Sunday, July 14, 2024
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जब बंदूक लेकर खड़े हो गए बालकृष्ण, भाग खड़े हुए इस्लामी आतंकी: कश्मीर के राजौरी में 6 हिन्दुओं का हुआ अंतिम संस्कार, बोले LG- हिसाब बराबर करेंगे

राजौरी के डाँगरी गाँव में आतंकी एक के बाद एक घरों में दाखिल हो लोगों पर गोलियाँ बरसा रहे थे। इसी बीच जब वे चौथी घर की तरफ बढ़े तभी बालकृष्ण ने आतंकियों पर फायरिंग शुरू कर दी।

जम्मू-कश्मीर के राजौरी में आतंकियों के हाथों मारे गए लोगों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। 2 बच्चियों समेत 6 लोगों के अंतिम संस्कार में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। NIA की टीम राजौरी के डाँगरी गाँव पहुँची जहाँ आतंकी हमले में 6 नागरिक मारे गए थे। आपको बता दें कि चुन-चुन कर हिंदुओं को निशाना बना रहे आतंकी और भी लोगों की जान लेने वाले थे लेकिन बालकृष्ण नाम के नौजवान की जवाबी फायरिंग से डरकर दोनों इस्लामी आतंकी दुम दबाकर भाग गए।

दहशतगर्दों के हाथों मारे गए हिंदुओं का अंतिम संस्कार

राजौरी के डाँगरी गाँव में इस्लामिक आतंकियों का निशाना बने हिंदुओं का अंतिम संस्कार कर दिया गया। डाँगरी गाँव में इस दौरान हजारों की संख्या में लोगों की मौजूदगी रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गाँव के सरपंच धीरज शर्मा ने कहा है कि लोगों के पास हथियार होते तो आतंकियों को मुँहतोड़ जवाब दिया गया होता। दरअसल, ग्राम रक्षा समिति (VDC) के सदस्यों को अकस्मात हमलों से निपटने के लिए हथियार दिया जाता है।

राजौरी के डाँगरी गाँव में पुलिस ने 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों से हथियार वापस ले लिए थे। वापस लिए गए हथियारों को दोबारा अलॉट नहीं किया गया। धीरज शर्मा का कहना है कि लोग अपनी सुरक्षा के लिए हथियार उठाने को तैयार हैं। आपको बता दें गाँव के बालकृष्ण ने VDC सदस्य होने के नाते मिले बंदूक से ही आतंकियों पर फायरिंग की थी।

बालकृष्ण की बहादुरी

राजौरी के डाँगरी गाँव में आतंकी एक के बाद एक घरों में दाखिल हो लोगों पर गोलियाँ बरसा रहे थे। इसी बीच जब वे चौथी घर की तरफ बढ़े तभी बालकृष्ण ने आतंकियों पर फायरिंग शुरू कर दी। बालकृष्ण की फायरिंग से डरकर आतंकी भाग खड़े हुए। बालकृष्ण के पास विलेज डिफेंस कमेटी वाली साधारण सी बंदूक थी। उसी बंदूक से उन्होंने आतंकियों के खूनी खेल को रोका और अपने साथ साथ कई लोगों की जान बचाई।

मामले की जाँच के लिए गाँव पहुँची NIA की टीम

राजौरी में हुए दोहरे आतंकी हमले की जाँच राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने शुरू कर दी है। रविवार (01 जनवरी, 2023) की शाम को अंधाधुँध फायरिंग और सोमवार (02 जनवरी, 2023) की सुबह हुए आईईडी धमाके के बाद एनआईए की टीम जाँच के लिए डाँगरी गाँव पहुँची। टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया।

हिसाब बराबर किया जाएगा- एलजी मनोज सिन्हा

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी राजौरी के डाँगरी गाँव पहुँचे जहाँ उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, “सुरक्षा बलों को आतंकियों के पनाहगारों की तलाश के निर्देश दिए गए हैं। दहशतगर्दों से हिसाब बराबर किया जाएगा।” एलजी ने आगे कहा कि मैंने व्यक्तिगत रूप से पीड़ित परिवारों से बातचीत की। हम सब मिलकर उन परिवारों की देखभाल करेंगे। सरकारी नौकरी और मुआवजा भी देंगे। मामले की गंभीरता से जाँच होगी।

एलजी ने कहा कि किसी भी मौत का मुआवजा नहीं होता, लेकिन वित्तीय सहायता प्रशासन का धर्म होता है। मृतकों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये की मदद और एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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