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असम में पिछले 10 महीने में 53 जिहादी गिरफ्तार, 2 महिलाएँ भी शामिल: CM सरमा ने बताया- 5 बांग्लादेशी भागे, 1 धराया

सीएम सरमा ने शनिवार को उस कथित आधिकारिक पत्र से खुद को अलग कर लिया, जिसमें राज्य के सभी SP से धर्म परिवर्तन और पिछले वर्ष की तुलना में उनके संबंधित जिलों में बनाए गए चर्चों की संख्या के बारे में जानकारी माँगी गई थी। सीएम सरमा ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) आजकल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) के दिखाए राह पर चल रहे हैं। सीएम सरमा प्रदेश में कट्टरपंथ पर लगाम लगाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में जिहादी गतिविधियों में विदेशी तत्व शामिल हैं। मार्च से लेकर अब तक ऐसे 53 जिहादियों को गिरफ्तार किया गया है।

सीएम सरमा ने विधानसभा में एक प्रश्न का जवाब देते हुए शनिवार (24 दिसंबर 2022) को बताया कि मार्च से अब तक 53 जिहादियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से एक बांग्लादेशी नागरिक है। उन्होंने यह भी बताया कि 5 बांग्लादेशी जिहादी भागने में सफल रहे हैं। गिरफ्तार जिहादियों में दो महिलाएँ भी हैं, जिन्हें धुबरी और मोरीगाँव से गिरफ्तार किया गया है।

सीएम सरमा ने कहा कि मार्च से लेकर अब तक जिहादी गतिविधियों को लेकर अब तक सात जिलों में 9 मामले दर्ज किए गए हैं। ये मामले बारपेटा, बोंगाईगाँव, मोरीगाँव, धुबरी, गोलपाड़ा, तमुलपुर और नलबाड़ी जिलों में दर्ज किए गए हैं। सरमा ने कहा कि ये सात जिले ही बांग्लादेश में जिहादी गतिविधियों के मुख्य स्रोत हैं।

सीएम सरमा विधानसभा में भाजपा विधायक टेरोस ग्वाला के प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। बता दें कि प्रदेश का गृह मंत्रालय विभाग भी मुख्यमंत्री सरमा के ही पास है। उन्होंने आगे कहा कि बारपेटा में दर्ज एक मामले में बांग्लादेशी नागरिक सैफुल इस्लाम उर्फ हारून राशिद उर्फ सुमन को गिरफ्तार किया गया है।

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, सरमा ने विधानसभा को बताया कि सैफुल इस्लाम बारपेटा की एक मस्जिद में इमाम के तौर पर काम कर रहा था और वहाँ के मदरसे में अरबी पढ़ाता था। वह लोगों को जिहादी गतिविधियों वाली किताबें बाँटता था और अपनी तकरीरों में लोगों को जिहादी गतिविधियों में भाग लेने के लिए उकसाता था।

उन्होंने बताया कि पाँच बांग्लादेशी जिहादी भागने में सफल रहे हैं। वे स्थानीय लोगों के बीच जिहादी साहित्य बाँटा करते थे और अपनी बातों से लोगों को भड़काकर जिहादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाते थे। ये पाँच लोग अलग-अलग मस्जिदों में काम करते थे।

सीएम सरमा ने शनिवार को उस कथित आधिकारिक पत्र से खुद को अलग कर लिया, जिसमें राज्य के सभी SP से धर्म परिवर्तन और पिछले वर्ष की तुलना में उनके संबंधित जिलों में बनाए गए चर्चों की संख्या के बारे में जानकारी माँगी गई थी। सीएम सरमा ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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