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कमाई डेढ़ करोड़ रुपए और खर्च 4 करोड़: इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व जज पर CBI ने दर्ज की दूसरी FIR, बीवी और साले भी नामजद

जिस वक्त मामला सामने आया था, उस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आंतरिक जाँच भी करवाई थी, जिसमें आरोप सही पाए गए थे। सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने साल साल 2018 में एसएन शुक्ला पर महाभियोग की भी सिफारिश की थी। हालाँकि, बाद में उन पर महाभियोग नहीं लगाया गया।

इलाहबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) के पूर्व न्यायाधीश एसएन शुक्ला पर आय से अधिक सम्पत्ति का केस दर्ज हुआ है। केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) द्वारा यह दूसरा केस दर्ज किया गया है। भ्रष्टाचार के इस केस में पूर्व जस्टिस की दूसरी पत्नी सुचिता शुक्ला और उनके साले को भी आरोपित बनाया गया है। पूर्व न्यायधीश शुक्ला ने 5 वर्षों में लगभग ढाई करोड़ रुपए आय से अतिरिक्त खर्च किए हैं।

एसएन शुक्ला जुलाई 2020 में इलाहबाद हाईकोर्ट से रिटायर हुए थे। उन पर 5 वर्षों में कुल 1.5 करोड़ रुपए की कुल कमाई के बदले 4 करोड़ रुपए खर्च का आरोप है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दर्ज FIR में पूर्व जस्टिस एसएन शुक्ला के साले और कुछ अन्य लोगों के भी नाम हैं।

CBI ने जानकारी देते हुए बताया है कि शुक्ला के लखनऊ आवास पर तलाशी ली गई थी। वहीं एक टीम अमेठी में उनके साले सईदीन तिवारी के घर पर पहुँची थी। अब तक की जाँच में यह बात निकल कर आई है कि पूर्व जस्टिस शुक्ला ने भ्रष्टाचार का पैसा बड़े पैमाने पर जमीनें खरीदने में लगाया है। उन्होंने यह जमीनें अधिकतर अपने साले के नाम पर ली हैं।

जानकारी के मुताबिक, पूर्व न्यायाधीश द्वारा साल 2012 में 3.6 लाख रुपए में खरीदी गई एक जमीन को 2 साल बाद 2014 में 30 लाख रुपए में बेच दी थी। इसके अलावा इनके द्वारा साल 2013 में महज 3 लाख रुपए में खरीदी गई एक अन्य जमीन 4 साल बाद 2017 में 70 लाख रुपए में बेची गई थी।

इन दोनों जमीनों को साइन सिटी इंफ़्रा नाम की एक प्रॉपर्टी से जुड़ी कम्पनी ने खरीदा था। पूर्व न्यायाधीश एसएन शुक्ला का साला सईदीन तिवारी एक सरकारी ऑफिस में नौकरी करता है। उसने अपने इनकम टैक्स रिटर्न में इन लैंड डील का कहीं भी जिक्र नहीं किया है।

बताते चलें कि पूर्व जस्टिस शुक्ला पर इससे पहले भी 4 दिसंबर 2019 को एक केस दर्ज हुआ था। तब उन पर पैसे लेकर लखनऊ के एक मेडिकल कॉलेज के हक में फैसला सुनाने का आरोप लगा था। इस केस में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस आईएम कुद्दुसी और 4 अन्य लोग भी आरोपित किए गए थे।

उस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आंतरिक जाँच भी करवाई थी, जिसमें आरोप सही पाए गए थे। सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने साल साल 2018 में एसएन शुक्ला पर महाभियोग की भी सिफारिश की थी। हालाँकि, बाद में उन पर महाभियोग नहीं लगाया गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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