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क्रिकेट के हर फॉर्मेट में भारत नंबर 1: ऐसा करने वाले रोहित शर्मा पहले कप्तान, पर चेतन शर्मा के स्टिंग में खत्म है T20 करियर

रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम ने इतिहास रचा है। तीनों फॉर्मेट में भारत दुनिया की नंबर वन टीम बन गई है। ऐसा कारनामा कर दिखाने वाले वे पहले कप्तान हैं। भारत इस मुकाम पर पहुँचने वाली पहली एशियाई और दुनिया की दूसरी टीम है। इससे पहले 2013 में दक्षिण अफ्रीका ने भी यह मुकाम हासिल किया था।

भारत ने यह उपलब्धि ऐसे समय में हासिल की है जब टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर चेतन शर्मा एक स्टिंग को लेकर विवादों में हैं। इसमें शर्मा को यह कहते हुए सुना गया है कि टी-20 में रोहित शर्मा का करियर अब समाप्त है और हार्दिक पांड्या को टीम की कमान मिलेगी। साथ ही चेतन शर्मा ने विराट कोहली और रोहित शर्मा के बीच इगो की लड़ाई होने की बात भी कही है।

आईसीसी की ताजा रैंकिंग आने से पहले ही भारत वनडे और टी-20 में नंबर वन का ताज हासिल कर चुका था। टेस्ट में भारत दूसरे स्थान पर काबिज था। लेकिन नागपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले मैच में शानदार जीत के बाद टीम इंडिया टेस्ट की भी नंबर वन टीम बन गई है।

इमेज सोर्स -ICC

आईसीसी की तरफ से जारी ताजा टेस्ट रैंकिंग में भारत 115 अंकों के साथ पहले पायदान पर है। नागपुर मेंं बॉर्डर गावास्कर सीरीज शुरू होने से पहले ऑस्ट्रेलिया के पास 126 अंक थे और वह बड़े अंतर के साथ शीर्ष पर काबिज था। लेकिन पारी से हार के बाद उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा है और वह 111 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गया है। वहीं टी-20 फॉर्मेट की बात करें तो भारत 266 अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर है। इंग्लैंड दूसरे स्थान पर है। वनडे में भारत 114 अंकों के साथ पहले स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया 112 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है।

उल्लेखनीय है कि जी मीडिया के स्टिंग ऑपरेशन में मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने कहा था कि विराट कोहली और रोहित शर्मा के बीच कोई लड़ाई नहीं है। लेकिन इगो प्रॉब्लम है। दोनों बड़े फिल्मी सितारों की तरह हैं। आप कह सकते हैं, अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र। साथ ही उन्होंने कहा था कि भारतीय क्रिकेटर फिट रहने के लिए इंजेक्शन लेते हैं। उन्हें पता है कि कौन से इंजेक्शन डोपिंग में नहीं आते हैं। खिलाड़ी 80 फीसदी फिटनेस पर भी खेलने को तैयार हैं। वे इंजेक्शन लेते हैं और खेलना शुरू कर देते हैं।

जिस बाहुबली से कभी खौफ खाता था लालू का जंगलराज, उसकी बेटी के ब्याह में 10 हजार को न्योता: 50 क्विंटल नॉनवेज, 3 लाख रसगुल्ला

बिहार के गोपालगंज के डीएम जी कृष्णैया की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह (Anand Mohan Singh) की बेटी की शादी चर्चा में है। आनंद मोहन की बेटी सुरभि आनंद की शादी आज बुधवार (15 फरवरी 2023) को केंद्रीय अधिकारी राजहंस के साथ होने जा रही हैं।

सुरभि ने अपने सोशल मीडिया पर अपनी हल्दी और संगीत की रस्मों की तस्वीरें शेयर की थीं। राजनीतिक दल बिहार पीपुल्स पार्टी (बीपीपा) के संस्थापक आनंद मोहन सिंह की बेटी सुरभि आनंद दिल्ली हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरभि के होने वाले पति मुंगेर के रहने वाले हैं और रेलवे में आईआरटीएस ऑफिसर हैं। वह अभी धनबाद में एआरएम पर पोस्टेड हैं। आज पटना में दोनों का विवाह बड़े ही धूमधाम से आयोजित हो रहा है। इसके लिए 17 एकड़ में विश्वनाथ फार्म्स को खूबसूरत तरीके से सजाया गया है।

शादी में आने वाले मेहमानों के लिए हर तरह के भोजन का ध्यान रखा गया है। शादी में वेज के साथ-साथ वेज-नॉनवेज का भी प्रबंध किया गया है। कहा जाता है कि मिथिला क्षेत्र में बिना नॉनवेज खाना के शादी अधूरी मानी जाती है। हालाँकि, शादी में मिठाई में अलग-अलग वेराइटी भी। इनमें गुलाब जामुन, रसमलाई, रसगुल्ला समेत कई स्वादिष्ट व्यंजन शामिल हैं।

शादी में शामिल होने वाले मेहमानों के लिए तीन लाख रसगुल्ले बनाए गए हैं। इसके अलावा, 25 क्विंटल चिकन-मटन और 25 क्विंटल मछली बनाई जा रही है। कहा जा रहा है कि इस बहुचर्चित शादी में शामिल होने वाले आम मेहमानों से लेकर VVVIP मेहमानों के लिए अलग-अलग तरह के एक दर्जन से ज्यादा डिश की व्यवस्था की गई है।

इस शादी में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, बिहार विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी सहित बिहार के कई नेता शामिल होंगे। उनके अलावा केंद्र सरकार के भी कई नेताओं को इस शादी का आमंत्रण भेजा गया है। शादी में 10 हजार लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

कौन हैं बाहुबली आनंद मोहन

बता दें कि 1994 में बीपीपा के उम्मदीवार छोटन शुक्ला की हत्या के बाद उपजे जनाक्रोश में गोपालगंज के डीएम जी कृष्णैया पर भीड़ ने मुजफ्फरपुर के खबड़ा गाँव में हमला कर दिया था। कहा जाता है कि उस दौरान छोटन शुक्ला के छोटे भाई मुन्ना शुक्ला ने डीएम के सिर में सटाकर गोली भी मारी थी। इस मॉब लिंचिंग में डीएम की मौत हो गई थी। उस वक्त उनकी उम्र केवल 35 वर्ष थी।

हत्याकांड के समय घटनास्थल से दूर आनंद मोहन एक राजनीतिक सभा को संबोधित कर रहे थे। हालाँकि, इस हत्याकांड में आनंद मोहन, उनकी पत्नी और वैशाली की पूर्व सांसद लवली आनंद, मुन्ना शुक्ला, विक्रमगंज के पूर्व विधायक अखलाक अहमद, शशिशेखर और अरुण कुमार सिन्हा को आरोपित किया गया था। हालाँकि, मुन्ना शुक्ला अन्य लोगों के साथ बरी हो गए और आनंद मोहन को कैद हो गई।

कृष्णैया की हत्या मामले में पटना की निचली अदालत ने आनंद मोहन को 2007 में फाँसी की सजा सुनाई थी। आनंद मोहन के साथ पूर्व मंत्री अखलाक अहमद और अरुण कुमार को भी मौत की सजा सुनाई गई थी। जबकि छोटन शुक्ला के भाई मुन्ना शुक्ला को उम्रकैद कैद की सजा सुनाई गई थी।

मुन्ना शुक्ला के अलावा, इस मामले में उम्रकैद की सजा पाने वाले लोगों में आनंद मोहन की पत्नी पत्नी लवली आनंद, शशि शेखर और हरेन्द्र कुमार थे। हालाँकि, हाईकोर्ट ने साल 2008 में आनंद मोहन को फाँसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया और उम्रकैद की सजा पाए लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।

भारत हिंदू राष्ट्र है, अखंड भारत बनकर रहेगा: CM योगी आदित्यनाथ, मदनी को बताया कूपमंडूक-पाकिस्तान को धरती का बोझ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने भारत को हिंदू राष्ट्र बताया है। उन्होंने कहा है कि भारत हिंदू राष्ट्र (Hindu Rashtra) था, है और रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ना एक दिन अखंड भारत बनना ही है और पाकिस्तान भारत में विलय करेगा।

सीएम योगी आदित्यनाथ एबीपी न्यूज के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने ट्विटर हैंडल पर कार्यक्रम के कुछ वीडियो भी पोस्ट किए। योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान जोर देकर कहा कि पाकिस्तान जितनी जल्दी हिंदुस्तान में अपना विलय करेगा, वहाँ के लोगों के लिए उतना ही अच्छा होगा। इससे पहले राजस्थान में सीम योगी ने सनातन धर्म को राष्ट्रीय धर्म कहा था।

योगी आदित्यनाथ ने पत्रकार रुबिका लियाकत के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि भारत हिंदू राष्ट्र है, क्योंकि भारत का हर नागरिक हिंदू है। उन्होंने हिंदू शब्द का अर्थ समझाते हुए कहा कि इसका किसी मत, मजहब या संप्रदाय से कोई लेना-देना नहीं है। यह एक सांस्कृतिक शब्द है, जो भारत के हर नागरिक पर फिट बैठती है।

योगी आदित्यनाथ ने हज का उदाहरण देते हुए कहा कि हज के लिए जाने वाले भारतीय मुस्लिमों को सऊदी अरब में हिन्दू नाम से संबोधित किया जाता है। उस प्ररिप्रेक्ष्य में देखेंगे तो भारत हिंदू राष्ट्र है, क्योंकि भारत का हर नागरिक हिंदू है। उन्होंने कहा कि हिमालय से लेकर समुद्र तक की धरती पर जन्मे लोग हिंदू हैं। हिंदू को मत, मजहब और संप्रदाय के साथ जोड़ना, हिंदू को समझने में भूल है।

यूपी के मुख्यमंत्री ने एक ट्वीट में लिखा, “अखण्ड भारत बनना ही बनना है। यही सच्चाई है।” दरअसल, कार्यक्रम के दौरान उनसे भारत में पाकिस्तान के विलय को लेकर प्रश्न पूछा गया। इसका जवाब देते हुए योगी आदित्यनाथ ने महर्षि अरविंद का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि श्री अरविंद ने पाकिस्तान के बारे में स्पष्ट कहा था कि आध्यात्मिक जगत में पाकिस्तान कोई वास्तविकता नहीं है। जिसकी वास्तविकता नहीं है, वह इतने दिन चल भी गया तो गनीमत कहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जितने दिन रहेगा धरती पर बोझ बना रहेगा। जितनी जल्दी वह खुद को भारत के अंदर समाहित कर दे वह उसके हित में होगा।

योगी आदित्यनाथ ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अधिवेशन के दौरान मौलाना महमूद मदनी और मौलाना असद मदनी के विवादास्पद बयानों को लेकर कहा कि उनका बयान गंभीरता से लेने लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि मदनी बुजुर्ग हैं और इसलिए वे उनका सम्मान करते हैं। सीएम ने कहा कि मदनी ने जो पढ़ा है, वही तो वे बोलेंगे।

इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने कुएँ के मेंढक की कहानी भी सुनाई। उन्होंने कहा कि जिनका इतिहास अंगुली पर गिन सकते हैं, वे प्राचीनता और पौराणिकता के बारे में बताएँगे तो यह सूर्य को दीप दिखाने जैसा होगा। इसके बाद योगी ने कहा कि मदनी के बयान को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए।

बता दें इसके पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 जनवरी 2023 को राजस्थान के भीनमाल में ऐतिहासिक नीलकंठ महादेव मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में हिस्सा लिया था। इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि सनातन धर्म ही भारत का राष्ट्रीय धर्म है।

लिव इन पाटर्नर को मारकर बेड में छिपाया, फर्नीचर बेच हुआ फरार, ट्रेन से गिरफ्तार: पालघर की घटना, शादीशुदा बता लिया था घर

महाराष्ट्र में लिव इन पाटर्नर की हत्या कर भाग रहे एक युवक को ट्रेन से गिरफ्तार किया गया है। आरोपित की पहचान 27 साल के हार्दिक शाह के तौर पर हुई है। मृतक युवती 35 साल की मेघा धन सिंह तोरवी है। घटना पालघर के नालासोपारा की है।

रिपोर्टों के मुताबिक मेघा की हत्या कर शाह ने शव बेड के अंदर बने बॉक्स में छिपा दिया था। पुलिस ने मंगलवार (14 फरवरी 2023) को उसे गिरफ्तार किया। इस संबंध में पालघर जिले के तुलिंज थाने में मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार मेघा के साथ हार्दिक नालासोपारा के सीता सदन सोसायटी में किराए पर रहता था। दोनों ने कथित तौर रियल एस्टेट एजेंट, मकान मालिक और पड़ोसियों को बताया था कि वे शादीशुदा हैं। हत्या कर हार्दिक शाह घर से फरार हो चुका था। पड़ोसियों ने तेज बदबू आने के बाद पुलिस को सूचित किया। इसके बाद बेड के अंदर बने बॉक्स से मेघा का शव काफी बुरी हालत में बरामद किया गया।

एक रिपोर्ट में सीनियर इंस्पेक्टर शैलेंद्र नागरकर के हवाले से हत्या बीते सप्ताह किए जाने की आशंका जताई गई है। बकौल पुलिस अधिकारी हार्दिक बेरोजगार था। घर का खर्च मेघा की कमाई से चल रहा था। इसी बात को लेकर दोनों में अक्सर झगड़ा होता रहता था। इसी वजह से हार्दिक ने उसकी हत्या कर दी। पड़ोसियों ने भी दोनों के बीच झगड़े की शिकायत पहले की थी। मेघा नर्स के रूप में काम करती थी।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस मेघा की हत्या के वास्तविक दिन का पता लगा रही है। मेघा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामला दर्ज कर आगे की जाँच की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक हार्दिक ने अपनी बहन को हत्या के बारे में बताया था और फ्लैट से फरार होने से पहले घर के कई फर्नीचर बेच दिए थे।

इससे पहले दिल्ली में एक युवक द्वारा प्रेमिका की हत्या करने के मामला सामने आया था। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक मंगलवार (14 फरवरी, 2023) की सुबह नजफगढ़ के मित्राऊ के पास स्थित एक ढाबे के फ्रिज में लड़की की लाश मिली थी। पुलिस ने हत्या के आरोप में ढाबे के मालिक साहिल गहलोत को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान साहिल ने बताया कि वह निक्की को 5 सालों से जानता था। हत्या वाली रात भी दोनों का झगड़ा हुआ था।

दरअसल, 10 फरवरी को साहिल की शादी होनी थी। निक्की इसका विरोध कर रही थी। रिपोर्ट के अनुसार, लड़की की हत्या 9-10 फरवरी की रात को कश्मीरी गेट आईएसबीटी के पास कार के अंदर की गई। कत्ल के बाद लड़की की लाश को मित्राउ गाँव ले जाया गया, जहाँ ढाबे में रखे एक फ्रिज में उसे छिपा दिया गया। अगले दिन (10 फरवरी) साहिल ने शादी कर ली।

गली में दोस्त की पत्नी से सेक्स कर रहा था रग्बी स्टार, वीडियो वायरल होते ही बीवी ने घर से निकाला: कहा- अब शादी खत्म

इंग्लैंड के रग्बी स्टार जो वेस्टरमैन (Rugby Star Joe Westerman) का सोशल मीडिया पर गली में सेक्स (Sex Video) करते हुए एक वीडियो वायरल हो रहा है। दरअसल, वायरल वीडियो में वेस्टरमैन सार्वजनिक जगह पर एक महिला के साथ संबंध बना रहे थे, तभी सामने से आते हुए एक अनजान शख्स ने उनका वीडियो बना लिया।

बताया जा रहा है कि 33 वर्षीय रग्बी खिलाड़ी अँधेरे का फायदा उठाते हुए गली में जिस महिला के साथ सेक्स कर रहे थे, वह उनके दोस्त की पत्नी थी। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद वैस्टरमैन को अपने परिवार और दोस्तों से सार्वजनिक रूप से माफी माँगनी पड़ी।

वेस्टमैन ने एक बयान में कहा, “सबसे पहले, मैं अपने इस कृत्य लिए अपने परिवार और दोस्तों से तहेदिल से माफी माँगना चाहता हूँ। इसके अलावा मैं कैसलफोर्ड टाइगर्स के फैंस, प्रायोजकों, कर्मचारियों और निदेशकों के साथ-साथ अपनी टीम के सभी साथियों से भी माफी माँगना चाहता हूँ।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं इस माफी के साथ रग्बी लीग के खेल को जारी रखना चाहता हूँ। मुझे एहसास हुआ है कि शराब पीने के बाद मुझे ऐसा काम नहीं करना चाहिए था। इस दौरान खुद पर कंट्रोल करना चाहिए था।”

वहीं, वेस्टमैन की पत्नी और तीन बच्चों की माँ लॉरेन यह वीडियो सामने आने के बाद शॉक्ड हैं। उन्होंने अपने दोस्तों से कहा कि अब यह शादी खत्म हो गई है। स्ट्रीट सेक्स वीडियो सामने आने के बाद अब कोई रास्ता नहीं बचा है। कैसे कोई ऐसे शख्स के पास वापस जा सकता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेस्टरमैन को उनकी पत्नी ने घर से निकाल दिया है। वेस्टरमैन की पत्नी ने ट्वीट कर साफ किया कि इस वीडियो में वो नहीं, बल्कि कोई और महिला है। वेस्टरमैन की पत्नी ने कहा, “साफ तौर पर ये मैं नहीं हूँ। हमारे तीन बच्चे हैं, जिसमें से एक की उम्र 15 साल है।”

लॉरेन ने आगे कहा, “अगर मैं इसे एक और मौका देती हूँ तो अपने बच्चों के लिए क्या मिसाल पेश करूँगी। खासकर अपनी बेटियों के लिए। मैं चाहती हूँ कि उन्हें पता चले कि यह ठीक नहीं है। यह एक रिश्ते में स्वीकार्य व्यवहार नहीं है और हम सभी के पास आत्मसम्मान है।”

बता दें कि स्ट्रीट सेक्स टेप वीडियो वायरल होने के बाद वेस्टरमैन को रग्बी लीग टीम (Rugby League Team) कैसलफोर्ड टाइगर्स ने निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, कैटलफोर्ड ने वेस्टमैन पर भी जुर्माना लगाया।

झारखंड के पलामू में मस्जिद चौराहे पर बवाल, पत्थरबाजी-आगजनी के बाद धारा 144; इंटरनेट बंद: महाशिवरात्रि तोरण द्वार को लेकर हिंसा

झारखंड के पलामू में महाशिवरात्रि के मौके पर बवाल की सूचना है। बताया जा रहा है कि यहाँ के मस्जिद चौराहे पर पूजा की तैयारी कर रहे श्रद्धालुओं पर पत्थरबाजी की गई है। इसी के साथ कुछ वाहनों में आगजनी भी की गई है। हालत सँभालने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है। तब तक लगभग 1 दर्जन लोगों के घायल होने की सूचना है। घटना बुधवार (15 फरवरी, 2023) की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना पलामू के पांकी प्रखंड का है। यहाँ आने वाली 18 फरवरी को महाशिवरात्रि के लिए हिन्दू समाज के लोग भगत सिंह चौक पर तोरण द्वार बना रहे थे। बताया जा रहा है कि इस दौरान वहाँ मौजूद मुस्लिम पक्ष के लोगों ने इस द्वार को बनाने का विरोध किया। इसी बात पर दोनों पक्षों में पहले तो कहासुनी हुई जो बाद में झड़प और पथराव में बदल गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। हालत को काबू करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक चौराहे के दोनों तरफ लोग जमा दिख रहे हैं। कुछ लोगों के हाथों में डंडे और अन्य हथियार भी मौजूद दिख रहे। वीडियो में मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति को ये कहते सुना जा सकता है, “प्रशासन कुछ नहीं उखाड़ पा रहा है।” वीडियो में दूर कहीं सायरन की भी आवाज सुनाई दे रही है। घटनास्थल पर ढेर सारे पत्थर के साथ कुछ क्षतिग्रस्त वाहनों को भी देखा जा सकता है।

हमले में पेट्रोल बम प्रयोग किए जाने का भी आरोप है। अब तक लगभग 1 दर्जन लोग घायल बताए जा रहे हैं जिसमें 6 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

इंटरनेट बंद, 144 लागू

पलामू के IG के मुताबिक सुबह 9 बजे के लगभग मस्जिद के आगे तोरणद्वार लगाने का प्रयास हुआ था। उन्होंने कहा कि जिले के सभी सीनियर अधिकारी मौके पर कैम्प कर रहे हैं और हालत पूरी तरह से काबू हैं। हमले में पेट्रोल बम चलने की पुष्टि IG ने जाँच के बाद ही कर पाने की जानकारी देते हुए पत्थरबाजी होना स्वीकार किया। फिलहाल इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है और इंटरनेट एहतियातन बंद कर दिया गया है।

पांडवों ने पाकिस्तान नहीं बनने दिया, धारा-370 नहीं लगाई, वर्शिप एक्ट लेकर नहीं आए: राहुल गाँधी की ‘महाभारत से भारत जोड़ो यात्रा’, दाढ़ी बढ़ने से कम होती है महँगाई

भारत में यात्राओं का लंबा इतिहास रहा है, या यूँ कहिए कि भारत का बहुत सारा इतिहास यात्राओं में छुपा हुआ है। जब चर्च और इस्लाम के संस्थापकों का जन्म भी नहीं हुआ था तब से कई विदेशी यात्री भारत की महान प्राचीनतम सभ्यता को जानने के लिए भारत की यात्रा करते रहे हैं। ईसा मसीह के जन्म से भी लगभग 300 वर्ष पहले, अर्थात आज से लगभग 2500 साल पहले यूनान के इतिहासकार मेगास्थनीज ने 302 से 298 ईसा पूर्व के बीच भारत की यात्रा की और इंडिका नामक पुस्तक में भारत के बारे में अपनी यात्रा का वर्णन लिखा।

इसके अलावा भी टॉल्मी (ग्रीस यात्री, 130 ईसवी), फाह्यान (चीन, 405 से 411 ईसवी), ह्वेनसांग (चीन, 630 से 645 ईसवी), इत्सिंग (चीन, 671 से 695 ईसवी), अलबरूनी (उज़्बेकिस्तान, 24 से 530 ईसवी) इब्नबतूता (मोरक्को, 1333 से 1347 ईस्वी) आदि अनेक यात्री कुछ न कुछ जानने की इच्छा लेकर भारत आते रहे। भारत को विश्व गुरु ऐसे ही नहीं कहा जाता, उसके पीछे एक समृद्ध विरासत है। मगर विडंबना देखिए कितनी आसानी से लिख दिया गया कि 1498 में वास्को ‘डी’ गामा ने भारत की खोज की थी।

यदि वास्कोडिगामा ने 1498 में भारत की खोज की थी तो ढाई हजार साल पहले मेगास्थनीज ने कौन से भारत की यात्रा की थी यह बात समझ से परे है। और भी क्या-क्या इतिहास के नाम पर पढ़ा दिया गया होगा यह शोध का विषय है। खैर छोड़िए, यह काम हम इतिहासकारों के लिए छोड़ दें। हम तो यात्रा की बात करते हैं। एक यात्रा अभी अभी खत्म हुई है। इसका नाम आप जानते ही हैं। पर मेरे अनुसार इस यात्रा का नाम ‘महाभारत से भारत जोड़ो’ यात्रा होना चाहिए। क्योंकि इस यात्रा से महाभारत के बारे में कई ऐसी बातें पता चलीं जो हम पहले नहीं जाते थे।

जैसे – पांडवों ने नोटबंदी नहीं की थी। पांडवों ने जीएसटी भी नहीं लगाया था। लगभग 5000 साल पहले पांडवों के साथ पता नहीं कौन से धर्म के पर सभी धर्मों के लोग रहते थे। यह सब बातें जानने के बाद ध्यान में आया कि पांडवों ने और भी बहुत सारे काम नहीं किए थे। जैसे पांडवों ने पाकिस्तान नहीं बनने दिया, बांग्लादेश नहीं बनने दिया, पांडवों ने धारा 370 भी नहीं लगाई, पांडवों ने पूजा स्थल कानून (Places of worship act 1991) भी नहीं बनाया जिससे हजारों मंदिरों पर अवैध कब्जा वैध हो गया, पांडवों ने संविधान में संशोधन करके ‘सेकुलर’ शब्द भी नहीं जोड़ा था।

लेकिन कोई बात नहीं, बाद में कुछ लोगों ने इन कामों को भी पूरा कर दिया। इस यात्रा से आपको और भी बहुत सी ज्ञान की बातें मिल सकती हैं। जैसे-कोरोना काल में कोरोना योद्धाओं पर फूल बरसाने से कोरोना नहीं भागता लेकिन टी शर्ट पहन कर भागने से बेरोजगारी कम हो जाती है। ताली-थाली बजाने से किसी का उत्साहवर्धन हो या ना हो लेकिन दाढ़ी बढ़ाने से महँगाई का बढ़ना बंद हो सकता है। दीपक जलाने से प्रकाश फैले या ना फैले लेकिन RSS को कोसने से नफरत फैलना बंद हो जाती है।

इस यात्रा के नेताओं ने बताया कि इस यात्रा में कुत्ते, सूअर, इंसान सभी आए किंतु कहीं कोई नफरत नहीं दिखाई दी। सही बात है कुत्ते, सूअर, इंसान सभी आए लेकिन गाय दिखाई नहीं दी। शायद उसके आने से नफरत फैल सकती थी या उसके गोबर से गंदगी फैल सकती थी। हो सकता है कि सेकुलरिज्म खतरे में पड़ जाता। लेकिन बीच सड़क पर बीफ (गौमांस) पार्टी करने वालों के साथ चलने से प्यार फैलता है। धर्मनिरपेक्षता बढ़ती है।

इस यात्रा के बहुत से सकारात्मक पहलू हैं। इस यात्रा से संदेश गया कि कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक भारत एक है। अच्छा हुआ धारा 370 को इस यात्रा से पहले ही हटा दिया गया था नहीं तो यह यात्रा कन्याकुमारी से जम्मू तक ही हो पाती। क्योंकि जिस स्थान पर तिरंगा फहरा कर इस यात्रा का सफलतापूर्वक समापन हो गया उस कश्मीर में तिरंगा फहराने के लिए मुखर्जी को अपना बलिदान देना पड़ा था। जब 370 समाप्त हुई तो कुछ लोगों ने मजाक में कहा कि कौन-कौन कश्मीर में प्लॉट लेगा अरे कोई प्लॉट ले या ना ले लेकिन लोग तिरंगा फहराने तो जा ही रहे हैं।

कम से कम गंदगी तो साफ हो रही है। काश देश समय रहते जागरूक होता तो यात्रा कन्याकुमारी से लाहौर तक होती, लेकिन तब हम अहिंसा की पूजा में व्यस्त थे। कुछ और पहले यात्रा होती तो शायद कन्याकुमारी से कंधार तक होती, लेकिन तब हम जातिवाद में व्यस्त थे। समय रहते यात्रा होती तो कन्याकुमारी से कैलाश मानसरोवर तक होती। लेकिन तब हम हिंदी चीनी भाई भाई के नारे में मग्न थे और कैलाश मानसरोवर पर चीन का कब्जा हो गया।

इस यात्रा से हमारी बहुत सारी भ्रांतियाँ दूर हुईं। जैसे- ‘अखंड भारत’ कहना सांप्रदायिकता है। ‘भारत जोड़ो’ कहना धर्मनिरपेक्षता है। जय श्री राम कहने से हिंसा फैल सकती है इसके स्थान पर जय सियाराम कहिए इससे गरीबी, बेरोजगारी, और महंगाई नियंत्रित होती है। खैर देर आए दुरुस्त आए। यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। और देश को बहुत लाभ हुआ। बहुत-बहुत धन्यवाद! जय श्री राम

जिसने कारगिल युद्ध में गँवाए दोनों हाथ, उसकी भतीजी थी निक्की: डाटा केबल से गला घोंटा, 35 किमी लाश लेकर घूमता रहा साहिल

दिल्ली के निक्की मर्डर मामले में मुख्य आरोपित ने गुनाह कबूल कर लिया है। आरोपित साहिल की शादी की बात सुनकर उसकी लिव-इन पार्टनर निक्की ने उस पर शादी तोड़ने का दबाव बनाया था। इसको लेकर दोनों के बीच बहस हुई थी। इसके बाद साहिल ने निक्की की हत्या की प्लानिंग की।

साहिल ने निक्की को घूमाने के बहाने अपने कार में बैठाया और 9-10 फरवरी की रात उसने रास्ते में निक्की की हत्या कर दी। हत्या के बाद लाश को 35 किलोमीटर लेकर घूमता रहा था साहिल। अंत में उसने लाश को नजफगढ़ स्थित अपने ढाबे में छिपा दिया। उधर, निक्की के पिता सुनील यादव लगातार कोशिश के बाद भी अपनी बेटी से संपर्क नहीं कर पा रहे थे।

सुनील यादव अपने दोस्तों से पता करते हुए आरोपित साहिल के घर तक पहुँचे थे। वहाँ भी उन्हें अपनी बेटी का सुराग नहीं मिला। इसके बाद निक्की के पिता सुनील ने दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच में अपने दोस्त से मदद माँगी। इसके बाद निक्की की लाश साहिल के ढाबे से बरामद की गई।

पूछताछ में साहिल ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी घरवालों ने कहीं और तय कर दी थी, लेकिन निक्की चाहती थी कि वह यह शादी तोड़ दे। इसके लिए निक्की ने साहिल को मनाने की भी कोशिश की। हालाँकि, साहिल इसके लिए तैयार नहीं हुआ। इसके बाद दोनों के बीच झगड़ा भी हुआ।

सगाई के बाद 9 फरवरी की रात साहिल ने निक्की को घूमाने के बहाने अपने कार में बैठाया और कश्मीरी गेट की तरफ निकल गया। कार में भी शादी को लेकर निक्की और साहिल के बीच बहस भी हुई। निक्की ने साहिल से कहा था कि परिवार द्वारा तय रिश्ता तोड़कर मुझसे शादी उससे शादी कर ले। अगर इतना नहीं कर सकते तो साहिल उसके साथ जान दे दे।

साहिल इनमें से कुछ भी मानने को तैयार नहीं था। साहिल ने निक्की को रास्ते से हटाने के लिए गाड़ी में रखे मोबाइल डेटा केबल से गला घोंट कर हत्या कर दी। हत्या के बाद निक्की की लाश को बगल की सीट पर रखकर वह नजफगढ़ पहुँचा। जहाँ उसने लाश को फ्रिज में छिपा दिया। अगले दिन 10 फरवरी को साहिल ने घरवालों की पसंद की लड़की से शादी कर ली।

इधर बेटी से संपर्क नहीं हो पाने के कारण पिता सुनील परेशान थे। पिता ने निक्की की सहेली को फोन किया। निक्की की दोस्त ने उन्हें साहिल के बारे में जानकारी दी। साहिल ने उनसे कहा कि निक्की छुट्टियाँ मनाने मसूरी गई है। हालाँकि सुनील नहीं माने और आरोपित के घर पहुँच गए। आरोपित के घरवालों ने मदद का भरोसा देकर उन्हें घर भेज दिया।

बेटी की गुमशुदगी से चिंतित पिता ने क्राइम ब्रांच में काम करने वाले अपने एक दोस्त से मदद माँगी। निक्की का नंबर सर्विलांस पर लगाया गया, जिसके बाद उन्हें नजफगढ़ के मित्रांव गाँव के पास स्थित एक ढाबे का लोकेशन मिला। यहीं, से निक्की की लाश बरामद हुई। इस तरह हत्या के चार दिन बाद 14 फरवरी को निक्की मर्डर केस का खुलासा हुआ।

पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल सफेद कार को भी बरामद कर लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपित साहिल ने अपना गुनाह कबूल लिया है। दिल्ली पुलिस ने आरोपित साहिल के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 201 के तहत मामला दर्ज किया है। निक्की के पिता ने सुनील ने आरोपित को फाँसी की सजा देने की माँग की है।

निक्की के चाचा प्रवीण यादव कारगिल युद्ध में लड़े थे। पाकिस्तान के साथ हुई जंग में उन्होंने अपने दोनों हाथ गंवा दिए थे। इसके अलावा, उनकी दाईं टांग भी ठीक से काम नहीं करती है। इसके कारण उन्हें चलने में परेशानी होती है। अपनी भतीजी की मौत पर वे बेहद दुखी हैं।

पारसी लड़कियों को कहा ‘वेश्या’, बच्चियों के Boobs पर बातें, बच्चों के रेप को बढ़ावा: हिंदूफोबिक ही नहीं, कामांध भी है तन्मय भट्ट

हमारे देश में बच्चों के हितों की देखभाल के लिए, या यूँ कहें कि उनके साथ होने वाले अपराधों के मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए और अनाथों के रहन-सहन की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए ‘केंद्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR)’ नामक एक संस्था काम करती है। उसी देश में अगर कोई कॉमेडियन बच्चियों के बलात्कार की बात करे और बच्चों को लेक अश्लीलता फैलाए, क्या इसे बर्दाश्त किया जा सकता है?

खुद को कॉमेडियन बताने वाला तन्मय भट्ट, जो गालीबाजों के समूह ‘ऑल इंडिया बकचोद (AIB)’ का हिस्सा भी रहा है, उसे हाल ही में ‘कोटक महिंद्रा बैंक’ के एक विज्ञापन में देखा गया। जिस देश में कई खेल खेले जाते हों और फ़िल्में/वेब सीरीज बनते हों, महिलाओं से लेकर पुरुषों तक ने मनोरंजन से लेकर खेल तक के क्षेत्र में झंडा फहरा कर सेलेब्रिटी का स्टेटस हासिल किया हो, वहाँ ‘Child Rape’ को बढ़ावा देने वाला एक व्यक्ति ही ब्रांड एम्बेसडर के रूप में मिलता है?

इतना ही नहीं, इन सबके बावजूद कुछ ऐसे लोग भी हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हिन्दू धर्म के अंध-विरोध में पागल होकर उसका समर्थन भी करते हैं। ऐसा ही एक नाम कुणाल कामरा का है, जो उलटी-सीधी कॉमेडी के नाम पर सुप्रीम कोर्ट का मजाक उड़ाता है और विमान में बदतमीजी करता है। उसने तन्मय भट्ट का समर्थन किया। लेकिन, चूँकि ये लोग लिबरल गिरोह के हैं – ये बच्चियों के बलात्कार को बढ़ावा दें फिर भी क्षम्य है।

इस देश में तो ऐसा ही चल रहा है। तन्मय भट्ट ने हिन्दू धर्म को गाली दी, उस संबंध में तो चर्चा हो रही है लेकिन ‘Child Abuse’ पर उसने जो-जो कहा था, उसे छिपाने में मीडिया का भी अच्छा-खासा योगदान है। तन्मय भट्ट की सोच का नमूना उसके इस ट्वीट में देखिए, जो उसने 23 मई, 2012 को किया था, “आपको कैसे पता है कि बच्चों को बलात्कार पसंद नहीं है?” आप खुद विचार कीजिए, ‘बच्चों के बलात्कार’ की बात करने वाला व्यक्ति कितना घिनौना हो सकता है।

उसका एक और ट्वीट देखिए, “अभी-अभी मैंने सुना है कि पारसी समुदाय को 2015 में जनजातीय समाज का दर्जा मिल जाएगा। मुझे लगता है कि ये सही समय है जब पारसी लड़कियों को वेश्याओं की तरफ व्यवहार करना चाहिए और थोड़ा ज़्यादा Fuck करना चाहिए।” सोचिए, ये व्यक्ति एक अल्पसंख्यक समाज की बच्चियों के लिए ‘Slut It Up’ और ‘Fuck’ जैसे शब्दों का प्रयोग करता है, लेकिन इस पर कोई Outrage नहीं होता।

वामपंथी गिरोह भी शांत रहता है। इतना ही नहीं, तन्मय भट्ट का ये ट्वीट भी देखिए, “जब भी मैं लड़कियों के बचपन की नंगी तस्वीरें देखता हूँ तो मुझे वास्तव में ये बड़ा अजीब लगता है। मेरे मन में ये चलता है कि हाहा, मैंने तुम्हारे बूब्स देख लिए। हाहा।” यानी, इसने खुलेआम बच्चियों के प्राइवेट पार्ट्स को लेकर अश्लील बातें की हैं। तब भी इसके कारनामे वामपंथी-लिबरल-सेक्युलर गैंग के लिए जायज हैं। क्या ये कॉमेडी है? क्या इसे चुटकुलों की श्रेणी में डाला जा सकता है?

इतना ही नहीं, तन्मय भट्ट ‘Me Too’ का भी आरोपित है। महिमा कुकरेजा ने जब तन्मय के साथी उत्सव चक्रवर्ती के के खिलाफ ‘Me Too’ के आरोप लगाए थे, तब ये भी सामने आया था कि तन्मय भट्ट को अपने साथी द्वारा शोषण और यौन छेड़छाड़ के बारे में मालूम था, लेकिन उसने अपने साथी का समर्थन करना पसंद किया। AIB के टूटने के बाद उसने खुद के अवसाद में जाने की बात कर के ‘विक्टिम कार्ड’ खेला, जिसके बाद कॉमेडियन अदिति मित्तल ने उसे लताड़ा था।

कानपुर में जहाँ जल मरी माँ-बेटी, वहाँ सबसे पहले शिवलिंग तोड़े जाने का दावा: डिप्टी CM के भरोसे पर अंतिम संस्कार को माने परिजन

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात (Kanpur, Uttar Pradesh) जिले में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में जलकर हुई माँ-बेटी की मौत के मामले में परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हो गए हैं। दरअसल, प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने पीड़ित परिवार की माँगों को मानने का भरोसा दिया। जानकारी के अनुसार, घटना में मृत लड़की नेहा दीक्षित की शादी कुछ समय बाद होने वाली थी।

दैनिक भास्कर के मुताबिक, मृतक नेहा परिवार में इकलौती लड़की थी। 2 साल पहले उसके भाई शिवम की शादी हुई थी। इसके बाद अब नेहा की शादी की तैयारियाँ कर रहे थे। हादसे की शिकार नेहा और उसकी माँ को पड़ोसी ने बेहद शांत स्वभाव की महिला बताते हैं। घटना वाले दिन प्रमिला का गुस्सा लोगों के लिए अप्रत्याशित था। जैसे ही आग लगी, उसके बाद घर में रखे जेनरेटर की टंकी फट गई थी और डीजल फैल जाने के बाद आग बेकाबू हो गई थी।

वर्तमान व पूर्व सैनिक की केमिस्ट्री

ऑपइंडिया से बात करते हुए शिवम ने इस घटना के मास्टरमाइंड के तौर पर गौरव दीक्षित का नाम लिया था। बताया जा रहा है कि उसे गाँव में गोरे नाम से बुलाया जाता है। भारतीय सेना में सेवा दे रहा गौरव दीक्षित फिलहाल जम्मू में पोस्टेड है। वहीं इस केस में नामजद लेखपाल अशोक भी पूर्व सैनिक बताया जा रहा है।

मृतक के पड़ोसी राजीव के अनुसार, पूर्व व वर्तमान सैनिक की दोस्ती पिछले काफी समय से न सिर्फ मृतक के परिजनों, बल्कि गाँव के कई अन्य लोगों को भी जमीन से जुड़े मामले में परेशान कर रही थी। राजीव ने इस जोड़ी पर जमीनों को हड़पने का भी आरोप लगाया। मड़ौली के ग्राम प्रधान मान सिंह ने भी लेखपाल अशोक की कार्यशैली बेहद विवादित बताई है।

सबसे पहले शिवलिंग तोड़ा

ऑपइंडिया से बात करते हुए शिवम ने बताया कि उनके परिवार ने शिवलिंग की स्थापना करवाई थी, जिसे SDM के आदेश पर तोड़ दिया गया। शिवम का दावा है कि धर्मस्थल तोड़ने में SDM के साथ SHO, लेखपाल और कानूनगो की भी सहमति थी। उन्होंने कहा कि इस तोड़फोड़ का बाकायदा वीडियो भी बनाया गया था।

बिठूर में होगा अंतिम संस्कार

ऑपइंडिया से बात करते हुए शिवम ने बताया कि उनकी माँ और बहन का अंतिम संस्कार बिठूर में चल रहा है। यह जगह उनके घर से कुछ ही दूरी पर है। हिन्दू धर्म में अंतिम संस्कार के लिए गंगा नदी को सबसे उचित स्थान बताते हुए शिवम ने बिठूर गंगा तट को चुने जाने की वजह बताई।

दैनिक जागरण के मुताबिक, जिले के SP और डिप्टी SP ने मृतकों के शव को कंधा दिया था। शिवम ने हमें बताया कि उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने उनकी तमाम माँगे मान ली हैं और आरोपितों को भी कड़ी सजा दिलाने का भरोसा दिया है।