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जब इंदिरा गाँधी ने PM बनते S जयशंकर के पिता को हटा दिया, राजीव ने जूनियर को दी वरीयता: बोले विदेश मंत्री – मैंने खुद लिया BJP में शामिल होने का फैसला

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर (Dr. S.Jaishankar) ने न्यूज एजेंसी एएनआई (ANI) के साथ पोडकास्ट इंटरव्यू में कई मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बताया कि किस तरह पहले पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी और फिर राजीव गाँधी के कार्यकाल के दौरान उनके पिता डॉ.के. सुब्रमण्‍यम के साथ नाइंसाफी हुई थी। साक्षातकार के दौरान विदेश मंत्री ने बताया कि विदेश मंत्री का पद दिए जाने के साथ उनपर भाजपा ज्वाइन करने का कोई दबाव नहीं था।

एएनआई को दिए अपने इंटरव्यू के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने विदेश सचिव (Foreign Secretary) से लेकर विदेश मंत्री (Foreign Minister) बनने तक के सफर पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि वे ब्यूरोक्रेट्स के परिवार से आते हैं और हमेशा एक बेहतरीन ऑफिसर बनना चाहते थे। अपने पिता को याद करते हुए जयशंकर ने बताया कि उनके पिता सचिव पद (1979) तक पहुँच गए थे।

एस जयशंकर ने अनुसार, जब 1980 में इंदिरा गाँधी की सरकार बनी तो उनके पिता के जयशंकर को उनके पद से हटा दिया गया। के जयशंकर उस वक्त डिफेंस प्रोडक्शन डिपार्टमेंट में सचिव थे। जयशंकर ने बताया कि उनके पिता संभवतः पहले सचिव थे जिन्हें इंदिरा गाँधी ने सरकार बनने के बाद सबसे पहले हटाया था। एस जयशंकर ने बताया कि राजीव गाँधी के प्रधानमंत्री रहते हुए भी के. जयशंकर को नज़रअंदाज किया गया और उनके जूनियर को कैबिनेट सचिव बनाया गया।

एस. जयशंकर कहते हैं कि उनके पिता एक ईमानदार व्यक्ति थे। हो सकता है इसकी वजह से समस्या हुई हो। उसके बाद वो कभी सचिव नहीं बने। जयशंकर ने बताया कि परिवार में इस बात को लेकर कभी चर्चा तो नहीं हुई लेकिन जब उनके बड़े भाई सचिव बने तो पिता काफी खुश हुए थे। बाद में एस. जयशंकर भी विदेश सचिव बने, हालाँकि तब तक उनके पिता का निधन हो चुका था। पिता ने भले ही उन्हें सचिव के पद पर नहीं देखा, लेकिन पिता के रहते जयशंकर ग्रेड वन तक पहुँच चुके थे जो सेक्रेटरी के बराबर का ही रैंक होता है।

एएनआई को दिए तकरीबन पौने 2 घंटे के साक्षातकार में यह हिस्सा 12 वें मिनट से सुना जा सकता है। इस दौरान एस. जयशंकर ने अपने विदेश सचिव से विदेश मंत्री बनने तक के घटनाक्रम पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें 2019 में कैबिनेट का हिस्सा बनने के लिए कॉल किया था। जयशंकर ने कहा कि यह पूरी तरह से चौंकाने वाला था। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्हें भाजपा ज्वाइन करने को लेकर जोर नहीं दिया गया।

एस जयशंकर ने कहा कि बीजेपी में शामिल होने का फैसला उनका अपना था। उन्होंने कहा कि यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन अपने उत्तरदायित्व के ईमानदारी के साथ निर्वहन और नेतृत्व का सहयोग प्राप्त करने के लिए उन्होंने भाजपा को चुना।

ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती यूनिवर्सिटी में छात्रों को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाने की अनुमति नहीं: वार्डन आजम ने हटवा दी फोटो, वीडियो आया सामने

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती विश्विद्यालय में छत्रपति शिवाजी की जयंती मनाने से रोका गया है। छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल वार्डन आजम अंसारी ने जबरन फोटो हटवाई। वहीं, विश्विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि शिवाजी जयंती मनाने के लिए अनुमति नहीं ली गई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती विश्विद्यालय के छात्रों का कहना है कि उन्हें देश के महापुरुषों की जयंती नहीं मनाने दी जा रही। उन्होंने कहा कि शिवाजी ने मुगलों के खिलाफ लड़ाइयाँ लड़ीं, उन्होंने अपना पूरा जीवन देश के लिए लड़ते हुए बिता दिया। शिवाजी देश के प्रत्येक युवा के लिए आदर्श हैं।

छात्रों ने आगे कहा है कि उन्होंने सिर्फ शिवाजी की फोटो पर माला पहनाने का कार्यक्रम आयोजित किया था। लेकिन इसके बाद भी उन्हें रोका गया। इस मामले को बेवजह ही तूल दिया गया। छात्रों का आरोप है कि शिवाजी की जयंती मनाने पर विश्विद्यालय ने नोटिस देने की चेतावनी दी है।

यही नहीं, छात्रों ने हॉस्टल वार्डन आजम अंसारी के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जयंती मनाने से रोकना बेहद शर्मनाक है। वार्डन को शिवाजी द्वारा देश के लिए किए गए कामों और उनके महत्व को समझना चाहिए। छात्रों का आरोप है कि शिवाजी के बारे में कुछ भी जाने बिना ही वार्डन ने हॉस्टल परिसर में लगी शिवाजी की फोटो जबरन हटवा दी।

इस मामले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वीडियो में हॉस्टल वार्डन आजम अंसारी छात्रों को शिवाजी की जयंती मनाने से रोकते हुए नजर आ रहे हैं। अंसारी ने पहले तो छात्रों से कहा कि जयंती मनाना है तो अनुमति लेनी पड़ेगी। लेकिन जब छात्रों ने उनसे पूछा कि अनुमति मिलेगी तो उन्होंने कहा कि इसके लिए (शिवाजी की जयंती मनाने के लिए) अनुमति बिल्कुल नहीं मिलेगी। यही नहीं, वीडियो में वार्डन को यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि जयंती मनानी है तो बाहर जाकर मंदिर में मनाओ।

वहीं, शिवाजी की जयंती मनाने को लेकर शुरू हुए विवाद को बढ़ता देख विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर नीरज शुक्ला ने मौके पर पहुँचकर मोर्चा संभाला। प्रॉक्टर ने छात्रों से बात करते हुए उनकी बात सुनी। इसके बाद हॉस्टल के कमरों के अंदर जयंती मनाने के लिए कहा। इस पर छात्र तैयार हो गए और उन्होंने हॉस्टल के कमरों में छत्रपति शिवाजी की जयंती मनाई।

जहाँ रहते थे पांडवों के पिता, वहाँ के मंदिरों को बना दिया गोदाम: पाकिस्तान में ‘पंज तीरथ’ का बुरा हाल, इस्लामी आक्रांताओं ने भी पहुँचाया था नुकसान

पाकिस्तान में हिंदुओ और हिंदू तीर्थ स्थलों की दुर्गति किसी से छिपी हुई नहीं है। पाकिस्तान के पेशावर स्थित महाभारत कालीन तीर्थ स्थल पंज तीरथ के जमीनों पर कब्जा हो चुका है। तीर्थ स्थल के 2 मंदिरों को गोदाम की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। पंज तीरथ की यह दुर्दशा तब है जब प्रांतीय सरकार द्वारा इसे राष्ट्रीय विरासत स्थल घोषित किया जा चुका है। तीर्थ स्थल की जमीन को लेकर स्थानीय पार्क और प्रांतीय सरकार के बीच विवाद भी चल रहा है। 10 दिन पहले ही पेशावर हाई कोर्ट ने मामले के निपटारे में अधिक समय लगने को लेकर नाराजगी भी जताई थी।

बिटर विंटर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 1947 से पहले तक हिंदुओं के मशहूर और पवित्र तीर्थ स्थलों में शामिल पंज तीरथ अब अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। इस्लामी आक्रांताओं के हमलों ने इस स्थल को बहुत नुकसान पहुँचाया। देश के विभाजन तक यहाँ 2 ही जीर्ण-शीर्ण मंदिर बच पाए थे। बाद में इस क्षेत्र को चाका यूनुस फैमिली पार्क चलाने वाली कंपनी को पट्टे पर बेच दिया गया। वर्ष 2019 में खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने पंज तीरथ को राष्ट्रीय विरासत स्थल घोषित कर दिया।

विरासत स्थल घोषित किए जाने के बाद भी पंज तीरथ की जमीन पर सरकार का कब्जा नहीं हो सका है। बिटर विंटर की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यहाँ स्थित मनोरंजन पार्क मंदिरों को गोदामों की तरह इस्तेमाल कर रहा है। पार्क का मालिकना हक रख रही कंपनी विरासत स्थल की एक कनाल (0.125 एकड़) और 11 मरला जमीन वापस देने को तैयार है। जबकि पुरातत्वविदों (Archaeologists) का कहना है कि पंज तीरथ के हिस्से लगभग पाँच कनाल (0.625 एकड़) जमीन आती है।

रिपोर्ट की मानें तो जब पुरातत्विद उस स्थल पर जाने की कोशिश कर रहे थे तो हथियारबंद लोगों ने उन्हें भगा दिया। मामला संज्ञान में आने के बाद पेशावर उच्च न्यायालय ने 10 फरवरी, 2023 को नाराजगी व्यक्त की थी। कोर्ट ने कहा था कि तीन साल से अधिक समय के बाद भी इस मुद्दे को हल नहीं किया गया है। कोर्ट ने स्थानीय अधिकारियों के भ्रष्टाचार में संलिप्त होने की ओर इशारा किया।

पंज तीरथ का इतिहास

पंज तीरथ महाभारत कालीन तीर्थ स्थल है। यहाँ पांडवों के पिता पांडु रहने के लिए आया करते थे। यहाँ स्थित पाँच तालाबों का संबंध पाँडवों (युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव) से है। यहाँ कई मंदिर और बगीचे हुआ करते थे। हिंदू कार्तिक के महीने में इस स्थान पर स्नान के लिए आया करते थे। स्नान के साथ-साथ कुछ लोग 2 दिनों तक यहाँ ठहर कर पूजा पाठ भी किया करते थे। पुरातत्वविदों का मानना है कि यह स्थल पर बौद्ध भी पूजा पाठ किया करते थे।

पंज तीरथ में बुद्ध के भिक्षापात्र के निशान भी मिले हैं। सन 1747 में अफगान दुर्रानी राजवंश के दौर में इस स्थल को नुकसान पहुँचाया गया। सन 1834 में सिख शासन के दौरान हिंदुओं ने इसे फिर से बनवाया और एक बार फिर से इस स्थान पर कार्तिक स्नान व पूजा शुरू हुई।

पुरातत्व निदेशालय ने खैबर पख्तूनख्वा सरकार से पंज तीरथ से अतिक्रमण हटाए जाने और जरूरी संरक्षण कार्य करने की अनुमति माँगी है। पंज तीरथ के चारों ओर बाउंड्री वाल बनाने की भी गुजारिश की गई है।

दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड में ‘द कश्मीर फाइल्स’ को मिला ‘सर्वश्रेष्ठ फिल्म’ का पुरस्कार, अनुपम खेर को भी सम्मान: निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने कहा – देश की जनता को समर्पित

इस्लामवादियों द्वारा कश्मीरी हिंदुओं पर किए गए अत्याचार पर बनी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार (Dadasaheb Phalke Award 2023) मिला है। वहीं आरआरआर को साल की सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला। द कश्मीर फाइल्स के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने इस पुरस्कार को आतंकवाद पीड़ितों और देश की जनता को समर्पित किया।

द कश्मीर फाइल्स को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिलने पर फिल्म के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने ट्वीट कर कहा है, “द कश्मीर फाइल्स ने दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2023 में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार जीता। यह पुरस्कार आतंकवाद से पीड़ित लोगों और भारत के सभी को आपके आशीर्वाद के लिए समर्पित है।” अभिनेता अनुपम खेर को भी 2023 के सबसे वर्सटाइल एक्टर का सम्मान मिला।

बता दें कि कश्मीरी हिंदुओं का दर्द दिखाने वाली फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ साल 2022 की सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्मों में रही। एक ओर जहाँ कोरोना वायरस महामारी और बॉयकॉट बॉलीवुड के कारण बॉलीवुड फिल्में लगातार फ्लॉफ हो रहीं थीं। वहीं, महज 14 करोड़ रुपए में बनी द कश्मीर फाइल्स ने अकेले भारत में ही 252 करोड़ रुपए की कमाई की थी। वहीं वर्ल्डवाइड कमाई की बात करें तो फिल्म ने 340 करोड़ रुपए कमाए थे।

साल 2023 के दादासाहेब फाल्के पुरस्कार समारोह में आलिया भट्ट को उनकी फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री तो वहीं ब्रह्मास्त्र के लिए रणबीर कपूर को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। कांतारा के जरिए दर्शकों के दिल में जगह बनाने वाले ऋषभ शेट्टी को बेस्ट प्रॉमिसिंग एक्टर का पुरस्कार मिला। द कश्मीर फाइल्स में अपनी बेहतरीन एक्टिंग का लोहा मनवाने वाले अनुपम खेर को मोस्ट वर्सेटाइल एक्टर का पुरस्कार मिला।

इसके अलावा, फिल्म भेड़िया के लिए क्रिटिक्स बेस्ट एक्टर का पुरस्कार वरुण धवन को और जलसा के लिए क्रिटिक्स बेस्ट एक्ट्रेस का विद्या बालन को मिला। सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार आर बाल्की को मिला। उन्हें यह पुरस्कार चुप के लिए दिया गया। विक्रम वेधा के लिए बेस्ट सिनेमैटोग्राफर का पुरस्कार पीएस विनो को मिला। फिल्म उद्योग में उत्कृष्ट योगदान देने लिए रेखा को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार दिया गया।

गोरक्षक की गर्भवती पत्नी को मारी लात, पेट में मर गया बच्चा: राजस्थान पुलिस पर हरियाणा में FIR, श्मशान से बाहर निकाला गया था नवजात शिशु का शव

हरियाणा में राजस्थान पुलिस पर मंगलवार (21 फरवरी 2023) को एफआईआर दर्ज की गई। यह मामला गोरक्षक श्रीकांत कौशिक की माँ दुलारी देवी की शिकायत पर दर्ज हुआ है। राजस्थान पुलिस पर श्रीकांत की गर्भवती पत्नी के पेट पर लात मारने का आरोप है। उसका नवजात शिशु मृत पैदा हुआ था।

वैसे नवजात की मौत की वजह की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हरियाणा पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। डॉक्टरों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के लिए ​हरियाणा पुलिस ने नवजात शिशु का शव 19 फरवरी को मरोड़ा गाँव के श्मशान से बाहर निकलवाया था।

17 फरवरी 2023 की सुबह श्रीकांत कौशिक के घर में घुसने और परिजनों को प्रताड़ित करने का आरोप भरतपुर पुलिस पर है। हालाँकि राजस्थान पुलिस इन आरोपों को नकार चुकी है। श्रीकांत को राजस्थान पुलिस गो तस्कर जुनैद और नासिर की हत्या के मामले में तलाश रही है। जुनैद और नासिर की जली हुई लाश हरियाणा के भिवानी में मिली थी।

श्रीकांत की माँ दुलारी ने पुलिस प्रताड़ना को लेकर 18 फरवरी को हरियाणा के नूँह के नगीना थाने में शिकायत दी थी। उस पर अब एफआईआर दर्ज हुई है। श्रीकांत के मृत शिशु का पोस्टमार्टम 20 फरवरी को पुलिस की मौजूदगी में हुआ था। दुलारी देवी ने अपनी शिकायत में कहा था कि 17 फरवरी को उनके घर में 30 से 40 पुलिसकर्मी जबरन घुस गए और मारपीट की। इस दौरान श्रीकांत के बारे में सवाल करते हुए कहते पुलिस ने कहा, “श्रीकांत कहाँ है, वह बहुत बड़ा गोरक्षक बनता है।” जब घर वालों ने श्रीकांत की जानकारी नहीं होने की बात कही तो उन्हें गालियाँ देते हुए पीटा गया। श्रीकांत की गर्भवती पत्नी कमलेश के पेट पर लात मारी गई।

FIR में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि मौत का असल कारण मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा। वहीं अन्य परीक्षण के लिए विसरा को सुरक्षित रख लिया गया है। इस मामले में 30 से 40 अज्ञात पुलिसकर्मियों के विरुद्ध IPC की धारा 148, 149, 452, 312 और 354 के तहत केस दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है। ऑपइंडिया के पास FIR की कॉपी मौजूद है।

भरतपुर पुलिस द्वारा आरोपों को खारिज किए जाने के बाद ऑपइंडिया ने श्रीकांत के चाचा प्रवीण कुमार से बात की थी। उन्होंने कहा था कि पुलिस की हरकत के कारण उनके परिवार के लोग भयभीत हैं। श्रीकांत के चचेरे भाई विष्णु कौशिक ने भी राजस्थान पुलिस पर खुद को 40 घंटे तक अवैध हिरासत में रखने और टॉर्चर करने का आरोप लगाया था।

विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन ने हरियाणा में हुई एफआईआर को राजस्थान पुलिस के गाल पर तमाचा बताया है। विहिप शुरुआत से ही इस मामले की सीबीआई जाँच की माँग कर रही है।

‘प्राइवेट फोटो’ पर लड़ने वाली महिला IAS और IPS का ट्रांसफर, नेटिजन्स बोले- ये आम लोगों के मसले क्या सुलझाएँगे, इनके खुद के लफड़े इतने

सोशल मीडिया में एक-दूसरे से उलझने वालीं कर्नाटक की महिला आईपीएस (IPS) अधिकारी डी रूपा मौदगिल और आईएएस (IAS) अधिकारी रोहिणी सिंदूरी का तबादला कर दिया गया है। दोनों को नई तैनाती फिलहाल नहीं दी गई है। रूपा मौदगिल के पति आईएएस अधिकारी मुनीश मौदगिल का भी ट्रांसफर किए जाने की खबर है।

रूपा मौदगिल ने रोहिणी सिंदूरी की कुछ तस्वीरें जारी करते हुए आरोप लगाया था कि उन्होंने 3 पुरुष IAS अधिकारियों को ये तस्वीरें भेजी हैं। साथ ही उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। जवाब में रोहिणी ने रूपा को मानसिक बीमार बताया था। दोनों महिला नौकरशाहों के इस रवैए पर राज्य के गृह मंत्री ने अरागा ज्ञानेंद्र ने नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

अब दोनों का तबादला कर दिया गया है। डी रूपा कर्नाटक हस्तशिल्प विकास निगम की प्रबंध निदेशक थीं। वहीं, रोहिणी के पास हिंदू धार्मिक संस्थानों और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग के आयुक्त की जिम्मेदारी थी। सोशल मीडिया में दोनों का झगड़ा इतना चर्चित हो गया था कि नेटिजन्स ये तक कहने लगे थे कि जब इनके खुद के लफड़े इतने हैं तो ये आम लोगों के मसले कैसे सुलझाएँगे।

एक यूजर ने कहा है कि रूपा के पति मुनीश मौदगिल का भी तबादला हो गया है। कोई इस पर वेबसीरीज बना दो…।

ट्विटर पर The Painted Veil नाम के यूजर लिखते हैं, “यह बिना किसी जवाबदेही और जिम्मेदारी के आनंदपूर्वक जीवन जीने वालों की कभी न खत्म होने वाली कहानी के अलावा और कुछ नहीं है। ये इस धरती पर रहने वाले सबसे भ्रष्ट लोग हैं।”

IPS रूपा ने IAS रोहिणी पर लगाए आरोप

आपको बता दें कि रोहिणी का कहना था कि रूपा उन्हें बदनाम करने के झूठे आरोप लगा रही हैं। उन्होंने कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दी थी। रोहिणी का कहना था कि रूपा ने सोशल मीडिया और उनके व्हाट्सएप्प स्टेटस से तस्वीरें लेकर उन्हें बदनाम करने की साजिश रची। अगर उनकी बात में सच्चाई है, तो वह उन पुरुष अधिकारियों के नाम सार्वजानिक करें, जिन्हें वो ये तस्वीरें भेजे जाने की बातें कह रही हैं।

IPS अधिकारी रूपा दिवाकर मौदगिल का कहना था कि साथी अधिकारियों के साथ भी रोहिणी सिंदूरी की पहले भी कई बार झड़प हो चुकी है। मैसूर सिटी कॉर्पोरेशन कमिश्नर शिल्पा नाग के साथ उनकी झड़प हुई थी। शिल्पा ने रोहिणी पर अपमान करने के आरोप लगाए थे, जिसके बाद दोनों का ट्रांसफर कर दिया गया था।

पाकिस्तान में मारा गया आतंकी बशीर अहमद, भारत में था मोस्ट वॉन्टेड: जिस शहर में है Pak फ़ौज का मुख्यालय, वहीं ‘अज्ञात लोगों’ ने गोलियों से भून दिया

पाकिस्तान के रावलपिंडी में भारत के मोस्ट वॉन्टेड आतंकी इम्तियाज आलम उर्फ बशीर अहमद पीर के मारे जाने की खबर है। इम्तियाज़ प्रतिबंधित आतंकी समूह हिजबुल मुजाहिदीन का संस्थापक सदस्य था जो वहाँ नंबर तीन कमांडर की हैसियत रखता था। सोमवार (20 फरवरी, 2023) को कुछ अज्ञात हमलावरों ने उसे एक दुकान के आगे गोलियों से भून दिया। भारतीय सुरक्षा बलों को उसकी कई आतंकी हमलों में तलाश थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों की संख्या 2 बताई जा रही है। घटना के दौरान शाम के समय इम्तियाज एक दुकान के आगे खड़ा था। गोलियाँ बरसाने के बाद हमलावर फरार हो गए। घायल अवस्था में इम्तियाज को अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। हमलावरों ने आतंकी इम्तियाज को मार गिराने के लिए पॉइंट ब्लैक रेंज के हथियारों का प्रयोग किया था।

न्यूज़ 18 के मुताबिक इम्तियाज़ के क़त्ल की वजह पाकिस्तान में आतंकी संगठनों की आपसी खींचातान और पैसों का बँटवारा है। पैसों के इस विवाद के पीछे पाकिस्तान में खस्ताहाल हो चुकी अर्थव्यवस्था भी काफी हद तक जिम्मेदार बताई जा रही है।

बताते चलें कि भारत सरकार द्वारा 4 अक्टूबर, 2022 को मृतक इम्तियाज पर UAPA के तहत केस दर्ज करते हुए उसे आतंकी के तौर पर लिस्टेड किया गया था। वह मूल रूप से कश्मीर के कुपवाड़ा का रहने वाला था। मृतक इम्तियाज़ न सिर्फ हिज्बुल मुजाहिदीन बल्कि लश्कर-ए-तैयबा के लिए भी आतंकियों की भर्ती सहित उनके प्रचार-प्रसार के काम में शामिल था। इम्तियाज़ जम्मू कश्मीर में शरिया कानून लागू करने के नाम पर युवाओं को भड़काया करता था।

साल 2007 में पाकिस्तानी फ़ौज की इंटेलिजेंस विंग ने इम्तियाज़ को गिरफ्तार भी कर लिया था। हालाँकि, बाद में वहाँ की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI के आदेश पर उसे रिहा कर दिया गया था।

दिल्ली के स्टेडियम में भिड़े भारत और ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट फैंस, गाली-गलौच का वीडियो वायरल: लगातार 2 टेस्ट हार पस्त हैं कंगारू

दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम (Arun Jaitley Stadium) में सोमवार (20 फरवरी, 2023) को ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच चल रहे टेस्ट मैच के दौरान दोनों टीमों के क्रिकेट फैंस आपस में भिड़ गए। सोशल मीडिया पर भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई फैंस का एक-दूसरे के साथ गाली-गलौच करते और मारपीट करने का वीडियो वायरल हो रहा है। ट्विटर यूजर ‘Count Down’ ने अरुण जेटली स्टेडियम के स्टैंड में हुई मारपीट का वीडियो शेयर किया है।

साथ ही उसने लिखा, “IND Vs AUS टेस्ट मैच के बाद क्या हुआ… भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई फैंस के बीच जमकर गाली गलौज हुई।”

वायरल वीडियो में ऑस्ट्रेलियाई टीम के फैन को भारतीय प्रशंसक को पीछे हट जा कहते हुए और उसे उँगली दिखाते हुए देख सकते हैं। यही नहीं, वह उसे गाली भी देता है, जिसके बाद में भारतीय फैन ने भी उसको जमकर गालियाँ सुनाईं। भारतीय फैन ने उसे फिंगर दिखाते हुए कहा, “चूति#@#, बहन च@#@# दूँगा…f@#ck your mother, मादर#@##@।”

इसके बाद अन्य भारतीय प्रशंसकों ने दोनों को शांत करने की कोशिश की और उसे ऑस्ट्रेलियाई फैंस से अलग किया। इस दौरान भीड़ में शामिल लोगों ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। विवाद के दौरान स्टेडियम में मौजूद अजय चावला नाम के एक ट्विटर यूजर ने सोशल मीडिया पर बताया कि यह घटना भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन लंच से पहले की है।

चावला ने ट्विटर पर लिखा, “यह वीडियो दिल्ली का ही है। मैं 6 सीट दूर बैठा था। यह घटना पहले दिन की है… ।” उन्होंने बताया कि इसमें भारतीय प्रशंसक की गलती थी, क्योंकि वह स्टीव स्मिथ का विकेट गिरने के बाद अति उत्साह में ऑस्ट्रेलियाई फैंस से टकरा गया था।

उन्होंने आगे कहा, “जब ऑस्ट्रेलियाई प्रशंसक ने उसे दूर रहने को कहा, तो गलती से उसने भारतीय झंडे को छू लिया, जिससे भारतीय प्रशंसक गुस्से में आ गया गया।” बाद में, अजय चावला ऑस्ट्रेलियाई प्रशंसक और उसके दोस्त से मिले तो पता चला कि ये दोनों ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर से यहाँ आए थे। उन्होंने कहा कि उन दोनों के साथ दिलचस्प बातचीत हुई… उन्होंने लंच ब्रेक के दौरान दोनों के साथ तस्वीरें भी क्लिक कीं।

बता दें कि भारत ने 6 दिन में ऑस्ट्रेलिया को 2 बार हराकर बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। टीम सीरीज में 2-0 से आगे है। ऑपइंडिया ने इस मामले में अधिक जानकारी जुटाने लिए अजय चावला से संपर्क किया है। जैसे ही वह हमारे सवालों का जवाब देते हैं, हम अपने पाठकों के लिए इस खबर को अपडेट करेंगे

41 दिन में 34 बार अपने शौहर से जेल में मिली मुख्तार अंसारी की बहू, मदद करता था सपा नेता फराज खान: जेल अधिकारियों से सेटिंग का काम भी देखता था, मददगारों की लंबी चेन

चित्रकूट जेल में नियमों को ताक पर रख अपने विधायक पति अब्बास अंसारी से मिलने वाली निकहत अंसारी ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। निकहत के खुलासे के आधार पर पुलिस ने सपा नेता फराज खान को गिरफ्तार किया। फराज, निकहत का सबसे बड़ा सहयोगी था। निकहत को घर दिलवाने से लेकर जेल अधिकारियों से साठ-गाँठ करने में उसकी अहम भूमिका रही है।

दरअसल, पुलिस को निकहत अंसारी की 3 दिनों की रिमांड मिली थी। इस दौरान हुई पूछताछ के आधार पर ही पुलिस ने सपा नेता फराज खान को गिरफ्तार किया है। फराज की गिरफ्तारी को लेकर चित्रकूटधाम मंडल के डीआईजी विपिन मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि फराज खान की गिरफ्तारी के साथ ही उसके अन्य सहयोगियों की तलाश की जा रही है। पूरे मामले में निकहत व उसके परिजनों की मदद करने वाले लोगों की लंबी चैन है। इसमें चित्रकूट ही नहीं, बल्कि अगल-बगल के कुछ जिलों के लोग भी शामिल हैं।

डीआईजी विपिन मिश्रा ने यह भी कहा है कि फराज खान जेल अधिकारियों व कर्मचारियों को नगद पैसे व गिफ्ट देने से लेकर हर मामले में संलिप्त रहा है। पुलिस को फराज और जेल अधिकारियों के बीच हुए ऑनलाइन और ऑफलाइन फंडिंग के भी सबूत मिले हैं। निकहत अंसारी के चित्रकूट आने पर फराज ने ही उसने मकान दिलाया था। जेल अधिकारियों को कार देने की बात भी सामने आ रही है। फिलहाल इस पूरे मामले में तीन टीमें जाँच कर रहीं हैं।

वहीं, एसपी वृंदा शुक्ला ने कहा है कि निकहत अंसारी अपने परिजनों और सहयोगियों के साथ 18 दिसंबर, 2022 को चित्रकूट आई थी। इसके बाद उसने अब्बास अंसारी से मिलने के लिए कई जगह संपर्क बनाने की कोशिश की। लेकिन, दिसंबर में संपर्क नहीं बन पाए। हालाँकि, जनवरी की शुरुआत में ही उसके जेल अधिकारियों से अच्छे संबंध हो गए।

एसपी वृंदा शुक्ला ने आगे कहा है कि जनवरी माह में जेल अधिकारियों से निकहत के संपर्क इतने अच्छे हो गए थे कि वह अब्बास से मिलने आए दिन जेल पहुँच जाती थी। जनवरी में वह अब्बास से 25 दिन, वहीं फरवरी में 9 दिन मिलने गई थी। 10 फरवरी को गिरफ्तार होने से पहले निकहत जनवरी में 9 दिन तथा फरवरी में महज 1 दिन ही वह अब्बास से मिलने नहीं पहुँची।

जमानत मिलते ही पृथ्वी शॉ पर सपना गिल ने कराई FIR: कहा- गलत तरीके से छुआ, केस दर्ज कराने से रोकने के लिए गिड़गिड़ाने लगे थे

क्रिकेटर पृथ्वी शॉ और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सपना गिल के बीच का विवाद गहराता जा रहा है। जमानत मिलने के बाद सोमवार (21 फरवरी, 2023) को सपना ने पृथ्वी शॉ और उनके दोस्तों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उसने भारतीय क्रिकेटर पर गलत तरीके से छूने जैसे आरोप लगाए हैं। साथ ही दावा किया है कि घटना के दिन जब उसने केस दर्ज कराने की बात कही तो शॉ गिड़गिड़ाने लगे थे। इसकी वजह से उसने उस समय केस दर्ज नहीं कराया था।

पिछले हफ्ते सेल्फी लेने को लेकर हुए विवाद के बाद पृथ्वी शॉ पर हमले और जबरन वसूली के आरोप में सपना गिल और उसके दोस्तों शोभित ठाकुर, रुद्र सोलंकी तथा साहिल सिंह को गिरफ्तार किया गया था। सोमवार को अंधेरी की अदालत ने इन्हें जमानत दे दी। जमानत मिलने के बाद सपना गिल ने पृथ्वी शॉ और उनके दोस्त आशीष सुरेंद्र यादव, बृजेश और अन्य के खिलाफ केस दर्ज कराया है। सपना ने धारा 154, 326 ए, 326 बी, 354, 354 बी, 370, 370 ए, 376 डीबी, 376 ई, 509 के तहत शिकायत दर्ज कराई है।

बता दें धारा 354 छेड़छाड़ और लज्जा भंग करने और 354बी किसी महिला को निर्वस्त्र होने के लिए बाध्य करने की नीयत से हमला करने पर लगाया जाता है। सपना ने आरोप लगाए हैं कि विवाद के बाद पृथ्वी शॉ और उनके दोस्त शोभित ठाकुर की पिटाई कर रहे थे। शॉ और उनके दोस्त नशे की हालत में थे। सपना बीच-बचाव करने गईं तो पृथ्वी शॉ ने उन्हें गलत तरीके से छुआ। सपना ने अपने ऊपर लगाए गए 50 हजार रुपए की वसूली के आरोप को भी निराधार बताया है। रिपोर्टों के अनुसार सपना ने कहा, “50 हजार होते क्या हैं। इतना तो मैं एक दिन में 2 रील बनाकर कमा लूँगी।”

15 फरवरी को क्या हुआ था?

मामला 15 फरवरी 2023 की रात का है। मुंबई के सांताक्रूज इलाके में स्थित एक होटल में पृथ्वी शॉ डिनर के लिए गए थे। यहाँ सपना गिल और शोभित ठाकुर ने शॉ के साथ सेल्फी लेने की बात कही। इस पर पृथ्वी तैयार हो गए। लेकिन कुछ देर बाद फिर सपना गिल और शोभित ठाकुर कुछ और लोगों के साथ सेल्फी लेने के लिए पहुँच गए। पृथ्वी ने इस बार मना कर दिया। लेकिन सेल्फी लेने आए लोग मानने को तैयार नहीं थे। इस पर पृथ्वी शॉ ने मैनेजर बुलाकर उन्हें होटल से बाहर करा दिया।

इसके बाद पृथ्वी अपनी कार लेकर होटल से निकल गए। कथित तौर पर सपना गिल और शोभित ठाकुर ने अपने साथियों के साथ उनका पीछा किया। रेड लाइट पर जब पृथ्वी ने कार रोकी तो आरोपितों ने उनकी कार पर हमला कर दिया। आरोप है कि सपना और उसके साथियों ने पृथ्वी से 50 हजार रुपए ऐंठने की भी कोशिश की। झूठे केस लगाने की धमकी भी दी।

पृथ्वी शॉ के साथ हुई इस घटना को लेकर उनके दोस्त आशीष यादव ने ओशिवारा थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद सपना और उनके साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।