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इस होली देश भर में होगी ₹25000 करोड़ की खरीददारी: CAIT का अनुमान, सिर्फ खुशियाँ ही नहीं, देश की अर्थव्यवस्था में भी चार चाँद लगा जाएगा हिन्दू त्योहार

भारत में जब त्योहार दीवाली-धनतेरस का आता है, तो सभी की नजरें बाजार की तरफ लग जाती हैं। ब्रांड्स एक से बढ़ कर एक ऑफर्स देते हैं, कपड़ों से लेकर गहनों और गाड़ियों तक की खरीददारी होती है। लेकिन, क्या आपको पता है कि होली के दौरान भी बाजारों में बड़ी रौनक आती है? ‘Confederation of All India Traders (CAIT)’ ने अपने अनुमान में बताया है कि इस होली में कितने करोड़ का कारोबार पूरे देश में होगा।

CAIT के अनुसार, 2023 में होली त्योहार के दौरान भारत में 25,000 करोड़ रुपए की खरीददारी होने की उम्मीद है। ये पिछले साल के मुकाबले 25% ज़्यादा है। बता दें कि होली 2022 के दौरान भी 2021 के मुकाबले कारोबार में 30% की उछाल देखी गई थी। लेकिन, ये याद रखा जाना चाहिए कि 2021 की होली कोरोना के साए में मनाई गई थी। अब कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप लगभग खत्म हो चुका है और स्वदेशी वैक्सीन की तीन डोज भी लगाई जा चुकी है।

अकेले दिल्ली में 1500 करोड़ रुपए के सामान लोग खरीदेंगे, ऐसा अनुमान है। इससे पहले चीन से बाहरी मात्रा में सामान यहाँ आते थे, जो इस बार नहीं है। रंग से लेकर गुब्बारे और खिलौने तक चीन से आते थे। लेकिन, इस बार अधिकतर कारोबार स्वदेशी वस्तुओं का होगा। CAIT ने बताया है कि भारत में निर्मित गुलाल, खिलौने वाली बंदूकें, पानी, चंदन और कपड़े की बड़ी बिक्री हो रही है, जो होली के दौरान लोग खरीदते ही हैं।

इन सबके अलावा मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, गिफ्ट आइटम्स, टेक्सटाइल्स, फूल, फल और फर्निशिंग फैब्रिक, किराना, FMCG प्रोडक्ट्स (कंज्यूमर पैक्ड) और पूजा-पाठ के वस्तुओं की भी बड़ी बिक्री होने वाली है। आगे भी अच्छी ट्रेड होने वाली है, होली इसकी उम्मीद जगाएगा। अकेले दिल्ली में सामूहिक होली के 3000 कार्यक्रम होने वाले हैं। 2020 और 2021 होली के कारोबार के मामले में कोरोना के कारण सबसे खराब रहा था। इससे सरकार और व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ था।

सऊदी अरब की कई यूनिवर्सिटी में अब पढ़ाया जाएगा योग, अगले कुछ महीनों में करारों पर होंगे हस्ताक्षर: रियाद में आयोजित खेल कार्यक्रम में ऐलान

सऊदी अरब की कई यूनिवर्सिटी में योग अब शैक्षणिक पाठ्यक्रम के रूप में शामिल किया जाएगा। इसके लिए अगले कुछ महीनों में कई करार पर हस्ताक्षर किए जाने हैं। ‘सऊदी योग कमिटी’ के अध्यक्ष नउफ अल-मारवाई ने इस संबंध में जानकारी दी है। रियाद में आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी घोषणा की गई। सऊदी अरब की राजधानी में ये कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसका थीम था – साम्राज्य के खेल के प्रति भविष्य की दृष्टि को आगे बढ़ाने के लिए यूनिवर्सिटी में खेल किस तरह भूमिका निभा सकते हैं।

‘सऊदी यूनिवर्सिटीज स्पोर्ट्स फेडरेशन’ ने मुल्क के शिक्षा मंत्रालय के साथ मिल कर इस कार्यक्रम को आयोजित किया था। कई बड़े अधिकारियों के अलावा कई विशेषज्ञ भी इस प्रोग्राम में शामिल हुए। अल-मारवाई ने कहा कि मुल्क की यूनिवर्सिटियों में योग को लाने के लिए लगातार कड़ी कोशिश की जा रही है। उच्च-शिक्षा के संस्थानों को समझाया जा रहा है कि कैसे स्वास्थ्य और फिट रहने के लिए योग काफी ज़रूरी है।

उन्होंने कहा कि योग न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी दुरुस्त रखता है। उन्होंने मुल्क के ‘विज़न 2030’ की दिशा में इसे काफी मददगार करार दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए खेल से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लेने को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर, मुल्क के स्तर पर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जैसा कि अधिकतर लोग समझते हैं, योग सिर्फ केवल मैडिटेशन और रिलैक्सेशन नहीं है।

योगासन से जुड़े स्पोर्ट्स भी इंट्रोड्यूस किए जा रहे हैं। इस क्षेत्र में प्रतिभाओं की तलाश भी की जा रही है। इसके बाद उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि वो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में मुल्क का नाम रोशन कर सकें। बता दें कि सऊदी अरब के व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय ने नवंबर 2017 के योग को खेल गतिविधियों के रूप में मान्यता दी थी। साल 2017 के बाद ही वहाँ कोई योग सिखाना या इसे बढ़ावा देना चाहे, तो लाइसेंस लेकर अपना काम शुरू कर सकता है।

हिजाब पहनने पर परीक्षा देने की नहीं मिलेगी अनुमति: कर्नाटक के शिक्षा मंत्री की दो टूक – यूनिफॉर्म पहनना ही पड़ेगा, नियम का पालन कीजिए

कर्नाटक में हिजाब विवाद एक बार फिर गरमाता दिख रहा है। राज्य के शिक्षा मंत्री ने बी.सी. नागेश ने कहा है कि हिजाब पहनकर आने वाली छात्राओं को प्री यूनिवर्सिटी परीक्षा (PUC) देने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा है कि पिछली बार की तरह, इस साल भी छात्रों को यूनिफॉर्म पहनकर परीक्षा देनी होगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने हिजाब पहनकर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने वाली याचिका कर दी थी। परीक्षा गुरुवार (9 मार्च 2023) से शुरू होगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बी.सी नागेश ने कहा है कि प्री यूनिवर्सिटी परीक्षा देने वाले सभी छात्रों को यूनिफॉर्म पहनकर ही आना होगा। जो छात्र हिजाब पहनकर परीक्षा देना चाहते हैं, उन्हें परीक्षा केंद्रों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा है, “पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी छात्र-छात्रों को यूनिफॉर्म पहनकर ही परीक्षा देनी चाहिए। हिजाब पहनकर आने वाली छात्राओं को परीक्षा देने की अनुमति नहीं होगी। सभी को नियम का पालन करना होगा। राज्य सरकार और शिक्षण संस्थान निर्धारित नियमों के अनुसार ही काम कर रहे हैं।”

बी.सी. नागेश ने आगे कहा है, “हिजाब पर प्रतिबंध लगने के बाद परीक्षा देने वाली मुस्लिम महिलाओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इस बार पिछली बार की अपेक्षा अधिक मुस्लिम छात्राओं का नामांकन हुआ है। हमारे आँकड़ें बताते हैं कि हिजाब प्रकरण के बाद परीक्षा देने वाली मुस्लिम बहनों की संख्या और उनके नामांकन में वृद्धि हुई है।”

बता दें कि इससे पहले शुक्रवार (3 मार्च 2023) को सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक की प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों में हिजाब पहनकर वार्षिक परीक्षा देने की अनुमति देने की माँग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था। शीर्ष अदालत ने कहा था कि इस मामले की सुनवाई होली के बाद होगी।

बता दें कि शरीयत समिति की ओर से पेश वकील शादान फरासत ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले को लिस्टिंग कर जल्द सुनवाई की माँग की थी। वकील का कहना था कि छात्राओं की वार्षिक परीक्षाएँ 9 मार्च 2023 से शुरू हो रही हैं। इसके बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि इस मामले को होली की छुट्टी से पहले अंतिम कार्यदिवस को नहीं लाना चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि वह इस मामले की तत्कालिकता को समझते हैं, लेकिन वे इस मामले को होली के बाद सूचीबद्ध कर सुनवाई के लिए पीठ गठित करेंगे। बता दें कि होली 8 मार्च 2023 को है और शुक्रवार (3 मार्च, 2023) को अंतिम कार्यदिवस था। इसके बाद कोर्ट की छुट्टियाँ हैं और कोर्ट 13 मार्च को फिर से खुलेगा।

इसके पहले कर्नाटक हाईकोर्ट ने कर्नाटक सरकार एवं शिक्षण संस्थानों द्वारा स्कूल-कॉलेजों में यूनीफॉर्म को जरूरी बताते हुए हिजाब पर लगाई गई रोक को सही ठहराया था। कर्नाटक हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को राहत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसके बाद पिछले साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने खंडित फैसला सुनाया था।

सुप्रीम कोर्ट के खंडित फैसले के बाद कर्नाटक के स्कूलों में लड़कियों को हिजाब पहनकर परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी गई है। यह परीक्षा 9 मार्च 2023 से शुरू होने वाली है। 15 मार्च 2022 को कर्नाटक उच्च न्यायालय ने उडुपी में गवर्नमेंट प्री-यूनिवर्सिटी गर्ल्स कॉलेज के मुस्लिम छात्राओं के कक्षा में हिजाब पहनने की अनुमति माँगने वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा था कि हिजाब इस्लामिक विश्वास का अहम हिस्सा नहीं है।

हवन से भड़के मुस्लिम पक्ष ने कहा – लाउडस्पीकर उतारो: बिहार के सीतामढ़ी में पत्थरबाजी, पुलिस ने 49 को किया गिरफ्तार

बिहार के सीतामढ़ी जिले में साम्प्रदायिक तनाव की खबर है। यहाँ हो रहे यज्ञ के दौरान मुस्लिम पक्ष ने लाउडस्पीकर उतरवाने के लिए कहा। इसके जवाब में हिन्दू पक्ष ने भी मुस्लिमों से नमाज़ में माइक न प्रयोग करने की माँग की। इसी बात पर हिंसा भड़क उठी। हमलावरों ने पत्थरबाजी की जिस से कुछ लोग घायल हो गए। हालत को काबू करने की कोशिश में कुछ पुलिसकर्मी भी ज़ख़्मी हुए हैं जिसमें SDPO भी शामिल हैं। बाद में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 49 लोगों को गिरफ्तार किया है। तनाव की आशंका देखते हुए गाँव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना शुक्रवार (3 मार्च, 2023) की है।

मामला सीतामढ़ी जिले के परिहार थानाक्षेत्र का है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहाँ के बड़हरवा पंचायत के गाँव धरहरवा में शुक्रवार को हिन्दू पक्ष हवन कर रहा था। बताया जा रहा है कि हवन में वेदमंत्र लाउडस्पीकर पर बज रहा था। इस पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आपत्ति दर्ज की। इसके जवाब में हिन्दू पक्ष के लोगों ने भी मुस्लिमों से लाउडस्पीकर के बिना नमाज़ पढ़ने को कहा। इसी बात पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और माहौल गर्म हो गया। इस बीच किसी ने मामले की सूचना पुलिस को दे दी।

घटना की जानकारी मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल धरहरवा गाँव में पहुँचा। इस पुलिस टीम का नेतृत्व सदर क्षेत्र के SDPO कर रहे थे। पुलिस दोनों पक्षों से बात कर ही रही थी कि अचानक ही पत्थरबाजी शुरू हो गई। बदले हालत से अफरातफरी मच गई और पुलिस ने मोर्चा संभाला। हालात काबू करते हुए SDPO के हाथ में पत्थर लगा। घटना में कुछ अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं जिनका इलाज अस्पताल में करवाया गया। मामले की जानकारी होते ही DM और SP भी भारी फ़ोर्स के साथ गाँव में पहुँचे।

हिंसा में दोनों पक्षों से लोग घायल बताए जा रहे हैं जिनके इलाज अस्पताल में चल रहे हैं। दोनों ही पक्ष एक दूसरे पर हमले का भी आरोप लगा रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में परिहार थाने में FIR दर्ज कर ली है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक कुल 49 आरोपितों की गिरफ्तारी की गई है। हालात काबू में रखने के लिए गाँव में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। जिले के बड़े अधिकारियों के मुताबिक, स्थिति पूरी तरह से काबू में है। थाने पर पीस कमेटी की मीटिंग भी आयोजित की गई है।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों का आधार वीडियो फुटेज की जाँच और लोगों से की गई पूछताछ को बताया है। पुलिस ने किसी भी प्रकार की अफवाह न उड़ाने की भी अपील की है।

Asianet के दफ्तर पर 4 घंटे केरल पुलिस की छापेमारी, वामपंथी SFI के गुंडों ने भी किया था हमला

केरल पुलिस ने रविवार (5 फरवरी, 2023) को मलयालम मीडिया संस्थान Aisanet के कोझीकोड स्थित दफ्तर में छापेमारी की है। चैनल के एक न्यूज़ रिपोर्ट के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई गई थी। ये मामला विधानसभा में भी उठा था। सत्ताधारी वामपंथी गठबंधन के णर्दलिया विधायक पीवी अनवर ने चैनल के खिलाफ विधानसभा में बयान दिया था। नीलांबुर के MLA के बयान पर मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा था कि चैनल के खिलाफ शिकायत प्राप्त हो गई है और पुलिस कानूनी तरीके से जाँच कर रही है।

साथ ही Asianet चैनल के विरुद्ध एक FIR भी दर्ज की गई थी। ये भी याद दिला दें कि वामपंथी छात्र संगठन ‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI)’ के गुंडों ने भी मीडिया संस्थान के दफ्तर पर धावा बोल दिया था। उन्होंने न सिर्फ गार्ड से धक्का-मुक्की की थी, बल्कि तोड़फोड़ भी मचाई थी। इसके 2 दिन बाद ही अब पुलिस यहाँ पहुँची है। SFI वाले मामले में पुलिस ने केस दर्ज करते हुए 8 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था।

लोग इस घटना को सत्ताधारी CPM द्वारा ‘Asianet News’ चैनल को नेस्तनाबूत करने की कोशिश के रूप में भी देख रहे हैं। क्राइम ब्रांच के अस्सिस्टेंट कमिश्नर वी सुरेश दल-बल के साथ चैनल के दफ्तर पहुँचे और 4 घंटों तक छापेमारी की। हालाँकि, इस दौरान उन्हें कुछ भी नहीं मिला। पुलिस का कहना है कि चैनल के एक कार्यक्रम के दौरान गड़बड़ियाँ की गई थीं। ये कार्यक्रम ड्रग्स पर था। इसका शीर्षक था – ‘नारकोटिक्स एक गंदा कारोबार है’।

इस कार्यक्रम में केरल में ड्रग्स के बढ़ते प्रभाव और ड्रग माफिया द्वारा लोगों को फँसाए जाने के खेल का खुलासा किया गया था। आरोप है कि एक पीड़ित की आवाज इसी चैनल के एक अन्य कार्यक्रम में प्रयोग की गई आवाज़ से मिलती है। साथ ही एक लड़की को नई पीड़ित बता कर पुरानी पीड़ित की आवाज़ का इस्तेमाल किया गया, ये भी आरोप है। हालाँकि, पीड़िता के पिता ने स्पष्ट कर दिया है कि चैनल ने जो भी दिखाया वो सही है और कुछ भी गलत नहीं कहा गया है।

जबकि, सत्ताधारी वामपंथी दल का मानना है कि ‘Asianet News’ केंद्र सरकार के इशारों पर राज्य की LDF सरकार को बदनाम करने में लगा है। मीडिया संस्थान में केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने भी निवेश किया था, जिसे आधार बना कर CPM नेता इस पर निशाना साधते हैं। ‘एशियानेट न्यूज़ नेटवर्क’ के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन राजीव कालरा ने इसे एक बनावटी केस करार देते हुए कहा कि संस्थान अब लीगल एक्शन लेगा।

जम्मू कश्मीर में स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जाने के खिलाफ सड़क पर उतरीं महिलाएँ, घंटों हाइवे पर फँसे रहे वाहन

जम्मू-कश्मीर के बारामूला, अनंतनाग और श्रीनगर में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने का विरोध हो रहा है। विरोध कर रहे लोगों ने हाथों में स्मार्ट मीटर लेकर विरोध करने के साथ ही सड़क जाम कर भी विरोध किया है। वहीं, कुछ महिलाओं ने स्थानीय गीत गाते हुए भी विरोध प्रदर्शन किया है। विरोध कर रहे लोग स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जाने के आदेश वापसी की माँग कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बारामूला जिले के पट्टन में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने का विरोध कर रहे लोगों ने श्रीनगर-बारामूला हाइवे को जाम कर दिया। इससे सैकड़ों वाहन घंटों तक हाइवे पर फँसे रहे। हालाँकि बाद में जम्मू-कश्मीर पुलिस तथा स्थानीय प्रशासनिक अमले ने मौके पर पहुँचकर विरोध कर रहे लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों को उच्चस्तरीय अधिकारियों तक पहुँचाया जाएगा।

पट्टन में स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध कर रहीं खालिदा बेगम ने कहा है, “नए टैरिफ के अनुसार बिजली बिल का भुगतान करना हमारे लिए बेहद मुश्किल है। यहाँ की नब्बे फीसदी आबादी मजदूर है।”

वहीं एक अन्य प्रदर्शनकारी फातिमा बानो का कहना है, “ज्यादातर परिवार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हैं। हम बिजली की बढ़ी हुई कीमतें बर्दाश्त नहीं कर सकते। यहाँ के ज्यादातर लोग मजदूरी करते हैं। बेहद कम कमाई होती है। हम स्मार्ट मीटर के अनुसार बिजली बिल नहीं दे सकते। स्मार्ट मीटर से हमारे परिवारों पर बोझ बढ़ेगा। इससे हमारे बच्चों की शिक्षा और आजीविका प्रभावित होगी।”

इसी प्रकार अनंतनाग जिले के बिजबेहरा में भी स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध हुआ। यहाँ भी स्थानीय लोगों ने विरोध करते हुए रास्ता बंद कर दया था। हालाँकि बाद में पुलिस विभाग ने मौके पर पहुँचकर मामला शांत कराया। बिजबेहरा में प्रदर्शन करने वाली एक महिला ने कहा है, “आम कश्मीरियों को परेशान करने के लिए एक के बाद एक आदेश क्यों जारी किए जाते हैं? हम गरीब मजदूर वर्ग से ताल्लुक रखते हैं और मुश्किल से एक दिन में 500 रुपये कमाते हैं। बिजली बिल अधिक आएगा तो कैसे भरेंगे।”

वहीं, श्रीनगर के रैनावाड़ी इलाके में महिलाओं ने हाथ में स्मार्ट मीटर लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध कर रहे लोगों ने स्थानीय जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल चिकित्सालय के पास की रोड को जाम कर दिया था। इस दौरान विरोध कर रही महिलाएँ स्थानीय ‘वानवुन’ गीत गाते हुई देखी गईं।

जेल में 2 कत्ल, उसके बाद जम कर मनाया जश्न: गैंगस्टरों के लिए आरामगाह बने पंजाब के जेल, गैंगवार के नए वीडियो आए सामने

पंजाब की गोइंदवाल जेल में हुई खूनी गैंगवार के दो वीडियो सामने आए हैं। ये गैंगरवार लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के इशारे पर अंजाम दिया गया है। इस वीडियो को लॉरेंस गैंग के सचिन भिवानी ने बनाए बनाया हैं। इसमें वीडियो में गैंगस्टर अंकित सेरसा के अलावा उसके दूसरे साथी भी दिख रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पंजाब पुलिस में हड़कंप मच गया है।

पंजाब की जेल के सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि ये सारे गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के साथी मनदीप तूफान और मनमोहन सिंह मोहना के कत्ल का जश्न मना रहे हैं। पुलिस इस मामलों की जाँच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जेल में इन लोगों के पास मोबाइल कैसे आए।

गैंगवार में मारे गए दोनों गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के खासमखास रहे जग्गु भगवनपुरिया के शूटर्स थे। बाद में जग्गु ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से बगावत कर दी। इसके बाद गोल्डी बराड़ और लॉरेंस के इशारे पर दोनों की हत्या कर दी गई। वीडियो बनाने वाला सचिन भिवानी वही व्यक्ति है, जिसने सिंधू मूसावाला की हत्या की थी।

पहले वीडियो में सचिन भिवानी जेल के अंदर मारकर फेंके गए तूफान और मोहना के शव दिखा रहा है। वीडियो में जेल के सुरक्षाकर्मी भी नजर आ रहे हैं। वीडियो में दिख रहा है कि सचिन भिवानी व उसका साथी गैंगस्टर खुलेआम शवों को मोबाइल से रिकॉर्ड कर रहे हैं।

जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गैंगस्टर सचिन भिवानी इस वीडियो में कहता है, “ये जग्गू के बन्दे थे, बदमाशी इन्हें दिखा दी हमने।” इस दौरान मूसेवाला हत्याकांड का एक और शूटर्स आरोपित कुलदीप कहता है, “ये जो जग्गू को भगवान मानते थे न, इन्हें देखो क्या किया इसके साथ।” बता दें कि अंकित सेरसा इनका शार्प शूटर है। कहा जाता है कि इसी ने मुसेलवाला को भी मारा था।

इसी तरह दूसरे वीडियो में सचिन भिवानी के साथ लॉरेंस गुट के अन्य गैंगस्टर हैं। इस वीडियो में वे तूफान और मोहना को मारने का जश्न मना रहे हैं। वे धमकी भी दे रहे हैं कि ‘हमने मूसेवाला को मारा है तो अब किसी को नहीं छोड़ेंगे’। इसमें साथ में मुसेवाला हत्याकांड के आरोपी अंकित सिरसा, कुलदीप, दीपक मुंडी।

बता दें कि 6 दिन पहले गोइंदवाल जेल में लॉरेंस और जग्गू के गुर्गों में गैंगवार हुई थी, जिसमें तूफान और मोहना की मौत हो गई थी। वहीं, केशव गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस केस में पुलिस ने मनप्रीत भाऊ, सचिन भिवानी, राजिंदर जोकर, अंकित सेरसा, कशिश, अरशद खान और मलकीत कीता के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।

जेल अंदर हुए गैंगवार के बाद सचिन भिवानी और मुसेवाला के बाकी शूटर्स को पंजाब की दूसरी जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। वहीं, अमेरिका में बैठा गोल्डी बराड़ इस गैंगवार के बाद पोस्ट शेयर कर इसकी जिम्मेदारी ली थी। बराड़ ने जग्गू भगवनपुरिया से बदला लेने की बात भी कही थी।

गोल्डी ने लिखा था, “…इन्होंने जग्गू के कहने पर दो दिन पहले हमारे भाई मनप्रीत भाऊ ढैपई से मारपीट की थी। आज हमारे भाइयों ने एक तरफ होकर इन्हें मार दिया। इस जग्गू ने हमारे भाई रूपा और मन्नू का ट्रैप लगवाकर एनकाउंटर कराया था।” गोल्डी के पोस्ट के बाद बमबीहा गैंग ने जग्गू के सपोर्ट में पोस्ट शेयर कर गोल्डी-लॉरेंस को धमकी दी थी।

मदरसा बनाने के लिए चल रही थी खुदाई, निकला शिवलिंग! मुस्लिम पक्ष ने बताया निर्माण रोकने की साजिश, बिहार प्रशासन ने नदी में प्रवाहित किया

बिहार के लखीसराय में एक मदरसे के निर्माण की खुदाई दौरान शिवलिंग मिलने की खबर है। इस घटना से दो पक्षों के बीच तनातनी हो गई। हिन्दू पक्ष जहाँ उस जगह को मंदिर की बता रहा है वहीं मुस्लिम पक्ष उसी जमीन पर मदरसा बनाने के लिए अड़ा है। मामले को बढ़ता देख कर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। मुस्लिम पक्ष ने इसे निर्माण रोकने की साजिश बताया है। फिलहाल निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है। घटना शनिवार (4 मार्च 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला लखीसराय के सूर्यगढ़ा नगर परिषद क्षेत्र का है। यहाँ पुरानी बाजार में एक नए मदरसे का निर्माण कार्य हो रहा था। इस दौरान शनिवार दोपहर लगभग 11 बजे हो रही एक पेड़ की कटाई के दौरान शिवलिंग निकल आया। शिवलिंग निकलने की खबर थोड़ी ही देर में आसपास फ़ैल गई। दावा है कि बॉउंड्री पर मिले इस शिवलिंग के साथ नंदी की प्रतिमा भी थी। मौके पर हिन्दू धर्म के लोग जमा होने लगे। उन्होंने जमीन को मंदिर की बताते हुए निर्माण रोकने के लिए कहा। कुछ श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर पूजा अर्चना भी शुरू कर दी।

इसी गाँव के कुछ लोगों का यह भी दावा है कि जहाँ मदरसे की घेराबंदी चल रही है, वो जगह सरकार की है। हालाँकि, मुस्लिम पक्ष निर्माण कार्य जारी रखना चाहता था। मुस्लिम पक्ष ने शिवलिंग मिलना एक साजिश बताया। उनका कहना है कि मदरसे का निर्माण रुकवाने के लिए किसी ने मिट्टी में शिवलिंग और नंदी को दबा दिया होगा। दोनों पक्षों के आमने-सामने होने की जानकारी जब पुलिस को हुई तो वो मौके पर पहुँची। दोनों समुदाय के लोगों को प्रशासन द्वारा समझाया गया लेकिन तत्काल किसी फैसले पर नहीं पहुँचा जा सका।

बताया जा रहा है कि शिवलिंग सीमेंट का बना हुआ था। बाद में इसे हिन्दू पक्ष की सहमति के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा विधि-विधान से नदी में प्रवाहित कर दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थानीय SHO को मामले की जाँच के आदेश दिए। फ़िलहाल निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है। जानकारी के मुताबिक, इस मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज कर ली है। होली के बाद इस मामले में किसी फैसले की उम्मीद जताई जा रही है। मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

‘स्त्री को ज़िंदा जला कर जश्न मनाना गलत, ऐसी प्रथा को बंद करो’: होली से पहले फिर सक्रिय हुआ वामपंथी गैंग, YouTuber ने कहा – ऐसे नहीं बनेगा अच्छा समाज

होली का त्योहार नजदीक आ रहा है, ऐसे में अब इसे लेकर घृणा फैलाने का दौर शुरू हो गया है क्योंकि ये हिन्दुओं द्वारा मनाया जाता है। निर्देश सिंह नामक महिला यूट्यूबर ने एक वीडियो जारी कर होली को लेकर अनाप-शनाप बका है। इस वीडियो में वो कहती दिख रही हैं कि हम खुद को सभ्य समाज में रहने वाला नागरिक समझते हैं, लेकिन आप खुद ही सोचिए कि एक सभ्य समाज में एक स्त्री को जीवित जला कर जश्न मनाना कहाँ तक उचित है?

वीडियो में वो कहती हैं, “अगर हमारी सभ्यताओं में महिलाओं को ज़िंदा जला कर जश्न मनाना रहा है तो मैं इसे गलत मानती हूँ। हमारी सभ्यताओं में स्त्रियों को सती-प्रथा के तहत ज़िंदा चिताओं में जलाया गया तो वो प्रथा भी बदली हमलोगों ने, क्योंकि हम एक प्रोगेसिव सोसाइटी हैं। मुझे लगता है कि होलिका दहन के नाम पर एक स्त्री को जलाना, चाहे काल्पनिक हो, त्योहार या जश्न के रूप में हो – किसी भी रूप में, किसी भी अर्थ में ऐसी प्रथा की सख्त विरोधी हूँ।”

उन्होंने कहा कि स्त्री के प्रतीक को भी जलाना गलत है और वो जीवन भर इसका विरोध करती रहेंगी। साथ ही उन्होंने लोगों से भी अपील की कि अगर वो ‘प्रोग्रेसिव सोसाइटी’ का हिस्सा हैं तो इसका विरोध करें। निर्देश सिंह ने कहा कि जब हमारे बच्चे आज एक स्त्री को जला कर जश्न मनाते हुए देखेंगे तो भविष्य में किसी बहन-बेटी को ज़िंदा जलते देखेंगे तो वो उसका विरोध नहीं कर पाएँगे। यूट्यूबर के अनुसार, होलिका दहन एक निंदनीय है और इससे एक अच्छा समाज नहीं बनेगा।

बता दें कि होलिका एक राक्षसी थी, जो अपने भतीजे प्रह्लाद को जलाना चाहती थी। लेकिन, आग में वो खुद जल गई। प्रह्लाद भगवान विष्णु के अनन्य भक्त के रूप में जाने जाते हैं। लोगों ने यूट्यूबर से पूछा कि क्या एक मासूम को ज़िंदा जलाने की साजिश रचने वाली का समर्थन किया जाना चाहिए? निर्देश सिंह ‘The Hasti’ नाम से यूट्यूब चैनल चलाती हैं। लोग उन्हें सलाह दे रहे हैं कि वो भक्त प्रह्लाद और होलिका दहन की कथा पढ़ें, क्योंकि होलिका ने खुद आग में जाने की साजिश रची थी।

अब वो होगा जो पाकिस्तान ने पहले कभी नहीं देखा… गिरफ्तार करने के लिए इमरान खान के घर पहुँची पुलिस, ढाल बन कर खड़े हुए PTI कार्यकर्ता

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। दरअसल, तोशाखान मामले में उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो चुका है। इसलिए, उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस रविवार (5 मार्च, 2023) को उनके लाहौर स्थित घर पहुँची है। वहीं दूसरी ओर इमरान खान समर्थक उनके घर के बाहर इकट्ठा होकर सरकार विरोधी प्रदर्शन कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तोशाखाना मामले में इमरान खान किसी भी समय गिरफ्तार हो सकते हैं। उन्हें गिरफ्तार करने के लिए इस्लामाबाद पुलिस लाहौर के जमां पार्क स्थित उनके घर के बाहर मौजूद है। इस्लामाबाद पुलिस का कहना है कि इमरान गिरफ्तारी से बचना चाहते हैं। पुलिस अधीक्षक इमरान खान के घर गए थे। लेकि,न वह वहाँ नहीं मिले।

इस पूरे मामले में इस्लामाबाद पुलिस ने कहा है कि वह इमरान खान को गिरफ्तार कर सुरक्षित तरीके से इस्लामाबाद ले जाएँगे। कानून सबके लिए बराबर है। अदालत के आदेश में रुकावट पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

इस्लामाबाद के आईजी अकबर नासिर ने एक इंटरव्यू में कहा है, ”हम इमरान खान से साथ चलने का का अनुरोध कर रहे हैं। बहुत सम्मान के साथ हमने इमरान खान से अनुरोध किया है कि वह हमारे साथ आएँ। ताकि अदालत के आदेश का पालन किया जा सके और इमरान को अदालत में पेश किया जा सके।”

आईजी ने यह भी कहा है, “इस्लामाबाद और लाहौर पुलिस की टीमें इमरान खान के घर के बाहर मौजूद हैं। पुलिस उन्हें गिरफ्तार किए बिना नहीं जाएगी। पुलिस का काम अदालत के आदेशों का पालन करना कानून-व्यवस्था को बनाए रखना है। हम इमरान को गिरफ्तार करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।”

घर के बाहर लगा है समर्थकों का मजमा

इमरान खान के लाहौर स्थित घर के बाहर न केवल पुलिस बल्कि बड़ी संख्या में समर्थक भी जुटे हुए हैं। सरकार विरोधी नारेबाजी कर रहे समर्थकों का कहना है कि वह इमरान को गिरफ्तार नहीं करने देंगे। यही नहीं, इमरान की पार्टी PTI के कई बड़े नेता भी यहाँ मौजूद हैं। इमरान खान की गिरफ्तारी को लेकर पार्टी नेता फवाद चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा है, “इमरान खान के खिलाफ 74 मामले दर्ज किए गए हैं। इन सभी मामलों में किसी भी व्यक्ति का अदालत में पेश होना मानवीय रूप से संभव नहीं है। इमरान की गिरफ्तारी का उद्देश्य पंजाब में होने वाले चुनावों को टालना है।”

फवाद चौधरी ने यह भी कहा है कि इमरान ने हमेशा ही न्यायपालिका का सम्मान किया है। जब भी उन्हें बुलाया गया, वह कोर्ट में पेश हुए हैं। लेकिन पाकिस्तानी सरकार चाहती है कि इमरान खान अदालत जाएँ ताकि आतंकवादी उन्हें फिर से निशाना बना सकें। यही नहीं, फवाद ने इमरान खान के समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहने की भी अपील की। उन्होंने कहा है, “यदि वह (सरकार और पुलिसल) अपनी हद पार करती है तो ऐसा विरोध होगा जो पाकिस्तान ने पहले कभी नहीं देखा।”

दूसरी ओर इमरान खान की पार्टी पीटीआई के उपाध्यक्ष शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि समर्थकों को घबराने की जरूरत नहीं है। पुलिस के नोटिस में गिरफ्तारी का कोई आदेश नहीं है। इमरान खान और उनकी कानूनी टीम एक बैठक करेगी। इसके बाद आगे का फैसला किया जाएगा।

इस बीच सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान पुलिस इमरान खान को गिरफ्तार करने पहुँची थी। हालाँकि वहाँ मौजूद समर्थकों ने पुलिस को इमरान के घर के अंदर जाने से रोक दिया।

क्या है तोशाखाना मामला, जिसमें गिरफ्तार हो सकते हैं इमरान खान

दरअसल, तोशाखाना पाकिस्तान सरकार का एक विभाग है। इस विभाग में अन्य देशों के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति तथा अन्य अधिकारियों द्वारा दिए गए गिफ्ट रखे जाते हैं। नियम के अनुसार, इन गिफ्टों को तोशाखाना में रखा जाना जरूरी है। इमरान खान ने नियम का पालन करते हुए गिफ्टों को तोशाखाना में जमा कराया था। हालाँकि बाद में उन्होंने इन गिफ्टों को सस्ते में खरीदकर महँगे दामों में बेंच दिया था। इससे इमरान खान को करीब 6 करोड़ रूपए का फायदा हुआ था।