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रेकी करते हुए पकड़ा गया आतंकी का बेटा, फोन से मिली राष्ट्र विरोधी तस्वीरें-वीडियो: कश्मीर में मुठभेड़ में मार गिराया गया था बबा

पिछले दिनों बिहार के कटिहार में पकड़े गए कुख्यात आतंकी के बेटे नासिर वजा को जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तारी के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियाँ और बिहार पुलिस की टीम नासिर से पूछताछ कर रही थी। पूछताछ के दौरान नासिर के राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की बात सामने आई है।

कटिहार के शहीद चौक के पास रेकी करते पकड़े गए नासिर से रॉ, आईबी, आर्मी इंटेलिजेंस और बिहार पुलिस ने पूछताछ की। पुलिस ने जानकारी दी कि शुरुआत में नासिर पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा था। बाद में उसके साथ सख्ती से पूछताछ की गई। साथ ही उसका मोबाइल फोन भी खंगाला गया।

नासिर के फोन में कई संदिग्ध चैट, तस्वीरें और वीडियो पाए गए, जिससे उसके राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल होने का पता चला। इसके बाद पुलिस ने नासिर को देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने (धारा 121, 121 ए) समेत कई अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तार से जाँच की जा रही है। उसके बिहार आने और आगे की प्लानिंग का पता लगाने की कोशिश जारी है।

बता दें कि आतंकी युसूफ वजा के बेटे नासिर वजा को पुलिस ने 15 मार्च की रात गिरफ्तार किया था। पुलिस को सूचना दी गई कि संदिग्ध व्यक्ति कई घंटो से शहीद चौक से नगर थाना इलाके का चक्कर लगा रहा है। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस को पता चला कि वह कश्मीर के बडगाम का रहने वाला है।

बताया गया कि नासिर का पिता एक आतंकी था, जिसे जम्मू-कश्मीर में एक मुठभेड़ में मार गिराया गया था। इसके बाद वह फिनलैंड चला गया था। वह साल 2021 में भारत लौटा था। कटिहार से वह बंगाल जाने के फिराक में था लेकिन इसके पहले ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

कॉन्ग्रेस विधायक ने महिला पुलिस अधिकारी को बकी अश्लील गालियाँ, वायरल हुआ ऑडियो: SC/ST एक्ट में मामला दर्ज होने के बाद बोले – मुझे फँसाया जा रहा

मध्य प्रदेश के श्योपुर से कॉन्ग्रेस विधायक बाबू जंंडेल पर महिला पुलिसकर्मी को गाली देने का आरोप लगा है। पुलिसकर्मी ने एक युवक की बाइक पकड़ी थी, उसे छुड़ाने के लिए विधायक बाबू जंडेल ने महिला पुलिसकर्मी माधवी शाक्य से फोन पर बात करते हुए उन्हें गालियाँ दी हैं। इस बातचीत का ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस वाहनों की सामान्य जाँच कर रही थी। इसी दौरान एक युवक बिना हेलमेट लगाए बाइक लेकर वहाँ पहुँचा था। इस पर पुलिस ने उसकी बाइक जब्त करते हुए चालान कटवाने के लिए कहा था। लेकिन युवक चालान कटवाने की जगह मौके से चला गया। इसके बाद उन्होंने बाइक थाने भिजवा दी। इस पर कॉन्ग्रेस विधायक ने महिला पुलिसकर्मी माधवी शाक्य को फोन कर बाइक छोड़ने के लिए कहा। साथ ही, फोन पर खरी-खोटी सुनाते हुए गालियाँ दी हैं।

इस पूरे मामले में महिला पुलिसकर्मी का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा है कि विधायक को यह पता था कि वह दलित समाज से आती हैं, इसके बाद भी विधायक ने उनके साथ अश्लील भाषा में बात करते हुए गालियाँ दी हैं। पीड़ित पुलिसकर्मी ने कॉन्ग्रेस विधायक के खिलाफ IPC की धारा 186, 509, 294 और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया है।

वहीं, एसपी आलोक कुमार सिंह का कहना है कि ऑडियो सामने आने के बाद उन्होंने महिला सब इंस्पेक्टर से इस बारे में बात की थी। मामले की पुष्टि होने के बाद शनिवार (18 मार्च, 2023) को पुलिस थाने में महिला सब इंस्पेक्टर की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है। जरूरत पड़ने पर विधायक के खिलाफ वॉरंट भी जारी होगा।

वहीं, कॉन्ग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने अपनी सफाई पेश की है। जंडेल ने कहा है कि उन्होंने महिला पुलिसकर्मी के साथ किसी भी प्रकार का गलत व्यवहार नहीं किया। उन्हें फँसाने के लिए उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है।

मनीष कश्यप की गिरफ़्तारी के बाद थाने के बाहर जुटे समर्थक: तमिलनाडु पुलिस भी पहुँची बिहार, ट्रांजिट रिमांड पर ले जा सकती है अपने साथ

यूट्यूबर मनीष कश्यप की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। तमिलनाडु में बिहार के श्रमिकों के साथ हुई कथित हिंसा को लेकर ‘गलत और भ्रामक’ रिपोर्टिंग करने के आरोप में पुलिस ने उनके खिलाफ FIR दायर की थी। साथ ही, उनकी संपत्ति जब्त करने का आदेश जारी किया था। इसके बाद उन्हें आत्मसमर्पण करना पड़ा था। अब तमिलनाडु पुलिस भी उनसे पूछताछ करने बिहार पहुँच गई है। वहीं, मनीष कश्यप की गिरफ्तारी के विरोध में थाने के बाहर उनके समर्थक नारेबाजी कर रहे हैं।

दरअसल, कुर्की जब्ती के आदेश के बाद मनीष कश्यप ने शनिवार (18 मार्च, 2023) को बेतिया जिले के जगदीशपुर थाने में आत्मसमर्पण किया है। जहाँ बिहार पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। आत्मसमपर्ण की जानकारी सामने आने के बाद तमिलनाडु पुलिस की 4 सदस्यीय टीम बिहार पहुँची है। कहा जा रहा है कि तमिलनाडु पुलिस भी उनसे पूछताछ कर सकती है।

यही नहीं, आज तक की रिपोर्ट में कहा गया है कि तमिलनाडु पुलिस मनीष कश्यप को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले जा सकती है। मनीष के खिलाफ तमिलनाडु में भी FIR दर्ज की गई है। जानकारी के मुताबिक शनिवार (18 मार्च, 2023) की सुबह पुलिस प्रशासन की टीमें मझौलिया थाना स्थित महना डुमरी गाँव में घर की कुर्की जब्ती करने गई थी। इसी कार्रवाई का पता चलने पर बेतिया के जगदीशपुर थाने में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

थाने के बाहर जुटे समर्थक

मनीष कश्यप के खिलाफ FIR दर्ज करने होने के बाद से सोशल मीडिया पर बिहार पुलिस का जमकर विरोध हो रहा था। वहीं, अब गिरफ्तारी के बाद यह विरोध बढ़ता दिख रहा है। मनीष कश्यप के समर्थक बड़ी संख्या में जगदीशपुर थाने के बाहर एकजुट हुए हैं। समर्थक उनकी गिरफ्तारी का विरोध करते हुए बिहार पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।

बता दें कि इससे पहले एक बार मनीष कश्यप की गिरफ्तारी की फर्जी जानकारी ट्विटर पर वायरल हुई थी। उस समय कश्यप के हाथ में हथकड़ी लगाकर फोटो जाली हैंडल से साझा की गई थी। हालाँकि, इस दफा बिहार पुलिस ने खुद मनीष के आत्मसमर्पण की पुष्टि की है।

उल्लेखनीय है कि बिहार पुलिस ने सोशल मीडिया में भ्रामक फोटो, वीडियो शेयर करने के आरोप में यूट्यूबर मनीष कश्यप समेत 4 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इन चार में मनीष के साथ अमन कुमार, राकेश तिवारी तथा युवराज सिंह का नाम शामिल था।

महमूद पाशा ने अस्पताल में घुस कर मानसिक रूप से बीमार महिला का किया बलात्कार

कर्नाटक के कलबुर्गी के गुलबर्गा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में मानसिक रूप से बीमार महिला के साथ बलात्कार किया गया। जानकारी के मुताबिक, घटना शुक्रवार (18 मार्च, 2023) रात की है। आरोपित की पहचान महबूब पाशा के तौर पर हुई है। उसे एक अन्य मरीज के साथ ठहरे शख्स ने रंगे हाथ पकड़ा। पुलिस आरोपित महबूब को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शुक्रवार की रात 11 बजे महबूब पाशा नाम का शख्स मानसिक रूप से बीमार महिला के वार्ड में दाखिल हो गया। महिला की मजबूरी का फायदा उठाते हुए उसने बलात्कार किया। इस दौरान एक अन्य मरीज के साथ आए परिजन ने शख्स को रंगे हाथ पकड़ लिया और अस्पताल कर्मियों के हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि परिजन ने महबूब का वीडियो भी बना लिया था जिसे सबूत के तौर पर पुलिस को सौंपा गया है।

जीआईएमएस अस्पताल की हेड नर्स महादेवी माथापति ने आरोपित महबूब के खिलाफ ब्रह्मपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। महादेवी घटना वाली रात नाइट शिफ्ट में ड्यूटी पर तैनात थी। पुलिस ने आरोपित महबूब को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। महबूब कलबुर्गी के ही इस्लामाबाद कॉलोनी का रहने वाला बताया जा रहा है। आरोपित के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 के तहत केस दर्ज किया गया है।

बता दें पीड़िता सात महीने से सरकारी अस्पताल में अपना इलाज करा रही है। अस्पताल में इस तरह की घटना पेश आने के बाद मरीजों को सुरक्षा सवालों के घेरे में है। कलबुर्गी पुलिस कमिश्नर चेतन आर ने कहा है कि मामले की जाँच कराकर चिकित्सा शिक्षा विभाग को रिपोर्ट भेजी जाएगी। पुलिस की टीम ने अस्पताल का दौरा कर सुरक्षा इंतजाम का जायजा भी लिया।

अमृतपाल सिंह अभी भी फरार, तलवारें लहराते हुए सड़क पर उतरे निहंग: 19 मार्च से शुरू करने वाला था ‘खालसा यात्रा’, केंद्रीय गृह मंत्रालय की घटनाक्रम पर नजर

पंजाब में शनिवार (18 मार्च, 2023) को माहौल तब गर्म हो गया, जब पुलिस ने खालिस्तानी अमृतपाल सिंह और उसके समर्थकों को गिरफ्तार करने के लिए स्पेशल अभियान छेड़ा। शुरुआती मीडिया रिपोर्ट में बताया गया था कि पंजाब पुलिस ने 100 गाड़ियों के साथ पीछा करके अमृतपाल सिंह और उसके 6 समर्थकों को दबोच लिया। हालाँकि, अब सामने आया है कि अमृतपाल सिंह अभी भी फरार है। इसके बाद राज्य भर में इंटरनेट सेवाएँ बंद कर दी गईं। अमृतपाल सिंह की गिरफ़्तारी की खबर (जोकि सच नहीं थी) के बाद तलवार लिए निहंगों के सड़क पर उतरने के वीडियोज सामने आ रहे हैं। उधर पंजाब पुलिस ने अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की बात कही है।

मोहाली-चंडीगढ़ की सीमा पर ‘कौमी इंसाफ़ मोर्चा’ के कार्यकर्ताओं ने ‘बंदी सिंहों’ की रिहाई की माँग की है। साथ ही इनलोगों ने गुरुद्वारा सिंह शहीदाँ की तरफ कूच भी किया। बता दें कि ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन की स्थापना अभिनेता दीप सिद्धू ने की थी, जो किसान आंदोलन में भी सक्रिय था। उसकी दुर्घटना में मौत के बाद अमृतपाल सिंह ने बागडोर सँभाल ली, लेकिन दीप सिद्धू का परिवार उससे खुद को अलग दिखा रहा है और उसके नेतृत्व से संतुष्ट नहीं है।

अमृतपाल सिंह अमृतसर के जल्लूपुर खैरा गाँव का रहने वाला है। फ़िलहाल वहाँ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। साथ ही केंद्रीय गृह मंत्रालय भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। केंद्र ने पंजाब सरकार को हरसंभव मदद देने का भी आश्वासन जताया है। श्री मुक्तसर साहिब में भी धारा-144 लगा दी गई है, जहाँ से अमृतपाल सिंह 19 मार्च से ‘खालसा व्हीर यात्रा’ शुरू करने वाला था। अजनाला थाने में अमृतपाल सिंह के समर्थकों ने पुलिस से बदतमीजी की थी, उसके बाद से ही पुलिस की नजर उस पर थी।

फाजिल्का जिले में भी धारा-144 लागू कर दी गई है। पंजाब पुलिस ने अब तक गिरफ़्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पंजाब के मंत्री बलबीर सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कानून के राज की स्थापना की है।

बागेश्वर धाम का ‘दिव्य दरबार’, मुंबई पुलिस ने आयोजकों को भेजा नोटिस: ‘अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति’ ने की है शिकायत, कहा – इनके कार्यक्रम पर रोक लगाओ

बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के ‘दिव्य दरबार’ को लेकर एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है। दरअसल, उनका ‘दिव्य दरबार’ मुंबई में शनिवार-रविवार (18-19 मार्च 2023) में आयोजित होना है। इसको लेकर ‘अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति’ ने महाराष्ट्र पुलिस से शिकायत की थी। इसके बाद पुलिस ने कार्यक्रम के आयोजकों को नोटिस जारी किया है। इधर ‘दिव्य दरबार’ शुरू भी हो गया है। ये सिर्फ एक दिन का ही होगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई के मीरा रोड स्थित सेंट्रल पार्क मैदान में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का ‘दिव्य दरबार’ लगना है। इस दरबार को लेकर अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने मीरा रोड पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत के बाद मीरा रोड पुलिस ने कार्यक्रम के आयोजकों को सीआरपीसी की धारा 149 के तहत नोटिस जारी किया है।

इस नोटिस में कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही गई है। साथ ही कहा गया है कि किसी बयान से लोगों की भावनाएँ आहत नहीं होनी चाहिए। आयोजकों को भी बयानबाजी में शब्दों का ध्यान रखने के लिए कहा गया है। हालाँकि, इस नोटिस को लेकर आयोजकों और बागेश्वर धाम की ओर से अब तक किसी प्रकार का बयान नहीं दिया गया है।

दरअसल, ‘अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति’ ने मीरा रोड पहुँचकर पुलिस को शिकायती पत्र सौंपा। इस पत्र में पुलिस से धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कार्यक्रम में रोक लगाने की माँग की गई है। पत्र में यह भी कहा गया है कि बागेश्वर धाम सरकार के यूट्यूब विडियो में कई बार यह देखने को मिला है कि वह जादू-टोना करते हैं। मंत्र पढ़कर बीमारी ठीक करते हैं। इस सबसे अंधविश्वास को बढ़ावा मिलता है।

बता दें कि इससे पहले भी बागेश्वर धाम सरकार के दिव्य दरबार को लेकर ‘अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति’ की ओर से शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। यह समिति धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाती है। हालाँकि तब नागपुर पुलिस ने जाँच करते हुए शिकायत खारिज कर दी थी।

‘राहुल गाँधी की मानसिक आयु बच्चों जैसी’ : CM शिवराज सिंह चौहान ने साधा कॉन्ग्रेस नेता पर निशाना, कहा- ‘हमारे कार्यकर्ता भी उनसे ज्यादा समझदार हैं’

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गाँधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी परिपक्व (Mature) नही हैं। उनकी मानसिक आयु बच्चों जैसी है। कॉन्ग्रेस पार्टी के लोग जबरन उन्हें राष्ट्रीय नेता बनाने पर तुले हुए हैं।

भोपाल में पत्रकारों से बात करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “आश्चर्य की बात है राहुल बाबा यह बोल रहे हैं कि दुर्भाग्य से मैं सांसद हूँ। दुर्भाग्य से सांसद होने का क्या मतलब है? एक सांसद द्वारा यह कहा जाना कि मैं दुर्भाग्य से सांसद हूँ क्या संसद और संसद भेजने वाली जनता का अपमान नहीं है? क्या यह भारत के लोकतंत्र का अपमान नहीं है?”

शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा कि राहुल गाँधी ने लोकतंत्र के मंदिर और देश के संविधान का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि जब संसद में बोलने का समय आता है तब राहुल गाँधी विदेश चले जाते हैं। विदेश जाकर देश की आलोचना करते हैं। प्रधानमंत्री के विरोध में अंधे हो कर देश का विरोध करने लगे। उन्होंने पूछा कि राहुल गाँधी जी देश के बाहर जाकर जो बोलते हैं वह देशद्रोह की सीमा में नहीं आता क्या? शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ और दिग्विजय सिंह जैसे कॉन्ग्रेसी नेताओं से पूछा कि क्या वे राहुल गाँधी के बयानों से सहमत हैं?

प्रदेश के मुख्यमंत्री ने यहाँ तक कहा, “राहुल गाँधी से ज्यादा समझदार हमारे बूथ स्तर के कार्यकर्ता होते हैं। कॉन्ग्रेस का दुर्भाग्य है कि पूरी पार्टी ऐसे नेता (राहुल गाँधी) को राष्ट्रीय नेता बनाने की जिद्द पर अड़ी हुई है।” उन्होंने कॉन्ग्रेसी नेताओं को सलाह दी कि कॉन्ग्रेस के दुर्भाग्य को देश का दुर्भाग्य बनाने पर न तुलें।

दरअसल, राहुल गाँधी ने गुरुवार (16 मार्च 2023) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि दुर्भाग्य से वे एक सांसद हैं। इसके बाद से ही भाजपा के नेता राहुल गाँधी पर हमलावर हैं। इसी कड़ी में शिवराज सिंह चौहान ने भी राहुल गाँधी के बयान को आड़े हाथों लिया।

‘7 दिन में हटाओ Real जूस की तस्वीरें, वरना वीडियो ब्लॉक होगी’: ध्रुव राठी को लगी कलकत्ता HC से फटकार, कोर्ट ने कहा- ‘लक्ष्मण रेखा’ पार हुई

कलकत्ता उच्च न्यायालय (Calcutta High Court) ने 15 मार्च 2023 को AAP समर्थक Youtuber ध्रुव राठी को एक वीडियो से उसके कुछ अंशों को हटाने का निर्देश दिया था, जिसमें FMCG कंपनी डाबर के रियल जूस का किया गया था। ध्रुव राठी ने 13 फरवरी 2023 को YouTube पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें डिब्बाबंद जूसों के स्वास्थ्य लाभों के दावों पर टिप्पणी की गई थी।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने उस वीडियो से रियल जूस के सभी संदर्भों को हटाने के लिए कहा है और आदेश को लागू करने के लिए 7 दिन का समय दिया है। हालाँकि, राठी ने डिब्बाबंद जूस के पैकेट के ब्रांड नेम को छिपा दिया था, लेकिन पैकेजिंग के अन्य हिस्से स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे थे। इससे स्पष्ट था कि राठी ने पूरे वीडियो में डाबर के रियल जूस की तस्वीरों का उपयोग किया था। इस पर डाबर ने आपत्ति जताई थी।

वीडियो प्रकाशित होने के दो दिन बाद 15 फरवरी 2023 को डाबर ने वीडियो हटाने के लिए राठी को लिखा था। हालाँकि, उन्होंने 17 फरवरी 2023 को एक उत्तर भेजा, जिसमें वीडियो हटाने से इनकार कर दिया गया और अगले दिन इसे फेसबुक पर पोस्ट कर दिया। इसके बाद कंपनी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर वीडियो को हटाने के लिए निर्देश देने को कहा।

डाबर की याचिका में कहा गया था कि राठी ने कार्बोनेटेड पेय और फलों के रस के के साथ-साथ डिब्बाबंद जूस और ताजा रस के बीच अनुचित तुलना की थी। कंपनी ने कहा कि लगाए गए वीडियो का समग्र प्रभाव सभी डिब्बाबंद पेय पदार्थों को एक समान दिखाने जैसा था।

वीडियो में दावा किया गया है कि फलों के डिब्बाबंद रसों का इस्तेमाल हानिकारक है, क्योंकि इससे टाइप-2 मधुमेह, बालों का झड़ने आदि का खतरा होता है। राठी ने लोगों को फलों के डिब्बाबंद रसों का सेवन नहीं करने के लिए कहा और बच्चों को इसे ना देने की सलाह दी।

ध्रुव राठी द्वारा वीडियो में इस्तेमाल की गई तस्वीर (बाएँ) और रियल जूस का पैकेट

डाबर ने आगे कहा कि वीडियो ब्रांड नाम ‘रियल’ के तहत बेचे जाने वाले उत्पादों के लिए एक स्पष्ट और प्रत्यक्ष संदर्भ बनाता है। कंपनी ने कहा कि राठी ने जानबूझकर और शरारतपूर्ण ढंग से पंजीकृत मार्क/लोगो रियल फ्रूट को धुंधला कर दिया और सीधे याचिकाकर्ता के उत्पाद को लक्षित किया। इससे उसकी प्रतिष्ठा धूमिल हुई। अदालत ने डाबर के साथ सहमति व्यक्त किया और कहा कि वीडियो में दिखाया गया उत्पाद याचिकाकर्ता का वास्तविक उत्पाद है।

फैसले में अदालत ने कहा कि ध्रुव राठी ने ट्रेड मार्क्स एक्ट 1999 की धारा 29 (9) और कॉपीराइट अधिनियम 1957 का उल्लंघन किया, जो रियल ब्रांड के उत्पाद के पैकेजिंग, लेबल और लोगो के अनधिकृत उपयोग किया गया है। कोर्ट ने कहा कि यह डाबर को दिए गए ट्रेडमार्क और कॉपीराइट संरक्षण का उल्लंघन करता है।

अदालत ने कहा कि भले ही वीडियो की वस्तु आपत्तिजनक नहीं है, लेकिन इसमें रियल प्रोडक्ट के लिए बार-बार प्रत्यक्ष संदर्भ बनाकर ‘लक्ष्मणरेखा या रूबिकॉन’ को पार किया गया है। न्यायमूर्ति रवि कृष्ण कपूर ने कहा, “मेरे विचार में 5 याचिकाकर्ता के उत्पाद रियल को विशेष रूप से वीडियो में लक्षित और बदनाम किया गया है।”

अदालत ने कहा कि ध्रुव राठी को वीडियो को प्रसारित करने की अनुमति दी जाती है, लेकिन इसके लिए उन्हें वीडियो में अपमानजनक भागों को हटाना होगा। आदेश को लागू करने के लिए 7 दिन का समय देते हुए अदालत ने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो अदालत वीडियो को ब्लॉक करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को निर्देशित करेगी। मामले में सुनवाई की अगली तारीख 22 मार्च 2023 को होगी।

‘सलमान खान घमंडी…उसे मारना मेरी जिंदगी का मकसद है’ : गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने एक्टर को खुलेआम दी धमकी, कहा- सिद्धू मूसेवाला भी ऐसा था

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में बठिंडा जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को धमकी दी है। यह धमकी एक TV चैनल से प्रसारित हुए इंटरवियु के दौरान दी गई है। धमकी में लॉरेंस ने सलमान खान को मारना अपने जीवन का लक्ष्य बताया है। इसी के साथ बिश्नोई ने अपराध की दुनिया छोड़ने के बाद गोसेवा करने की इच्छा जताई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक काले हिरण के शिकार मामले में सलमान खान की संलिप्पता से गैंगस्टर लॉरेंस बेहद नाराज दिखा। ABP न्यूज़ को दिए गए इंटरव्यू में लॉरेंस ने कहा कि उसे उम्मीद थी कि सलमान अपनी गलती की माफ़ी माँगेगा पर ऐसा नहीं हुआ। लॉरेंस के मुताबिक सलमान खान में ठीक वैसे ही अहंकार है जैसे सिद्धू मूसेवाला में था। सलमान के अहंकार की तुलना बिश्नोई ने रावण के घमंड से भी की। गैंगस्टर ने कहा कि समय आने पर वह सलमान के इस अहंकार को खत्म कर देगा। लॉरेंस ने विकल्प देते हुए आगे कहा कि बेहतर होगा सलमान खान पूरे बिश्नोई समाज से सार्वजानिक तौर पर माफ़ी माँग लें।

लॉरेंस ने सलमान के खिलाफ अपने गुस्से को पूरे समाज की नाराजगी बताया। बतातें चलें कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई द्वारा सलमान खान को इस तरह की धमकी पहली बार नहीं दी गई है। काले हिरण शिकार केस में सलमान खान का नाम आने के बाद से ही लॉरेंस सलमान को कई बार खुले तौर पर जान से मारने की धमकी दे चुका है। पुलिस ने साल 2008 में इस धमकी के सिलसिले में गैंगस्टर के एक साथी को गिरफ्तार भी किया था। दरअसल बिश्नोई समाज काले हिरण को अपने आध्यात्मिक गुरु भगवान जम्भेश्वर का पुनर्जन्म मानता है। इसी वजह से बिश्नोई समुदाय काले हिरण की रक्षा करता है।

क्या था काला हिरण केस

गौरतलब है कि अक्टूबर 1998 में राजस्थान के जोधपुर और आसपास फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग चल रही थी। इस फिल्म में मुख्य भूमिका में सलमान थे। बाकी कलाकारों में सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम आदि थीं। तब आरोपों के मुताबिक इन सभी ने घोड़ा फार्म हाउस, भवाद और कांकाणी गांव में काले हिरण को शिकार के नाम पर मार डाला था। तब व्यापक विरोध के बाद मुख्य आरोपित को 5 साल की सजा हुई थी। सलमान अभी जमानत पर हैं।

मदरसे की आड़ में आतंकी गतिविधि बढ़ाने का किया प्रयास, चंदा माँगकर बड़ा घर बनाया: मौलाना बरकती के घर समेत 8 ठिकानों पर पड़ा SIA का छापा, टेरर फंडिंग के आरोप

जम्मू-कश्मीर पुलिस की राज्य जाँच एजेंसी (SIA) ने मौलाना सर्जन बरकती के घर समेत 8 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की है। एसआईए ने यह कार्रवाई अवैध चंदा वसूली तथा संदिग्ध आतंकी गतिविधियों से जुटाए गए 1.5 करोड़ रुपए के मामले में की है।

दरअसल, मौलाना बरकती पर साल 2016 में हुए देश विरोधी प्रदर्शनों को उकसाने का आरोप है। इस प्रदर्शन के बाद उसे जेल भी जाना पड़ा था। इसके बाद से वह स्थानीय स्तर पर लोग उसे पहचानने लगे थे। इस पहचान का फायदा उठाते हुए वह लोगों को इमोशनल ब्लैकमेल कर अपनी जरूरतों के लिए चंदा वसूलता था। इसके अलावा टेरर फंडिंग हासिल करने की भी बात कही जा रही है। एसआईए ने अनंतनाग, कुलगाम, शोपियाँ और श्रीनगर जिलों में छापेमारी की है।

आरोप है कि लोगों को इमोशनल ब्लैकमेल कर मौलाना बरकती लाखों रुपए की संपत्ति इकट्ठा कर चुका है। शुरुआती जाँच में सामने आया है कि बरकती ने अनंतनाग शहर में अपनी पत्नी के नाम पर 45 लाख रुपए की जमीन खरीदी थी। लेकिन बाद में उसने इस जमीन को 72 लाख रुपए में बेच कर 27 लाख रुपए का मुनाफा कमाया। चंदा वसूली कर उसने महल की तरह दिखने वाला एक बड़ा घर भी बनाया है। इसके अलावा, परिवार वालों के नाम पर कई FDR कराने की बात भी सामने आई है।

यही नहीं, बरकती ने मदरसा स्थापित करने के लिए करीब 30 हजार वर्ग फ़ीट जमीन खरीदी है। रिपोर्ट में यह भी कहा जा रहा है कि वह इस जमीन का उपयोग आतंकी गतिविधियों को बढ़ाने तथा युवाओं को आतंक की ओर ले जाने के लिए कर रहा था। इसके अलावा वह लोगों से वसूले गए पैसों का आतंकवादी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए भी कर रहा था। साथ ही उसे कई संदिग्ध स्रोतों से फंडिंग भी मिल रही थी। कुल मिलाकर उसने 1.5 करोड़ रुपए की कमाई की है।

बता दें कि मौलाना सर्जन बरकती दक्षिण कश्मीर के शोपियाँ जिले के जेनपोरा का रहने वाला है। वह प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी तथा कट्टरपंथी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से जुड़ा हुआ था। साल 2016 में आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद दक्षिण कश्मीर में खासतौर से शोपियाँ, कुलगाम और पुलवामा के विभिन्न हिस्सों में हुई हिंसक घटनाओं और देश विरोधी प्रदर्शनों में बरकती का बड़ा हाथ माना जाता है।