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जिस मोहम्मद वसी के लिए धर्मांतरण कर उमा शर्मा बनी ‘फातिमा’, उसने ही करंट का झटका देकर मार डाला: जहाँ दफनाया वहीं सोता था, हत्या से पहले जम कर पीटा

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में मोहम्मद वसी नाम के शख्स ने बिजली का झटका दे कर अपनी बीवी की जान ले ली। उसके बाद लाश को बच्चों के सामने ही कमरे में दफन कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपित की माँ ने पुलिस को हत्या की सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने कमरे से लाश निकलवा कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के अनुसार, मामला लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ इलाके के हाफिजपुर का है। यहाँ मोहम्मद वसी नाम के शख़्स ने मोहल्ले की ही रहने वाली उमा शर्मा नाम की लड़की को बहलाकर प्रेम जाल में फँसा लिया और उससे शादी कर ली। शादी के बाद मोहम्मद वसी ने उमा का धर्म-परिवर्तन करते हुए उसका नाम बदलकर अक्शा फातिमा रख दिया। दोनों के 2 बच्चे भी हुए।

रिपोर्ट्स की मानें तो शादी के बाद से ही मोहम्मद वसी अपनी पत्नी के साथ अक्सर झगड़ता रहता था। चार दिन पहले भी मोहम्मद वसी ने अक्शा फातिमा (उमा शर्मा) के साथ किसी बात को लेकर झगड़ा किया था। इस बीच उसकी माँ घर पर नहीं थी। रिपोर्ट्स की मानें तो मोहम्मद वसी ने पहले तो पत्नी की पिटाई की जब इससे भी उसका जी नहीं भरा तो करंट लगा कर उसे मार दिया। बिजली के झटकों से जब पत्नी की जान चली गई तो आरोपित ने लाश को बच्चों के सामने ही कमरे में दफना दिया।

हत्या के 2 दिन बाद आरोपित ने अपनी माँ को फोन कर पत्नी के कहीं चले जाने की बात कही। इस पर वसी की माँ कानपुर से लौटीं। माँ के आने के बाद हत्यारे ने पत्नी को जान से मार देने की बात कबूली। वसी की माँ ने अपने वकील से संपर्क किया। वकील के सलाह पर उसकी माँ ने हत्या की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने कमरे से लाश निकलवा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने कहा है कि आरोपित को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की जा रही है।

मुस्लिम बस्ती में चल रहा था अवैध बूचड़खाना, 300 किलो प्रतिबंधित गोमांस बरामद: 17 मवेशियों को मुक्त कराया गया, जुमे के दिन बढ़ जाता था कारोबार

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका इलाके में चल रही अवैध बूचड़खाने में पुलिस ने छापेमारी करते हुए 300 किलो प्रतिबंधित मांस के साथ 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह वधशाला मुस्लिम बाहुल्य बस्ती में चल रही थी। पुलिस ने यह कार्रवाई शुक्रवार (23 दिसंबर, 2022) की सुबह करीब 6:30 बजे की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका इलाके अंतर्गत स्थित हल्दीपोखर में मुस्लिम बाहुल्य बस्ती है। इस बस्ती में पुलिस ने करीब साढ़े चार घण्टे तक छापेमारी की है। एएसपी लॉ एंड ऑर्डर सुमित अग्रवाल के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके पर काटने के लिए रखे गए 17 मवेशियों को भी मुक्त कराया है।

इस मामले में पुलिस ने मांस बेचने व खरीदने वाले इमरान, पप्पू समेत कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही, बूचड़खाना से तीन मवेशियों के मांस, मवेशियों को काटने में इस्तेमाल होने वाला लकड़ी का बोटा, चापड़ समेत कई अन्य सामान्य बरामद किए हैं।

‘हिंदुस्तान’ ने एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि झारखंड पुलिस ने गुरुवार (22 दिसंबर, 2022) को जमशेदपुर के साकची से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपित से हुई पूछताछ में सामने में आया था कि वह हल्दीपोखर से मांस लाता था। साथ ही, उसने यह भी खुलासा किया था कि हल्दीपोखर में शुक्रवार को भारी मात्रा में मांस का कारोबार होता है। ऐसे में, पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए छापेमारी की और मौके से आरोपितों को गिरफ्तार किया।

साथ ही, तीन मवेशियों का कटा हुआ मांस (करीब 300 किलो मांस) बरामद किया। जब्त मांस को हल्दीपोखर पश्चिम ग्राम पंचायत के पीछे खुदाई कर गड़ाया गया है।

पुलिस की कार्रवाई में मुस्लिम बस्ती में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित मांस मिलने के बाद स्थानीय निवासियों में गुस्सा है। लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए माँग की है कि अवैध मांस का यह व्यापार बंद होना चाहिए। साथ ही, इस धंधे से जुड़े लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

‘ज़िंदा है अल जवाहिरी, अमेरिका से बदला लेने के लिए तैयार’: अलकायदा ने वीडियो के जरिए किया ऐलान, USA ने ड्रोन हमले में मार गिराने का किया था दावा

खूँखार अंतरराष्ट्रीय आतंकी समूह अलकायदा ने शुक्रवार (23 दिसंबर, 2022) को एक नया वीडियो जारी करते हुए अपने चीफ अल-जवाहिरी के ज़िंदा होने का दावा किया है। आतंकी संगठन ने 35 मिनट के इस वीडियो में आ रही आवाज के अल-जवाहिरी के होने का दावा किया है। हालाँकि, वीडियो को रिकॉर्ड कब किया गया है – इसकी जानकारी अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वीडियो में जवाहिरी ने जो शब्द बोले हैं उस से भी वीडियो के समय की जानकारी निकलना मुश्किल हो रहा है। वीडियो जारी करने के पीछे अल-कायदा द्वारा अमेरिका को ये संदेश देना माना जा रहा है उसका सबसे बड़ा सरगना जीवित है और अमेरिका से बदला लेने को तैयार है।

गौरतलब है कि पिछले 31 जुलाई, 2022 को अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की थी कि अल-जवाहिरी को अफगानिस्तान में हुए एक ड्रोन हमले में मार गिराया गया है। हालाँकि जवाहिरी की मौत और बाद में उसके जीवित होने के दावे के वीडियो पहले भी जारी होते रहे हैं। नवम्बर 2020 में भी जवाहिरी की मौत की अपुष्ट खबर आई थी। इस दावे के बाद आतंकी सरगना ने नया वीडियो जारी कर के अपने जीवित होने की घोषणा की थी।

जवाहिरी का वीडियो भारत में कर्नाटक बुर्का मामले में भी सामने आया था। तब उसने कॉलेज में बुर्के वाली लड़की की शान में कविता पढ़ी थी। वहीं एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक अल-कायदा अपने नए मुखिया की तलाश में है। इन सभी में सैफ अल अदेल का नाम सबसे आगे चल रहा है। सैफ इजिप्ट की सेना का पूर्व अधिकारी रह चुका है। फिलहाल उसका अलकायदा में ऊँचा मुकाम माना जाता है।

‘ये फिल्म बर्दाश्त से बाहर… पैसे लौटाओ’: बॉक्स ऑफिस पर बुरी पिटी रणवीर सिंह की ‘सर्कस’, पहले दिन हुई सिर्फ इतनी कमाई

बाॉलीवुड की एक और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई है। साल के आखिरी शुक्रवार (23 दिसंबर 2022) को रिलीज़ हुई फिल्म सर्कस को पहले ही दिन दर्शक नहीं मिले। मल्टीस्टारर फिल्म में अभिनेता रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में हैं जबकि फिल्म का निर्देशन रोहित शेट्टी ने किया है। पहले दिन फिल्म ने सिर्फ ₹6 करोड़ की कमाई की।

रोहित शेट्टी की फिल्में एक्शन और अच्छी कॉमेडी के लिए जानी जाती हैं। मास एन्टरटेनर फिल्म बनाने के लिए मशहूर रोहित इस बार फेल होते नजर आ रहे हैं। बॉक्स ऑफिस इंडिया के आँकड़ों की मानें तो फिल्म ने पहले दिन सिर्फ 6-6.25 करोड़ का कारोबार किया। फिल्म को महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में भी दर्शक नहीं मिल रहे।

फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श ने सर्कस को आउडेटिड बताया है। उन्होंने ट्विटर पर अपने रिव्यू में सर्कस फिल्म को आउटडेटेड करार दिया। उन्होंने फिल्म को 2 स्टार देते हुए लिखा कि फिल्म में मनोरंजन और हास्य की कमी है। उन्होंने लिखा कि दूसरे भाग में कुछ मज़ेदार दृश्य हैं लेकिन स्पार्क मिसिंग है।

जो लोग गलती से फिल्म देखने पहुँच गए वो अपना माथा पीट रहे हैं। सर्कस का पहला शो खत्म होते ही दर्शकों ने सोशल मीडिया पर अपने रिव्यू और पोस्ट करने शुरू कर दिए। एक यूजर को फिल्म इतनी बुरी लगी कि उसने अपने पैसे वापस माँग लिए।

ट्विटर पर यूजर ने लिखा, “थिएटर से बाहर आ गया और अब मुझे अपने पैसे वापस चाहिए। रोहित शेट्टी की फिल्म में इतने बोरिंग, बर्दाश्त से बाहर, बकवास, फालतू गाने की कभी उम्मीद नहीं की थी। फिल्म की सबसे बुरी बात है रणवीर सिंह का डबल रोल और उनकी आवाज बहुत इरिटेटिंग है।” इस यूजर ने अंत में फिल्म को 5 से में 1 रेटिंग भी दी है।

वहीं एक दूसरे यूजर ने आधी फिल्म देखने के बाद लिखा कि आधी फिल्म पूरी हो चुकी है, फिल्म का मेन प्लॉट कहाँ मिलेगा। उन्होंने लिखा कि रोहित शेट्टी के मैजिक के लिए सेकेंड हाफ का इंतजार है।

आपको बता दें फिल्म के ट्रेलर को भी दर्शकों का उतना रिस्पॉन्स नहीं मिला जो आम तौर पर रोहित की फिल्मों में देखने को मिलता है। अभिनेता रणवीर सिंह भी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में नाकाम रहे। उनकी पिछली फिल्मों की बात करें तो 1983 क्रिकेट वर्ल्ड कप पर बनी फिल्म ’83’ भी बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा सकी थी। पिछले दिनों आई फिल्म ‘जयेशभाई जोरदार भी’ बड़ी फ्लॉप साबित हुई थी। कुल मिलाकर रणवीर सिंह भी असफल फिल्मों की हैट्रिक बनाने वाले स्टार बन गए हैं।

क्रिसमस पर केरल के चर्चों में आपस में ही भिड़े पादरियों के अलग-अलग गुट: पुलिस को लेना पड़ा एक्शन, ‘Holy Mass’ को लेकर लड़ रहे ईसाई

क्रिसमस के मौके पर होली मास (Holy Mass) दौरान कई चर्चों में हिंसक झड़प हो गई है। कोच्चि के सेंट मैरी कैथेड्रल बेसिलिका में शनिवार (24 दिसंबर 2022) को हुए इस हिंसक झड़प में अल्टर को भी नुकसान पहुँचाया गया है। वहीं, शुक्रवार (23 दिसंबर 2022) को एर्नाकुलम कैथड्रल बेसिलिका में इस तरह का मामला सामने आया था।

सेंट मैरी कैथेड्रल बेसिलिका में शनिवार को होली मास के समर्थक चर्च अंदर आ गए, जबकि दूसरा गुट लोगों मास (Mass) प्रदान कर रहा था। इस दौरान दोनों गुटों के बीच झड़प हो गई और वह मेेज को पूरी तरह तहस-नहस हो गया, जिस पर यीशु को चढ़ावा चढ़ाया जाता है।

जिन लोगों ने इस मास का समर्थन किया, उन्होंने शुक्रवार की रात को भी मास ऑफर किया था। वहीं, एक दूसरा गुट मास के उस तरीके का समर्थन कर रहा है जो साइनोड (पादरियों की सभा) द्वारा स्वीकृत है। यह गुट चर्च में प्रदर्शन कर रहा था। इस गुट ने चर्च में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की।

यूनिफाइड होली मास का समर्थन करने वाले गुट कहना है कि विरोधी गुट एडमिनिस्ट्रेटर को धमकी देकर पिछले तीन दिनों से ‘मास ऑफ एविल’ कर रहा है। वहीं, दूसरा गुट पुलिस पर भी आरोप लगा रहा है। बता दें कि दोनों गुटों में विरोध को देखते हुए पुलिस ने चर्च को खाली करा दिया।

उधर एर्नाकुलम कैथड्रल बेसिलिका के पादरी फादर एंटनी पुटावेलील का आरोप है कि असहमति रखने वाले पादरी ने एक के बाद एक मास करते रहे, ताकि उन्हें अल्टर के पास आने से रोका जा सके और साइनोड द्वारा स्वीकृत पद्धति के तहत मास को सेलिब्रेट करने से रोका जा सकते। वहीं, दूसरे गुट के पादरी ने कहा कि एंटनी पुटावेलील मास के दौरान अल्टर के पास आकर जानबूझकर समस्या खड़ी करने की कोशिश कर रहे हैं।

बता दें कि साइरो-मालाबार चर्च के अंतर्गत यह चर्च दशकों से मास के अलग तरीके को अपनाता आ रहा है। इसके तहत मास की क्रिया के दौरान कुछ पादरी लोगों की ओर मुँह करते हैं, जबकि कुछ पादरी अल्टर (मेज वाली बेदी) की ओर मुँह किए रहते हैं। कुछ चर्च इन दोनों की विधियों का मिक्स रूप अपनाते हैं।

चर्च के समान सिद्धांतों के तहत चर्च के पादरी और बिशप मास को अल्टर की तरफ मुँह करके पूरा करते हैं और यह पूरी प्रक्रिया इसी तरह पूरी की जाती है। हालाँकि, अलग-अलग चर्च और बिशप इसे अलग-अलग तरीके से अपनाते हैं, जिसको लेकर अक्सर झड़पें होती रहती हैं।

‘देश में कोविड फैला तो कॉन्ग्रेस जिम्मेदार’ : राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ पर BJP ने बोला हमला, हिमाचल CM की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई

कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी कोरोना वायरस के खतरे को अनदेखा करते हुए ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में जुटे हुए हैं। उन्होंने जहाँ शनिवार (24 अक्टूबर 2022) को दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर चादर चढ़ाई। वहीं, कॉन्ग्रेस की इस यात्रा में शामिल हुए हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कोविड पॉजिटिव पाए गए। अब भाजपा राहुल गाँधी की इस यात्रा पर हमलावर है।

दरअसल, दुनिया भर में कोविड-19 का खतरा एक बार फिर बढ़ता जा रहा है। चीन, अमेरिका और जापान जैसे देशों में कोविड की लहर से खतरे की घण्टी बजती दिख रही है। वहीं, कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को आगे बढ़ाते जा रहे हैं। इस यात्रा में हिमाचल प्रदेश के सीएम और कॉन्ग्रेस नेता सुखविंदर सिंह सुक्खू भी शामिल हुए थे। वह अब कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

कोरोना वायरस के खतरे को नजरअंदाज करने को लेकर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने राहुल गाँधी पर हमला बोला है। मीडिया से बात करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा है कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। सुक्खू उस समय राहुल गाँधी के साथ हाथ में हाथ डालकर चल रहे थे। इसलिए, राहुल गाँधी को बताना चाहिए कि उन्होंने कोरोना टेस्ट कराया है या नहीं।

केंद्रीय मंत्री ठाकुर ने सवाल उठाते हुए कहा है कि क्या कॉन्ग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गाँधी के साथ चलने वाले लोगों का कोविड टेस्ट हुआ है या कोविड टेस्ट कराया जा रहा है? क्या कॉन्ग्रेस पार्टी कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं करेगी? राहुल गाँधी की पार्टी या उनका परिवार कोरोना प्रोटोकॉल से ऊपर है?

उन्होंने यह भी कहा है कि यदि देश में कोरोना का नया प्रसार होता है तो इसके लिए कॉन्ग्रेस के नेताओं को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। अनुराग ठाकुर ने तल्ख लहजे में कहा है “क्या कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता कोरोना को लेकर पहले की तरह गलत बातें फैलाना जारी रखने वाले हैं जैसा उन्होंने वैक्सीन को लेकर भी किया था।”

गौरतलब है कि बीते दिनों स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए भारत जोड़ो यात्रा को रोकने की अपील की थी। हालाँकि, राहुल गाँधी समेत तमाम कॉन्ग्रेसी नेताओं ने इस पर सियासत करनी शुरू कर दी थी।

बता दें कि राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शनिवार (24 दिसंब 2022) को दिल्ली पहुँच चुकी है। इस यात्रा में उनकी माँ सोनिया गाँधी और बहन प्रियंका गाँधी भी शामिल हुईं। यात्रा के दौरान राहुल ने हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर चादर चढ़ाई। दरगाह से जो तस्वीरें सामने आई हैं उसमें भी राहुल ने न तो मास्क लगाया है और ना ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नजर आए।

सिर्फ मजदूरी माँग रहे थे दिवाकर यादव, मुस्तकीम ने जानलेवा हमला करवा दिया: 4 माह कोमा में रहने के बाद अस्पताल में मौत, 3 जेल में

देश की राजधानी दिल्ली में 28 अगस्त 2022 को मुस्तकीम, मुतरर्फ और मंसूर के हमले में घायल मजदूर दिवाकर यादव की मौत हो गई है। तीन माह पहले दिवाकर ने अपनी बकाया मजदूरी माँगी थी जिसके बाद तीनों आरोपितों ने अपने साथियों सहित उसे बेरहमी से पीटा। तब से पीड़ित कोमा में था और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। इस मामले में तीनों आरोपित घटना के बाद से ही जेल में हैं। दिवाकर की मौत शुक्रवार (23 दिसंबर 2022) को हुई है।

इस घटना की FIR मृतक के भाई राजकुमार यादव ने दर्ज करवाई थी। उन्होंने बताया था कि मृतक 34 वर्षीय दिवाकर यादव अपने परिवार के साथ दिल्ली में मजदूरी का काम करते थे। वो मूल रूप से बिहार में बाँका जिले के रहने वाले थे। मौत से पहले दिवाकर मालवीय नगर स्थित पंचशील विहार प्रॉपर्टी पर राजमिस्त्री का काम कर रहे थे। यहाँ आसिफ ठेकेदार और मुस्तकीम ने उनका 25 हजार रुपए पैसा बकाया कर दिया। दिवाकर आरोपितों से इसी पैसे की माँग कर रहे थे।

पीड़ित परिजनों का आरोप है कि 28 अगस्त को आसिफ और मुस्तकीम ने दिवाकर को उनके पैसों का हिसाब करने रात 8 बजे बुलाया था। इस दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। इसी गर्मागर्मी के बीच पुलिस आ गई। पुलिस दिवाकर को ले कर साईंबाबा मंदिर स्थित पुलिस चौकी पर पहुँची। कुछ देर बाद पुलिस चौकी पर फराद नाम का बिल्डर आया। उसने पुलिस के आगे 2 दिनों में दिवाकर का हिसाब करने का वादा किया। फराद की बात पर विश्वास कर के सभी लोग पुलिस चौकी से वापस लौटने लगे।

शिकायत में आगे बताया गया है कि वापस लौटने के दौरान मुस्तकीम और उसके भाई ने अपने साथियों को दिवाकर पर हमले के लिए उकसाया और मुतरर्फ और मंसूर ने दिवाकर पर हमला बोल दिया। हमले से पहले दिवाकर को ऊपर भेजने की बात हुई। इसके बाद आरोपितों ने सड़क के किनारे पड़े पत्थरों को हथियार बनाया। हमले में दिवाकर बुरी तरह से घायल हो गए जिन्हें मैक्स अस्पताल में भर्ती करवाया गया। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। इसके अलावा ऑपइंडिया के पास कुछ वीडियो भी मौजूद हैं जिसमें हमले से पहले दिवाकर यादव और आरोपितों के बीच पैसे को ले कर बहस और गाली-गलौज हो रही है।

बताया जा रहा है कि तब से दिवाकर लगातार कोमा में चल रहे थे। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की काफी कोशिश की पर वो नाकाम रहे। आखिरकार दिवाकर ने 23 दिसंबर को दम तोड़ दिया। दिवाकर की मौत के बाद उनके परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव को बिहार ले गए हैं। इस घटना में दिवाकर की तरफ से पैरवी के लिए थाने पहुँचे एडवोकेट राकेश शर्मा ने ऑपइंडिया से बात करते हुए बताया कि पीड़ित परिजनों के अंतिम संस्कार से आने की प्रतीक्षा की जा रही है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि केस को IPC की धारा 302 में तरमीम करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल मामले में 3 आरोपित जेल में बताए जा रहे हैं।

ऑपइंडिया से बात करते हुए दिल्ली पुलिस SHO मालवीय नगर इंस्पेक्टर कुमार कान्त मिश्रा ने बताया कि केस में पहले से ही चार्जशीट फाइल है। SHO के मुताबिक आरोपितों पर IPC की धारा 302 बढ़ाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ कागजात भेज दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि केस में नामजद 3 आरोपित पहले से जेल में हैं।

इधर पुलिस पर गाड़ी चढ़ा रहे शराब माफिया, उधर क्रिसमस कैरोल में व्यस्त हैं CM नीतीश कुमार: सारण में दवाओं की आड़ में दारू की तस्करी

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने शनिवार (24 दिसंबर 2021) को अपने आधिकारिक आवास पटना के 1 अणे मार्ग पर क्रिसमस पार्टी का आयोजन किया। सीएम ने क्रिसमस कैरोल और सांता क्लॉज के साथ पार्टी एन्जॉय की। इस दौरान प्रदेश में शराब माफियाओं के हौसले बुलंद रहे और उन्होंने पुलिसकर्मियों को भी रौंदने की कोशिश की।

नीतीश कुमार जिस वक्त क्रिसमस कैरोल का आनंद ले रहे थे, उस वक्त प्रदेश में जहरीली शराब पीकर मरे 38 लोगों के परिजन न्याय की आस में ‘सरकार’ की ओर देख रहे थे। वहीं, भागलपुर में शराब तस्करों में पुलिसकर्मियों पर गाड़ी चढ़ाकर उन्हें रौंदने की कोशिश की।

उधर सारण के जहरीली शराब कांड में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में पूरे घटनाक्रम का मास्टरमाइंड भी शामिल है। यह मास्टरमाइंड होम्योपैथी के एक डॉक्टर का कंपाउंडर है। अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। मामले की जाँच कर रही SIT ने पहले 9 लोगों को गिरफ्तार किया था।

आरोपितों की गिरफ्तारी के साथ-साथ पुलिस के एक गाड़ी भी जब्त की है। इस गाड़ी का इस्तेमाल इलाके में शराब की आपूर्ति करने के लिए किया जाता था। इसके साथ ही इसका इस्तेमाल शराब बनाने के लिए उत्तर प्रदेश से रसायनों के लाने के लिए भी किया जाता था।

सारण के SP के अनुसार, शुरुआती जाँच में पता है चला कि मुख्य आरोपित अपने साथियों की मदद से होम्योपैथी दवा और चीनी मिलाकर नकली शराब बनाता था। इसके बाद अपने सहयोगियों के माध्यम से इस अवैध शराब की आपूर्ति जिले के कई इलाकों में करता था।

जहरीली शराब कांड के बाद एक्शन में दिख रही बिहार पुलिस पर भागलपुर में तस्करों ने गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। इसमें पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे। पुलिसकर्मियों ने तस्करों का पीछा किया। इसके बाद वे गाड़ी छोड़कर फरार हो गए। गाड़ी के डिटेल के आधार पर तस्करों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

चीन-जापान से आने वालों के लिए RT-PCR टेस्ट, क्वारंटाइन वाला नियम भी वापस आया: चीन में 1 दिन में 3.70 करोड़ हो सकते हैं कोरोना पॉजिटिव

चीन के साथ-साथ जापान और अमेरिका समेत दुनिया के अन्य देशों में भी कोरोना के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में भारत में भी लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है। भले ही हमारे देश में कोरोना के मामले में उछाल नहीं देखा गया है, लेकिन कोविड के खतरे से इनकार भी नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि केंद्र सरकार अलर्ट मोड में आ गई है।

शुक्रवार (23 दिसंबर, 2022) को कोरोना वायरस को लेकर केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ मीटिंग की। इस दौरान केंद्र ने ट्रिपल टी (टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट) का फॉर्मूला दिया। सरकार ने राज्य सरकारों से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए एडवाइजरी का कड़ाई से पालन करवाने की अपील की है। सरकार ने 27 दिसंबर, 2022 से सभी राज्यों को मॉकड्रिल करने की अपील की है।

शनिवार (24 दिसंबर, 2022) को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कुछ नए दिशानिर्देशों की घोषणा की है। विदेश से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर जाँच अनिवार्य कर दी गई है। सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन्स के मुताबिक, 12 साल से कम उम्र के बच्चों को रैंडम कोरोना वायरस टेस्ट से छूट दी गई है। गाइडलाइन्स के मुताबिक, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, हॉन्गकॉन्ग और थाईलैंड से भारत आने वाले यात्रियों के लिए RT-PCR टेस्ट जरूरी कर दी गई है।

इस दौरान यदि किसी यात्री में कोरोना के लक्षण मिले तो उन्हें आइसोलेशन में रखा जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से यह भी कहा गया है कि एयरपोर्ट पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी होगा। साथ ही एयरपोर्ट पर थर्मल स्क्रीनिंग भी की जाएगी।

पिछले 24 घंटों में देश भर में कोरोना के 201 नए मामले सामने आए हैं। वहीं चीन में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। चीन के लगभग सभी बड़े शहर कोरोना की चपेट में हैं। अस्पतालों में लोग बेड के लिए तरस रहे हैं। ‘ब्लूमबर्ग’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में लगभग 37 मिलियन, यानी 3 करोड़ 70 लाख लोग एक ही दिन में कोरोना पॉजिटिव हो सकते हैं। अनुमान के मुताबिक चीन दुनिया के अब तक के सबसे बुरे हालात का सामना करने जा रहा है।

चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग की हुई एक बैठक के हवाले से बताया गया है कि दिसंबर के पहले 20 दिनों में लगभग 24.8 करोड़ लोग, या लगभग 18 प्रतिशत आबादी के वायरस से संक्रमित होने की संभावना है। ख़बरें हैं कि चीन में कोरोना पॉजिटिव आने वाले ऐसे लोगों को काम पर जाने की इजाजत दी गई है जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं हैं। इससे हालात बिगड़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। यदि अनुमान सही साबित होते हैं तो चीन में संक्रमण दर जनवरी 2022 में स्थापित लगभग 40 लाख के पिछले दैनिक रिकॉर्ड को तोड़ देगी।

ब्रिटेन स्थित रिसर्च कंपनी एयरफिनिटी (Airfinity) ने भी दावा किया है कि चीन में हर दिन कोरोना इंफेक्शन (Corona) के लगभग 10 लाख नए मामले आ रहे हैं। वहीं, हर रोज 5000 लोगों की मौत हो रही है। एयरफिनिटी का दावा है कि उसने चीन के क्षेत्रीय आँकड़ों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार की है। फर्म का दावा है कि चीन में मौजूदा दैनिक संक्रमण एक मिलियन (10 लाख) से अधिक है, जो जनवरी के आखिर तक 37 लाख तक पहुँच सकती है। एयरफिनिटी का अंदाजा है कि कोरोना के इस लहर से चीन में 10 लाख से भी ज्यादा लोगों की मौत हो सकती है।

‘अब सामने आएगा सच’: ज्ञानवापी की तरह शाही ईदगाह के सर्वे का अदालत ने दिया आदेश, कोर्ट में पेश हुआ श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर मंदिर तोड़े जाने तक का इतिहास

मथुरा की सीनियर डिवीजन कोर्ट में शनिवार (24 दिसंबर, 2022) को ‘हिंदू सेना’ की याचिका पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद को लेकर सुनवाई हुई। सुनवाई में अदालत ने ज्ञानवापी ढाँचे की ही तरह ईदगाह का अमीन सर्वेक्षण कराने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी, 2023 को होगी। इससे पहले ही, सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश करनी होगी।

इस मामले में, ‘हिंदू सेना’ के वकील शैलेश दुबे का कहना है कि इस माह की शुरुआत में 8 दिसंबर को संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता एवं उपाध्यक्ष सुरजीत सिंह यादव ने सिविल जज सीनियर डिवीजन (III) की जस्टिस सोनिका वर्मा की अदालत में श्री कृष्ण जन्मभूमि को लेकर दावा पेश किया था।

वकील शैलेश दुबे ने यह भी कहा है कि ‘हिंदू सेना’ की ओर से किए गए इस दावे में कहा गया था कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की 13.37 एकड़ जमीन पर मंदिर बना हुआ था। इस मंदिर को औरंगजेब ने तोड़ दिया था और ईदगाह बनवा दी थी। हिंदू सेना की ओर से अदालत में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर मंदिर बनने तक का पूरा इतिहास प्रस्तुत किया गया। उन्होंने यह भी कहा है कि हिंदू सेना ने अदालत से साल 1968 में ‘श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ’ और शाही ईदगाह के बीच हुए समझौते को भी अवैध बताते हुए निरस्त करने की माँग की है।

शैलेश दुबे का यह भी कहना है कि जस्टिस सोनिका वर्मा की अदालत ने ‘हिंदू सेना’ की याचिका पर सुनवाई करते हुए अमीन को आदेश दिया है कि वह विवादित स्थल का सर्वे कर 20 जनवरी, 2023 से पहले रिपोर्ट प्रस्तुत करे। कहा जा रहा है कि इससे पहले भी कई लोगों ने एक अन्य अदालत में ऐसी ही माँग वाली याचिका दाखिल की थी। हालाँकि, अब तक उन याचिकाओं पर कोई फैसला नहीं आया।

दरअसल, हिंदू पक्ष का दावा है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की जमीन में बनी शाही ईदगाह में स्वास्तिक का चिह्न और मंदिर होने के प्रतीक हैं। साथ ही, यह दावा भी किया जाता रहा है कि मस्जिद के नीचे भगवान का गर्भ गृह है। VHP ने सर्वे वाले फैसले को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे सत्य सामने आएगा और न्यायालय को निर्णय लेने में आसानी होगी।

ज्ञानवापी ढाँचे का भी हुआ है सर्वे

गौरतलब है कि बहुचर्चित श्रृंगार गौरी-ज्ञानवापी ढाँचा मामले में भी याचिका दायर कर सर्वे कराने की माँग की गई थी। इसके बाद, वाराणसी की एक अदालत में मामले की सुनवाई हुई थी। वहाँ अदालत ने विवादित ढाँचे का वीडियो ग्राफिकल सर्वे कराने का आदेश दिया था। फिलहाल, इसका सर्वे पूरा हो चुका है। मामले की सुनवाई जारी है।