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FIFA में जिस इस्लामी मुल्क की जीत से खुश हो रहा ‘उम्माह’, वहाँ बुर्का-हिजाब पर पूर्ण बैन: मोरक्को के फुटबॉलर की पत्नी को देख आँख फोड़ लेंगे कट्टरपंथी

क्या आपको पता है कि जिस मोरक्को की जीत को दुनिया भर के मुस्लिम ‘उम्माह’ की दिशा में कदम बता रहे हैं, वहाँ पर बुर्के पर प्रतिबंध है? जहाँ एक तरफ भारत में भी कई मुस्लिम नेताओं और एक्टिविस्ट्स ने मोरक्को की जीत पर ऐसे ख़ुशी जताई, जैसे कि वो उनकी जन्मधरती ही हो। हालाँकि, मोरक्को के फुटबॉलर अशरफ हकीमी और उनकी पत्नी स्पेनिश अभिनेत्री हिबा अबूक की तस्वीरें देख कर भारत में बुर्का-हिजाब की वकालत करने वालों को गहरा धक्का लगेगा। अभिनेत्री हिबा अबूक जहाँ 36 साल की हैं, उनके फुटबॉलर पति उनसे 12 साल छोटे हैं।

लेखिका तसलीमा नसरीन ने भी इन दोनों की तस्वीरें शेयर कर के बताया कि कैसे स्टार फुटबॉलर की पत्नी ने न तो बुर्का पहन रखा है और न ही हिजाब। अशरफ हकीमी को ‘मोरक्को का डेविड बेकहम’ भी कहा जाता है। उनकी पत्नी को दुनिया की सबसे खूबसूरत अभिनेत्रियों में से एक गिना जाता है। उन्होंने ही वो जिताऊ पेनल्टी लगाई थी, जिसके कारण स्पेन फीफा वर्ल्ड कप 2022 से बाहर हो गया। ‘Vogue’ के अरबिया संस्करण के ये दोनों फोटोशूट भी करा चुके हैं।

जनवरी 2017 में ही मोरक्को की सरकार ने बुर्का बनाने, खरीदने-बेचने और इसके प्रचार-प्रसार तक पर रोक लगा दी थी। जिस देश में 99% से भी अधिक जनसंख्या सुन्नी मुस्लिमों की हो, वहाँ इस प्रकार का निर्णय लिया गया। लेकिन, भारत में मुस्लिमों के ठेकेदार कहते हैं कि वो स्कूल-कॉलेज में भी बुर्का-हिजाब चाहते हैं। मोरक्को की सरकार का तर्क था कि बुर्का की आड़ में आतंकियों और अपराधियों ने अपनी करतूतों को अंजाम देना शुरू कर दिया था, इसीलिए सुरक्षा चिंताओं के कारण इसे प्रतिबंधित किया गया

चोरी से लेकर कई बड़े अपराधों में भी बुर्का के इस्तेमाल की खबरें सामने आई थीं। लेकिन, ये फैसला कट्टर ‘सलाफी इस्लाम’ को भी ध्यान में रखते हुए लिया गया, जिसके कारण खूँखार वैश्विक आतंकी संगठन ISIS वहाँ पाँव पसार रहा था। मोरक्को में हर साल 1 करोड़ के आसपास पर्यटक आते हैं, ऐसे में राजस्व के सबसे बड़े साधन को वो लोग हाथ से नहीं जाने देंगे। मोरक्को में वैसे भी काफी कम संख्या में महिलाएँ बुर्का या हिजाब का इस्तेमाल करती थीं।

भारत में जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह भी मोरक्को की जीत से खासे खुश नज़र आए। क्या जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री के रूप में वो सिर्फ मुस्लिमों के सीएम हुआ करते थे या फिर वहाँ बसे हिन्दुओं, बौद्धों और ईसाइयों के भी? सवाल ये है कि मोरक्को ने जब तरक्की, विकास और पर्यटकों को लुभाने को प्राथमिकता पर रखा, तो फिर भारत के मुस्लिम क्यों चाहते हैं कि यहाँ उन्हें कट्टरवादी मानसिकता के खुलेआम प्रदर्शन की अनुमति मिले?

सबसे बड़ी बात तो ये है कि मोरक्को में जब हिजाब-बुर्का को प्रतिबंधित किया गया, तब वहाँ की जनता ने कोई विरोध प्रदर्शन नहीं किया। ऐसा कुछ नहीं हुआ, जिससे इस निर्णय की समीक्षा करनी पड़ी हो। हाँ, कुछ सलाफी मुस्लिमों ने ज़रूर इसका विरोध किया। आतंकियों के हमदर्दों की मोरक्को सरकार ने एक न सुनी। महिलाओं के संगठनों ने इस बैन का स्वागत किया। महिला अधिकार की पैरवी करने वालों ने इस फैसले का स्वागत किया। भारत के मुस्लिम मोरक्कों की जीत का जश्न तो मना रहे हैं, लेकिन उससे ये सब सीखने से मना कर रहे हैं।

‘मोदी की हत्या के लिए तत्पर रहो’: कॉन्ग्रेस के पूर्व मंत्री का Video वायरल, कभी राहुल गाँधी की शादी पर कहा था- तुम्हारी बहू-बेटी हो तो ले आओ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपशब्द बोलना कॉन्ग्रेस नेताओं के लिए कोई बड़ी बात नहीं है। कॉन्ग्रेसी अक्सर पीएम मोदी के लिए अपनी नफरत व्यक्त करते हुए भूल जाते हैं कि उन्हें कम से कम पीएम पद का सम्मान करना चाहिए। आज एक वीडियो सोशल मीडिया पर फिर सामने आई है जिसमें मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस नेता राजा पटेरिया नजर आ रहे हैं और जनता से पीएम मोदी की हत्या की बात करने को कह रहे हैं।

भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय द्वारा शेयर की गई वीडियो में कॉन्ग्रेस नेता कहते सुनाई पड़ते हैं, “मोदी चुनाव खत्म कर देगा, वो धर्म, जाति, भाषा के आधार पर बाँट देगा। दलितों का, वनवासियों का और अल्पसंख्यकों का भावी जीवन खतरे में है। संविधान यदि बचाना है तो मोदी की हत्या करने पर तत्पर रहो।” वीडियो में साफ सुन सकते हैं कि पहले पटेरिया ने हत्या की बात को साफ कहा और उसके बाद उसे संभालते हुए बोले, “मोदी की हत्या का मतलब मोदी को हराने के लिए तैयार रहो। कार्यकर्ता की उपेक्षा नेता की उपेक्षा होती है।”

जानकारी के मुताबिक पन्ना जिले के पवई में कॉन्ग्रेस नेता अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। वहीं उन्होंने पीएम मोदी की हत्या की बात की। जब बयान वायरल हो गया और लोग कार्रवाई की माँग करने लगे तो उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत ढंग से पेश किया जा रहा है, वो तो सिर्फ मोदी को चुनावों में हराने की बात कर रहे थे।

नवभारत टाइम्स से बात करते हुए वह बोले, “मैं गाँधी को मानने वाला शख्स हूँ। मैं हत्या की बातें नहीं कर सकता। बयान तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है।” उनकी सफाई से अंसतुष्ट मध्य प्रदेश सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बयान पर संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि ऐसी बयानबाजी करने वालों को सरकार नहीं बख्शेगी। वहीं गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पटेरिया का बयान गाँधी वाली कॉन्ग्रेस का नहीं है। ये इटली कॉन्ग्रेस का है। इसलिए इस मामले में तत्काल केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

बता दें कि राजा पटेरिया प्रदेश में कॉन्ग्रेस काल के वक्त मंत्री रहे थे। वह मोदी की हत्या पर बयान देने से पहले पुलिस को धमकी देने की वजह से चर्चा में आए थे। उन्होंने पुलिस अधिकारी से कहा था अगर आदिवासियों की बात नहीं मानोगे तो आदिवासियों को नक्सली बना देंगे। नक्सली बनाने के अपने बयान पर भी पटेरिया सफाई भी दी थी। उन्होंने अपना बयान ये कहकर जायज ठहराया था कि आदिवासियों के साथ अन्याय हो रहा है। उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं, महिलाओं के साथ मारपीट चल रही है, इसलिए उन्होंने बोल दिया आदिवासियों के साथ इस तरह का अन्याय ही नक्सलवाद को जन्म देता है।

इसके अलावा उन्होंने राहुल गाँधी की शादी के सवाल पर भी विवादित बात कही थी। उन्होंने कहा था कि अगर राहुल गाँधी ने शादी नहीं की तो भाजपा वालों के पेट में क्यों दर्द हो रहा है। वह बोलते दिखे थे, “मोदी जी आपके परिवार में कोई अच्छी बच्ची हो तो प्रपोज करो, शायद उसको ठीक लगे। हमारा राष्ट्रीय अध्यक्ष कहता है कि पहले राष्ट्र है… इसमें क्या दिक्कत है। तुम्हारे पेट में क्यों दर्द है, तुम्हारी बहू-बेटी हो तो ले आओ।”

इस्लामी टोपी-बुर्के में आए श्री राम को साथ लेकर गए: रामपुर के 80 मुस्लिमों ने की घर वापसी, दावा- आजम खान के खौफ से कबूला था इस्लाम

8 दिसंबर 2022 को उत्तर प्रदेश के रामपुर को पहला हिंदू विधायक मिला है। ऐसा देश की स्वतंत्रता के बाद पहली बार हुआ है। 20 चुनावों के बाद यह अवसर आया। अब रामपुर जिले के करीब एक दर्जन परिवारों के 80 सदस्यों ने घर वापसी की है। इनका दावा है कि आजम खान के डर से इन्होंने इस्लाम कबूला था।

मुजफ्फरनगर के एक आश्रम में इन लोगों की घर वापसी हुई। रविवार (11 दिसंबर 2022) को शुद्धिकरण के बाद महाराज यशवीर ने इनको फिर से हिंदू धर्म में लौटाया। दलित समाज से आने वाले इन लोगों ने गंगाजल पी कर गायत्री मंत्र का उच्चारण किया। इस्लामी टोपी और बुर्के पहुँचे ये लोग घर वापसी के भगवान श्री राम की तस्वीरों के साथ अपने घर लौटे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घर वापसी का यह कार्यक्रम मुजफ्फरनगर के बघरा ब्लॉक स्थित योग साधना आश्रम में सम्पन्न हुआ है। इसे सम्पन्न महराज यशवीर ने करवाया है। महराज यशवीर ने भी घर वापसी करने वाले सदस्यों पर आज़म खान के द्वारा अत्याचार किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन सभी 80 लोगों को लालच और धमकी देकर मुस्लिम बनाया गया था। घर वापसी करने वालों का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो वैदिक मंत्रों के बीच हवन करते दिखाई दे रहे हैं।

घर वापसी करने वालों के नाम अब हिन्दू धर्म के मुताबिक रखे गए हैं। मसलन इमराना अब कविता और फरजाना अब सविता नाम से जानी जाएँगी। कविता ने बताया कि उनके परिवार ही नहीं] बल्कि अन्य कई घरों को आज़म खान ने अपनी सरकार में बहुत तंग किया था। बताया यह भी जा रह है कि लोगों के घरों को भी तोड़ दिया गया था। सभी लोगों के मुताबिक आज़म के अत्याचारों से बचने के लिए उनके पास इस्लाम कबूल करना ही अंतिम विकल्प बचा था।

इमराना ने हिन्दू धर्म में वापसी कर खुद को बेहद खुश बताया। उन्होंने भी आज़म खान के गुर्गों पर इस्लाम कबूलने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने ने बताया कि आज़म की वजह से उनके पास बर्तन भी नहीं बचे थे। वहीं फरजाना से सविता बनीं महिला ने बताया कि आजम खान के दबाव में उन्हें इस्लाम कबूलना पड़ा था। उनकी जमीन-जायदाद तक छीन ली गई थी। इन सभी लोगों को घर वापसी के बाद भगवान राम की तस्वीरें दी गईं।

जानवर के मल को ‘अंडेनुमा गोला’ बताकर हुई सनसनी पत्रकारिता: कानपुर पुलिस के ट्वीट के बाद NBT के पत्रकार का बना मजाक

कानपुर के बिल्हौर के एक गाँव को लेकर नवभारत टाइम्स के एक पत्रकार ने हाल में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया। इस पोस्ट में दिखाया गया कि कैसे बिल्हौर के एक गाँव में अंडेनुमा गोले मिले हैं और ग्रामीण इसे लेकर अलग-अलग चर्चा कर रहे हैं। पत्रकार ने अपने ट्वीट में ये भी बताया कि पुलिस सूचना होने पर इसे  देखने आई थी और जाँच के बाद चौंकाने वाले खुलासे हुए।

पत्रकार का नाम सुमित शर्मा है। वह नवभारत टाइम्स के लिए काम करते हैं। उन्होंने यूपी पुलिस को टैग करके ये वीडियो डाली।  उन्होंने लिखा, “कानपुर के बिल्हौर के एक गाँव में मिले अंडेनुमा गोले… ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चा… पुलिस के पहुँचने पर हुआ चौंकाने वाला खुलासा।”

इस ट्वीट को चूँकि उन्होंने यूपी पुलिस को भी टैग किया था तो इस पर कानपुर पुलिस कमिश्नर की भी प्रतिक्रिया आई। उन्होंने वीडियो पर जो जवाब दिया उसके कारण अब पत्रकार का मजाक बन रहा है और कहा जा रहा है कि हर बात को सनसनी बनाकर नहीं पेश करना चाहिए।

दरअसल कानपुर पुलिस कमिश्नर ने कहा था, “कुछ भी संदिग्ध नहीं है, ये किसी जानवर का मल है।”

इस ट्वीट के आते ही प्रतिक्रियाओं की भरमार लग गई।  इकोनॉमिक टाइम्स की पत्रकार अनुराधा शुक्ला ने लिखा, “ये बहुत ज्यादा कमाल था।”

रतन लाल ने कहा, “मेरे दादाजी की मौत हो गई। मैं अर्थी को कंधो पर लेकर जा रहा हूँ। लेकिन  यह ट्वीट देखने के बाद अब हँसता हँसता जा रहा हूँ।”

विष्णु ने कहा, “शायद ये डायनासोर का मल होगा। मुझे नहीं लगता कि कोई जानवर इतना बड़ा ठोस, गोलाकार मल करता होगा।”

एक यूजर ने कानपुर पुलिस कमिश्नर से कहा, “आप तो खुलासा कर दिए। अभी तो साहब सनसनी बना ही रहे थे।”

1992 में मुंबई में हुआ दंगा, 2004 में भगोड़ा घोषित हुआ, अब गोरेगांव से पकड़ा गया तबरेज अजीम खान: पहचान बदलकर रह रहा था

तबरेज अजीम खान को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वह 18 साल से फरार चल रहा था। वह 1992 के दंगों में आरोपित है। वह मंसूरी के नाम से भी जाना जाता है। 2004 में अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित किया था। गोरेगांव से उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि रविवार (11 दिसंबर 2022) को की गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तबरेज खान को जिस मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया है, उसमें साल 1992 में 9 आरोपितों पर IPC की अलग-अलग धाराओं में FIR दर्ज हुई थी। इन सभी में से 2 आरोपित ट्रायल के दौरान कोर्ट से बरी हो गए थे। एक अन्य आरोपित की मौत हो गई थी। इस बीच तबरेज फरार हो गया था। रिपोर्ट के अनुसार तबरेज नाम और पहचान बदलकर गोरगांव में रह रहा था। रियल एस्टेट एजेंट के तौर पर काम कर रहा था। इस संबंध में सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पहले उस पर नजर रखनी शुरू की। फिर छापेमारी कर उसे धर दबोचा।

इससे पहले 4 नवम्बर को मुंबई 1992 सीरियल ब्लास्ट मामलों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने बताया था कि हिंसा के दौरान 60 पीड़ित परिवारों को मुआवजा मिला था, जबकि 108 परिवारों का कुछ पता नहीं चल पाया था। इसके बाद कोर्ट ने बचे परिवारों को भी मुआवजा देने के आदेश दिए थे। इस मुआवजे के लिए कोर्ट ने सरकार को 9 माह का समय भी दिया था।

गौरतलब है कि साल 1992 में अयोध्या में विवादित ढांचा गिराए जाने के बाद देश के तमाम हिस्सों में कट्टरपंथियों ने हिंसा शुरू कर दी थी। इसी हिंसा की चपेट में मुंबई भी आ गई थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक सितम्बर 1992 और जनवरी 1993 के बीच इस हिंसा में लगभग 900 लोग मारे गए थे और 3000 लोग घायल हुए थे। इसी हिंसा में 170 लोग घायल भी हुए थे और करोड़ों रुपए की सार्वजानिक और निजी सम्पत्ति का नुकसान हुआ था।

कानपुर में 5 बांग्लादेशी गिरफ्तार, सपा MLA ने दे रखा था ‘भारतीय’ होने का सर्टिफिकेट: छापेमारी में घर से मिले फर्जी दस्तावेज और लाखों रुपए

उत्तर प्रदेश की कानपुर पुलिस ने अवैध तौर पर रह रहे 5 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपितों में 2 पुरुष, 2 महिलाएँ और एक नाबालिग किशोर शामिल हैं। ये सभी आरोपित फर्जी पहचान के साथ भारत में रह रहे थे। इनके पास से कई पासपोर्ट और आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। एक बांग्लादेशी नागरिक कई देशों की यात्रा भी कर चुका था और उसके पास तमाम देशों की करेंसी भी बरामद हुई है। कानपुर से समाजवादी पार्टी के विधायक इरफ़ान सोलंकी ने इन सभी के कागजातों को वेरिफाई भी कर रखा था। पुलिस ने यह कार्रवाई रविवार (11 दिसंबर 2022) को की है।

कानपुर पुलिस के मुताबिक 11 दिसंबर को थाना मूलगंज पुलिस को कुछ संदिग्धों के मेस्टन रोड की तरफ जाने की सूचना मिली थी। इस सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की तो 4 लोग पकड़ में आए। उन्हें जब पहचान पत्र दिखाने को कहा गया तब वो लोग टालमटोल करने लगे। पुलिस को गुमराह करने के लिए सभी संदिग्धों ने पहचान पत्र घर पर होने का बहाना बनाने लगे। पुलिस उन सभी संदिग्धों को ले कर उनके घर पहुँची। वहाँ पुलिस को खालिद माजिद नाम का व्यक्ति पहले से मौजूद मिला।

इस दौरान पुलिस ने संदिग्धों के घर की तलाशी ली जिसमें बांग्लादेशी पासपोर्ट, फर्जी आधार कार्ड, विदेशी करेंसी के साथ लगभग साढ़े 14 लाख रुपए भी बरामद हुए। इस बाबत पूछने पर आरोपित कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। आख़िरकार पुलिस ने सभी 5 संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। जब उनसे पूछताछ की गई तो आरोपितों ने बताया कि वो मूल रूप से बांग्लादेश के खुलना जिले के निवासी हैं। संदिग्धों की पहचान 79 साल के ख़ालिद माज़िद, 53 साल के रिज़वान मोहम्मद, 45 साल की हिना खालिद और 21 साल की रुखसार के तौर पर हुई। एक अन्य नाबालिग भी पुलिस हिरासत में है जो इसी परिवार का है।

पुलिस पूछताछ में सभी आरोपितों ने बताया कि सभी आरोपित साल 2016 में भारत में रह रहे हैं। इन सभी के पास 1001 डॉलर विदेशी मुद्रा और सोने के कई आभूषण बरामद हुए हैं। पकड़ा गया रिज़वान पाकिस्तान, मलेशिया, बांग्लादेश और नेपाल कई बार जा चुका है। पुलिस ने सभी आरोपितों पर IPC की धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120-B के साथ धारा 14 विदेशी विषयक अधि0 1946 के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस पूरे मामले की जाँच कर रही है।

सपा विधायक और पार्षद ने वेरिफाई किए थे कागजात

पुलिस यह भी जानकारी दी है कि पकड़े गए आरोपितों के कागजात कानपुर से समाजवादी पार्टी के विधायक हाजी इरफ़ान सोलंकी ने वेरिफाई किए थे। पुलिस ने बताया कि सपा विधायक इरफ़ान ने न सिर्फ पकड़े गए आरोपितों को अपने आधिकारिक लेटर हेड पर भारतीय होने का सर्टिफिकेट दिया था बल्कि उनके कागजातों को लगातार सत्यापित भी किया था। हाजी इरफ़ान के अलावा सपा पार्षद मन्नू रहमान ने साल 2019 में इन बांग्लादेशियों के भारतीय होने का प्रमाण पत्र जारी किया था।

‘सारी टेंशन सेना की है, ये तो बस पैसे कमाएँगे’: रणबीर कपूर ने सऊदी अरब में पाकिस्तान के साथ काम करने पर भरी ‘हाँ’, भारतीयों ने लताड़ा

सऊदी अरब में हुए ‘रेड सी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ में रणबीर कपूर ने भी शिरकत की। इस कार्यक्रम में उन्हें ‘वैरायटी इंटरनेशनल वैनगार्ड एक्टर अवार्ड’ दिया गया। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान की ब्लॉकबस्टर रही ‘द लीजेंड ऑफ मौला जट’ फिल्म की काफी तारीफ की। साथ ही बोला कि उन्हें पाकिस्तानी क्रू के साथ काम करने में काफी खुशी होगी।

दरअसल, रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्यक्रम में ऑडियंस में से एक सदस्य ने उनसे पूछा था, “आज हमारे पास सऊदी अरब जैसे प्लेटफॉर्म हैं जहाँ मिलकर फिल्में की जा सकती हैं। मुझे आपको अपनी फिल्म के लिए साइन करवाकर खुशी होगी। क्या आप अपनी टीम के साथ मिलकर पाकिस्तानी टीम के साथ सऊदी अरब में काम करना चाहेंगे?”

इस सवाल पर रणबीर कपूर ने कहा, “बिलकुल सर। मुझे लगता है कि कलाकारों के लिए कोई सीमा नहीं होती, खासकर कला में ऐसा नहीं होता। पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री को द लीजेंड ऑफ मौला जट के लिए बहुत-बहुत शुभकामानाएँ। ये पिछले कुछ सालों की सबसे बड़ी हिट है जैसा कि हमने देखा। बिलकुल मुझे साथ काम करने में खुशी होगी।

उनके इस बयान के बाद भारतीयों की सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया आ रही है। एक यूजर ने गुस्से में लिखा, “सारी की सारी टेंशन तो सेना को लेनी है। ये %$# तो पैसे कमाएँगे। अपना काम बनता भाड़ में जाए जनता। लोगों को उर्दूवुड की ये गंदगी साफ करनी होगी।”

एक यूजर ने कहा, अगर ये आदमी पाकिस्तान के साथ काम करता है तो भारत में तो इसका करियर चौपट हो जाएगा।

इसी तरह एक ट्विटर यूजर ने कहा, “जब देश की,देश की सुरक्षा,सम्मान की बात आती है तो वहां ये बात कहना गलत है कि “नो बाउंड्री फॉर आर्टिस्ट्स।” इसका मतलब ये होता है कि वो खुद को देश के सम्मान से ऊँचा मानते हैं। एक सैनिक की भी किसी दूसरे देश से व्यक्तिगत शत्रुता नहीं है लेकिन वो देश के सम्मान और सुरक्षा को महत्व देते हैं।”

अविनाश झा लिखते हैं, “इसका परदादा पृथ्वीराज कपूर जान बच के पाकिस्तान से भारत आया था और इसका पाकिस्तान प्रेम देखो फिर भी लोग इसकी फिल्म देखने जाते है।”

बता दें कि रणबीर कपूर पिछले दिनों अपनी ब्रह्मास्त्र फिल्म के कारण काफी सुर्खियों में रहे थे। उनके बीफ वाले बयान के वायरल होने के बाद उनके बॉयकॉट की माँगें उठीं थीं। इसके बाद वे और आलिया शादी के 6 महीने बाद माता-पिता बनने के कारण मीडिया की हेडलाइन्स में आए और अब उनका ये बयान लोगों में चर्चा का कारण है। उन्होंने द मौला जट्ट के हीरो फवाद खान के साथ अपनी आखिरी फिल्म 2016 में ‘ए दिल है मुश्किल’ की थी। इसके बाद उरी अटैक से भारतीय लोगों में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा उमड़ा और उनकी भावनाओं को देखते हुए पाकिस्तानी एक्टर-एक्ट्रेस के साथ फिल्में करना बंद कर दिया गया।

‘भारत जोड़ो यात्रा’ में साथ-साथ चल रहे जेब कतरे: 100 लोगों का मोबाइल-सामान चोरी, MP पुलिस ने राजस्थान पुलिस को किया अलर्ट

मध्य प्रदेश पुलिस ने कॉन्ग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ यात्रा के लिए खास ‘अलर्ट’ भेजा है। यह ‘अलर्ट’ राजस्थान पुलिस के लिए है। दरअसल, राहुल गाँधी के नेतृत्व में चल रही ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल होने वाले लोगों को जेबकतरों द्वारा निशाना बनाए जाने के बाद एमपी पुलिस ने राजस्थान पुलिस को सतर्क किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान कुछ जेब कतरों ने यात्रा में शामिल लोगों को निशाना बनाया था। इनमें से कुछ जेब कतरों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है। चूँकि, अब ‘भारत जोड़ो यात्रा’ राजस्थान पहुँच चुकी है, इसलिए आगे ऐसी घटना न हो, इसलिए मध्य प्रदेश पुलिस ने राजस्थान पुलिस को इस बारे में अवगत कराया है।

इस मामले में, आगर मालवा के पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सागर ने कहा, ‘‘हमने 8-10 जेबकतरों को पकड़ा है। इनमें से कुछ राजस्थान के कोटा और झालावाड़ के रहने वाले हैं। वहीं, कुछ मध्य प्रदेश के गुना, राजगढ़, शाजापुर और रायसेन जिले के रहने वाले हैं। प्रदेश पुलिस ने राजस्थान पुलिस को ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान जेबकतरों से सावधान रहने के लिए सतर्क किया है।” एक पुलिस अधिकारी ने कहा:

“हमने आरोपितों (जेब कतरों) से आगर मालवा में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान पॉकेटमारी किए गए 5-6 मोबाइल फोन और अन्य चीजें बरामद की हैं।”

एक अन्य अधिकारी का कहना है कि इस मामले में साइबर पुलिस की भी मदद ली गई है। भारत जोड़ो यात्रा में शामिल कम से कम 4-5 लोगों ने अपने कीमती सामान के गुम होने की शिकायत दर्ज कराई है। इस दौरान, सबसे अधिक चोरी तब हुई है, जब इस ‘यात्रा’ के दौरान शिविरों में लंच या डिनर चल रहा था।

कॉन्ग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने शिकायत की है कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान उनके दो मोबाइल फोन खो गए। बुरहानपुर से आगर मालवा तक राहुल गाँधी के साथ चलने वाले नेता ने नाम न छापने की शर्त पर दावा किया कि उनका 28,000 रुपए का मोबाइल फोन खो गया। कहा जा रहा है कि कॉन्ग्रेस की इस यात्रा के दौरान करीब 100 लोगों का सामान चोरी हुआ है।

‘आपकी @$$ बड़ा टॉपिक है…’ : मलाइका अरोड़ा के शो में करण जौहर ने किया सवाल, नोरा फतेही ने एटीट्यूड दिखाया; नेटिजन्स बोले- सब फेक है

मलाइका अरोड़ा (Malaika Arora) अपने चैट शो ‘मूविंग इन विद मलाइका’ (Moving In With Malaika) के प्रमोशन में बिजी हैं। इस शो के एक एपिसोड का नया प्रोमो रिलीज हुआ है। इस प्रोमो में, करण जौहर ने मलाइका से पर्सनल सवाल पूछा, जिसके बाद मलाइका जाने के लिए कहती दिखीं। वहीं, प्रोमो के लास्ट में कोरियोग्राफर टेरेंस लुईस के एक कमेंट के बाद एक्ट्रेस और डांसर नोरा फतेही भी शो छोड़कर जाती दिख रहीं हैं।

दरअसल, मलाइका अरोड़ा का चैट शो ‘मूविंग इन विद मलाइका’ में कई स्टार्स से मुलाकात करती हैं साथ ही अपनी और अन्य स्टार्स की लाइफ से जुड़े सवालों के माध्यम से फैंस को स्टार्स के बारे में बतातीं हैं। इस शो का प्रोमो क्लिप सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें करण जौहर ने मलाइका अरोड़ा से उनके A** के बारे में सवाल पूछा है।

प्रोमो में, करण मलाइका से पूछते नजर आ रहे हैं, “कैसा लगता है जब आपका A** चर्चा का इतना बड़ा विषय बन जाता है?” इस सवाल के जवाब में मलाइका ने कहा, “क्या तुम सीरियस हो? यह मेरा सोफा है, यह तुम्हारा सोफा नहीं है।” इसके बाद, मलाइका हल्के गुस्से में दिखाई देतीं हैं और जवाब देने से इनकार करते हुए कहतीं हैं, “ओके, बाय करण। तुम जा सकते हो।”

वहीं, इस प्रोमो के एक अन्य हिस्से में, मलाइका और नोरा के साथ कोरियोग्राफर टेरेंस लुईस भी नजर आते हैं। टेरेंस उनके साथ डांस सीक्वेंस पर चर्चा करते हुए दिखे। इस दौरान वह, नोरा फतेही को ‘छैंया-छैंया’ गाने पर डांस करने के लिए कहते हैं, तो नोरा नाराज हो जाती हैं और कहती हैं कि उनकी भी कुछ इज्जत है और इतना कहकर वो शो से जाती नजर आती हैं। इसके बाद टेरेंस लुईस उन्हें मनाने जाते हैं।

इस प्रोमो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नेटिजन्स शो को स्क्रिप्टेड बताते हुए मलाइका और नोरा फतेही को ट्रोल कर रहे हैं।

एक यूजर ने लिखा, “क्या कचरा है भाई हद हो गई।”

वहीं, एक अन्य यूजर ने कमेंट करते हुए कहा, “नोरा का एटीट्यूड, जाओ अपने देश उधर करो डांस।”

एक इंस्टाग्राम यूजर ने कमेंट कर कहा, “कुछ भी रियल नहीं है। देख कर ही फेक लग रहा है।”

एक अन्य ने लिखा, “शिट, हॉटस्टार तुम कुछ बेहतर कर सकते हो।”

इस शो को फेक बताते हुए एक अन्य यूजर ने कमेंट कर कहा, “मलाइका आप बेहतर कर सकती हैं। यह सब कितना फेक लग रहा है। आज आप जहाँ हैं, वहाँ पहुँचने के लिए आपने कड़ी मेहनत की है। यदि आप कह रहीं हैं कि आप रियल हैं तो…।”

त्रिपुरा का उनाकोटी: वो जगह जहाँ 99 लाख 99 हजार 999 मूर्तियाँ, मिल सकता है विश्व हेरिटेज का टैग, कभी था शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र

पूर्वोत्तर भारत के त्रिपुरा स्थित उनाकोटी की मूर्तियों को विश्व हेरिटेज का दर्जा दिलाने की कोशिशें की जा रही हैं। यहाँ के एक पहाड़ पर 99 लाख 99 हजार 999 मूर्तियाँ हैं, जो 8वीं से 9वीं सदी के बीच बनी मानी जाती हैं। इस जगह को विश्व धरोहर घोषित करने के लिए भारत सरकार का पुरातात्विक विभाग सक्रिय है। इस जगह पर पर्यटकों के साथ श्रद्धालु भी पूजा अर्चना के लिए आते रहते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनाकोटी को विश्व धरोहर बनाने के प्रयास में ही त्रिपुरा सरकार इस जगह के आस-पास पर्यटन स्थल बनवा रही है। सरकार का मानना है कि उनाकोटी के माध्यम से त्रिपुरा के इस हिस्से को पूरे भारत में सांस्कृतिक रूप से भी जोड़ा जा सकता है।

उनाकोटी में स्थित मूर्तियों को या तो पहाड़ो पर उकेरा गया है या चट्टानों को काट कर बनाया गया है। इनमें भगवान शिव और गणेश की मूर्तियाँ सबसे ज्यादा चर्चित हैं। यहाँ पर काल भैरव नाम से प्रसिद्ध भगवान शंकर की मूर्ति लगभग 30 फिट ऊँची है। इनके संरक्षण के लिए जगह-जगह मूर्तियों को हाथ न लगाने और उन्हें किसी भी प्रकार का नुकसान पहुँचाने पर दंडित करने की चेतावनी लिखी हुई है।

प्रसिद्ध इतिहासकार पन्नालाल इन मूर्तियों की तुलना कम्बोडिया के अंगोर वाट से करते हैं। उन्होंने इन मूर्तियों को बेहद दुर्लभ बताते हुए कहा कि बंगाल के पाला साम्राज्य के समय उनाकोटी शिव भक्तों का प्रमुख आस्था केंद्र हुआ करता था। पन्नालाल रॉय ने इन मूर्तियों के संरक्षण को बेहद जरूरत बताते हुए कहा कि कई मूर्तियाँ मौसम और अन्य कारणों से खराब हो चुकी हैं। हालाँकि जब से इस जगह को ASI ने अपने संरक्षण में लिया, तब से यहाँ मूर्तियों का स्वरूप विकृत होने से काफी हद तक बच गया।

उनाकोटी: क्या, कहाँ

उनाकोटी बंगाली भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ 1 करोड़ से कम होता है। यह रघुनंदन पहाड़ियों पर बसा हुआ है। एक पहाड़ों के बीच से लगभग 1 घंटे के सफर के बाद आबादी से दूर यह स्थान पहाड़ों को काट कर बनाया गया है।

यहाँ नीचे और ऊपर चढ़ने के लिए सीढ़ियाँ बनी हुई हैं। अधिक उम्र के लोगों के लिए सीढ़ियों पर चढ़ने और उतरने के लिए रेलिंग बनाई गई हैं। पूरे स्थान को ASI ने एक चारदीवारी से घेर रखा है। बाहर पहरा रहता है। पर्यटकों को दिन में एक तय समय सीमा में ही यहाँ आने और जाने की अनुमति है। ऑपइंडिया की टीम ने डेढ़ साल पहले यहाँ का दौरा किया था।

ऑपइंडिया की टीम ने कुछ मूर्तियों को एक अलग स्थान पर रखे देखा। वो मूर्तियां विभिन्न देवताओं की थीं। कुछ में थोड़ा नुकसान विभिन्न कारणों से पहुँचा था। पहाड़ पर उकेरी कई मूर्तियों के ऊपर से झरना बहता है, जो प्राकृतिक है। झरने में लोग हाथ धोकर सामने रखे शिवलिंग की पूजा करते हैं।

भगवान शिव के अलावा उनाकोटी में माँ दुर्गा की और उनके शेर की भी आकृति है। त्रिशूल और नंदी बैल भी पहाड़ पर चित्रित किए गए हैं। इन मूर्तियों पर यहाँ मौजूद सुरक्षा गार्डों की सख्त नजर होती है। उनाकोटी के लगभग 10 किलोमीटर परिधि में कोई भी होटल आदि नहीं है। सरकार द्वारा शुरू किए जा रहे प्रयासों के बाद अब माना जा रहा है कि इस जगह के आस-पास पर्यटकों के रहने योग्य निर्माण होंगे।