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‘अकबर ने कोई अलग मजहब नहीं चलाया’: ‘दीन-ए-इलाही’ पर बोले नसीरुद्दीन शाह – पढ़ाया गया गलत इतिहास

बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने अकबर द्वारा चलाए गए पंथ ‘दीन-ए-इलाही’ पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि अकबर ने कोई नया धर्म नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि अकबर ने तो कभी इस शब्द का प्रयोग तक नहीं किया। इतिहास की किताबों में गलत तथ्य पढ़ाए गए हैं। शाह ने कहा कि अकबर वहदत-ए-इलाही कहा करते थे न कि दीन-ए-इलाही। बता दें कि नसीरुद्दीन शाह इन दिनों अपने आने वाली वेबसीरीज ‘ताज-डिवाइडेड बाय ब्लड’ को लेकर चर्चा में हैं जिसमें वे अकबर का किरदार निभा रहे हैं।

वेबसीरीज में अकबर का किरदार निभा रहे नसीरुद्दीन शाह ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान अकबर और उस समय के इतिहास को लेकर चर्चा की। इस दौरान नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि 1950 और 1960 के दशक में जो इतिहास पढ़ाया गया उसमें आयरिश और अंग्रेज शिक्षकों का प्रभाव था। इस दौर में पढ़ाया गया कि अकबर ने एक नया धर्म शुरू किया था। इसमें कोई सच्चाई नहीं है। किताबों में लिखा है कि अकबर हमेशा दीन-ए-इलाही शब्द का प्रयोग किया करते थे। सच यह है कि अकबर वहदत-ए-इलाही कहा करते थे।

नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि इस बारे में उन्होंने कई इतिहासकारों से बात की। अकबर जिस वहदत-ए-इलाही की बात करते थे उसका अर्थ है “निर्माता का एक होना”। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किसकी पूजा किस रूप में करते हैं। आप निर्माता (Creator) की पूजा कर रहे हैं। दीन-ए-इलाही शब्द को लेकर शाह कहते हैं कि इतिहासकार अबुल फजल जो अकबर को पसंद नहीं करते थे उन्होंने इस बारे में लिखा, जिसको अंग्रेजी में गलत ट्रांसलेट किया गया। जब अंग्रेजी से फारसी में इसका अनुवाद हुआ तो वहदत-ए-इलाही, दीन-ए-इलाही- बन चुका था।

नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि यह कुछ वैसा ही हुआ कि एक दक्षिण भारतीय फिल्म का हिंदी रीमेक हुआ औऱ फिर दक्षिण में इस हिंदी रीमेक का रीमेक बना दिया। बता दें कि ऐसा माना जाता है कि दीन-ए-इलाही के नाम से अकबर ने एक धर्म चलाया था। जिसमें इस्लाम का सबसे ज्यादा प्रभाव था। इसके अलावा पारसी, जैन और ईसाई धर्म के विचारों को भी इसमें शामिल किया गया था। हालाँकि इस धर्म का प्रचार-प्रसार नहीं हो सका न ही लोगों ने इसे अपनाना स्वीकार किया।

‘रामचरितमानस में कूड़ा-कचरा, आगे भी बोलूँगा’: बिहार के शिक्षा मंत्री ने हिन्दू धर्म के खिलाफ फिर उगला ज़हर, जदयू MLA ने कहा – इतनी दिक्कत है तो धर्म बदल लो

रामचरितमानस (Ramcharitmanas) को अपमानित करने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव के एक बार फिर रामचरितमानस पर विवादित बयान दिया है। उन्होंने बजट सत्र के दौरान विधानसभा के बाहर मंगलवार (28 फरवरी, 2023) को कहा, “मैं अपने पुराने बयान पर कायम हूँ। रामचरितमानस में जो भी कूड़ा-कचरा है, उसकी सफाई होनी चाहिए। अभी तो कुछ ही दोहों पर सवाल किया है, दर्जनों दोहे ऐसे हैं, जिसे बदलने की जरूरत है। मैं रामचरितमानस पर चुप रहने वाला नहीं हूँ। इसमें कई ऐसे दोहे हैं, जिस पर आगे भी सवाल उठाता रहूँगा।”

इस पर जदयू विधायक डॉ. संजीव ने उनका विरोध जताते हुए कहा है कि अगर आपको इतनी ही परेशानी है, तो अपना धर्म-परिवर्तन कर लें।

रामचरितमानस को कूड़ा-कचरा कहने पर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “ऐसा मैंने नहीं, बल्कि डॉ. लोहिया ने कहा है। मैं तो केवल उनकी बातों को दोहरा रहा हूँ। विधानसभा में किसी की हिम्मत नहीं कि मेरे बयान पर सवाल खड़ा कर सके। मैं आज भी कह रहा हूँ कि रामचरितमानस में शूद्रों का अपमान किया गया है। लोहिया और आंबेडकर की नजर से मैं इसे पढ़ता हूँ। आज का शूद्र पढ़ा-लिखा है। उसे बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता है।”

चंद्रशेखर के विवादास्पद बयान पर जदयू विधायक डॉ. संजीव ने विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि वह सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए ऐसा कह रहे हैं। इन्हें इलाज कराने की जरूरत है। रामचरितमानस पर कोई सवाल नहीं खड़ा कर सकता है। शिक्षा मंत्री बताएँ उनका धर्म क्या है? इतनी परेशानी है, तो चंद्रशेखर अपना धर्म-परिवर्तन कर लें। इतनी हिम्मत है, तो दूसरे धर्मों के बारे में बयान देकर सड़क पर चलकर दिखाएँ। यह तो हिंदू धर्म की महानता है कि वह अभी तक इस तरह का बयान दे रहे हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले भी चंद्रशेखर ने रामचरितमानस को लेकर विवादित बयान दिया था। पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने चंद्रशेखर का और उनके बयान का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि सभी समाजवादी आपके साथ हैं। चंद्रशेखर ने राममनोहर लोहिया के हवाले से कहा कि रामचरितमानस में हीरा-मोती भी है और कूड़ा-कचरा भी है, इसलिए हम कूड़ा साफ करेंगे और हीरा-मोती को रखेंगे।

उमेश पाल और संदीप निषाद के हत्यारों के खिलाफ गरजेगा बुलडोजर, संपत्तियों की हो रही पहचान: व्हाट्सएप्प से शूटरों के संपर्क में था जेल में बंद अतीक अहमद

विधायक राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल की हत्या के आरोपितों पर योगी सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है। उमेश पाल की हत्या में शामिल अरबाज को यूपी पुलिस पहले ही एनकाउंटर में ढेर कर चुकी है। वहीं अब इस हत्याकांड में शामिल सभी आरोपितों के घर समेत अन्य ठिकानों पर बुलडोजर चलाने की भी बात कही जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) उमेश पाल हत्याकांड में शामिल सभी आरोपितों की संपत्तियों का ब्यौरा खँगालने में जुटा हुआ है। कहा जा रहा है कि पीडीए पुलिस के साथ मिलकर आरोपितों के घर, ठिकानों और प्लॉट की सूची बना रहा है। इसको लेकर पीडीए के अधिकारियों ने जिला प्रशासन के साथ मंगलवार (28 फरवरी 2023) को बैठक भी की है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर हमेशा से सख्त रहे हैं। प्रयागराज में हुए इस हत्याकांड के बाद उन्होंने विधानसभा में ही साफ तौर पर कह दिया था कि वह माफियाओं को मिट्टी में मिला देंगे। इसके बाद से ही इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि तमाम आरोपितों पर कार्रवाई के साथ ही उनके घरों और ठिकानों पर बुलडोजर चलाया जाएगा।

बता दें कि शुक्रवार 24 फरवरी को बहुजन समाज पार्टी के विधायक रहे राजू पाल हत्याकांड के प्रमुख गवाह उमेश पाल की हत्या कर दी गई थी। गोली और बम से किए गए हमले में उमेश पाल के गनर संदीप निषाद की भी मौत हो गई जबकि दूसरे गनर राघवेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। राजू पाल की हत्या का आरोप गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई पर है। जिस समय हत्या को अंजाम दिया गया, उस समय उमेश पाल कोर्ट से गवाही देकर घर लौटे थे।

अतीक के बेटे पर 50 हजार का इनाम

उमेश पाल हत्याकांड में वांटेड अतीक अहमद के बेटे असद अहमद पर UP पुलिस ने इनाम रखा है। इनाम की यह राशि 50 हजार रुपए रखी गई है। असद के साथ इस केस में फरार चल रहे 3 अन्य आरोपितों पर भी इनाम की घोषणा की गई है। पुलिस ने माफिया अतीक के एक अन्य सहयोगी नफीस को भी गिरफ्तार किया है। हमले में प्रयोग हुई क्रेटा गाडी नफीस की ही थी। इसी के साथ उमेश के क़त्ल की साजिश में शामिल एक अन्य आरोपित सदाकत को भी गोरखपुर से गिरफ्तार किया गया है।

वहीं एक अन्य खुलासे के मुताबिक, गुजरात की साबरमती जेल में बंद अतीक अहमद व्हाट्सएप्प से शूटरों के सम्पर्क में था। उमेश पाल पर हमला करने वाले कुल शूटरों की तादाद 13 बताई जा रही है। जब 6 शूटर उमेश और उनके गनर पर हमला कर रहे थे तब 7 अन्य आस-पास खड़े हो कर बैकअप में तैयार थे। STF ने साबिर नाम के एक शूटर की पहचान भी कर ली है। इस हमले की साजिश प्रयागराज यूनिवर्सिटी के मुस्लिम हॉस्टल में रची गई थी। दावा यह भी किया जा रहा है कि अशरफ भी बरेली जेल से व्हट्सएप चलाता था। शूटरों को डायरेक्शन देने में उसका भी नाम सामने आ रहा है।

यह खुलासा साजिश में शामिल सदाकत खान से हुई पूछताछ के बाद हुआ। सदाकत खान इलाहबाद हाईकोर्ट में वकालत करता है और अवैध तौर पर मुस्लिम हॉस्टल के कमरा नंबर 36 में रहता था। सदाकत खान को समाजवादी पार्टी का करीबी बताया जा रहा है। उसकी एक तस्वीर अखिलेश यादव के साथ हाथ मिलाते हुए वायरल हो रही है। बताया जा रहा है कि सदाकत नेपाल भागने की फिराक में था लेकिन उसे STF ने रास्ते में ही दबोच लिया।

दावा किया जा रहा है कि हमले में आगे रहे 6 शूटरों द्वारा उमेश और उनके गनर संदीप की हत्या कर दिए जाने के बाद बैकअप में मौजूद 7 अन्य हमलावर अलग-अलग वाहनों से मौके से फरार हो गए। पुलिस गिरफ्तार आरोपितों से बैकअप में मौजूद अन्य शूटरों की शिनाख्त के प्रयास कर रही है।

‘हिंदू धर्म महान है…मैं ईसाई हूँ फिर भी मुझे ये पसंद’ : SC के जजों ने हिंदू धर्म को सराहा, कहा- इसमें कोई कट्टरता नहीं

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस बीवी नागरत्ना ने हिंदू धर्म को लेकर बड़ी टिप्पणी की। जस्टिस जोसेफ ने कहा है कि वह ईसाई हैं इसके बाद भी उन्हें हिंदू धर्म पसंद है। वहीं, जस्टिस नागरत्ना ने कहा है कि हिंदू धर्म जीवन जीने का एक तरीका है। इसमें कट्टरता के लिए कोई जगह नहीं है। दोनों जजों ने यह टिप्पणी देश के प्राचीन, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के नामों को बदलने के लिए एक आयोग गठन करने की माँग वाली याचिका की सुनवाई करते हुए की।

सोमवार (27 फरवरी 2023) को हुई सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस केएम जोसेफ ने कहा है, “मैं एक ईसाई हूँ लेकिन आज भी हिंदू धर्म को बहुत पसंद करता हूँ। यह एक महान धर्म है और इसे कम नहीं आँका जाना चाहिए। हिंदू धर्म ऊँचाई पर पहुँच गया है। उपनिषदों, वेदों एवं भगवद्गीता में जो उल्लेख किया गया है, कोई भी व्यवस्था उस तक नहीं पहुँच सकती।”

जस्टिस जोसेफ ने आगे कहा है, “तत्वमीमांसा में हिंदू धर्म महान ऊँचाइयाँ पर पहुँच गया है। हमें इस महान धर्म पर गर्व होना चाहिए और इसे छोटा नहीं करना चाहिए। हमें अपनी महानता पर गर्व होना चाहिए और हमारी महानता हमें उदार बनाती है। मैं हिंदू धर्म का अध्ययन करने की कोशिश कर रहा हूँ। आपको हिंदू धर्म के दर्शन पर डॉ एस राधाकृष्णन की पुस्तक भी पढ़नी चाहिए। केरल में कई राजाओं ने चर्चों और अन्य धार्मिक स्थलों के लिए जमीन दान कर दी थी।”

वहीं, जस्टिस नागरत्ना ने कहा है, “हिंदू धर्म वास्तव में एक धर्म नहीं बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है। यही कारण है कि भारत ने सभी को आत्मसात किया है। चाहे वह दोस्त हो या फिर आक्रमणकारी। इस धर्म में कोई कट्टरता नहीं है। इसलिए हम सभी एक साथ रह रहे हैं। अंग्रेजों की फूट डालो और शासन करो की नीति ने हमारे समाज में विद्वेष ला दिया था। वह वापस नहीं आना चाहिए।”

जस्टिस नागरत्ना ने यह भी कहा है, “यह ऐतिहासिक तथ्य है कि हम पर हमले किए गए। हम विदेशी शासन के अधीन रहे। भारतीय इतिहास के उस समय को भुलाया नहीं जा सकता।” उन्होंने याचिकाकर्ता से सवाल करते हुए कहा, “क्या देश में अन्य समस्याएँ नहीं हैं। जो कुछ हो चुका है उसे भुलाकर पीछे हटने के बजाय हमें आगे बढ़ना होगा। क्या आप उस आक्रमण वाले समय में जाना चाहते हैं? इससे क्या होगा। हमारे देश को और भी कई समस्याओं का समाधान करना है। आप चाहते हैं कि गृह मंत्रालय एक ‘नामकरण आयोग’ का गठन करे और देश में स्थानों और सड़कों के नाम बदलने का काम करे? आप जानते हैं कि इससे मंत्रालय पर क्या दबाव पड़ेगा।”

‘देश का निजाम खराब’: माफिया को मिट्टी में मिलाने के बयान से CM योगी पर भड़के सपा सांसद शफीकुर्रहमान, कहा – मुस्लिम युवकों को किया जा रहा टारगेट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उमेश पाल की हत्या में आरोपित माफिया अतीक अहमद को मिट्टी में मिला देने के बयान पर सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने नाराजगी जताई है। सांसद ने देश के हालात खराब बताते हुए मुस्लिमों पर ज्यादा जुल्म होने की बात कही है। योगी के विधानसभा में दिए गए बयान को गुरूर भरा बताते हुए शफीकुर्रहमान बर्क ने इसे असंसदीय बताया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक संभल से सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा कि एक पढ़े लिखे व्यक्ति को मिट्टी में मिला देने जैसे बयान शोभा नहीं देते हैं। LIC में पैसे डूबने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कई अन्य माफिया भी हैं जो और ज्यादा पनप रहे हैं। इस दौरान सपा सांसद ने UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। बकौल बर्क मोदी सरकार में मुस्लिमों पर तमाम जुल्म हो रहे हैं जिसमे मॉब लिंचिंग भी शामिल है।

बर्क का कहना है कि लोग अमन-चैन से रहना चाहते हैं लेकिन भाजपा की सरकार में हालात इतने खराब हैं कि उनका रहना भी दुश्वार हो गया है। मॉब लिंचिंग के नाम पर मुस्लिमों की हत्या का आरोप लगाते हुए शफीकुर्रहमान ने कहा कि ऐसी घटनाओं से देश का नाम खराब हो रहा है। बर्क का आरोप है कि भाजपा सरकार में न सिर्फ मुस्लिम युवकों को टारगेट किया जा रहा है बल्कि बहन और बेटियाँ भी सुरक्षित नहीं हैं। इस दौरान उन्होंने पुलिस पर भी पैसे ले कर काम करने और उल्टे-सीधे इनकाउंटर करने की तोहमत लगाई।

उमेश पाल की हत्या पर शफीकुर्रहमान ने कहा, “ठीक है। झगड़े कहीं न कहीं होते रहते हैं।” बर्क ने आगे कहा कि देश में रहने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है भले ही वो किसी भी धर्म या जाति का क्यों न हो। उन्होंने कहा कि इंसानों की जिंदगी महफूज रहना सबसे जरूरी है। मुल्क के निजाम को ठीक न बताते हुए उन्होंने कहा कि लोगों का जीवन खतरे में है।

मंत्री पद से हटे मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन, CM केजरीवाल को इस्तीफा सौंपा

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने मंगलवार (28 फरवरी 2023) को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सिसोदिया को गिरफ्तारी से राहत देने से इनकार होने के बाद ये खबर मीडिया में आई।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार दिल्ली के मंत्री मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन ने राज्य मंत्री की अपनी पोस्ट से इस्तीफा दिया, जिसे मुख्यमंत्री केजरीवाल ने स्वीकार कर लिया है।

बता दें कि इससे पहले शराब नीति मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनको हाईकोर्ट जाने की सलाह दी थी। मनीष सिसोदिया ने अपनी गिरफ्तारी और सीबीआई की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। कॉन्ग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने सिसोदिया की तरफ से सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी और जमानत की माँग की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजीआई की बेंच ने मनीष सिसोदिया को जमानत देने से इनकार करते हुए हाईकोर्ट जाने की सलाह दी।

मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने सिसोदिया के वकील एएम सिंघवी से कहा, “आपने याचिका में अर्णब गोस्वामी और विनोद दुआ के केस का हवाला दिया। दोनों केस बिलकुल अलग हैं। आपको निचली अदालत से बेल लेनी चाहिए। एफआईआर रद्द करवाने के लिए हाईकोर्ट जाना चाहिए।” उन्होंने कहा, “हम इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकते। ये मामला दिल्ली में हुआ इसका अर्थ ये नहीं इसे सीधे सुप्रीम कोर्ट ले आया जाए।”

इसके पहले दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को सीबीआई (CBI) ने सोमवार (27 फरवरी, 2023) दोपहर को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया था। इस दौरान जाँच एजेंसी ने CBI के स्पेशल जज एमके नागपाल से सिसोदिया की 5 दिन की कस्टडी माँगी थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सिसोदिया को 4 मार्च तक की रिमांड पर भेज दिया था। 

गलवान में बलिदान हुआ जिसका बहादुर बेटा…बिहार पुलिस ने उसी पिता को घर से घसीटा: सरकारी जमीन पर स्मारक बनवाने का आरोप

बिहार के वैशाली में बलिदानी सैनिक जयकिशोर सिंह के पिता राजकपूर सिंह के साथ पुलिस की बदसलूकी का मामला सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने राजकपूर सिंह को शनिवार (28 फरवरी, 2023) की रात को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें अपमानित करते हुए घसीटकर गाड़ी में बैठाया। लोगों का आरोप है कि बिहार सरकार की जमीन पर प्रस्तावित बलिदानी सैनिक का स्मारक बनाया जा रहा है। इस काम को रोकने के लिए हरिनाथ राम ने एससी-एसटी एक्ट के तहत झूठा मुकदमा दायर किया है। स्थानीय लोगों ने आंदोलन की चेतावनी देते हुए दोषी पुलिस अधिकारी का इस्तीफा माँगा है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से लोहा लेते हुए शहीद हुए जवान जयकिशोर सिंह के पिता वैशाली जिले के जंदाहा थाना क्षेत्र के चकफतेहा गाँव स्थित अपने घर के पास बिहार सरकार की जमनी पर बलिदानी बेटे के लिए स्मारक बनवा रहे हैं। स्मारक के बगल में ही हरिनाथ राम नाम के शख्स की जमीन है। हरिनाथ राम का आरोप है कि उसकी जमीन के बगल में स्थित सरकारी जमीन पर बिना सरकार के इजाजत के स्मारक बनवाया जा रहा है। सरकारी जमीन की दूसरी तरफ राजकपूर सिंह का घर है।

बता दें कि स्मारक का निर्माण 24 फरवरी, 2022 को किया गया था। प्रतीमा उनके घर के सामने सरकारी जमीन के एक टुकड़े पर बनवाई गई थी इस अवसर पर कई सरकारी अधिकारी भी समारोह का हिस्सा बने थे। दिसंबर 2022 में प्रतिमा के चारों तरफ दीवार का निर्माण कराया गया। जिसे लेकर हरिनाथ राम ने आपत्ति जताई है। हरिनाथ राम ने बलिदानी परिवार पर सरकार की जमीन हड़पने का इल्ज़ाम लगाया। साथ ही मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए एससी/एसटी एक्ट के तहत भी केस दर्ज करा दिया गया।

बलिदानी सैनिक के भाई नंदकिशोर सिंह ने जानकारी दी कि विवाद के बाद मौके पर पहुँची डीएसपी मैम ने प्रतिमा को 15 दिन के भीतर हटा लेने की बात कही थी। इसके बाद थाना प्रभारी विश्वनाथ राम अरेस्ट ऑर्डर के साथ मौके पर पहुँचे। लोगों ने आरोप लगाया है कि थाना प्रभारी विश्वनाथ राम ने बलिदानी के पिता का न सिर्फ अपमान किया बल्कि उन्हें मारते-पीटते घसीटकर जीप में बैठाया।

बलिदानी के पिता के अपमान की खबर इलाके में फैलते ही बजरंग दल और दूसरे संगठनों से जुड़े लोग व परिवार के परिजन मौके पर जमा हुए और थाना प्रभारी पर हरिनाथ राम के पक्ष में कार्रवाई करने का आरोप लगाया। लोगों का आरोप है कि थाना प्रभारी विश्वनाथ राम और हरिनाथ राम की बिरादरी के होने के कारण उनके पक्ष में कार्रवाई कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि पुलिस की कार्रवाई का वीडियो भी बनाया गया है। लोग थाना प्रभारी के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं।

दूसरी तरफ मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन ने बलिदानी की पिता के साथ किसी तरह के दुर्व्यवहार की बात से इनकार किया है। स्थानीय एसडीपीओ पूनम केशरी ने बताया कि राजकपूर सिंह पर ग्रामीणों ने शहीद की प्रतिमा स्थल की जमीन को अवैध तरीके से कब्जा करने का आरोप लगाया है। साथ ही अनुसूचित जाति के व्यक्ति को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है। इस संबंध में मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है।

सीधे नहीं सुन सकते आपकी याचिका, पहले HC जाइए: मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, कहा- केस में हम हस्तक्षेप नहीं करेंगे

शराब नीति मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट ने पहले हाईकोर्ट जाने की सलाह दी है। मनीष सिसोदिया ने अपनी गिरफ्तारी और सीबीआई की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। कॉन्ग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने सिसोदिया की तरफ से सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी और जमानत की माँग की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजीआई की बेंच ने मनीष सिसोदिया को जमानत देने से इनकार करते हुए हाईकोर्ट जाने की सलाह दी।

मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने सिसोदिया के वकील एएम सिंघवी से कहा, “आपने याचिका में अर्णब गोस्वामी और विनोद दुआ के केस का हवाला दिया। दोनों केस बिलकुल अलग हैं। आपको निचली अदालत से बेल लेनी चाहिए। एफआईआर रद्द करवाने के लिए हाईकोर्ट जाना चाहिए।” उन्होंने कहा, “हम इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकते। ये मामला दिल्ली में हुआ इसका अर्थ ये नहीं इसे सीधे सुप्रीम कोर्ट ले आया जाए।”

बता दें कि मनीष सिसोदिया ने सुप्रीम कोर्ट में गिरफ्तारी को चुनौती दी थी जिसपर सीजीआई की बेंच ने सुनवाई की और मनीष सिसोदिया के वकील अभिषेक मनु सिंघवी को फटकार लगाई।

कॉन्ग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दिल्ली के डिप्टी सीएम की गिरफ्तारी और सीबीआई की कार्रवाई को चैलेंज किया था। सिंघवी ने सर्वोच्च न्यायालय से इस पर शीघ्र सुनवाई की अपील की थी। सीजेआई ने याचिका स्वीकार करते हुए मंगलवार की शाम सुनवाई की। सुनवाई के दौरान CJI जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने मनीष सिसोदिया के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से कहा कि आपको पहले हाईकोर्ट जाना चाहिए था। आप सीधे सुप्रीम कोर्ट से जमानत क्यों माँग रहे हैं।

कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि सीधे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की परंपरा अच्छी नहीं है। कोर्ट के फैसले पर आम आदमी पार्टी ने कहा है कि हम इसका सम्मान करते हैं और जमानत लेने के लिए हाईकोर्ट में याचिका डाली जाएगी।

इसके पहले दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को सीबीआई (CBI) ने सोमवार (27 फरवरी, 2023) दोपहर को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया था। इस दौरान जाँच एजेंसी ने CBI के स्पेशल जज एमके नागपाल से सिसोदिया की 5 दिन की कस्टडी माँगी थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सिसोदिया को 4 मार्च तक की रिमांड पर भेज दिया था। सीबीआई ने मनीष सिसोदिया को IPC की धारा 120-B (आपराधिक साजिश रचने के आरोप में) तथा 477-A (धोखाधड़ी करने की कोशिश करने के आरोप में) व भ्रष्टाचार अधिनियम निवारण की धारा-7 के तहत गिरफ्तार किया है।

MLA-शिक्षक-ठेकेदार-गवाह की हत्या, बेल पाकर बार-बार आ जाता है बाहर: कौन है अतीक अहमद का खासमखास गुड्डू मुस्लिम, यूपी पुलिस की वॉन्टेड लिस्ट में टॉप पर

प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र में हुई उमेश पाल की हत्या में अतीक अहमद के बाद जो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है वो है गुड्डू मुस्लिम। यह नाम सोशल मीडिया पर भी ट्रेंड कर रहा है। पुलिस की वॉन्टेड लिस्ट में फिलहाल गुड्डू मुस्लिम टॉप मोस्ट बताया जा रहा है। उसका आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। अभी तक उसके कई काले कारनामे आ चुके हैं जिसमें बम बनाना, धमकाना और हत्या आदि शामिल है। माना जा रहा है कि अभी गुड्डू का और आपराधिक इतिहास सामने आना बाकी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुड्डू मुस्लिम अतीक अहमद का काफी पुराना खासमखास है। आज के 15 साल पहले जब गुड्डू किसी मामले में जेल गया था तब अतीक अहमद ने ही उसकी जमानत करवाई थी। गुड्डू का उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि बिहार के उदयभान जैसे माफियाओं से अच्छा कनेक्शन बताया जा रहा है। गुड्डू को बम बनाने का एक्सपर्ट बताया जा रहा है। उमेश पाल पर हमले के दौरान बमबाजी की गई थी जो CCTV फुटेज में रिकॉर्ड भी हुई थी। इसके अलावा वह अतीक अहमद के लिए लखनऊ में टेंडर भी मैनेज करवाया करता था। गुड्डू ने कुछ पैसा जमीन के कारोबार में भी लगाया है।

गुड्डू के मुंबई भाग जाने की जानकारी सामने आ रही है। दावा किया जा रहा है कि सन 1990 के दशक में सबसे दुर्दांत माफिया रहे श्रीप्रकाश शुक्ला के साथ भी गुड्डू मुस्लिम रह चुका है। तब वह श्रीप्रकाश शुक्ला का शागिर्द था। स्पेशल टास्क फ़ोर्स (STF) द्वारा श्रीप्रकाश के इनकाउंटर के बाद गुड्डू ने अतीक अहमद का साथ पकड़ लिया। अतीक और उसका याराना लगभग 2 दशक पुराना बताया जा रहा है। गुड्डू के बारे में यहाँ तक कहा जा रहा है कि वह बाइक पर चलते हुए भी बम बाँध कर उसे टारगेट पर फेंक सकता है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, गुड्डू मुस्लिम राजू पाल की हत्या में भी शामिल रहा था। उसके खिलाफ CBCID ने चार्जशीट भी दाखिल की और वह बिहार में गिरफ्तार भी हुआ था। कुछ समय जेल में रहने के बाद गुड्डू की जमानत हो गई थी। तबसे वह खुद अपराध करने के बजाए शूटरों को निर्देश दिया करता था। एक लम्बे समय के बाद किसी अपराध में गुड्डू मुस्लिम की सीधी संलिप्तता सामने आई है।

गुड्डू मुस्लिम का नाम 25 साल पहले लखनऊ में लामार्टीनियर स्कूल के गेम्स टीचर फैड्रिक जे गोम्स की हत्या में सामने आया था। हालाँकि, पुलिस कोर्ट में यह सिद्ध नहीं कर पाई और गुड्डू मुस्लिम गोम्स की हत्या के आरोप में बरी हो गया था। गोम्स हत्याकांड में हुई गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में गुड्डू ने लखनऊ के अंदर हुई अयोध्या के ठेकेदार संतोष सिंह की हत्या की बात भी कबूली थी। राजू पाल की हत्या में उसका नाम सामने आने के बाद गुड्डू को बिहार के बेऊर जेल के आगे से गिरफ्तार किया गया था। कुछ समय बाद इस मामले में भी उसे जमानत मिल गई थी।

बड़े आतंकी हमले की फिराक में था सरफराज, पाकिस्तान-हॉन्गकॉन्ग से ट्रेनिंग लेकर आया था: 5वीं पास लेकिन फर्राटे से बोलता है अंग्रेजी, 4 बार किया निकाह

भारत में बड़े आतंकी हमले की साजिश रचने वाले संदिग्‍ध आतंकवादी सरफराज मेमन (Sarfaraz Memon) को इंदौर से हिरासत में लिया गया है। मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर वीडियो शेयर कर इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) के इनपुट के आधार पर इंदौर पुलिस ने सरफराज मेमन को हिरासत में लिया है। पूरे मामले की गंभीरता से जाँच की जा रही है।

नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि शांति के टापू मध्य प्रदेश में कानून का राज है और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा जाएगा। पुलिस संदिग्ध आतंकी सरफराज से सख्ती से पूछताछ कर रही है, जाँच में जो तथ्य सामने आएँगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंदौर में ग्रीन पार्क कालोनी के फातिमा अपार्टमेंट में रहने वाले सरफराज (अब्बा का नाम एहमद मेमन) के बारे में मुंबई से जानकारी मिली थी। मुंबई एटीएस ने इंटेलिजेंस को ईमेल कर बताया कि सरफराज हांगकांग-चीन और पाकिस्तान से ट्रेनिंग लेकर भारत आया है। वह देश में एक बड़े हमले की फिराक में है। इसके बाद इंटेलिजेंस ने जानकारी जुटाई और सरफराज को पकड़ लिया। सोमवार (27 फरवरी, 2023) देर रात उससे चंदन नगर थाने में पूछताछ की, लेकिन आतंकी गतिविधियों संबंधित कोई जानकारी नहीं मिली।

मंगलवार (28 फरवरी, 2023) को मुंबई एटीएस और एनआईए भी पूछताछ के लिए इंदौर पहुँची। NIA के मुताबिक, सरफराज भारत के लिए मुसीबत बन सकता है। हालाँकि, अलर्ट के बाद इंदौर में बम निरोधक दस्ता भी सक्रिय हो गया है और स्निफर डॉग को लेकर जगह-जगह जाँच कर रहा है।

अब तक की पूछताछ में सामने आया है कि सरफराज 12 साल हॉन्गकॉन्ग में रहा है। इस बीच वह भारत भी आता रहा। सरफराज पाँचवीं पास है। मुंबई में उसका जन्म हुआ था। 1995 में उसका परिवार इंदौर आया था, जहाँ सरफराज के अब्बा एक बेकरी में काम करते थे। इस दौरान वह हॉन्गकॉन्ग चला गया। वहाँ उसने चार बार निकाह किया। वह हिंदी, अंग्रेजी और चीनी भाषा फर्राटे से बोलता है।