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‘कॉन्ग्रेसियों को नंगा घूमना चाहिए’: सलमान खुर्शीद ने भगवान राम से की राहुल गाँधी की तुलना तो BJP सांसद ने सुनाई खरी-खरी

कॉन्ग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने राहुल गाँधी की तुलना भगवान श्रीराम से की थी। वहीं, उन्होंने कॉन्ग्रेसियों को भरत बताया था। खुर्शीद के इस बयान पर भाजपा हमलावर है। भाजपा सांसद दुष्यंत गौतम ने कहा है यदि वास्तव में राहुल, राम हैं तो कॉन्ग्रेसियों को नंगा घूमना चाहिए।

दुष्यंत गौतम ने कहा है, “अगर राहुल गाँधी श्री राम के अवतार हैं, तो उन्हें अपनी ‘सेना’ (कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं) को बताना चाहिए कि वह क्या खाते हैं कि उन्हें ठंड नहीं लगती। उनकी ‘सेना’ बिना कपड़ों के क्यों नहीं घूमती? कॉन्ग्रेस नेताओं को भगवान राम की सेना की तरह नंगा होकर घूमना चाहिए।” गौतम ने यह भी कहा, “इससे पता चलता है कि कॉन्ग्रेस प्रसाद नहीं बाँटती है। वे सब कुछ अपने लिए रखते हैं। आखिर ऐसा कौन सा प्रसाद है जिसके कारण राहुल गाँधी को ठंड नहीं लगती। उन्हें, अपनी माँ और बहन को भी बताना चाहिए। वो लोग इतने सारे कपड़ों पर पैसे क्यों खर्च करते हैं?”

दरअसल, सोमवार (26 दिसंबर, 2022) को सलमान खुर्शीद उत्तर प्रदेश के अमरोहा में राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि भगवान राम की खड़ाऊँ बहुत दूर तक जाती हैं। कभी-कभी खड़ाऊँ लेकर भी चलना पड़ता है। हमेशा भगवान राम हर जगह नहीं पहुँच पाते। उन्होंने कहा कि राम के भाई भरत जी उनकी खड़ाऊँ लेकर चलते हैं। खड़ाऊँ लेकर हम उत्तर प्रदेश में पहुँच गए हैं। अब रामजी भी पहुँचेगें। यह हमारा विश्वास है।

खुर्शीद यहीं रुके। उन्होंने राहुल गाँधी को सुपरह्यूमन तक बता डाला। उन्होंने कहा, “राहुल गाँधी सुपरह्यूमन हैं। हम ठंड में ठिठुर रहे हैं और जैकेट पहन रहे हैं। वहीं, राहुल गाँधी टी-शर्ट में बाहर जा रहे हैं। वह एक योगी की तरह हैं जो अपनी ‘तपस्या’ ध्यान से कर रहे हैं।”

बात दें कि इससे पहले, इसी साल अक्टूबर में राजस्थान सरकार में मंत्री परसादी लाल मीणा ने राहुल गाँधी को भगवान राम से बड़ा बता दिया था। मीणा ने कहा था कि राहुल गाँधी 3500 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रहे हैं और वह भगवान राम से अधिक पैदल चल रहे हैं। त्रेता युग में वनवास के समय भगवान राम ने भी इतनी लंबी यात्रा नहीं की थी।

मीणा ने आगे कहा था कि भगवान राम अयोध्या से श्रीलंका तक पैदल गए थे और उससे भी ज्यादा राहुल गाँधी की यह ऐतिहासिक पदयात्रा जो कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक जाएगी। उन्होंने कहा कि देश में जैसा माहौल है, सांप्रदायिकता का वातावरण बन गया है, उसमें राहुल गाँधी देश जोड़ने का काम करने वाले हैं। साथ ही, बयान दिया कि इतनी लंबी पदयात्रा न कभी निकली और न आगे कोई निकाल पाएगा।

‘असतग़्फ़िरुल्लाह, मुस्लिम होकर क्रिसमस मना रहे हो?’: मोहम्मद शमी ने दी क्रिसमस की बधाई तो भड़के इस्लामी कट्टरपंथी, कहा – ये हराम है, अल्लाह से डरो

टीम इंडिया के तेज़ गेंदबाज मोहम्मद शमी सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट को लेकर एक बार फिर से कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम और ट्विटर हैंडल से अपने प्रशंसको को क्रिसमस विश किया था। इसके बाद इंस्टाग्राम से लेकर ट्विटर तक उन्हें निशाना बनाया गया।

मोहम्मद शमी ने रविवार (25 दिसंबर 2022) को अपने ट्विटर और इंस्टाग्राम अकाउंट से प्रशंसकों को क्रिसमस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने लिखा कि क्रिसमस के मौके पर आपके लिए अमन, खुशी की शुभकामनाओं के साथ ढेर सारा प्यार। फिर क्या था, क्रिसमस के मौके पर जैसे ही उन्होंने पोस्ट शेयर किया कमेंट्स की झड़ी लग गई। ज्यादातर कट्टरपंथियों ने शमी को मुस्लिम होने का हवाला देते हुए नसीहत दी कि क्रिसमस विश न करें। मुस्लिमों ने कहा कि यह हराम है।

इंस्टाग्राम पर अज़ाम अस्लम नाम के एक यूजर ने लिखा कि भाई अल्लाह ने आपको पूरी दुनिया में इज्जत दी है इसलिए कोई भी ऐसा काम न करें जिससे अल्लाह नाराज़ हो जाएँ। अज़ाम अस्लम ने आगे लिखा कि यह पोस्ट डिलीट कर के अल्लाह को इज्जत दो। उसने लिखा, “अल्लाह न किसी का बेटा है न उसका कोई बेटा है। अल्लाह अकेला है और हमेशा अकेला रहेगा। उसके अलावा कोई इबादत के लायक नहीं है। आप मुसलमान हो आप समझो आपसे बहुत मोहब्बत करता हूँ मैं।”

मोहम्मद शमी के इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

कुछ यूजर्स ने तो उन्हें अनफॉलो करने तक की धमकी दी। हबीबुल्लाह नाम के यूजर ने लिखा, ‘अस्‍तग़फिरूल्‍ला। एक मुसलमान कभी भी क्रिसमस पर विश नहीं कर सकता, क्योंकि इस्लाम में इसकी मनाही है।

ट्विटर पर एरम नाम की यूजर ने तो एक अटैचमेंट शेयर करते हुए शमी को उसे पढ़ने की नसीहत दी। इसमें यह बताया गया था कि मुस्लिम क्रिसमस क्यों विश नहीं कर सकते। एक ट्विटर यूजर ने मोहम्मद शमी से पूछा कि आप एक मुस्लिम हैं आप क्रिसमस कैसे मना सकते हैं?

मोहम्मद शमी को कोसते समय जब कट्टरपंथी उन्हें इस्लाम का पाठ पढ़ा रहे थे तब एक शब्द “अस्‍तग़फिरूल्‍ला” का इस्तेमाल कर रहे थे। आपको बता दें कि यह एक अरबी शब्द है जिसका इस्तेमाल इस्लाम को मानने वाले अल्लाह से जाने अनजाने किए गए भूल की माफी माँगने के लिए करते हैं।

मोहम्मद शमी के इंस्टाग्राम पोस्ट पर कमेंट्स का स्क्रीन शॉट

यह पहला मौका नहीं है जब मोहम्मद शमी कट्टरपंथियों के निशाने पर आए हों। इसके पहले भी दशहरे के अवसर पर जब उन्होंने पोस्ट साझा किया था तब भी कट्टरपंथियों ने उनपर हमला बोला था।

छलकता हमरो जवनिया ए राजा… बिहार के मंदिर में 2 लड़कियों ने अश्लील भोजपुरी गाने पर डांस कर के बनाया रील्स

बिहार के छपरा में स्थित प्रसिद्ध मारुति मानस हनुमान मंदिर में दो लड़कियों ने अश्लील भोजपुरी गाने पर वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर अपलोड किया था। वीडियो वायरल होने के बाद मंदिर प्रबंधन कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है। वहीं, बजरंग दल के कार्यकर्ता भी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, छपरा में स्थित मारुति मानस हनुमान मंदिर में हर रोज सैकड़ों लोग पूजा-पाठ करने आते हैं। हालाँकि, दो युवतियों ने लाइक और फ़ॉलोअर्स के चक्कर में मंदिर परिसर में अश्लील गाने पर वीडियो बनाया है। वीडियो बनाने वाली लड़कियाँ आपस में बहन बताई जा रही हैं। इनकी पहचान रिया कश्यप और प्रिया कश्यप के रूप में हुई।

आरोप है कि इन लड़कियों ने मंदिर की सीढ़ियों पर भोजपुरी के अश्लील गाने ‘छलकता हमरो जवनिया ऐ राजा…’ के बोल ‘रउ ले राजा हम खटिया बिछवनी देखी लगा के मच्छरदानी…’ पर डांस करते हुए वीडियो बनाया था। वायरल वीडियो में उक्त लड़कियों को ठुमका लगाते हुए देखा जा सकता है। इन दोनों ही लड़कियों ने यह वीडियो रील के रूप में इंस्टाग्राम पर शेयर किया था। रिया कश्यप के इंस्टाग्राम पर 2 लाख 47 हजार फॉलोवर हैं। वहीं, उसकी बहन प्रिया कश्यप के 15 हजार फॉलोवर है। फिलहाल, यह वीडियो इंस्टाग्राम से डिलीट किया जा चुका है।

मंदिर परिसर पर अश्लील गाने पर वीडियो बनाने की घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों, हिंदू संगठनों व मंदिर समिति ने नाराजगी जताई है। मानस मारुति मंदिर के प्रबंधन समिति के सदस्य चंदन वर्मा का कहना है कि छपरा शहर के कुछ युवाओं द्वारा मंदिर परिसर में अश्लील भोजपुरी गाने पर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा था।

इसकी जानकारी श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर प्रबंधन को दी गई। युवाओं के खिलाफ मंदिर प्रबंधन कानूनी करवाई करने के मूड में है। फिलहाल, चेतावनी दी गई है। लेकिन, यदि आने वाले दिनों में ऐसी घटना होती है तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बजरंग दल के जिला मंत्री धनंजय कुमार ने मंदिर परिसर में हुई इस हरकत पर विरोध जताते हुए पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार से इस मामले में लड़कियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की माँग की।

दलित महिला से गफ्फार खान ने​ किया रेप, पति ने की आत्महत्या: अश्लील फोटो वायरल करने की दे रहा था धमकी, राजस्थान की घटना

राजस्थान के बाड़मेर से एक दलित की आत्महत्या करने की खबर आई है। गफ्फार खान पर मृतक की पत्नी के साथ चाकू की नोंक पर रेप करने का आरोप है। रिपोर्टों के मुताबिक गफ्फार ने महिला की अश्लील फोटो भी खींच ली थी। उसे वायरल करने की धमकी दे रहा था। इससे आहत होकर पीड़ित पति ने जान दे दी। घटना सोमवार (19 दिसंबर 2022) रात की है, लेकिन मीडिया में अब सामने आई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना बालोतरा थाना क्षेत्र की है। 16 दिसंबर 2022 को मृतक की पत्नी इलाज के लिए बालोतरा अस्पताल गई थी। पीड़िता को अकेला देख कर गाँव का ही गफ्फार खान पीछा करने लगा। वह महिला के साथ ही उसके घर तक लौटा। तब मृतक अपने घर पर नहीं था। महिला को अकेला देख कर गफ्फार खान उसके घर में घुस गया। उसने महिला की गर्दन पर चाकू रख कर उसके साथ रेप किया।

रेप के दौरान ही गफ्फार ने दलित महिला के अश्लील फोटो भी खींच लिए थे। उसने पीड़िता को धमकी दी की यदि उसने इस घटना के बारे में किसी को बताया तो वह फोटो वायरल कर देगा। महिला ने घर लौटने पर पति को घटना की जानकारी दी। जब पीड़िता के पति ने गफ्फार से इसके बारे में सवाल किया तो उसने जान से मारने और फोटो वायरल करने की धमकी दी।

महिला ने अपनी शिकायत में बताया है कि इस घटना के बाद उसके पति काफी दुखी थे। बेहद तनाव में रहने लगे थे। इसी दुख में उन्होंने 19-20 दिसंबर की रात घर में ही फाँसी लगाकर जान दे दी। अगले दिन महिला ने गफ्फार को आरोपित बनाते हुए पुलिस से शिकायत की। गफ्फार को गिरफ्तार कर लिया गया है। बालोतरा DSP नीरज कुमारी शर्मा के मुताबिक गफ्फार पर आत्महत्या के लिए उकसाने वाली धारा में FIR दर्ज कर जाँच की जा रही है। उससे पूछताछ की जा रही है।

डिवाइडर से टकराई PM मोदी के भाई की कार, परिवार के साथ जा रहे थे मैसूर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छोटे भाई प्रह्लाद मोदी की कार का कर्नाटक में एक्सीडेंट हो गया। कार में कुल 5 लोग सवार थे। सभी को हल्की चोटें आने की खबर है। इन्हें जेजेएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त प्रह्लाद मोदी परिवार के साथ बांदीपुर से मैसूर जा रहे थे। इसी दौरान डिवाइडर से टकराने के कारण कार का अगला हिस्सा बुरी तरह टूट गया। हादसे के बाद स्थानीय लोग मदद के लिए आगे आए और सभी को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

कार में प्रह्लाद मोदी, उनका बेटा, बहू, एक बच्चा और ड्राइवर सवार थे। मैसूर की पुलिस अधीक्षक सीमा लटकर ने घटनास्थल का जायजा लिया। अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना।

तलाक से परेशान थी हिंदू महिला, नवीन बनकर आया नबी अंसारी: पहले रेप फिर धर्म परिवर्तन का बनाने लगा दबाव

मध्य प्रदेश के इंदौर से लव जिहाद का एक और मामला सामने आया है। नबी अंसारी पर खुद को नवीन बताकर एक तलाकशुदा हिन्दू महिला से रेप का आरोप है। पीड़िता ने धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने और धमकी देने की भी शिकायत की है। पुलिस ने केस दर्ज कर अंसारी को रविवार (24 दिसम्बर 2022) को मुंबई से गिरफ्तार किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला हिरा नगर थानाक्षेत्र का है। 18 दिसंबर 2022 को तलाकशुदा हिन्दू महिला ने नबी अंसारी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई।शिकायत में महिला ने बताया है कि उसका 2017 में तलाक हुआ था। उसका एक बच्चा भी है। परिवार चलाने के लिए वह एक रेस्टोरेंट में काम कर रही थी। यहीं उसकी मुलाकात नबी अंसारी से हुई। महिला का आरोप है कि नबी ने खुद को हिंदू बताते हुए अपना नाम नवीन बताया।

शिकायत में महिला ने बताया है कि तलाक से वह परेशान रहती थी। इसका फायदा उठा अंसारी उसके करीब आ गया। उसको अपने झाँसे में लिया। इस दौरान आरोपित ने बिना मर्जी के पीड़िता से कई बार शारीरिक संबंध बनाए। कुछ दिनों बाद जब महिला ने शादी करने के लिए कहा तब आरोपित ने खुद को मुस्लिम बताया। वह धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगा। आरोप है कि धर्म परिवर्तन न करने पर नबी ने पीड़िता और उसके बच्चे को जान से मार डालने की भी धमकी दी।

बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले नबी काम करने मुंबई चला गया। महिला द्वारा दी गई शिकायत पर पुलिस ने नबी के खिलाफ IPC की धारा 376,376(2)(एन),506 के साथ 3/5 मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2020 के तहत FIR दर्ज की। पुलिस ने नबी की तलाश शुरू की और मुंबई से उसे खोज निकाला। सोमवार (26 दिसंबर 2022) को पुलिस ने नबी को कोर्ट में पेश किया जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया।

हनीट्रेप मामले में जमानत पर बाहर निकलते काम पर लग गई राहिला बेगम, युवक को फँसा कर ठगे ₹30 लाख: व्यवसायी ने कर ली थी आत्महत्या

अपने हुस्न के जाल में फँसाकर पैसे ठगने और ब्लैकमेल करने के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। बकायदा एक गिरोह बनाकर इन मामलों को अंजाम दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश भी इससे अछूता नहीं है। यहाँ बाँदा की रहने वाली शातिर महिला राहिला बेगम ने लखनऊ के एक युवक को हनीट्रैप में फँसाकर 30 लाख रुपए ठग लिए। आरोपित महिला सर्राफा व्यवसायी शैलेश जड़िया के आत्महत्या मामले में जमानत पर जेल से बाहर थी। राहिला ने शैलेश को भी हनीट्रैप में फँसाया था और उसे इस हद तक मजबूर किया था कि उसने आत्महत्या कर ली थी।

आरोपित राहिला को गुरुवार (22 दिसंबर, 2022) को नए मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वहीं एक्टिविस्ट दीपिका नारायण भरद्वाज ने इस मामले में ट्वीट किया है। उन्होंने कहा है, “राहिला जैसे ही जमानत पर छूटी, उसने एक अन्य व्यवसायी को अपने साथ अपना आपत्तिजनक वीडियो बना लिया और उसे धमकी देते हुए फँसा लिया। यह महिला के काम करने का मानक तरीका है। उस आदमी ने उसे पैसे दिए लेकिन जब ब्लैकमेल नहीं रुका तो उसने शिकायत दर्ज करा दी।”

दरअसल लखनऊ का शहादतगंज निवासी इरशाद अहमद भी इस शातिर महिला के जाल में फँस गया था और महिला ने करीब 30 लाख रुपए उससे ठग लिए थे। लेकिन महिला इसके बाद भी नहीं रुकी और इरशाद से और पैसे माँगने लगी, जिसके बाद उसने पुलिस में इसकी रिपोर्ट लिखवाई। रिपोर्ट में उसने बताया कि वह वर्ष 2011 में महिला के संपर्क में आया था और कई साल बाद जब उसे आरोपित महिला की सच्चाई का पता चला तो उसने उससे किसी तरह से पीछा छुड़ाना चाहा, लेकिन महिला के साथी उसे धमकी देने लगे।

इसी से परेशान होकर उसने पुलिस को अपनी आपबीती बताई। बैंक स्टेटमेंट और दूसरे सबूतों के आधार पर पुलिस ने राहिला बेगम के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया। वहीं मामले में बांदा के अपर पुलिस अधीक्षक श्री लक्ष्मी निवास मिश्रा ने बयान दिया था। उन्होंने कहा कि यह महिला की पहले से ही एक सर्राफा व्यक्ति की आत्महत्या के मामले में जेल में बंद थी और अब एक नए सर्राफा व्यापारी ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

उन्होंने कहा कि महिला ने व्यापारी से फेसबुक से सम्पर्क किया और कई आपत्तिजनक वीडियो बना कर उसे ब्लैकमेल करने लगी। उसने व्यापारी से करीब 30 से 40 लाख रुपए ठग लिए। उन्होंने साथ ही कहा कि मामले में रैकेट की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अगर इस तरह की कोई बात होगी तो दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

उल्लेखनीय है महिला ने इससे पहले अपने प्रेमजाल में फँसाकर सर्राफा व्यवसायी शैलेश जड़िया को अपना शिकार बनाया था। महिला से परेशान होकर और अपना सबकुछ लुटा देने के बाद शैलेश ने आत्महत्या कर ली थी। महिला को 6 मई 2022 को इसी मामले में गिरफ्तार किया गया था और वह हाई कोर्ट से जमानत पर बाहर थी।

पाकिस्तान में क्या होने वाला है? अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया-UK के बाद अब सऊदी अरब ने अपने नागरिकों को आगाह किया, बलूचिस्तान में 7 धमाकों के बाद हाई अलर्ट

दुनिया के अशांत देशों में शामिल पाकिस्तान (Pakistan) में रह रहे अपने नागरिकों को लेकर सऊदी अरब (Saudi Arab) फिक्रमंद है। पाकिस्तान में रविवार (25 दिसंबर, 2022) को हुए बम धमाकों के बाद सऊदी अरब ने अपने नागरिकों को अलर्ट किया है। सऊदी अरब ने सोमवार को जारी अलर्ट में अपने नागरिकों से कहा कि वे पाकिस्तान में गैर जरूरी आवाजाही से बचें।

इसे लेकर इस्लामाबाद में सऊदी अरब के दूतावास ने ट्वीट भी किया। इस ट्वीट में दूतावास की तरफ से लिखा गया, “पाकिस्तान में रह रहे हमारे नागरिकों को सावधान रहने की जरूरत है। एडवाइजरी में पाकिस्तान में रह रहे सऊदी नागरिकों से कहा गया है कि वे शहरों में ही रहें। जितना हो सके कम ही बाहर निकलें। नागरिकों से कहा गया है कि वे इस्लामाबाद के किसी भी पाँच सितारा होटल में जाने से बचें।”

आपको बता दें कि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद हाई अलर्ट पर है। संभावित हमले के ख़तरों को देखते हुए अमेरिका (USA) और ऑस्ट्रेलिया (Australia) पहले ही अपने नागरिकों को सतर्क कर चुका है। ऑस्ट्रेलिया ने अपने नागरिकों को इस्लामाबाद शहर की सीमा के भीतर ही रहने की हिदायत दी है। ऑस्ट्रेलियाई दूतावास की तरफ से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि नागरिक पाकिस्तान की ख़बरों पर नजर रखें।

अमेरिका ने भी 23 सितंबर, 2022 को इस्लामाबाद में हुए आत्मघाती बम धमाके के बाद अपने नागरिकों को अलर्ट किया था। अमेरिकी ने अपने नागरिकों को इस्लामाबाद के मैरियट होटल में जाने से रोका है। अमेरिका ने इस होटल में संभावित हमले का ख़तरा जताया है।

दरअसल पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तान में हमले बढ़ गए हैं। पहले 23 सितंबर 2022 को इस्लामाबाद में एक आत्मघाती हमला हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार सवार मर्द और औरत इस्लामाबाद के भीड़-भाड़ वाले इलाके में पहुँचे थे। जहाँ पुलिस उनकी तलाशी ले रही थी। इसी दौरान उन्होंने खुद को उड़ा लिया। धमाके में कार सवार मर्द और औरत के साथ पुलिस ऑफिसर की भी मौत हो गई थी।

दूसरी तरफ पाकिस्तान के बलूचिस्तान में रविवार (25 दिसंबर, 2022) को सात बम धमाके हुए थे। इस धमाके में पाकिस्तानी सेना के 5 जवानों की मौत हो गई थी और 19 लोग घायल हो गए थे। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक क्वेटा के सब्जाल रोड पर भी एक ग्रेनेड ब्लास्ट हुआ है। जिसमें 5 लोगों के घायल होने की ख़बर है। पिछले ही महीने तहरीक-ए-तालिबान (TTP) ने अपने हमलावरों से सीज़फायर तोड़ते हुए पूरे पाकिस्तान में हमला करने का आदेश दिया था।

टीटीपी का दावा है कि इस साल (2022) में उन्होंने अलग-अलग हमलों में 150 पाकिस्तानियों को मौत के घाट उतारा है। सीज़फायर के खातमे का ऐलान करने के बाद से टीटीपी ने देश भर में तकरीबन 33 हमले किए हैं और 35 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों की हत्या की है।

‘विधायक का बेटा हूँ, किसी से नहीं डरता’: भागलपुर में जदयू MLA गोपाल मंडल का बेटा गिरफ्तार, खुलेआम की थी गोलीबारी, जमीन कब्जाने का भी आरोप

बिहार के भागलपुर में JDU विधायक गोपाल मंडल के बेटे आशीष मंडल को SIT ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी मंगलवार (27 दिसंबर, 2022) को हुई है। आशीष मंडल पर 12 दिसंबर 2022 को एक होटल में गोली चलाने का आरोप है। इस गोलीबारी में एक व्यक्ति घायल हुआ था। इस मामले की जड़ में प्रॉपर्टी का विवाद बताया जा रहा है। कुछ समय पहले गोपाल मंडल एक चुनाव प्रचार में नजर आए थे। तब उनका विधायक का बेटा होने और किसी से भी न डरने का वीडियो वायरल हुआ था।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, आशीष की गिरफ्तारी तिलकामांझी थाना क्षेत्र से हुई है। वहीं ‘दैनिक जागरण’ ने आशीष की गिरफ्तारी उनकी माँ सिवता देवी के कार्यालय से होने की जानकारी दी है। सविता देवी मेयर हैं और उनका ऑफिस बरारी के हाउसिंग बोर्ड में मौजूद है।

क्या है मामला

जानकारी के मुताबिक, बरारी के मुसहरी टोला से सटी जमीनों की खरीद-बिक्री में JDU विधायक गोपाल मंडल और प्रॉपर्टी डीलर लाल बहादुर के बीच पहले से विवाद था। लाल बहादुर ने विधायक पर सत्ता की हनक में जमीनों पर अवैध कब्ज़े का आरोप लगाया है। 11 दिसंबर, 2022 को विधायक गोपाल मंडल और लाल बहादुर के बीच प्रॉपर्टी को ले कर फोन पर कहासुनी हुई। विधायक गोपाल मंडल ने एक जमीन की चारदीवारी करवा रखी थी जिसको लाल बहादुर ने गिरवा दिया था।

इसी बात से नाराज हो कर विधायक के बेटे आशीष मंडल एक होटल में मौजूद लाल बहादुर के पास पहुँचे। दोनों पक्षों में पहले बहस हुई, जो कुछ ही देर बाद मारपीट में बदल गई। इस मारपीट में लाल बहादुर उर्फ़ लड्डू शास्त्री, उनकी पत्नी माधु और रवि कुमार घायल हो गए। आरोप है कि विधायक के बेटे आशीष ने गोली भी चलाई। हमले में बुरी तरह से घायल रवि को सिलीगुड़ी रेफर किया गया है।

बिहार सरकार ने इस मामले की जाँच के लिए SIT का गठन किया। तब से आशीष मंडल फरार चल रहा था। इस घटना में विधायक गोपाल मंडल को भी आरोपित किया गया है। फरारी के दौरान आशीष मंडल का एक वीडियो भी वायरल हुआ था। इस वीडियो में आशीष खुद को विधायक का बेटा बताते हुए किसी से भी न डरने की बात कह रहे थे।

माना कि तू खुद से खुदा हुए जा रहा है, पर इश्क में शहर होना नहीं है लोकसभा में उनके सामने खड़े होना

तुम्हारी पसंद का विषय क्या है? राजनीति सर। अंग्रेजी का पता नहीं। लेकिन हिंदी पत्रकारिता का यह कॉमन सवाल और जवाब है। उत्तर प्रदेश, बिहार जैसे प्रदेशों के ज्यादातर युवक/युवतियाँ पॉलिटिकल बीट पाने की आकांक्षा लिए ही पत्रकारिता की शुरुआत करते हैं। यह दूसरी बात है कि ज्यादातर की आकांक्षा पूरी नहीं होती। फिर वे दाल-रोटी के​ लिए रक्षा से लेकर साहित्य तक के जानकार बन जाते हैं। मुझे नहीं पता कि रवीश कुमार से उनकी पत्रकारिता के शुरुआती दिनों में किसी ने यह सवाल किया था या नहीं। वे खुद भी बताते हैं कि एनडीटीवी में चिट्ठी छाँटने आए थे।

सवाल भले न पूछा गया हो, लेकिन यह वह आकांक्षा है जो कभी भी रवीश कुमार की लोमड़ हीं हीं हीं में दबी नहीं। जब भी उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर RSS तक पर किताब लिखने वाले विजय त्रिवेदी की चर्चा की या बाबा नाम से चर्चित मनोरंजन भारती की, यह आकांक्षा बिना बोले भी चेहरे पर प्रकट होती रही। वे भले दिखाएँ कि इनका जिक्र इश्क में किया है, लेकिन रश्क चेहरे पर स्वतः स्फूर्त रहती है। शायद इसे ही इश्क में शहर होना भी कहते हों।

यह आकांक्षा उन्होंने अपने कर्म से भी दिखाई है। कहते हैं कि बिहार में ब्रजेश पांडेय को कॉन्ग्रेस का टिकट उनकी ही कमाई है। बैंक अकाउंट में आने वाली कमाई नहीं, काली स्क्रीन वाली कमाई। जब इन ब्रजेश पांडेय पर दलित नाबालिग के यौन शोषण का आरोप लगा तब भी ‘बोलना ही है’ वाले रवीश कुमार ने रहस्यमयी चुप्पी बनाए रखी। वैसे यह हैरान नहीं करता, क्योंकि आरोपों पर गंभीर चुप्पी राजनीतिक आकांक्षा की स्वभाविक उपज है।

अब रवीश की इस आकांक्षा का प्रस्फुटन बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में हुआ है। 29 मिनट 46 सेकेंड का यह इंटरव्यू रवीश कुमार के कुंठा स्खलन का एक नया नमूना है। इसमें जो नया है, वह 22:10 से 24:05 के बीच आप सुन सकते हैं। रवीश कुमार से विपक्षी दलों से ऑफर मिलने को लेकर सवाल किया जाता है। जवाब में वे किसी राजनीतिक दल से ऑफर की बात नहीं कहते। वे कहते हैं, “दोस्त, शुभचिंतक कहते हैं कि आपको राजनीति में आना चाहिए। बहुत सारे लोगों की चाहत है। कहते रहते हैं लोग। लेकिन मैं ये सोचता हूँ कि आप कल्पना कीजिए कि अगर मैं राजनीति में हूँ। मैं लोकसभा में हूँ उनके सामने… लोकसभा तो कोई खरीद नहीं सकता न या वो भी खरीद लेगा कोई सेठ आकर…”

जवाब से ज्यादा दिलचस्प रवीश कुमार का वो नाटकीय अंदाज है, जिसमें ये आया है। वो हँसी जो उनके चेहरे पर लोकसभा का नाम लेते ही खिल उठी। यह बताता है कि किस शिद्दत से रवीश कुमार को ऐसे किसी सवाल का इंतजार था। वे इसका जवाब देने को कितने बेसब्र थे। भले इस जवाब में रवीश ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर पूरे पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन ये अच्छा हुआ कि उनसे यह सवाल किया गया। क्योंकि ये वो सवाल है जो उन्हें भीतर ही भीतर खाए जा रहा था। ​ये वो जवाब है जो नहीं दे पाने की तड़प में उनका रश्क कुंठा में बदल प्राइम टाइम में स्खलित होता रहा है।

रवीश कुमार का राजनीतिक आकांक्षा रखना गुनाह नहीं है। उनसे पहले भी पत्रकार सांसद और मंत्री बनते रहे हैं। नेताओं के सलाहकार बनते रहे हैं। टिकट के लिए लॉबिंग करते रहे हैं। जब से सोशल मीडिया का जोर चला है ज्यादातर नेताओं के सोशल मीडिया अकाउंट पत्रकार ही ठेके पर चला रहे हैं। रवीश कुमार को इस लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव लड़ने का उतना ही अधिकार है, जितना जनता को उन्हें लोकसभा भेजने या न भेजने का फैसला करने का। बेहतर होगा कि वे पसंद के दल और सीट से चुनाव लड़ ही लें, क्योंकि अपनी आकांक्षा के लिए वे पत्रकारिता की आड़ लेकर जो कुछ कर रहे हैं, वह गुनाह है।

वैसे भी रवीश कुमार ने लोकसभा में खड़े होने की बात की है। लोकसभा में खड़े होने के लिए जनता की अदालत में पास होना पड़ता है। वहाँ लाइक, रिट्वीट से बात नहीं बनती। वोट जुटाने पड़ते हैं। वोट के लिए जमीन पर उतरना पड़ता है जो यकीनन न्यूज स्टूडियो के फर्श जैसा नहीं होता। वोट के लिए भरोसा जीतना होता है जो वातानुकूलित कमरे में सूट और टाई के साथ एकतरफा विलाप से हासिल नहीं होता।

काश! लोकसभा में खड़ा होना पत्रकारिता गिरवी रखने जितना सहज होता।