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देर से निकाह करने का मलाल, बहुत सारे बच्चों की इच्छा: बॉलीवुड छोड़ मौलाना से निकाह करने वाली सना खान हुईं प्रेगनेंट, बोलीं- मेरा बच्चा नींद हराम करता है

इस्लाम के लिए बॉलीवुड छोड़ मौलाना अनस सैयद से शादी करने वाली सना खान अब प्रेग्नेंट हैं। जून 2023 में उनके घर नन्हा मेहमान आने वाला है। अपनी प्रेगनेंसी और बच्चे को लेकर बात करते हुए सना खान ने कहा है कि उन्हें देर से शादी करने का अफसोस है। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि उनके पास विकल्‍प हो तो वह बच्‍चों से भरी नर्सरी रखना पसंद करतीं।

सना खान ने ईटाइम्स से बात करते हुए अपने बच्चे को लेकर खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा है, “हम उत्साहित हैं और अपने बच्चे का स्वागत करने के लिए बहुत उत्सुक हैं। अपने शरीर के भीतर खून और माँस से कुछ बनने की कल्‍पना करना एक बेहतरीन एहसास है। बच्चे होना जीवन का सबसे खूबसूरत हिस्सा है।”

गर्भावस्था की शुरुआती दिनों को लेकर बात करते हुए सना ने कहा है, “शुरुआती दिन काफी कठिन थे। गुस्सा, बुखार और उल्टी के कारण मैं बिस्तर से उठ भी नहीं पाती थी। यह ऐसा टाइम था जब मैं हार्मोन में हो रहे बदलाव के कारण बैठकर रोया करती थी। मुझे आज भी कभी-कभी उल्टी महसूस होती है। मेरे मन में माँ के लिए सम्मान है। जब शरीर बदल रहा होता है, तो पहली चीज जो आपके दिमाग में आती है वह है वजन। लेकिन मुझे अपना वजन बढ़ने की चिंता नहीं है। मेरे लिए यह महत्वपूर्ण है कि बच्चे को महत्वपूर्ण पोषक तत्व मिलें और वह स्वस्थ हो।”

सना ने यह भी कहा है, “ऊपर वाले ने माँ दरजा ऐसे ही इतना बड़ा नहीं किया है। मैं रात में अपने बच्चे को अपने अंदर खेलते और चलते हुए महसूस करती हूँ। निश्चित तौर पर मेरा बच्चा मेरी रातों की नींद हराम कर रहा है। मैं अपने बच्चे के कपड़ों की खरीदारी को लेकर सबसे ज्यादा उत्साहित हूँ।”

सना ने अपनी शादी देर से करने को लेकर पछतावा दिखाया है। साथ ही कहा है कि वह बहुत सारे बच्चे चाहती हैं। उन्होंने कहा है, “मुझे देर से शादी करने का पछतावा है, क्योंकि इससे सब कुछ देरी से हुआ। हालाँकि, मेरे लिए मेरे हमसफ़र को ढूँढ़ना भी जरूरी था। अगर मेरे पास कोई विकल्प हो तो मैं बच्चों से भरी नर्सरी पसंद करूँगी। फिलहाल, अनस और मैं अपने बच्चे को अपनी बाहों में पकड़ने के लिए बहुत अधिक उत्साहित हैं।”

बिहार में 18 घंटे बाद मिला डाकघर के क्लर्क का लापता बेटा, परिजनों में बैठ गया था अपहरण का डर: CCTV में सड़क पर खेलता दिखा था

बिहार के गोपालगंज में प्रधान डाकघर के क्लर्क का बेटा लापता हो गया है, जिसके बाद परिजनों ने अपहरण की आशंका जताई है। घटना नगर थाना क्षेत्र के अधिवक्ता नगर मोहल्ले का है। लापता छात्र की उम्र 13 साल है, जिसका नाम अभिषेक कुमार है। उसके पिता प्रवीण कुमार जिले के मुख्य डाकघर के क्लर्क हैं। लापता छात्र ‘बिहार विकास विद्यालय’ में तीसरी कक्षा का छात्र है। परिजनों ने अपहरण की आशंका जताते हुए नगर थाने में मामला दर्ज करा दिया है।

बिहार पुलिस ने मौके पर पहुँच कर जाँच भी शुरू कर दी है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी खँगाला है, जिसमें अभिषेक दोस्तों के साथ सड़क पर खेलता हुआ नजर आ रहा है। इसके बाद वो अचानक लापता हो गया। शनिवार (18 मार्च, 2023) शाम को बचे के लापता होने के बाद परिजन परेशान हो गए। परिजनों ने मोहल्ले के लोगों के साथ मिल कर उसकी तलाश में खोजबीन की। दूसरे दिन पुलिस ने भी काफी खोजबीन की।

लापता होने के 18 घंटे बाद पुलिस ने नाबालिग को बरामद किया। वो नशे की हालत में था। उसकी बरामदगी काली स्थान गली से हुई है। बिहार में हाल के दिनों में अपहरण के कई मामले सामने आए हैं। लालू यादव और राबड़ी देवी के 15 वर्षों के शासनकाल में बिहार में ‘अपहरण उद्योग’ काफी फला-फुला था और फिरौती से लेकर बदले में अक्सर अपहरण की घटनाएँ अंजाम दी जाती थीं। राजद के सत्ता में लौटने के बाद फिर उसी तरह की चर्चाएँ गर्म हैं।

हालाँकि, गोपालगंज की ताज़ा घटना में बच्चा कैसे नशे की हालत में वहाँ पहुँचा – इस संबंध में कुछ साफ़ नहीं हो पाया है। इससे पहले बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में डॉक्टर एसपी सिंह के बेटे विवेक को पुलिस ने भोजपुर जिले से बरामद किया था। उसका शुक्रवार (17 मार्च, 2023) शाम अपहरण हुआ था। अपहरण करने वालों ने डॉक्टर से 30 लाख रुपए की फिरौती माँगी थी। फिरौती के लिए जिस जगह से कॉल आया था। उसकी भी जाँच की जा रही थी।

‘अखबार, मजदूर, रिकॉर्डिंग…सब गलत हैं’ : बिहार पुलिस के सामने सरेंडर के बाद आया यूट्यूबर मनीष कश्यप का Video, बताया किन आधारों पर बनाई थी Video

बिहारी मजदूरों के साथ तमिलनाडु में हुई कथित हिंसा को लेकर ‘भ्रामक रिपोर्टिंग’ करने के आरोप में जेल गए मनीष कश्यप का एक वीडियो सामने आया। यह वीडियो उनके आत्मसमर्पण से पहला का है। इस वीडियो में मनीष कश्यप ने कहा है कि कानून अंधा है। लेकिन अंधा कानून भी न्याय करता है। साथ ही उन्होंने तमिलनाडु हिंसा को लेकर नेताओं द्वारा किए गए ट्वीट, पोस्ट तथा अखबारों द्वारा छापी गई खबरों पर कार्रवाई न होने पर भी बात की है।

वीडियो शनिवार (18 मार्च 2023) का है। वीडियो में मनीष कश्यप अपनी माँ के साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं। वीडियो को ‘सच तक न्यूज’ के ट्विटर अकाउंट से शेयर किया गया है। वीडियो के कैप्शन में लिखा है, “मेरे बिहारवासियों मैं जा रहा हूँ, तुम मेरी माँ की आँखों में आँसू मत आने देना। आत्मसमर्पण करने से पहले मनीष कश्यप ने अपनी माँ के साथ बिहार के लोगों से की भावुक अपील।”

वीडियो में मनीष कश्यप ने कहा है, “घर पर पुलिस वाले जाते हैं और कहते हैं बेटे को गिरफ्तार करवाइए। ठीक है, मैं गिरफ्तारी दे रहा हूँ। जेल जा रहा हूँ।” इसके बाद उन्होंने कहा है कि RJD नेता अनिल साहनी ने बिहारी मजदूरों को लेकर पोस्ट किया था। पप्पू यादव ने ट्वीट किया था। यही नहीं, मनीष कश्यप ने वकायदा अमर उजाला, प्रभात खबर, हिंदुस्तान और दैनिक भास्कर का नाम लेते हुए इन अखबारों में छपी तमिलनाडु में हुई कथित हिंसा की खबरों को दिखाया है।

मनीष कश्यप ने वीडियो में यह भी कहा है कि न तो पोस्ट और ट्वीट करने वाले नेताओं और न ही खबर छापने वाले अखबारों से किसी प्रकार का सवाल पूछा जा रहा। सिर्फ उनसे ही सवाल पूछे जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा है, “आज घरवाले भी परेशान हैं। मेरे माता-पिता परेशान हैं कि आखिर ऐसा किया क्या है मैंने। इसलिए मैं अपनी मम्मी के सामने कहना चाहता हूँ कि मैंने कुछ गलत नहीं किया। भगत सिंह ने भी कुछ गलत नहीं किया था। बस हम लोगों ने अनेकों माताओं के आँसू पोंछे हैं। उम्मीद है कि बिहार में मेरी माँ के आँखों में भी आँसू नहीं आएगा और आप लोग नहीं आने देंगे।”

उन्होंने यह भी कहा है कि उनकी लड़ाई घरवालों के लिए नहीं थी बल्कि बिहार के लिए थी। अकाउंट में 42 लाख मिलने को लेकर मनीष ने कहा है कि अकाउंट में लोग पैसा रखते हैं। इसको भी पता नहीं किस तरह से पेश किया गया। बिहार के लोगों ने विनती है कि वे चीजों को समझेंगे। सब लोग मिलकर एक गलत सिस्टम के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। इस लड़ाई को जीतेंगे। मनीष ने यह भी कहा है कि उन्हें पता है कि कानून अंधा है। लेकिन अंधा कानून भी न्याय करता है। आज नहीं तो कल न्याय होगा। लेकिन सिस्टम में बैठे लोग, नेता जब अंधे हो जाएँगे तो न्याय कैसे होगा?

मनीष कश्यप ने अपने खिलाफ दर्ज हुए केस के बारे में बात करते हुए कहा है, “मेरे ऊपर और भी केस दर्ज हैं। छात्रों के लिए लड़ा, इसलिए मेरे ऊपर केस हुआ। एक हरिहर व्यक्ति के बेटे के ह्र्दय में छेद था। उनके बैंक से पैसा इधर-उधर हो गया। उनके लिए लड़ा तो मेरे ऊपर केस हो गया। एक अंग्रेज जो चंपारण में हमारे लोगों से नील की खेती करवाते थे। उसकी मूर्ति तोड़ने का केस है मेरे ऊपर। इन सब पर चर्चा हो या न हो लेकिन बिहार की बर्बादी पर हमें चर्चा करना होगा।”

उन्होंने यह भी कहा है, “आखिर बिहार के मजदूर अन्य राज्यों में जाकर क्यों मार खाते हैं। यदि ये बात गलत है तो सारे अखबार गलत हैं। गलत है तो सारे मजदूर गलत हैं जिन्होंने रेलवे स्टेशन पर आकर हिंसा की बात कही। इसी तरह सारी रिकॉर्डिंग भी गलत हैं। मैं अपनी माँ से मिल लिया हूँ। अब जेल जा रहा हूँ। उम्मीद है कि आप लोग खड़े रहेंगे। जब तक आप लोग खड़े रहेंगे तब तक किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं होगी। मुझे पता है कि कानून अंधा है लेकिन आप लोग अंधे नहीं होंगे।”

बता दें कि बिहार पुलिस ने मनीष कश्यप के घर की जब्ती-कुर्की करने का आदेश जारी किया था। इसके बाद उन्होंने शनिवार (18 मार्च 2023) को बेतिया जिले के जगदीशपुर थाने में आत्मसमर्पण कर दिया था। बिहार पुलिस के साथ ही तमिलनाडु पुलिस भी मनीष कश्यप पर कार्रवाई कर सकती है। तमिलनाडु पुलिस की एक टीम बिहार पहुँची है। कहा जा रहा है कि मनीष कश्यप से पूछताछ के बाद तमिलनाडु पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर उन्हें अपने साथ ले जाएगी। वहीं, गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद मनीष कश्यप के समर्थकों ने जगदीशपुर थाने के बाहर एकजुट होकर बिहार पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की थी।

राहुल गाँधी से पूछताछ करने घर पहुँची दिल्ली पुलिस: भारत जोड़ो यात्रा में ‘यौन उत्पीड़न’ पर दिया था बयान, पुलिस ने पूछा तो कुछ भी बताने से किया इनकार

यौन पीड़िताओं को लेकर कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) द्वारा दिए गए बयान के संबंध में दिल्ली पुलिस ने उन्हें नोटिस भेजा था। अब दिल्ली के स्पेशल कमिश्नर (कानून-व्यवस्था) सागर प्रीत हुड्डा राहुल गाँधी से जानकारी लेने के लिए उनके घर पहुँचे हैं। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल ने उन पीड़िताओं का जिक्र किया था। इसके पहले दिल्ली पुलिस के अधिकारी उनसे मिलने भी गए थे, लेकिन राहुल गाँधी ने उनसे बात नहीं की थी।  

दिल्ली पुलिस का कहना है, “हम यहाँ (राहुल गाँधी के आवास पर) बात करने आए हैं।” इससे पहले दिल्ली पुलिस ने नोटिस भेजकर राहुल गाँधी से उन पीड़ित महिलाओं की जानकारी साझा करने के लिए कहा था, जिन्होंने उनसे यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी। राहुल गाँधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान इन महिलाओं का जिक्र किया था, जिसका दिल्ली पुलिस ने संज्ञान लिया है।

राहुल गाँधी ने श्रीनगर में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कहा था कि कई महिलाएँ उनसे मिली थीं, जिनका यौन उत्पीड़न किया गया। इनमें से कई महिलाओं के साथ बलात्कार हुआ था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गाँधी से उन तमाम महिलाओं के बारे में जानकारी माँगी थी, ताकि कानूनी कार्रवाई की जा सके।

दिल्ली पुलिस के एक सीनियर अधिकारी 15 मार्च 2023 को नोटिस लेकर राहुल गाँधी से मिलने गए थे। वहाँ 3 घंटे तक इंतज़ार करने के बाद भी राहुल गाँधी उनसे नहीं मिले। इसके बाद वह सीनियर अधिकारी गुरुवार को फिर से मिलने गए और राहुल गाँधी से समय माँगा। इस बार भी राहुल गाँधी ने कह दिया कि उनके पास समय नहीं है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के अधिकारी जब 16 मार्च को दोबारा राहुल गाँधी के घर उनसे मिलकर बयान लेने गए तो उन्होंने कुछ भी बात करने से साफ मना कर दिया। तब राहुल गाँधी ने पुलिस टीम से कहा था, “आप नोटिस दे दीजिए। मैं नोटिस का जवाब दे दूँगा।” इस नोटिस में पीड़ित महिलाओं का ब्योरा माँगा गया है।

बता दें कि यौन शोषण एक संज्ञेय अपराध है। यह गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे में पुलिस जैसी जाँच एजेंसियाँ इस पर स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई कर सकती हैं। यही कारण है कि जब राहुल गाँधी ने इतने गंभीर अपराध की पीड़िताओं का जिक्र किया तो दिल्ली पुलिस उनसे जानकारी लेने उनके आवास पहुँची।

कानून यह देश का नागरिकों का दायित्व है कि किसी भी अपराध की जानकारी होने पर वे इसकी जानकारी संबंधियों एजेंसियों को दें। हालाँकि, राहुल गाँधी ने ऐसा नहीं किया। यहाँ तक कि उनसे जानकारी लेने खुद पुलिस पहुँची तो उन्होंने समय का हवाला देकर सहयोग नहीं किया।

भारतीय अपराध संहिता (IPC) की धारा 120 और 201 के तहत किसी भी संज्ञेय अपराध की जानकारी होना और उसे पुलिस या संबंधित अधिकारियों को ना देना और अपराधी को बचाने के उद्देश्य से उसे छिपाना अपराध की श्रेणी में आता है। इन दोनों के लिए अलग-अलग सजा का भी प्रावधान है।

कानून के जानकारों के मुताबिक, इस मामले में राहुल गाँधी पर किसी तरह का अपराध साबित होना मुश्किल है, क्योंकि राहुल गाँधी अपराध के साक्षी नहीं रहे हैं। उनसे पीड़िताओं ने मदद या भावनाओं को व्यक्त करने के उद्देश्य से अपनी आपबीती बताई होगी। हालाँकि, जानकारों का ह भी कहना है कि एक जिम्मेदार नागरिक कि हैसियत से राहुल गाँधी को इसकी जानकारी साझा करनी चाहिए।

‘मुझे सेक्स सिंबल कहलाना पसंद है’: मलाइका अरोड़ा ने की अर्जुन कपूर संग रिश्ते पर बात, बोलीं – ‘वह मुझे जवान महसूस कराता है’

बॉलीवुड अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा अपने बोल्ड अंदाजों के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ से लेकर प्रोफेशनल लाइफ तक पर बात की। मलाइका ने कहा है कि उन्हें सामान्य महिला कहे जाने से कहीं अधिक सेक्स सिंबल कहा जाना पसंद है।

दरअसल, मलाइका अरोड़ा शनिवार (18 मार्च 2023) को इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में बात कर रही थीं। इसमें उन्होंने कहा, “मुझे सेक्स सिंबल कहलाना पसंद है। मुझे सेक्स सिंबल होने का कोई मलाल नहीं है। मैं खुद को एक ऐसी महिला जो खूबसूरत नहीं है, कहलाने के बजाय एक सेक्स सिंबल के रूप में पहचाना जाना पसंद करूँगी। मैं बहुत खुश हूँ और मुझे यह टैग (सेक्स सिंबल) पसंद है।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं केवल कुछ गानों, कुछ आइटम सॉन्ग्स तक सीमित नहीं हूँ। मैं इससे कहीं अधिक हूँ। इससे कहीं अधिक कि उसका चेहरा बहुत खूबसूरत है। उसका शरीर शानदार है, वह डांस करते समय स्क्रीन पर भी बहुत बढ़िया नजर आती है। शानदार ढँग से चलती है। मुझे लगता है कि 30 साल से अधिक समय तक काम करते रहना आसान नहीं है। यहाँ कोई भी सिर्फ इसलिए काम नहीं कर सकता कि वह अच्छा दिखता है। एक समय के बाद हर किसी का चेहरा डल होना है। इसके बाद ऐसे ही आगे बढ़ना होता है।”

मलाइका ने यह भी कहा है कि वह प्रिविलेज्ड बैकग्राउंड से नहीं हैं, इसके बावजूद उन्होंने अपने तरीके से काम किया है। मलाइका कहती हैं कि वह आज जहाँ भी हैं, उसके लिए उन्होंने बहुत काम किया है। बहुत अधिक मेहनत की है।

तलाक और अर्जुन कपूर से रिश्तों को लेकर उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अरबाज खान से तलाक लिया था तो लोग उनसे पूछते थे कि क्यों तलाक लिया। तलाक के बाद जब उन्हें प्यार मिला तो लोगों ने कहा कि इसे प्यार कैसे मिल गया। मलाइका ने कहा, “प्यार की कोई उम्र नहीं होती। जब कोई प्यार में होता है तो बस होता है। मैं खुश हूँ कि मुझे एक ऐसा पार्टनर मिला है जो मुझे समझता है। वो उम्र में छोटा है तो ठीक है। मुझे लगता है कि वो मुझसे यंग है, इसलिए मैं भी यंग महसूस करती हूँ।”

ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में पस्त हुआ खालिस्तानी प्रोपेगेंडा: रेफरेंडम के दिन मुश्किल से 100 लोग आए, नेटीजन्स बोले- इनका तो पासपोर्ट ही कैंसिल कर दो

भारत में खालिस्तान समर्थक अमृतपाल की गिरफ्तारी के लिए जारी धड़-पकड़ के बीच ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में आज 19 मार्च को ‘रेफरेंडम-2020’ (सिखों का अलग देश बनाने के लिए वोटिंग) की तारीख सुनिश्चित हुई थी। इसका सोशल मीडिया पर जोरो-शोरों से प्रचार भी हुआ था। हालाँकि जब वोट का दिन आया तो हाल कुछ और दिखे। सामने आई तस्वीरों में सेंटर के बाहर नजर आ रहे चंद सिखों के साथ ये खालिस्तानी प्रोपेगेंडा पूरी तरह फेल होता नजर आया।

ऑस्ट्रेलिया टुडे की रिपोर्ट में देख सकते हैं कि जहाँ रेफरेंडम का स्थान निर्धारित किया गया था। वहाँ चंद लोग खालिस्तान का झंडा लेकर खड़े नजर आए। रिपोर्टर के अनुसार, वहाँ 100 लोग भी मुश्किल से इकट्ठा हुए हैं। बाहर खालिस्तान रेफरेंडम ऑस्ट्रेलिया का पोस्टर लगा हुआ है और कुछ लोग खालिस्तानी झंडा लेकर खड़े हैं। इसके अलावा आसपास कुछ नहीं है।

ऑस्ट्रेलियन हिंदू मीडिया द्वारा जारी तस्वीरों में भी दिख रहा है कि कैसे जिस खालिस्तान रेफरेंडम का इतना हल्ला किया गया था वो चंद लोगों के साथ सिमट गया है।

ऐसी तस्वीरें देखने के बाद नेटीजन्स में संतुष्टि दिखाई दे रही है। वो कमेंट कर करके उन सिखों को धन्यवाद दे रहे हैं जिनके कारण ये खालिस्तानी प्रोपेगेंडा फेल हुआ। ये भी कहा जा रहा है कि मेलबर्न में 10000 के करीब सिख थे, लेकिन इस रेफरेंडम में चंद लोग हैं।

कुछ लोग ऐसे भी हैं जो ये कह रहे हैं कि इस रेफरेंडम में शामिल लोगों का भारतीय पासपोर्ट सरकार को रद्द कर देना चाहिए और उन्हें वापस दोबारा भारत में नहीं आना देना चाहिए।

खालिस्तानी प्रोपेगेंडा है- रेफरेंडम 2020

बता दें कि खालिस्तानी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ ने एक अलग देश खालिस्तान के लिए दुनिया के तमाम सिखों में रेफरेंडम 2020 नाम से वोटिंग शुरू करवाई थी। इससे पहले 29 जनवरी 2023 को ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भी वोटिंग हुई थी। तब कई खालिस्तानी समर्थकों ने बल्ले और धारदार हथियारों से वार किया था। इतना ही नहीं ब्रिस्बेन में भी पिछले कुछ समय से हिंदू मंदिरों को निशाना बनाया जाता है। कई भारत विरोधी नारे और मोदी विरोधी नारे दीवारों पर लिखे जाने की घटना सामने आती रहती है।

‘भगोड़े’ अमृतपाल को बताया भाई, खालिस्तान समर्थकों को ‘सिख कार्यकर्ता’: पंजाब में चल रही धर-पकड़ ने बढ़ाई कनाडा के WSO की चिंता, 78 गिरफ्तारियों पर रोना शुरू

पंजाब में कई थानों की पुलिस की घेराबंदी के बावजूद खालिस्तान समर्थक और ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन का चीफ अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) भागने में कामयाब रहा है। पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया है। उसके संगठन से जुड़े 78 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही पुलिस ने दो गाड़ियाँ और कई हथियार बरामद किए हैं।

पुलिस की इस कार्रवाई का खालिस्तान समर्थकों ने आलोचना करनी शुरू कर दी है। कनाडा में रहकर भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा और अलगाववादी सेंटीमेंट को हवा देने वाले कई लोग और संगठन खुलकर अमृतपाल सिंह के पक्ष में बोल रहे हैं। इनमें WSO और रूपी कौर एवं गुरप्रीत सिंह सहोता प्रमुख हैं।

कनाडा स्थित खालिस्तान समर्थक The World Sikh Organization of Canada (WSO) ने अमृतपाल को गिरफ्तार करने की पुलिस कार्रवाई का विरोध किया है। WSO ने कहा कि पुलिस ‘फर्जी मुठभेड़ों’ में सिख कार्यकर्ताओं की हत्या कर सकती है। WSO ने कहा कि अमृतपाल संप्रभु सिख राज्य खालिस्तान के समर्थन के साथ-साथ भारत में सिख समुदाय के खिलाफ भेदभाव को उजागर करते हैं।

खालिस्तान समर्थक कनाडा में स्थित गैर-सरकारी संगठन (NGO) WSO ने कहा कि भारत सरकार ने अमृतपाल सिंह और उनके साथियों की गिरफ्तारी के लिए कोई कारण नहीं गया है। राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) जैसे भारतीय औपनिवेशिक युग के कानून अधिकारियों को 12 महीने तक बिना किसी आरोप के व्यक्तियों को हिरासत में लेने की अनुमति देते हैं।

WSO के अध्यक्ष तेजिंदर सिंह सिद्धू ने कहा कि राज्य में इंटरनेट को बंद कर अर्धसैनिक बलों की तैनाती बहुत परेशान करने वाला है। राज्यव्यापी ब्लैकआउट नरसंहार का एक उपकरण रहा है और 1984 में सिखों के नरसंहार के लिए इसका इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने भारत पर झूठे आरोप लगाते हुए कहा, “सरकार ने बार-बार प्रदर्शित किया है कि सिख समान नागरिक नहीं हैं और उनके अधिकारों और स्वतंत्रता को इच्छानुसार निलंबित किया जा सकता है।”

अमृतपाल को समाजसेवी सिद्ध करने की कोशिश करते हुए तेजिंदर सिंह सिद्धू ने कहा कि अमृतपाल सिंह पंजाब में नशीली दवाओं के शिकार युवाओं को इससे दूर करने का प्रयास कर रहा था, लेकिन सरकार तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उसके खिलाफ ही कार्रवाई कर रही है। सिद्धू ने आगे कहा, “भाई अमृतपाल सिंह की हिरासत के भ्रम का इस्तेमाल झूठी मुठभेड़ को अंजाम देने और उनकी न्यायेतर हत्या को आसान बनाने के लिए किया जा सकता है।”

खालिस्तान समर्थक कनाडाई कवयित्री, चित्रकार, फोटोग्राफर एवं लेखिका रूपी कौर ने भी अमृतपाल के खिलाफ कार्रवाई की निंदा की है। रूपी कौर ने ट्वीट किया, “पंजाब में सिख कार्यकर्ताओं की सामूहिक गिरफ्तारी हो रही है। कम-से-कम 78 लोगों को हिरासत में लिया गया है। लोगों के इकट्ठा होने के साथ-साथ इंटरनेट और SMS सेवा बंद कर दिए गए हैं। सिख मीडिया आउटलेट्स और पेजों को ब्लॉक कर दिया गया है।”

पंजाब में जन्मी रूपी कौर बहुत कम उम्र में ही अपने परिवार के साथ कनाडा चली गई थी। साल 2009 में उन्होंने कविता प्रदर्शन करना शुरू किया। इसके बाद वह लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो गईं। उन्होंने तीन कविता संग्रह लिखा है, जिसे कई भाषाओं में अनुवाद किया गया है। आज वह कनाडा की लोकप्रिय कवि हैं। हालाँकि, वह अलगाववादी खालिस्तान मूवमेंट का हिस्सा भी बन गई हैं।

वहीं, कनाडा स्थित खालिस्तान समर्थक पत्रकार गुरप्रीत सिंह सहोता ने भी अमृतपाल सिंह पर पुलिस कार्रवाई को लेकर ट्वीट किया। सहोता ने इस कार्रवाई के विरोध में लोगों को प्रदर्शन के लिए उकसाते हुए ट्वीट किया, “न्यूयॉर्क क्षेत्र के सिख कल भारतीय वाणिज्य दूतावास के सामने एकत्रित हुए। पश्चिमी देशों में इस तरह के और अधिक विरोध प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है।”

सहोता जैसे लोग अमृतपाल जैसे सिस्टम को हाईजैक करने वाले क्रिमिनल को सुधारवादी सिद्ध करने का प्रयास कर रहे हैं। सहोता ने एक सिख व्यक्ति का वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह नशीला पदार्थ छोड़ने की बात कहता है। इस आधार पर उसे नशे के खिलाफ एक बड़ा उत्प्रेरक साबित करने की कोशिश की जा रही है।

बता दें कि कभी दुबई में ट्रक चलाने वाला अमृतपाल सिद्धू मूसेवाला की मौत के बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के सहयोग वारिस पंजाब दे का चीफ बन गया है और खालिस्तान के पक्ष में युवाओं को बरगला रहा है। शनिवार (18 मार्च 2023) को पुलिस ने उस पर कार्रवाई की, लेकिन वह भागने में कामयाब रहा।

‘करणी सेना’ के विरोध के बाद शो छोड़ भागा रैपर अल्ताफ शेख (MC Stan): मना करने के बावजूद इस्तेमाल की गालियाँ

‘बिग बॉस 16’ के विनर और रैपर एमसी स्टैन (MC Stan) उर्फ अल्ताफ शेख को अपना कार्यक्रम छोड़कर भागना पड़ा है। दरअसल, MC stan शुक्रवार (17 मार्च, 2023) को मध्य प्रदेश के इंदौर में एक कार्यक्रम कर रहे थे। इसी दौरान ‘करणी सेना’ के कार्यकर्ता वहाँ पहुँच कर विरोध प्रदर्शन करने लगे। इससे रैपर को कार्यक्रम छोड़ भागना पड़ा। वहीं, पुलिस ने ‘करणी सेना’ के कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र का है। वहाँ एक होटल में एमसी स्टैन उर्फ अल्ताफ शेख का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। ‘करणी सेना’ ने कार्यक्रम से पहले ही पहले ही रैपर MC Stan को आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल न करने की हिदायत दी थी। हालाँकि, एमसी स्टैन नहीं माने। उन्होंने जैसे ही गाना शुरू किया। ‘करणी सेना’ के कार्यकर्ता मंच पर चढ़ गए और हँगामा करना शुरू कर दिया।

हंगामा होते ही एमसी स्टेन वहाँ से भाग खड़े हुए। वहीं, करणी सेना के लोगों ने माइक हाथ में लेकर कहा, “एमसी स्टेन स्टेज पर आएँ, वे डरते हैं क्या? जितने उनके फैंस यहाँ बैठे हैं, स्टोरी डालें कि रैपर यहाँ पर आएँ। गाने में यहाँ गाली-गलौज कर रहा है। इंदौर की जनता सोशल मीडिया पर स्टोरी डालना कि इसके गाने में जहाँ गाली-गलौच होगी, वहाँ जाकर चाँटा मारकर आएँगे।”

इसके अलावा उन्होंने फैंस से पूछा कि एमसी स्टैन किस होटल में रुके हैं। इस पर कुछ लोगों ने उन्हें होटल का नाम बता दिया। इसके बाद ‘करणी सेना’ के कार्यकर्ताओं ने फैंस से कहा, “यदि आप वाकई में उसके फैन हो और उसे मार खाते हुए देखना चाहते हो तो होटल पहुँच जाओ। हम भी वहीं पहुँच रहे हैं।”

चूँकि इस कार्यक्रम को लेकर बड़ी संख्या में लोग होटल आए हुए थे। ऐसे में ‘करणी सेना’ के कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद वहाँ अफरा-तफरी मच गई। भीड़ हटाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा है। इस मामले में, लसूडिया थाने के एसआई आरएस दंडोतिया ने कहा है कि होटल के सिक्योरिटी गार्ड लक्ष्मीनारायण की शिकायत पर पुलिस ने ‘करणी सेना’ के कार्यकर्ता दिग्विजय सिंह, राजा सिंह सहित अन्य पर केस दर्ज किया गया है।

लक्ष्मीनारायण ने कहा है कि शुक्रवार (17 मार्च, 2023) की रात 8:30 बजे एमसी स्टेन का शुरू होने के बाद करणी सेना के लोगों ने हँगामा करना शुरू कर दिया। हँगामा होते ही एमएसी स्टेन वहाँ से चले गए। ‘करणी सेना’ के लोगों ने गाली-गलौच करते हुए गमले तोड़े हैं। लिखित शिकायत के बाद पुलिस ने ‘करणी सेना’ के दो लोगों पर नामजद व अन्य लोगों पर केस दर्ज किया है।

‘ये भारत का समय है – दुनिया भर के विशेषज्ञ और अर्थशास्त्री कह रहे’: ‘इंडिया टुडे कन्क्लेव’ में बोले PM मोदी – हम विश्व के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (18 मार्च, 2023) को ‘इंडिया टुडे’ के कॉन्क्लेव में हिस्सा लिया। अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने देश की उपलब्धियों पर रोशनी डाली। प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार और घोटालों के खिलाफ एक्शन की चर्चा की। पीएम ने कहा कि दुनिया भर के एक्सपर्ट और इकोनॉमिस्ट कह रहे हैं कि यह भारत का समय (It is India’s Moment) है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत को लेकर एक विश्वास से भरी हुई है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि पहले भ्रष्टाचार की खबरें आते थीं अब भ्रष्टाचारियों पर एक्शन और उनके लामबंद होकर सड़कों पर उतरने की खबरें आती हैं। पीएम मोदी ने भारत को दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया के बड़े अर्थशास्त्री, एनालिस्ट और थिंकर आज के समय को भारत का समय बता रहे हैं।

पीएम ने कहा कि दुनिया कई संकटों का सामना कर रही है। एक तरफ 100 साल में आई सबसे बड़ी महामारी (कोरोना) तो दूसरी तरफ रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध। ऐसे समय में जब पूरी दुनिया की सप्लाई चेन प्रभावित है ‘द इंडिया मूमेंट’ की बात होना आम बात नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल मैनुफैक्चरर्स और स्मार्टफोन डेटा कंज्यूमर है। इतना ही नहीं, पीएम ने बताया कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इको-सिस्टम है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2023 के शुरुआती 75 दिनों की उपलब्धियाँ गिनवाईं। उन्होंने कहा कि इसी साल देश का ग्रीन बजट आया। शिवमोगा में एयरपोर्ट का लोकार्पण हुआ। मुंबई मेट्रो के अगले फेज की शुरुआत हुई। देश का सबसे बड़ा रीवर-क्रूज चालू हुआ। बेंगलूरू-मैसूर एक्सप्रेस वे की शुरुआत हुई। मुंबई से विशाखापट्नम के लिए वंदे भारत ट्रेन शुरू हुई।

पीएम ने कहा कि तुमकुरु में एशिया की सबसे बड़ी हेलीकॉप्टर फैक्ट्री का लोकार्पण भी 2023 में हुआ। हजारों की संख्या में विदेशी डिप्लोमैट और प्रतिनिधि जी-20 के बैठकों में शामिल होने भारत आए। उन्होंने शनिवार को ही भारत-बांग्लादेश के बीच गैस पाइपलाइन के लोकार्पण की बात भी कही।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि हमने नॉर्थ ईस्ट के लोगों को ह्यूमन टच से जोड़ा है। पहले नॉर्थ-ईस्ट के लोगों को दिल और दिल्ली की दूरी अखरती थी। अब सरकार के मंत्री लगातार नॉर्थ ईस्ट का दौरा करते हैं। मैं खुद हाफ सेंचुरी लगा चुका हूँ।

अभी भी फरार है भगोड़ा अमृतपाल सिंह: पंजाब पुलिस ने 78 को गिरफ्तार किया, 9 हथियार बरामद, पूरे राज्य में चलाया जा रहा व्यापक अभियान

‘वारिस पंजाब दे’ के मुखिया अमृतपाल सिंह के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक खबरों में कहा जा रहा था कि अमृतपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है, हालाँकि अब पता चला है कि वो अभी भी फरार है। पंजाब पुलिस ने बताया है कि ताज़ा कार्रवाई में 78 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पंजाब पुलिस ने अमृतपाल सिंह को भगोड़ा बताया है। उसकी तलाश जारी है। ऑपरेशन के दौरान 9 हथियार भी जब्त किए गए हैं।

इनमें 8 राइफल और एक रिवॉल्वर है। पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि स्थिति नियंत्रण में है और साथ ही लोगों से अपील की है कि वो अफवाहों पर ध्यान नहीं दे। पंजाब पुलिस ने शनिवार (18 मार्च, 2023) को व्यापक तलाशी अभियान (Cordon And Search Operations/CASO) चलाया है। ‘वारिस पंजाब दे’ के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। अब तक 78 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वहीं कई अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

पंजाब पुलिस के आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि शाहकोट-मलसैन रोड में WPD के सक्रिय होने की खबर मिली थी। ये इलाका जालंधर में है। यहीं से 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया। अमृतपाल सिंह समेत कई फरार हैं, जिनकी तलाश में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। जो 7 राइफल जब्त किए गए हैं, वो 12 बोर के हैं, वहीं एक राइफल .315 बोर का है। रक रिवॉल्वर के अलावा 373 ज़िंदा गोलियाँ भी मिली हैं।

कई पंथों के बीच वैमनस्य फैलाने के लिए WPD के विरुद्ध 4 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या की कोशिश, पुलिसकर्मियों पर हमला और सरकारी कामकाज में बढ़ा डालने के मामले भी शामिल हैं। इनमें अजनाला पुलिस थाने पर हमला प्रमुख है। पुलिस ने कहा है कि इनमें शामिल सभी आरोपितों पर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। स्थिति नियंत्रण में है और फेक न्यूज़ को लेकर लोगों को आगाह किया गया है। अमृतपाल सिंह कहाँ छिपा हुआ है, इस सम्बन्ध में ज्यादा कुछ नहीं बताया गया है।