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ऋषभ पंत को तड़पता छोड़ रुपयों वाला बैग लेकर भागे: उत्तराखंड पुलिस ने रिपोर्टों को नकारा

भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत (Rishabh Pant) शुक्रवार 30 दिसंबर 2022 की सुबह भीषण कार हादसे में घायल हो गए। कुछ मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि हादसे के बाद पंत की मदद करने के बदले कुछ लोग उनके पैसे लेकर भाग गए। कुछ वीडियो बनाने में मशगूल थे। जो फुटेज सामने आई है उससे भी पता चलता है कि सड़क के एक लेन में पंत की कार जल रही थी और दूसरे लेन से धड़ाधड़ गाड़ियाँ गुजर रहीं थी।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट में बताया गया है कि हादसे के बात ऋषभ पंत ने कार का दरवाजा खोल बाहर निकलने की खुद से कोशिश की। लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए। उनकी मदद करने की जगह कुछ युवक उनका बैग लेकर भाग गए। बैग में पैसे थे।

अमर उजाला की रिपोर्ट में बताया गया है कि पंत के पास करीब तीन से चार लाख रुपए थे। हादसे के बाद पैसे सड़क पर बिखरे पड़े थे। लेकिन मदद करने की जगह कुछ लोग पैसे बटोरने और वीडियो बनाने में लगे थे। रिपोर्ट के अनुसार दो युवकों ने पंत को अस्पताल पहुँचाया।

आज तक की रिपोर्ट में बताया गया है कि पंत खुद कार चला रहे थे। झपकी आने के कारण यह हादसा हुआ। डिवाइडर से टकराकर उनकी कार कई बार पलटी और उसमें आग लग गई।

पंत का नए साल पर उत्तराखंड घूमने का प्लान थे। वे माँ को सरप्राइज देने के लिए घर जा रहे थे। हादसा जिस जगह पर हुआ है वह ब्लैक स्पॉट है। वहाँ एक्सीडेंट होते रहते हैं। पत्रकार अभिषेक त्रिपाठी ने ट्वीट कर बताया है, “वह तो शुक्र है कि पंत सीट बेल्ट नहीं लगाए थे। कार में जैसे ही आग लगी वह शीशा तोड़कर बाहर निकले। सिर और घुटने में चोट आई है। जान को खतरा नहीं है।”

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार पंत के इलाज का सारा खर्च उठाएगी। हादसा नारसन बॉर्डर पर हम्मदपुर झाल के पास हुआ। डॉक्टरों के मुताबिक, ऋषभ पंत के पैर में गंभीर चोट आई है। उनकी प्लास्टिक सर्जरी की जाएगी। इसके साथ ही उनके शरीर में कई जगह चोट लगी है। कई तस्वीरों में उनके पीठ और सिर पर चोट के निशान देखे जा सकते हैं।

अपडेट: उत्तराखंड पुलिस के पुलिस मुख्यालय DSP प्रमोद पेटवाल ने हादसे के बाद पैसे लेकर भागने की रिपोर्टों का खंडन किया है। बताया है बैग भी कार के साथ जल गई।

डिवाइडर से टकराकर राख हुई ऋषभ पंत की कार, माँ को सरप्राइज देने उत्तराखंड जा रहे थे

भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज और विकेटकीपर ऋषभ पंत (Rishabh Pant) कार दुर्घटना में बुरी तरह से घायल हो गए हैं। वह कार से दिल्ली से अपने घर रुड़की जा रहे थे। इस दौरान नारसन बॉर्डर पर हम्मदपुर झाल के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराई और फिर जलकर राख हो गई। हादसे में पंत बुरी तरह घायल हो गए हैं। हालाँकि अच्छी बात यह है कि उनकी जान को खतरा नहीं है।

पत्रकार अभिषेक त्रिपाठी ने घटना को लेकर ट्वीट किया है। उन्होंने कहा है, “वह तो शुक्र है कि पंत सीट बेल्ट नहीं लगाए थे। कार में जैसे ही आग लगी वह शीशा तोड़कर बाहर निकले। सिर और घुटने में चोट आई है। जान को खतरा नहीं है।” त्रिपाठी ने यह भी बताया है कि पंत माँ को सरप्राइज देने के लिए घर जा रहे थे। नए साल पर उनका उत्तराखंड घूमने का प्लान था। वे खुद कार चला रहे थे। हादसा जिस जगह पर हुआ है वह ब्लैक स्पॉट है। वहाँ एक्सीडेंट होते रहते हैं।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने 108 पर फोन कर घटना की जानकारी दी और पंत को अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, ऋषभ पंत के पैर में गंभीर चोट आई है। उनकी प्लास्टिक सर्जरी की जाएगी। इसके साथ ही उनके शरीर में कई जगह चोट लगी है। कई तस्वीरों में उनके पीठ और सिर पर चोट के निशान देखे जा सकते हैं।

बता दें कि ऋषभ पंत शुक्रवार (30 दिसम्बर 2022) सुबह रुड़की स्थित अपने घर जा रहे थे और इस दौरान यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि रास्ते में घना कोहरा होने की वजह से यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि डिवाइडर से टकराने के बाद कार में भीषण आग लग गई। स्थानीय लोगों ने अग्निशमन विभाग को भी इसकी जानकारी दी, जिसके बाद कार में लगी आग को बुझाया जा सका।

उल्लेखनीय है कि भारतीय क्रिकेट टीम जनवरी 2023 में श्रीलंका के साथ वनडे और T-20 सीरीज खेलने वाली है। हालाँकि पंत को इस सीरीज के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक वह चोटिल हैं और इस वजह से उन्हें टीम से बाहर रखा गया था। हाल के दिनों में पंत अपने खराब प्रदर्शन को लेकर भी आलोचकों के निशाने पर रहे हैं।

अपडेट: शुरुआती रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि ऋषभ पंत खुद कार के शीशे को तोड़ कर बाहर निकले। बाद में यह स्पष्ट हुआ कि हरियाणा रोडवेज के बस ड्राइवर और कंडक्टर ने उन्हें दुर्घटना वाली कार से बाहर निकाला।

अर्चना-विकास की फाइट से Big Boss की हालत टाइट: NCSC ने ‘नीच जाति’ पर दिया नोटिस, मेकर्स-कंटेस्टेंट-मुंबई के पुलिस कमिश्नर तक से माँगा जवाब

कलर्स चैनल पर प्रसारित होने वाले रियलटी शो ‘Big Boss’ में ‘जातिसूचक कमेंट’ करने का मामला सामने आया है। इसे लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने चैनल शो के मेकर्स, कंटेस्टेंट और मुंबई के पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी किया है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपित कंटेस्टेंट विकास मनकतला को शो से बाहर कर दिया गया है।

सलमान खान इस कार्यक्रम को होस्ट करते हैं और ‘वीकेंड के वार’ यानी सप्ताह के अंत में ही किसी कंटेस्टेंट को बाहर निकाला जाता है। बताया जा रहा है कि NCSC के इस मामले पर संज्ञान लेते ही विकास मनकतला को बाहर कर दिया गया। दरअसल विकास का शो की अन्य कंटेस्टेंट अर्चना गौतम से जोरदार झगड़ा हुआ था। झगड़े के दौरान दोनों ने एक दूसरे पर भद्दे कमेंट किए थे। इसी दौरान विकास ने अर्चना को ‘नीच जाति के लोग’ कहा था। इसी बयान पर NCSC ने स्वतः संज्ञान लिया और नोटिस जारी किया।

NCSC ने गुरुवार (29 दिसंबर 2022) को मुंबई के पुलिस आयुक्त (Mumbai CP), वायाकॉम 18 मीडिया प्राइवेट लिमिटेड और एंडेमोल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी किया। 7 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देने के लिए कहा है।

NCSC ने कहा है कि सोशल मीडिया पर इस संबंध में सूचना प्राप्त हुई थी। भारतीय कानून के अनुसार यह साफ तौर पर एससी/एसटी अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। लिहाजा आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत प्रदत्त शक्तियों के तहत मामले की जाँच का फैसला किया है। यह एपिसोड 28 दिसंबर 2022 को प्रसारित किया गया था। बता दें कि अर्चना गौतम ने विकास मनकतला पर ‘कभी बाप न बनने’ वाला कमेंट किया था और विकास ने भी कई भद्दी बातें अर्चना को कहीं। अर्चना गौतम कॉन्ग्रेस की टिकट पर हस्तिनापुर से चुनाव भी लड़ चुकी हैं।

पंचतत्व में विलीन हुईं हीराबेन, माँ को अंतिम प्रणाम कर कर्तव्य पथ पर PM मोदी: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बंगाल से जुड़ेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माँ हीराबेन पंचतत्व में विलीन हो गईं हैं। गाँधीनगर में उनका अंतिम संस्कार हुआ। माँ के निधन की वजह से प्रधानमंत्री का पश्चिम बंगाल का दौरा रद्द हो गया है। लेकिन वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।

हीराबेन मोदी का 100 साल की उम्र में शुक्रवार (30 अक्टूबर 2022) तड़के करीब साढ़े तीन बजे निधन हुआ। माँ के निधन की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ट्विटर पर लिखा,

“शानदार शताब्दी का ईश्वर चरणों में विराम… माँ में मैंने हमेशा उस त्रिमूर्ति की अनुभूति की है, जिसमें एक तपस्वी की यात्रा, निष्काम कर्मयोगी का प्रतीक और मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध जीवन समाहित रहा है।

प्रधानमंत्री ने अपनी माँ के 100वें जन्मदिन के मौके पर दी उनकी अंतिम शिक्षा को भी याद किया। उन्होंने लिखा कि मैं जब उनसे 100वें जन्मदिन पर मिला तो उन्होंने एक बात कही थी, जो हमेशा याद रहती है कि કામ કરો બુદ્ધિથી, જીવન જીવો શુદ્ધિથી यानी काम करो बुद्धि से और जीवन जियो शुद्धि से।

यूएन मेहता अस्पताल में निधन के बाद हीराबेन मोदी का पार्थिव शरीर उनके छोटे बेटे पंकज मोदी के घर ले जाया गया गया। हीराबेन पंकज मोदी के साथ गाँधीनगर के रायसन गाँव की वृंदावन सोसायटी में रहती थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी माँ हीराबेन के अंतिम दर्शन के लिए पंकज मोदी के घर पहुँचे। अंतिम यात्रा में पीएम माँ के पार्थिव शरीर को कंधा देते हुए भी नजर आए।

माँ के निधन के कारण पीएम मोदी को भले गुजरात जाना पड़ा हो लेकिन बतौर प्रधानमंत्री उनके पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को रद्द नहीं किया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर बताया है कि वे वर्चुअली इन कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

पश्चिम बंगाल में 7800 करोड़ रुपए से ज्यादा की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ होना है। हावड़ा को न्यू जलपाईगुड़ी से जोड़ने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई जाएगी। कोलकाता मेट्रो की पर्पल लाइन के नए खंड का उद्घाटन होना है। कई विकास परियोजनाओं का उद्धाटन होगा और कुछ की आधारशिला रखी जाएगी।

’50-100 साल में आएगा मुस्लिम शासन, राम मंदिर को तोड़ मस्जिद बनाई जाएगी’: मौलाना साजिद का भड़काऊ बयान, कहा- आने वाली नस्लें खामोश नहीं रहेंगी

देश में लोकतंत्र और कानून की दिन-रात दुहाई देने वाले कट्टरपंथी न्यायालय के आदेश को दरकिनार करते हुए अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को पचा नहीं पा रहे हैं। समय-समय पर वे धमकाते रहते हैं कि अयोध्या में मस्जिद थी और आगे भी रहेगी। अब एक मौलाना ने कहा कि 100 साल में भारत में मुस्लिमों का शासन आते ही राम मंदिर की जगह मस्जिद बना दी जाएगी।

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने भारत की कानून-व्यवस्था को सीधा चुनौती दी है। उसने कहा है कि 50-100 साल बाद मुस्लिम शासक के आने पर अयोध्या के राम मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाई जा सकती है। मुस्लिमों की आने वाली नस्लें इसको लेकर खामोश नहीं रहेंगी।

मौलाना रशीदी ने कहा, “आज मुसलमान खामोश है। मेरी आने वाली नस्ल… मेरा बेटा, उसका बेटा, उसका पोता…. 50-100 साल के बाद एक हिस्ट्री उनके सामने आएगी कि हमारी मस्जिद को तोड़कर मंदिर बना दिया गया। उस वक्त हो सकता है कि कोई मुस्लिम शासक हो, कोई मुस्लिम जज हो या मुस्लिम शासन आ जाए… कुछ नहीं कहा जा सकता है कि क्या फेरबदल हो जाए… तो क्या उस हिस्ट्री की बुनियाद पर इस मंदिर को तोड़कर मस्जिद नहीं बनाई जाएगी? बिल्कुल बनाई जाएगी।”

टाइम्स नाऊ नवभारत से बात करते हुए मौलाना ने कहा कि इस देश की एक हिस्ट्री लिखी जाएगी और हिस्ट्री ये लिखी जाएगी कि 1992 में बाबरी मस्जिद को तोड़ा गया और उसके बाद में उस वक्त के प्रधानमंत्री ने जाकर राम मंदिर का शिलान्यास किया था, जो कि संविधान के बिल्कुल विरुद्ध था।

हालाँकि, टीवी बहस के दौरान मुस्लिम वक्ता रशीदी के बयान को व्यक्तिगत बताकर उसके खतरनाक इरादों की गंभीरता को कम करने का प्रयास कर रहे थे। हालाँकि, एक भी ऐसा कथित मुस्लिम विद्वान सामने नहीं आया, जिसने रशीदी बयान की निंदा की हो या उसके बयान पर फतवा जारी किया हो।

ये सिर्फ साजिद रशीदी का बयान नहीं है, ऐसे कई मुस्लिम समाज के कई नेताओं ने दिए हैं। AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बार-बार कहा है कि ‘अयोध्या में बाबरी मस्जिद थी, है और रहेगी। इशांअल्लाह’। उन्होंने यहाँ तक कि मुस्लिम अपनी आने वाली नस्लों को बताएँगे कि वहाँ मस्जिद को शहीद करके मंदिर बनाया गया था। 

इतना ही नहीं, 6 दिसंबर 2022 को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के छात्र नेता मोहम्मद फरीद ने ‘काला दिवस’ के रूप में मनाते हुए मार्च निकाला था। छात्रों ने हाथों में पोस्टर ले रखे थे, जिसमें लिखा था, ‘जब अरजे खुदा के काब से, सब बुत उतरवाए जाएँगे’। इस दौरान छात्र कहते रहे कि ‘बाबरी मस्जिद अभी जिंदा है। मस्जिद वहीं थी, वहीं है और इंशाअल्लाह आगे भी वहीं रहेगी’।

जाहिर सी बता है कि मौलाना साजिद रशीदी वही बात कह रहे हैं, जो मुस्लिमों की राजनीति करने वाले नेता असदुद्दीन कह रहे हैं और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले मुस्लिम छात्र कह रहे हैं। इसलिए इसे सिर्फ एक व्यक्ति का बयान कहकर भी नहीं टाला जा सकता। इसके पीछे कुछ गहरी साजिश हो सकती है, PFI के साल 2047 तक भारत को इस्लामी मुल्क बनाने वाले टुलकीट जैसा।

एक का घोंटा गला, दूसरे को मारकर पेड़ से लटकाया: दिल्ली के द्वारका में 2 पिल्लों की बेरहमी से हत्या, शिकायत दर्ज

दिल्ली में 2 कुत्तों के बच्चों की हत्या कर देने का मामला सामने आया है। घटना द्वारका की है। बताया जा रहा है कि इनमें एक का शव पेड़ से लटकता पाया गया जबकि दूसरे का शव दीवार के पास पड़ा बरामद हुआ। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जाँच शुरू कर दी है।

द्वारका पुलिस ने केस को आईपीसी की धारा 429 के तहत दर्ज किया है। फिलहाल सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपितों की गिरफ्तारी की कोशिश चल रही है। पुलिस ने बताया कि घटना के बारे उस समय पता चला जब कुत्तों को खाना देने वाली महिला कुत्तों को खाना देने गई। थोड़ा ढूँढने के बाद उन्हें कुत्तों के शव दिखाई दिए।

शिकायत के बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना मंगलवार की है। वेनेसा अल्फोंसो नामक महिला ने बताया कि वो जब खाना देने गईं तो उन्हें 6 में से 2 पिल्ले मरे मिले। एक को पेड़ से लटका दिया गया था और दूसरे को गला दबाकर मारा गया था। पुलिस ने उनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है

इस संबंध में कॉन्ग्रेस नेता अभिषेक सिंघवी ने भी पोस्ट किया है। उन्होंने एक पोस्ट शेयर किया जिसमें बताया गया कि द्वारका के आजाद हिंद अपार्टमेंट में तीन महीने के 2 कुत्ते के बच्चों का गला दबाकर उन्हें मार दिया गया। वह एक इक खाली प्लॉट में थे।

उन्होंने यह पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, मानना असंभव है कि कोई ऐसा करने की सोच सकता है। तर्क मना कर रहे हैं, लेकिन दिल कहता है कि आरोपितों के साथ भी यही होना चाहिए।

बोधगया में पकड़ी गई चीन की ‘महिला जासूस’: भिक्षु बनकर जुटा रही थी दलाई लामा की जानकारी, मास्क पहन सबके बीच घूम रही थी

बिहार के बोधगया गए बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा की जासूसी करने वाली चीनी महिला को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लेकर पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। कहा जा रहा है कि चीनी महिला का नाम मिस सॉन्ग शियाओलॉन है और उसकी उम्र लगभग 50 साल है। यह महिला बौद्ध भिक्षु की वेश में थी और मास्क पहनकर सबके बीच घूम रही थी।

मामला सामने आने के बाद आखिरकार बिहार पुलिस ने उस महिला को हिरासत में ले लिया है। गया सिटी पुलिस के SP अशोक प्रसाद खुद उससे पूछताछ कर रहे हैं। उसे बोधगया के कालचक्र ग्राउंड के बाहर से हिरासत में लिया। यह वही जगह है जहाँ पर दलाई लामा रोज प्रवचन देने आते हैं।

यह महिला 2 सालों से बोधगया समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में रह रही थी। पिछले कुछ समय पहले यह अचानक गायब हो गई थी। यह भी जा रहा है कि चीनी महिला के रहने को लेकर फॉरेन सेक्शन में भी कोई रिकॉर्ड नहीं है। बिहार पुलिस को इनपुट मिले कि महिला गया में रह रही है। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसका एक स्केच जारी किया था।

एक मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि यह महिला 2019 में भारत आई थी। हालाँकि, उसके बाद वह चीन लौट गई थी। इसके बाद वह दोबारा भारत आई और यहाँ से वह नेपाल चली गई। नेपाल में कुछ दिन बिताने के बाद बोधगया आकर रहने लगी थी।

सुरक्षा एजेंसियाँ इस महिला को चीनी जासूस मान रही है। कहा जा रहा है कि उसने दलाई लामा को धमकी दी थी। इसके बाद बोधगया में दलाई लामा की सुरक्षा को लेकर हाईअलर्ट जारी कर दिया गया था। कालचक्र पूजा को लेकर दलाई लामा प्रवास पर 22 दिसंबर को बोधगया पहुँचे हैं। उनके लिए सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है। कालचक्र मैदान के बाहर 100 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

कहा जा रहा है कि चीन की यह महिला चीन की कम्युनिस्ट सरकार के इशारे पर दलाई लामा की जासूसी कर रही थी। वह भारत में वीसा की अवधि समाप्त हो जाने के बाद भी ठहरी हुई थी। पुलिस का कहना है कि इसके पीछा का कारण वह पता कर रही है। वहीं, महिला की गिरफ्तारी के बारे में चीनी दूतावास को सूचित कर दिया गया है।

चीन द्वारा तिब्बत कर कब्जा करने और तिब्बतियों के क्रूरतापूर्वक नरसंहार करने के बाद दलाई लामा अप्रैल 1959 में भागकर भारत भाग गए थे। हालाँकि, चीन उन पर लगातार नजर रखता है और भारत के साथ संबंधों के खराब में होने में धर्मगुरु को देश में शरण देना भी एक कारण है।

‘तुम्हारे माता-पिता ने भी कभी मुख्यमंत्री से बात की है?’: दिव्यांग लड़के के सवाल पर भड़के छत्तीसगढ़ के CM बघेल, चिल्ला कर पूछा- तुम मुझ पर आरोप लगाओगे?

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chhattisgarh CM Bhupesh Baghel) की संवेदनहीन बयान वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि सीएम एक दिव्यांग लड़के के सवाल पर भड़क गए और कहा कि ‘तुम्हारे पिताजी और चाचा ने कभी मुख्यमंत्री से बात की है’।

सीएम भूपेश बघेल को वीडियो में यह कहते हुे सुना जा सकता है, “तुम्हारे पिताजी ने कभी मुख्यमंत्री से बात की है… माँ ने की है… चाचा ने की है? तुम कुछ भी बोले जा रहे हो।” इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री उस दिव्यांग युवा को लगातार धमकाते हुए नजर आ रहे हैं।

सीएम बघेल का वीडियो वायरल होने के बाद छत्तीसगढ़ भाजपा ने उन पर हमला बोला है। वीडियो को शेयर करते हुए छत्तीसगढ़ BJP ने ट्वीट किया, “भूपेश बघेल जी, जिस जनता के वोटों के दम पर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे हैं, आज आप उन्हें ही आँख दिखा रहे हैं। भरे मंच से उनका ही अपमान कर रहे हैं। मत भूलिए जनता के सवालों का जवाब देना आपका कर्तव्य है, न कि जनता पर कोई अहसान। याद रखिए अहंकार रावण का नहीं टिका तो आप क्या चीज हैं।”

दरअसल, युवक आरक्षण और नौकरी को लेकर मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रख रहा था। उसने मुख्यमंत्री बघेल से आग्रह किया कि चुनाव जीतने के बाद युवाओं को रोजगार दिया जाए। इसके बाद सीएम बघेल गुस्से में आ गए। उन्होंने कहा कि ‘तुम्हारे पिताजी ने कभी सीएम से बात की है’।

इस पर युवक कहता है, “जब मैं छोटा था तो मेरे पिता का निधन हो गया।” इसके बाद फिर सीएम कहते हैं, “तुम्हारी माँ ने कभी बात की है… चाचा ने कभी बात की है। तुमको मौका मिला है तो तुम मुझ पर आरोप लगाओगे?” इस पर युवक कहता है, “आरोप तो मैं लगा सकता हूँ। हर कोई एक दूसरे पर लगाता है। आप भी रमन सिंह पर, मोदी पर लगाते हैं सर।”

इसके बाद भी युवक सीएम बघेल से बात करते हुए कहा है कि आरक्षण के मुद्दे पर सरकार कोर्ट के फैसले के विरुद्ध जा रही है और युवाओं को परेशान कर रही है। वह 76 प्रतिशत आरक्षण को खत्म कर वैकेंसी को दो-तीन गुना बढ़ाने का सुझाव देता है और कहता है कि इससे सभी वर्ग के लोग खुश हो जाएँगे और वे चुनाव भी जीत जाएँगे। युवक आगे कहता है कि उसे ग्रैजुएशन किए हुए पाँच साल हो गए और वह अभी तक बेरोजगार है।

युवक की बातें सुनकर वहाँ मौजूद लोग तालियाँ बजाने लगाते हैं। ऐसा होता देख मौके पर सुरक्षाकर्मी युवक से माइक छीनने की कोशिश करता है। यह भी कहा जा रहा है कि बाद में उसे धक्के मारकर बाहर भी निकाल दिया गया। इसके बाद वह युवक डर गया। हालाँकि, वहाँ मौजूद लोगों ने उसका हौसला बढ़ाया और कहा कि कुछ नहीं होगा।

इस घटना पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने सीएम बघेल पर हमला बोला। रमन सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा, “एक संवैधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री की अशोभनीय और अमर्यादित भाषा निंदनीय है। लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आपके पास आते हैं भूपेश बघेल, ना कि आपकी डांट-फटकार सुनने के लिए।”

दरअसल, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार की योजनाओं का फीडबैक लेने के लिए आजकल जनता से रूबरू हो रहे हैं। इसी क्रम में वह बेमेतरा जिले में पहुँचे थे। वहीं पर युवक की बातों पर सीएम अपना आपा खो बैठे। उसे सार्वजनिक रूप से पागल से कह दिया गया।

‘मंदिर पर थूकती हैं मुस्लिम औरतें, धर्मांतरण का दबाव बनाती हैं’ : बलरामपुर में दीपा निषाद की शिकायत पर 3 बुर्काधारी गिरफ्तार, हिंदू महिला को पीटने का भी आरोप

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के जाफराबाद इलाके में हिंदू महिला ने जबरन धर्मपरिवर्तन के लिए दबाव बनाने की शिकायत दर्ज कराई। एक रिपोर्ट के मुताबिक हिंदू महिला दीपा ने आरोप लगाया है कि मुस्लिम परिवार की महिलाएँ उसके घर में बने मंदिर में थूककर कहती हैं- ‘तुम्हारा मंदिर नापाक हो गया और तुम मुसलमान हो गई हो।’

महिला ने कुछ दिन पहले ही अपने आस-पास के मुस्लिम परिवारों पर उसके परिवार को परेशान करने और धर्मपरिवर्तन करने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया था। महिला ने उत्तर प्रदेश धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम-2021 समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था, जिनमें से तीन महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पीड़िता दीपा का कहना है कि मोहल्ला मुस्लिमों से घिरा हुआ है। ये लोग धर्म परिवर्तन का दबाव बनाते हैं और ऐसा नहीं करने पर मकान बेचकर चले जाने को कहते हैं। वह कहती है कि मुस्लिम महिलाओं द्वारा मंदिर पर थूकने की वजह से उसने खिडकियों पर कपड़े डाल दिए हैं। कई बार वे पानी भी फेंकते हैं। महिला का दावा है कि उसके पास घटना की वीडियो भी है।

मामले की शिकायत कॉपी के मुताबिक, घटना रेहरा बाजार थानाक्षेत्र के गाँव जाफराबाद की है। यहाँ दीपा निषाद अपने परिवार के साथ रहती हैं। दीपा का कहना है कि उनके घर के तीन तरफ मुस्लिम आबादी है। इसी गाँव की मोहर्रमा, शहज़ादी, साहिबा नाम की महिलाएँ अपने घर के इरफ़ान, सोनू और अफरीद के साथ दीपा की कई बार पिटाई कर चुकी हैं।

शिकायत में अमीरजादे और इरफ़ान नाम के व्यक्तियों पर आरोप है कि वह अपने गाँव को मुस्लिम बहुल इलाका बता कर पीड़िता को घर बेच कर कहीं चले जाने या धर्म बदल कर मुस्लिम बन जाने की धमकी देता है। इन दोनों में कोई विकल्प न चुनने पर पीड़िता को परिवार सहित कत्ल करने की धमकी भी दी जाती है।

शिकायत में दीपा ने आगे बताया कि जब उन्होंने घर बेचकर भागने और इस्लाम कबूलने से मना कर दिया तब आरोपितों द्वारा उनके परिवार की बेरहमी से पिटाई की गई। 17 दिसंबर 2022 की घटना का जिक्र करते हुए दीपा ने बताया कि उस दिन आरोपितों ने उसे और उसकी बहन को बेरहमी से मारा-पीटा। दीपा के साथ छेड़छाड़ करते हुए अमीरजादे ने अपना मोबाइल नंबर देते हुए खुद से जबरन बात करने का दबाव बनाया था। यह शिकायत 20 दिसंबर, 2022 को दी गई थी।

‘उर्दू बोलने लगी थी वो, हिजाब भी पहनती थी’: तुनिशा शर्मा के परिजनों ने बयां किया दर्द, माँ ने केंद्रीय मंत्री को बताया- शीजान खान ने मेरी बेटी का इस्तेमाल किया

तुनिशा शर्मा की खुदकुशी मामले में उनकी माँ ने आज अपना बयान दर्ज कराया। उनके साथ-साथ तुनिशा की मौसी और मामा का भी बयान दर्ज किया गया। इसके पहले केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने तुनिशा के परिवार के लोगों से मुलाकात की। इस दौरान तुनिशा की माँ ने उन्हें बताया कि कैसे उनकी बेटी उर्दू बोलने लगी थी और अपने परिवार से दूर हो रही थी।

केंद्रीय मंत्री ने तुनिशा के परिवार वालों को निष्पक्ष जाँच और न्याय दिलाने का भरोसा दिया। केंद्रीय मंत्री ने तुनिशा की माँ से बात की। रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय मंत्री से बात करते हुए तुनिशा की माँ ने शीजान को सख्त सज़ा दिलाने की माँग की। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी इकलौती बेटी को भी खो दिया।” तुनिशा की माँ ने आरोप लगाया कि शीजान ने महीनों तक उनकी बेटी का इस्तेमाल किया।

उन्होंने कहा, “मैंने शीजान से बात कर के उसके दूसरे रिलेशनशिप के बारे में पूछा था। लेकिन उसने मुझसे सॉरी कहते हुए मदद न करने की बात कही। मैं उस लड़के को कभी माफ नहीं करूँगी।” तुनिशा की माँ ने कहा कि शीजान ने तुनिशा को अपने परिवार से दूर कर दिया था। यहाँ तक कि तुनिशा अपनी माँ से भी दूर होती जा रही थी। वह शीजान और अपने रिश्ते के बारे में पूछे जाने पर भी कुछ नहीं कहती थी।

फोटो साभार एएनआई

तुनिशा की माँ से मुलाकात के बाद केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मीडिया से भी बात की। उन्होंने कहा कि यदि शीजान दूसरी रिलेशनशिप में था तो उसे तुनिशा को सच बता देना चाहिए था। उसे तुनिशा को चीट नहीं करना चाहिए था।

केंद्रीय मंत्री ने तुनिशा की माँ के हवाले से कहा कि शीजान की फैमली तुनिशा और उसके परिवार को ब्लैकमेल भी करती थी। उन्होंने बताया कि तुनिशा को उर्दू की तालीम दी जा रही थी। यहाँ तक कि तुनिशा उर्दू में ही बात भी करने लगी थी। आपको बता दें कि तुनिशा के अंकल पवन शर्मा भी मामले में लव जिहाद का शक जता चुके हैं। पिछले दिनों उन्होंने कहा था कि शीजान से दोस्ती के बाद तुनिशा हिजाब पहनने लगी थी।

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने यह भी कहा कि तुनिशा आत्महत्या मामले को लेकर वे डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करेंगे और दोषियों को जल्दी से जल्दी सजा दिलाने व परिवार के लिए मदद की माँग करेंगे। उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी भी पारिवार की मदद करेगी।” उन्होंने कहा कि शीजान ने तुनिशा के साथ विश्वासघात किया और ऐसे में उसे फाँसी दी जानी चाहिए।

बता दें कि तुनिशा ने 24 दिसंबर, 2022 को अपने टीवी शो “अली बाबा: दास्तान-ए-काबुल” के सेट पर खुदकुशी कर ली थी, जिसके बाद आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पुलिस ने शीजान को गिरफ्तार किया था। मृत एक्ट्रेस तुनिशा शर्मा के घरवालों ने शीजान को धोखेबाज बताया है। तुनिशा के घरवालों का कहना है कि शीजान के कई लड़कियों के साथ संबंध थे।