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‘घर के अंदर घुस कर तेरा भेजा उड़ाऊँगा’: शाहरुख खान के फैन्स ने निर्देशक विवेक अग्निहोत्री को बकी गालियाँ, जान से मारने की धमकी भी

बॉलीवुड डायरेक्टर विवेक रंजन अग्निहोत्री पर ट्रोल्स टूट पड़े हैं। उन्हें सिर्फ ट्रोल ही नहीं किया जा रहा बल्कि गालियाँ और जान से मारने तक की धमकी भी दी जा रही है। विवेक अग्निहोत्री ने ट्वीट कर कुछ स्क्रीनशॉट शेयर किए। इसमें उन्हें गालियाँ और धमकियाँ दी गई थीं।

28 दिसंबर, 2022 को पठान के ‘बेशरम रंग’ गाने को लेकर उन्होंने एक ट्वीट किया था। इसके बाद से ही एक गिरोह द्वारा उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। पहले तो इस गिरोह ने विवेक अग्निहोत्री की बेटी की तस्वीरें वायरल की। उन पर भद्दे कमेंट किए और जब इन सब से भी उनका मन नहीं भरा तो उन्होंने गालियाँ और धमकी देनी शुरू कर दी। विवेक अग्निहोत्री ने ट्विटर पर कुछ स्क्रीन शॉट शेयर किए हैं। अपने ट्वीट में उन्होंने एक्टर शाहरुख खान के कोलकाता में दिए गए बयान को दोहराते हुए लिखा है, “बादशाह सही थे। सोशल मीडिया पर काफी नकारात्मकता है लेकिन हम सकारात्मक हैं।”

विवेक अग्निहोत्री ने जो चार स्क्रीन शॉट शेयर किए वो सभी मुस्लिम नाम वाले अकाउंट के थे। एक स्क्रीन शॉट शाह रुखस्टर( Shah Rukhster) नाम से था। DP भी शाहरुख की लगी थी। इसने DM करते हुए लिखा था, “ढूंढ रहा हूँ तूझे, घर के अंदर घूसकर तेरा भेजा उड़ाऊँगा। जस्ट वाच, अन्यथा हाल हीं में किया अपना ट्वीट डिलीट करो। ‘MK Rasib’ नाम के अकाउंट से उन्हें माँ और बेटी की गालियाँ दी गईं। शाहरुख खान के तस्वीर वाले इस यूजर ने बायो में खुद को शाहरुख का बड़ा फैन बताया है।

इसी तरह MD hussainImam1 अकाउंट से उन्हें मैसेज किया गया, “अबे भ@$^# तुम्हारी बेटी भगवा बिकनी में दिखाती है और तुम SRK (शाहरुख खान) को ट्रोल करेगा। तू तो गया।” मोहम्मद इमरान खान नाम के यूजर ने भी अपने मैसेज में उन्हें गालियाँ दी। जिसका स्क्रीन शॉट विवेक अग्निहोत्री ने शेयर किया।

क्या है मामला ?

दरअसल, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने अपने ट्विटर अकाउंट से पठान के बेशरम रंग गाने को लेकर एक ट्वीट किया था। इस पोस्ट में विवेक के निशाने पर शाह रुख खान और दीपिका पादुकोण थीं। उन्होंने बेशरम रंग गाने के साथ एक बच्ची का वीडियो शेयर किया। बच्ची बॉलीवुड फिल्मों और ओटीटी के कंटेंट पर सवाल उठा रही है। वीडियो में बच्ची साफ-सुथरा कंटेंट दिखाने की अपील कर रही है। देखते ही देखते विवेक का ये ट्वीट वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर ट्रोल किया जाने लगा।

कार्यक्रम सिख समाज का, ₹1.47 करोड़ कॉन्ग्रेसी CM ने बेटे की शादी में खर्च कर दिए: आरोप की होगी जाँच, तलब किए जा सकते हैं चन्नी

पंजाब सतर्कता ब्यूरो (Vigilance Bureau) ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी (Punjab Ex CM Charanjit Singh Channi) के खिलाफ भ्रष्टाचार की मिली शिकायत की जाँच शुरू की है। चन्नी पर राज्य सरकार के दास्तान-ए-शहादत समारोह के धन को परिवारिक समारोह में खर्च करने का आरोप है। इस मामले में ब्यूरो चन्नी से पूछताछ कर सकता है।

सतर्कता अधिकारियों ने कहा कि ब्यूरो की जाँच शिकायत की पुष्टि से संबंधित है। ब्यूरो तथ्यों का पता लगाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री को भी तलब कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस समय जाँच सत्यापन के स्तर पर है न कि नियमित जाँच के स्तर पर। चन्नी ने इसे भगवंत मान के नेतृत्व वाली AAP सरकार का राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है।

दरअसल, पंजाब विजिलेंस ब्यूरो को नवंबर 2021 में आयोजित दास्तान-ए-शहादत कार्यक्रम के दौरान बिलों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की शिकायत मिली थी। इसके अलावा इकट्ठा किए गए 1.47 करोड़ रुपए को पूर्व सीएम चन्नी के बेटे के शादी समारोह में समायोजित करने की बात कही है।

बठिंडा के भागू गाँव के रहने वाले राजबिंदर सिंह ने राज्य पर्यटन विभाग के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक एसके चड्ढा और कार्यकारी अभियंता प्रेमचंद के खिलाफ सतर्कता ब्यूरो में शिकायत दी थी। राजबिंदर सिंह ने अपनी शिकायत में राज्य में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले चमकौर साहिब में 19 नवंबर 2021 को आयोजित दास्तान-ए-शहादत समारोह में घोटाले का आरोप लगाते हुए जाँच का अनुरोध किया था।

शिकायतकर्ता राजबिंदर सिंह ने दावा है किया कि पर्यटन विभाग ने दास्तान-ए-शहादत कार्यक्रम पर 1.47 करोड़ रुपए खर्च किए थे। इसके बिलों को चरणजीत सिंह चन्नी के बेटे की शादी के दौरान किए गए खर्च को समायोजित करने के लिए और अधिक बढ़ा दिया गया था।

राजबिंदर ने यह भी आरोप लगाया कि निर्धारित 12 रुपए प्रति कप के मुकाबले समारोह में एक कप चाय की कीमत 2,000 रुपए रखी है। उन्होंने दावा किया कि 10 अक्टूबर 2021 को पूर्व सीएम चन्नी के बेटे के विवाह समारोह के दौरान हुए खर्चों को समायोजित करने के लिए दास्तान-ए-शहादत समारोह के बहाने सरकारी धन की लूट की गई थी।

उस समय पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी के पास पर्यटन विभाग था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पर्यटन विभाग ने उस वक्त चार निविदाएँ जारी कीं और उसी दिन निर्धारित मानदंडों का उल्लंघन करते हुए 1.47 करोड़ रुपए का काम दे दिया। वहीं, एसके चड्ढा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि ये निविदाएँ सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के साथ मँगाई गई थीं।

उधर, चन्नी का कहना है कि AAP सरकार उनसे राजनीतिक प्रतिशोध ले रही है। उन्होंने कहा यह शिकायत हास्यास्पद है, क्योंकि वह सरकारी समारोह उनके बेटे की शादी के एक महीने से अधिक समय बाद हुआ था। चन्नी ने कहा कि शादी साधारण थी और एक गुरुद्वारे में हुई थी। जिस मैरिज पैलेस में रिसेप्शन आयोजित किया गया था, उसने उनसे कोई पैसे नहीं लिए थे। उन्होंने कहा, “भगवंत मान सरकार मेरे पीछे पड़ी और मेरे बैंक खातों की जाँच कर रही है।”

‘आप सर्दी से डरते हो’: स्वेटर न पहनने के सवाल पर राहुल गाँधी ने पत्रकार को दिया अजीबोगरीब जवाब, कहा – मैं सर्दी से डरता नहीं हूँ

राहुल गाँधी पिछले कुछ महीनों से ‘भारत जोड़ो यात्रा’ पर है, जो फ़िलहाल किरस्मस-नए साल के कारण रुकी हुई है। हाल ही में उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें एक पत्रकार ने उनसे ठंड में भी टीशर्ट पहनने को लेकर सवाल पूछा। इस सवाल के जवाब में राहुल ने कहा है कि वह ठंड से डरते नहीं, इसलिए स्वेटर नहीं पहनते।

दरअसल, ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान, राहुल गाँधी ज्यादातर समय टीशर्ट में ही दिखे हैं। यहाँ तक कि ठंड के दौरान भी वह टी शर्ट पहने हुए दिखाई दिए। इसको लेकर कॉन्ग्रेस नेताओं ने उन्हें तपस्वी तक करार दिया था। अब राहुल गाँधी ने टीशर्ट पहनने को लेकर पूछा कि टीशर्ट न पहनने को लेकर इतना बवाल क्यों है? उन्होंने कहा कि स्वेटर नहीं पहनता, क्योंकि सर्दी से डर नहीं लगता।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों ने पूछा कि क्या आपको ठंड नहीं लगती, इसके लिए कोई खास डाइट लेनी पड़ती है? इसका राज क्या है? इस सवाल का जवाब देते हुए राहुल गाँधी ने पत्रकार से उलटे पूछ डाला “आपने स्वेटर क्यों पहना हुआ है?” इसके जवाब में पत्रकार ने कहा, “ठंड लग रही है।” तब, राहुल ने कहा, “नहीं, इसका कारण यह नहीं है कि सर्दी है। इसका कारण यह है कि आप सर्दी से डरते हो। मैं सर्दी से डरता नहीं हूँ।”

राहुल गाँधी ने यह भी कहा, “मुझे यह बात समझ नहीं आ रही कि टीशर्ट से आपको इतनी डिस्‍टरबेंस क्‍यों हो रही है? क्या आप चाहते हो कि मैं स्‍वेटर पहन लूँ।” राहुल ने यह भी कहा कि वह ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के बाद एक वीडियो बनाएँगे, जिसमें वह बताएँगे कि ठंड में टीशर्ट पहनकर कैसे चला रहा जा सकता है। साथ ही, यह भी बताएँगे कि ठंड का मुकाबला कैसे करें।

वहीं, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्ष के साथ न आने और विपक्ष की एकता को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “जमीन से मैं जो कुछ भी सुन रहा हूँ, अगर विपक्ष एक विजन के साथ मजबूती से खड़ा हो तो, बीजेपी के लिए चुनाव जीतना खासा मुश्किल हो जाएगा। लेकिन, विपक्ष को ठीक से समन्‍वय बिठाना होगा और एक वैकल्पिक विजन लेकर लोगों के बीच जाना पड़ेगा।”

भगवान अयप्पा पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाला नास्तिक गिरफ़्तार, हिन्दू संगठनों का प्रदर्शन: CM केसीआर को भाजपा ने घेरा

तेलंगाना पुलिस ने बैरी नरेश को भगवान अयप्पा और हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। बैरी नरेश ने दो दिन पहले कोडंगल निर्वाचन क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा में भगवान अयप्पा स्वामी के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। नरेश के खिलाफ कई पुलिस स्टेशनों में मामले दर्ज किए गए थे। हैदराबाद पुलिस के साइबर क्राइम सेल की तरफ से भी अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल के लिए नरेश पर मामले दर्ज किए गए हैं।

बैरी नरेश द्वारा की अपमानजनक टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद से ही भगवान अयप्पा के भक्त आक्रोशित हो गए। इसे लेकर हिंदू संगठनों और भगवान अयप्पा के भक्तों ने राज्य भर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी ‘भारत नास्तिक समाजम्’ के अध्यक्ष बैरी नरेश की गिरफ्तारी की माँग कर रहे थे। मिल रही जानकारी के मुताबिक, तेलंगाना पुलिस ने हनमकोंडा जिले से नरेश को गिरफ्तार किया है।

नरेश के खिलाफ हिंदू संगठनों और भगवान अयप्पा के भक्तों ने कई पुलिस स्टेशनों में मामला दर्ज कराया है। उसके खिलाफ राज्य भर में आईपीसी की धारा 153ए, 295ए, 208 और 505(2) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा पुलिस के साइबर क्राइम सेल ने भी संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है।

तेलंगाना भाजपा प्रमुख बंडी संजय कुमार (Bandi Sanjay Kumar) ने पूरे मामले में तेलंगाना की भारत राष्ट्र समिति (BRS) को घेरा है। उन्होंने केसीआर पर ईशनिंदा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। संजय कुमार ने ट्वीट किया कि तेलंगाना में हिंदू देवी-देवताओं को गाली देने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने पूछा कि केसीआर सच्चे हिंदू होने का दावा करते हैं लेकिन अब तक कोडंगल में भगवान विष्णु, शिव और अय्यप्पा को अपमानित करने वाले के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?

एक दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा कि बीआरएस सरकार सीतामाता का अपमान करने वाले मुनव्वर फारूकी को सुरक्षा देती है। साथ ही ऐसे बैठक और कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति देती है जहाँ भगवान अयप्पा स्वामी के जन्म पर अपमानजनक टिप्पणी की जाती है।

भाजपा एमएलए राजा सिंह ने भी ट्विटर पर वीडियो को शेयर करते हुए सरकार और तेलंगाना पुलिस से सवाल पूछा था, “क्या हम इस व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई की उम्मीद कर सकते हैं? जो हमारे देवताओं और भगवान अयप्पा को गाली दे रहा है।”

आपको बता दें कि बैरी नरेश ने दो दिन पहले कोडंगल निर्वाचन क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा में बोलते हुए भगवान अयप्पा स्वामी के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। जिसे लेकर शुक्रवार (30 दिसंबर 2022) को पूरे प्रदेश में अयप्पा स्वामी के भक्तों ने विरोध प्रदर्शन किया और बैरी नरेश के खिलाफ कार्रवाई की माँग की थी।

‘इस्लाम में हराम है नया साल मनाना, शैतान भी शर्मसार होता है’: ‘रजा अकादमी’ की मुस्लिमों से अपील – पार्टी की जगह करें अजान

‘मेरी क्रिसमस’ के बाद अब नया साल मनाना भी इस्लाम में ‘हराम’ हो गया है। इस्लामवादी संगठन रजा एकेडमी के अध्यक्ष सईद नूरी ने मुस्लिमों से अपील की है कि वे नए साल की पार्टियों में शामिल न हों क्योंकि यह इस्लाम में हराम है। नूरी ने यह भी दावा किया है कि 31 दिसंबर की रात में होने वाली पार्टियों में जिस प्रकार की ‘अश्लील गतिविधियाँ’ होती हैं, उनसे ‘शैतान भी शर्मसार’ हो जाता है।

रजा एकेडमी के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट किए गए एक वीडियो में, सईद नूरी ने कहा है, “यह दुर्भाग्य की बात है कि साल की आखिरी रात, जिसे लोग 31वीं रात कहते हैं वह बेशर्मी की पराकाष्ठा है। मुझे लगता है कि सारे घिनौने काम, उत्सव के नाम पर होने वाली ऐसी पार्टियों में किए जाते हैं। ऐसी नीच हरकतें शैतान को भी शर्मिंदा कर सकती हैं। इस तरह की ‘हराम’ गतिविधियों में सभी धर्मों और क्षेत्रों के लोग हिस्सा लेते हैं।”

एक अन्य ट्वीट में रजा एकेडमी ने मुस्लिमों से नए साल के जश्न के नाम पर अश्लील हरकतें करने के बजाय अजान समेत अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की। ट्वीट में कहा गया है, “31 दिसंबर को अजान, आयते करीमा और महफिले मिलाद का आयोजन करें। 31 दिसंबर की रात को उत्सव के नाम पर जौ खुराफात और फहष हरकतें होती हैं वह नाजायज व हराम हैं।”

बता दें कि इस्लामिक संगठन, रजा एकेडमी की स्थापना साल 1978 में हुई थी। इसका कार्यालय मुंबई में है। इस संगठन की स्थापना 20वीं सदी के सुन्नी नेता अहमद रजा खान के कामों को आगे बढ़ाने और उसका प्रचार करने के लिए की गई थी। दिलचस्प बात यह है कि इस्लामवादी संगठन के अध्यक्ष मुहम्मद सईद नूरी ने औपचारिक इस्लामी शिक्षा भी प्राप्त नहीं की है।

साल 2012 में रजा एकेडमी पर म्यांमार में मुसलमानों पर कथित अत्याचारों के खिलाफ आयोजित किए गए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान अमर जवान ज्योति स्मारक के अपमान करने का आरोप लगा था। इस विरोध प्रदर्शन में हिंसक प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधिकारियों पर भी हमला किया था। हमले में कई लोग घायल हुए थे और करोड़ों रुपए की सरकारी संपत्ति का नुकसान हुआ था।

वहीं, जुलाई 2020 में, रजा एकेडमी के कहने पर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी सरकार ने केंद्र से ईरानी फिल्म ‘मुहम्मद: द मैसेंजर ऑफ गॉड’ की ऑनलाइन स्ट्रीमिंग पर प्रतिबंध लगाने की माँग की थी। यह फिल्म मूल रूप से साल 2015 में ईरान में रिलीज़ हुई थी। आरोप लगाया था कि फिल्म में ‘ईश निंदा’ की गई है।

जम्मू कश्मीर में बुलडोजर चला कर ध्वस्त किया गया आतंकी का अवैध अतिक्रमण, POK में बैठ कर भारत के खिलाफ साजिश रचता है गुलाम नबी

जम्मू कश्मीर में अब आतंकवादियों के खिलाफ भी बुलडोजर वाली कार्रवाई कर के उन्हें वित्तीय रूप से नुकसान पहुँचाने की कार्रवाइयाँ शुरू कर दी जा चुकी हैं। दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग में शनिवार (31 दिसंबर, 2022) की सुबह ये कार्रवाई की गई। हिज्बुल मुजाहिद्दीन के आतंकवादी के घर के एक हिस्से को ध्वस्त कर दिया गया। अधिकारियों की एक जॉइंट टीम ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई को अंजाम दिया और आतंकियों को एक कड़ा संदेश दिया।

ये कार्रवाई अनंतनाग के डीएम की अध्यक्षता में लिवर नामक गाँव में हुई। आतंकी गुलाम नबी खान के परिसर को जिस दीवार ने घेर रखा था, उसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। बता दें कि गुलाम नबी खान पाकिस्तान के कब्जे वाली कश्मीर (POK) में रहता है और उसने अनंतनाग में अवैध कब्ज़ा कर रखा था। ये दीवार सरकारी जमीन पर बनी हुई थी। वो ‘आमिर खान’ और ‘सैफुल्लाह खालिद’ के नाम से भी जाना जाता है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा उसे UAPA (गैर-कानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम) के तहत आतंकी घोषित किया जा चुका है। वो नब्बे के दशक में ही POK में जा चुका है। अनंतनाग में स्थानीय पंचायत के कहने पर उसके विरुद्ध ताज़ा कार्रवाई हुई है। कुछ ही सप्ताह पहले जैश-ए-मुहम्मद के आतंकी आशिक नेगरू के घर को भी पुलवामा में इसी तरह ध्वस्त किया गया था। वो 2019-19 में POK में चला गया था। पुलवामा के जिस हमले में 40 जवान बलिदान हो गए थे, उसके साजिशकर्ताओं में वो भी शामिल था।

नेंगरू का बड़ा भाई अब्बास अहमद नेंगरू भी जैश ए मोहम्मद का एक एक्टिव आतंकवादी था, जिसे सिक्योरिटी फोर्सेस ने 2014 में ही ढेर कर दिया गया था। पुलिस के मुताबिक, उसका दूसरा भाई मंजूर अहमद नेंगरू इसी साल सितंबर में एक बगीचे में मृत पाया गया था। चौथा भाई रियाज भी आतंकी हमले के एक मामले में जेल में कैद है। नेंगरू फरवरी 2020 में ही लापता हो गया था, जब एनआईए की ओर से उसे पूछताछ के लिए तलब किया गया था।

93 एनकाउंटर में 172 आतंकी ढेर, 42 पाकिस्तान से: 2022 के आखिरी दिन कश्मीर पुलिस की रिपोर्ट, बताया- डबल डिजिट में सिमटे दहशतगर्द

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए सुरक्षाबलों का अभियान जारी है। सुरक्षाबलों द्वारा चलाए जा रहे अभियानों का ही असर है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की संख्या में कमी आई है। जम्मू-कश्मीर पुलिस की तरफ से जानकारी दी गई है कि साल 2022 में 42 विदेशी (पाकिस्तानी) आतंकियों समेत कुल 172 दहशतगर्द ढेर कर दिए गए। जानकारी दी गई है कि इस साल सिर्फ 100 भटके नौजवान आतंकी संगठनों में शामिल हुए हैं जो कि पिछले साल के मुकाबले 37 प्रतिशत कम है।

जम्मू-कश्मीर में इस साल 93 कामयाब मुठभेड़ हुए हैं। सुरक्षाबलों द्वारा चलाए गए अभियानों में 172 आतंकवादी मारे गए। मारे गए दहशतगर्दों में 42 आतंकी पाकिस्तानी थे। मारे जाने वाले आतंकियों में सबसे ज्यादा 108 आतंकी लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से जुड़े थे। आपको बता दें TRF ग्रुप LeT से ही जुड़ा है। जम्मू-कश्मीर पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के 35, हिजबुल मुजाहिदीन (HM) के 22, अल-बद्र (Al-Badr) के 4 और अंसार गजवा तुल हिंद (AGuH) के 3 आतंकी वर्ष 2022 में जहन्नुम पहुँचा दिए गए हैं।

सुरक्षा बलों ने इस साल कई आतंकी ठिकानों का भी पर्दाफाश किया है जिनसे भारी मात्रा में हथियार व गोला बारूद बरामद किए गए हैं। दी गई जानकारी के मुताबिक अलग-अलग मुठभेड़ की घटनाओं और अन्य आतंकी ठिकानों से कुल 360 तरह के हथियार व गोला बारूद बरामद किए गए हैं। जिनमें 121 एके सीरीज की राइफल, 8 M4 कार्बाइन और 231 पिस्टल शामिल हैं। इसके अलावा समय रहते कई IED,स्टिकी बम और ग्रेनेड बरामद कर कई बड़े हमलों को टाल दिया गया।

सुरक्षाबलों के सफल आतंक विरोधी अभियानों का ही फल है कि आतंकियों के भर्ती होने की संख्या में कमी आई है। साल 2022 में आतंकी संगठनों में भर्ती होने वाले भटके नौजवानों की संख्या 100 रही। पिछले साल की तुलना में आतंकी संगठनों में शामिल होने वाले स्थानीय लोगों की संख्या में 37 प्रतिशत की कमी आई है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक इस साल आतंकी संगठन में शामिल हुए 65 मिलिटेंट्स मारे जा चुके हैं जबकि 17 गिरफ्तार हो चुके हैं और 18 अब भी सक्रिय हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 6 सालो में साल 2018 में सबसे ज्यादा लोग आतंकी संगठनों में भर्ती हुए थे। उस साल कुल 206 लोगों ने आतंकी संगठनों का दामन थामा था। उसके बाद से हर साल इस संख्या में गिरावट आई है। वर्ष 2019 में ये आँकड़ा 160 के नीचे था, हालाँकि 2020 में फिर थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई लेकिन फिर अगले दो साल संख्या 150 से कम रही। वर्ष 2022 में आँकड़ा 100 पहुँच चुका है यानि पिछले 6 सालों में सबसे कम स्थानीय आतंकी संगठनों में शामिल हुए हैं।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के एडीजीपी विजय कुमार ने जानकारी दी है कि आतंकवादियों की संख्या अब दहाई अंको (Double digit) में सिमट चुकी है। हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख फारूक नल्ली और लश्कर कमांडर रियाज सेत्री को छोड़कर सभी आतंकी संगठनों के प्रमुख और शीर्ष कमांडरों को मार गिराया गया है। एडीजीपी ने कहा है फारूक और रियाज को भी जल्द ही ढेर कर दिया जाएगा।

इसके अलावा इस साल आतंकियों की मदद करने वाले 130 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया। हालाँकि संख्या में कम बचे आतंकियों की बौखलाहट भी समय-समय पर टारगेट किलिंग के रूप में सामने आती रही है। फिर भी जम्मू-कश्मीर पुलिस की तरफ से दिए जा रहे आँकड़े यही बताते हैं कि वह दिन दूर नहीं जब कश्मीर में आतंकवाद जड़ से खत्म हो जाएगा।

बिहार की जहरीली शराब कांड का मुख्य आरोपित दिल्ली में गिरफ्तार: 8वीं पास जल्दी बनना चाहता था धनवान, 7 मामले दर्ज

बिहार में जहरीली शराब पीकर 80 से अधिक लोगों की मौत के मामले में पुलिस की एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। इस घटना के मास्टरमाइंड राम बाबू महतो को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जहरीली शराब के मामले में आरोपित के खिलाफ 7 से अधिक अपराधिक मामले दर्ज हैं। 

राम बाबू बिहार के सारण जिले के डोइला गाँव का रहने वाला है। दिल्ली पुलिस ने शनिवार (31 दिसंबर 2022) को बताया कि सूचना के आधार पर आरोपित राम बाबू को शुक्रवार (30 दिसंबर 2022) की रात राष्ट्रीय राजधानी के द्वारका से गिरफ्तार कर लिया।

दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (अपराध) रवींद्र सिंह यादव ने बताया कि अपराध शाखा के अंतर्राज्यीय प्रकोष्ठ को सूचना मिली थी कि राम बाबू महतो दिल्ली में ही कहीं छिपा हो सकता है। इसके बाद तकनीकी निगरानी और विशिष्ट जानकारी के आधार पर उसे द्वारका से गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि आरोपित की गिरफ्तारी के संबंध में बिहार पुलिस से जानकारी साझा की गई है।

जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “सरकार पैनी नजर रख रही है। घटना के ठीक बाद से हम इस मामले की जाँच कर रहे हैं। अधिकांश लोग शराबबंदी के पक्ष में हैं। मैंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया है।”

पुलिस ने बताया कि राम बाबू महतो के परिवार में उसके 4 भाई और 2 बहनें हैं। उसने 8वीं तक पढ़ाई की है। महतो ने पुलिस को बताया कि उसके परिवार की आर्थिक हालत खराब है। इसलिए उसने शराबबंदी के बाद जल्दी पैसा कमाने के लिए मिलावटी शराब बनाना और बेचना शुरू कर दिया था।

राम बाबू के खिलाफ सारण जिले के थाना मशरक और थाना इसुआपुर में दो मामले दर्ज हैं और इन दोनों मामलों में वह वांछित है। वह अवैध शराब बनाने और बेचने के कई मामलों में शामिल है। बिहार में दुर्घटना होने के बाद वह भागकर दिल्ली आ गया था और यहाँ छुपकर रह रहा था।

बिहार पुलिस के ADG पुलिस मुख्यालय जितेंद्र सिंह गंगवार ने कहा कि जल्द ही राम बाबू महतो को जल्दी ही बिहार लाया जाएगा और उससे गहराई से पूछताछ की जाएगी। इस खेल में कितने और कहाँ-कहाँ के लोग शामिल हैं, इसकी पता लगाया जाएगा।

‘शत-प्रतिशत हत्या है तुनिशा की मौत, एकदम सुशांत की तरह’: 7 साल पहले लटकी हुई मिली थी जो अभिनेत्री, उसके पिता ने कहा – बॉलीवुड में हत्याओं को बनाया जा रहा आत्महत्या

टीवी अभिनेत्री तुनिशा शर्मा मौत के मामले में अब दिवंगत अदाकारा प्रत्युषा बनर्जी के पिता की इंट्री हुई है। प्रत्युषा के पिता शंकर बनर्जी ने तुनिशा केस को सुशांत सिंह राजपूत जैसा बताया है। शंकर बनर्जी के मुताबिक उन्हें तुनिशा की मौत आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या लग रही है। शंकर ने इसी के साथ आगे बताया कि पिछले कुछ समय से बॉलीवुड में हुई तमाम हत्याओं को आत्महत्या का रूप दिया गया है।

टीवी कलाकार प्रत्युषा बनर्जी की मौत साल 2016 में तब हुई थी, जब वो 24 साल की थीं। उनकी मौत को भी आत्महत्या बताया गया था। ‘आज तक’ से बात करते हुए प्रत्युषा के पिता शंकर बनर्जी ने कहा कि तुनिशा की मौत की खबर ने उन्हें काफी दुःख पहुँचाया और पहली नजर में उन्हें यह मौत सामान्य नहीं बल्कि हत्या जैसी लगी। शंकर बनर्जी ने आगे कहा कि एक पिता होने के नाते तो तुनिशा की माँ महसूस कर सकते हैं।

इसी इंटरव्यू में शंकर बनर्जी ने आगे कहा कि तुनिशा की मौत ने उनके पुराने घावों को कुरेद कर रख दिया है। उन्होंने बताया कि वो न्यूज़ में तुनिशा की खबर देख कर रो पड़े और उन्हें लगा कि कुछ ऐसा ही सुशांत सिंह राजपूत के साथ भी हुआ रहा होगा। बकौल शंकर बनर्जी, पिछले कुछ समय से बॉलीवुड में हुई तमाम मौतों को आत्महत्या का रूप दिया जा रहा है। तुनिशा की मौत पर उन्होंने सवाल खड़े करते हुए बताया कि आस-पास लोगों से घिरा कोई व्यक्ति आत्महत्या कैसे कर सकता है, वो भी बिना सुसाइड नोट छोड़े।

शंकर बनर्जी के मुताबिक, प्रत्युषा का पिता होने के नाते वो इस बात को डंके की चोट पर कहने को तैयार हैं कि तुनिशा आत्महत्या नहीं कर सकती है और उसकी हत्या हुई है। प्रत्युषा के पिता का कहना है कि वो आज तक अपनी दिवंगत बेटी को न्याय दिलाने के लिए भटक रहे हैं क्योंकि उनकी भी बेटी की हत्या हुई थी। उनका कहना है कि न्याय पाने के लिए जो सब उन्होंने झेला वो तुनिशा की माँ को न झेलना पड़े।

गौरतलब है कि टीवी एक्टर तुनिशा शर्मा ने तुनिशा ने 24 दिसंबर, 2022 को अपने टीवी शो ‘अली बाबा: दास्तान-ए-काबुल’ के सेट पर कथित तौर पर खुदकुशी कर ली थी, जिसके बाद आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पुलिस ने शीजान को गिरफ्तार किया था। मृत एक्ट्रेस तुनिशा शर्मा के घरवालों ने शीजान को धोखेबाज बताया है।

नायलॉन के धागे से बाँध कर कस दिया 8 साल के बच्चे का प्राइवेट पार्ट, नहलाने ले गए घर वाले तो दिखा: स्कूल के छात्रों की ही करतूत

NDMC (नई दिल्ली नगर पालिका परिषद) के एक स्कूल में कुछ छात्रों द्वारा कक्षा 2 में पढ़ने वाले छात्र के प्राइवेट पार्ट को धागे से कसने का मामला सामने आया। इसका खुलासा तब हुआ, जब पीड़ित के घरवाले उसे नहलाने के लिए ले जा रहे थे। फिलहाल, पीड़ित की हालत सामान्य है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़ित के दिल्ली के किदवई नगर में स्थित अटल आदर्श स्कूल में कक्षा 2 का छात्र है। पुलिस को इस मामले की जानकारी हॉस्पिटल से पीसीआर पर आए एक फोन कॉल से हुई। फोन पर, पुलिस को बताया गया कि एक 8 साल के बच्चे को इलाज के लिए हॉस्पिटल लाया गया है, जिसके प्राइवेट पार्ट पर धागा बँधा हुआ है।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची। डॉक्टर्स की ओर से पुलिस को घटना की जानकारी देते हुए बताया गया कि पीड़ित बच्चे का मेडिकल किया गया। उसकी हालत सामान्य बनी हुई है। हॉस्पिटल से छुट्टी मिलने के बाद पुलिस बच्चे को अपने साथ लेकर स्कूल भी गई। जहाँ, पुलिस ने इस कृत्य में शामिल छात्रों की बच्चे के माध्यम से पहचान कराने की कोशिश की। हालाँकि, पीड़ित बच्चा अब तक आरोपितों की पहचान नहीं कर सका है।

हालाँकि, पुलिस का कहना है कि वह बच्चे को लेकर एक और बार स्कूल जाएँगे। ताकि, इस कृत्य में शामिल लोगों की पहचान कर उन पर कार्रवाई की जा सके। फिलहाल, इस मामले में अटल आदर्श स्कूल स्कूल के मैनेजमेंट की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है, “पीड़ित बच्चा अटल आदर्श स्कूल, किदवई नगर में कक्षा 2 का छात्र है। उसके साथी छात्रों ने उसके गुप्तांग पर नायलॉन की तरह का धागा बाँधा था। बच्चे के माता-पिता को इस बारे में बुधवार (28 दिसंबर, 2022) को नहलाने के दौरान पता चला।”