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गुरुग्राम की सड़क पर दिखा ‘फर्जी’ का दृश्य: चलती गाड़ी से खुलेआम नोट उड़ा कर रील बनाने वाला YouTuber गिरफ्तार, वायरल हुआ वीडियो

हाल ही में OTT प्लेटफॉर्म ‘Amazon Prime’ पर ‘फर्जी’ नाम की वक वेब सीरीज आई थी, जिसमें कई उम्दा कलाकार थे। इसमें का एक दृश्य आपको याद होगा, जिसमें शाहिद कपूर और उनके दोस्त का किरदार अदा कर रहे भुवन अरोड़ा का पुलिस पीछा कर रही होती है। इस दौरान सड़क पर भगदड़ पैदा करने के लिए वो गाड़ी में से नकली नोटों के बंडल बाहर फेंकने लगते हैं। लोग उसे बटोरने के लिए भगदड़ मचाते हैं और ये दोनों बच जाते हैं।

सोशल मीडिया पर एक ऐसा मामला सामने आया है, जहाँ इस दृश्य को रिक्रिएट करने की कोशिश की गई, वो भी खुलेआम। गुरुग्राम का एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में ‘फर्जी’ के डायलॉग्स डाल कर बीच सड़क पर ऐसे ही करेंसी नोट्स उड़ाए गए। पुलिस ने जाँच के बाद पाया है कि ये हरकत YouTuber जोरावर सिंह की है। उसकी पहचान होने के बाद मामला दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। वो अक्सर फिटनेस और ट्रेवल के वीलॉग्स बनाता रहता है।

जोरावर सिंह ने ये वीडियो इंस्टाग्राम पर डाला था, जहाँ उसके 3.42 लाख से भी अधिक फॉलोवर्स हैं। वहीं यूट्यूब पर उसके फॉलोवर्स की संख्या 3.51 लाख के पार है। इस वीडियो को भी लाखों लोग देख चुके थे। गुरुग्राम डीएलएफ गोल्फकोर्स के अंडरपास में उसने ये हरकत की थी। ये गिरफ़्तारी जमानती धाराओं में ही हुई है। बिना किसी अनुमति के ये रील शूट की गई थी, जो काफी खतरनाक था और दूसरों के लिए समस्या पैदा कर सकता था।

खतरनाक ड्राइविंग, दूसरों की जान को खतरे में डालना और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। जोरावर सिंह दिल्ली के तिलक नगर का रहने वाला है। उड़ाए गए नोट असली हैं या नहीं, कहाँ से लाए गए – सैम्पल की जाँच के बाद इसका भी पता लगाया जाएगा। पुलिस ने बिना परमिशन ऐसी रील्स शूट न करने की सलाह दी है। वीडियो में एक जोरावर सिंह का एक साथी भी दिख रहा है। देख कर स्पष्ट है कि कैमरामैन पीछे दूसरी गाड़ी में रहा होगा।

‘भारतीय संस्कृति सबसे समृद्ध’: ‘RRR’ के लेखक ने बताया PM मोदी ने उनके बेटे SS राजामौली को दी थी कौन सी सलाह, बोले – प्रधानमंत्री के विजन से प्रभावित

फिल्म RRR के ‘नाटू-नाटू’ गाने को बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग कैटेगरी में ऑस्कर मिलने के बाद से ही देश में जश्न का माहौल है। एसएस राजामौली के पिता और फिल्म ‘RRR’ के स्क्रिप्ट राइटर वी विजयेंद्र प्रसाद ने भी इस मौके पर खुशी जताई है। वी विजयेंद्र प्रसाद का मानना है कि फिल्मों के जरिए हिंदुस्तान की सांस्कृतिक विरासत की झलक अब पूरी दुनिया में पहुँच रही है। ‘न्यूज 18’ के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने पीएम मोदी के साथ हुई उस बातचीत को भी याद किया, जिसमें ‘दुनिया भारत को किस नजरिए से देखे’ विषय पर चर्चा हुई थी।

ऑस्कर से सम्मानित फिल्म के लेखक बताते हैं कि एकेडमी अवॉर्ड समारोह से पहले उनकी मुलाकात देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई थी। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद थी कि पीएम से हमारी मुलाकात काफी छोटी होगी, लेकिन जब बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ तो 40 मिनट गुजर गए। इन 40 मिनटों में हमने सिर्फ एक ही मुद्दे पर चर्चा की कि दुनिया भारत को किस नजरिए से देखे।

वी विजयेंद्र ने कहा कि मैं पीएम मोदी के विजन से प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि मैंने पीएम से पूछा कि मैं इस काम में आपकी कैसे सहायता करूँगा, इसपर पीएम ने जवाब दिया कि आपने अपने फिल्मों के जरिए इस क्षेत्र में काम करना शुरू कर दिया है। आपने दक्षिण भारतीय फिल्मों के माध्यम से भारतीयता की झलक पूरी दुनिया को दिखाई है।

विजयेंद्र प्रसाद ने कहा कि राजामौली को पीएम मोदी ने वही सलाह दी थी जो प्रसिद्ध फिल्म निर्माता स्टीवन स्पीलबर्ग ने ऑस्कर से पहले उन्हें दी थी। उन्होंने कहा कि हॉलीवुड के प्रसिद्ध फिल्म निर्माता ने कहा कि उन्हें पश्चिम की स्वीकृति के लिए फिल्मों में पश्चिमी संस्कृति को मिलाने की आवश्यकता नहीं है। भारतीय संस्कृति बहुत ही समृद्ध है और फिल्म बनाने में इसी पर फोकस रखना चाहिए।

SS राजामौली के पिता और ‘बाहुबली’ जैसे फिल्मों के लेखक विजयेंद्र ने एएनआई (ANI) को दिए इंटरव्यू में कहा, “मैं चाहता था कि हमारी फिल्में हॉलीवुड में धूम मचाएँ। इतनी समृद्ध सामग्री (Rich Content) होने के बावजूद हम भारत के बाहर लोहा नहीं मनवा सके। अब हमारी फिल्म ने ऑस्कर में जगह बनाई और पुरस्कार जीता। यह पूरी भारतीय फिल्म बिरादरी की जीत है।”

विजयेंद्र ने आगे कहा, “मेरा बेटा राजामौली अक्सर मुझसे पूछा करता है कि भारत किन मायनों में दुनिया में सबसे अधिक अमीर है। मैंने उससे कहा कि हम कहानी के मामले में सबसे अमीर हैं। अपनी संस्कृति पर फोकस रखो।” विजयेंद्र ने कहा कि तीन अलग-अलग लोगों ने राजामौली को एक ही तरह की बात कही। अपनी संस्कृति से जुड़े रहो।

एएनआई से बातचीत के दौरान विजयेंद्र ने राज्यसभा भेजे जाने से पहले पीएम के फोन कॉल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 6 जुलाई, 2022 को पीएमओ से फोन आया कि वे मुझे कुछ जिम्मेदारी सौंपना चाहते हैं। 7 जुलाई, 2022 को मुझे पीएमओ से एक और कॉल आया मुझे बताया गया कि पीएम मोदी मुझसे बात करना चाहते हैं। मोदी जी ने हिंदी में बोलना शुरू किया लेकिन मैंने उनसे कहा कि मेरी हिंदी इतनी अच्छी नहीं है। फिर उन्होंने फर्राटेदार अंग्रेजी में बोलना शुरू किया। पीएम मोदी ने फोन पर ही मुझे राज्यसभा सीट की पेशकश की।

फिल्मों के लेखक ने जानकारी दी कि हम RRR का सीक्वल भी बनाएँगे। बता दें कि एस राजमौली की फिल्म आरआरआर के गाने नाटू-नाटू को बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग कैटेगरी में ऑस्कर मिला है। इस गाने के कम्पोजर एमएम कीरवानी है।

जहाँ भी जाते हैं ‘RRR’ स्टार राम चरण और उनकी पत्नी, साथ ले जाते हैं छोटा मंदिर: बताया – ये हमें हमारी ऊर्जा और भारत से जोड़े रखता है

फिल्म ‘आरआरआर’ के गाने नाटू-नाटू को ऑस्कर अवार्ड मिलने से पूरे देश में खुशी की लहर है। ऑस्कर अवार्ड के लिए ‘RRR’ की पूरी टीम अमेरिकी शहर लॉस एंजेलिस पहुँची थी। जहाँ अभिनेता राम चरण के घर का एक वीडियो सामने आया था। इस वीडियो में राम चरण और उनकी पत्नी उपासना ने बताया है कि वह जहाँ भी जाते हैं, वहाँ एक मंदिर हमेशा अपने साथ रखते हैं। इससे उन्हें भारत से जुड़े रहने की प्रेरणा मिलती है।

दरअसल, ‘वैनिटी फेयर’ नामक पत्रिका ने रामचरण के घर का वीडियो रिकॉर्ड किया है। इस वीडियो में राम चरण और उनकी पत्नी उपासना ऑस्कर अवार्ड के लिए तैयार होते हुए दिखाई दे रही हैं। वीडियो में राम चरण ने कहा है, “मैं जहाँ भी जाता हूँ मेरी पत्नी और मैंने इस छोटे से मंदिर को साथ रखते हैं। यह मंदिर हमें हमारी ऊर्जा और भारत से जोड़े रखता है। हम अपने दिन की शुरुआत हर उस चीज और हर उस व्यक्ति के प्रति आभार व्यक्त करते हैं जिसकी वजह से आज यहाँ हैं।”

ऑस्कर अवार्ड के लिए राम चरण ने भारतीय डिजाइनर शांतनु और निखिल द्वारा डिजाइन की गई ऑल-ब्लैक इंडियन ड्रेस पहनी थी। इसके साथ ही उन्होंने इटली के कस्टम मेड जूते भी पहने थे। ऑस्कर के लिए उन्हें निकिता जयसिंघानी ने तैयार किया। उन्होंने अपने कपड़ों के बारे में कहा है, “मुझे ऐसा लगता है कि मैंने भारत पहना हुआ है। पूरी डिजाइन के साथ यह बेहद खूबसूरत है।” इसके बाद उन्होंने अपने कपड़ों में लगी हुई बटन दिखाई। इस बटन में भारत का चिन्ह उभरा हुआ था।

वीडियो में राम चरण की पत्नी उपासना को क्रीम कलर की ड्रेस में देखा जा सकता है। वीडियो में उपासना उन्हें तैयार कर रहे लोगों से पूछती हैं कि क्या उनका मेकअप वाटरप्रूफ है। इस पर उन्हें तैयार कर रहे मेकअप आर्टिस्ट हँसते हुए कहते हैं नहीं, क्या आपको रोना है? इसके बाद उपासना कहती हैं कि हाँ, अगर जीत गए तो वह रोएँगीं। वीडियो में राम चरण और उनकी पत्नी उपासना को मंदिर में पूजा करते हुए भी देखा जा सकता है।

बता दें कि जूनियर एनटीआर और राम चरण अभिनीत फ़िल्म आरआरआर के गाने नाटू-नाटू को साल 2023 के ऑस्कर अवार्ड में बेस्ट ऑरिजनल कैटेगरी में ऑस्कर पुरस्कार मिला है। इस गाने को ऑस्कर मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश की तमाम बड़ी हस्तियों ने आरआरआर की पूरी टीम को बधाई दी है।

हफ्ते में 3 दिन पहली और 3 दिन दूसरी पत्नी के साथ रहेगा इंजीनियर, रविवार को चलेगी अपनी मर्जी: कोर्ट का आदेश, लॉकडाउन में हुआ था दूसरा प्यार

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 2 पत्नियों के बीच पति का बँटवारा हुआ है। दिन के आधार पर हुए इस बँटवारे में तय हुआ है कि पति सप्ताह के 7 दिनों में से तीन दिन पहली पत्नी के साथ और तीन दिन दूसरी पत्नी के साथ रहेगा। एक दिन पति की अपनी मर्जी चलेगी। इस दिन पति दोनों पत्नियों में से किसी एक साथ रह सकता है। अदालत के बाहर यह समझौता सॉफ्टवेयर इंजीनियर पति और उसकी दो पत्नियों के बीच हुआ।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ग्वालियर में पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर लड़के की शादी 28 साल की युवती से हुई। युवक हरियाणा स्थित एक कंपनी में नौकरी करता है। शादी के बाद दंपति ग्वालियर से हरियाणा आकर रहने लगते हैं। 2 साल तक साथ रहने के दौरान दोनों को एक बेटा भी हुआ। मार्च 2020 में कोरोना महामारी की वजह से लॉकडाउन लगा दिया गया। इसके बाद वर्क फ्रॉम होम मिलने की वजह से परिवार ग्वालियर आ गया। कुछ दिन बाद पति गुरुग्राम लौट गया। पति ने हालात सामान्य होने पर बुलाने की बात कहकर पत्नी और बच्चे को ग्वालियर में ही रहने दिया।

हालात सामान्य होने के बाद भी पति अपनी पत्नी और बच्चे को बुलाने नहीं पहुँचा। पति के टाल-मटोल से पत्नी को शक हुआ। पत्नी खुद गुरुग्राम पहुँच गई। वहाँ उसे पति के दूसरे शादी कर लेने की जानकारी मिली। पत्नी को पता चला कि उसके पति ने ऑफिस में काम करने वाली एक लड़की से दूसरी शादी कर ली है जिससे उन्हें एक बेटी भी है।

पहली पत्नी ग्वालियर लौट आई और परिजनों की मदद से अपने पति पर मुकदमा करने का निश्चय किया। उन्होंने कुटुंब न्यायालय (फैमिली कोर्ट) तक अपनी बात पहुँचाई। इस बीच उनकी मुलाकात फैमिली कोर्ट के काउंसलर हरीश दीवान से हुई। हरीश की सलाह पर पति और दूसरी पत्नी ग्वालियर पहुँचे। हरीश ने दोनों पक्षों को कोर्ट जाने पर होने वाली परेशानी और नुकसान की जानकारी दी।

इसके बाद कोर्ट के बाहर तीनों के बीच एक करार हुआ। जिसके तहत सप्ताह के पहले तीन दिन पति का पहली पत्नी संग रहना तय किया गया। बाद के तीन दिन दूसरी पत्नी के साथ रहना तय हुआ और बचे एक दिन को पति की मर्जी पर छोड़ दिया गया। इसके अलावा समझौते के तहत दोनों पत्नियों के रहने के लिए गुरुग्राम में ही एक-एक फ्लैट दिए गए। इस पर दोनों पत्नियाँ राजी हो गईं।

नशीली चीज खिला कर बलात्कार, 2 बार करवाया गर्भपात… शादाब ने ‘कबीर’ बन कर हिन्दू लड़की को फाँसा, अजमेर शरीफ दरगाह ले जाकर बोला – अब कलमा पढ़ो

मध्य प्रदेश के इंदौर से ‘लव जिहाद’ का नया मामला सामने आया है। यहाँ शादाब नाम के एक मुस्लिम युवक पर कबीर नाम रख कर एक हिंदू लड़की से रेप का आरोप लगा है। आरोप है कि शादाब ने लड़की से शादी का वादा कर के उसका 2 बार एबॉर्शन भी करवाया। शादाब पर पीड़िता के 55 लाख रुपए ऐंठने और उसका पुश्तैनी घर तक बिकवा देने का आरोप है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला इंदौर के तिलक नगर थाना क्षेत्र का है। यहाँ टीकमगढ़ की रहने वाली एक लड़की साल 2016 में पढ़ाई करने आई और अपने भाई के साथ रहने लगी। लगभग 5 साल यही रहने के बाद वह साल 2021 में नौकरी के चक्कर में अपने दोस्त सौरभ से मिलने एक कैफे में पहुँची। सौरभ के साथ उसकी गर्लफ्रेंड शिवानी भी थी। शिवानी ने ही पहली बार पीड़िता को शादाब से मिलवाया। शादाब ने उस समय खुद को ‘कबीर’ बता कर परिचय दिया था।

कैफे में ही शादाब और पीड़िता ने एक-दूसरे को अपना नंबर दे दिया। कुछ दिनों की ही बातचीत में शादाब पीड़िता से घुल-मिल गया। बातचीत में आरोपित ने खुद को कैंसर का मरीज बताया था लड़की का कहना है कि इस से उसके मन में कबीर बने शादाब के लिए सहानुभूति जग गई थी। पीड़िता ने आगे बताया कि एक दिन शादाब उसे उज्जैन घुमाने ले गया। यहाँ वो लड़की को एक होटल में ले गया, जिसका कमरा काफी सजा हुआ था। इस जगह पर उसने सरप्राइज के तौर पर अपना बर्थडे बताया और अपने एक दोस्त बिट्टू के साथ जन्मदिन मनाया।

लड़की का दावा है कि इसी बर्थडे पार्टी के दौरान शादाब ने उसे नशीली चीज खिला कर रेप किया। बाद में लड़की को एक अँगूठी पहना कर उस से शादी का वादा किया। आरोप है कि इस दौरान लड़की के आपत्तिजनक फोटो भी खींचे गए। कुछ दिनों बाद शादाब ने लड़की पर दबाव बना कर उसे अपने साथ अपने बख्तावर राम नगर स्थित फ़्लैट में रखने लगा। यहाँ से वो पीड़िता को भोपाल, महाबलेश्वर और मांडव आदि जगहों पर ले जा कर रेप करता रहा। इस दुष्कर्म से लड़की 2 बार प्रेग्नेंट हुई लेकिन शादाब ने उसका दोनों बार गर्भपात करवा दिया।

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि शादाब ने इसी पूरे समय के दौरान उस से 12 लाख रुपए ऐंठ लिए। पैसे वापस माँगने पर वो जान से मारने की धमकी देता रहा। थोड़े ही समय बाद शादाब और पैसे की माँग करने लगा। इस माँग को पूरा करने के लिए लड़की को टीकमगढ़ का अपना पुश्तैनी मकान तक बेचना पड़ा। यह मकान बेच कर 55 लाख रुपए आए, जिसे शादाब ने हड़प लिया। थोड़े दिन बाद शादाब लड़की को अपने साथ राजस्थान में अजमेर की दरगाह ले गया। इस दरगाह पर उसने पीड़िता को कलमा पढ़ने के लिए कहा।

आखिरकार लड़की ने अपने परिजनों के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। SHO तिलक नगर मंजू यादव के मुताबिक आरोपित पर रेप, ब्लैकमेलिंग और लव जिहाद की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। शादाब मूल रूप से खरजाना के खिरजाबाद कॉलोनी का रहने वाला है। केस दर्ज होने के बाद से वह फरार है। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है।

‘आवाज हमारे पास भी है…’: संसद में ऑस्कर पर बोलते-बोलते चिढ़ गईं जया बच्चन, विजेताओं को बताया ‘अपनी फिल्म बिरादरी’ का

बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन की पत्नी और समाजवादी पार्टी की राज्यसभा सांसद जया बच्चन का गुस्सा संसद से सड़क तक कई बार सामने आ चुका है। राज्यसभा में भारतीय फिल्मों को ऑस्कर मिलने को लेकर बोलते हुए जया बच्चन एक बार फिर भड़क गईं। उन्होंने कहा है कि जब कोई सभ्यता की बात कर रहा हो तो असभ्यता नहीं दिखानी चाहिए।

दरअसल, राज्यसभा में ऑस्कर अवार्ड को लेकर चर्चा हो रही थी। इस वर्ष भारत को दो ऑस्कर मिले हैं, यह पूरे देश के लिए गर्व की बात है। लेकिन, कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तथा AIADMK और DMK समेत कुछ अन्य नेताओं ने इस अवॉर्ड को दक्षिण भारत का पुरस्कार बताने की कोशिश की।

तब जया बच्चन (Jaya Bachchan) ने ‘आरआरआर’ और ‘द एलिफेंट व्हिस्परर्स’ की टीम को बधाई देते हुए कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे उत्तर से हैं, पूर्व से हैं, दक्षिण से हैं या फिर पश्चिम से हैं- वे भारतीय हैं। मैं यहाँ अपनी पूरी फिल्म बिरादरी के लिए गर्व और सम्मान के साथ खड़ी हूँ। जिन्होंने कई बार इस देश का प्रतिनिधित्व किया है और कई पुरस्कार भी जीते हैं।

तभी राज्यसभा सांसद नीरज ने उन्हें टोक दिया। इस पर जया बच्चन ने कहा कि अरे नीरज क्या-क्या बीच-बीच में…इतना कहकर वह रुक गईं। इस दौरान स्थिति को संभालते हुए उप-राष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने नीरज को चुप कराया और जया बच्चन को आगे बोलने के लिए कहा।

इसके बाद वह ‘आरआरआर’ के लेखक केवी विजयेंद्र प्रसाद को लेकर बोल रहीं थीं। उन्होंने कहा कि केवी विजयेंद्र केवल पटकथा लेखक ही नहीं हैं, वे कहानीकार और इस सदन के सदस्य भी हैं। यह एक बड़े सम्मान की बात है। तभी किसी ने उन्हें फिर टोक दिया। इस पर जया बच्चन भड़क गईं और कहा, “ये बीच में टोकने की आदत आजकल बढ़ती जा रही है। जब कोई सभ्यता की बात कर रहा हो तो असभ्य व्यवहार मत करिए। आवाज हमारे पास भी है।”

इस पर उपराष्ट्रपति ने एक बार फिर उन्हें शांत कराते हुए कहा कि आपके पास आवाज नहीं बल्कि बुलंद आवाज है। यही नहीं, उन्हें शांत कराने करते हुए राष्ट्रपति ने उनके परिवार की भी तारीफ की।

‘बिना गंदी नीयत नाबालिग के सिर और पीठ पर हाथ फेरना अपराध नहीं’: बॉम्बे HC ने सज़ा पाए युवक को बरी किया, 11 साल पुराना मामला

नाबालिग बच्चों के यौन शोषण मामले बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है। उच्च न्यायालय की नागपुर बेंच ने कहा है कि बिना किसी गलत नीयत के नाबालिग बच्ची के सिर और पीठ पर हाथ फेरना गुनाह नहीं है। अदालत ने अपने इसी फैसले के साथ 11 साल पहले 2012 के एक मामले में सजा पाए अभियुक्त को दोषमुक्त कर दिया। इस मामले की सुनवाई 10 फरवरी, 2023 को हुई थी। आरोपित को निचली अदालत ने लज्जा भंग का दोषी माना था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला 15 मार्च 2012 का था। तब वर्धा का रहने वाला 18 साल का युवक एक घर पर कुछ कागजात देने गया था। उस समय घर पर सिर्फ 12 साल की नाबालिग बच्ची थी। बच्ची को कागजात सौंपते हुए युवक ने उसके सिर और पीठ पर हाथ फेरा। इस दौरान युवक ने पीड़िता से कहा कहा कि वो अब बड़ी हो गई है। युवक की इस हरकत से लड़की डर गई और शोर मचाने लगी। शोर सुन कर आसपास के लोग जमा हो गए। उन्होंने युवक को पकड़ लिया। बाद में लड़की के घर वालों को फोन कर के बुलाया गया।

लड़की के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने युवक के खिलाफ IPC की धारा 451 और 354 के तहत केस दर्ज किया था। इस मामले में आरोपित पक्ष ने अपने बचाव में कहा कि पीड़िता के परिजनों ने उस से कुछ पैसे उधार लिए थे और जब उसे लौटाने के लिए कहा गया तो फर्जी आरोप जड़ दिए गए। जाँच में आरोपित और पीड़िता की माँ के बीच पैसों के लेन-देन की बात भी सही साबित हुई थी। घटना के दिन भी युवक इसी मामले में कुछ कागजात लेकर पीड़िता के घर गया था।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पीड़िता ने कहीं भी आरोपित द्वारा खुद को गलत तरीके से छूने की बात नहीं की। लड़की के बयान में केवल सिर्फ और पीठ पर हाथ फेरना था। कोर्ट ने माना कि ऐसा करना लड़की को पसंद नहीं आया। कोर्ट ने माना कि युवक पीड़िता को एक बच्ची की ही तरह देख रहा था। हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा युवक को दोषी ठहराए जाने के फैसले को सही नहीं माना और सज़ा को रद्द कर दिया। मामले में फैसला जस्टिस भारती डांगरे ने सुनाया है।

हर जिले में दुर्गा सप्तशती और अखंड रामचरितमानस का आयोजन: चैत्र नवरात्र पर योगी सरकार की बड़ी तैयारी, बड़ी संख्या में महिलाएँ-बालिकाएँ बनेंगी हिस्सा

चैत्र नवरात्र और रामनवमी पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पूरे प्रदेश में दुर्गासप्तशती और अखंडरामचरितमानस पाठ करवाने का फैसला लिया है। इसके अलावा कई और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित कराए जाएँगे। इसके लिए जिला अधिकारियों और मंडल कमिश्नरों को निर्देश दे दिए गए हैं।

22 मार्च, 2023 से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्रि को खास बनाने के लिए सरकार की तरफ से पहल किया गया है। नवरात्रि के दौरान प्रदेश भर के दुर्गा मंदिरों व शक्तिपीठों में दुर्गासपत्शती पाठ, जागरण, झाँकियों व रामचरितमानस पाठ का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए जिला, तहसील और विकास खंड स्तर पर समितियों का गठन किया जा रहा है। योगी सरकार ने अधिकारियों को 21 मार्च तक तैयारियाँ पूरी कर लेने की हिदायत दी है।

उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव संस्कृति मुकेश मेश्राम ने जिला अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किया है। इसके अनुसार जिला अधिकारी अपने जिले में चयनित देवी मंदिर व शक्तिपीठों में कार्यक्रम के लिए कलाकारों का चयन करेंगे। आयोजित कार्यक्रमों में अधिक से अधिक महिलाओं और बालिकाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। इतना ही नहीं इन कार्यक्रमों के सफल संचालन के लिए सरकार की तरफ से एक लाख रुपए का फंड भी दिया जाएगा।

जिन मंदिरों में कार्यक्रमों का आयोजन होगा, वहाँ की तस्वीर सरकार के पोर्टल (संस्कृति विभाग) पर भी अपलोड की जाएगी। कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियाँ देंगे। इन आयोजनों में जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे। बता दें कि 22 मार्च से लेकर 30 मार्च तक चैत्र नवरात्रि का त्योहार मनाया जाएगा। 30 मार्च, 2023 को रामनवमी का त्योहार है। इसी दिन मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का जन्म हुआ था।

‘यदि कोई मुस्लिम कहने लगे मुझे पुजारी बना दो, तब क्या होगा?’: HC में सबरीमाला की तरफ से पेश हुए J साई दीपक, कहा – मंदिर में मत तलाशिए सेक्युलरिज्म

केरल हाईकोर्ट में 25 फरवरी, 2023 को सबरीमाला-मलिकप्पुरम मंदिरों में ‘मेलशांति’ (मुख्य पुजारी) के रूप में नियुक्ति के लिए सिर्फ मलयाला ब्राह्मणों से आवेदन लिए जाने की अधिसूचना के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई जारी रही। वकील जे साई दीपक ने उच्च न्यायालय के सामने सबरीमाला मंदिर की तरफ से दलील दी। उन्होंने कोर्ट के सामने मंदिर की परंपराओं की रक्षा के लिए पुजारियों की नियुक्ति समेत मंदिर के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप पर रोक लगाने को लेकर अपनी बात रखी।

केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर का संचालन करने वाले त्रावणकोर देवस्वाम बोर्ड की तरफ से सबरीमाला मंदिर के मुख्य पुजारी (मेलशांति) के रूप में नियुक्ति के लिए आवेदन मँगवाए गए थे। देवस्वाम बोर्ड की तरफ से 27 मई, 2021 को जारी अधिसूचना के अनुसार पुजारी के पद के लिए केवल मलयाला ब्राह्मण ही आवेदन दे सकते हैं। याचिकाकर्ताओं ने त्रावणकोर देवास्वाम बोर्ड की अधिसूचना को भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 15 (1) और 16 (2) के तहत प्राप्त मौलिक अधिकारों का हनन करार दिया।

जस्टिस अनिल के नरेंद्रन और जस्टिस पीजी अजित कुमार की बेंच के सामने त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड की अधिसूचना और इसके खिलाफ दी गई याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है। 4 फरवरी, 2023 को याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से पेश एडवोकेट बीजी हरिद्रनाथ ने अपनी दलीलें रखी थीं। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 25 फरवरी, 2023 की सुबह होने की बात कही।

25 फरवरी को ‘पीपल फॉर धर्म ट्रस्ट’ का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता जे साई दीपक ने केरल उच्च न्यायालय में त्रावणकोर देवास्वाम बोर्ड की अधिसूचना के पक्ष में दलील दी। जे साई दीपक ने अदालत में कहा कि मंदिर में पुजारी की नियुक्ति एक सेक्युलर गतिविधि नहीं है। इसलिए यह अनुच्छेद 14, 15 (1) और 16 (2) के तहत प्राप्त मौलिक अधिकारों का हनन नहीं माना जाएगा।

साई दीपक ने कहा कि मंदिर में पुजारियों की नियुक्ति वाली अधिसूचना के खिलाफ दी गई याचिकाएँ गलत तथ्यों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि आम तौर पर किसी भी पद पर नियुक्ति का कार्य धर्मनिरपेक्ष होता है लेकिन मंदिर की पुजारी के पद पर जिन लोगों की नियुक्ति होगी वे धर्मनिरपेक्षता के आधार पर नहीं बल्कि धार्मिक विचारों के आधार पर ही चुने जाएँगे। यह प्रक्रिया धार्मिक होने के कारण धर्मनिरपेक्ष नहीं है लेकिन धर्मनिरपेक्ष विरोधी भी नहीं है।

जे साई दीपक ने आगे कहा कि सबरीमाला मंदिर पूरी तरह से केरल सरकार द्वारा नियंत्रित नहीं है। इसे 1950 के त्रावणकोर-कोचीन हिंदू धार्मिक संस्थान अधिनियम के प्रावधानों के तहत नहीं देखा जा सकता। साई दीपक ने तर्क दिया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता) और अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) के तहत दिए गए संवैधानिक अधिकार अनुच्छेद 25 और 26 (धर्म के अधिकार) पर दिए गए अधिकारों को प्रभावित नहीं कर सकते।

जे साईं दीपक ने सबरीमाला मंदिर की परंपराओं के संरक्षण की बात कही

अधिवक्ता ने तांत्रिक मंदिर के परंपराओं की रक्षा की बात करते हुए कहा कि मंदिर अपनी परंपराओं की वजह से अपने आप में एक वर्ग है और इसलिए यहाँ अनुच्छेद 26 द्वारा प्रदत्त अधिकार लागू होंगे। जे साई दीपक ने सबरीमाला मंदिर में मुख्य पुजारी के पद के लिए जाति आधारित आरक्षण के दावों को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा यहाँ कोई जातिगत विचार शामिल नहीं है। कहीं भी ब्राह्मणों के नियुक्ति की बात नहीं हो रही है।

साई दीपक ने कहा कि देश भर में पाए जाने वाले अन्य ब्राह्मण इस पद के लिए आवेदन नहीं कर सकते। यहाँ तक कि अपने आप को सबसे विशुद्ध कहने वाले चितांबरम ब्राह्मण भी इस पद के लिए आवेदन नहीं कर सकते। मेलशांति के रूप में नियुक्ति के लिए सिर्फ मलयाला ब्राह्मण ही आवेदन कर सकते हैं। इसकी मुख्य वजह है मंदिर के आध्यात्मिक ऊर्जा को बनाए रखना।

जे साई दीपक ने सबरीमाला मामले में न्यायिक हस्तक्षेप के प्रभाव पर प्रकाश डाला

केरल हाईकोर्ट के सामने जे साई दीपक ने कहा, “न्यायिक हस्तक्षेप के माध्यम से मंदिर के नियमों को बदलने का कोई भी प्रयास मंदिर के इतिहास को फिर से लिखने जैसा होगा। इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती, क्योंकि इसका असर बड़े पैमाने पर देखने को मिलेगा।”

अधिवक्ता ने आगे कहा, “कल को यदि कोई मुस्लिम परिवार में पैदा हुआ व्यक्ति कहे कि मैं इस देवता को मानता हूँ, मैं वेदों का ज्ञाता हूँ, मुझे संस्कृत का भी ज्ञान है, मैं तंत्र विद्या भी जानता हूँ, मुझे इस मंदिर में पुजारी बना दो। ऐसे में यह तर्क गलत नहीं होगा क्योंकि मंदिर तो सबके लिए खुला है। साई दीपक ने कहा कि इसी तरह कल को एक रूसी व्यक्ति भी भारतीय नागरिक बनने के बाद मंदिर का पुजारी बनने की इच्छा जाहिर कर सकता है। इस याचिका पर यदि ध्यान दिया गया तो यह सब मुमकिन है।

धार्मिक गतिविधि के धर्मनिरपेक्षीकरण के खिलाफ साई दीपक की आपत्तियाँ

जे साई दीपक ने पुजारियों की नियुक्ति को सेक्युलर गतिविधि के रूप में न देखने की दलील दी। उन्होंने कहा कि ऐसा करना मंदिर की परंपरा और यहाँ की आध्यात्मिकता को नुकसान पहुँचाने जैसा होगा। उन्होंने कहा कि पुजारी की नियुक्ति किसी भी दृष्टिकोण से सुकेलर प्रक्रिया नहीं हो सकती। मंदिर एक धार्मिक जगह है जहाँ हर छोटी से बड़ी प्रक्रिया पूर्णत: धार्मिक होती है। मंदिर एक धार्मिक स्थान है।

जे साई दीपक ने तर्क दिया कि भीड़ का प्रबंधन धार्मिक नहीं है। वेतन का भुगतान धार्मिक नहीं है। वे अलग पहलू हैं। लेकिन, यह याचिका मंदिर की पहचान के साथ खिलवाड़ करने जैसा है जो मंदिर में प्रवेश के मुद्दे से भी अधिक गंभीर है। उन्होंने हाई कोर्ट को यह भी जानकारी दी कि सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) इस समय इस बात पर विचार कर रहा है कि धर्म के ऐसे मामलों में न्यायपालिका किस हद तक हस्तक्षेप कर सकती है।

जे साई दीपक ने केरल उच्च न्यायालय से अनुरोध किया कि जब तक सर्वोच्च न्यायालय का फैसला नहीं आ जाता तब तक याचिकाओं पर निर्णय को टाल दिया जाना चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल 2023 को होगी।

पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुई विकास मालू की पत्नी, कहा – इस इंस्पेक्टर को हटाओ: सतीश कौशिक के भतीजे ने बताया – टूट चुकी है पत्नी और बेटी

बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर-डायरेक्टर रहे सतीश कौशिक की मौत मामले में दिल्ली पुलिस ने विकास मालू की पत्नी सान्वी को पूछताछ के लिए बुलाया था। लेकिन सान्वी ने कहा है कि वह मामले की जाँच कर रहे इंस्पेक्टर को जाँच से हटाए जाने के बाद ही पूछताछ में शामिल होंगी। वहीं, सतीश कौशिक के भतीजे ने कहा है कि एक्टर की मौत के बाद से उनकी पत्नी और बेटी गहरे सदमे में हैं। इसके अलावा उन्होंने सतीश कौशिक की अंतिम इच्छा के बारे में भी बात की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने विकास मालू की पत्नी सान्वी को नोटिस जारी कर सोमवार (13 मार्च, 2023) को 11 बजे पूछताछ के लिए बुलाया था। लेकिन, वह पूछताछ में शामिल नहीं हुईं। इसलिए, अब दिल्ली पुलिस ने एक नया नोटिस जारी करने की बात कही है। वहीं, इस मामले में सान्वी के वकील राजेंद्र छाबड़ा ने एएनआई से हुई बातचीत में कहा, “जिस इंस्पेक्टर की देखरेख में जाँच हो रही है, उसकी भूमिका पहले से ही जाँच के दायरे में हैं। जब तक इस केस से इंस्पेक्टर को हटाया नहीं जाएगा, तब तक सान्वी जाँच में शामिल नहीं होंगी।”

उन्होंने यह भी कहा है, “सान्वी ने अपने पति विकास मालू के खिलाफ बलात्कार के आरोप लगाए थे। उस मामले में भी नही इंस्पेक्टर जाँच कर रहे थे। सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप के बाद उन्हें जाँच से हटाया गया था। अब इस केस में सान्वी की शिकायत के बाद फिर से उसी इंस्पेक्टर को जाँच सौंपी गई है। यह हैरानी की बात है। इंस्पेक्टर की संदिग्ध भूमिका को लेकर मैंने दिल्ली पुलिस आयुक्त को मेल भी किया है।”

सतीश कौशिक की मौत के बाद उनका अंतिम संस्कार करने वाले भतीजे निशांत ने सतीश के परिवार की स्थिति के बारे में बात की है। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया‘ को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा है कि सतीश कौशिक के निधन के बाद से उनकी पत्नी और बेटी वंशिका पूरी तरह से टूट गईं हैं। उनकी जिंदगी में एक बड़ा ठहराव आ गया है। उनकी पत्नी शशि कौशिक और बेटी वंशिका यह मानने की कोशिश कर रही हैं कि सतीश अब इस दुनिया में नहीं हैं।

उन्होंने यह भी कहा है कि वंशिका मेहमानों के सामने दुःख नहीं दिखाती। लेकिन जब वह अकेली होती हैं तो असहज हो जाती हैं। वहीं, सतीश कौशिक की अधूरी इच्छा को लेकर निशांत ने कहा है कि वह अपने प्रोडक्शन हाउस को बड़े स्तर पर ले जाना चाहते थे। वह चाहते थे कि यह एक बड़ा स्टूडियो बन जाए।

बता दें कि 9 मार्च, 2023 को दिल्ली में सतीश कौशिक का निधन हो गया था। उनके निधन से पहले वह विकास मालू नामक बिजनेसमैन के घर में रुके हुए थे। सतीश कौशिक की मौत के बाद विकास मालू की पत्नी ने अपने पति पर सतीश की हत्या का आरोप लगाया था। कहा था कि विकास ने सतीश से 15 करोड़ रुपए उधार लिए थे। ये पैसे न लौटाने पड़ें। इसलिए विकास ने उनकी हत्या कर दी। इसके अलावा, उसने विकास मालू के अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से संबंध होने की भी बात कही थी। हालाँकि सतीश कौशिक की पत्नी शशि कौशिक ने इन तमाम आरोपों को बेबुनियाद बताया था।