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भारत सरकार ने तैयार की 23 आतंकवादियों की सूची, पहला नंबर हाफिज सईद का: 2 खालिस्तानी भी, UAPA के तहत बनी है लिस्ट

भारत सरकार ने गैर-कानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम 1967 (UAPA) के तहत 23 आतंकवादियों को सूचीबद्ध किया है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय (MoS Home Nityanand Rai) ने मंगलवार (21 मार्च, 2023) को लोकसभा में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 और 2023 में अब तक 23 व्यक्तियों के नाम अधिनियम की चौथी अनुसूची में जोड़े गए हैं। इसको लेकर सरकार ने एक सूची भी जारी की है।

इसमें पहले नंबर पर लश्कर-ए-तयैबा का मुखिया हाफिज सईद है। इसके बाद जैश-ए-मोहम्मद का मोहीउद्दीन औरंगजेब आलमगीर और मक्ताब आमिर है। इसके साथ ही इस लिस्ट में हिज्बुल-मुजाहिदीन के इम्तियाज अहमद का भी नाम है।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा जारी की गई सूची में कई इस्लामिक आतंकवादी और 2 खालिस्तानी आतंकवादी शामिल हैं। आतंकवादियों में नामों में हाफिज सईद, शेख सज्जाद, हबीबुल्ला मलिक, मोहम्मद अमीन खुबैब और पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के अरबाज अहमद मीर, मोहिउद्दीन औरंगजेब आलमगीर, अली काशिफ जान और जैश-ए-मोहम्मद के आशिक अहमद नेंगरू शामिल हैं। जेकेएलएफ से मुश्ताक अहमद जरगर, अल बद्र से अर्जुमंद गुलजार डार, इम्तियाज अहमद कंडू, शौकत अहमद शेख, बशीत अहमद रेशी, बशीर अहमद पीर, इरशाद अहमद और हिज्बुल मुजाहिदीन से आसिफ मकबूल डार है।

इनके अलावा तहरीक-उल-मुजाहिदीन से रफीक नाई और शेख जमील उर रहमान, HUJI से जफर इकबाल, जेकेआईएफ से बिलाल अहमद बेग और अल कायदा से एजाज अहमद अहंगर उर्फ ​​अबू उस्मान अल कश्मीरी है।

यूएपीए के तहत 2022 में सूचीबद्ध किए गए 2 खालिस्तानी आतंकवादियों में से एक केटीएफ से अर्शदीप सिंह गिल और बब्बर खालसा इंटरनेशनल से हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा है। पिछले हफ्ते गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा को बताया कि 2023 में अब तक 4 आतंकवादी संगठनों को यूएपीए की पहली अनुसूची के तहत सूचीबद्ध किया गया है। इन 4 आतंकवादी संगठनों के नाम द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF), पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट (PAFF), जम्मू एंड कश्मीर गजनवी फोर्स (JKGF) और खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) हैं।

TRF, LeT का हालिया प्रॉक्सी है। PAFF, JeM के लिए एक प्रॉक्सी है। 2020 में JKGF सामने आया। इसमें LeT, JeM, HUJI और TUM के आतंकवादी शामिल हैं। राय ने यह भी बताया कि केटीएफ, जो 2011 में सामने आया, वह बब्बर खालसा की एक शाखा है।

गृह राज्य मंत्री ने संसद को आगे बताया कि कुल मिलाकर 54 आतंकवादियों और 44 संगठनों को यूएपीए की चौथी और पहली अनुसूची के तहत सूचीबद्ध किया गया है।

रामनवमी जुलूस में बैन का विरोध करते हुए बीजेपी MLA ने फाड़ लिया कुर्ता, दिखाया- गंजी पर लिखा ‘जय श्रीराम’: पूछा-झारखंड में हिंदू होना गुनाह

झारखंड विधानसभा मंगलवार (21 मार्च 2023) को जय श्रीराम के नारों से गूँज उठा। बीजेपी विधायक मनीष जायसवाल ने सदन में अपना कुर्ता फाड़ लिया। बनियान पर लिखा ‘जय श्रीराम’ दिखाया। वे हजारीबाग में रामनवमी जुलूस को लेकर लगाई गई पाबंदियों का विरोध कर रहे थे। जायसवाल हजारीबाग सदर की सीट से विधायक हैं।

विधानसभा में भाजपा विधायक ने हेमंत सरकार को घेरते हुए कई तीखे सवाल किए। उन्होंने कहा कि रामनवमी को लेकर हजारीबाग में कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। डीजे पर रोक लगा दी गई। फैसले के खिलाफ आवाज उठाने वाले 5 हजार लोगों पर धारा 107 के तहत मुकदमा कर दिया गया है। क्या इस राज्य में हिंदू होना अपराध है? क्या हम तालिबान में रहते हैं?

विधायक मनीष जयसवाल ने सदन में कहा कि हजारीबाग की रामनवमी विश्व प्रसिद्ध है। ऐसे में डीजे बजाने की इजाजत न देने की वजह क्या है? सदन में इसे लेकर खूब हंगामा हुआ। भाजपा विधायकों ने जय श्री राम के नारे लगाए। इसी दौरान जयसवाल ने अपना कुर्ता फाड़ लिया। सदन से निकलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने रामनवमी जुलूस को लेकर लगाई गई पाबंदियों को सरकार का क्रूर फरमान बताया।

बता दें कि हजारीबाग में रामनवमी के अवसर पर ऐतिहासिक मंगला जुलूस निकाला जाता है। प्रशासन ने जुलूस में डीजे के इस्तेमाल व कलाबाजी दिखाए जाने पर पाबंदी लगा दी है। इसके बाद से ही भाजपा नेता सरकार पर हमलावर हैं। 19 मार्च 2023 को भी मनीष जयसवाल समेत कई भाजपा विधायकों ने झारखंड विधानसभा में इस मुद्दे पर सरकार से जवाब माँगा था। मनीष जयसवाल ने झारखंड की सरकार पर रामनवमी की भव्यता कम करने और दमनकारी फैसले लेने का आरोप लगाया है।

जैसे आए थे कन्हैया लाल और कमलेश तिवारी का गला रेतने वाले, वैसे ही इंदौर में हिंदूवादी वकील को मारने पहुँच गए जुनैद और साथी: भागकर बचाई जान

मध्य प्रदेश के इंदौर में लाउडस्पीकर पर अजान के खिलाफ अभियान चलाने वाले वकील पर ऑफिस में घुस कर हमला किया गया है। पीड़ित वकील का नाम मनीष गड़कर है। एडवोकेट मनीष ने वकील के ड्रेस में कोर्ट में PFI की जासूसी कर रही लड़की को भी गिरफ्तार करवाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। हमले का आरोप जुनैद, उसके मामा व एक अन्य अज्ञात व्यक्ति पर लगा है। जुनैद को हिरासत में ले कर पुलिस पूछताछ कर रही है। घटना सोमवार (20 मार्च, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना इंदौर के सदर बाजार थाना क्षेत्र के तिलक पथ इलाके की है। अधिवक्ता मनीष के मुताबिक सोमवार की दोपहर में जुनैद ने उन्हें कॉल कर के जेल में बंद अपने एक भाई की जमानत के बारे में सलाह लेनी चाही। तब मनीष ने जुनैद को हाईकोर्ट बुलाया। जुनैद ने हाईकोर्ट न आ कर मनीष से उनके ऑफिस में मिलने की इच्छा जताई। वकील मनीष गड़कर शाम को अपने ऑफिस पहुँचे और रात 8:30 पर जुनैद को कॉल कर के बुलाया। जुनैद पहले अकेले आया और वकील से अपने केस के बारे में बातचीत करने लगा।

मनीष गड़कर के मुताबिक, कुछ ही देर में जुनैद के 2 अन्य साथी भी उनके ऑफिस पहुँच गए। इन 2 लोगों में एक जुनैद का मामा था, जबकि दूसरा अज्ञात। वकील का आरोप है कि थोड़ी ही देर की बातचीत में जुनैद ने मनीष को धमकाते हुए कहा, “आजकल फेसबुक पर मुस्लिमों के खिलाफ बहुत पोस्ट डाल रहे हो। तूने अजान के खिलाफ भी मुहिम चलाई थी। समझ जा नहीं तो तुझे खत्म कर देंगे। हिन्दुस्तान में इतनी घटनाएँ हो रहीं सिर तन से जुदा वाली, याद नहीं क्या तुझे, समझ में नहीं आ रही?”

शिकायत में अधिवक्ता मनीष ने आगे बताया है कि वो कुछ समझ पाते इस से पहले जुनैद, उसके मामा और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया। आरोप है कि तीनों आरोपितों द्वारा मनीष को जमीन पर पटक दिया गया और खिड़की से काँच का टुकड़ा तोड़ कर उन्हें मार डालने का प्रयास हुआ। मनीष के मुताबिक, वो जैसे तैसे तीनों के चंगुल से छूट कर भाग पाए। यहाँ से उन्होंने पुलिस को कॉल किया। सदर बाजार पुलिस स्टेशन की TI मंजू यादव के मुताबिक, जुनैद को हिरासत में ले लिया गया है और पूछताछ की जा रही है।

पकड़ा गया मुख्य आरोपित जुनैद मूल रूप से मध्य प्रदेश के ही बड़नगर का बताया जा रहा है। फ़िलहाल वह इंदौर के खजराना में रहता है। एडवोकेट का आरोप है कि जुनैद पिछले 2 दिनों से उनके ऑफिस की रेकी कर रहा था। घायल वकील मनीष को इंदौर के ही एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहाँ उनका इलाज चल रहा है। वहीं साथी पर हमले की खबर से इंदौर के वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। कई वकील सदर बाजार थाने के आगे जमा हुए और हमलावरों पर कठोर कार्रवाई की माँग करने लगे।

भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए ऐसी हरकत कतई बर्दाश्त से बाहर बताते हुए प्रशासन से आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

दलित महिला की अर्थी बनाने को तैयार नहीं हुए गाँव के बढ़ई, दूसरे गाँव के बढ़ई ने आकर बनाया तब हुआ अंतिम संस्कार: पुलिस ने ‘मजहब’ के एंगल को नकारा

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक दलित महिला की शव यात्रा के लिए गाँव के तीन बढ़ाई ने अर्थी बनाने से इनकार कर दिया। तीनों बढ़ई सैफी समुदाय से बताए जाते हैं। हालाँकि पुलिस ने इस मामले में किसी तरह के मजहबी या जातीय भेदभाव के आरोपों का खंडन किया है। बताया जाता है कि दूसरे गाँव से बढ़ई को बुलाकर अर्थी बनवाई गई। इसके बाद महिला का अंतिम संस्कार हो पाया। मामला रविवार (19 मार्च 2023) का है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला एंचोडा कंबोह थाना क्षेत्र के गाँव बाबूखेड़ा का है। रविवार को यहाँ जाटव समुदाय के धर्मपाल की 60 वर्षीया पत्नी इंद्रेश का देहांत हो गया। पारम्परिक तौर पर गाँव में शव यात्रा के लिए अर्थी बनाने का काम स्थानीय बढ़ई करते आए हैं। लेकिन गाँव के ही बढ़ई सत्तार ने अर्थी बनाने से मना कर दिया। उसके बाद गाँव के 2 अन्य बढ़ई ने भी ऐसा ही किया।

इस घटना की जानकारी जब स्थानीय पुलिस को मिली तो वह भी मौके पर पहुँची। परिजन दूसरे गाँव से बढ़ई लेकर आए। उसने अर्थी बनाई और इंद्रेश का अंतिम संस्कार हुआ।

ऑपइंडिया ने इस मामले में ऐचौड़ा कंबोह थाने के SHO से बात की। SHO ने बताया कि जाति या मजहब के नाम पर अर्थी न बनाने की बात सरासर अफवाह और आधारहीन है। उन्होंने कहा कि मृतका के परिजन ‘विशेष प्रकार’ की अर्थी बनवाना चाह रहे थे जो गाँव के बढ़ई बनाने में सक्षम नहीं थे। यही कारण है कि दूसरे गाँव से बढ़ई को बुलाया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक के बेटे ने पुलिस को यह लिखित तौर पर दिया है कि उनके साथ कोई भी जातिगत भेदभाव नहीं किया गया है। मामले में किसी प्रकार की शिकायत भी पुलिस से नहीं की गई है।

‘आपके पास 80000 पुलिस वाले हैं, फिर कैसे भाग गया अमृतपाल सिंह?’: HC ने पंजाब की AAP सरकार को फटकारा, कहा – हमें आपकी कहानी पर भरोसा नहीं

भगोड़े खालिस्तान समर्थक व ‘वारिस पंजाब दे’ के प्रमुख अमृतपाल सिंह को पंजाब सरकार अभी तक पकड़ नहीं पाई है। इसको लेकर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाई है। अमृतपाल सिंह शनिवार (18 मार्च 2023) से फरार है। इस पर हाईकोर्ट ने ‘आप’ सरकार से पूछा, “उसे पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया। इसके बावजूद वह भागने में कामयाब रहा। पंजाब सरकार का खुफिया तंत्र पूरी तरह से फेल रहा।”

अदालत ने यह भी पूछा कि उस वक्त 80 हजार पुलिस वाले क्या कर रहे थे? इस पर पंजाब पुलिस ने बताया कि अमृतपाल पर NSA के तहत मामला दर्ज किया गया है। जस्टिस एनएस शेखावत ने राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अमृतपाल सिंह पर NSA क्यों लगाया गया है। पूरे ऑपरेशन की योजना बनाई गई थी फिर भी अमृतपाल बचकर कैसे भाग गया? उसके अलावा सभी लोग गिरफ्तार कर लिए गए। कोर्ट ने कहा कि हमें पुलिस की कहानी पर भरोसा नहीं है।

इसके जवाब में पंजाब के एडवोकेट जनरल विनोद घई ने कहा, “पुलिस के पास भले ही हथियार थे, लेकिन उन्हें बल प्रयोग करने से रोक दिया गया। कुछ मामले इतने संवेदनशील होते हैं कि हम कोर्ट में उसकी व्याख्या नहीं कर सकते। हम अमृतपाल को अरेस्ट करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।” सुनवाई के दौरान जस्टिस एनएस शेखावत ने आगे कहा कि अगर वह इतनी सुरक्षा के बीच भाग निकला, तो यह खुफिया विफलता है। वह पूरे हथियार के साथ काफिले में जा रहा था।

पंजाब के सीएम भगवंत मान ने वीडियो जारी कर इस संबंध में कहा कि पंजाब की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। पिछले दिनों कुछ तत्व ऐसे थे, जो विदेशी ताकतों के दम पर पंजाब में माहौल खराब करने की बातें कर रहे थे। नफरत भरी स्पीच दे रहे थे। कानून के खिलाफ बोल रहे थे। उन सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। ऐसे लोगों को सख्त से सख्त सजा दी जाएगी, क्योंकि आम आदमी पार्टी एक कट्टर देश भक्त और ईमानदार पार्टी है।

उन्होंने कहा, “पंजाब का अमन-चैन और देश की तरक्की हमारी प्राथमिकता है। कोई भी ऐसी ताकत जो देश के खिलाफ पंजाब में पनप रही होगी, उसको हम नहीं छोड़ेंगे।”

खुद की फौज बना रहा था अमृतपाल सिंह…

खुफिया एजेंसियों ने खुलासा किया है कि अमृतपाल सिंह ‘आनंदपुर खालसा फौज’ के नाम से अपनी ‘प्राइवेट आर्मी’ बनाने में जुटा हुआ था। पुलिस ने अब तक जो बुलेटप्रूफ जैकेट और राइफल बरामद की हैं उनमें और अमृतपाल सिंह के घर के दरवाजे पर एकेएफ (AKF) लिखा हुआ था। इसका मतलब भी ‘आनंदपुर खालसा फौज’ ही है। इस फौज के सहारे अमृतपाल और आईएसआई के इशारे पर काम कर रहे उसके खालिस्तानी समर्थक दिल्ली में हमले की साजिश रच रहे थे।

‘यह मेरा आखिरी प्यार होगा’: 92 साल के मीडिया मुगल करने जा रहे हैं 5वीं शादी, 66 साल की लेस्ली स्मिथ होंगी रूपर्ट मर्डोक की दुल्हन

अरबपति मीडिया टाइकून रूपर्ट मर्डोक (Rupert Murdoch) पाँचवी बार शादी करने जा रहे हैं। 92 वर्षीय रूपर्ट ने सोमवार (20 मार्च 2023) को अपनी 66 वर्षीय पार्टनर एन लेस्ली स्मिथ (Ann Lesley Smith) के साथ सगाई की घोषणा की। दोनों की मुलाकात पिछले साल सितंबर में कैलिफोर्निया के वाइनयार्ड में आयोजित एक कार्यक्रम में हुई थी। रूपर्ट ने कहा कि उन्हें पता है कि यह उनकी आखिरी शादी होगी। वह पिछले साल अपनी चौथी पत्नी जेरी हॉल से अलग हो गए थे।

मर्डोक ने न्यूयॉर्क पोस्ट (इस मीडिया हाउस के वह मालिक हैं) के साथ अपनी खुशी साझा करते हुए कहा, “मैं बहुत घबराया हुआ था। प्यार में पड़ने से डर रहा था, लेकिन मुझे पता था कि यह मेरा आखिरी प्यार होगा। यह बेहतर होगा। मैं बहुत खुश हूँ।” मर्डोक ने यह भी बताया कि उन्होंने सेंट पैट्रिक दिवस पर स्मिथ को प्रपोज किया था।

दरअसल मर्डोक की होने वाली दुल्हन की शादी उनसे पहले सिंगर चेस्टर स्मिथ के साथ हुई थी। 2008 में उनकी मृत्यु हो गई थी। न्यूयॉर्क पोस्ट से बात करते हुए स्मिथ ने कहा, “उनकी सगाई दोनों के लिए ईश्वर का आशीर्वाद है। हम पिछले साल सितंबर में मिले थे। मैं 14 साल से विधवा हूँ। रूपर्ट की तरह, मेरे पति भी एक व्यवसायी थे। मैनें भी स्थानीय सामचार पत्रों के लिए काम किया है। रेडियो और टीवी स्टेशनों से भी जुड़ी रही और यूनिविजन को बढ़ाने में मदद की, इसलिए मैं रूपर्ट की बात समझती हूँ।”

मर्डोक ने कहा कि वह और स्मिथ दोनों अपने जीवन का दूसरा आधा हिस्सा एक साथ बिताने के लिए उत्सुक हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूपर्ट मर्डोक और लेस्ली स्मिथ की शादी इस साल गर्मियों में हो सकती है। दोनों ने अपना समय कैलिफोर्निया, मोंटाना, न्यूयॉर्क और यूके के बीच व्यतीत करने की योजना बनाई है।

वहीं, 92 साल की उम्र में पाँचवी शादी करने को लेकर सोशल मीडिया पर मर्डोक का जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है। एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, “क्या? इसके लिए खेद है, लेकिन अभी-अभी सुना है कि रूपर्ट मर्डोक ने 172 साल की उम्र में फिर से सगाई कर ली है।”

एक अन्य ने रूपर्ट मर्डोक को उनकी 5वीं शादी की बधाई दी।

एक और यूजर ने मज़ाक उड़ाते हुए कहा कि यह कल की ही बात लगती है कि रूपर्ट मर्डोक ने जेरी हॉल के साथ केवल एक टीनएजर की तरह सिर्फ मस्ती की।

बता दें कि मर्डोक के व्यापारिक साम्राज्य में अमेरिका में फॉक्स न्यूज और ब्रिटेन में द सन अखबार भी शामिल हैं। न्यूज कॉर्पोरेशन के प्रमुख के रूप में वह न्यूयॉर्क पोस्ट, वॉल स्ट्रीट जर्नल और प्रकाशन हाउस हार्पर कॉलिन्स के भी मालिक हैं।

‘हिंदू बहुल इलाकों में ऊँची कीमत देकर प्रॉपर्टी खरीद रहे मुस्लिम’: विरोध में मार्च और रामधुन का जाप, भावनगर में अशांत क्षेत्र एक्ट लागू करने की माँग

गुजरात के भावनगर में हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा अशांत क्षेत्र अधिनियम लागू करने की माँग की जा रही है। इसे लेकर सोमवार (20 मार्च 2023) को कलेक्टर कार्यलय तक एक रैली का भी आयोजन किया गया। हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से योजनाबद्ध तरीके से हिंदू बहुल इलाकों में अधिक मूल्य देकर संपत्ति खरीद कर इलाके को अशांत करने की साजिश रची जा रही है।

रिपोर्टों के मुताबिक लंबे समय से भावनगर के तिलक नगर, कृष्णा नगर के बोर्डी गेट समेत कई हिंदू बहुल इलाकों में मुस्लिम समुदाय के लोग बाजार कीमतों से अधिक अदा कर प्रॉपर्टी और मकान खरीद रहे हैं। स्थानीय लोगों को डेमोग्राफी बदलने और इलाके में अशांति फैलने का डर सता रहा है। यही वजह है कि लोग अशांत क्षेत्र कानून लागू करने की माँग कर रहे हैं।

इसी माँग को लेकर सोमवार को स्थानीय लोगों के साथ विश्व हिन्दू परिषद और दूसरे हिंदू संगठन के लोगों ने रैली निकलाली। भारी संख्या में जमा हुए लोगों ने भीड़भंजन महादेव मंदिर से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक मार्च किया और आवेदन सौंपा। इतना ही नहीं लोगों ने कलेक्टर ऑफिस परिसर में रामधुन का जाप कर अपना विरोध भी जताया। लोगों का कहना है कि सरकार और प्रशासन संपत्ति खरीदने व बेचने वाले पर नजर रखे, अन्यथा दूसरे मजहब के लोगों को संपत्ति बेचने वालों के खिलाफ बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।

बता दें यह पहली बार नहीं है जब हिंदू संगठनों द्वारा अशांत अधिनियम की माँग की जा रही है। इससे पहले भी 05 जनवरी 2023 को हिंदू संगठनों ने एक विशाल रैली निकाली थी। शहर के जशुनाथ सर्किल से लेकर कलेक्टर ऑफिस तक निकाली गई रैली में बच्चों और महिलाओं समेत 5000 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया था।

क्या है अशांत क्षेत्र अधिनियम ?

जिला प्रशासन, सांप्रदायिक सद्भाव और शांति बनाए रखने के लिए उन क्षेत्रों को ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित कर सकता है जो जनसांख्यिकी परिवर्तन के लिहाज से अतिसंवेदनशील हैं। इन क्षेत्रों में अचल संपत्ति के हस्तांतरण के लिए एक विस्तृत प्रक्रिया की आवश्यकता होती है। विक्रेता को आवेदन में यह उल्लेख करना होता है कि वह अपनी मर्जी से संपत्ति बेच रहा है। अचल संपत्ति का हस्तांतरण केवल कलेक्टर द्वारा संपत्ति को खरीदने वाले और बेचने वाले द्वारा किए गए आवेदन पर हस्ताक्षर करने के बाद ही हो सकता है।

संपत्ति खरीब-बिक्री के किसी भी आवेदन के बाद कलेक्टर को औपचारिक जाँच करनी होती है। अधिकारियों को मौके पर खुद जाकर सार्वजनिक तौर पर जानकारियाँ इकट्ठी करनी होती है। प्रभावित लोगों से लिखित में भी स्वीकृति भी लेनी होती है। इस अधिनियम के तहत वे लोग भी शामिल हैं जो उस संपत्ति के आसपास रहते हैं। सभी प्रक्रियाओं का पालन होने और उससे संतुष्ट होने के बाद ही कलेक्टर संपत्ति के हस्तांतरण की मँजूरी दे सकते हैं।

(नोट- मूल रूप से यह रिपोर्ट ऑपइंडिया गुजराती में प्रकाशित की गई है। पूरी रिपोर्ट आप यहाँ क्लिक कर पढ़ सकते हैं)

बस आज की रात है ज़िन्दगी… सरकारी अधिकारी की नाचते हुए मौत, क्रिकेट खेलते हुए हार्ट अटैक, परीक्षा ड्यूटी में शिक्षिका की अचानक मृत्यु: वीडियो में कैद ताज़ा घटनाएँ

बीते कुछ महीनों में हार्ट अटैक से होने वाली मौत की कई घटनाएँ सामने आ रहीं हैं। अचानक हो रही इन मौतों से लोगों के बीच एक अलग प्रकार के डर का माहौल बन रहा है। एक ओर जहाँ गुजरात के राजकोट में क्रिकेट खेलते हुए एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, यूपी के गाजियाबाद में परीक्षा ड्यूटी कर रही महिला शिक्षक और मध्य प्रदेश के भोपाल के शासकीय अधिकारी की नाचते हुए मौत हो गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गुजरात के राजकोट में रहने वाले 45 वर्षीय मयूर मकवाना प्रत्येक रविवार क्रिकेट खेलने जाते थे। गत रविवार (19 मार्च, 2023) को भी वह अपने दोस्तों के साथ रेसकोर्स ग्राउंड में क्रिकेट खेलने गए थे। वहाँ फील्डिंग के दौरान उन्हें हार्ट अटैक आया और वह जमीन पर गिर गए। मयूर के साथ मैदान में मौजूद दोस्त उन्हें लेकर डॉक्टर के पास गए। लेकिन, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हार्ट अटैक से हो रही मौत के आँकड़ों पर नजर डालें तो बीते 2 महीनों में यह 6वीं मौत है। इसमें से 5 लोगों की क्रिकेट खेलते हुए मौत हुई है।

वहीं, जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्थित संभूदयाल डिग्री कॉलेज की खेल शिक्षिका सुमन की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वह परीक्षा ड्यूटी पर थीं। तभी सीने में दर्द की वजह से वह कराहने लगीं। कॉलेज के स्टाफ ने आनन फानन में उन्हें नजदीकी MMG मेडिकल हॉस्पिटल में भर्ती कराया। जहाँ डॉक्टर्स ने जाँच कर हार्ट अटैक की पुष्टि करते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। सुमन के घरवाले उन्हें हायर सेंटर ले ही जा रहे थे। तभी रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। कॉलेज के प्राचार्य अखिलेश कुमार मिश्र का कहना है कि घटना से 10 मिनट पहले ही हँसते हुए परीक्षा कक्ष की ओर गईं थीं।

ऐसी ही घटना मध्य प्रदेश के भोपाल से सामने आई। जहाँ डाक विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर सुरेंद्र कुमार दीक्षित अपने साथियों के साथ नाच रहे थे। बैकग्राउंड पर ‘बस आज की रात है जिंदगी, कल हम कहाँ तुम कहाँ…’ गाना बज रहा था। चारों ओर खुशियों के माहौल के बीच में सुरेंद्र को हार्ट अटैक आया और वह जमीन पर गिर गए। आसपास के लोगों ने उन्हें उठाने की कोशिश की। लेकिन, तब तक उनकी साँसें थम चुकी थीं।

इसका वीडियो भी सामने आया है। घटना 16 मार्च 2023 की है। डाक विभाग द्वारा 13-17 मार्च तक ऑल इंडिया डाक हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन भोपाल के मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में किया गया था। फाइनल से एक दिन पहले रात में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। इसी दौरान डाक विभाग के कर्मचारी नाच रहे थे।

पहले भी सामने आ चुकीं हैं ऐसी ही घटनाएँ

हार्ट अटैक से मौत की कुछ घटनाएँ इस माह की शुरुआत में भी सामने आईं थीं। गुजरात के भावनगर में शादी की रस्मों के दौरान हार्ट अटैक से दुल्हन की मौत हो गई थी। यहाँ शादी के खुशनुमा माहौल में मातम पसर गया था। हालाँकि इस दुर्घटना के बाद दुल्हन की छोटी बहन से दूल्हे की शादी करा दी गई थी। इसी तरह की घटना तेलंगाना के निर्मल जिले के पारडी गाँव में सामने आई थी। जहाँ रिश्तेदार की शादी में नाचते हुए लड़के की मौत हो गई थी।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में देखा जा सकता है कि लड़का तेलगू फिल्म के गाने में डांस कर रहा है। लेकिन कुछ ही समय बाद वह डांस करते-करते रुक जाता है और फिर अचानक से गिर जाता है। इसी तरह से हैदराबाद के सिकंदराबाद में बैडमिंटन खेलते हुए 38 साल के युवक की मौत हो गई है।

ऐसा एक ही मामला गुजरात के अहमदाबाद से सामने आया था। जहाँ क्रिकेट मैच के दौरान गेंदबाजी करते हुए एक व्यक्ति अचानक ही बैठ गया। थोड़ी देर बाद उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान वसंत राठौर के रूप में हुई। वह गुजरात में जीएसटी विभाग में क्‍लर्क के रूप में काम करता था।

रिवीलिंग ड्रेस, बीच में लटकता माँ लक्ष्मी वाला नेकलेस: तापसी पन्नू की हरकत को लोगों ने बताया हिन्दू धर्म का अपमान, पूछा – दूसरे मजहब के प्रतीक ऐसे पहन सकती हो?

बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू अपने लेटेस्ट फोटोशूट को लेकर चर्चा में हैं। इस फोटोशूट में एक्ट्रेस ने लाल रंग के डीप-नेक आउटफिट के साथ माँ लक्ष्मी का नेकलेस पहना हुआ है। इसे देखकर सोशल मीडिया यूजर्स का पारा चढ़ गया और उन्होंने तापसी को जमकर खरी खोटी सुनाई।

दरअसल, सोमवार (20 मार्च 2023) को तापसी पन्नू (Taapsee Pannu) ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लक्मे फैशन वीक की फोटो और वीडियो शेयर की। इसमें तापसी लाल रंग की डीप नेक ड्रेस के साथ माँ लक्ष्मी का नेकलेस पहने हुए दिखाई दीं। इसके साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, “यह लाल रंग मुझे कब छोड़ेगा।”

इसको देखकर यूजर्स भड़क गए और तापसी पर माँ लक्ष्मी का अपमान करने का आरोप लगाया। कुछ यूजर्स ने एक्ट्रेस की पोस्ट पर लिखा कि हिन्दू धर्म को अपमानित करने पर तुम्हें शर्म आनी चाहिए। एक अन्य यूजर ने ‘थप्पड़’ फिल्म की अभिनेत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि व्हाट रबिश, ऐसे कपड़े पहनकर रिलेशनल जूलरी में भगवान को इनवॉल्व करना सही नहीं।

तापसी पन्नू की इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

कपिल नाम के यूजर लिखते हैं, “तापसी तुम्हें शर्म आनी चाहिए। यह पूरी तरह से घृणित कार्य है। किसी भी धर्म के प्रतीकों को आप कैसे रिप्रेजेंट करते हो ये एक सेलिब्रिटी होने के तौर पर आपको पता होना चाहिए।”

तापसी पन्नू की इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

यूजर्स का कहना है कि तापसी पन्नू ने फैशन वीक में जो कपड़े पहने हैं, वो काफी रिवीलिंग हैं। उसके साथ उन्होंने माँ लक्ष्मी की मूर्ति वाला नेकलेस पहनकर शर्मसार करने वाला काम किया है। कुणाल गुस्से में लिखते हैं कि ऐसी वल्गर फोटो में माँ लक्ष्मी का हार पहना हुआ है। तुम्हें शर्म आनी चाहिए तापसी।

तापसी पन्नू की इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

जया सिंह नाम की यूजर ने लिखा, “कपड़े ही उतार दो बेशरम लाल रंग क्या, हरा रंग भी पीछा छोड़ देगा। फिर इतनी बेकार तस्वीर में नेकलेस भगवान का है, शर्म कर लो कुछ।”

तापसी पन्नू की इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

वर्क फ्रंट की बात करें तो तापसी पन्नू जल्द ही शाहरुख खान के साथ फिल्म ‘डंकी’ में नजर आएँगी। इसके अलावा वह अनुभव सिन्हा की ‘अफवाह’ फिल्म में भी हैं। इस साल जनवरी में तापसी पन्नू ने ‘फिर आई हसीन दिलरुबा’ फिल्म की घोषणा की। यह फिल्म ‘हसीन दिलरुबा’ का सीक्वल है।

गैंगरेप के 7 घंटे बाद राजस्थान में 16 साल की पीड़िता ने लगाई फाँसी: साबिर, नासिर और नाजिर पर अगवा कर बलात्कार करने का आरोप

राजस्थान के अलवर में एक नाबालिग गैंगरेप पीड़िता के आत्महत्या करने की खबर है। इस मामले में साबिर, नासिर और नाजिर को नामजद किया गया है। तीनों आरोपित विवाहित हैं और मृतका से उम्र में लगभग दोगुने हैं। पुलिस केस दर्ज कर आरोपितों की तलाश में दबिश दे रही है। घटना शनिवार (18 मार्च 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना अलवर के नौगाँवा थानाक्षेत्र की है। पीड़ित परिजनों के अनुसार शनिवार को 16 वर्षीया लड़की पशुओं को चारा डालने गई थी। इसी दौरान साबिर, नासिर और नाजिर अपहरण कर उसे सुनसान जगह ले गए। फिर 32 साल के साबिर, 30 साल के नासिर और 28 साल के नाजिर ने बारी-बारी से उसके साथ रेप किया।

पीड़िता रात लगभग 10 बजे आरोपितों के चंगुल से आज़ाद हो पाई। उसने घर पहुँच कर अपने परिजनों को सारी बात बताई। घर वालों ने अगले दिन सुबह पुलिस स्टेशन में शिकायत देने की बात कहते हुए उस रात लड़की से सो जाने को कहा। लड़की ने अपने कमरे में जा कर रात में ही फाँसी लगा कर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या गैंगरेप के लगभग 7 घंटे बाद की गई। पीड़िता को परिजन फंदे से उतार कर अस्पताल ले गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने लड़की को मृत घोषित कर दिया। मृतका का पोस्टमार्टम करवाकर अंतिम संस्कार के लिए शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

दावा यह भी किया जा रहा है कि आरोपित लगभग 3 माह से पीड़िता के साथ दुष्कर्म कर रहे थे, जिसके चलते वह डिप्रेशन में थी। रविवार (20 मार्च 2023) को मृतका की माँ ने साबिर, नासिर और नाजिर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। तीनों आरोपितों पर अपहरण और गैंगरेप सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। FIR दर्ज होते ही तीनों फरार हो गए। पुलिस ने आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया है।