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CAA दंगों में हिंसा करने वाले 86 उपद्रवी दोषी करार, भरना होगा ₹427000 का जुर्माना: UP में पहली सजा, फैसले को नहीं दे सकता कोई चुनौती

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में दिसंबर 2019 में CAA विरोध के नाम पर हुई हिंसा में सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान पहुँचाने के मामले में पहली सजा सुनाई गई है। हिंसा की जाँच के लिए गठित न्यायाधिकरण ने 86 अरोपितों को दोषी करार दिया है। सजा के तौर पर इन सभी आरोपितों से 4,27,439 रुपए की वसूली का आदेश जारी हुआ है। गुरुवार (22 दिसंबर 2022) को दिए गए ट्रिब्यूनल के इस फैसले को किसी अदालत में चुनौती भी नहीं दी जा सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह आदेश न्यायाधिकरण मेरठ संभाग द्वारा जारी हुआ है। ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष डॉ अशोक कुमार सिंह और प्रवीण अग्रवाल ने इस आदेश पर मुहर लगाई। आदेश मुताबिक हिंसक भीड़ द्वारा हुई तोड़फोड़ में नुकसान हुए 4,27,439 रुपए की भरपाई 86 दोषियों से की जाएगी जिसमें प्रति व्यक्ति पर लगभग 4971 रुपए का अर्थदंड है। इस पैसे की वसूली जिले के DM द्वारा जमीन के राजस्व बकाए की तरह करवाई जाएगी।

ट्रिब्यूनल ने इस बाबत उत्तर प्रदेश लोक और निजी संपत्ति क्षति वसूली अधिनियम 2020 की धारा-23 के तहत अमरोहा के DM को आदेश जारी किए हैं। आदेश में उपद्रवियों से वसूली कर के पैसे को सरकारी खजाने में जमा करवाने के लिए कहा गया है। इसी आदेश में इस बात का भी जिक्र है कि आरोपितों को यह जुर्माना 30 दिनों के अंदर भरना होगा। इसके बाद इस राशि पर 6% का ब्याज लगा कर वसूली का खर्च भी उपद्रवियों से ही वसूल किया जाएगा।

ट्रिब्यूनल द्वारा जिन 86 उपद्रवियों को नोटिस जारी हुआ है उसमें से 3 ऐसे हैं जिनकी नाम-पते की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। इन तीनों आरोपितों का पोस्टर लगवा कर उनकी जानकारी जुटाने के साथ इन कामों में खर्च हो रहे पैसे को भी उन्हीं तीनों से वसूलने का आदेश दिया गया है। मेरठ और आस-पास में हुए 20 अन्य उपद्रव के मामले में ट्रिब्यूनल ने 277 अन्य आरोपितों को भी नोटिस जारी की है। गौरतलब है कि इन हमलों में न सिर्फ सार्वजनिक सम्पत्तियों को नुकसान पहुँचाया गया था बल्कि पुलिस वालों पर भी हमले किए गए थे।

अमरोहा के DM बी के त्रिपाठी के मुताबिक ट्रिब्यूनल के आदेश पर तत्काल अमल शुरू किया जा चुका है। वहीं आरोपितों को वकील जमीयत उलेमा ए हिन्द ने मुहैया करवाए थे। जमीयत के वकील ने जनता का गवाह न होने की दलील देते हुए न्यायाधिकरण के फैसले का विरोध किया।

बंदर को मारकर चामुंडा मंदिर के पास लटकाया: अमरोहा में हिंदू संगठनों का हंगामा, अज्ञातों पर FIR

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक बंदर की हत्या किए जाने की खबर है। बताया जा रहा है कि बंदर को मार कर लाश को मंदिर के पास लटका दिया गया था। इस मामले पर हिंदू संगठनों ने नाराजगी जताते हुए कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुजारी की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। घटना शनिवार (24 दिसंबर 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना डिडौली थानाक्षेत्र की है। यहाँ जोया नाम की बाजार में माँ चामुंडा का मंदिर है। मंदिर पुलिस चौकी के पीछे ही है। इस मंदिर में आचार्य विजय तिवारी पूजापाठ करते हैं। शनिवार को पुजारी विजय मंदिर के पास मौजूद खंडहर से सूखी लकड़ियाँ बीनने गए थे। इस दौरान उन्हें एक बंदर का शव दिखा। बंदर को किसी ने मार कर खंडहर के मेन गेट पर ही लटका दिया था। पुजारी ने इसकी सूचना आस-पास के लोगों को दी। कुछ ही देर बाद घटनास्थल पर हिंदू संगठन से जुड़े लोगों का भी जमावड़ा लग गया।

बंदर की हत्या (तस्वीर साभार: दैनिक जागरण)

स्थानीय लोगों ने बंदर को मारने वाले आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग शुरू कर दी। घटना जानकारी पुलिस को हुई तो वो फ़ौरन ही मौके पर पहुँच गई। नाराज लोगों को समझाने के साथ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया गया। कुछ देर बाद बंदर के शव को नीचे उतारा गया। अधिकारियों की निगरानी में उसे पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। बंदर के शव का वीडियो भी किसी के द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।

हिंदू संगठन के सदस्यों ने पुलिस को आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए सप्ताह भर का समय दिया है। उनका कहना था कि तय समय में कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस मामले में पुलिस का कहना है कि पुजारी विजय की तहरीर पर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज हो गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

‘तुनिशा शर्मा गर्भवती थीं, शीजान खान ने शादी से किया था इनकार’: माँ की शिकायत पर पूर्व प्रेमी को मुंबई पुलिस ने किया गिरफ्तार, हत्या और सुसाइड की एंगल से जाँच

टीवी सीरियल्स की अभिनेत्री तुनिशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर तुनिषा के पूर्व प्रेमी और को-स्टार शीजान मोहम्मद खान को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पर शिजान पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच हत्या और आत्महत्या, दोनों एंगल से की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद शीजान खान पुलिस को पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा है। तुनिशा से झगड़े के सवाल पर वह अपने बयान से पलट रहा है। पुलिस का कहना है कि वह कोर्ट से शीजान खान के रिमांड की माँग करेगी। कहा जा रहा है कि एक हफ्ते पहले ही तुनिशा और शीजान का झगड़ा हुआ था। इसके बाद शीजान ने ब्रेकअप कर लिया था और दोनों के बीच बातचीत बंद थी।

बता दें कि शनिवार (24 दिसंबर 2022) को तुनिशा की मौत की खबर आई थी। जिस वक्त तुनिशा की फाँसी लगाकर आत्महत्या की खबर आई, उस वक्त वह टीवी शो अली बाबा- दास्तान ए काबुल में की शूटिंग कर रही थी। शो के सेट पर शीजान के मेकअप रूम में ही तुनिशा ने यह कदम उठा लिया।

वहीं, पुलिस के हवाले से एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि 20 वर्षीय तुनिशा शर्मा बाथरूम में मृत पाई गई थी। चूँकि, तुनिशा शर्मा की आत्महत्या से जुड़ा कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में पुलिस उनके साथ शूटिंग कर रहे एक्टर्स व अन्य लोगों से पूछताछ कर रही थी।

घटना के के बाद शीजान ने कहा था कि जब वह शूट के बाद मेकअप रूम में गए तो वह अंदर से बंद था। कई बार आवाज देने के बाद भी जब अंदर से कोई आवाज नहीं आई तो उन्होंने मेकअप रूम का दरवाजा तोड़ा। शीजान ने कहा कि अंदर तुनिशा बेसुध पड़ी थी। इसके बाद उसे जुचंद्रा नायगाँव के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वह बच नहीं सकी।

उधर तुनिशा शर्मा की माँ ने बेटी की आत्महत्या के लिए उसके प्रेमी शीजान खान को दोषी ठहराया है। तुनिशा की माँ का कहना है कि वह शीजान खान के साथ रिलेशनशिप में थी। कहा जा रहा है कि तुनिशा गर्भवती थी और किसी बात को लेकर शीजान खान के साथ उसका विवाद हुआ था। इसके बाद तुनिशा ने आत्महत्या कर ली।

उधर, अभिनेत्री प्रीति तनेजा कहना है कि तुनिशा शीजान से शादी करना चाहती थीं, लेकिन शीजान ने शादी से साफ इनकार कर दिया था। प्रीति ने यह भी बताया कि तुनिशा माँ बनने वाली थी, इसलिए वह शीजान के साथ शादी करना चाहती थी। हालाँकि, बार-बार कहने के बावजूद शीजान ने शादी से इनकार कर दिया था।  

यह भी कहा जा रहा है कि शीजान खान ने तुनिशा शर्मा से कुछ समय पहले ही ब्रेकअप कर लिया था। इसके बाद वह डिप्रेशन में रहने लगी थी। इस बात को तुनिशा बर्दाश्त नहीं कर पाई और और आत्महत्या कर ली। इस साल नवंबर में तुनिशा ने शीजान खान के साथ अपनी तस्वीरें शेयर करते हुए शीजान को दुनिया का सबसे खूबसूरत, भावुक और मेहनती इंसान बताया था।

मेन्स डे पर शीजान के लिए तुनिशा ने लिखा था, “मुझे ऐसे ही आगे बढ़़ाने वाले शख्स को हैपी इंटरनेशनल मेंस डे। सबसे मेहनती, जुनूनी, जोशीला और मेरी जिंदगी का सबसे खूबसूरत इंसान। तुम्हें नहीं पता कि तुम मेरे लिए क्या हो। जो शख्स परिवार और समाज के लिए योगदान देता है, उसे अब पहचानने और सम्मान देने का समय है।”

इतना ही नहीं, तुनिशा शर्मा ने बुर्के में अपनी एक तस्वीर शीजान खान के साथ शेयर की थी। इस तस्वीर में वह शीजान खान के साथ गणेश भगवान की आरती करती दिख रही हैं। इसके अलावा भी तुनिशा ने शीजान खान के साथ कई और तस्वीरें इंस्टाग्राम पर साझा की थीं।

पर्सनल फोटो निकालकर पेंटर शोएब ने इंजीनियर महिला को धमकाया, ₹70 हजार ऐंठे: गिरफ्तार होने के बाद बोला- सड़क पर मिल गई थी पेन ड्राइव

बेंगलुरु पुलिस ने महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर को ब्लैकमेल करने के आरोप में एक पेंटर को शुक्रवार (23 दिसंबर 2022) को गिरफ्तार किया है। आरोपित का नाम शोएब अहमद है। आरोप है कि 22 वर्षीय शोएब ने महिला की खोई पेन ड्राइव से पर्सनल फोटो निकाल उससे पैसे उगाही करने की कोशिश की। महिला इंजीनियर ने यह शिकायत 30 अक्टूबर 2022 को दर्ज करवाई थी। तब से पुलिस शोएब की तलाश में थी। पुलिस ने पेन ड्राइव भी बरामद कर ली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना बेंगलुरु के बेगुर रोड की है। 25 वर्षीया महिला ने इसकी शिकायत दक्षिण पूर्व स्थित CEN पुलिस स्टेशन में की है। शिकायत में बताया गया है कि पीड़िता ने अपने तमाम निजी फोटो और वीडियो एक पेन ड्राइव में सेव कर के रखे थे। किसी वजह से वो पेन ड्राइव कहीं खो गया था। बाद में वो पेंटिंग का काम करने वाले शोएब अहमद को मिल गई। उसी पेन ड्राइव के एक दस्तावेज में महिला का मोबाईल नंबर भी था। शोएब ने उस नंबर पर कॉल कर के पेन ड्राइव अपने पास होने की जानकारी दी थी।

शिकयत में आगे बताया गया है कि महिला ने शोएब से अपनी पेन ड्राइव लौटाने की माँग की। बदले में शोएब ने पैसों की डिमांड की। पैसे न देने की हालात में आरोपित ने पीड़िता के निजी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की भी धमकी दी। आरोप है कि पेंटर शोएब की धमकियों से डर कर महिला ने उसे एक बार 70 हजार रुपए दे भी दिए। हालाँकि इसके बाद भी शोएब ने पेन ड्राइव नहीं लौटाई। आरोपित पीड़िता से और अधिक पैसों की माँग जारी रखा। आख़िरकार महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।

शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने शोएब की तलाश शुरू कर दी। तलाश के दौरान शोएब राजेंद्र नगर का निवासी पाया गया। पुलिस ने महिला से 10 रुपए शोएब द्वारा भेजे गए QR कोड पर भेजने को कहा। पैसे जाते ही शोएब की बैंक डिटेल निकल आई जिसमें उसका पता था। आखिरकार पुलिस ने शोएब को शुक्रवार को गिरफ्तार कर के न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पूछताछ के दौरान शोएब ने बताया कि उसे पेन ड्राइव सड़क के किनारे पड़ी मिली थी। शोएब के पास से पीड़िता की पेन ड्राइव भी बरामद कर ली गई है।

गुलेल से लगाए निशाने, भारतीय मजदूरों पर पत्थर फेंका: नेपाल की ओर से उत्तराखंड में फिर हुई पत्थरबाजी, डंपर के शीटे टूटे, ड्राइवर समेत 2 घायल

उत्तराखंड के धारचूला (Dharchula, Uttarakhand) स्थित घटखोला में बाँध बनाने में लगे मजदूरों पर नेपाल की ओर से फिर पथराव किया गया है। पत्थरबाजी की इस घटना में वहाँ मौजूद डंपर और जेसीबी के शीशे टूट गए। गुलेलों से की गई पत्थरबाजी में एक चालक और एक मजदूर जख्मी हो गए हैं। 

दरअसल, धारचूला में काली नदी के किनारे भारत अपने क्षेत्र में तटबंध का निर्माण कर रहा है। इस निर्माण कार्य में कई मजदूर और वाहन लगे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर इस तटबंध को पूरा नहीं किया जाता है तो अगले साल बारिश में धारचूला का एक बड़ा हिस्सा काली नदी में समा जाएगा।

काली नदी पर तटबंध निर्माण का यह काम दोनों देशों की सहमति के बाद शुरू किया गया है। इसके बावजूद नेपाल द्वारा लगातार इसमें बाधा डालने की कोशिश की जा रही है। पथराव की हालिया घटना नेपाल की ओर से की गई पत्थरबाजी की 11वीं घटना है।

बताया जा रहा है कि तटबंध का निर्माण का काम चल रहा था, उसी दौरान शुक्रवार (23 दिसंबर 2022) को नेपाल की ओर से कुछ लोग इकट्ठे हुए और श्रमिकों और निर्माण कार्य में लगी गाड़ियों पर पत्थरबाजी करने लगे। इंजीनियरों का कहना है कि पत्थरबाजी करने वाले लोग गुलेलों इस्तेमाल कर रहे थे। इससे श्रमिक डर गए और काम को बंद कर दिया।

इस प्रोजेक्ट पर काम करने वाले लोगों का कहना है कि पत्थरबाजी की घटना के कारण पहले ही लेट हो चुका है। ऐसे में इस तरह की घटनाएँ थमती नहीं हैं तो मजदूर और वाहनकर्मी भी यहाँ काम करने से डरेंगे। निर्माण कार्य में लगी कंपनी ने इस मसले में सरकार से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। परियोजना में शामिल लोग प्रशासन से सुरक्षा की गुहार भी लगा रहे हैं।

क्रिसमस से पहले जबरन धर्मांतरण… उत्तराखंड में ग्रामीणों ने किया पादरी आने का विरोध: आरोप- मिशनरी की महिला ने गाँव की औरतों को डंडे से पीटा, 1 लड़की घायल

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में क्रिसमस से पहले 2 पक्षों के बीच विवाद की खबर है। यहाँ ग्रामीणों ने एक संस्था पर धर्मांतरण का आरोप लगाया है। वहीं आयोजकों ने भी ग्रामीणों से गर्मागर्म बहस की। मौके पर नारेबाजी की गई। हंगामे के चलते कार्यक्रम रोक दिया गया। लोगों ने प्रशासन से जाँच और कार्रवाई की माँग की है। घटना शुक्रवार (23 दिसंबर 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला पुरोला गाँव का है। यहाँ क्रिसमस से 2 दिन पहले ईसाई केंद्र में एक कार्यक्रम चल रहा था। यह एक निर्माणाधीन बिल्डिंग हैं। कार्यक्रम के आयोजकों में पादरी लज़ारस कॉर्नलुईस और उनकी पत्नी सुषमा कॉर्नलुईस प्रमुख थीं। समारोह में कुछ स्थानीय लोगों के साथ नेपाल के भी 12 नागरिकों की मौजूदगी बताई जा रही है। कुछ ही देर में लगभग 30 की संख्या में हिंदू संगठन के लोग वहाँ पहुँच गए। उन्होंने कार्यक्रम में हिंदुओं के धर्म परिवर्तन का आरोप लगाते हुए विरोध दर्ज करवाया।

जिस व्यक्ति के घर पर यह कार्यक्रम चल रहा था वो नेपाली मूल का नागरिक बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस दौरान कार्यक्रम के आयोजकों ने भी विरोध कर रहे लोगों से तीखी बहस की। इस दौरान हाथापाई की भी खबरें हैं। इसके चलते हालात तनावपूर्ण हो गए। विरोध कर रहे हिंदू संगठन के लोगों ने प्रशासन से कार्यक्रम में मौजूद लोगों की धर्म परिवर्तन के एंगल से जाँच की माँग की। दावा किया जा रहा है कि मौके से ईसाई साहित्य भी बरामद हुआ है।

इस घटना पर बयान देते हुए पुरोला के SDM जितेंद्र कुमार ने कहा कि प्रशासन को धर्मांतरण और मारपीट की शिकायत मिली है जिस पर जाँच करवाई जा रही है। SDM के मुताबिक जाँच रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय SHO कोमल सिंह ने भी घटना की पुष्टि करते हुए हल्का विवाद होने की जानकारी दी है।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। विरोध में शामिल एक स्थानीय विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ता ने आरोप लगाया है कि धर्मांतरण करवाने वाले ईसाई मिशनरी के लोग थे। कार्यकर्ता के मुताबिक विरोध करने पर एक ईसाई महिला ने गाँव की महिलाओं को डंडे से पीटा है जिस से एक लड़की घायल हुई है।

फ़िलहाल इस मामले में अभी तक किसी गिरफ्तारी की कोई जानकारी नहीं है।

असम में पिछले 10 महीने में 53 जिहादी गिरफ्तार, 2 महिलाएँ भी शामिल: CM सरमा ने बताया- 5 बांग्लादेशी भागे, 1 धराया

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) आजकल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) के दिखाए राह पर चल रहे हैं। सीएम सरमा प्रदेश में कट्टरपंथ पर लगाम लगाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में जिहादी गतिविधियों में विदेशी तत्व शामिल हैं। मार्च से लेकर अब तक ऐसे 53 जिहादियों को गिरफ्तार किया गया है।

सीएम सरमा ने विधानसभा में एक प्रश्न का जवाब देते हुए शनिवार (24 दिसंबर 2022) को बताया कि मार्च से अब तक 53 जिहादियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से एक बांग्लादेशी नागरिक है। उन्होंने यह भी बताया कि 5 बांग्लादेशी जिहादी भागने में सफल रहे हैं। गिरफ्तार जिहादियों में दो महिलाएँ भी हैं, जिन्हें धुबरी और मोरीगाँव से गिरफ्तार किया गया है।

सीएम सरमा ने कहा कि मार्च से लेकर अब तक जिहादी गतिविधियों को लेकर अब तक सात जिलों में 9 मामले दर्ज किए गए हैं। ये मामले बारपेटा, बोंगाईगाँव, मोरीगाँव, धुबरी, गोलपाड़ा, तमुलपुर और नलबाड़ी जिलों में दर्ज किए गए हैं। सरमा ने कहा कि ये सात जिले ही बांग्लादेश में जिहादी गतिविधियों के मुख्य स्रोत हैं।

सीएम सरमा विधानसभा में भाजपा विधायक टेरोस ग्वाला के प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। बता दें कि प्रदेश का गृह मंत्रालय विभाग भी मुख्यमंत्री सरमा के ही पास है। उन्होंने आगे कहा कि बारपेटा में दर्ज एक मामले में बांग्लादेशी नागरिक सैफुल इस्लाम उर्फ हारून राशिद उर्फ सुमन को गिरफ्तार किया गया है।

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, सरमा ने विधानसभा को बताया कि सैफुल इस्लाम बारपेटा की एक मस्जिद में इमाम के तौर पर काम कर रहा था और वहाँ के मदरसे में अरबी पढ़ाता था। वह लोगों को जिहादी गतिविधियों वाली किताबें बाँटता था और अपनी तकरीरों में लोगों को जिहादी गतिविधियों में भाग लेने के लिए उकसाता था।

उन्होंने बताया कि पाँच बांग्लादेशी जिहादी भागने में सफल रहे हैं। वे स्थानीय लोगों के बीच जिहादी साहित्य बाँटा करते थे और अपनी बातों से लोगों को भड़काकर जिहादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाते थे। ये पाँच लोग अलग-अलग मस्जिदों में काम करते थे।

सीएम सरमा ने शनिवार को उस कथित आधिकारिक पत्र से खुद को अलग कर लिया, जिसमें राज्य के सभी SP से धर्म परिवर्तन और पिछले वर्ष की तुलना में उनके संबंधित जिलों में बनाए गए चर्चों की संख्या के बारे में जानकारी माँगी गई थी। सीएम सरमा ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया है।

हाजीपुर में दिन-दहाड़े पंचायत प्रतिनिधि के पति की हत्या, बेख़ौफ़ अपराधियों ने लौट कर फिर की गोलीबारी: CCTV वीडियो आया सामने

बिहार के हाजीपुर में बदमाशों ने भाजपा समर्थक पंचायत प्रतिनिधि के पति अजय कुमार तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी। बाइक सवार बदमाश अजय की दुकान पर ग्राहक बनकर घुसे। इसके बाद, बदमाशों ने एक के बाद एक 5 गोलियाँ मारकर उन्हें बुरी तरह छलनी कर दिया। मृतक अजय कुमार तिवारी बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के करीबी बताए जा रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वो शनिवार (24 दिसंबर 2022) को हाजीपुर के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत इस्माइलपुर केदार चौक में स्थित दुकान में बैठे हुए थे। तभी, बदमाशों दुकान पर पहुँचकर सिगरेट माँगी। अजय ने दुकान के स्टाफ से सिगरेट देने के लिए कहा। इसके बाद, बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।

बदमाशों के हमले से बचने के लिए अजय कुमार तिवारी ने काउंटर में छिपने की कोशिश की। हालाँकि, हमलावरून की ताबड़तोड़ गोली से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश मौके से भाग गए। लेकिन, फिर थोड़ी देर बाद वापस लौट कर अजय पर और फायरिंग की। हत्या की पूरी घटना दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई।

हत्या के बाद, मौके पर पहुँची पुलिस ने मृतक अजय कुमार तिवारी के शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर भेजा। दिन दहाड़े हुई हत्या के बाद, आक्रोशित लोगों ने हाजीपुर-लालगंज मेन-रोड जामकर खूब हंगामा किया। बदमाशों के हमले में 4 गोलियाँ अजय के सीने में और 1 गोली उनके सिर में लगी है।

इस मामले में SDPO सदर ओम प्रकाश का कहना है कि अजय कुमार तिवारी की हत्या मल्टीपल फायर कर की गई है। दुकान में लगे सीसीटीवी में पूरी वारदात रिकॉर्ड हुई है। सीसीटीवी फुटेज को खंगाल कर बदमाशों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। हमलावरों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।

हाजीपुर में हुई इस घटना को लेकर भाजपा विधायक संजय कुमार ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि सरकार कहती है राज्य में जनता राज है। क्या इसी को जनता राज कहते हैं?

अजय कुमार तिवारी बिजली विभाग में लाइनमैन के पद पर पोस्टेड थे। उनकी पत्नी सदर थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर की पंचायत समिति सदस्य है। उन्हें, बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का करीबी बताया जा रहा है। साथ ही, यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा नेताओं से भी उनके अच्छे संबंध थे। साल 2009 में अजय के पिता की भी बदमाशों ने गोली मारकर हत्या की थी।

‘सज-धज कर कॉलेज जाती थी, मर्दों से मिलती थी’: तालिबान ने बताया क्यों महिलाओं की शिक्षा पर लगाया बैन, छात्राओं के आंदोलन का हिंसक तरीके से दमन

अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के विश्वलिद्यालयों में महिलाओं के प्रवेश पर रोक के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन कर रही छात्राओं पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया है। छात्राओं पर पानी के बौछार का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। पढ़ाई पर रोक लगाने के बाद से ही अफगानिस्तान की महिलाएँ अपने हक के लिए आवाज उठा रही हैं।

छात्राओं पर पानी की बौछार

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अफगानिस्तान के हेरात शहर में विश्वविद्यालयों में महिलाओं के प्रतिबंध के खिलाफ प्रदर्शन कर रही छात्राओं पर वाटर केनन का इस्तेमाल किया गया। इससे जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में छात्राएँ पानी की बौछार से बचने के लिए एक गली में छिपते हुए देखी जा सकती हैं। तालिबान के फैसले का विरोध कर रहीं दर्जनभर छात्राएँ ‘शिक्षा हमारा अधिकार है’ के नारे लगा रही थीं।

काबुल में प्रदर्शनकारी महिलाएँ गिरफ्तार

इसके पहले तालिबान के फैसले के खिलाफ काबुल में महिलाओं के एक छोटे समूह ने भी प्रदर्शन किया था। लगभग दो दर्जन लड़कियों ने हिजाब और मास्क पहन कर सड़कों पर मार्च निकाला और तालिबानी हुकूमत के फैसले का नारे लगाते हुए विरोध किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदर्शन कर रही महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया। जिनमें से 2 को रिहा कर दिया गया लेकिन कई प्रदर्शनकारी महिलाएँ अब भी तालिबान की कैद में बताई जा रही हैं।

इसलिए लड़कियों की शिक्षा पर लगाया गया लगाम

उधर अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने विश्वविद्यालयों में महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगाने के फैसले का बचाव किया है। अफगानिस्तान के उच्च शिक्षा मंत्री निदा मोहम्मद नदीम ने मामले पर सार्वजनिक तौर पर चर्चा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों में लड़के-लड़कियों के मेल जोल को रोकने के लिए यह प्रतिबंध जरूरी था। अफगानिस्तान के एक टीवी चैनल पर साक्षातकार के दौरान उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में कुछ ऐसे विषय पढ़ाए जा रहे थे जो इस्लाम के खिलाफ हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, लड़कियों के विश्वविद्यालयों में लगे प्रतिबंध के लिए कई और कारण बताए गए हैं। बताया गया है कि छात्राएँ तालिबानी ड्रेस कोड का पालन नहीं कर रहीं थीं। छात्राएँ इस तरह सज-धज कर पढ़ने जाती थीं मानो शादी समारोह में जा रही हैं। संगठन का कहना है कि यूनिवर्सिटी में औरतें और मर्द स्वतंत्र रूप से मिल रहे थे। तालिबान सरकार के फैसले पर दुनिया भर में हो रही आलोचना को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह अफगानिस्तान का निजी मामला है और इसमें दूसरे देशों को दखल नहीं देना चाहिए।

NGO के लिए भी काम नहीं कर सकेंगी महिलाएँ

इस बीच अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार ने महिलाओं के खिलाफ एक और फरमान जारी कर दिया है। अब अफगानिस्तान में महिलाएँ एनजीओ (NGO) के लिए काम नहीं कर सकेंगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक आर्थिक मामलों के मंत्रालय से जारी किए गए आदेश में स्थानीय और विदेशी NGO को आदेश जारी किया गया है। इस आदेश में महिला कर्मचारियों को काम पर आने से रोकने के लिए कहा गया है।

‘जुनून की बात करने वाले रुकते नहीं’: सलमान खान की ‘दबंग 3’ में काम कर चुकी अभिनेत्री की संदिग्ध मौत, को-स्टार शीजान के मेकअप रूम में मिला शव

टीवी सीरियल्स की मशहूर एक्ट्रेस तुनिशा शर्मा ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। तुनिशा सब टीवी के शो अली बाबा- दास्तान ए काबुल में लीड रोल प्ले कर रहीं थीं। उन्होंने शो के सेट पर ही यह कदम उठाया है। आत्महत्या करने की वजह अब तक सामने नहीं आ सकी है। वह 20 वर्ष की थीं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तुनिशा शर्मा ने अपने को-स्टार शीजान के मेकअप रूप में आत्महत्या की है। जिस वक्त तुनिशा ने आत्महत्या की है उस समय शीजान सेट पर ही शूटिंग में व्यस्त थे। उन्होंने अपने मेकअप रूम में पहुँच कर जब आवाज दी। गेट नहीं खुलने पर उन्होंने गेट तोड़ा जहाँ तुनिशा मृत अवस्था में थीं।

हालाँकि, जी न्यूज ने पुलिस के हवाले से कहा है कि तुनिशा बाथरूम में मृत पाई गईं। चूँकि, तुनिशा शर्मा की आत्महत्या से जुड़ा कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में, पुलिस उनके साथ शूटिंग कर रहे एक्टर्स व अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है। तुनिशा ने आत्महत्या से पहले इंस्टाग्राम पर अपनी एक पोस्ट शेयर की थी। इस पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने लिखा था, “जो लोग अपने जुनून से प्रेरित होते हैं वे रुकते नहीं हैं।”

चूँकि, उन्होंने अपने आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट में ‘जुनून’ और ‘न रुकने’ की बात कही थी ऐसे में उनकी आत्महत्या को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

तुनिशा शर्मा ‘अली बाबा- दास्तान ए काबुल’ में मरियम का किरदार निभा रहीं थीं। इससे पहले वह, चक्रवर्ती अशोक सम्राट, भारत का वीर पुत्र- महाराणा प्रताप, गब्बर पूँछवाला, इंटरनेट वाला लव और इस्क सुभानअल्लाह जैसे शो में काम कर चुकीं हैं। इसके अलावा वह कुछ फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं। तुनिशा शर्मा ने कहानी 2, दबंग-3, बार-बार देखो और फितूर में बेहतरीन किरदार निभाया था।

तुनिशा शर्मा, एक्टर शिविन नारंग के साथ एक म्यूजिक वीडियो भी शूट कर रही थीं। तुनिशा ने बेहद कम उम्र में कामयाबी हासिल कर ली थी। वह कैटरीना कैफ और विद्या बालन जैसी एक्ट्रेस के साथ भी काम कर चुकीं हैं।
 
बता दें, इसी साल अक्टूबर में टीवी सीरियल की एक और मशहूर एक्ट्रेस वैशाली ठक्कर ने मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित अपने घर में आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को वैशाली की डायरी में सुसाइड नोट मिला था। इस सुसाइड नोट में उन्होंने राहुल नवलानी और उसकी पत्नी दिशा नवलानी पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था।