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लड़की के जबड़े पर मारी लात ही लात, बेहोश होने तक पीटा: Video वायरल होने के बाद MP पुलिस ने युवक को पकड़ा, घर पर चला बुलडोजर

मध्यप्रदेश के रीवा के मऊगंज थाने के ढेरा से वायरल हुई लड़की की पिटाई की वीडियो मामले में पुलिस ने आरोपित लड़के को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित की पहचान पंकज त्रिपाठी के तौर पर हुई है। पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से शनिवार (24 दिसंबर 2022) से पकड़ा। घटना के संबंध में लापरवाही बरतने पर थाना प्रभारी निरीक्षक श्वेता मौर्या को निलंबित को किया गया।

बता दें कि दो दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होनी शुरू हुई थी। इस वीडियो में युवती, युवक से शादी की बात कर रही थी। इसी बीच लड़के ने वीडियो बनाने वाले से कहा कि वो वीडियो बनाना बंद करे और उसके बाद वो उस लड़की को पीटने लगा। लड़के ने पहले लड़की को पकड़कर नीचे गिराया उसके बाद मुँह पर लात ही लात मारी। जब उसे लगा कि लड़की बेहोश हो गई है तो उसने उसे खड़ा करके चेक भी किया।

घटना की वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग उठ रही थी। पुलिस पर आरोपितों को पकड़ने का दबाव था। पुलिस ने रातोंरात टीम बनाकर उसे मिर्जापुर से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद राजस्व व पुलिस अधिकारियों की टीम आरोपित के घर ढेरा पहुँची, जहाँ उसके घर की नपाई हुई और घर पर बुलडोजर चलाया गया।

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, “रीवा जिले के मऊगंज क्षेत्र में युवती के साथ हुई बर्बरता की घटना में अपराधी पंकज त्रिपाठी को गिरफ्तार कर उसके घर पर बुलडोजर चलाया गया। ड्राइवर पंकज का लाइसेंस भी कैंसल कर दिया गया है। मध्यप्रदेश की धरती पर महिलाओं पर अत्याचार करने वाला कोई बख्शा नहीं जायेगा।”

एसपी नवनीत भसीन ने इस संबंध में बताया कि उन्होंने थाना प्रभारी श्वेता मौर्या को सस्पेंड कर दिया है। केस की जाँच एडिशनल एसपी मऊगंज विवेक कुमार लाल को सौंप दी गई है। मामले के संबंध में पुलिस ने पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर केस को धारा 366, 294, 323, 506 सहित 363 और आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया है। वहीं वीडियो वायरल करने वाला आरोपित भारत साकेत भी पकड़ लिया गया है। कहा जा रहा है कि पहले लड़की के घरवालों ने इस संबंध में शिकायत करने से पहले मना कर दिया था। हालाँकि बाद में वीडियो वायरल हुई तो कार्रवाई की माँग तेज हो गई। लोगों ने आरोपित पंकज को हैवान कहकर उसपर एक्शन लेने की माँग उठाई।

छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज की लड़की की हत्या: रिपोर्ट में दावा – शाहबाज़ ने 51 बार पेचकस से गोदा, तकिए से मुँह दबाया, छाती तक चीर डाला

छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक लड़की की निर्मम हत्या का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि नीलकुसुम नाम की इस 21 वर्षीया मृतका को पेचकस से 51 बार गोदा गया है। नीलकुसुम ने जनजातीय समुदाय में जन्म लेने के बाद ईसाई मत अपना लिया था। इस मामले में ‘लव जिहाद’ के एंगल का भी दावा किया जा रहा है। आरोपित का नाम शाहबाज़ बताया जा रहा है। घटना शनिवार (24 दिसंबर, 2022) की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की पंप हाउस कालोनी का है। मृतका के भाई का कहना है कि उनकी बहन पहले मदनपुर के स्कूल में पढ़ाई करती थीं। उस समय एक बस कंडक्टर उनकी बहन का पीछा किया करता था। बीच में कंडक्टर से लड़की के घर वालों के विवाद का भी दावा किया जा रहा है। हालाँकि, अभी तक कातिल की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।

घटना के दिन लड़की घर में अकेली थी। परिवार के बाकी सदस्य कहीं बाहर गए थे। लड़की का भाई सुबह लगभग 11 बजे जब वापस लौट कर आया तब उसने पीछे का दरवाजा खुला देखा। अंदर आने के बाद उसने देखा कि उसकी बहन की हत्या हो गई है और वो बिस्तर पर मृत पड़ी है। लड़की के चेहरे पर खून के छींटे थें और उसका मुँह तकिए से दबा दिया गया था। उसके भाई ने देखा तो लड़की का शरीर ठंडा पड़ चुका था। लड़के ने फौरन ही अपने घर वालों को सूचना दी।

शक जताया जा रहा है कि पीछे से खुले दरवाजे से प्रेमी अंदर आया होगा। हालाँकि अभी तक पुलिस किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुँची है।

कातिल का नाम शाहबाज़

वही ‘दैनिक जागरण’ व कुछ अन्य मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि युवती की हत्या का आरोपित शाहबाज़ नाम का युवक है। बताया गया है कि हत्या की वजह मृतका द्वारा खुद को अनदेखा करना है। शाहबाज़ गुजरात में रहता है जो लड़की को मारने के लिए फ्लाइट पकड़ कर छत्तीसगढ़ आया था। दावा किया जा रहा है कि लड़की की लाश के पास से फ्लाइट की टिकटें बरामद हुईं हैं, जो 2 दिन पुरानी हैं। घटना के बाद से शाहबाज फरार चल रहा है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, शाहबाज़ ने नीलकुसुम की हत्या बड़ी निर्ममता से की। पेचकस से मृतका पर 51 वार किए गए। लड़की की चीख किसी को सुनाई न दे इसके लिए तकिए से उसका मुँह दबा दिया गया। इस दौरान लड़की के सीने पर 34, पीठ पर 16 और बगल में एक बार पेचकस घोंपा गया। एक पेचकस हृदय में घाव करता हुआ निकल गया था। फिलहाल शाहबाज़ की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 4 टीमें बनाई गईं हैं

राजस्थान में RPSC की ये कैसी परीक्षा, बस में पेपर सॉल्व करते धराए लोग: पेपर लीक पर CM गहलोत कह रहे – कई राज्यों में होता है ऐसा

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के तहत ली जाने वाली शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद इसे रद्द कर दिया गया है। इस मामले में अब तक 46 से परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, पाँच मामले का मास्टरमाइंड भी गिरफ्तार किए गए हैं। वहीं, विपक्षी दल इस मुद्दे पर कॉन्ग्रेस (Congress) सरकार को लगातार घेर रही है।

दरअसल, शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए 24 दिसंबर 2022 को सुबह 9 बजे से 11 बजे तक परीक्षा का आयोजन किया गया था। परीक्षा शुरू होने के पहले ही सामान्य ज्ञान का पेपर आउट हो गया। उदयपुर में पुलिस ने एक निजी बस में सवार पेपर सॉल्व करते हुए लोगों को देखा। इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया।

पुलिस ने बरामद पेपर का मिलान किया तो यह असली पेपर का नकल था। इसके बाद मामले की जानकारी राजस्थान लोक सेवा आयोग को दी गई और आयोग ने परीक्षा को निरस्त कर दिया। इसके बाद पुलिस पेपर लीक माफियाओं को पकड़ने में लग गई है।

पेपर लीक के कई माफिया बताए जा रहे हैं। इनके स्थानीय नेताओं से भी संपर्क की बात कही जा रही है। इन्हीं माफियाओं में से एक सुरेश ढाका को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह भी कई नेताओं का नजदीकी बताया जा रहा है। जयपुर में गुर्जर की थड़ी पर कोचिंग चलाने वाला ढाका दो बार पहले भी जेल जा चुका है। इसमें से एक मामला मनी लॉन्ड्रिंग का है।

सुरेश ढाका उमंग नाम का एक कोचिंग इंस्टीट्यूट चलाता है। इसके साथ ही वह सोशल मीडिया पर भी खूब एक्टिव रहता है। सोशल मीडिया पर उसके 15 लाख फॉलोवर हैं। सुरेश ढाका की पहुँच राज्य के कई मंत्रियों तक है। ढाका लक्जरी लाइफ जीने का शौकीन है और इसकी तस्वीरें वह सोशल मीडिया पर डालते रहता है।

सामान्य ज्ञान (GK) और मनोविज्ञान विषय के पेपर लीक मामले में चार लोग मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं। इनमें से जोधपुर निवासी सुरेश विश्नोई और उसके जीजा सुरेश ढाका समेत पीराराम साहू तथा भूपेंद्र सारण को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा, डॉ. भजनलाल को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

इस मामले का मुख्य मास्टरमाइंड सुरेश विश्नोई है। विश्नोई जोधपुर का रहने वाला है और जालौर के सरकारी स्कूल में शिक्षक है। शनिवार (24 दिसंबर 2022) की सुबह बेकरिया पुलिस ने एक बस को रोका तो उसमें सुरेश सहित 44 लोग सवार थे। सुरेश बस में बैठे अभ्यर्थियों को पर्चा हल करवा रहा था।

सुरेश ने पर्चा देने के बदले अभ्यर्थियों से 10 लाख रुपए से 20 लाख रुपए तक वसूल किए थे। बता दें कि राजस्थान में ऐसी शायद ही कोई परीक्षा बची हो, जिसका पेपर आउट नहीं हुआ हो। इन माफियाओं पर नेताओं के हाथ होते हैं, इसलिए असली माफिया बच जाते हैं और उनके छोटे गुर्गे को पकड़ कर पुलिस वाहवाही लूट लेती है।

बता दें कि यूपी के कुलपति विनय पाठक पर घोटाले, भर्ती में अनियमितता, रिश्वतखोरी और पेपर लीक जैसे कई सबूत सामने आ चुके हैं, लेकिन पुलिस उनका बाल भी बाँका नहीं कर पा रही है। ऐसा ही हाल देश के अधिकांश माफियाओं के साथ है। ये पूरे मामले में बच निकलते हैं। बिहार का हाल भी इससे अलग नहीं है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी जिम्मेदारी से भागते हुए कहा कि कई राज्यों में पेपर लीक हुए हैं, राजस्थान देश का इकलौता स्टेट नहीं है। पेपर लीक होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राजस्थान तो आरोपितों को पकड़कर जेल में भी डाला है, वहीं अन्य राज्यों में तो ऐसे मामलों में कार्रवाई तक नहीं होती। 

गौरतलब है कि राजस्थान लोक सेवा आयोग 21 दिसंबर 2022 से इस परीक्षा का आयोजन कर रहा है। इस परीक्षा के लिए 12 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने अपना पंजीकरण कराया है। परीक्षा रद्द होने के बाद आयोग अब नए तारीख की घोषणा करेगा।

20 साल की तुनिशा शर्मा की मौत के पीछे ‘लव जिहाद’ का एंगल होने की भी चर्चा: जानिए कौन है शीजान मोहम्मद खान, जिसे 4 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया

टीवी एक्ट्रेस तुनिशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में तुनिशा के एक्स बॉयफ्रेंड और को-स्टार शीजान खान को 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। तुनिशा की माँ का आरोप है कि शीजान से परेशान होकर तुनिशा ने आत्महत्या की है। इस बीच, भाजपा नेता राम कदम ने कहा है कि यदि तुनिशा शर्मा की मौत के मामले में ‘लव जिहाद’ का मामला सामने आया तो कड़ी जाँच होगी।

कौन है शीजान खान

तुनिशा शर्मा की संदिग्ध मौत के बाद से लोग यह जानना चाहते हैं कि जिस शीजान खान पर तुनिशा को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लग रहा है, वह कौन है। शीजान खान का पूरा नाम शीजान मोहम्मद खान है। उन्होंने टीवी सीरियल ‘जोधा अकबर’ में अकबर के बचपन का किरदार निभाया था। इससे पहले भी वह कई टीवी सीरियल्स में नजर आ चुके हैं। फिलहाल वह सब टीवी के शो ‘अली बाबा-दास्तान-ए-काबुल में’ नजर आ रहे थे। शीजान की दो बड़ी बहनें फलक नाज और शफक नाज हैं। ये दोनों भी टीवी एक्ट्रेस हैं।

साल 2013 में जोधा अकबर से अपने करियर की शुरुआत करने वाले शीजान ने साल 2016 में ‘सिलसिला प्यार का’ नामक टीवी शो में काम किया था। इसके बाद, साल 2017 में वह ‘चंद्र नंदिनी’ सीरियल में नजर आए। साल 2018 में ‘पृथ्वी वल्लभ’ में भी बतौर एक्टर काम किया था। वहीं, साल 2019 में ‘तारा फ्रॉम सितारा’ और ‘एक थी रानी एक था रावण’ में भी काम किया था। 2020 में शीजान ‘नजर 2’ और 2021 में ‘पवित्र- भरोसा का एक सफर’ नजर आए थे।

तुनिशा शर्मा से पहले शीजान खान का नाम टीवी सीरियल ‘कुंडली भाग्‍य’ फेम एक्‍ट्रेस मृणाल सिंह से भी जुड़ा था। हालाँकि, बाद में वे दोनों अलग हो गए थे। कहा जा रहा है कि अली बाबा-दास्तान ए काबुल की शूटिंग के दौरान शीजान और तुनिशा शर्मा नजदीक आ गए थे।

4 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया शीजान

अभिनेत्री तुनिशा शर्मा की माँ ने आरोप लगाया था कि शीजान के कारण उनकी बेटी ने आत्महत्या की है। तुनिशा की माँ के आरोप के बाद पुलिस ने शीजान को हिरासत में लेते हुए कोर्ट में पेश किया था। जहाँ से कोर्ट ने शीजान को 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। यानी अब, बुधवार (28 दिसंबर 2022) तक शीजान पुलिस हिरासत में ही रहेगा।

शीजान के वकील ने बार-बार यह दावा किया है कि शीजान निर्दोष है। पुलिस ने शीजान का फोन भी ले लिया है। पुलिस कोर्ट से परमीशन लेकर फोन की भी जाँच कर सकती है। ऐसे में, आने वाले 4 दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

देश भर में लव जिहाद की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए भाजपा नेता माधव कहा ने कहा है कि मामला लव जिहाद से जुड़ा है या नहीं इसकी जाँच की जाएगी। उन्होंने कहा है, “तुनिषा शर्मा के परिवार को न्याय मिलेगा। हम पता लगाएँगे कि मामला लव जिहाद से जुड़ा है या नहीं और अगर जुड़ा है तो इसके पीछे के षड्यंत्रकारियों और संगठनों का भंडाफोड़ किया जाएगा।”

नेहरू की नीतियों के कारण Pak में जाने वाला था असम, लेकिन राह में खड़ा हो गया ये नेता: ‘मुस्लिम लीग’ ने रची थी डेमोग्राफी बदलने की साजिश, बोस के खिलाफ थे मौलाना आज़ाद

1826 में अंग्रेजो द्वारा असम के विलय के साथ, ब्रिटिश चाय बागानों में तथा अन्य कार्य हेतु पूर्व-बंगाल और उन स्थानों से किसानों को ले आए थे, जहाँ आबादी अधिक थी। 1906 में ढाका में हुए अपने सम्मेलन में मुस्लिम लीग, मुख्य रूप से गैर-मुस्लिम असम और पूर्वोत्तर पर हावी होने के लिए और इसे मुस्लिम-बहुल क्षेत्र बनाने के लिए, एक रणनीति बनाती है। वो असम में मुस्लिम आबादी बढ़ाने के लिए और पूर्वी बंगाल के मुस्लिमों को असम में प्रवास करने और बसने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

1931 की जनगणना रिपोर्ट में बड़े पैमाने पर पलायन के इस तथ्य को भी नोट किया गया था। कॉन्ग्रेस नेता बारदोलाई, मेधी और अन्य भी पलायन के इस गंभीर मुद्दे को उठाते हैं, लेकिन केंद्र में कॉन्ग्रेस नेतृत्व से इस बार भी उचित समर्थन नहीं मिला। 1938 में, जब असम में ‘मुस्लिम लीग’ के नेतृत्व वाला गठबंधन गिर गया, तो नेताजी सुभाष बोस ने सरकार बनाने के लिए कॉन्ग्रेस द्वारा सरकार बनाने का समर्थन किया, किन्तु उनका विरोध करने के लिए इस बार सामने थे – मौलाना आज़ाद।

सरदार पटेल सुभाष बोस का समर्थन करते हैं और गोपीनाथ बोरदोलोई के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस सरकार कार्यभार सँभाल लेती है। बोरदोलोई के आने से यह आशा बँधी थी कि मुस्लिम पलायन रुक जाएगा, और मुस्लिम लीग का खेल हार जाएगा। हालाँकि, नेहरू और उनके वामपंथी समर्थकों की नासमझी के कारण, प्रांतों में कॉन्ग्रेस की सरकारें 1939 में इस्तीफा दे देती हैं। इस कारण गोपीनाथ बोरदोलोई को भी असम में इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

हालाँकि, नेताजी सुभाष बोस और पटेल चाहते थे कि बोरदोलोई सरकार बनी रहे। ‘मुस्लिम लीग’ के सर सैयद मोहम्मद सादुल्ला, जो अंग्रेजों के पिट्ठू थे, दोबारा से सत्ता सँभाल लेते हैं। सादुल्ला वही थे जिनको हटा कर बोरदोलोई सत्ता में आये थे। अगले सात सालों तक सादुल्ला असम में निर्बाध शासन करते हुए मुस्लिम आधार को मजबूत अत्यंत मजबूती प्रदान करते हैं। सादुल्ला 1941 में एक भूमि बंदोबस्त नीति लाते हैं, जिसके आधार पर पूर्वी बंगाल से आने वाले मुस्लिमों को असम में आने की कानूनी अनुमति दे दी जाती है।

साथ ही ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए प्रत्येक परिवार के लिए 30 बीघे ज़मीन भी उपहार में दी जाती है। एक समय में सादुल्ला ने लियाकत अली खान के सामने या स्वयं कबूला था कि अपनी नीतियों के माध्यम से उन्होंने असम घाटी के निचले चार जिलों में मुस्लिम आबादी को चौगुना कर डाला था था। नेहरू की इन नीतियों को देखते हुए ऐसा ही लगता है कि शायद उनके लिए असम और पूर्वोत्तर भारत का हिस्सा नहीं रहा होगा। संक्षेप में, नेहरू के गलत निर्णय के कारण असम में जनसांख्यिकीय स्थिति बहुत खराब हो चुकी थी।

भारतीय स्वतंत्रता के लिए 1946 की प्रारंभिक ब्रिटिश योजना ने ग्रुप-सी में असम और बंगाल को एक साथ रखा था। इस तरह के समावेशन का अर्थ यह था कि असम निवासियों के अल्पमत में होने के कारण असम का अंततः पूर्वी-पाकिस्तान में समाहित कर दिया जाना निश्चित था। इस अशुभ संभावना को भाँपते हुए, बोरदोलोई ने नेहरू की सहमति के विपरीत ग्रुप-सी में क्लब किए जाने का विरोध आरम्भ कर दिया था। नेहरू के साथ न देने पर, बोरदोलोई ने जन आंदोलन शुरू किया।

उन्होंने पूर्वी पाकिस्तान में असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र (एनईआर) के अन्य हिस्सों को शामिल करने के लिए ‘मुस्लिम लीग’ के प्रयासों का डटकर मुकाबला किया और अपनी माँग मनवा कर ही रहे। नेहरू के नेतृत्व में राष्ट्रीय स्तर पर कॉन्ग्रेस पार्टी ने ‘मुस्लिम लीग’ को स्वीकार कर लिया होता, अगर कॉन्ग्रेस पार्टी की असम इकाई द्वारा समर्थित और महात्मा गाँधी और असम की जनता द्वारा समर्थित बोरदोलोई द्वारा विद्रोह नहीं किया गया होता।

आज जब हम पूर्वोत्तर की बात करते हैं तो हमें सबसे पहले गोपीनाथबोरदोलोई का एहसान मंद होना चाहिए, जिन्हें नेहरू ने नजरअंदाज कर दिया था और उन्हें बहुत बाद में गैर कॉन्ग्रेसी सरकार ने ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया था।”

‘अपनी मर्जी से कर रही हूँ शादी’: मुस्लिम लड़की ने हिन्दू लड़के से की शादी तो SDM कोर्ट के बाहर मुस्लिम भीड़ ने किया हंगामा, लात-घूँसे भी चले

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक हिन्दू लड़के से मुस्लिम लड़की की शादी के दौरान हंगामा खड़ा हो गया। लड़की के घर वालों ने युवक पर अपहरण का आरोप लगाया। वहीं लड़की ने SDM कोर्ट में खुद को बालिग बताते हुए अपनी मर्जी से शादी करने का बयान दिया। इस मामले में हिन्दू और मुस्लिम पक्ष आमने-सामने हो गए। मौके पर पहुँची पुलिस ने तनावपूर्ण माहौल को शांत करवाया। घटना शुक्रवार (23 दिसंबर, 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लड़का देहरादून के चंद्रबनी इलाके का और लड़की माज़रा क्षेत्र की रहने वाली है। कुछ दिन पूर्व 18 नवम्बर 2022 को लड़की अपने प्रेमी के साथ उसके घर चली गई थी। इस मामले में लड़की पक्ष में पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। जाँच के दौरान पुलिस ने लड़की को लड़के के घर से खोज निकाला था। हालाँकि तब लड़की ने खुद को बालिग बताते हुए अपनी मर्जी से अपने प्रेमी के साथ रहने का बयान दिया था।

इस बीच मिली जानकारी के मुताबिक, लड़की और लड़के ने एक मंदिर में शादी भी कर ली थी। अपनी इसी शादी को कानूनी वैधता देने के लिए दोनों ने उप जिला मजिस्ट्रेट की कोर्ट में अर्जी दी थी। इस मामले में बयान दर्ज करवाने के लिए कोर्ट ने दोनों को शुक्रवार को बुलवाया था। इस दिन होने वाली सुनवाई की जानकारी लड़की के घर वालों को हो गई और अपने कुछ साथियों के साथ SDM कोर्ट के बाहर खड़े हो गए।

लड़की के परिजनों की तरफ से कोर्ट में मुस्लिम संगठन के लोग जमा होने लगे। मुस्लिम पक्ष की तरफ से महिला वकील रज़िया बेग मौजूद थीं। इस बात की जानकारी हिन्दू संगठनों को हुई तो उन्होंने भी SDM कोर्ट का रुख किया। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों ने अपने-अपने दावे करते हुए नारेबाजी की। इस दौरान लात-घूँसे चलने की भी खबर है। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को हुई तो उसने मौके पर पहुँच कर लोगों को अलग किया। इस बीच बार एसोसिएशन के सदस्य भी SDM कोर्ट के बाहर पहुँच गए।

मुस्लिम पक्ष की वकील ने लड़की के धर्म परिवर्तन करवा कर हिन्दू बनाने का आरोप लगाया है। लड़की के परिजनों की आपत्ति को देखते हुए SDM ने इस मामले की अगली सुनवाई 30 दिसंबर को तय की। उन्होंने पुलिस को लड़का और लड़की की सुरक्षा का भी आदेश दिया। पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच युवक और युवती को उनके घर छोड़ा। इसके बाद दोनों तरफ से जमा हुए लोग वापस लौट आए।

न डगमगाया, न सर झुकाया, मैं अनोखा बल हूँ… पंकज त्रिपाठी ने शेयर किया ‘मैं अटल हूँ’ का फर्स्ट लुक, लोग देखकर बोले- आपसे बेहतर कोई इसे नहीं कर सकता

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 98वीं जयन्ती के अवसर पर उनकी बायोपिक की पहली झलक बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने आज (25 दिसंबर 2022) अपने सोशल मीडिया अकॉउंट पर शेयर की।

पोस्टर को शेयर करते हुए पंकज त्रिपाठी ने लिखा, “अटल जी के व्यक्तित्व को पर्दे पर साकार करने के लिए मुझे संयम से मेरे व्यक्तिमत्व पर काम करना जरूरी है, यह मैं जानता हूँ। स्फूर्ति और मनोबल के आधार से मैं नई भूमिका को न्याय दे सकूँगा यह अटल विश्वास मुझे है। मैं अटल हूँ सिनेमाघरों में दिसंबर 2023 में आएगी।

उन्होंने इस बायोपिक की झलक साझा करते हुए जो वीडियो शेयर की। उसमें वह बिलकुल अटल बिहारी वाजपेयी के अंदाज में नजर आए। इसमें पूर्व पीए को एक स्टेट्समैन, एक जेंटलमैन, एक कवि बताया गया और अंत में उनका पूरा चित्र दिखाते हुए कहा गया-“मैं अटल हूँ।”

इस पोस्ट के साथ उन्होंने पंडित धीरेंद्र की पंक्ति लिखी। उन्होंने लिखा- “न कभी कहीं डगमगाया। न कभी कहीं सर झुकाया। मैं एक अनोखा बल हूँ। मैं अटल हूँ |” आगे उन्होंने कहा, “अवसर मिला है इस विलक्षण व्यक्तित्व को पर्दे पर अभिव्यक्त करने का। भावुक हूँ। कृतज्ञ हूँ।”

बता दें कि पंकज त्रिपाठी का लुक देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स इसे काफी पसंद कर रहे हैं। उन्हें शुभकामनाएँ देने के साथ कहा जा रहा है कि इस महान व्यक्तित्व को चरितार्थ करने के लिए पंकज त्रिपाठी ही परिपक्व कलाकार हैं।

उल्लेखनीय है कि अटल बिहारी वाजपेयी की जिंदगी को पर्दे पर लाने का काम ‘मैं अटल हूँ’ शीर्षक के साथ निर्देशक रवि जाधव द्वारा किया जा रहा है। इसे लिखा उत्कर्ष नैथानी द्वारा गया है। यह फिल्म दिसंबर 2023 में रिलीज होगी। फिल्म को म्यूजिक सलीम-सुलेमान ने दिया और लिरिक्स समीर द्वारा दिए गए हैं। मोशन वीडियो में सोनू निगम की आवाज भी सुनाई पड़ रही है। वहीं फिल्म को प्रोड्यूस करने वालों में विनोद भानुशाली, संदीप सिंह, सैम खान और कमलेश भानुशाली का नाम शामिल है।

‘भारत के साथ काम करने को तैयार’: तवांग में मार खाने के बाद कोरोना से जूझते चीन का होश आया ठिकाने, कहा- सैन्य-कूटनीतिक स्तर पर चल रही बातचीत

अरुणाचल प्रदेश के तवांग (Tawana, Arunachal Pradesh) में भारतीय सैनिकों से मार खाने के बाद चीन (China) ने अब भारत से संबंध सुधारने की गुहार लगाई है। कोरोना (Corona) का कहर झेल रहे चीन ने कहा कि वह भारत के साथ अपने संबंधों को सामान्य करने की दिशा में काम करना चाहता है।

बता दें कि 9 दिसंबर 2022 को अरुणाचल प्रदेश तवांग सेक्टर में भारत की सेना ने घुसपैठ कर रही चीन को खदेड़ दिया था। इसके बाद दोनों देशों की सेनाओं के कोर कमांडर स्तर की 17वें दौर की बैठक का आयोजन थी। इस दौरान पश्चिमी क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की थी।

अब चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने रविवार (25 दिसंबर 2022) कहा कि चीन संबंधों के स्थिर और मजबूत विकास के माध्यम से भारत के साथ काम करने के लिए तैयार है। चीनी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि दोनों देश राजनयिक और सैन्य माध्यमों से संपर्क बनाए हुए हैं।

वांग यी ने कहा, “चीन और भारत ने राजनयिक और सैन्य-से-सैन्य चैनलों के माध्यम से संचार बनाए रखा है और दोनों देश सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम चीन-भारत रिश्ते के स्थिर और मजबूत विकास की दिशा में भारत के साथ काम करने के लिए तैयार हैं।”

दोनों देशों की सेनाओं के बीच झड़प के बाद विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक बयान में कहा कि भारत और चीन ने 20 दिसंबर को चुशूल-मोल्दो सीमा को लेकर कोर कमांडर स्तर की बैठक हुई। इसमें दौरान पश्चिमी क्षेत्र में सुरक्षा बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की। इसके साथ ही दोनों पक्ष आपसी संपर्क में रहने, सैन्य और राजनयिक चैनलों के माध्यम से बातचीत बनाए रखने और जल्द से जल्द शेष मुद्दों के परस्पर स्वीकार्य समाधान पर काम करने पर सहमत हुए हैं।

बता दें कि चीन इस समय कोरोना के कहर से परेशान है। कोरोना के कारण चीन की आर्थिक हालत भी खराब है। चीन के विकास दर के आंकलन को भी घटा दिया गया है। कोरोना के कारण वहाँ ऐसे हालात हो गए हैं कि अस्पतालों में मरीजों के लिए बेड तक उपलब्ध नहीं है। लोगों बगावत पर उतर आए हैं।

‘आयुर्वेद को बनाएँ अपने जीवन का हिस्सा, बाँस की बनी वस्तुएँ खरीदें’: प्रधानमंत्री ने पालघर का जनजातीय समाज का किया जिक्र, बनाते हैं बाँस के सामान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (25 दिसंबर, 2022) को रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देश को संबोधित किया। मन की बात का यह 96वाँ एपिसोड था। इसमें पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही, उन्होंने बढ़ रहे कोरोना के खतरे को देखते हुए देशवासियों से सावधानी बरतने का भी आग्रह किया है।

‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा, “2022 वाकई कई मायनों में बहुत ही प्रेरक रहा, अद्भुत रहा। इस साल भारत ने अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे किये और इसी वर्ष अमृत काल का प्रारंभ हुआ। इस साल देश ने नई रफ़्तार पकड़ी, सभी देशवासियों ने एक से बढ़कर एक काम किया। 2022 की विभिन्न सफलताओं ने आज पूरे विश्व में भारत के लिए एक विशेष स्थान बनाया है।”

प्रधानमंत्री ने 2022 की सफलताओं को याद करते हुए यह भी कहा, “2022 यानी, देश के जन-जन द्वारा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को अपनाना इसे जी कर दिखाना। 2022 यानि, भारत के पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट करियर आईएनएस विक्रांत का स्वागत। 2022 यानी, अंतरिक्ष, ड्रोन और डिफेंस सेक्टर में भारत का परचम। 2022, यानी हर क्षेत्र में भारत का दमखम। 2022 यानि भारत द्वारा दुनिया की पाँचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का मुकाम हासिल करना।”

पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर उन्हें याद करते हुए कहा कि अटल जी एक महान राजनेता थे, जिन्होनें देश को असाधारण नेतृत्व दिय। हर भारतवासी के हृदय में उनके लिए एक खास स्थान है।

उन्होंने यह भी कहा है कि साक्ष्य-आधारित मेडिसिन के युग में, योग और आयुर्वेद अब आधुनिक युग की कसौटी पर खरे उतर रहे हैं। ‘टाटा मेमोरियल सेंटर’ द्वारा किए गए एक गहन शोध से पता चला है कि योग ब्रेस्ट कैंसर के रोगियों के लिए बहुत प्रभावी हैं। पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में अपने संबोधन में देश के लोगों से आयुर्वेद को जीवन का हिस्सा बनाने का भी आग्रह किया।

गंगा नदी की सफाई को लेकर शुरू किए ‘नमामि गंगे अभियान’ को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा है कि सदियों से कल-कल बहती माँ गंगा को स्वच्छ रखना हम सबकी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य के साथ आठ साल पहले नमामि गंगे अभियान की शुरुआत की थी। यह गौरव की बात है कि भारत की इस पहल को आज दुनियाभर की सराहना मिल रही है।

‘स्वच्छ भारत अभियान’ के बारे में बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “स्वच्छ भारत मिशन, आज हर भारतीय के मन में रच-बस चुका है। साल 2014 में इस जन आंदोलन के शुरू होने के साथ ही इसे नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए लोगों ने कई अनूठे प्रयास किए गए हैं और ये प्रयास सिर्फ समाज के भीतर ही नहीं बल्कि सरकार के भीतर भी हो रहे हैं।”

उन्होंने बाँस से बनाई जाने वाली वस्तुओं को बढ़ावा देने और इसके बाजार के बारे में कहा, “देश के अनेक क्षेत्र में बांस से अनेक सुन्दर और उपयोगी चीजें बनाई जाती हैं। विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में बांस के कुशल कारीगर, कुशल कलाकार हैं। जब से देश ने बैम्बू से जुड़े अंग्रेजों के जमाने के कानूनों को बदला है, इसका एक बड़ा बाज़ार तैयार हो गया है। महाराष्ट्र के पालघर जैसे क्षेत्रों में भी आदिवासी समाज के लोग बैम्बू से कई खुबसूरत प्रोडक्ट्स बनाते हैं।”

पीएम ने यह भी कहा, “कल 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ है और मुझे इस अवसर पर दिल्ली में साहिबजादा जोरावर सिंह जी और साहिबजादा फतेह सिंह जी की शहादत को समर्पित कार्यक्रम में हिस्सा लेने का सौभाग्य प्राप्त होगा। देश का बलिदान, साहिबजादे और माता गुजरी हमेशा याद रहेगी।”

पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ के जरिए इस साल के अपने आखिरी संबोधन को समाप्त करते हुए कहा, “अगली बार सभी साल 2023 में मिलेंगे। आप सभी को साल 2023 की शुभकामनाएँ। ये साल भी देश के लिए खास हो।”

‘कुत्ते आए, भैंस आई और सूअर भी आया…’: राहुल गाँधी कर रहे थे ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का बखान, लोग बोले- लगता है यही लोग कॉन्ग्रेस को वोट देंगे

‘भारत जोड़ो यात्रा’ के तहत कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी (Congress Leader Rahul Gandhi) दिल्ली पहुँचे और यहाँ उन्होंने कई आरोप लगाए। उन्होंने भाजपा को हिंसक और सांप्रदायिक बताते हुए कहा कि इस यात्रा में कुत्ते भी आए, लेकिन उन्हें किसी ने नुकसान नहीं पहुँचाया, क्योंकि यहाँ हिंसा नहीं है।

राहुल गाँधी ने कहा, “इस यात्रा में हिंसा दिखी… नहीं। किसी ने किसी नहीं मारा… नहीं। किसी ने किसी को गाली दी… नहीं। आपने नफरत देखी… बिल्कुल नहीं। इसमें किसी ने ये पूछा कि भइया तुम्हारा धर्म क्या है? किसी ने पूछा कि तुम हिंदू हो, मुस्लिम हो, सिख हो, ईसाई हो, क्या हो? नहीं। किसी ने ये पूछा कि तुम स्त्री हो या पुरुष हो… नहीं। किसी ने पूछा कि तुम्हारी क्या जाति है… बिल्कुल नहीं।”

राहुल गाँधी ने आगे कहा, “किसी ने कपड़े भी नहीं पूछे। इस यात्रा में कुत्ते भी आए, लेकिन उन्हें किसी ने नहीं मारा। इसमें गाय भी आई… भैंस भी आई… सूअर भी आए। मैंने देखा। सब जानवर आए। सब लोग आए। लेकिन, यहाँ पर कोई नफरत नहीं दिखी। जैसा हमारा हिंदुस्तान है, वैसे ही ये यात्रा है। कोई नफरत नहीं, कोई हिंसा नहीं, कोई गलत सवाल नहीं।”

यात्रा के बारे में बताते हुए राहुल गाँधी ने कहा, “कभी-कभी कोई गिर जाता… जैसे कि हमारे हरियाणा के PCC (प्रदेश अध्यक्ष) गिरे। धड़ाम से गिरे। केरला के सब नेता गिर गए। एक सेकेंड में लोग उनको उठा लेते। एक सेकेंड में। टाइम नहीं लगता था।”

भारत जोड़ो यात्रा और इसमें शामिल हुए लोगों की राहुल गाँधी द्वारा ऐसी व्याख्या करने पर सोशल मीडिया यूजर मजे ले रहे हैं। लोग ट्विटर पर तरह-तरह के मीम शेयर कर रहे हैं और कमेंट कर रहे हैं। ऐसे ही coolfunnytshirt नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “अरे कोई इंसान भी तो आया होगा आपकी यात्रा में…वोट तो इंसान ही देंगे।”

अमन बिंदल नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, “ये तो पता था कि जानवर हैं उस यात्रा में, लेकिन आज उनकी भी जाति बता दी गई।”

शरद नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, “वह साल 2022 को शानदार तरीके से समाप्त करने के मिशन पर हैं। पूरे देश को इसे सुनकर 1 जनवरी तक हँसना चाहिए। उन्होंने कुछ ऐसा लक्ष्य निर्धारित किया है।”

सीए श्वेता श्रीनिवासन नाम की एक यूजर ने लिखा, “किसी ने पूछा नहीं कि आप स्त्री हो या पुरुष…। भाई इसमें पूछने वाली क्या बात होती है, देखकर पता चल जाएगा।”

ललित जैन नाम के यूजर ने लिखा, “मेरा सिर चकराना शुरू हो गया है। यद्यपि वह खुद मान रहा है कि मेरी यात्रा भारत की तरह है जहाँ पर कोई घृणा और हिंसा नहीं है।”

अभिषेक नाम के यूजर ने कहा, “अभी यही सब हम कह दें कि हाँ भाई सबको मालूम है कि इस रोड शो में कुत्ते, सुअर और गधे आए तो लोगों को बुरा लग जाता है।”

प्रशांत मोरानकर नाम के यूजर ने लिखा, “हाहाहा… खुद के सगे, साथी, कार्यकर्ता, नेता जो भी आए इसके साथ यात्रा में, उनको ही कुत्ते, सुअर बोल रहा….।”