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‘कभी हुआ करता था जाटों का गाँव, अब 80% मुस्लिम’: जहाँ हुई नितेश चौधरी की हत्या, बोले वहाँ के लोग – कॉन्ग्रेस ने बसाई थी मुस्लिम बस्ती, पूछने तक न आया कोई AAP नेता

देश की राजधानी दिल्ली के बलजीत नगर में उफीजा ने अपने दोस्त अदनान और अब्बास के साथ मिलकर नितेश को सरेआम पीट-पीट कर हत्या कर दी। घटना के लगभग 1 सप्ताह बीत जाने के बाद हिन्दू संगठनों ने पुलिस की निष्क्रियता के खिलाफ 16 अक्टूबर, 2022 को प्रदर्शन किया। ऑपइंडिया की टीम ने अपनी पूर्व की 3 ग्राउंड रिपोर्टों में बताया कि कैसे मृतक के परिजनों ने आरोपितों को फाँसी की माँग की है।

वहीं स्थानीय वार्ड पार्षद ने इलाके हिन्दुओं को धर्मनिरपेक्ष बताते हुए इस घटना को सोच से परे बताया। जब ऑपइंडिया ने मृतक नितेश के पड़ोसियों से बातचीत की तब उन्होंने शादीपुर इलाके का इतिहास बताते हुए कहा कि कभी वो क्षेत्र जाटों का गाँव हुआ करता था, जहाँ अब मुस्लिमों का दबदबा हो चुका है।

कभी शादीपुर था जाटों का गाँव

ऑपइंडिया से बात करते हुए नितेश के पड़ोसी अनूप सिंह ने बताया कि आज़ादी से पहले और उसके बाद भी शादीपुर जाटों का गाँव हुआ करता था। उन्होंने कहा कि सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए यहाँ के लोगों ने अन्य जातियों को जमीनें दे कर बसाया। अनूप सिंह के मुताबिक, हिन्दू समाज की बाकी जातियों के लोग तब से अपनी अलग-अलग कालोनियों में शांति और सौहार्द से रह रहे हैं।

स्थानीय वार्ड पार्षद तेजराम ने भी अनूप सिंह की बातों से मिलता जुलता बयान दिया। पार्षद के मुताबिक, जाटों के गाँव शादीपुर का इतिहास 700 साल से भी पुराना सबूतों के साथ मिलता है। उन्होंने बताया कि पहले शादीपुर क्षेत्र की जमीन अंग्रेजों ने ली। बाद में यहाँ कॉन्ग्रेस सरकार में संजय गाँधी ने मुस्लिमों को बसाया। 30 साल पहले के शादीपुर का जिक्र करते हुए वार्ड पार्षद ने कहा कि गाँवों में भैंसे हुआ करती थीं और माताएँ बहनें यहीं पर खेतों से चारा ले कर आती थीं। हालाँकि, तेजराम के मुताबिक अब सब कुछ बदल चुका है।

शादीपुर में कॉन्ग्रेस ने बसाए मुस्लिम

अनूप सिंह ने हमें बताया कि 70 के दशक में कॉन्ग्रेस के संजय गाँधी ने इस क्षेत्र में मुस्लिमों को बसाया। उन्होंने बताया कि दिल्ली के तुर्कमान गेट से विस्थापित मुस्लिमों को यहाँ बाकायदा 500 से अधिक घर बना कर दिए गए थे। अनूप सिंह के मुताबिक तब से मुस्लिमों ने न सिर्फ अपनी आबादी काफी बढ़ा ली है बल्कि कई जमीनों पर कब्ज़ा भी कर लिया है। अवैध कब्ज़ा हुई जमीनों को जाटों की पुश्तैनी और सरकार की बताई गई।

कभी यहाँ जाट थे 80% जो अब 20% होने वाले हैं

रिश्ते में मृतक नितेश के भाई लगने वाले प्रशांत सिंह ने भी हमसे बात की। उन्होंने कहा कि कभी शादीपुर इलाके में जाट 80% हुआ करते थे और मुस्लिम मात्र 20% लेकिन अब इसका ठीक उल्टा हो रहा है। प्रशांत के मुताबिक, अपने ही गाँव में जाट 20% होने की कगार पर आ चुका है और अगर यही हाल रहा तो आने वाले कुछ वर्षों में शादीपुर जाटों से विहीन हो जाएगा। पीड़ित के चचेरे भाई दीपक ने बताया कि उस इलाके में मुस्लिमों की प्रजनन दर भी हिन्दुओं से बहुत ज्यादा है। इसी के साथ पीड़ित परिजनों ने क्षेत्र में रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को भी अपराध में शामिल बताया।

योगी आदित्यनाथ से डर कर UP के अपराधी यहाँ ले रहे शरण

हमसे बात करते हुए अनूप सिंह ने कहा कि शादीपुर और रंजीत नगर में मुस्लिमों की आबादी उत्तर प्रदेश में अपराध कम होने के बाद बढ़ी है। उन्होंने कहा कि UP में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद वहाँ से डर कर कई अपराधी दिल्ली के इस इलाके में आ रहे हैं। अनूप ने दिल्ली प्रशासन पर अपराधियों को समर्थन देने का भी आरोप लगाया है।

मौत में दोतरफा नीति न बनाएँ अरविन्द केजरीवाल

स्थानीय AAP विधायक पर नितेश की हत्या को अनदेखा करने का आरोप लगाते हुए मृतक के चचेरे भाई ने कहा कि उन्हें तो मालूम ही नहीं था कि ऐसी घटना हुई है। घटना के बाद आम आदमी पार्टी की तरफ से किसी भी सक्षम कार्यकर्ता के मोहल्ले में तक न आने का आरोप लगाते हुए पड़ोसी अनूप सिंह ने कहा कि केजरीवाल को दोतरफा नीति नहीं बनानी चाहिए क्योंकि वो पूरी दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं।

जातिवादियों ने हमें कमजोर कर दिया

इस पूरी बातचीत के दौरान वहाँ से गुजर रहे नितेश चौधरी के चचेरे भाई दीपक चौधरी ने ऑपइंडिया से कहा कि जातिवादियों ने हमारे समाज को बहुत कमजोर कर दिया। उन्होंने बताया कि वोटबैंक के लिए हिन्दू समाज को जिस प्रकार से तोड़ा जा रहा है, अगर वो न रुका तो आने वाला समय और कठिन होगा। दीपक ने हिन्दुओं से एकजुट रहने की अपील की।

‘एशिया कप खेलने पाकिस्तान नहीं जाएगी टीम इंडिया’: जय शाह के ऐलान से भड़का Pak, सईद अनवर ने कहा – ICC से बात करे PCB, हम भी भारत नहीं जाएँगे

मंगलवार (18 अक्टूबर 2022) को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव जय शाह ने कहा था कि साल 2023 में होने वाले एशिया कप के लिए भारतीय क्रिकेट टीम पाकिस्तान नहीं जाएगी। इसके बाद अब पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर सईद अनवर ने कहा है कि पाकिस्तान को भी विश्व कप के लिए भारत नहीं जाना चाहिए।

दरअसल, जय शाह बीसीसीआई (BCCI) सचिव होने के अलावा एशिया क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष भी हैं। एसीसी सचिव होने के नाते उन्होंने ऐलान किया था कि एशिया कप के लिए भारतीय टीम पाकिस्तान नहीं जाएगी। उन्होंने कहा था, “एशिया कप 2023 एक न्यूट्रल वेन्यू पर खेला जाएगा। यह बात मैं बतौर ACC प्रेसिडेंट कह रहा हूँ। हम वहाँ (पाकिस्तान) नहीं जा सकते, और वो यहाँ (भारत) नहीं आ सकते। पहले भी ऐसा हो चुका है और एशिया कप को न्यूट्रल वेन्यू पर खेला गया है।”

जय शाह के इस बयान के बाद पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर सईद अनवर (Saeed Anwar) ने कहा है कि बीसीसीआई अगर अगले साल होने वाले एशिया कप 2023 को किसी न्यूट्रल वेन्यू पर शिफ्ट करता है तो फिर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को भी साल 2023 में भारत में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को लेकर आईसीसी से बात करनी चाहिए और टूर्नामेंट को भारत से बाहर किसी दूसरे स्थान पर आयोजित कराना चाहिए।

सईद अनवर ने ट्वीट कर कहा है, “जब सभी अंतरराष्ट्रीय टीमें और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में खेलने के लिए पाकिस्तान आते हैं, तो फिर बीसीसीआई को क्या समस्या है? अगर बीसीसीआई एशिया कप 2023 को किसी न्यूट्रल वेन्यू पर ले जाने के लिए तैयार है, तो फिर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को भी अगले साल भारत में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को किसी न्यूट्रल वेन्यू पर ले जाना चाहिए।”

गौरतलब है कि भारतीय क्रिकेट टीम साल 2008 के बाद से अब तक पाकिस्तान नहीं गई है। साल 2008 में टीम इंडिया एशिया कप खेलने के लिए ही पाकिस्तान गई थी। इसके बाद, पाकिस्तान की नापाक हरकतों के कारण दोनों देशों के संबंध खराब हो गए और कोई भी द्विपक्षीय सीरीज नहीं हो सकी है। अब, टीम इंडिया और पाकिस्तान आईसीसी टूर्नामेंट (एशिया कप और विश्व कप) में ही आमने-सामने होते हैं।

‘फर्श पर जिम वाली चटाई बिछा दी, फिर कहा – अंडरवियर उतारो, तेल यहाँ रखा है’: अभिनेत्री ने बताया ‘मास्टरबेशन सेमिनार’ का अनुभव

इंग्लिश अभिनेत्री अभिनेत्री कारा डेलेविंगन ने एक ‘मास्टरबेशन सेमिनार’ का अनुभव साझा किया है, जहाँ उनसे अंडरवियर उतारने को कहा गया था। उन्होंने बताया कि वो ये समझ कर गई थीं कि ये सेमिनार है तो वहाँ उन्हें नोटपैड और कलम लेकर जाना होगा, क्योंकि पढ़ाई होगी। हालाँकि, उनकी सोच के उलट वहाँ पर 6 लोग जिम की चटाई बिछा कर बैठे हुए थे और उनसे कहा गया, “अपना अंडरवियर उतारो, यहाँ तेल रखा हुआ है।”

अंतरराष्ट्रीय पत्रिका ‘Variety’ ने मॉडल के अनुभव को प्रकाशित किया है। उन्होंने ‘Planet Sex’ में कहा कि वो खुद को सेक्सुअल चीजों को लेकर जितनी शर्मीली समझती थीं, वो उससे कहीं ज्यादा हैं। इसीलिए, उन्होंने खुद को ‘Prude’ करार दिया। 30 वर्षीय ब्रिटिश मॉडल ने बताया कि वो खुद को इतनी शर्मीली नहीं समझती थीं, लेकिन उसने जब ये सब उस सेमिनार में कहा गया तो वो हैरान रह गईं और जवाब दिया, “सॉरी, क्या? बिलकुल नहीं। मैं ये नहीं करूँगी।”

हालाँकि, अभिनेत्री ने कहा कि उन्होंने वो सब कुछ किया जो उनके लिए सहज था। कारा डेलेविंगन ने कहा कि हर दिन एक-दूसरे से अलग होता है, लेकिन उस दिन वो खुद से पूछ रही थीं कि हम आज कर क्या रहे हैं? उन्होंने बताया कि कभी सेक्स के समय ‘Orgasm’ के दौरान आपका खून लिया जा रहा होता है तो कभी आप अगले ही दिन पोर्न लाइब्रेरी में जाते हैं – ये सब विचित्र अनुभव हैं। उन्होंने हाल ही में कांस फिल्म समारोह में भी उपस्थिति दर्ज कराई है।

कारा डेलेविंगन का नाम अधिकतर महिला सेलेब्रिटियों के साथ ही जुड़ता रहा है। उन्होंने खुद के बारे में कहा कि वो शत-प्रतिशत ‘Queer’ (जिनकी सेक्सुअल पहचान स्ट्रेट नहीं हो) हैं। वो अपने शो ‘Planet Sex’ के हर एपिसोड में सेक्सुअलिटी से जुड़े सवालों के जवाब तलाशेंगी। अलग-अलग संस्कृतियों को भी इसमें दिखाया जाएगा। वो ‘Milkshake Productions’ नामक कंपनी भी चलाती हैं और उनका कहना है कि इस शो के दौरान उनकी आँखें खोलने वाले कई अनुभव उन्हें हुए।

जेल में फूट-फूट कर रोते हैं कन्हैया लाल का सिर कलम करने वाले हत्यारे, फिर ‘इमोशनल पक्ष’ लेकर आएगा मीडिया गिरोह? आतंकियों के ‘मानवीकरण’ का चलन

राजस्थान के उदयपुर में नूपुर शर्मा का समर्थन करने के कारण कन्हैया लाल की बेरहमी से सिर कलम कर हत्या करने वाले इस्लामवादी रियाज और गौस मोहम्मद राजस्थान की अजमेर स्थित जेल में बंद हैं। रियाज और गौस ने कन्हैया लाल की हत्या करते हुए वीडियो बनाने के बाद खुद को इस्लाम के ‘जिहादी योद्धा’ के रूप में प्रस्तुत किया था। हालाँकि, अब ये आरोपी जेल में फूट-फूट कर रोते हैं।

दैनिक भास्कर’ की एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अनुसार, रियाज और गौस मोहम्मद समेत कन्हैया लाल हत्याकांड के सभी 9 आरोपितों को पढ़ने के लिए महान व्यक्तियों की जीवनी दी जा रही है। जेल में, बंद 7 आरोपितों से तो उनके परिवार वाले मिलने आए हैं लेकिन दो आरोपितों रियाज और गौस से मिलने कोई भी नहीं आया है। हालाँकि, रविवार और बुधवार को सभी कैदियों को अपने परिवार जनों से मिलने की अनुमति है। 

जेल अधीक्षक पारिस जांगिड़ ने का कहना है कि हत्या के आरोपितों को पढ़ने के लिए किताबें दी जा रहीं हैं। चूँकि रियाज अनपढ़ है, इसलिए दूसरा कैदी उसे किताबें पढ़ाते हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि कन्हैया लाल हत्याकांड के सभी 9 आरोपितों को एकान्त और अंधेरी कोठरी में रखा गया है। उन्हें प्रतिदिन केवल 1 घंटे के लिए कोठरी से बाहर आने की अनुमति है।

जेल अधीक्षक ने यह भी कहा है कि कन्हैया लाल की हत्या के 7 आरोपितों ने अपने किए पर दुःख और पश्चाताप जताया है। जबकि, रियाज और मोहम्मद की बॉडी लैंग्वेज में कोई परिवर्तन नहीं है और उन्हें अपने किए पर कोई पश्चाताप नहीं है। हालाँकि, बाकियों को भी पश्चाताप है या नहीं, या फिर ये राजस्थान पुलिस या मीडिया द्वारा उनका ‘इमोशनल पक्ष’ दिखाने की साजिश है – कुछ कहा नहीं जा सकता।

एनआईए द्वारा 96 घंटे से अधिक की पूछताछ के बाद 16 सितंबर, 2022 को रियाज और गौस मोहम्मद को अजमेर की हाई-सिक्योरिटी जेल में ट्रांसफर किया गया था। कथित तौर पर रियाज एनआईए की पूछताछ के दौरान रो रहा था। साथ ही, उसने एक बार अपनी बीवी से मिलने देने के लिए भी जिद की थी और एनआईए की टीम से पूछ रहा था कि उससे मिलने कोई भी क्यों नहीं आ रहा है।

मीडिया अपराधियों और आतंकवादियों का ‘मानवीकरण’ करने की कोशिश करता है

गौरतलब है कि मीडिया द्वारा कट्टरपंथी अपराधियों और आतंकवादियों में ‘मानवीकरण’ दिखाने के लिए पछतावा, पारिवारिक गरीबी और अपराधियों जीवन के उतार-चढ़ाव को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया जाता है। खासतौर से भारतीय मीडिया ने कई बार ऐसे कृत्य किए हैं। मीडिया ने आतंकवादी बुरहान वानी को हेडमास्टर का बेटा, हिजबुल कमांडर रियाज नाइक को ‘लोकप्रिय शिक्षक’, जाकिर मूसा को ‘स्पोर्ट्स बाइक का प्रेमी’ समेत अन्य प्रकार से उसकी ‘अच्छाइयाँ’ दिखाने का प्रयास किया है।

यहाँ तक ​​​​कि, मीडिया ने पुलवामा हमले में 40 जवानों की हत्या के लिए जिम्मेदार आदिल अहमद डार का भी ‘चरित्र चित्रण’ किया था। मीडिया ने आदिल अहमद को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में दिखाया गया था जोकि सेना के जवान द्वारा थप्पड़ मारे जाने के बाद कट्टरपंथी आतंकी बन गया था।

कन्हैया लाल की निर्मम हत्या

इस्लामवादी रियाज और गौस मोहम्मद ग्राहक बनकर कन्हैया लाल की दुकान पर आए थे। कन्हैया लाल दर्जी का काम करते थे। जब वह इन लोगों का नाप ले थे तब, इन लोगों ने वीडियो बनाते हुए कन्हैया लाल का सिर कलम कर दिया था। कन्हैया लाल के शरीर पर 30 से अधिक घाव थे। कन्हैया लाल की ‘गलती’ बस इतनी थी कि उनके फोन से बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के बयान के समर्थन में एक पोस्ट शेयर किया गया था।

कहैया लाल की बेरहमी से हत्या करने के बाद, रियाज और गौस ने अपने खून से सने हथियारों को लहराते हुए और इस जघन्य कृत्य के बारे में चिल्लाते हुए एक डरावना वीडियो बनाया था। इस वीडियो में उन्होंने इस्लामी नारे “गुस्ताख-ए-नबी की एक ही सजा, सर तन से जुदा” नारा लगाते हुए दावा किया था कि उन्होंने इस्लाम के लिए कन्हैया लाल को मार डाला है।

कन्हैया लाल की हत्या के बाद अजमेर दरगाह के कुछ संरक्षकों (चिश्तियों) ने उनकी हत्या करने का समर्थन करते हुए उसका स्वागत भी किया था। इस हत्याकांड में शामिल इस्लामिक आतंकियों के क्रूर कृत्य के बाद भी कई मीडिया संस्थानों ने इस मुद्दे को दबाने की कोशिश की। यहाँ तक ​​कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इस जघन्य अपराध को सिर्फ एक हत्या के रूप में दर्शाने की कोशिश की थी।

‘राम को समुद्र में धकेल कर सीता के साथ जाना चाहते थे लक्ष्मण’: जिस राज्य में राहुल गाँधी ने 18 दिन की यात्रा, वहाँ के कॉन्ग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने हिन्दू धर्म का किया अपमान

कॉन्‍ग्रेस के नेता हिंदू देवी देवताओं का उपहास उड़ाने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं। इसी कड़ी में एक नया नाम के सुधाकरन का जुड़ गया है। वैसे तो केरल प्रदेश कॉन्‍ग्रेस समिति के अध्यक्ष सुधाकरन अक्‍सर अपने अजीबोगरीब बयानों के लिए सुर्खियों में रहते हैं, लेकिन इस बार तो उन्होंने भगवान श्रीराम का अपमान किया है। उन्होंने एक अखबार को दिए साक्षात्कार में न सिर्फ भगवान राम, माँ सीता और लक्ष्‍मण का अपमान किया, बल्कि रामायण में वर्णित तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया।

दरअसल, उन्‍होंने ‘द न्‍यू इंडियन एक्‍सप्रेस’ अखबार को एक साक्षात्कार (16 अक्टूबर, 2022) को दिया था। एक सवाल में उनसे पूछा गया था कि दक्षिण केरल और मालाबार के नेता कैसे अलग हैं।

उन्‍होंने कहा, “हाँ ऐतिहासिक रूप से अंतर है। मैं आपको एक कहानी सुनाता हूँ। भगवान राम रावण का वध करने के बाद अपनी पत्नी सीता और भाई लक्ष्‍मण के साथ पुष्‍पक विमान से आ रहे थे। जब विमान केरल के दक्षिणी क्षेत्र से गुजर रहा था, लक्ष्मण के मन में राम को समुद्र में धकेलने और सीता के साथ जाने का विचार आया। लेकिन जैसे ही वह थिरुसुर पहुँचे, उनका विचार बदल गया। इस पर भगवान राम ने उनके कंधे पर थपथपाते हुए कहा था कि उन्होंने लक्ष्मण के मन को पढ़ लिया था और यह उनकी (लक्ष्मण) नहीं, बल्कि उस भूमि (दक्षिणी केरल) की गलती थी।”

उनके बयान की व्‍यापक रूप से आलोचना हुई और अंत में उन्हें अपना बयान वापस लेना पड़ा। ‘अमर उजाला’ की रिपोर्ट के अनुसार, सुधाकरन ने बयान वापस लेते हुए कहा कि यह मालाबार क्षेत्र में एक प्रचलित कहानी है, जिसे सुनकर वह बड़े हुए हैं। उन्होंने कहा, “मैंने जो कहानी सुनी थी, उसी को सुनाया था। मेरा मकसद किसी को ठेस पहुँचाना नहीं था।”

वहीं भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने आज (18 अक्‍टूबर, 2022) कॉन्‍ग्रेस के हिंदू विरोधी मानसिकता पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा, “एक राज्य (केरल) जहाँ से कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी सांसद है और अपनी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के लिए अधिकतम समय (18 दिन) बिताया है, वहाँ के प्रदेश अध्यक्ष ने भगवान राम, माँ सीता और लक्ष्‍मण का अपमान किया है। ये किस तरह के हिन्दुओं से नफरत करने वाले लोग कॉन्‍ग्रेस के शीर्ष पदों पर बैठे हैं, या यही उनकी योग्यता है।”

अपने इसी इंटरव्‍यू में सुधाकरण ने कॉन्ग्रेस अध्‍यक्ष पद के कैंडिडेट शशि थरूर को एक ट्रेनी बताया था और कहा था कि वह कॉन्‍ग्रेस की अगुवाई नहीं कर सकते।

‘अस्पताल तक किया गया पीछा, 1 साल पहले भी मुस्लिम भीड़ ने हिन्दुओं पर किया था हमला’: कौन है डॉक्टर सिद्दीकी, जिस पर नितेश के परिजनों ने उठाई उँगली

दिल्ली के शादीपुर इलाके में हुई नितेश चौधरी की हत्या के बाद उनकी माँ द्वारा पुलिस कार्रवाई पर असंतोष जताने की जानकारी हम पहली रिपोर्ट में आपको बता चुके हैं। हमने बताया कि कैसे पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस और पैरामिलिट्री को तैनात किया गया है। इसी क्रम में हमने आगे मृतक के अन्य परिजनों से बात की। इस दौरान हमें बताया गया कि बुरी तरह से घायल करने के बाद भी नितेश का पीछा अस्पताल तक किया गया।

साथ ही हमें यह भी बताया गया कि कैसे दिल्ली की लचर स्वास्थ्य सेवाओं के चलते घायल नितेश का इलाज 12 घंटे बाद शुरू हो पाया।

घायल नितेश को कई घंटों तक नहीं मिला इलाज

नितेश की भाभी प्रवीन चौधरी ने ऑपइंडिया से बात करते हुए कहा कि हमले के लगभग 12 घंटे बाद नितेश का इलाज शुरू हो पाया। उन्होंने हमें बताया कि हमारा परिवार कभी यहाँ के लोकल राम मनोहर लोहिया अस्पताल तो कभी सफदरजंग अस्पताल के चक्कर लगाता रहा। रोते हुए उन्होंने कहा कि तब तक काफी खून गिर चुका था और अगर समय से इलाज शुरू होता तो शायद नितेश आज जीवित होता। नितेश की भाभी ने कहा कि हम नितेश को एम्स में भी भर्ती करवाना चाह रहे थे, लेकिन वहाँ से भी हमें लौटा दिया गया।

पीड़ित परिजनों के मुताबिक, इस दौरान एम्बुलेंस और इलाज का ख़र्च खुद उन्होंने ही उठाया।

इलाज के दौरान नितेश के साथ नहीं थे पुलिसकर्मी

नितेश की भाभी ने हमें बताया कि घायल नितेश को स्थानीय राम मनोहर लोहिया अस्पताल में हमारे हवाले कर के थाने के पुलिसकर्मी चले गए थे। उनके मुताबिक, इसके बाद घंटों तक वो नितेश को ले कर दिल्ली के तमाम अस्पतालों के चक्कर कई घंटों तक लगाते रहे, लेकिन उनके साथ कोई पुलिसकर्मी नहीं था। प्रवीन चौधरी के मुताबिक, इस बीच उनके साथ कुछ भी हो सकता था।

नितेश की भाभी प्रवीन

अस्पताल में भी हुआ घायल नितेश का पीछा

नितेश की भाभी के मुताबिक, इलाज़ के दौरान आरोपितों के साथियों ने उनके परिवार का अस्पताल तक पीछा किया। उनकी मानें तो नितेश के बेड के बगल में उन्होंने 2-3 संदिग्धों को मरीज के रूप में लेटे देखा तो उन्हें शक हुआ। उनके मुताबिक, संदिग्धों द्वारा वीडियो बनाया जा रहा था जिस पर उनसे पूछताछ की गई तो वो भाग निकले। प्रवीन चौधरी के अनुसार, भागने के दौरान आरोपित अपना फोन छोड़ कर गए हैं जिसमें इलाज करवाते नितेश की वीडियो बनी मिली।

आरोपितों को बेहद शातिर बताते हुए उन्होंने कहा कि तब से अब तक एक भी फोन उस नंबर पर नहीं आया है, जबकि फोन ऑन है। फिलहाल वो फोन पुलिस के कब्ज़े में बताया जा रहा है।

पहले ही हुआ था हमला और पथराव

1 साल पहले की घटना का जिक्र करते हुए नितेश के चाचा नरेश सिंह ने ऑपइंडिया से बताया कि तब साइड लेने के बहाने ऐसे ही भीड़ ने हिन्दुओं पर हमला किया था। उन्होंने बताया कि तब हमले की जगह रंजीत नगर की ही शिव चौक थी। उन्होंने कहा कि तब हिन्दुओं पर हाथों में हथियार लिए लगभग 150 मुस्लिमों की भीड़ ने पत्थरबाजी भी की थी। भीड़ नरेश सिंह ने भीड़ को रंजीत नगर की खत्ते के पास मस्जिद वाले मोहल्ले से निकलती हुई बताया।

नितेश के चाचा नरेश

हमलावरों में युवा, वृद्ध और बच्चे सभी

मृतक के चाचा नरेश ने हमें मस्जिद के बगल वाले मोहल्ले का जिक्र करते हुए बताया कि हिंसा के दौरान उसी क्षेत्र में भीड़ निकला करती है। उन्होंने बताया कि हमलावर भीड़ में बूढ़े, बच्चे और युवा सभी होते हैं, जिसमें 20 से 25 वर्ष के बीच वालों की संख्या सबसे ज्यादा होती है। नरेश सिंह के मुताबिक, पुलिस घटना की लीपापोती करना चाहती है और असली फुटेज दिखाने से बच रही है।

नितेश के चचेरे भाई दीपक ने ऑपइंडिया से बात करते हुए दिल्ली पुलिस द्वारा घटना में कम्युनल एंगल न होने के जवाब पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पुलिस से अपने भाई पर हुए हमले में शामिल हिन्दुओं के नाम पूछे हैं। पुलिस के जवाब को उन्होंने आरोपितों से साठ-गाँठ वाला बताते हुए कार्रवाई पर भी असंतोष जताया। इसी दौरान मृतक के चाचा नरेश ने भी पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उस क्षेत्र की पुलिस केवल गरीबों और कमजोरों का चालान करती है। उन्होंने कहा कि रात भर बाइकों से फर्राटे भरने वाले मुस्लिम समाज के लोगों को वहाँ ट्रैफिक पुलिस वाले रोकने से भी डरते हैं।

नितेश के चचेरे भाई दीपक

दावा – डॉक्टर सिद्दीकी हो सकता है मास्टरमाइंड

मृतक नितेश के चचेरे भाई दीपक ने रंजीत नगर के डॉक्टर सिद्दीकी पर हमले के मास्टरमाइंड होने का शक जताया। उन्होंने कहा कि सिद्दीकी केवल नाम का डॉक्टर है बाकी उसके पास बाहर से अथाह पैसा आता है। दीपक के मुताबिक उन्हें कहीं से जानकारी मिली है कि डॉ सिद्दीकी ने ही आरोपितों की पैरवी पुलिस से की है और उसके बाद पुलिस हमारे ही मृत भाई के खिलाफ उल्टे-सीधे बयान देने लगी है। दीपक के मुताबिक, सिद्दीकी की जाँच हो तो उसके रिश्ते PFI जैसी संगठनों से निकल सकते हैं।

पंजाब छोड़ जम्मू कश्मीर में ‘लोकतंत्र बचाने’ पहुँचे अकाली MP, गूँजा ‘खालिस्तान ज़िंदाबाद’ का नारा: बोले सांसद – भारत बन गया है हिन्दू राष्ट्र, J&K में सेना का शासन

अपने बयानों को लेकर विवादों में रहने वाले शिरोमणि अकाली दल (ए) के अध्यक्ष और पंजाब के संगरूर से सांसद सिमरनजीत सिंह मान ने समर्थकों सहित जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के लखनपुर में डेरा डाल रखा है। सिमरनजीत किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपने समर्थकों सहित जा रहे थे। लेकिन, इससे पहले ही उन्हें लखनपुर के पास उनके काफिले को रोका गया है। लखनपुर, जम्मू-कश्मीर और पंजाब बॉर्डर के पास स्थित है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिमरनजीत सिंह मान सोमवार (17 अक्टूबर 2022) को अपने समर्थकों के साथ जा रहे थे। इस दौरान, भारी संख्या में तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें पंजाब की सीमा से लगे जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर में यह कहते हुए रोक दिया है कि उनके राज्य में पहुँचने से घाटी में कानून व्यवस्था खराब हो सकती है।

दरअसल, सिमरनजीत सिंह मान को कठुआ के जिलाधिकारी राहुल पांडे के आदेश पर जम्मू कश्मीर में प्रवेश करने से पहले ही रोक दिया गया था। इसके बाद मान व उनके समर्थकों ने प्रदर्शन किया। पांडे ने धारा आदेश जारी करते हुए कहा था कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) द्वारा उनके संज्ञान में लाया गया कि मान जम्मू-कश्मीर आने वाले हैं और उनकी यात्रा से ‘शांति भंग’ होने की आशंका है। इसलिए उन्होंने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए मान के कठुआ क्षेत्र में प्रवेश करने पर रोक लगा दी थी।

जम्मू कश्मीर में प्रवेश से रोकने पर सिमरनजीत सिंह ने कहा, “मैं एक सिख हूँ इसलिए भाजपा और आरएसएस मुझे जम्मू-कश्मीर में आने नहीं दे रहे। जम्मू-कश्मीर में कोई विधानसभा नहीं है, वहाँ सेना का शासन है। कोई लोकतंत्र नहीं है। मैं कश्मीर के लोगों से मिलने आया था, मैं खुद देखना चाहता था कि वहाँ क्या हो रहा है। मैं जमीनी स्थिति को दुनिया के सामने लाना चाहता था।”

उन्होंने यह भी कहा है कि क्या जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं है? 2019 से जम्मू-कश्मीर के लोगों को परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा लगता है कि भारत हिंदू राष्ट्र बन गया है।

इस दौरान, कठुआ के लखनपुर में डेरा डाले हुए खालिस्तानी समर्थक सिमरजीत सिंह के समर्थकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाने के अलावा ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए हैं। जिसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। बता दें कि खालिस्तान समर्थक सिमरनजीत सिंह मान खालिस्तान को लेकर अपना नारा बुलंद करते रहे हैं। सिमरनजीत अकाल तख्त की माँग से लेकर अलग खालिस्तान देश बसाने तक की माँग कर चुके हैं। साल 2020 में उन्होंने ऑपरेशन ब्लू स्टार की 36वीं वर्षगाँठ पर कहा था कि सभी सिख खालिस्तान चाहते हैं।

इसके अलावा, वह महान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह को आतंकवादी भी बता चुके हैं। यही नहीं, इस साल पंजाब में लोकसभा के उपचुनाव में अपनी जीत के बाद उन्होंने ऑपरेशन ब्लू स्टार में मारे गए खालिस्तानी आतंकी जनरैल सिंह भिंडरावाले का महिमामंडन किया था। सिमरनजीत सिंह ने 15 अगस्त पर तिरंगे का बहिष्कार कर सिख झंडे निशान साहिब को फहराने की वकालत भी कर चुके हैं।

3 कुत्तों ने मिल कर 1 साल के बच्चे को मार डाला, पेट में से बाहर निकाल ली आँत: नोएडा की सोसाइटी के लोगों का सवाल – बच्चों को घर से बाहर कैसे भेजें?

उत्तर प्रदेश में कुत्ते के हमले के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। सोमवार (17 अक्टूबर 2022) को नोएडा में एक साल के बच्चे पर तीन आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया। बच्चे को घायल अवस्था में इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टर उसे बचा नहीं पाए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बच्चा एक मजदूर का था, जो नोएडा के लोटस बुलेवर्ड हाउसिंग सोसायटी में काम करता है। माँ अपने बच्चे को सुलाकर काम करने जा रही थी। तभी तीन आवारा कुत्तों ने उस पर हमला बोल दिया। उन्होंने मासूम बच्चे की आँत नोच डाली। इसके बाद अस्पताल में बच्चे की सर्जरी की गई, लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाई।

मंगलवार (18 अक्टूबर, 2022) को नोएडा के यथार्थ अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद से सोशल मीडिया पर लोगों में काफी आक्रोश है। वहीं, सोसायटी में कुत्तों के घूमने और प्रशासन के ठोस कदम न उठाने को लेकर लोगों ने रोष जताया है। उन्होंने कहा कि हम जानना चाहते हैं कि कुत्तों के हमले के लिए जिम्मेदार कौन है? कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बच्चे की उम्र सात महीने बताई जा रही है।

पत्रकार रूबिका लियाकत गौतम बुद्ध नगर के डीएम को टैग करते हुए लिखती हैं, “कई मैसेज आ चुके हैं। कुत्तों के काटने कि खबरें मायूस कर रही हैं। एक मासूम की आँत नोच डाली आवारा कुत्ते ने। सोसायटी में बच्चों का निकलना दूभर है। डॉग लवर मैं भी हूँ, लेकिन उस जमात से नहीं जो बच्चों की सुरक्षा पर तो आँख मूँद ले और कुत्तों के हक़ के लिए सड़कों पर आ जाए।”

एक अन्य पत्रकार ने भी इस घटना पर रोष व्यक्त करते हुए इसका वीडियो शेयर किया। वीडियो में स्थानीय लोगों को हाल ही में कुत्तों के हमलों को लेकर अपना डर व्यक्त करते हुए देखा जा सकता है। इस दौरान एक चिंतित पिता को यह कहते हुए सुना गया, “आज एक बच्चे की मौत हुई है। कल को यही मेरे बच्चे के साथ भी हो सकता है। मुझे डर है कि मैं उसे घर से बाहर नहीं भेज पाऊँगा।”

बता दें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से 3 सितंबर 2022 को पालतू कुत्तों के हमले के दो मामले सामने आए थे। पहला मामला पार्क का था, जहाँ घुमाने के लिए लाई लड़की के हाथ से छूटकर पालतू कुत्ते ने वहाँ खेल रहे बच्चे को काट लिया था। कुत्ते के इस हमले में 10 साल का मासूम बच्चा घायल हो गया था। उसके शरीर पर 150 टाँके लगे थे। दूसरा मामला गाजियाबाद की एक सोसायटी का है। सोसायटी की लिफ्ट में पालतू कुत्ते ने एक बच्चे को काट लिया था।

राहुल गाँधी को श्रीराम से भी ‘बड़ा’ दिखाने की होड़: कॉन्ग्रेसी मंत्री ने कहा – भगवान भी इतना पैदल नहीं चले: BJP ने याद दिलाया – कॉन्ग्रेस ने नकारा था अस्तित्व

राजस्थान सरकार में स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। परसादी लाल मीणा ने कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी की तुलना भगवान श्रीराम से की है। उन्होंने कहा है कि भगवान राम अयोध्या से लंका तक पैदल गए थे। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ कर रहे राहुल गाँधी कन्याकुमारी से कश्मीर तक पैदल जाएँगे, ऐसे में वह भगवान राम से भी अधिक पैदल चलेंगे। मीणा के इस बयान पर भाजपा ने कहा है कि राहुल की भगवान राम से तुलना करना गलत है, जनता सब देख रही है।

दरअसल, राजस्थान की गहलोत सरकार में मंत्री परसादी लाल मीणा सोमवार (17 अक्टूबर, 2022) को दौसा जिले के लालसोट कस्बे के बगड़ी गाँव में CHC भवन समेत कई अन्य योजनाओं का शिलान्यास करने पहुँचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा है राहुल गाँधी 3500 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रहे हैं और वह भगवान राम से अधिक पैदल चल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि त्रेता युग में वनवास के समय भगवान राम ने भी इतनी लंबी यात्रा नहीं की थी। बकौल कॉन्ग्रेसी मंत्री, भगवान राम अयोध्या से श्रीलंका तक पैदल गए थे और उससे भी ज्यादा राहुल गाँधी की यह ऐतिहासिक पदयात्रा जो कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक जाएगी। उन्होंने कहा कि देश में जैसा माहौल है, सांप्रदायिकता का वातावरण बन गया है, उसमें राहुल गाँधी देश जोड़ने का काम करने वाले हैं। साथ ही बयान दिया कि इतनी लंबी पदयात्रा न कभी निकली और न आगे कोई निकाल पाएगा।

परसादी लाल मीणा के इस बयान को लेकर राजस्थान भाजपा के प्रवक्ता और विधायक रामलाल शर्मा ने कहा है कि कॉन्ग्रेस को चापलूसी एक हद तक करनी चाहिए और देखना चाहिए कि किसकी और कितनी चापलूसी करनी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भगवान राम की यात्रा से राहुल गाँधी की यात्रा की तुलना करना गलत है। साथ ही याद दिलाया कि भगवान राम और रामसेतु के अस्तित्व को नकारने वाली और सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देने वाली कॉन्ग्रेस अब भगवान राम से राहुल गाँधी की तुलना कर रही है।

उन्होंने कहा, “यह अत्यंत निंदनीय है। इस तरह नेताओं की चापलूसी करेंगे तो जनता सब देख रही है। आने वाले समय में जनता इंसाफ करेगी।”

बता दें, इससे पहले 30 सितंबर 2022 को भी परसादी लाल मीणा की जुबान फिसल गई थी। दरअसल, राजस्थान में गहलोत गुट और पायलट गुट के विधायक एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे। इस दौरान मीणा ने सोनिया गाँधी का गुणगान हुए कहा था कि राहुल गाँधी ने अपने ‘प्राण न्यौछावर’ कर दिए, लेकिन आतंकियों के सामने घुटने नहीं टेके।

मोहम्मद अम्मार ने बीवी को दोस्त के साथ सेक्स करने कहा, नहीं मानी तो पीटा, किया अप्राकृतिक यौनाचार: पीड़िता ने बताया – लड़कों के साथ सेक्स करता है शौहर

राजस्‍थान के बीकानेर से होटल मैनेजर मोहम्‍मद अम्‍मार नामक व्यक्ति की हैवानियत की खबर सामने आई है। अम्‍मार ने अपनी बेगम पर ‘वाइफ स्‍वैपिंग गेम (पत्नियों की अदला-बदली)’ में हिस्‍सा लेने के लिए दबाव बनाया और उसके दोस्‍तों के साथ फीजिकल रिलेशन बनाने के लिए कहा। मना करने पर अम्‍मार ने बीवी की पिटाई की और उसके साथ जबरन अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए।

नवभारत टाइम्‍स की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता (21) भोपाल के कोहेफिजा थाना क्षेत्र की रहने वाली है। सोमवार (17 अक्टूबर, 2022) की रात उसने शिकायत दर्ज करवाई है। आरोपित मोहम्मद अम्मार बीकानेर के एक फाइव स्टार होटल में काम करता है। वह वहाँ मैनेजर है। महिला उसके साथ बीकानेर में रहती थी। पैसों की माँग को लेकर वो हमेशा महिला के साथ अप्राकृतिक संबंध बनाता था। साथ ही कहता था कि अगर माँग पूरी नहीं हुई तो ऐसे ही प्रताड़ित करता रहेगा।

फर्स्टपोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि अम्‍मार उसे कुछ महीने पहले एक होटल में ले गया जहाँ उसने उसे ‘वाइफ स्‍वैपिंग (पत्नी की अदला-बदली) गेम’ के बारे में बताया। लेकिन जब उसने भाग लेने से इनकार किया तो आरोपित ने उसके साथ मारपीट की।

पीड़िता ने अपने बयान में कहा, “उसने मुझे होटल के कमरे में बंद कर दिया और मेरा फोन छीन लिया। दो दिन बीकानेर में रहने के बाद वह नशे में धुत हो गया। शराब पीना, ड्रग्स लेना,अलग-अलग लड़कियों के साथ शारीरिक संबंध बनाना और यहाँ तक ​​कि लड़कों के साथ सेक्स करना भी उसके लिए सामान्य बात थी।”

महिला ने कहा, “जब मैंने इस घिनौने खेल में हिस्सा बनने से इनकार कर दिया,उसने मेरे साथ मारपीट की, मुझे असभ्य कहा, और मेरे साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए।” पुलिस शिकायत के अनुसार, उसने यह भी बताया कि उसकी माँ और उसकी भाभी दोनों ने उसके पति के साथ 50 लाख रुपये दहेज की माँग की। उसके ससुराल वालों ने उसकी शिकायतों पर कभी ध्यान नहीं दिया और उसपर गँवार होने का आरोप लगाया।

दैनिक भास्कर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, भोपाल की महिला थाना इंचार्ज अंजना धुर्वे ने बताया कि मानसिक प्रताड़ना के चलते महिला करीब दो महीने पहले भोपाल आ गई थी। महिला की माँ उस समय सऊदी अरब गई हुई थी। माँ लौटी तो महिला ने पूरी बात बताई। इसके बाद मुकदमा दर्ज कराया गया। मामला दर्ज होने के बाद से उसका पति फरार है।