Home Blog Page 1950

‘अजमेर दरगाह में चढ़ाए जाने वाले पैसों की ED करे जाँच’: खादिमों ने उठाई माँग, बताया- कमेटी कर रही जमीन का दुरुपयोग

अजमेर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के खादिमों और दरगाह कमेटी के सदस्यों के बीच तकरार बढ़ गई है। खादिमों द्वारा दरगाह का इंतजाम संभालने वाली कमेटी के सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों में चढ़ाए जाने वाले पैसों की हेर-फेर और दरगाह की जमीनों का दुरुपयोग शामिल है। शिकायतकर्ताओं ने अपने आरोपों की जाँच से ED (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा कराए जाने की माँग की है। इस बाबत शनिवार (18 मार्च 2023) को जिलाधिकारी अजमेर को ज्ञापन भी सौंपा गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दरगाह के खादिमों ने कामकाज देखने वाली कमेटी पर चढ़ावे में आने वाले पैसों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में खादिमों ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में दरगाह कमेटी ने वहाँ जाने वाले जायरीनों की सुविधा के लिए कोई भी काम नहीं किया। आरोपों के मुताबिक दरगाह की छत कई जगहों से टूटी है और फर्श का भी कमोबेश यही हाल है। खादिमों का कहना है कि दरगाह और आस-पास भी काफी गंदगी फैली रहती है जिससे आने वाले यात्रियों को काफी असुविधा होती है।

अजमेर के DM को दिए गए इसी ज्ञापन में आगे बताया गया है कि दरगाह कमेटी न तो टूट-फूट को सही करवाने का काम खुद करती है और न ही किसी को करने देती है। इस ज्ञापन में आरोपित किए गए लोगों में रगाह में पीरी मुरीदी करने वाले बाबर अशरफ और वहीं के सदर शादिह हुसैन रिज़वी के खिलाफ भी एक्शन की माँग की गई है। खादिमों का कहना है कि अजमेर में दरगाह कमेटी की जो तमाम सम्पत्तियाँ और जायदाद हैं उसका भी दुरुपयोग कमेटी के सदस्य कर रहे हैं।

अपने द्वारा सम्बोधित किए गए ज्ञापन में खादिमों ने दरगाह में चढ़ावे के तौर पर आने वाले पैसों की ED (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा जाँच की माँग की। उनका कहना है कि राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले के बाद भी दरगाह कमेटी वेटिंग हॉल को नहीं चलवा रही है। खादिमों ने मोदी सरकार से दरगाह में स्थाई नाजिम नियुक्त करने की भी माँग की। जानकारी के अनुसार दरगाह कमेटी के मौजूदा सदस्यों ने अपने कार्यकाल में लगभग एक करोड़ की राशि टीएडीए के नाम पर उठाई है।

गौरतलब है कि 28 जनवरी 2023 को अजमेर दरगाह में खादिमों और बरेलवियो के बीच मारपीट हो गई थी। उस दौरान अफरातरफी को शांत करवाने के लिए पुलिस को आना पड़ा।

100 गाड़ियों ने किया पीछा, 1.5 घंटे की मशक्कत: पंजाब में अमृतपाल सिंह अब भी फरार, कई जिलों में इंटरनेट सेवा बंद

खालिस्तान (Khalistan) समर्थक अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) के खिलाफ पंजाब पुलिस (Punjab Police) ने बड़ा एक्शन लिया है। शुरुआती मीडिया रिपोर्ट में बताया गया था कि अमृतपाल और उसके 6 साथियों का पीछा कर गिरफ्तार कर लिया गया है। हालाँकि, अब सामने आया है कि अमृतपाल सिंह अभी भी फरार है। उसके साथियों के पास से कई हथियार भी मिले हैं। स्थिति को देखते हुए पंजाब के कई इलाके में रविवार (19 मार्च 2023) तक के लिए इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अमृतपाल सिंह अपने साथियों के साथ जा रहा था। इसी दौरान पंजाब पुलिस ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। पंजाब पुलिस के कई थानों की पुलिस उसके पीछे लग गई। कुछ मीडिया रिपोर्ट में उसके भाग निकलने की बात कही जा रही है। अमृतपाल सिंह के खिलाफ हेट स्पीच समेत कई मामले दर्ज हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वारिस पंजाब दे का प्रमुख अमृतपाल अपने साथियों के साथ मोगा की तरफ जा रहा था। उसके काफिले में तीन गाड़ियाँ शामिल थीं। पुलिस ने काफिले का पीछा कर 2 गाड़ियों को जब्त कर उनमें सवार अमृतपाल के 6 साथियों को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि अमृतपाल उस वक्त भागने में कामयाब रहा।

मिली जानकारी के मुताबिक, इसके बाद पुलिस की लगभग 100 गाड़ियाँ अमृतपाल और उसके दूसरे साथियों का पीछा करने लगी। हिरासत में लिए गए अमृतपाल के साथियों के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं। अमृतपाल के खिलाफ जारी एक्शन के बीच कई इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बंद किए जाने की भी खबर है।

पंजाब पुलिस ने लोगों से फेक न्यूज नहीं फैलाने की अपील की है। पंजाब पुलिस ने ट्वीट किया, “सभी नागरिकों से अनुरोध है कि शांति और सद्भाव बनाए रखें। पंजाब पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम कर रही है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे घबराएँ नहीं या फर्जी समाचार या अभद्र भाषा न फैलाएँ।”

बता कें कि 23 फरवरी 2023 को अमृतपाल के एक करीबी की गिरफ्तारी के बाद खालिस्तान समर्थकों ने अजनाला थाने पर हमला कर दिया था। अमृतपाल ने मीडिया के सामने आकर पंजाब पुलिस को अल्टीमेटम दिया था, जिसके कुछ ही घंटों के भीतर उसके साथी लवप्रीत को पुलिस ने छोड़ दिया था। इस घटना के बाद पंजाब पुलिस की जमकर आलोचना हुई थी।

पिछले कुछ दिनों से पंजाब पुलिस ने अमृतपाल और उसके साथियों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया था। कुछ दिन पहले ही अमृतपाल के साथी गुरिंदर सिंह को पुलिस ने उस वक्त गिरफ्तार कर लिया था, जब वह देश छोड़कर लंदन भागने की कोशिश कर रहा था। उसे गुरु रामदास एयरपोर्ट से पकड़ा गया था।

CAA का विरोधी, बाइडन का खास: गार्सेटी के US राजदूत नियुक्त होने पर विदेश मंत्री ने दिया जवाब, कहा- ‘भारत आने दीजिए…प्यार से समझा देंगे’

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन के करीबी कहे जाने वाले एरिक गार्सेटी (Eric Garcetti) भारत में अमेरिका के राजदूत होंगे। गार्सेटी ने भारत में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू होने की खिलाफ की थी। उनकी नियुक्ति को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) से सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा है कि उन्हें भारत आने दीजिए उन्हें, प्यार से समझा देंगे।

विदेश मंत्री एस जयशंकर को इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में आमंत्रित किया गया था। इस कार्यक्रम में बात करते हुए उनसे नागरिकता संशोधन कानून को लेकर एरिक गार्सेटी के बयान पर सवाल पूछा गया था। इसके जवाब में विदेश मंत्री ने कहा कि नागरिकता के लिए दुनिया के अलग-अलग देशों में अलग-अलग मानदंड हैं। यदि यूरोप को देखा जाए तो वहाँ जर्मनी के लोगों को आसानी से नागरिकता मिल जाती है।

एस जयशंकर ने यह भी कहा है कि अगर कोई पाकिस्तान में रहने वाला हिंदू है और वहाँ उसका उत्पीड़न किया गया है। ऐसी स्थिति में वह भारत ही आएगा और कहाँ जाएगा? यह एक ऐसी सच्चाई है, जिसे हर कोई जानता है। उन्होंने आगे कहा है कि एरिक गार्सेटी को यहाँ आने दीजिए उन्हें, प्यार से समझा देंगे।

बता दें कि साल 2021 में गार्सेटी ने अमेरिकी संसद को संबोधित करते हुए कहा था कि यदि उन्हें भारत में राजदूत नियुक्त किया जाता है तो वह वह नागरिकता संशोधन कानून को लेकर कथित मानवाधिकारों के मुद्दों को उठाएँगे।

जो बायडेन के वफादार गार्सेटी…

एरिक गार्सेटी को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन का बेहद करीबी और वफादार माना जाता है। साल 2013 में लॉस एंजिल्स के मेयर चुने गए थे। इसके बाद लगातार 9 साल तक वह मेयर रहे। लॉस एंजिल्स को 2028 के ओलंपिक शहर के रूप में चुने जाने में भी उनकी अहम भूमिका मानी जाती है। उनके ऊपर यौन उत्पीड़न के आरोपित पर सही तरीके से कार्रवाई न करने तथा मेयर रहते हुए भ्रष्टाचार करने का आरोप लग चुका है।

विदेश मंत्री की चीन को खरी-खरी

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत और चीन के मौजूदा संबंधों को लेकर भी बात की। उन्होंने माना है कि दोनों देशों के बीच आपसी संबंध चुनौतीपूर्ण स्थिति में हैं। उन्होंने चीन को फटकार लगाते हुए कहा है कि समझौतों का उल्लंघन करके कोई यह नहीं दिखा सकता कि सब कुछ सामान्य है। पहले जो समझौते हुए, उनका चीन ने उल्लंघन किया। भारत साफ कर चुका है कि किसी भी प्रकार के समझौतों का उल्लंघन नहीं नहीं सहा जाएगा।

रास्ते में पलटी काफिले की गाड़ी, घर में बुलडोजर घुसा: पाकिस्तान के पूर्व PM इमरान खान को गिरफ्तारी का डर, 20 समर्थक हिरासत में

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें बड़ती जा रही हैं। कोर्ट द्वारा गिरफ्तारी वारंट निलंबित किए जाने के बाद इमरान खान अपने समर्थकों के साथ तोशाखाना मामले में पेशी के लिए लाहौर से इस्लामाबाद के लिए रवाना हुए। उनके निकलते ही पंजाब पुलिस ने लाहौर के जमान पार्क स्थित उनके घर पर बुलडोजर लेकर पहुँच गई और दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गई। इस दौरान PTI समर्थकों पर लाठी भी चार्ज किया।

प्रधानमंत्री रहते हुए विदेशी मेहमानों से मिले उपहार को तोशाखाना में जमा कराने के बजाय अपने पास रख लेने के मामले में इमरान खान आज शनिवार (18 मार्च 2023) को इस्लामाबाद की एक लोउर अदालत में पेश होने वाले हैं। वे अपने जैसे ही अपने लाव-लश्कर के साथ अपने घर से निकले, पंजाब पुलिस उनके घर में दरवाजे तोड़कर घुस गई।

इस दौरान पुलिस ने उनके समर्थकों पर लाठी भी चार्ज किया। इसकी जानकारी इमरान खान ने खुद दिया है। उन्होंने ट्वीट किया, “पंजाब पुलिस ने जमान पार्क में मेरे घर पर हमला किया है, जहाँ बुशरा बेगम अकेली हैं। ये किस कानून के तहत किया जा रहा है? यह लंदन योजना का हिस्सा है, जहाँ भगोड़े नवाज शरीफ को एक नियुक्ति पर सहमत होने के एवज में सत्ता में लाने की प्रतिबद्धता जताई गई थी।”

पुलिस ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (PTI) के 20 से ज्यादा सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहा है कि इमरान खान के घर की ओर से फायरिंग की गई, लेकिन इसमें कोई भी घायल नहीं हुआ है। वहीं, हालात को देखते हुए इमरान के घर के पास ही पुलिस ने एक अस्थाई कैंप बना रखा है। इमरान के घर के आसपास कई निर्माण पर पुलिस ने बुल्डोजर भी चलाया है।

इमरान खान ने खुद को गिरफ्तार करने की आशंका जताई है और कहा है कि सरकार इसकी कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है तो PTI को एक कमिटी चलाएगी। इमरान खान ने इस कमिटी का गठन भी कर दिया है।

अदालत के इमरान खान को अपने साथ केवल 6 पार्टी नेताओं को ले जाने की ही इजाजत दी है। दोनों पक्ष के वकीलों और इमरान खान के साथ जाने वाले लोगों के सिवाय किसी भी बाहरी व्यक्ति को अदालत परिसर में जाने की इजाजत नहीं है। पुलिस इमरान और उनके समर्थकों की भीड़ को रोकने की तैयारी कर ली है।

इस बीच PTI के नेता और पूर्व मंत्री फवाद चौधरी ने कहा है कि इमरान खान के घर पर सरकार पोषित आतंकवाद है। लाहौर हाईकोर्ट के ऑर्डर की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कोर्ट और संविधान के नियमों उल्लंघन हो रहा है और मानवाधिकारों का हनन किया जा रहा है।

मोस्ट वॉन्टेड इरशाद अंसारी गिरफ्तार: माना जाता है PFI के मुखिया याकूब का दाहिना हाथ, ‘मिशन 2047’ के लिए गाँवों में चला रहा था ट्रेनिंग सेंटर

बिहार पुलिस के ‘आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS)’ ने फरार चल रहे PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया) के मोस्ट वॉन्टेड आतंकी मोहम्मद इरशाद आलम को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया इरशाद PFI के चीफ सुल्तान का दायाँ हाथ माना जाता है। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) को इरशाद की लम्बे समय से तलाश थी। उसकी गिरफ्तार शुक्रवार (17 मार्च, 2023) को पूर्व चम्पारण से हुई है। पकड़े गए आतंकी से सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ जारी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पकड़ा गया इरशाद मूल रूप से बिहार पूरी चम्पारण जिले के मेहसी थाना क्षेत्र में आने वाले गाँव हरपुर का रहने वाला है। कभी इरशाद की अपने ही गाँव हरपुर में मोबाइल शॉप हुआ करती थी। पटना के फुलवारी शरीफ में PFI के ‘मिशन 2047’ में सक्रिय नेटवर्क का खुलासा होने एक बाद इरशाद फरार हो गया था। फुलवारी शरीफ से पकड़े गए आतंकियों ने पूछताछ में इरशाद के थाना क्षेत्र मेहसी में अपने सहयोगियों की जानकारी दी थी। इस जानकारी पर NIA ने मेहसी में छापेमारी भी की थी। फरवरी 2022 में हुई छापेमारी में तौकीर, आबिद और एक अन्य संदिग्ध आरोपित को गिरफ्तार किया गया था।

इरशाद को केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंधित किए गए PFI के मुखिया याकूब का दायाँ हाथ माना जाता है। याकूब अपने तमाम बड़े फैसले इरशाद की सलाह से ही लिया करता था। NIA की लगातार छापेमारी के चलते इरशाद काफी लम्बे समय से छिप कर रह रहा था। शुक्रवार को बिहार ATS को उसके गाँव आने का इनपुट मिला था। इस सूचना पर बिहार ATS ने बेहद गोपनीयता से जाल बिछाया था। ATS के साथ जिले के भी पुलिसकर्मी मौजूद थे। जैसे ही वह अपने गाँव आया उसे उसी के घर से दबोच लिया गया।

दावा किया जा रहा है कि ATS की पूछताछ में इरशाद ने भारत को इस्लामी मुल्क बनाए जाने की साजिश वाले मिशन 2047 में अपनी संलिप्तता कबूल की है। खुद इरशाद द्वारा मिशन 2047 की तैयारी के लिए अपने गाँव के आस-पास चकिया और मेहसी में ट्रेनिंग सेंटर चलाए जाने की जानकारी सामने आई है। जाँच एजेंसियों को इस बाबत कुछ सबूत भी मिले हैं। पूर्वी चम्पारण के पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र ने एक संदिग्ध की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। इरशाद को पकड़ कर थाने लगाया गया जहाँ उस से पूछताछ शुरू की गई। इस बीच मामले की जानकारी NIA को भी दे दी गई।

‘दूसरे मर्दों के साथ सम्बन्ध बनाने को भेजता है शौहर, देवर और जेठ करते हैं रेप’: गर्भवती महिला ने CM योगी से लगाई गुहार, कहा – न्याय नहीं मिला तो अपना लूँगी हिन्दू धर्म

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक गर्भवती महिला ने देवर और जेठ पर बलात्कार के आरोप लगाए हैं। महिला ने अपने शौहर पर भी पैसों के लिए दूसरे मर्दों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि यदि न्याय नहीं मिला तो वह इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपना लेगी।

मामला मुजफ्फरनगर के ककरौली थाना इलाके के बेहड़ा सादात का है। पीड़िता की शिकायत के अनुसार, वह बिजनौर की रहने वाली है और पाँच साल पहले उसका निकाह अलीशेर नाम के शख्स के साथ हुआ। शादी के बाद से ही पति दहेज को लेकर परेशान करने लगा। माँग पूरी नहीं हुई तो उसने दूसरा रास्ता निकाला। आरोप है कि पति के साथ-साथ देवर और जेठ भी महिला के साथ जबरन संबंध बनाने लगे।

इतना ही नहीं, महिला ने आरोप लगाया कि उसके शौहर ने पैसों के लालच में उसे दूसरे मर्दों के पास भी भेजना शुरू कर दिया। विरोध करने पर महिला के साथ मारपीट की जाती थी। पीड़िता ने आरोप लगाया कि 6 महीने की गर्भावस्था के दौरान देवर और जेठ ने उसका बलात्कार किया। तंग आकर महिला ने पुलिस में शिकायत दी लेकिन आरोपितों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पीड़ित महिला ने एसएसपी कार्यालय पहुँचकर सीनियर पुलिस अधिकारियों से इंसाफ की माँग की। साथ ही महिला ने पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी से भी न्याय की गुहार लगाई। महिला ने कहा कि मेरे गुनहगराों को सजा दिलाई जाए। महिला का कहना है कि वह 3 महीने से पुलिस के चक्कर काट रही है। यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपना लेगी। पुलिस का कहना है कि इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और जाँच की जा रही है।

बाबा विश्वनाथ के दरबार में दर्शन का शतक लगाने वाले पहले CM बने योगी आदित्यनाथ, 6 साल में औसतन हर 21 दिन पर किया वाराणसी का दौरा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी विश्वनाथ में 100वीं बार दर्शन किया। दर्शन का यह शतक योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार (17 मार्च, 2023) को अपने 113 वें वाराणसी दौरे पर लगाया। काशी विश्वनाथ के इतनी बार दर्शन करने वाले योगी आदित्यनाथ पहले मुख्यमंत्री भी बन गए हैं। 6 साल के बतौर मुख्यमंत्री कार्यकाल में योगी आदित्यनाथ ने औसतन हर 21वें दिन वाराणसी का दौरा किया है। यहाँ वो अपनी पूजा-पाठ के साथ विकास कार्यों की भी समीक्षा करते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीएम योगी आदित्यनाथ ने काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री से अधिक बार हाजिरी लगाई है। यहाँ पर योगी आदित्यनाथ षोडषोपचार विधि से दर्शन और पूजा करते हैं। इस दौरान वैदिक व पौराणिक मंत्रों के द्वारा देवी-देवताओं की स्तुति होती है इसी में षोडशोपचार और पंचोपचार पूजा की जाती है जिसमें पुरुष सूक्त के षोडश मंत्र और रूद्र सूक्त के नमस्ते रूद्र आदि षोडश मंत्रों का उच्चारण होता है। इस पूजा में वो विश्व के कल्याण की कामना करते है।

मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ ने औसतन प्रत्येक 21 दिन में एक बार वाराणसी का दौरा किया। अपने दौरे में वो कानून व्यवस्था की समीक्षा के साथ विकास कार्यों का भी जायजा लेते हैं। योगी आदित्यनाथ द्वारा एक मुख्यमंत्री के तौर पर बनाए गए इस रिकॉर्ड से काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन भी काफी खुश नजर आया। ऑपइंडिया से बात करते हुए मंदिर प्रशासन के CEO सुनील वर्मा ने इस रिकॉर्ड की गिनती को सरकारी आँकड़ा बताया।

उन्होंने बताया कि मंदिर प्रशासन के पास इसके तो रिकॉर्ड नहीं हैं कि मंदिर में कौन कितनी बार दर्शन के लिए आया। लेकिन, ये सच है कि जितना योगी आदित्यनाथ यहाँ आए हैं उतना कोई और मुख्यमंत्री कभी काशी विश्वनाथ नहीं आया।

PM मोदी के प्रस्तावित दौरे की हुई समीक्षा

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ का यह 2 दिनों का दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित वाराणसी दौरे को ले कर था। पीएम मोदी इसी माह की 24 मार्च को वाराणसी आ सकते हैं।

बिहार के मुजफ्फरपुर से अगवा डॉक्टर का बेटा आरा से बरामद, पुलिस ने 4 को पकड़ा: फोन पर माँगी थी ₹30 लाख फिरौती

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में डॉक्टर एसपी सिंह के बेटे विवेक को पुलिस ने भोजपुर जिले से बरामद किया है। उसका शुक्रवार (17 मार्च 2023) शाम अपहरण हुआ था। अपहरण करने वालों ने डॉक्टर से 30 लाख रुपए की फिरौती माँगी थी।

भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टर के बेटे के अपहरण की घटना के बाद पुलिस टीम अलर्ट पर थी। फिरौती के लिए जिस जगह से कॉल आया था। उसकी भी जाँच की जा रही थी। इस बीच पुलिस टीम ने छापेमारी करते हुए भोजपुर जिले में आरा के जगदेवनगर मोहल्ले से विवेक को बरामद किया। अपहरण के बाद आरोपितों ने उसे इसी जगह पर बंधक बनाया था।

विवेक के साथ ही पुलिस ने अपहरण करने वाले 4 आरोपितों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के आधार पर उनके गैंग की जानकारी निकालने के बॉक्स आगे की कार्रवाई करने की बात कही जा रही है। पुलिस पीड़ित विवेक से बात कर अन्य आरोपितों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

क्या है मामला

शुक्रवार (17 मार्च 2023) की शाम करीब 5 बजे मुजफ्फरपुर जिले के काँटी थाना क्षेत्र में रहने वाले होम्योपैथ डॉक्टर एसपी सिंह का बेटा विवेक घर से रेस्टोरेंट पार्टी करने के लिए निकला था। जहाँ रास्ते में ही ओवरब्रिज के पास एक प्राइवेट स्कूल के सामने से उसका अपहरण हुआ था। अपहरण करने वालों ने स्कॉर्पियो कार में थे, उन्होंने विवेक को जबरन कार में बैठा लिया था।

दूसरी ओर विवेक के दोस्त रेस्टोरेंट में उसका इंतजार कर रहे थे। विवेक के न पहुँचने पर उसके दोस्तों ने उसे कॉल किया। लेकिन विवेक का नंबर स्विच ऑफ आया। इसके बाद दोस्तों ने उसके परिजनों को फोन कर इसकी सूचना दी। वहीं, आरोपित अपहरणकर्ताओं ने विवेक के फोन से उसके पिता को कॉल किया था। इस कॉल में आरोपितों नर धमकी देते हुए कहा था कि विवेक उनके कब्जे में है। अधिक होशियारी मत करना। एक अन्य कॉल में डॉक्टर से 30 लाख रुपए की फिरौती की माँग की गई थी। फिरौती नहीं देने पर बुरा अंजाम भुगतने की भी बात भी कही गई। इसके बाद डॉक्टर ने अपने बेटे के अपहरण की सूचना पुलिस को दी थी।

KRK के खिलाफ जारी हुआ गिरफ़्तारी का वॉरंट, मनोज बाजपेयी को कहा था चरसी और गँजेड़ी

बॉलीवुड की फिल्मों और कलाकारों पर बयानों की वजह से सुर्खियों में रहने वाले प्रोड्यूसर और एक्टर कमाल आर खान उर्फ केआरके एक बार फिर मुसिबतों में घिर गए हैं। उनके खिलाफ इंदौर की एक अदालत ने गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया है। अभिनेता मनोज बाजपेयी ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान गैर हाजिर रहने के कारण KRK के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।

मामले की शुरुआत 2021 में हुई थी जब केआरके ने मनोज बाजपेयी के खिलाफ 2 आपत्तिजनक ट्वीट किए थे। मनोज बाजपेयी का आरोप है कि 26 जुलाई, 2021 को KRK ने अलग-अलग ट्विटर हैंडल से उनके लिए चरसी और गँजेड़ी जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। इसे लेकर मनोज बाजपेयी ने केआरके के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था।

मनोज बाजपेयी के वकील परेश जोशी ने जानकारी दी है कि इंदौर की अदालत में सुनवाई के दौरान केआरके उपस्थित नहीं हुए थे। दोनों पक्षों को सुनने के बाद फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने केआरके के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया। अदालत में मामले की अगली सुनवाई 10 मई, 2023 को तय की गई है।

केआरके के वकील ने अदालत में दलील दी कि जिला अदालत में उनके खिलाफ कार्यवाही स्थगित कर देनी चाहिए क्योंकि उनकी तरफ से मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी गई है। उन्हें उम्मीद है कि सर्वोच्च न्यायालय मामले में स्थगन आदेश जारी कर देगा।

बता दें कि कमाल खान ने मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था। केआरके के वकील ने केस को रद्द करने की अपील की थी। वकील ने उच्च न्यायालय में दावा किया था कि जिन ट्विटर हैंडल से अभिनेता के खिलाफ ट्वीट किया गया था उनमें से एक ‘केआरके बॉक्स ऑफिस’ को अक्टूबर 2020 में ही बेच दिया गया था।

केआरके के वकीलों ने मनोज बाजपेयी के खिलाफ जानबूझकर कोई भी ट्वीट करने से इनकार कर दिया था। हालाँकि हाईकोर्ट, से केआरके को कोई राहत नहीं मिली थी और याचिका खारिज कर दी गई थी।

2024 में लगातार तीसरी बार देश के PM बनेंगे नरेंद्र मोदी…1970 के बाद पहली बार ऐसा होगा: अमित शाह का दावा- BJP पाएगी 303+ सीटें

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Minister of Home Affairs Amit Shah) ने शुक्रवार (17 मार्च 2023) को कहा कि साल 2024 में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) लगातार तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनेंगे।

अमित शाह ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) साल 2024 के लोकसभा चुनावों में फिर से जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने तीन अहम मुद्दों- जम्मू एवं कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सली समस्या का मोटे तौर पर समाधान कर दिया है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में ही पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक किया गया और किसी विदेशी ताकत ने देश के आतंरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की हिम्मत नहीं की। साल 2014 में जब मोदी सरकार बनी तक देश के 60 करोड़ लोगों का बैंकों में खाता नहीं था। 10 करोड़ लोगों के पास शौचालय नहीं था और तीन करोड़ लोगों तक बिजली नहीं थी।

अमित शाह ने एक मीडिया कॉन्क्लेव में कहा, “जनता तय करेगी कि देश का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा। मैंने देश के सभी हिस्सों का दौरा किया है और महसूस किया है कि भाजपा अगली सरकार बनाएगी और मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनेंगे।”

अमित शाह आगे कहा कि 1970 के बाद यह पहली बार होगा, जब प्रधानमंत्री को लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए जनादेश मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह साल 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी को 2019 से अधिक सीटें मिलेंगी। अमित शाह ने कहा, “हमें (भाजपा) 303 से अधिक सीटें मिलेंगी।”

बता दें कि साल 2019 के लोकसभा चुनावों सारे राजनीतिक अनुमानों को ध्वस्त करते हुए भाजपा ने अकेले 303 सीटें हासिल की थीं। वहीं, अगर एनडीए गठबंधन की बात की जाए तो 543 सदस्यीय लोकसभा में NDA को लगभग 345 सीटें मिली थीं।

गौरतलब है कि भाजपा को रोकने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कॉन्ग्रेस की चीफ ममता बनर्जी तीसरा फ्रंट बनाने में जुटी हुई हैं। इसके लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से मुलाकात की है।