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जब बंदूक लेकर खड़े हो गए बालकृष्ण, भाग खड़े हुए इस्लामी आतंकी: कश्मीर के राजौरी में 6 हिन्दुओं का हुआ अंतिम संस्कार, बोले LG- हिसाब बराबर करेंगे

जम्मू-कश्मीर के राजौरी में आतंकियों के हाथों मारे गए लोगों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। 2 बच्चियों समेत 6 लोगों के अंतिम संस्कार में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। NIA की टीम राजौरी के डाँगरी गाँव पहुँची जहाँ आतंकी हमले में 6 नागरिक मारे गए थे। आपको बता दें कि चुन-चुन कर हिंदुओं को निशाना बना रहे आतंकी और भी लोगों की जान लेने वाले थे लेकिन बालकृष्ण नाम के नौजवान की जवाबी फायरिंग से डरकर दोनों इस्लामी आतंकी दुम दबाकर भाग गए।

दहशतगर्दों के हाथों मारे गए हिंदुओं का अंतिम संस्कार

राजौरी के डाँगरी गाँव में इस्लामिक आतंकियों का निशाना बने हिंदुओं का अंतिम संस्कार कर दिया गया। डाँगरी गाँव में इस दौरान हजारों की संख्या में लोगों की मौजूदगी रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गाँव के सरपंच धीरज शर्मा ने कहा है कि लोगों के पास हथियार होते तो आतंकियों को मुँहतोड़ जवाब दिया गया होता। दरअसल, ग्राम रक्षा समिति (VDC) के सदस्यों को अकस्मात हमलों से निपटने के लिए हथियार दिया जाता है।

राजौरी के डाँगरी गाँव में पुलिस ने 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों से हथियार वापस ले लिए थे। वापस लिए गए हथियारों को दोबारा अलॉट नहीं किया गया। धीरज शर्मा का कहना है कि लोग अपनी सुरक्षा के लिए हथियार उठाने को तैयार हैं। आपको बता दें गाँव के बालकृष्ण ने VDC सदस्य होने के नाते मिले बंदूक से ही आतंकियों पर फायरिंग की थी।

बालकृष्ण की बहादुरी

राजौरी के डाँगरी गाँव में आतंकी एक के बाद एक घरों में दाखिल हो लोगों पर गोलियाँ बरसा रहे थे। इसी बीच जब वे चौथी घर की तरफ बढ़े तभी बालकृष्ण ने आतंकियों पर फायरिंग शुरू कर दी। बालकृष्ण की फायरिंग से डरकर आतंकी भाग खड़े हुए। बालकृष्ण के पास विलेज डिफेंस कमेटी वाली साधारण सी बंदूक थी। उसी बंदूक से उन्होंने आतंकियों के खूनी खेल को रोका और अपने साथ साथ कई लोगों की जान बचाई।

मामले की जाँच के लिए गाँव पहुँची NIA की टीम

राजौरी में हुए दोहरे आतंकी हमले की जाँच राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने शुरू कर दी है। रविवार (01 जनवरी, 2023) की शाम को अंधाधुँध फायरिंग और सोमवार (02 जनवरी, 2023) की सुबह हुए आईईडी धमाके के बाद एनआईए की टीम जाँच के लिए डाँगरी गाँव पहुँची। टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया।

हिसाब बराबर किया जाएगा- एलजी मनोज सिन्हा

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी राजौरी के डाँगरी गाँव पहुँचे जहाँ उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, “सुरक्षा बलों को आतंकियों के पनाहगारों की तलाश के निर्देश दिए गए हैं। दहशतगर्दों से हिसाब बराबर किया जाएगा।” एलजी ने आगे कहा कि मैंने व्यक्तिगत रूप से पीड़ित परिवारों से बातचीत की। हम सब मिलकर उन परिवारों की देखभाल करेंगे। सरकारी नौकरी और मुआवजा भी देंगे। मामले की गंभीरता से जाँच होगी।

एलजी ने कहा कि किसी भी मौत का मुआवजा नहीं होता, लेकिन वित्तीय सहायता प्रशासन का धर्म होता है। मृतकों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये की मदद और एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।

‘पाकिस्तान की टॉप हिरोइनों के साथ सेक्स करते थे आर्मी और ISI चीफ’: पूर्व अधिकारी ने नाम नहीं बताया, लेकिन हनीट्रैप खुलासे को इन चार से जोड़ रहे लोग

लंदन में रहने वाले पाकिस्तान (Pakistan) के पूर्व सैन्य अधिकारी आदिल राजा (Adil Raja) ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा (General Bajwa) और आईएसआई चीफ रह चुके जनरल फैज (General Faiz) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आदिल राजा ने दावा किया है कि बाजवा और पूर्व आईएसआई चीफ फैज टॉप पाकिस्तानी एक्ट्रेस को खुफिया एजेंसी के मुख्यालय या सेफ हाउस में बुलाकर उनके साथ जिस्मानी रिश्ते बनाते थे। साथ ही देश के सियासतदानों का हनीट्रैप करने के लिए इन एक्ट्रेस को उनके पास भेजते थे और फिर उनका वीडियो बना लेते थे।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपने वीडियो ब्‍लॉग में राजा ने खुलासा किया, “कहा जा रहा है कि पाकिस्तान की टॉप मॉडल और एक्ट्रेस आईएसआई के सेफ हाउसेस और बी मेस में आकर ठहरती थीं। यहाँ उनका इस्तेमाल किया जाता था। जरनल फैज हमीद और जनरल बाजवा का यह दावा है कि ये लोग भी इन एक्ट्रेस का इस्तेमाल करते थे। उनके अलावा जब बाकी सियासतदानों को बुलाया जाता था, तो उनकी वीडियो भी बनाई जाती थी। इस मामले में चार टॉप एक्ट्रेस के नाम सामने आए हैं, जिनका मैं नाम नहीं लूँगा। मैं सिर्फ उनके बारे में संकेत दे सकता हूँ। पहला MH, दूसरा MK, तीसरा KK और चौथा नाम SA है। बस इससे ज्यादा मैं आपको कुछ नहीं बताऊँगा। ज्यादा गंद उछालने की जरूरत नहीं है। समझने वाले समझ जाएँ।”

उन्होंने अपनी बात को जारी रखते हुए आगे कहा, “मेरे लिए इस बात को आपसे शेयर करना बेहद तकलीफदेह है। अल्लाह मेरा गवाह है। ये जज्बात खुद ब खुद उबल रहे हैं। जब मुझे बताते हुए इतनी तकलीफ हो रही है, तो सुनने वालों को तो तकलीफ होती ही होगी।”

आदिल राजा का यह वीडियो 31 दिसंबर 2022 का है। उन्होंने अपने वीडियो में किसी का नाम नहीं लिया है। लेकिन राजा ने जो संकेत दिए हैं उसके बाद सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की टॉप एक्ट्रेस माहिरा खान, मेहविश हयात, कुब्रा खान और सजल अली का नाम जोड़ा जा रहा है। इसको लेकर माहिरा को छोड़कर तीन हिरोइनों की प्रतिक्रिया सामने आई है।

मेहविश हयात ने आदिल राजा को फटकारा

पाकिस्तानी अभिनेत्री मेहविश हयात ने सनसनीखेज दावे करने वाले आदिल राजा को आड़े हाथों लेते हुए ट्विटर पर मंगलवार (3 जनवरी 2022) को लिखा, “सस्ती शोहरत हासिल करने के लिए कुछ लोग इंसानियत के दर्जे से भी गिर जाते हैं। उम्मीद है कि आप अपने दो मिनट के फेम का आनंद उठा रहे होंगे। सिर्फ इसलिए कि मैं एक अभिनेत्री हूँ, इसका मतलब यह नहीं है कि मेरे ऊपर कीचड़ उछाला जाए। किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में बेबुनियाद आरोप लगाना, जिसके बारे में आप कुछ जानते भी नहीं हैं। इसके लिए आपको शर्म आनी चाहिए।” अपने दूसरे ट्वीट में मेहविश लिखती हैं, “इससे भी बड़ी शर्म की बात उन लोगों के लिए है, जो इस बकवास पर विश्वास करते हैं। यह हमारे समाज की उस बीमारी को दर्शाता है जो बिना सोचे-समझे इस गटर वाली पत्रकारिता पर विश्वास करते हैं। लेकिन अब यह सब बंद करो। मैं किसी को अपना नाम बदनाम करने की इजाजत नहीं दूँगी।”

सजल अली ने आदिल के दावों की कड़ी निंदा की

एक्ट्रेस सजल अली आदिल के दावों से काफी गुस्से में हैं। उन्होंने अपने ही देश की इस हरकत की जमकर आलोचना की है। सजल अली ने सोमवार (2 जनवरी 2022) को अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, “बड़े दुख की बात है कि हमारा देश नैतिक रूप से निराधार और कुरूप होता जा रहा है। किसी को बदनाम करने के लिए उसके चरित्र पर उँगली उठाना मानवता और पाप का सबसे घिनौना रूप है।”

कुब्रा खान भी हुईं आगबूबला

कुब्रा खान ने आदिल राजा के दावों को निराधार बताते हुए इसकी आलोचना की है। कुब्रा खान ने सोमवार (2 जनवरी 2022) को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में आदिल राजा के दावों को निराधार बताया। कुब्रा खान ने सोमवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में आदिल को चेतावनी देते हुए लिखा कि वह अपने ऊपर उँगली उठाने वालों के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगी। उन्होंने जो दावे किए हैं उन्हें तीन दिनों में साबित करें, नहीं तो वह पूर्व पाकिस्‍तानी सैन्‍य अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने जा रही हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में लिखा, “मैं सच पे हूँ। मैं हक पे हूँ और मैं किसी के बाप से नहीं डरती हूँ।”

फोटो साभार: कुब्रा खान का इंस्टाग्राम

आदिल राजा ने दी सफाई

सोशल मीडिया पर चौतरफा घिरने के बाद आदिल राजा ने कुब्रा खान की पोस्ट पर सफाई देते हुए लिखा, “मिस कुब्रा एम खान, मैंने किसी भी तरह से आपका नाम नहीं लिया है या आपको बदनाम नहीं किया है। मैं सोशल मीडिया पर किसी का नाम लिए जाने की निंदा करता हूँ। हालाँकि, आपने अटकलों के आधार पर स्पष्ट रूप से मेरा नाम लिया और मुझे बदनाम किया। अच्छी बात है कि आप यूके आ रही हैं।”

संसद में चर्चा के दौरान मुस्लिम नेता का जिक्र, सफेद टोपी वाले सांसद ने गर्भवती महिला MP के पेट पर मारी लात: हुई जेल, देखिए Video

पश्चिमी अफ्रीकी देश सेनेगल में गर्भवती महिला सांसद के साथ हाथापाई करने और पेट में लात मारने के आरोप में दो सांसदों को 6 महीने की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा, दोषी सांसदों को सरकारी खजाने में जुर्माना और पीड़ित सांसद को मुआवजा भी देना होगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 1 दिसंबर 2022 को सेनेगल की संसद में न्याय मंत्रालय के बजट पर बहस चल रही थी। इसी दौरान विपक्षी सांसदों ममदौ नियांग और मसाटा सांब ने सत्ताधारी पार्टी की महिला सांसद एमी नदिये के साथ हाथापाई। जवाब में जब नदिये ने कुर्सी फेंकी तो सफेद टोपी में दिख रहे सांसद ने उनके पेट पर लात मार दी। आप नीचे इसका वीडियो देख सकते हैं। नियांग और सांब चर्चा के दौरान एक प्रभावशाली मुस्लिम नेता की चर्चा से नाराज थे। यह मुस्लिम नेता संसद के सदस्य नहीं है, लेकिन विपक्ष के समर्थक हैं।

संसद में गर्भवती महिला सांसद के साथ हुई इस घटना की हर तरफ निंदा हुई थी। वीडियो सामने आने के बाद लोग महिलाओं अधिकारों के बारे में भी बात कर रहे थे। अब नियांग और साब को नदिए को 8100 डॉलर का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है।

संसद सत्र के दौरानगर्भवती महिला सांसद पर हुए इस हमले की सुनवाई 19 दिसंबर 2022 से शुरू हुई थी। अब सांसदों को दोषी ठहराते हुए 6 महीने की सजा सुनाई गई है। सजा के अलावा दोनों सांसदों को 1 लाख सीएफए फ्रैंक (करीब 13400 रुपए) बतौर जुर्माना और 5 मिलियन सीएफए फ्रैंक (करीब 673400 रुपए) बतौर मुआवजा भरना पड़ेगा।

इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद पूरी दुनिया में सांसदों के इस कृत्य की आलोचना हो रही है। लोग इसे महिलाओं की सुरक्षा से लेकर घरेलू हिंसा तक से जोड़ कर देख रहे हैं।

मारपीट होने के बाद एमी नदिये बेहोश हो गईं थीं। उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। नदिये के वकील बाबूकर सिसे का कहना है कि वह गर्भवती थीं और उन्हें इस बात का डर था कि वह अपने बच्चे को खो सकती हैं। उन्हें हॉस्पिटल से छुट्टी मिल गई है। लेकिन अब भी वह बेहद कठिन स्थिति से गुजर रहीं हैं। एक ओर जहाँ घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वहीं, दोषी ठहराए गए सांसदों के वकीलों ने कोर्ट में कहा था कि दोनों सांसदों ने महिला पर हमला नहीं किया था।

प्रियंका जी माना आपके भाई को अडानी-अबांनी नहीं खरीद पाए, पर वह कौन सा राहुल गाँधी है ​जिसे ‘अडानी का यार’ कहता है हसदेव अरण्य

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने जब सितंबर 2022 में भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) शुरू की, उस समय मैं कॉन्ग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में था। जब कन्याकुमारी में वे भारत माता को गाली देने वाले पादरी की पाठशाला में बैठे थे, मैं बारिश में हसदेव अरण्य की (Hasdeo Aranya) ओर बढ़ रहा था। मैं आपको ये सब इसलिए बता रहा, क्योंकि 3 जनवरी 2023 को जब राहुल की यात्रा का दूसरा चरण शुरू हुआ, उनकी बहन और कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने एक दावा किया है।

उत्तर प्रदेश में यात्रा के प्रवेश के दौरान लोनी बॉर्डर के मंच से प्रियंका गाँधी ने दावा किया कि अडानी, अंबानी ने बड़े से बड़े नेता खरीद लिए। देश की मीडिया खरीद ली। लेकिन उनके भाई राहुल गाँधी को नहीं खरीद पाए और ना कभी खरीद पाएँगे।

इसी तरह का दावा आजकल प्रणय रॉय नामक सेठ का मुलाजिम रहा एक पत्रकार भी करता फिर रहा है। उसकी बात फिर कभी। आज प्रियंका गाँधी के अडानी वाले दावे को सुनते ही मुझे अचानक से हसदेव अरण्य याद आ गया। मुझे वह राजनीतिक दोगलापन याद आने लगा जिसके पीड़ित छतनार के पेड़ों के बीच बनी एक झोपड़ी में उस बारिश के बीच बैठे थे, जब मैं उनके पास पहुँचा था। खुद को पीड़ित बताने वाले जनजातीय समाज के ये लोग अडानी के लिए राहुल गाँधी पर धोखा देने का आरोप लगा रहे थे।

दूर-दूर तक फैली हरियाली से होकर आप छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के घने जंगलों के बीच स्थित हरिहरपुर पहुँचते हैं। यहीं वह जगह, वह झोपड़ी और वे लोग मुझे मिले थे जो 02 मार्च 2022 से अनिश्चतकालीन धरने पर बैठे थे। हरिहरपुर, सालही, फतेहपुर, घाटबर्रा, चारपाड़ा, मदनपुर जैसे कई गाँव के जनजातीय समाज ‘हसदेव बचाओ’ के नारे के साथ छत्तीसगढ़ की कॉन्ग्रेस सरकार और अडानी समूह के खिलाफ संघर्षरत थे। राहुल गाँधी पर वादाखिलाफी का आरोप लगा रहे थे। उनका कहना था कि परसा में खदान की अनुमति फर्जी ग्रामसभा का आयोजन कर दी गई। खुदाई की वजह से वे करीब 4.5 लाख पेड़ों की कटाई होने का दावा कर रहे थे। यह भी कहना था कि कॉन्ग्रेस सरकार ने उनसे संवाद करने को एक अधिकारी तक नहीं भेजा, लेकिन जबरन पेड़ काटने के लिए उसका अमला आए दिन धमक जाता है।

कॉन्ग्रेस से इनलोगों की नाराजगी की वजह राहुल गाँधी का वह वादा था, जो उन्होंने 2015 में किया था। हरिहरपुर से करीब 15 किलोमीटर दूर मदनपुर में जून 2015 में राहुल गाँधी ने एक सभा की थी। इस दौरान इन ग्रामीणों को भरोसा दिलाया था कि राज्य में कॉन्ग्रेस की सरकार बनने पर इस इलाके में खुदाई की अनुमति नहीं होगी। उनके गाँव नहीं उजड़ने दिए जाएँगे। इस वादे पर भरोसा कर इनलोगों ने 2018 के विधानसभा चुनावों में कॉन्ग्रेस को समर्थन दिया। राज्य में भूपेश बघेल के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस की सरकार भी आ गई। इसके बाद कॉन्ग्रेस और राहुल गाँधी ने यह वादा भूला दिया।

वादा याद दिलाने के लिए यहाँ के करीब 300 ग्रामीणों ने 4 अक्टूबर 2021 को एक पदयात्रा शुरू की। यह 11 अक्टूबर को रायपुर पहुँची। बघेल सरकार को राहुल गाँधी का वादा याद दिलाया। आश्वासन मिला, पर हुआ कुछ नहीं। इसके बाद ग्रामीणों का एक दल दिल्ली आकर राहुल गाँधी से मिला। उन्होंने भी कथित तौर पर फिर भरोसा दिलाया। फिर भी कोई पहल नहीं हुई तो ग्रामीणों ने ‘हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति’ के बैनर तले धरना शुरू किया था।

सालही के नंदराम ने ऑपइंडिया को बताया था, “छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेस सरकार आने से हम लोगों को लगा कि जब ये नरवा, गरुआ, घुरुवा की बात कर रही है तो यह खदान आवंटन रद्द करेगी। लेकिन यह नरवा, घुरुवा को उजाड़ने का काम कर रही है।” उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ का परसा कोल ब्लॉक राजस्थान राज्य विद्युत् उत्पादन निगम लिमिटेड को आवंटित है। राजस्थान की सरकार ने अनुबंध पर इसे खनन के लिए अडानी समूह को दिया है। राजस्थान में भी कॉन्ग्रेस की ही सरकार है।

मुझे यह नहीं पता कि इस ठंड में भी हसदेव अरण्य के बीच बनी उस झोपड़ी के नीचे लोग बैठे हैं या नहीं। मुझे यह भी नहीं पता कि मेरे आने के बाद कितने पेड़ों की कटाई हुई है। हाल ही में हसदेव अरण्य खनन परियोजना पर रोक से सुप्रीम कोर्ट ने भी इनकार किया है। मैं इस विमर्श में भी नहीं पड़ना चाहता कि यह परियोजना उस समय भी चल रही थी, जब छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार हुआ करती थी।

ये सब बातें इसलिए बेमानी हैं ​क्योंकि ये सारे तथ्य 2015 में भी थे। बावजूद राहुल गाँधी ने इनके गाँवों को उजड़ने नहीं देने का वादा किया था। लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्होंने इनलोगों की सुध तक लेने की कोशिश नहीं की। न ही उनकी सरकार ने इनसे संवाद का प्रयास, जबकि कॉन्ग्रेस की ही सरगुजा यूनिट और इसी इलाके से आने वाले बघेल सरकार के मंत्री टीएस सिंहदेव इनको समर्थन देने की बात करते रहे।

बावजूद लोनी बॉर्डर से प्रियंका गाँधी जो दंभ रही थीं, वह बताता है कि कॉन्ग्रेस के शीर्ष परिवार को आज भी लगता है कि इस देश की जनता मूर्ख है। उसे वह उसी तरह झाँसा दे पाएगी, जैसे देकर उसने 70 सालों तक राज किया। लेकिन उन्हें पता होना चाहिए कि आज के भारत में जैसे इस तरह का दावा करने वाले एंकर की टीआरपी जीरो है, वैसे ही कॉन्ग्रेस के शीर्ष परिवार की क्रेडिबिलिटी भी जीरो है।

हसदेव अरण्य में चल रहे आंदोलन पर हमारी ग्राउंड रिपोर्ट को आप इस लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं

‘हिन्दू विरोधी और क्रूर नहीं था औरंगजेब’: NCP नेता ने शरद पवार के भतीजे के बयान का किया समर्थन, अजित पवार ने कहा था – संभाजी धर्मवीर नहीं

महाराष्ट्र में इन दिनों छत्रपति संभाजी महाराज और औरंगजेब को लेकर सियासी पारा गर्म है। महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजित पवार ने छत्रपति संभाजी महाराज पर टिप्पणी की थी जिसे लेकर उनकी चौतरफा आलोचना होने लगी। इसी बीच अजित पवार के बचाव में एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड उतर आए हैं। जितेंद्र आव्हाड ने एक कदम आगे बढ़ते हुए कहा कि अगर औरंगजेब क्रूर या हिंदू विरोधी होता तो वह उस मंदिर को भी तोड़ देता जहाँ संभाजी महाराज की आँखें निकाल दी गई थीं।

“छत्रपति संभाजी धर्मवीर थे या नहीं?” – महाराष्ट्र की सियासत में इस सवाल पर घमासान मचा हुआ है। इस पर तर्क और कुतर्क रखे ही जा रहे थे कि नेता प्रतिपक्ष अजित पवार के बचाव में उतरे एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड ने औरंगजेब को लेकर विवादित टिप्पणी कर दी। जितेंद्र ने कहा, “छत्रपति संभाजी महाराज को बहादुरगढ़ लाया गया, जहाँ उनकी आँखें निकाल दी गईं। बहादुरगढ़ किले के पास एक विष्णु मंदिर था। अगर औरंगजेब क्रूर या हिंदू विरोधी होता तो वह उस मंदिर को भी तोड़ देता।”

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड के बयान पर पलटवार किया। सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि एनसीपी छत्रपति संभाजी महाराज का अपमान कर रही है और औरंगजेब की तारीफ कर रही है। उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने महाराष्ट्र में कई मंदिरों को तोड़ा और महिलाओं पर अत्याचार किया।

इससे पहले महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन एनसीपी नेता अजित पवार ने कहा था कि छत्रपति संभाजी महाराज धर्मवीर नहीं थे, बल्कि स्वराज्य रक्षक थे। इसके बाद से ही पूरे महाराष्ट्र में अजित पवार के इस बयान की आलोचना शुरू हो गई थी। मामले के बीच ही एनसीपी के दूसरे नेता ने एक कदम आगे बढ़ते हुए औरंगजेब को लेकर दावा कर दिया कि वह क्रूर और हिंदू विरोधी नहीं था।

क्या कहता है इतिहास?

छत्रपति शिवाजी महाराज के बड़े बेटे संभाजी महाराज 1689 की शुरुआत में हुए मुगल-मराठा युद्ध में पकड़े गए। संभाजी राजे और कवि कलश को औरंगजेब के पास पेश करने से पहले बहादुरगढ़ ले जाया गया था। औरंगजेब ने शर्त रखी थी कि संभाजी राजे धर्म -रिवर्तन कर इस्लाम अपना लें तो उनकी जान बख्श दी जाएगी। संभाजी राजे ने यह शर्त मानने से इनकार कर दिया। 40 दिन तक औरंगजेब के अंतहीन अत्याचारों के बाद 11 मार्च, 1689 को फाल्गुन अमावस्या के दिन संभाजी महाराज की मृत्यु हो गई।

असहनीय यातनाओं को सहते हुए भी संभाजी राजे ने धर्म के प्रति अपनी निष्ठा नहीं छोड़ी। इसलिए इतिहास ने उन्हें धर्मवीर की उपाधि दी।

हाजी जान मोहम्मद ने 60वें बच्चे के जन्म के साथ किया नए साल का स्वागत, अल्लाह का शुक्रिया अदा किया: कहा – और बेगम लाऊँगा, 100 बच्चे पैदा करने हैं

पाकिस्तान (Pakistan) के क्वेटा में रहने वाले हाजी जान मोहम्मद के घर नए साल पर 60वें बच्चे ने जन्म लिया। इसके बाद भी हाजी और बच्चे पैदा करना चाहता है। उसने कहा कि वह और बच्चों के लिए चौथा निकाह करेगा। बताया जा रहा है कि हाजी जान मोहम्मद के 60 बच्चे उसकी तीन बीवी से पैदा हुए हैं, जबकि उसके 5 बच्चों की मौत हो चुकी है। जान मोहम्मद के 55 बच्चे जीवित और स्वस्थ हैं।

जान मोहम्मद ने मीडियाकर्मियों को बताया कि नए साल के मौके पर उसके घर में एक और बच्चे का जन्म होने से वह बहुत खुश है। उन्होंने उस बच्चे का नाम हाजी खुश खल खाँ रखा है। जान की तीनों बीवी और सभी बच्चे एक ही घर में रहते हैं। वह पेशे से कंपाउंडर हैं और अपना क्लीनिक चलाता है। अभी भी उसकी ख्वाहिश है कि उसके और बच्चे हों और इसके लिए वह चौथी बीवी तलाश कर रहा है। बीते दिनों 60 बच्चों के अब्बा ने कहा था कि वह 100 बच्चे पैदा करना उसका लक्ष्य है।

वह इतने सारे बच्चे देने के लिए अल्लाह का शुक्रगुजार है। सोशल मीडिया पर यह खबर वायरल होने के बाद यूजर्स जमकर मजे ले रहे हैं। एक यूजर ने हाजी के मजे ​लेते हुए कहा कि बस अब 15 ही और बचे है। वो भी कर लोगे तो घर में ही प्राइमरी स्कूल खोल सकते हो सब के लिए और एक मैथ्स टीचर, साइन्स टीचर, पीटी टीचर और सोशल स्टडीज की टीचर से शादी कर लो।

एस राजभर ने लिखा, “आगे चलकर एक नया पाकिस्तान बनाएँगे हाजी साहब।”

सात्विक लिखते हैं, “देश कंगाली के रास्ते पर है, हाजी जान मोहम्मद आबादी बढ़ाने के रास्ते।”

चंदन सिंह ने लिखा, “बहुत बढिया, लगे रहो, तालिबान को दूसरे मुस्लिमों से लड़ने के लिए और लड़ाकों की जरूरत है।”

रक्षित ने लिखा, “आश्चर्य किस बात का, उनका लक्ष्य तय है कि उन्हें दुनिया पर कब्जा करना है चिंता तो दूसरों को करनी है कि जब ये उनसे तादाद में ज्यादा होंगे तो तुम्हारी आने वाली पीढ़ियों का क्या भविष्य होगा।”

होटल में नए साल की पार्टी, कमरा नंबर 104, शराब और झगड़ा: कार में घिसटने और नग्न लाश मिलने से पहले भी दिल्ली में हुआ था बहुत कुछ

दिल्ली में नए साल पर कार से घसीटी गई लड़की की मौत के मामले में नए तथ्य सामने आए हैं। मृत लड़की के स्कूटी लेकर होटल से निकलने के CCTV फुटेज सामने आए हैं। कहा जा रहा है कि लड़की ने होटल में पार्टी के लिए दो कमरे बुक किए थे। उसके दोस्त आए थे, जिसमें लड़के भी थे। होटल में झगड़ा होने की बात भी कही जा रही। पुलिस होटल में मौजूद रहे लड़कों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

इससे पहले यह बात सामने आई थी कि मृत लड़की अपनी एक दोस्त के साथ स्कूटी पर होटल से निकली थी। एक्सीडेंट के बाद यह लड़की मौके से डरकर भाग गई थी। टक्कर मारने के बाद लड़की कार के साथ करीब 12 किलोमीटर तक घसीटती रही। होटल मैनेजर अनिल ने दावा किया है कि दोनों लड़कियाँ 31 दिसंबर 2022 की शाम 7.30 बजे के आसपास होटल पहुँची थीं। उन्होंने, होटल का कमरा नंबर 104 बुक कराया था। उनसे मिलने के लिए कुछ लड़के भी होटल आए थे। इसके बाद, दोनों ने लड़ना-झगड़ना शुरू कर दिया।

मैनेजर ने यह भी दावा किया है कि इस होटल में आए उसे एक महीना ही हुआ है। इस दौरान उसने पहले भी मृतका को यहाँ अपने दोस्त के साथ आते देखा था। नाइट शिफ्ट के स्टाफ ने उनके झगड़े को रोकने की कोशिश की थी। झगड़ा शांत न होने पर मैनेजर ने उन दोनों को नीचे जाने को कह दिया था। नीचे जाने के बाद भी दोनों लड़कियाँ लड़तीं रहीं। उनके साथ 5-7 लोग थे। दोनों एक-दूसरे को गालियाँ दे रहीं थीं। इससे, आसपास के लोग वहाँ जमा हो गए थे। वहाँ खड़े लोगों ने उन्हें मना किया तो दोनों स्कूटी में बैठकर करीब 1:15 बजे वहाँ से चली गईं।

होटल के एक अन्य स्टाफ रोहित ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में दावा किया कि दोनों लड़कियाँ पार्टी कर रही थीं। उन्होंने शराब पी रखी थी। काफी देर तक लड़ाई-झगड़ा चलता रहा। उन्हें समझाने की कोशिश भी की गई। फिर दोनों यहाँ से चली गईं। वहीं, होटल के सामने दोनों लड़कियों के झगड़ने का वीडियो भी सामने आया है।

घटना का CCTV सामने आने के बाद, पुलिस ने मृत युवती के साथ नजर आई लड़की से संपर्क किया है। साथ ही, पुलिस ने होटल में युवती के साथ देखे गए लड़कों को भी हिरासत में लिया है। इस बारे में पुलिस ने हा है, “कुछ लड़के होटल में लड़कियों के साथ देखे गए थे। उन लड़कों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। लड़कों के लिए एक अलग कमरा बुक था। होटल के कर्मचारियों ने उन्हें लड़की से बात करते हुए देखा था।”

पोस्टमार्टम में बलात्कार की पुष्टि नहीं

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि प्रारंभिक मेडिकल जाँच में पीड़िता के प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान या घाव नहीं मिले हैं। जिसको लेकर कहा जा रहा है कि मृतका के साथ बलात्कार नहीं हुआ। वहीं, डीसीपी हरेंद्र सिंह ने भास्कर से हुई बातचीत में इसे नकारते हुए कहा है कि यह सिर्फ कयास हैं। अभी रिपोर्ट आने का इंतजार करना होगा।

लड़की का शव नग्नावस्था में हुआ था बरामद

बता दें कि नए साल पर युवती स्कूटी से अपने घर लौट रही थी। तभी, एक कार से उसका एक्सीडेंट हुआ। एक्सीडेंट में युवती कार के निचले हिस्से में फँस गई, लेकिन आरोपितों ने कार नहीं रोकी। इस कारण युवती 10-12 किलोमीटर तक लगातार घिसटती चली गई। इस हादसे में, युवती के पैर भी कट चुके थे। सूचना पाकर घटनास्थल पर पहुँची पुलिस ने दिल्ली के कंझावला थाना क्षेत्र से लड़की का शव नग्नावस्था में बरामद किया। पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

‘जैसे भारत के सामने सरेंडर किया था, दोबारा यही हाल कर देंगे’: Pak ने धमकाया तो तालिबान नेता ने शेयर कर दी 1971 युद्ध की तस्वीर

तालिबान के नेता यासिर अहमद (Yasir Ahmad) ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है। दरअसल, पाकिस्तान के गृह मंत्री राना सनाउल्लाह (Rana Sanaullah) ने अफगान तालिबान को धमकी देते हुए कहा था कि अगर ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP)’ ने अपने हमले नहीं रोके तो पाकिस्तान, अफगानिस्तान में इन्हें घुसकर मारेगा। इसी के जवाब में तालिबान के नेता ने पाकिस्तान को चेतावनी दी और 1971 में भारतीय सेना के हाथों पाकिस्तान की शर्मनाक हार की फोटो पोस्ट कर दी।

यासिर अहमद ने एक ट्वीट में यह ऐतिहासिक फोटो पोस्ट की है। ये तस्वीर भारतीय सेना की वीरता का प्रतीक है। 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तानी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आमिर अब्दुल्लाह खान नियाजी ने भारतीय सेना के समक्ष सरेंडर दस्तावेजों पर साइन किए थे। पाकिस्तानी सेना के सरेंडर के बाद विश्व पटल पर एक नए देश बांग्लादेश का उदय हुआ था।

इसी फोटो के बहाने यासिर अहमद ने पाकिस्तान का मजाक उड़ाते हुए कहा, “पाकिस्तान के गृह मंत्री जी, यह बड़े से बड़े साम्राज्यों का कब्रिस्तान है। अफगानिस्तान कोई सीरिया या पाकिस्तान नहीं है। हम पर हमला करने की सोचना भी मत, नहीं तो भारत के सामने जिस तरह से सरेंडर किया था, वही शर्मनाक हाल दोबारा होगा।”

दरअसल, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के संबंध बीते कुछ वक्त से खराब हो गए हैं। दोनों देशों में तल्खी का कारण तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) है। TTP लगातार पाकिस्तान में हमले को अंजाम दे रहा है। TTP अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर यानि डूरंड रेखा (Durand Line) को भी नहीं मानता। इस वजह से दोनों देशों के बीच यहाँ आए दिन झड़प होते रहते हैं। इसी के मद्देनजर पाकिस्तान के गृह मंत्री ने अफगानिस्तान को गुरुवार (27 दिसम्बर, 2022) को चेतावनी दी थी।

उन्होंने कहा था, “TTP के आतंकी पाकिस्तान में हमले के बाद भागकर अफगानिस्तान में छुप जाते हैं। अगर अफगानिस्तान ने इन आतंकियों को पनाह देना बंद नहीं किया तो हम अफगानिस्तान में घुसकर इन्हें मारेंगे। हमे पता है कि अफगानिस्तान में इनके ठिकाने कहाँ हैं। इन्हें हथियार भी वहीं से मिलता है।” वहीं अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने भी पाकिस्तान के गृह मंत्री के बयान को लेकर प्रतिक्रिया दी थी। मंत्रालय ने कहा था कि अफगानिस्तान में TTP को कहीं पनाह नहीं दिया जाता है। ये आरोप बेबुनियाद हैं। फिर भी पाकिस्तान ने अगर हमला किया तो उन्हें मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

ओडिशा में तीसरे रूसी नागरिक की संदिग्ध मौत, जहाज पर मृत पाए गए चीफ इंजीनियर: इससे पहले सांसद और उनके दोस्त की मिली थी लाश

ओडिशा में एक और रूसी नागरिक की लाश मिली है। मृतक की पहचान मिलाकोव सर्गेई के रूप में हुई है जो जगतसिंहपुर जिले के पारादीप बंदरगाह पर ठहरे जहाज में मृत पाए गए हैं। इसके पहले भी ओडिशा में एक रूसी सांसद समेत 2 रूसी नागरिक मृत पाए गए हैं। जिसकी जाँच जारी है। राज्य में 15 दिनों के अंदर यह तीसरी घटना है जब किसी रूसी नागरिक को मृत पाया गया है।

ओडिशा में मंगलवार (3 जनवरी, 2023) को मिलाकोव सर्गेई जहाज ‘एम बी अलदना’ के मुख्य इंजीनियर थे। जहाज बांग्लादेश के चटगाँव बंदरगाह से मुंबई जा रहा था। सुबह लगभग 4.30 बजे रूसी नागरिक जहाज के अपने कक्ष में मृत अवस्था में मिले। फिलहाल उनके मौत की वजह स्पष्ट नहीं है। पारादीप पोर्ट ट्रस्ट के अध्यक्ष पी एल हरानंद ने रूसी इंजीनियर की मौत की पुष्टि करते हुए मामले की जाँच जारी होने की बात कही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने जहाज के मास्टर के हवाले से इतना कहा कि सर्गेई की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। पोस्टमॉर्टम के बाद ही सर्गेई की मौत के सही वजह सामने आ सकेंगे।

दिसंबर 2022 में सांसद और उनके दोस्त की मौत

रूसी सांसद पावेल एंटोव की फाइल तस्वीर (साभार जागरण)

आपको बता दें इसके पहले भी दिसंबर 2022 में ओडिशा के रायगड़ा में एक रूसी सांसद और उनके साथी की मृत्यु हो गई थी। 22 दिसंबर को 61 वर्षीय रूसी नागरिक व्लादिमीर बाइडेनोव अपने कमरे में मृत पाए गए थे। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। उसके एक दिन बाद, यानी 24 दिसंबर को 65 साल के सांसद पावेल एंटोव होटल की तीसरी मंजिल से गिर गए थे। जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी।

क्यों उठ रहे हैं सवाल?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूसी सांसद पावेल एंटोव और उनके मित्र व्लादिमीर बाइडेनोव दोनों रूसी प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन के आलोचक रहे हैं। संदेह का दूसरा कारण रूसी सांसद के मौत मामले में विसरा सुरक्षित न रखे जाने को लेकर भी सवाल उत्पन्न हो रहे हैं। दोनों को दफ़नाने की जगह जलाया गया था, हालाँकि रूसी राजदूत ने साफ़ किया था कि ईसाई मजहब के एक समूह में ऐसा होता है। संदेह का तीसरा कारण है तीनों की मौत ओडिशा में होना। दिसंबर 2022 में हुई दोनों मौतों की जाँच राज्य पुलिस और सीआईडी की टीम कर रही है।

इसमें इंटरपोल की भी मदद लेने पर विचार किया जा रहा है। दिसंबर महीने में दो दिनों के भीतर दो रूसी नागरिकों की मौत के लगभग 10 दिनों बाद एक और रूसी नागरिक की मौत से संदेह और गहराता जा रहा है।

झारखंड सरकार के फैसले के खिलाफ जैन मुनि ने किया प्राण-त्याग, 10 दिनों से अनशन पर बैठे थे: सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल बनाने के खिलाफ है समाज

झारखंड में स्थित जैन तीर्थ सम्मेद शिखर को बचाने के लिए आमरण अनशन पर बैठे मुनि सुज्ञेयसागर महाराज का निधन हो गया है। वह राज्य सरकार के जैन तीर्थ सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल बनाए जाने के फैसले के खिलाफ 25 दिसंबर, 2022 से जयपुर के सांगानेर स्थित जैन समाज के मंदिर में आमरण अनशन कर रहे थे। दसवें दिन यानी मंगलवार (3 जनवरी, 2022) को उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आज सुबह उनकी ‘डोल यात्रा’ सांगानेर संघीजी मंदिर से निकाली गई। इस दौरान आचार्य सुनील सागर सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग मौजूद रहे। कहा जा रहा है कि जैन मुनि काे जयपुर के सांगानेर में समाधि दी गई। ‘अखिल भारतीय जैन बैंकर्स फोरम’ के अध्यक्ष भागचन्द्र जैन ने बताया कि सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने के बाद से मुनि ने आमरण अनशन शुरू कर दिया था। उन्होंने सम्मेद शिखर को बचाने के लिए बलिदान दिया है। मुनीश्री सम्मेद शिखर से भी जुड़े हुए थे। इन्हें सांगानेर में श्रमण संस्कृति संस्थान में समाधि दी जाएगी।

सोशल मीडिया पर भी लोग मुनि सुज्ञेयसागर महाराज के इस तरह से जाने से दुःखी नजर आए। हर्ष लिखते हैं, “मुनीश्री सुज्ञेयसागर जी महाराज ने सम्मेद शिखर को बचाने के लिए जो बलिदान दिया है, उसे सम्पूर्ण समाज जगत कभी नहीं भूलेगा। मुनीश्री सुज्ञेयसागर महाराज के बलिदान पर कोटि-कोटि नमन। इन्हें जयपुर के सांगानेर में श्रमण संस्कृति संस्थान में समाधि दी जाएगी।”

झारखंड के गिरिडीह जिले में पारसनाथ पहाड़ी पर स्थित सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने के खिलाफ देश भर में विरोध प्रदर्शन जारी है। पारसनाथ पहाड़ी दुनिया भर के जैन धर्मावलंबियों के बीच सर्वोच्च तीर्थ सम्मेद शिखर के रूप में प्रसिद्ध है।

गौरतलब है कि जैन समाज के लोग झारखंड के गिरिडीह जिले में स्थित जैन तीर्थ स्थल सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल में बदलने का फैसला वापस लेने की माँग कर रहे हैं। इसको लेकर उन्होंने हाल ही में दिल्ली के प्रगति मैदान में इकट्ठे होकर इंडिया गेट की ओर मार्च किया। उनका कहना है कि वे झारखंड सरकार के फैसले के खिलाफ राष्ट्रपति भवन में ज्ञापन देंगे। इसके अलावा जैन समाज के लोगों ने मुंबई में भी सड़कों पर उतरकर मार्च निकाला।