जी का अपमान करते-करते पूरे ओबीसी समाज का अपमान करना भी उचित समझा। यह पहली बार नहीं है जब गाँधी परिवार ने दलित या पिछड़े समुदाय के लोगों का अपमान करने की कोशिश की है। जब जनजाति परिवार की महिला राष्ट्रपति बनी तब भी गाँधी परिवार के आदेश पर कॉन्ग्रेस नेता ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान किया।”

स्मृति ईरानी ने आगे कहा, “मोदी जी की छवि पर प्रहार करने के लिए उन्होंने विदेश में झूठ बोला, देश में झूठ बोला, संसद में झूठ बोला। संसद में इन्होंने जो झूठ बोला उसके लिए जब उनसे कहा गया कि इसको साबित करिए तब वह नहीं कर पाए। ये वो व्यक्ति है जो सुप्रीम कोर्ट के सामने नाक रगड़कर माफी माँगते हैं और आज डरपोक ना होने का ढोंग करते हैं।”

तरावीह की नमाज पढ़कर आया घर, मीट नहीं बना था तो बीवी की ही काट दी गर्दन: माँ को बचाने आईं बेटियों को भी पीटा, अलीगढ़ की घटना

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में एक व्यक्ति ने मीट नहीं बनाने पर अपनी बीवी को गला रेत कर मार डाला। आरोपित का नाम सगीर है। उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मृतका का नाम गुड्डो है। वह 3 बच्चियों की माँ थी। बच्चियों ने माँ को बचाने की कोशिश की तो सगीर ने उन्हें भी पीटा। बीवी का गला काटने से पहले सगीर रमजान में तरावीह की नमाज पढ़कर घर आया था। घटना रविवार (26 मार्च 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला रोरावर थाना क्षेत्र के महबूब नगर का है। सगीर का निकाह 10 साल पहले गुड्डो से हुआ था। उनकी 3 बेटियाँ हैं। जिनकी उम्र क्रमशः 8, 6 और 3 वर्ष है। सगीर प्राइवेट नौकरी करता है। मृतका की बड़ी बेटी ने बताया कि रविवार को उसके अब्बू बाहर से आए और खाने के बारे में पूछा। जवाब में उसकी अम्मी ने अंडा करी बनाने की बात कही।

आरोप है कि सगीर मीट खाना चाहता था। वह अपनी बीवी से नाराज होकर उस पर चिल्लाने लगा। गुड्डो ने उससे कहा कि अगर वह रात में मीट लेने बाहर जाती तो खाना बनने में देरी होती। लेकिन इसका सगीर पर कोई फर्क नहीं पड़ा और वह अपनी बीवी को पीटने लगा। मृतका की बड़ी बेटी के मुताबिक सगीर ने उसकी अम्मी के बाल खींचे और थप्पड़ मारे। जब बेटियों ने अपनी माँ को बचाने का प्रयास किया तो आरोपित ने उन्हें भी पीटा।

कुछ देर बाद गुड्डो की बेटियों ने अपनी माँ का खून बहते देखा। उनका आरोप है कि सगीर ने उनकी अम्मी के गर्दन पर चाकू मारे थे। पीड़िता काफी तड़प रही थी। ये देख कर तीनों बेटियाँ रोने लगीं। बच्चियों की आवाज सुनकर आस-पास के लोग जमा हुए। उन्होंने सगीर को पकड़ लिया और पुलिस बुला ली। गुड्डो को घायल अवस्था में अस्पताल पहुँचाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतका की भाभी ने बताया कि सगीर तरावीह की नमाज पढ़कर आया था। फ़िलहाल तीनों बच्चियाँ अपने नाना के यहाँ हैं। मृतका गुड्डो के अब्बा की तहरीर पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। आरोपित द्वारा हत्या में प्रयोग किया गया चाकू भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव मृतका के मायके वालों को सौंप दिया गया है।

‘बाॅलीवुड में लगा रहे थे किनारे’: यूँ ही अमेरिका नहीं गईं ‘देसी गर्ल’ प्रियंका चोपड़ा, बोलीं कंगना रनौत- फिल्म इंडस्ट्री को करण जौहर ने बर्बाद किया

अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) ने जब अचानक से बॉलीवुड से हॉलीवुड का रुख किया था तो लोगों को काफी हैरानी हुई थी। अब उन्होंने इसकी वजह बताई है। ‘देसी गर्ल’ प्रियंका चोपड़ा की मानें तो बॉलीवुड में उनके साथ राजनीति हो रही थी। उनको किनारे लगाया जा रहा था। इससे परेशान होकर उन्होंने हॉलीवुड में काम करने का फैसला किया और अमेरिका शिफ्ट हो गईं। वहीं अभिनेत्री कंगना रनौत ने इसके लिए करण जौहर को जिम्मेदार बताया है।

प्रियंका चोपड़ा ने डेक्स शेफर्ड के पॉडकास्ट शो ‘आर्मचेयर एक्सपर्ट’ में यह बात कही है। उन्होंने कहा है कि बॉलीवुड में मिल रहे काम से वह खुश नहीं थीं। उन्हें किनारे लगाने की कोशिश की जा रही थी। वे अकेली पड़ गईं थी। प्रियंका ने कहा, लोग मुझे कास्ट नहीं कर रहे थे। लोगों को मुझसे शिकायत थी। मैं इस तरह के गेम में माहिर नहीं हूँ। इसलिए मैं पॉलिटिक्स से थक गई थी और मुझे लगा कि अब ब्रेक की जरूरत है।”

प्रियंका चोपड़ा ने बताया कि जब वह ‘7 खून माफ’ की शूटिंग कर रहीं थीं तब अंजुला आचार्य ने उन्हें एक म्यूजिक वीडियो में देखा था। इसके बाद अंजुला ने उन्हें फोन कर पूछा कि क्या वह अमेरिका में म्यूजिक इंडस्ट्री में काम करना चाहती हैं? यह सब ऐसे समय हुआ जब वह बॉलीवुड से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रही थीं। इसके बाद वह अमेरिका चली गईं।

उन्होंने कहा, “इस म्यूजिक ने मुझे दुनिया के दूसरे हिस्से में जाने का मौका दिया। मैं उन फिल्मों के लिए तरसना नहीं चाहती थी, जिन्हें मुझे करना ही नहीं था। लेकिन मुझे यह पता था कि इसके लिए क्लबों और ग्रुपों को छोड़ना पड़ेगा।। मुझे यह भी पता था कि इसके लिए बहुत अधिक मेहनत करनी होगी। मैंने बॉलीवुड में लंबे समय तक काम किया है। लेकिन मुझे ऐसा लग रहा था कि अब आगे काम नहीं करना चाहिए। इसलिए जब म्यूजिक का ऑफर आया तो मैंने कहा कि भाड़ में जाओ, मैं तो चली अमेरिका।”

अमेरिका जाने के बाद प्रियंका चोपड़ा ने म्यूजिक इंडस्ट्री में पिटबुल से लेकर रैपर Will.I.Am और फैरेल विलियम्स के साथ काम किया है। लेकिन म्यूजिक में करियर न चलने के बाद उन्होंने एक्टिंग में ही हाथ आजमाने का फैसला किया। जल्द ही उन्हें एबीसी की ‘क्वांटिको’ सीरीज में काम मिल गया। इसके बाद से वह लगातार हॉलीवुड इंडस्ट्री में काम करती नजर आ रही हैं।

प्रियंका चोपड़ा का यह बयान सामने आने के बाद अभिनेत्री कंगना रनौत ने इसके लिए निर्माता-निर्देशक करण जौहर को जिम्मेदार बताया है। सिलसिलेवार ट्वीट में कंगना ने कहा है कि जिस महिला ने अपने बलबूते सब कुछ हासिल किया उसे भारत छोड़ने पर मजबूर किया गया। सब जानते हैं कि करण जौहर ने उसे बैन किया था। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा है, “मीडिया ने करण जौहर के साथ प्रियंका के मनमुटाव के बारे में खूब लिखा, क्योंकि शाहरुख के साथ उनकी दोस्ती थी। हमेशा से ही आउटसाइडर्स की तलाश में रहने वाले मूवी माफिया को प्रियंका चोपड़ा के रूप में सही पंचिंग बैग मिल गया था। उन्हें इस हद तक हैरेस किया गया कि भारत छोड़कर ही जाना पड़ा।” कंगना ने फिल्म इंडस्ट्री के कल्चर को बर्बाद होने का दोषी भी करन जौहर को ठहराया है।

जो जगह हिंदुओं के पलायन से चर्चा में आया, वहाँ हरियाणा STF पर हमला: हथियार छीन अपराधी को छुड़ाया, शामली पुलिस ने एनकाउंटर के बाद दबोचा

उत्तर प्रदेश के शामली जिला का कैराना कुछ साल पहले हिंदुओं के पलायन को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था। अब इसी जिले के केरटू गाँव से हरियाणा एसटीएफ की टीम पर हमला कर अपराधी को छुड़ाने की घटना सामने आई है। एसटीएफ की टीम हत्या के मामले में वांछित 25 हजार रुपए के इनामी जबरूद्दीन को गिरफ्तार करने पहुँची थी।

हमले के दौरान पुलिस पर पत्थरबाजी की गई। लाठी-डंडों का प्रयोग हुआ। हमलावरों ने पुलिस से सरकारी पिस्टल छीन ली, जिसे बाद में बरामद कर लिया गया। अब तक इस मामले में 6 आरोपितों की गिरफ्तार की गई है। इनमें जबरूद्दीन भी शामिल है। अन्य की तलाश में दबिश जारी है। घटना रविवार (26 मार्च 2023) की है।

केरटू गाँव झिंझाना थाना क्षेत्र में आता है। यहाँ का रहने वाला जबरूद्दीन साल 2020 में हरियाणा के करनाल में हुए एक हत्या और अवैध हथियार के मामले में फरार चल रहा था। 21 मार्च 2023 को हरियाणा पुलिस ने जबरूद्दीन पर 25 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। 26 मार्च को पुलिस के उसके अपने गाँव में ही छिपे होने की सूचना मिली थी। इस जानकारी पर पुलिस ने जबरूद्दीन के गाँव में छापा मारा। दबिश के दौरान पुलिस को जबरूद्दीन मिल गया और उसके गिरफ्तार कर पुलिस टीम साथ ले जाने लगी। इसी दौरान भीड़ ने पुलिस पर हमला कर जबरूद्दीन की छुड़ा लिया।

हरियाणा पुलिस की STF विंग के ESI राजवीर सिंह के मुताबिक जबरूद्दीन ने गिरफ्तार होने के बाद अपने भाई मेहरदीन और अलमदीन को बुलाया। जबरूद्दीन के बुलाने पर केरटू गाँव के लगभग 50-60 लोग मौके पर जमा हो गए। इन सभी ने पुलिस टीम पर ईंट-पत्थर और डंडों से हमला कर जबरूद्दीन को छुड़ा लिया। इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की मदद से जबरूद्दीन को दोबारा पकड़ने का प्रयास शुरू हुआ। इस दौरान भी जबरूद्दीन के साथियों ने हमला किया। हमलावर भीड़ ने 1 पुलिसकर्मी की पिस्टल छीन ली और दूसरे से AK 47 राइफल छीनने की कोशिश की।

मिली जानकारी के मुताबिक हमले के दौरान एक पुलिसकर्मी के सिर में चोट आई। हमलावरों ने एक पुलिसकर्मी के गले में पड़ी चाँदी की चेन भी छीन ली। हमले को लेकर दर्ज FIR में जबरूद्दीन के अलावा अलमदीन, मेहरदीन, अलीशेर, तासीन, हासिम, दिलशाद, काला, हामिद, आरिस, आमिर, नदीम, आसिफ, आरिफ, कय्यूम, विजय, अय्यूब, लाला, मुरसलीन शरीफ, साजिद, फुरकान जैसे नाम शामिल हैं। 30 से 40 अन्य अज्ञात का भी जिक्र है। हमले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इस मामले में पुलिस ने IPC की धारा 147, 148, 149, 323, 224, 225, 307, 332, 353, 395, 397, 506, 186 के साथ आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम 1932 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की है। अभी तक 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें जबरूद्दीन भी शामिल है, जिसे सोमवार (27 मार्च 2023) को शामली पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। शामली पुलिस ने हरियाणा पुलिस की लूटी गई पिस्टल भी बरामद कर ली है। फरार चल रहे अन्य आरोपितों की तलाश में दबिश जारी है।

जिस रेहान को दी कभी रोजी-रोटी, उसने ही सोनू निगम के पिता के घर से की ₹72 लाख की चोरी: डुप्लीकेट चाबी से घर में घुसा था पूर्व ड्राइवर

मुंबई पुलिस ने सिंगर सोनू निगम के पिता के घर से चोरी करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान रेहान के रूप में हुई। वह सोनू निगम के पिता अगम कुमार का ड्राइवर रह चुका है। कुछ समय पहले ही उसे काम से निकाला गया था। रेहान ने अगम कुमार के घर से 72 लाख रुपए चुराए थे। इसमें से 70 लाख रुपए पुलिस ने बरामद किए हैं। गिरफ्तारी शुक्रवार (24 मार्च 2023) को हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोनू निगम के पिता अगम कुमार 19 मार्च 2023 को अपनी बेटी निकिता के घर गए हुए थे। वापस घर आने पर उन्होंने देखा कि डिजिटल लॉकर से 40 लाख रुपए गायब हैं। इसकी जानकारी उन्होंने अपनी बेटी निकिता को भी दी। इसके बाद अगले दिन यानी 20 मार्च 2023 को अगम कुमार अपने बेटे सोनू निगम से मिलने गए। इस दिन भी उनके लॉकर से 32 लाख रुपए गायब हो गए।

चोरी की इस घटना के बाद सोनू निगम की बहन निकिता ने 22 मार्च को मुंबई के ओशिवारा थाने में शक के आधार पर रेहान के खिलाफ FIR दर्ज कराई। पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 380, 454 और 457 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। निकिता ने पुलिस को बताया था रेहान ने करीब 8 महीने तक उनके पिता के पास बतौर ड्राइवर नौकरी की। उसके काम को लेकर कई प्रकार की शिकायतें थीं। ऐसे में उसे नौकरी से निकाल दिया गया।

इसके बाद पुलिस ने अगम कुमार के घर के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जाँच की। फुटेज में पूर्व ड्राइवर रेहान दोनों दिन (19 और 20 मार्च को) बैग लेकर अगम कुमार के घर की ओर जाता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने रेहान की तलाश शुरू की और उसे कोल्हापुर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने रेहान के पास से चोरी के 70 लाख 70 हजार रुपए भी बरामद किए हैं।

बता दें कि सोनू निगम के पिता अगम कुमार ने शक जताते हुए पुलिस से कहा था कि डुप्लीकेट चाबी की मदद से रेहान घर में घुसा होगा। इसके बाद उसने सिलसिलेवार तरीके से डिजिटल लॉकर में रखे 72 लाख रुपए चुरा लिए। अगम कुमार ने कहा था कि रेहान को डिजिटल लॉकर का कोड भी पता था। इसलिए वह चोरी करने में कामयाब हुआ।

गोलू बनकर मिला अमीर सुहेल, मंदिर में शादी कर 2 साल तक रेपः पोल खुलते ही इस्लाम कबूलने का बनाने लगा दबाव, गोरखपुर में लव जिहाद

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से लव जिहाद का केस सामने आया है। एक नाबालिग हिन्दू लड़की ने अमीर सुहेल पर नाम बदलकर शादी करने और रेप का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस को दी गई शिकायत में धर्मान्तरण के लिए दबाव बनाए जाने का भी जिक्र किया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। FIR दर्ज होते ही अमीर सुहेल फरार हो गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला खजनी थाना क्षेत्र के उनवल इलाके का है। 17 साल की पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि साल 2020 में स्कूल जाने के दौरान उसका मोबाइल फोन गिर गया था। यह फोन अमीर सुहैल को मिला था, जिसने उस समय अपना नाम गोलू बताया था। लड़की ने अपने गिरे फोन पर कॉल किया तो उसकी गोलू से बातचीत शुरू हुई।

पीड़िता की शिकायत के अनुसार कुछ समय की बातचीत के बाद गोलू ब्लैकमेलिंग पर उतारू हो गया। उसने लड़की के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए और शादी का दबाव डाला। दबाव में आकर लड़की ने जनवरी 2021 में एक मंदिर में गोलू के साथ शादी कर ली। पीड़िता का दावा है कि उस समय उसे गोलू के मुस्लिम होने की जानकारी नहीं थी। शादी के करीब 2 साल बाद जब गोलू की असली पहचान सामने आई तो वह कथित तौर पर लड़की पर इस्लाम कबूलने का दबाव बनाने लगा।

आरोपित अमीर सुहैल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के ही बस्ती जिले का रहने वाला है। वह पीड़िता को अपने साथ वहीं लेकर रहता था। गोलू बने अमीर की असलियत पता चलने के बाद लड़की बस्ती से भाग कर अपने मायके गोरखपुर आ गई। वहाँ पीड़िता ने अपने परिजनों को सारी बात बताई। इसके बाद खजनी थाने में शिकायत दी गई, जहाँ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। अमीर सुहैल की तलाश जारी है।