Home Blog Page 2007

हिरोइन थी अनम फैयाज और ज़ार्निश खान… इस्लाम के लिए ग्लैमर की दुनिया से किया तौबा: डिलीट की बोल्ड तस्वीरें, पाकिस्तानी कर रहे कॉमेंट्स

पाकिस्तान की 2 ग्लैमरस अभिनेत्रियों अनम फैयाज और ज़ार्निश खान ने मजहब के नाम पर एंटरटेनमेंट की दुनिया से अलग होने का फैसला कर लिया है। दोनों अभिनेत्रियों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए अपने प्रशंसकों को यह जानकारी दी। अपने बोल्ड लुक की वजह से मशहूर अनम और ज़ार्निश अब हिजाब में नजर आ रही हैं। पाकिस्तानी अभिनेत्रियों के फैसले पर पाकिस्तान की अवाम ने खुशी का इज़हार किया है।

अपने ग्लैमरस लुक के लिए मशहूर पाकिस्तानी एक्ट्रेस अनम फैयाज ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट के जरिए इंडस्ट्री छोड़ने के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा:

“आपको सूचित करना मुश्किल हो रहा है क्योंकि आप सभी ने मेरे मीडिया करियर में पूरा सहयोग दिया लेकिन मैंने इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला कर लिया है। मैं अब इस्लाम के बताए राह पर चलकर जिंदगी गुजारना चाहती हूँ। मेरे डिजिटल उपस्थिति पर भी इस जीवन शैली का छाप होगा। आप सभी से गुजारिश है कि दुआओं में याद रखें। आपके कभी न खत्म होने वाले मोहब्बत और समर्थन के लिए शुक्रिया।”

अनम के अलावा पाकिस्तानी एक्ट्रेस ज़ार्निश खान ने भी ग्लैमर की दुनिया को अलविदा कहने का मन बना लिया है। ज़ार्निश ने हाल ही में मक्का में उमराह किया। इसके बाद ज़ार्निश ने सोशल मीडिया पर उमराह वाली अपनी फोटोज के अलावा बाकी सब डिलीट कर दिया। उनके इस कदम की कोई सराहना कर रहा है तो कोई तंज भी कस रहा है।

अल्लाह और इस्लाम की राह पर चलने के नाम पर भारत की 2 मुस्लिम अभिनेत्री भी फिल्म इंडस्ट्री से तौबा कर चुकी हैं। जून 2019 में फिल्म दंगल से बॉलीवुड में कदम रखने वाली ज़ायरा वसीम ने फिल्म-जगत को अलविदा कह दिया था। ज़ायरा ने कहा था कि बॉलीवुड उन्हें उनके अल्लाह और उनके मज़हब इस्लाम से दूर कर रहा है।

ज़ायरा के बाद सना खान ने मजहब के नाम पर इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला किया था। अक्टूबर 2020 में इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए सना ने यह जानकारी दी थी। सना ने कहा था कि वह मानवता की सेवा करना चाहती हैं और अब से वह अल्लाह के आदेशों का पालन करेंगी।

अरविन्द केजरीवाल के PA से ED की पूछताछ; शराब घोटाले में मनीष सिसोदिया से बात कर के तोड़े 170 मोबाइल फोन… अब तक कुल 9 गिरफ्तार

दिल्ली में हुए शराब घोटाले की आँच अब मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) तक पहुँचती दिखाई दे रही है। घोटाले की जाँच कर रही ED (प्रवर्त्तन निदेशालय) ने उनके उनके निजी सचिव (PA) बिभव कुमार से पूछताछ की है। गुरुवार (23 फरवरी 2023) को एजेंसी ने बिभव कुमार के बयान को रिकॉर्ड किया। इससे पहले उन्हें नोटिस भेजकर तलब किया गया था। इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) की धाराओं में केस दर्ज है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शराब घोटाले की जाँच कर रही ED ने कुछ समय पहले चार्जशीट दाखिल की थी। इस चार्जशीट में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल का भी नाम था। इस केस में शराब व्यापारी समीर महेन्द्रू को मुख्य आरोपित बनाया गया है। ED के आरोपों में इस बात का जिक्र है कि समीर महेन्द्रू और अरविन्द केजरीवाल में डील फाइनल होने से पहले वीडियो कॉल पर बात हुई थी।

ED का दावा है कि इस कॉल में अरविन्द केजरीवाल ने समीर से आम आदमी पार्टी (AAP) के विजय नायर पर विश्वास करने को कहा गया था। ED ने विजय नायर को भी समीर महेन्द्रू के साथ आरोपित बनाया है। इस मामले में जाँचकर्ताओं ने अब तक कुल 36 आरोपित बनाए हैं। बताया जा रहा है कि अरविन्द केजरीवाल के PA बिभव से उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Dy CM Manish Sisodia) के बारे में भी पूछताछ हुई।

आरोप है कि बिभव और मनीष सिसोदिया ने 170 अलग-अलग फोन को एक-दूसरे से बात करने के बाद सबूत मिटाने की मंशा से तोड़ डाला था। ये भी आरोप है कि इस पूरे घोटाले में शामिल आरोपितों ने कई करोड़ रुपए अवैध लाभ के तौर पर कमाए हैं। शराब घोटाले से मिले पैसे का प्रयोग साल 2022 में हुए गोवा विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी के प्रचार के लिए किया गया था।

आरोपित बनाए गए 36 लोगों में मनीष सिसोदिया के साथ दिल्ली के कई बड़े शराब कारोबारी और दिल्ली प्रशासन के अधिकारी शामिल हैं। अब तक ED इस केस से संबंधित 2 चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर चुकी है। वहीं कुल 9 आरोपितों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।

इसी केस में CBI ने दूसरी नोटिस जारी करते हुए मनीष सिसोदिया को 26 फरवरी 2023 को पेश होने के लिए कहा है। पहली नोटिस में मनीष सिसोदिया अपनी व्यस्तता बताकर हाजिर नहीं हुए थे। हालाँकि, जाँच दल के आगे पेश होने से पहले ही मनीष सिसोदिया अपनी गिरफ्तारी की आशंका जता चुके हैं।

गोरक्षक मोनू मानेसर और लोकेश सिंगला का नाम FIR से हटा: महापंचायत का ऐलान- अजन्मे बच्चे के हत्यारे पुलिसकर्मी भेजे जाएँ जेल

अपडेट: टाइम्स ऑफ इंडिया में 25 फरवरी 2023 को प्रकाशित रिपोर्ट में राजस्थान पुलिस ने मोनू मानेसर को दी गई ‘क्लीन चिट’ के संबंध में बयान दिया। पुलिस ने कहा कि उन्होंने किसी को कोई क्लीन चिट नहीं दी। भरतपुर आईजी गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि अभी मोनू मानेसर उन संदिग्धों में से हैं जिनके खिलाफ पुलिस सबूत जुटा रही है। एक बार संलिप्तता साबित होने पर पुलिस की ओर से आरोपितों की फोटो और नाम जारी किए जाएँगे। आईजी ने बताया कि वह एफआईआर में मौजूद नामों के अलावा भी दर्जनों लोगों की पड़ताल कर रहे हैं। सबूत मिलने पर उनके बारे में कुछ कहा जाएगा

हरियाणा के भिवानी (Bhiwani, Haryana) में 2 मुस्लिमों की मौत की जाँच कर रही राजस्थान पुलिस ने वॉन्टेड लिस्ट से मोनू मानेसर और लोकेश सिंगला का नाम हटा दिया है। अब पुलिस ने अपनी वॉन्टेड लिस्ट में शामिल 9 आरोपितों की तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें श्रीकांत पंडित भी शामिल हैं। श्रीकांत वही आरोपित हैं, जिनके बच्चे को पेट में मार डालने के आरोप में राजस्थान के 40 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज हुई है।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि राजस्थान पुलिस ने अपनी वॉन्टेड की लिस्ट से मोनू मानेसर और लोकेश सिंगला नाम हटा दिया है। पुलिस ने जिन आरोपितों को वॉन्टेड बताते हुए लिस्ट जारी की है, उनमें करनाल के किशोर और शशिकांत, कैथल के कालू, नूह के श्रीकांत और अनिल, भिवानी के मोनू और अनिल तथा जींद के विकास का नाम शामिल है। इन सभी पर राजस्थान में भरतपुर जिले के गोपालगढ़ थाने में FIR संख्या 24/2023 दर्ज है। 9वें आरोपित के तौर पर रिंकू सैनी का नाम है।

रिंकू सैनी को गिरफ्तार कर के 5 दिनों का कस्टडी रिमांड लिया गया है। पुलिस का दावा है कि रिंकू ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। भरतपुर रेंज के IG गौरव श्रीवास्तव का दावा है कि सभी आरोपितों के खिलाफ CCTV और कॉल डिटेल के अलावा कई अन्य पक्के सबूत पुलिस के पास मौजूद हैं। पुलिस ने हरियाणा से एक स्कॉर्पिओ गाड़ी भी बरामद करने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि इसी गाड़ी में दोनों मृतकों की पिटाई की गई थी। बरामद गाड़ी में खून के धब्बे भी मिलने है, जिसे मृतक जुनैद और नासिर का खून बताया जा रहा है।

पहले राजस्थान पुलिस वाले हों गिरफ्तार

इस बीच हरियाणा के हथीन में एक महापंचायत हुई, जिसको विश्व हिन्दू परिषद के महासचिव डॉ सुरेंद्र कुमार जैन ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि अगर राजस्थान पुलिस की FIR में हरियाणा के कई गोरक्षक वॉन्टेड हैं तो हरियाणा पुलिस की FIR में राजस्थान पुलिस के 40 स्टाफ श्रीकांत के बच्चे को मारने के आरोप में नामजद हैं।

डॉ जैन ने कहा कि पहले राजस्थान के आरोपित पुलिसकर्मियों को जेल भेजा जाए, उसके बाद गोरक्षकों पर बात होगी। इस पंचायत में सभी आरोपितों को बेगुनाह बताते हुए उन्हें फँसाने की साजिश रचे जाने का आरोप लगाया गया।

गौरतलब है कि भिवानी की घटना में संदिग्ध मौत मरे जुनैद पर राजस्थान पुलिस के ही अलग-अलग थानों में 5 केस दर्ज हैं। इन केसों में जानलेवा हमले के भी मामले हैं। वहीं, एक स्टिंग में गोपालगढ़ SHO ने घटना में मोनू मानेसर के खिलाफ सबूत न होने की बात कही थी।

‘फसल को बर्बाद करने के लिए खेत में जानबूझकर शौच कर रही हैं महिलाएँ’: बिहार के किसान ने अधिकारी से लगाई मदद की गुहार

बिहार के भागलपुर (Bhagalpur, Bihar) से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। एक किसान ने अंचल कार्यालय में गाँव की कुछ महिलाओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है कि वे जानबूझकर उसके खेत में शौच करके उसकी फसल को खराब कर रही हैं। किसान का नाम चन्दरदेव मंडल है। वह महिलाओं की इस हरकत से बेहद दुखी है।

चंदरदेव मंडल ने अंचल अधिकारी को लिखा, “घर में शौचालय होने के बावजूद ये महिलाएँ प्रतिदिन उसके खेत में आकर शौच करती हैं। सभी महिलाएँ दुर्भावना से ऐसा करती हैं, क्योंकि उस जगह पर और लोगों के भी खेत हैं, लेकिन वे किसी और के खेत में ना जाकर उसके खेत में ही शौच करती हैं।”

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना बिहार के भागलपुर जिले के पीरपैंती थाना क्षेत्र के गोविंदपुर की है। ईश्वर मंडल के पुत्र किसान चन्दरदेव मंडल ने कहा कि आसपास कई खेत हैं, लेकिन ये महिलाएँ उसकी गेहूँ की फसल को खराब करने के लिए उसके खेत में आकर हर रोज शौच कर रही हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि जब वह इसका विरोध करता है तो इन महिलाओं के पति चन्दरदेव के साथ मारपीट करने पर उतारू हो जाते हैं। पीरपैंती के अंचल अधिकारी को दी गई शिकायत के अनुसार, खेत में शौच करने वाली 6 महिलाओं के पतियों के नाम का जिक्र किया है।

चन्दरदेव ने अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि इन लोगों की पत्नियाँ उसे परेशान करने के लिए और उसकी गेहूँ की फसल खराब करने के लिए जानबूझकर उसके खेत में शौच करके जाती हैं। उन्होंने अंचलाधिकारी से इन महिलाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।

चन्दरदेव के भाई के पुत्र विनय मंडल ने बताया कि उनके बड़े बाबूजी ने पहले महिलाओं को काफी समझाया, लेकिन जब वो नहीं मानी तो इसके बाद उन्होंने अंचल कार्यालय में शिकायत की। बताया जा रहा है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने घटना पर संज्ञान लिया है।

अंचल कार्यालय से कुछ कर्मी गाँव आए और उन्होंने महिलाओं को चन्दरदेव मंडल के खेत में शौच नहीं करने और अपने घरों में शौचालय का उपयोग करने का आदेश दिया है। किसान का कहना है कि इसके बाद भी वो महिलाएँ अभी भी मंडल के खेत में ही शौच करने पर अड़ी हुई हैं।

बॉलीवुड माफिया गैंग्स में अमिताभ बच्चन भी? 2 फिल्मों का नाम ले कंगना रनौत ने क्यों साधा निशाना?

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत (Bollywood Actress Kangna Ranaut) ने अब अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) पर निशाना साधा है। उन्होंने अमिताभ बच्चन को माफिया गैंग्स कहकर सम्बोधित किया है। अमिताभ के अलावा कंगना ने टाइगर श्रॉफ को ही आड़े हाथों लिया है। इस नाराजगी की वजह कंगना की फिल्म इमरजेंसी के साथ अमिताभ बच्चन की फिल्म गणपत का रिलीज होना बताया जा रहा है। बुधवार (22 फरवरी 2023) को इसी बात से नाराज होकर कंगना ने अमिताभ को सेल्फ डिस्ट्रिक्टिव और दुर्बुद्धि भी कहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी और अमिताभ बच्चन की फिल्म गणपत की रिलीज डेट टकराने की पूरी संभावना है। गणपत 20 अक्टूबर 2023 को रिलीज हो रही है जिसमें अमिताभ बच्चन के अलावा टाइगर श्रॉफ और कृति सेनन भी प्रमुख भूमिका में हैं। कंगना का कहना है कि उनकी फिल्म इमरजेंसी के निर्माताओं ने भी 20 अक्टूबर को ही रिलीज का प्लान बनाया था। इसी बात पर कंगना भड़क गईं हैं।

कंगना का मानना है कि गणपत को सितंबर, नवम्बर और दिसंबर में भी रिलीज किया जा सकता था। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, “जब मैं अपने फिल्म की रिलीज की तारीख देख रही थी तो पाया कि यह साल काफी हद तक खाली है। इसकी वजह हिंदी फिल्मों को मिल रहे झटके भी हो सकते हैं। इस वजह से मैंने अपने फिल्म की रिलीज तारीख 20 अक्टूबर फाइनल कर दी। टी सीरीज के मालिक भूषण कुमार ने तो इसकी घोषणा भी कर दी थी।”

अपने एक अन्य ट्वीट में कंगना ने आगे लिखा, “सितम्बर, नवम्बर और दिसंबर पूरी तरह से फ्री है लेकिन मिस्टर बच्चन और टाइगर श्रॉफ ने अपने प्रोजेक्ट की घोषणा 20 अक्टूबर को कर दी।” हँसते हुए कंगना रनौत ने आगे लिखा, “लगता है पैनिक मीटिंग हो रही है बॉलीवुड माफिया गैंग्स में।” कंगना ने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि अब वो अपनी फिल्म इमरजेंसी की रिलीज की घोषणा एक महीने पहले ही ट्रेलर के साथ करेंगी। उनका मानना है कि जब पूरा साल फ्री पड़ा है तो टकराव की जरूरत नहीं।

फिल्म इंडस्ट्री की बुरी हालत का जिक्र करते हुए कंगना ने आगे लिखा, “इतनी दुर्बुद्धि, क्या खाते हो यार तुम सब, इतने सेल्फ डिस्ट्रक्टिव कैसे हो?’ कंगना के इस ट्वीट पर नेटीजेंस ने अलग-अलग तरह के रिएक्शन दिए हैं। कुछ ने कंगना का सपोर्ट किया है तो कुछ ने उनके विरोध में लिखा है।

ग्लास कांड: ससुराल वालों ने दामाद के पिछवाड़े में डाल दिया ग्लास – बिहार का वो केस, जो है सोशल मीडिया पर वायरल

सोशल मीडिया पर बिहार का ग्लास कांड नाम से एक घटना वायरल हो रही है। इस घटना के पीड़ित का आरोप है कि उसके ससुराल वालों ने उसके मलद्वार में ग्लास घुसेड़ दिया था। पीड़ित अपनी पत्नी को वापस ले जाने के लिए ससुराल गया था, जहाँ हुई कहासुनी के बाद उसके साले ने यह हरकत की। घटना 1 जनवरी 2023 की है। फ़िलहाल पीड़ित की हालत गंभीर है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला बिहार के मुजफ्फरपुर जिले का है। पीड़ित का नाम पवन दास है, जो साहेबगंज क्षेत्र के गाँव रामपुर का रहने वाला है। वह हैदराबाद की एक कम्पनी में काम करता था। दिसंबर 2022 में वह छुट्टी पर अपने घर आया था। उसकी पत्नी काफी समय से मायके गई थी, जिसे अपने घर ले जाने के लिए पवन दास 1 जनवरी 2023 को अपनी ससुराल गया था। अगले दिन 2 जनवरी को वह अकेले ही वापस लौटा। आरोप है कि इसी दौरान उसके साले ने किसी बात पर हुए विवाद में पवन दास के मलद्वार में ग्लास घुसेड़ दिया था।

पीड़ित के भाई का आरोप है कि 2 जनवरी को ससुराल से लौट कर पवन दास ने अपने पेट में दर्द की शिकायत की। पूछने पर पवन ने ठीक से शौच न कर पाने की तकलीफ बताई। पवन को उनके परिवार द्वारा दवाएँ दीं गई लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ। बाद में पवन को मुजफ्फरपुर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे टीबी की बीमारी बताते हुए मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी। जब मेडिकल कॉलेज में पवन दास का एक्सरे हुआ, तब पता चला कि उसके मलद्वार में ग्लास फँसा है।

पवन ने अपने परिवार से बताया कि उसकी ससुराल में सास, ससुर और साले ने मार कर पहले उसे बेहोश कर दिया, फिर पीछे से ग्लास घुसेड़ दिया। जो ग्लास अंदर पाया गया, वह स्टील का छोटा सा ग्लास है जो चाय पीने के लिए प्रयोग होता है। दावा ये भी है कि ससुराल में जो कुछ भी हुआ, उसके बाद भी पवन घर तक साईकिल से बैठ कर चलाने के बजाए खड़ा हो कर आया था।

20 जनवरी 2023 को पवन दास का ऑपरेशन किया गया। पीड़ित के भाई के मुताबिक इस बीच लगभग 20 दिन पवन दास को खाना नहीं दिया गया और शौच के तौर पर काफी मुश्किल से थोड़ा-बहुत जोर लगा के कर पाते थे।

खुद पीड़ित पवन का आरोप है कि उनके मलद्वार में ग्लास डालने से पहले ससुराल वालों ने उन्हें इंजेक्शन देकर बेहोश कर दिया था। उन्होंने कहा कि शोर मचाने पर कोई सुन नहीं पाया क्योकि आस-पास के लोग किसी के अंतिम संस्कार में गए थे। पवन के मुताबिक जब उन्हें इंजेक्शन लगाया गया, तब उनका शरीर ठंडा होने लगा था। पवन ने अपने साथ हुई हरकत में अपने साढ़ू डुगडुगी दास और ससुर शम्भू दास को आरोपित किया है। हालाँकि पवन ने खुद को नौटंकीबाज होना भी स्वीकार किया।

आरोपितों ने खुद को निर्दोष बताया

इस पूरे मामले में आरोपित परिवार ने खुद को बेगुनाह बतया है। आरोपितों का कहना है कि उनका दामाद पवन झूठ बोल रहा है। आरोपित रीना का कहना है कि अगर पवन के साथ ऐसा हुआ होता तो वो ससुराल वाले गाँव से अपने गाँव गया कैसे? आस-पास के लोगों ने पवन को बहुरुपिया बताते हुए ये सारी हरकत आरोपितों के ही परिवार द्वारा किया जाना बताया।

इस पूरे मामले में अभी तक बिहार पुलिस द्वारा किसी की भी गिरफ़्तारी नहीं की गई है।

जूठे सेब से मारा-मारी, लात-घूँसों से बचने के लिए टेबल का सहारा: मेयर से ज्यादा ‘पावर’ वाली कुर्सी के लिए दिल्ली MCD में लड़ाई

दिल्ली MCD की मेयर शैली ओबेरॉय की जीत के बाद नगर निगम का सदन जंग के अखाड़े में तब्दील हो गया। आधी रात को MCD सदन में आम आदमी पार्टी और भाजपा पार्षदों द्वारा एक दूसरे पर पानी की बोलतें फेंकी गईं। इस दौरान दोनों पार्टियों के पार्षदों ने एक दूसरे पर लात-घूँसे भी बरसाए। स्टैंडिंग कमेटी के लिए हो रहे चुनाव के दौरान 22-23 फरवरी की रात में यह हंगामा शुरू हुआ। दोनों ही पक्षों ने एक दूसरे पर हमले का आरोप लगाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मेयर और डिप्टी मेयर 22 फरवरी रात तक चुन लिए गए थे। इसके बाद स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव था, जो हिंसक हो उठा। भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों ने आम आदमी पार्टी पर स्थाई समिति के चुनावों में धांधली करने का आरोप लगाया है। इसके बाद भाजपा ने फिर से चुनाव करवाने की माँग रखी।

भाजपा की माँग के बाद आधी रात को शुरू हुई तकरार ने MCD सदन में हंगामे का रूप ले लिया। इस दौरान दोनों पक्षों के पार्षदों के बीच झड़प हुई। हंगामे को रोकने के लिए सदन को बीच-बीच में थोड़े-थोड़े समय के लिए स्थगित भी करना पड़ा। इसी आपाधापी में सुबह हो गई। सुबह फिर कार्रवाई शुरू होते ही चुनाव के लिए रखा गया बैलेट बॉक्स भी सदन के वेल में फेंक दिया गया।

इस हंगामे के बीच आम आदमी पार्टी से नवनिर्वाचित मेयर शैली ओबेरॉय ने भाजपा पार्षदों पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया है। मेयर शैली का दावा है कि विवाद के बीच उन पर हमले की कोशिश की गई। झगड़े की शुरुआत एक दूसरे पर बोतल फेंक कर हुई। बाद में पार्षदों ने अपने साथ खाने के लिए लाए गए फलों को दूसरे पक्ष पर फेंक कर मारना शुरू किया।

उत्तरी दिल्ली के पूर्व मेयर राजा इकबाल सिंह ने भी खुद पर बोतल फेंके जाने और सेब फेंक कर हमला करने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि कुछ पार्षद पिटाई से बचने के लिए टेबल के नीचे छिप गए थे। MCD सदन में हुए इस हंगामे का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

बैलेट वोटिंग के दौरान फोन का प्रयोग मना है जबकि भाजपा पार्षद अर्जुन पाल सिंह का दावा है कि यह खुलेआम किया गया। उनके अनुसार आम आदमी पार्टी के पार्षदों द्वारा फोन का प्रयोग करने पर भाजपा पार्षदों ने विरोध किया। तब तक लगभग 50 पार्षद वोट देकर फोटो खींच चुके थे। दावा है कि इस विरोध को मेयर ने स्वीकार भी किया। अर्जुन पाल के मुताबिक इस हरकत का विरोध करने पर आप पार्षदों ने न सिर्फ भाजपा पार्षदों पर हमला किया बल्कि उन्हें धमकियाँ भी दी गईं।

वहीं आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार ने भाजपा पर स्टैंडिंग कमेटी चुनावों को टालने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि एक दिन पहले 22 फरवरी को आप पार्षद शैली ओबेरॉय ने भाजपा की रेखा गुप्ता को हरा कर मेयर पद पर जीत हासिल की थी।

स्टैंडिंग कमेटी/स्थाई समिति के चुनाव पर बवाल क्यों?

दिल्ली MCD का जब मेयर और उप-मेयर का चुनाव हो गया तो फिर स्थायी समिति या स्टैंडिंग कमेटी के चुनाव में इतना बवाल क्यों? यह सवाल लाजिमी है। इस सवाल के पीछे सत्ता की शक्ति का मामला है। दरअसल दिल्ली MCD के मेयर के पास बहुत सीमित शक्तियाँ होती हैं। लगभग सारा खेल ही स्थायी समिति या स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य द्वारा खेला जाता है।

दिल्ली MCD में स्टैंडिंग कमेटी ही कॉर्पोरेशन का कामकाज और प्रबंधन करती है। किसी प्रोजेक्ट को वित्तीय मंजूरी भी यही प्रदान करती है। नीतियों पर चर्चा करना, उसे अंतिम रूप देने आदि में भी स्टैंडिंग कमेटी का ही रोल होता है। एक तरह से आप इसे दिल्ली MCD की सबसे ताकतवर कमेटी कह सकते हैं। यही कारण है कि मेयर के चुनाव के बाद भी दिल्ली MCD का बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा।

‘उनकी टिप्पणी महत्वपूर्ण नहीं’: कंगना रनौत ने की तारीफ़ तो बोले जावेद अख्तर, पाकिस्तानी कलाकार कह रहे हैं भला-बुरा

पाकिस्तान के लाहौर में आयोजित फैज फेस्टिवल में हिस्सा लेने के बाद गीतकार जावेद अख्तर हिंदुस्तान लौट आए हैं। कार्यक्रम के दौरान जावेद अख्तर ने पाकिस्तान को आतंकवाद समेत कई मुद्दों पर आईना दिखाया था। जिसे लेकर देश भर में उनकी तारीफ हुई। यहाँ तक कि अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी उनकी तारीफ की। हिंदुस्तान लौटने के बाद एनडीटीवी ने उनका साक्षात्कार किया। इस दौरान एंकर ने उनसे कंगना रनौत के तारीफ के बारे में सवाल किया जिसे पहले तो जावेद अख्तर टाल गए लेकिन एंकर के दोबारा पूछने पर उन्होंने कहा कि कंगना को जरूरी नहीं समझता।

लाहौर में फैज फेस्टिवल के दौरान जावेद अख्तर द्वारा दिए गए बयान का वीडियो खूब वायरल हो रहा है। एनडीटीवी ने इसी को लेकर जावेद अख्तर का इंटरव्यू किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किए गए साक्षात्कार के दौरान उनसे पाकिस्तान से जुड़े कई सवाल किए गए। इसी दौरान एंकर ने उनसे कंगना द्वारा किए गए उस ट्वीट के बारे में पूछा जिसमें कंगना जावेद अख्तर की तारीख कर रही थीं। इस पर गीतकार ने जवाब दिया, “सोचें मत। मैं कंगना को महत्वपूर्ण नहीं मानता तो उनकी टिप्पणी महत्वपूर्ण कैसे हो सकती है। उसके बारे में भूल जाइये। चलिए आगे बढ़िए।”

लाहौर में क्या हुआ था?

लाहौर में आयोजित फैज फेस्टिवल में एक सवाल का जवाब देते हुए जावेद ने कहा था कि हिन्दुस्तान में नुसरत फतह अली खान और मेहंदी हसन के बड़े-बड़े प्रोग्राम हुए। आपके मुल्क में लता मंगेशकर का एक भी फंक्शन नहीं हुआ। अहम बात यह है कि फिजा इतनी गरम है वो कम होनी चाहिए। जावेद अख्तर ने आगे कहा था कि हम बंबई के लोग हैं। हमने देखा हमारे शहर पर कैसे हमला हुआ था। हमलावर नॉर्वे या इजिप्ट से नहीं आए थे। हमलावर आपके मुल्क में अभी भी घूम रहे हैं। यह शिकायत अगर हिंदुस्तानी के दिल में है तो आपको बुरा नहीं मानना चाहिए।

कंगना ने क्या कहा था?

अभिनेत्री कंगना ने जावेद अख्तर के इस बयान पर उनकी तारीफ की थी। उन्होंने ट्विटर पर लिखा था कि जब मैं जावेद साहब की कविताएँ सुनती हूँ तो लगता है माँ सरस्वती की इन पर कैसी कृपा है लेकिन देखो कुछ तो सच्चाई होती है इंसान में, तभी तो खुदाई होती है उनके साथ में। जय हिंद जावेद साहब घर में घुसकर मारा।

बता दें कि कंगना रनौत और जावेद अख्तर के बीच मनमुटाव की स्थिति रहती है। जावेद अख्तर ने कंगना के खिलाफ मानहानि का केस भी किया हुआ है। कंगना भी कई मौकों पर जावेद अख्तर के खिलाफ बोलती सुनी गई हैं।

न कोर्ट में जीत पाई केस, न ब्रिटेन देगा नागरिकता: ISIS वाली ‘जिहादी बेगम’ के काम नहीं आई BBC की डॉक्यूमेंट्री

‘जेहादी बेगम’ नाम से दुनिया भर में कुख्यात शमीमा बेगम को ब्रिटेन की नागरिकता नहीं मिलेगी। आतंकी शमीमा कोर्ट में यह केस हार गई है। ईराक-सीरिया में अत्याचारों के दौरान विश्व के सबसे क्रूर आतंकवादी संगठन IS (ISIS) के साथ जुड़ने के कारण ब्रिटेन की उसकी नागरिकता छिनी थी। शमीमा के पक्ष में BBC का प्रोपगेंडा डॉक्यूमेंट्री भी काम नहीं आया।

ISIS की तरफ से लड़ने के लिए ब्रिटेन छोड़कर भागने वाली शमीमा अब कभी ब्रिटेन नहीं लौट पाएगी। शमीमा की अपील पर सुनवाई करने वाली ब्रिटेन की कोर्ट ने कहा कि वह ब्रिटेन में वापस आने के काबिल नहीं है। ऐसे में उसे ब्रिटेन में नहीं आने दिया जा सकता है।

सुनवाई के दौरान विशेष आव्रजन अपील आयोग (सियाक) ने इस बार पर संदेह जताया कि शमीमा बेगम की यौन शोषण के लिए तस्करी की गई थी। सियाक पैनल की ओर से बुधवार (22 फरवरी 2023) को प्रकाशित फैसले को लिखने वाले जस्टिस रॉबर्ट जय ने लिखा। उन्होंने कहा कि राज्य की स्थिति को देखते हुए ही गृह सचिव ने उनकी नागरिकता छिनी होगी।

बता दें कि शमीमा बेगम साल 2015 में अपने दो स्कूली दोस्तों के साथ पूर्वी लंदन स्थित अपने घर निकलकर सीरिया चली गई थी। उस समय उसकी उम्र 15 साल थी। सीरिया में रहते हुए बेगम ने एक ISIS आतंकी से निकाह किया और कई साल तक रक्का में बिताए। इस दौरान वह गर्भवती हुई। उसके दो बच्चे कुपोषण और बीमारी से मर गए।

इसके बाद बेगम 2019 में 39,000 लोगों के सीरियाई शरणार्थी शिविर अल-हवल में प्रकट हुई। यहाँ उसने ब्रिटेन से अपील की कि उसे वापस आने दिया जाए, ताकि वह अपने बच्चे को जन्म दे सके और उसका पालन पोषण कर सके। उसी साल फरवरी में उसने अपने बेटे जर्राह को जन्म दिया। बाद में उसकी भी मौत हो गई।

शमीमा बेगम अभी 23 साल की है और वह सीरिया की एक शरणार्थी कैंप में रह रही है। उत्तर-पूर्वी सीरिया के शरणार्थी शिविर अल-हवल में मिलने और ब्रिटेन आने की अपील के बाद ब्रिटेन ने उस पर कार्रवाई की। ब्रिटेन के तत्कालीन गृह सचिव साजिद जाविद ने 19 फरवरी 2019 में उसकी ब्रिटिश नागरिकता छीन ली थी।

रेप्रीव की निदेशक माया फोआ ने कहा, “अदालत ने स्वीकार किया कि यह मानने का अच्छा कारण है कि शमीमा बेगम तस्करी की शिकार थीं। उसे एक बच्चे के रूप में ऑनलाइन तैयार किया गया था और ब्रिटेन को उसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए, क्योंकि यह किसी भी ब्रिटिश किशोरी की तस्करी है।

बता दें कि पिछले महीने स्पेन सीरियाई शरणार्थी शिविरों से IS लड़ाकों के परिवारों को वापस लाया था। जिन्हें वापस लाया गया, उनमें दो स्पेनिश महिलाएँ और 13 स्पेनिश बच्चे हैं। इन्हें मैड्रिड के पास टोरेजोन सैन्य हवाई अड्डे पर लाया गया था।

अभी कुछ दिन पहले लोगों में सहानुभूति पैदा करने के लिए बीबीसी ने ‘जिहादी दुल्हन’ के नाम से शमीमा बेगम पर 90 मिनट की एक डॉक्यूमेंट्री जारी की थी। इस डॉक्यूमेंट्री के जरिए बीबीसी ने शमीमा बेगम का ‘चरित्र चित्रण’ की कोशिश की गई। डॉक्यूमेंट्री के पॉडकास्ट ‘आई एम नॉट ए मॉन्स्टर’ के 10 एपिसोड में शमीमा बेगम की ब्रिटेन से सीरिया तक की यात्रा के बारे में बताया गया है। साथ ही उसके प्रति सहानुभूति पैदा करने की कोशिश गई है।

बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री में शमीमा बेगम ने कहा है कि जब वह ब्रिटेन से भागकर सीरिया पहुँची थी, तब वहाँ ISIS का एक आतंकी बस लेकर उसका इंतजार कर रहा था। उसने दावा किया कि जब वह ब्रिटेन से भागकर सीरिया गई तो उसे आईएसआईएस के आतंक के बारे में नहीं पता था, लेकिन,बाद में उसने ISIS की भयानक करतूतों के वीडियो देखे थे। इसके बाद भी उसने पीछे न हटने का फैसला किया।

‘जिहादी बेगम’ ने यह भी कहा है कि वह उत्तरी सीरिया के एक शरणार्थी शिविर में रह रही है। वहाँ रहना जेल में रहने से भी बदतर है। उसने यह भी कहा है कि कम से कम जेल की सजा के बारे में यह पता होता है कि सजा कब खत्म होगी, लेकिन शरणार्थी शिविर में जो हो रहा है यह सब कब खत्म होगा पता नहीं।

बीबीसी की इस डॉक्यूमेंट्री का ब्रिटेन में जमकर विरोध हो हुुआ। बीबीसी द्वारा बार-बार प्रोपेगैंडा डॉक्यूमेंट्री बनाने को लेकर लोगों ने कहा कि वे अब बीबीसी को पैसे नहीं देंगे। लोग बीबीसी के सब्सक्रिप्शन को रिन्यू न कराने की भी बात कही। ट्विटर पर बीबीसी के खिलाफ #DeFundTheBBC का हैशटैग भी चला।

एक यूजर ने लिखा था, “बीबीसी ने बकवास डॉक्यूमेंट्री बनाई। बीबीसी ने उसे अपने फैसलों को सही और उचित बताने के लिए एक मंच दिया। बीबीसी, ब्रिटेन में रहने वाले लोगों का हितैषी नहीं है। वह हम पर हँसी उड़ाते हुए हमारा अपमान कर रहा है। अब समय आ गया है हम बीबीसी को पैसे नहीं देंगे।”

दोस्तों संग आया रउफ, हिन्दू लड़की को उठा ले गया: पुलिस के पास गए पिता तो थमा दिया सर्टिफिकेट – ‘मर्जी से कबूला इस्लाम’

पाकिस्तान के सिंध में एक हिंदू लड़की का अपहरण कर उसका इस्लामी धर्म-परिवर्तन करा दिया गया। लड़की के छोटे भाई रामबन और दूसरे चश्मदीदों के अनुसार, बाजार में सब्जी खरीदने गए करिश्मा भील को मुस्लिम युवक जबरन अपने साथ ले गए। घटना 15 फरवरी, 2023 की बताई जा रही है। पीड़िता के पिता का आरोप है कि पाकिस्तान की पुलिस अपहरणकर्ताओं के खिलाफ शिकायत तक दर्ज नहीं कर रही है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सिंध के मीरपुर खास के नउकोट की रहने वाली करिश्मा अपने भाई के साथ बाजार गई थी। तभी उमरकोट के रहने वाले रऊफ और उसके दोस्त करिश्मा के साथ छेड़खानी करने लगे। करिश्मा ने जब विरोध किया तो रऊफ ने अपने दोस्तों की मदद से उसका अपहरण कर लिया। करिश्मा के पिता रमेश भील ने नउकोट पुलिस पर एफआईआर दर्ज न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

रमेश के अनुसार, नउकोट पुलिस ने सिर्फ करिश्मा के गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की। चश्मदीदों के बयान के बावजूद आरोपित रऊफ और उसके दोस्तों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। उल्टे पुलिस ने बिना छान-बीन के ही लड़की के अपने मर्जी से चले जाने की बात कह दी। पुलिस ने कहा कि एक हफ्ते के इंतजार के बाद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

करिश्मा के पिता ने जानकारी दी कि उन्हें 19 फरवरी को पुलिस स्टेशन बुलाया गया। पुलिस वालों ने उन्हें एक कागज सौंपा जिसमें करिश्मा के धर्म-परिवर्तन के बारे में लिखा हुआ था। 18 फरवरी की तारीख वाले सर्टिफिकेट के मुताबिक करिश्मा ने अपनी मर्जी से अपना धर्म बदल कर इस्लाम कबूल कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, अब करिश्मा का नाम कंवल बी रखा गया है। पुलिस द्वारा कहा जा रहा है कि करिश्मा अब उमरकोट के रऊफ के परिवार के साथ रहना चाहती है।

बता दें कि रऊफ वही मुस्लिम लड़का है जिसपर करिश्मा के अपहरण का आरोप है। करिश्मा के पिता को डर है कि बालिग होते ही उनकी बेटी जबरन रऊफ के साथ व्याह दी जाएगी। पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों को अगवा करने और जबरन शादी करने जैसी घटनाएँ आम हैं। खासकर सिंध में हिंदू लड़कियों को मुस्लिमों द्वारा निशाना बनाया जाता है।