Home Blog Page 2333

दिल्ली के मेडिकल कॉलेज में दारू पीकर श्रीकृष्ण से मिलने आए सुदामा, बज रहा था- अरे द्वारपालों… Video वायरल होने के बाद माँगी माफी

दिल्ली के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने मंच प्रस्तुति के दौरान श्रीकृष्ण से मिलने आए सुदामा को दारू के नशे में दिखाए जाने पर माफी माँगी है। इस कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद नेटिजन्स नाराजगी जताई थी।

यह वीडियो मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में 27 सितंबर 2022 को आयोजित कार्यक्रम का था। कार्यक्रम में छात्रों ने अपनी प्रस्तुति के दौरान भगवान कृष्ण और सुदामा के मिलने का दृश्य दिखाया। इस दौरान सुदामा को शराब के नशे में दिखाया गया।

इस दृश्य को देख वहाँ मौजूद लोग ठहाके भी लगा रहे थे। इनमें कॉलेज के छात्र और डॉक्टर दोनों थे। इस प्रस्तुति के दौरान प्रसिद्ध गाना ‘अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो’ भी बज रहा था। इस वीडियो के वायरल होने के बाद विवाद पैदा हो गया है। विवाद बढ़ने पर एसोसिएशन ने छात्रों की हरकत पर माफी माँगी है।

वायरल वीडियो में स्टेज पर करीब आधा दर्जन लड़कियों को ‘अरे द्वारपालों’ पर नृत्य करते देखा जा सकता है। इसी बीच एक लड़का सुदामा बनकर आता है। वह नशे में होने की एक्टिंग करता है। लड़खड़ाते हुए दिख रहा है।

मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने 11 अक्टूबर 2022 को इसके लिए माफी माँगी। इसमें कहा गया है कि यह वीडियो 4 दिवसीय वार्षिकोत्सव का है। यह कार्यक्रम कॉमेडी के मकसद से पेश किया गया था। लेकिन कॉलेज प्रशासन ने भी इसे अशोभनीय पाया है। प्रशासन ने इस वीडियो में अभिनय करने वाले छात्रों को आगे से किसी भी कार्यक्रम के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है।

माफीनामे के मुताबिक यह रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन और आजाद मेडिको एसोसिएशन का साझा कार्यक्रम था। यह पत्र रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अविरल माथुर सहित अन्य पदाधिकारियों की तरफ से जारी किया गया है।

श्रीकृष्ण से छुटकारा, PM मोदी नीच, मंदिर शोषण का अड्डा: गुजरात के AAP अध्यक्ष घोर हिंदूविरोधी, जानें केजरीवाल क्यों एक्शन नहीं ले पाते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘नीच‘ कहने वाले गुजरात में आम आदमी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष के हिंदू विरोधी होने के कई प्रमाण अब तक सामने आ चुके हैं। पहले उन्होंने एक वीडियो में कहा था कि भगवान श्रीकृष्ण से छुटकारा दिलाने के लिए अरविंद केजरीवाल ‘अर्जुन’ बनकर आए हैं और अब उनकी एक पुरानी वीडियो वायरल हो रही है। इसमें वह मंदिरों को महिलाओं के शोषण का अड्डा बता रहे हैं।

इस पुरानी वीडियो में वो महिला आरक्षण एवं भारतीय समाज नामक किताब कैमरे पर दिखा रहे हैं, जिसके लेखक हरिमोहन धवन और अरुण कुमार हैं। किताब को मुश्किल से किसी प्लेटफॉर्म पर अच्छी रेटिंग मिली है। बावजूद इसके इटालिया इसे दिखाते हुए कहते हैं कि लड़कियों, महिलाओं और बेटियों को मंदिर या कथावाचनों में जाने से बचना चाहिए क्योंकि वहाँ केवल शोषण होता है।

अब इटालिया की ऐसी वीडियोज देख सवाल उठना जाहिर है कि आखिर उनके भीतर इतनी हिंदू घृणा आई कैसे? तो इसका जवाब देने के लिए एक ट्विटर यूजर विजय पटेल ने इटालिया पर और उनकी किस-किस से साँठ-गाँठ है, इस पर एक पूरा थ्रेड शेयर किया है। इसमें उन्होंने बता रखा है कि कैसे इटालिया के तार घोर वामपंथियों से पहले से जुड़े हैं जो न केवल गुजरात दंगों के नाम पर राजनीति करते हैं बल्कि भारत तोड़ो शीर्षक से कार्यक्रम भी कराते हैं।

2018 में ‘भारत तोड़ो’ कार्यक्रम का हिस्सा थे गोपाल इटालिया

विजय पटेल के थ्रेड में प्रमाणों के साथ बताया गया कि साल 2018 में हिंदू विरोधी शबनम अंसारी और उनकी विदेशी फंडों पर चलने वाली एनजीओ ने एक कार्यक्रम रखा था। कार्यक्रम का नाम था- भारत तोड़ो (Dismantling India)। इस आयोजन में जो शामिल हुए उसमें तमाम वामपंथियों के साथ अहमदाबाद के गोपाल इटालिया और ऑल्ट न्यूज की निर्झरी सिन्हा थीं।

इस कार्यक्रम पर जो रिपोर्ट तैयार हुई उसमें हर्ष मंदर, वामपंथी कविता कृष्णन जैसे तमाम लोगों के नाम लिस्ट में देखे जा सकते हैं। वहीं इस कार्यक्रम को आयोजित करने वाली शबनम हाशमी खुद अनहाद नामक ऐसी एनजीओ की संस्थापक हैं जिसे पूर्व में न जाने कितनी ईसाई NGO से पैसा आ चुका है। उनकी एनजीओ ने मेधा पाटेकर और तीस्ता सीतलवाड़ जैसे लोगों के साथ भी काम किया है।

फोर्ड फाउंडेशन से गोपाल इटालिया और AAP का कनेक्शन

देखा जा सकता है कि शबनम हमेशा मोदी सरकार विरोधी प्रदर्शनों में जमकर हिस्सा लेती रहीं। फिर वो चाहे सीएए के खिलाफ प्रोटेस्ट हों या फिर दिल्ली की सीमाओं को ब्लॉक करने वाले किसान प्रदर्शन।

इन्हीं सबमें शबनम का जिस शख्स ने बढ़-चढ़कर साथ दिया वो गुजरात में इस समय आप के अध्यक्ष गोपाल इटालिया हैं। 2018 में शबनम जब गुजरात दंगों को लेकर आयोजित कार्यक्रम के बारे में इंटरव्यू में अपना सारा प्लॉन बता रही थीं तो गोपाल उनके बगल में खड़े थे। इसके अलावा वहाँ गगन सेठी नामक शख्स भी था जो फोर्ड फाउंडेशन से जुड़ा है और खुद विदेशी फंड पर चलने वाली जनविकास एनजीओ का संस्थापक हैं।

अब ये कोई संयोग तो नहीं हो सकता है कि गोपाल इटालिया के संबंध पहले इन लोगों से होते हैं, फिर वह आप से जुड़ते हैं और आप को भी फोर्ड फाउंडेशन की ओर से फंड मिलने लगता है, उन्हें अवार्ड दिए जाने लगते हैं। वहीं इतनी हिंदू विरोधी बातें करने के बाद भी उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं होती।

विजय पटेल इन सब बिंदुओं पर गौर करवाकर बस यही सवाल पूछते हैं कि सोचिए अगर आम आदमी पार्टी सरकार में आएगी तो सरकार को कौन चलाएगा। क्या उसे आम आदमी पार्टी चलाएगी या उसमें शबनम हाशमी का हाथ भी होगा, जो भारत तोड़ने जैसे शीर्षक के साथ कार्यक्रम कराती हैं, मेधा पाटेकर होंगी, तीस्ता सीतलवाड़ होंगीं या हर्ष मंदर व अन्य वामपंथी होंगे जिन्होंने आजतक सिर्फ गुजरात के विकास परियोजना कार्यों में रोड़ा बनने का काम किया है।

‘भाजप ही भाजप, मोदी ही मोदी’: गुजराती वोटर का मजेदार Video वायरल, कैमरे पर साफ कहा- ‘केजरीवाल, कॉन्ग्रेस को वोट नहीं देंगे’

गुजरात में चुनावों से पहले सोशल मीडिया पर न्यूज 24 की एक वीडियो तेजी से वायरल हो रही है। इस वीडियो क्लिप में द्वारका में रहने वाले एक शख्स बता रहे हैं कि चाहे आसमान भी गिर जाए तो वह सिर्फ बीजेपी और मोदी को ही वोट देंगे।

इस वीडियो को ट्विटर यूजर विजय गजेरा ने शेयर किया है। वीडियो में हरिदास अहीर मुलायम सिंह यादव के रूप में अपनी पहचान बताने वाला गुजराती व्यक्ति गुजरात में मतदाताओं के मूड को खुलकर स्पष्ट बताते हुए नजर आ रहे हैं।

वह बता रहे हैं कि कैसे वह हमेशा टीवी देखते हैं और उनकी आँखें भी टीवी देखते-देखते लाल हो गई हैं। जब एंकर उनसे पूछता है कि ‘माहौल’ क्या है, तो वह तुरंत ही बीजेपी के पक्ष में बोलते हुए ‘कमल’ कहते हैं।

इसके बाद, जब टीवी एंकर ने आगे पूछा कि उन्होंने टीवी शो से क्या निष्कर्ष निकाला है, तो हरिदास अहीर मुलायम सिंह यादव कहते हैं, “आप पूछते रहते हैं कि ‘माहौल’ क्या है, हमारा ‘माहौल’ सरल है, ‘भाजप, नरेंद्र मोदी, मोदी’।”

वीडियो में यह देखा जा सकता है कि जब एंकर अन्य पार्टियों के बारे में पूछता है तो वह कहते हैं, “वे आते हैं और चले जाते हैं.. अरविंद आता है, पूछता है और चला जाता है। हम अरविंद को वोट नहीं देना चाहते।”

यह पूछे जाने पर कि क्या वह मुलायम सिंह यादव की पार्टी को वोट देंगे, अगर वह गुजरात में चुनाव लड़ रही है, तो हरिदास कहते हैं, “नहीं, उन्हें वोट नहीं देना चाहते। बीजेपी के अलावा कोई नहीं। बीजेपी को ही वोट देंगे, किसी और को नहीं। जब उनसे पूछा गया कि ऐसा क्यों है, तो उन्होंने कहा, “भाजप ही भाजप, मोदी ही मोदी।”

इसके बाद वह कुछ सेकंड के लिए चुप हो जाते हैं जैसे कि इसके आगे कहने के लिए और कुछ और है ही नहीं। वहीं पत्रकार भी उनका मस्तमौला अंदाज देख खुश होते हैं। कॉन्ग्रेस के बारे में पूछे जाने पर हरिदास ने बड़े ही खुले शब्दों में कहा, ”नहीं, नहीं, मैं उन्हें वोट भी नहीं दूँगा, मेरा मूड नहीं है।”

फिर वह अपने कान में पहने हुए सोने की बाली जिसे ‘कोडिया’ कहते हैं के बारे में बात करते हैं और फिर दोहराते हैं, “भाजप ही भाजप, मोदी ही मोदी।”

गौरतलब है कि इस साल के अंत में गुजरात में चुनाव होने हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि अब से कुछ हफ्तों बाद गुजरात चुनाव के लिए अधिसूचना भी जारी हो सकती है। बता दें, गुजरात में साल 1998 से अब तक लगातार भाजपा की ही सरकार है। गुजरात में एक पूरी पीढ़ी अब केवल भाजपा शासित राज्य में पली-बढ़ी है। जहाँ एक ओर गुजरात में कॉन्ग्रेस लगातार संघर्ष कर रही है। वहीं, अन्य राजनीतिक दल भी सियासी जमीन बनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं।

फेसबुक वाली META कंपनी ‘आतंकी संगठनों’ की लिस्ट में शामिल: रूस सरकार ने लिया फैसला

रूस की सरकार ने Meta कंपनी (फेसबुक की मूल कंपनी) को ‘आतंकवादियों और चरमपंथियों’ की लिस्ट में शामिल किया है। फेडरल सर्विस फॉर फाइनेंशियल मॉनिटरिंग के एक डेटाबेस के मुताबिक, रूस ने मंगलवार को अमेरिकी कंपनी मेटा (Meta) को आतंकवादियों और चरमपंथियों की सूची में डाला।

सरकार का यह निर्णय मॉस्को कोर्ट द्वारा मार्च में आए फैसला के बाद लिया गया, जिसमें कोर्ट ने माना था कि मेटा ने रूस में चरमपंथी गतिविधियों को अंजाम दिया। मार्च महीने में मॉस्को की अदालत में मेटा के दोषी पाए जाने के बाद जून में मेटा की अपील खारिज हुई थी। उस समय मेटा ने कहा था कि वह चरमपंथी गतिविधियों में शामिल नहीं हैं। हालाँकि रूसी अधिकारियों ने मेटा के ऊपर रूस के सैन्य अभियान के दौरान रूसोफोबिया का आरोप लगाया था।

उल्लेखनीय है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सएप जैसे सभी सोशल मीडिया मेटा कंपनी के हैं। इनमें फेसबुक और इंस्टाग्राम के तो विश्व भर में यूजर्स हैं। इसके बावजूद मेटा की गतिविधियाँ देखते हुए रूस ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया था लेकिन साथ में कहा था कि ये निर्देश व्हॉट्सएप पर लागू नहीं होता।

इसी प्रकार इंस्टाग्राम भी रूस में तब ब्लॉक हुआ था जब उसने यूक्रेन के यूजर्स को अनुमति दी थी कि वो रूस की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ उनके प्लैटफॉर्म पर आवाज उठा सकता है। इन सबके अलावा मार्च में रॉयटर्स को एक मेल भी प्राप्त हुआ था जिससे पता चला था कि मेटा ने अपने प्लेफॉर्म पर उन पोस्ट को चलाने की अनुमति दी जिनमें लोग राष्ट्रपति पुतिन को हत्या की धमकियाँ दे रहे थे।

अलौकिक, असाधारण, अविश्वसनीय: उज्जैन में PM मोदी ने किया महाकाल लोक का अनावरण, धागे से बने शिवलिंग के दर्शन पाकर प्रसन्न हुए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (11 अक्टूबर 2022) उज्जैन में श्री महाकाल लोक का अनावरण किया। इस दौरान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उनके साथ रहे। सामने आई वीडियो से धागे से बने विशाल शिवलिंग के भव्य दर्शन किए जा सकते हैं। पीछे पंडित मंत्रों का पाठ कर रहे हैं।

बता दें कि पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम में शामिल होने से पहले श्री महाकालेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना की थी। शाम के समय चूँकि जलाभिषेक नहीं होता इसलिए पीएम सिर्फ पूजा करके और महाकाल का आशीर्वाद लेकर आगे बढ़े। वीडियो में उन्हें विधि-विधान से पूजा-पाठ करते देखा जा सकता है।

पीएम मोदी ने कॉरिडोर का अनावरण करने के बाद “उज्जैन की ये ऊर्जा, ये उत्साह, अवंतिका की ये आभा, ये अद्भुतता, ये आनंद, महाकाल की ये महिमा, ये महात्म्य ‘महाकाल लोक’ में लौकिक कुछ भी नहीं है। शंकर के सानिध्य में साधारण कुछ भी नहीं है। सब कुछ अलौकिक है, असाधारण है, अविस्मरणीय है, अविश्वसनीय है।”

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा है कि ज्योतिषीय गणनाओं में उज्जैन न केवल भारत का केंद्र रहा है। बल्कि यह भारत की आत्मा का भी केंद्र रहा है। उज्जैन, वो नगर है जो हमारी पवित्र सात पुरियों में से एक गिना जाता है। यह वो नगर है, जहाँ भगवान श्रीकृष्ण ने भी आकर शिक्षा ग्रहण की थी। उज्जैन ने महाराजा विक्रमादित्य का वो प्रताप देखा है, जिसने भारत के नए स्वर्णकाल की शुरुआत की थी।

उन्होंने यह भी कहा है कि उज्जैन के क्षण-क्षण में इतिहास सिमटा हुआ है, कण-कण में आध्यात्म समाया हुआ है और कोने-कोने में ईश्वरीय ऊर्जा संचारित हो रही है। उज्जैन ने हजारों वर्षों तक भारत की संपन्नता और समृद्धि का, ज्ञान और गरिमा का, सभ्यता और साहित्य का नेतृत्व किया है।

महाकाल कॉरिडोर के उद्घाटन के अवसर पर पीएम मोदी ने यह भी कहा है कि किसी राष्ट्र का सांस्कृतिक वैभव इतना विशाल तभी होता है, जब उसकी सफलता का परचम विश्व पटल पर लहरा रहा होता है। सफलता के शिखर तक पहुँचने के लिए भी ये जरूरी है कि राष्ट्र अपने सांस्कृतिक उत्कर्ष को छुए, अपनी पहचान के साथ गौरव से सर उठाकर खड़ा हो।

उन्होंने आगे कहा “मैं मानता हूँ, हमारे ज्योतिलिंगों का ये विकास भारत की आध्यात्मिक ज्योति का विकास है। भारत के ज्ञान और दर्शन का विकास है। भारत का ये सांस्कृतिक दर्शन एक बार फिर शिखर पर पहुँचकर विश्व के मार्गदर्शन के लिए तैयार हो रहा है।

महाकाल लोक का अनावरण कर प्रसन्न हुए पीएम मोदी

गौरतलब है कि 856 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना के पहले चरण का अनावरण के बाद पीएम मोदी के चेहरे पर खुशी साफ देखी गई। इस कार्यक्रम में करीब 200 संत और 60 हजार लोग मौजूद रहे। इसके बाद पीएम कमलकुंड, सप्तऋषि, मंडपम और नवग्रह का भी अवलोकन करेंगे।

बता दें कि महाकाल लोक के कॉरिडोर की लंबाई 900 मीटर से ज्यादा है। इस परियोजना में महाकाल पथ में बलुआ पत्थर से 108 स्तंभ बनाए गए हैं। ये भगवान शिव के तांडव स्वरूप को दर्शाते हैं। 2.5 हेक्टेयर में फैला प्लाजा क्षेत्र कमल के तालाब से घिरा हुआ है। इसमें फव्वारे के साथ शिव की मूर्ति भी स्थापित है।

इसके अलावा महाकाल पथ के किनारे भगवान शिव के जीवन को दर्शाने वाली कई मूर्तियाँ भी स्थापित की गई हैं। पथ के साथ भित्ति दीवार चित्र शिव पुराण की कहानियों पर आधारित हैं, जिनमें गणेश का जन्म, सती और दक्ष कहानियाँ आदि शामिल हैं। पूरे परिसर की चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी। यह निगरानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सर्विलांस कैमरों की मदद से इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर द्वारा की जाएगी।

महाकालेश्वर मंदिर कॉरिडोर के मुख्य गेट पर करीब 20 फीट का शिवलिंग धागे से बनाया गया है। इसी पर से पर्दा उठाकर पीएम मोदी ने कॉरिडोर का उद्घाटन किया। महाकालेश्वर मंदिर विकास परियोजना के तहत मध्य प्रदेश के उज्जैन में पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

हिंदू युवक से मौलवी ने जबरन कबूल करवाया इस्लाम, अजय कुमार के चेहरे पर दुख साफ दिखा: पिछले साल 60 हिंदुओं का धर्मांतरण करवाकर सिंध में मनाया गया था जश्न

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में रविवार (9 अक्टूबर 2022) को एक मौलवी द्वारा हिंदू व्यक्ति का जबरन धर्मांतरण कराकर इस्लाम में परिवर्तित कराने का मामला सामने आया है।

धर्मांतरित किए गए व्यक्ति की पहचान अजय कुमार के रूप में हुई है। जमीयत उलमा-ए-सिंध के महासचिव मौलाना राशिद महमूद सूमरो ने सिंध के लरकाना शहर में जामिया इस्लामिया मस्जिद में अजय का जबरन धर्मांतरण कराया।

एएनआई ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि अजय का जब जबरन धर्मांतरण किया जा रहा तब वह दुःखी नजर आ रहा था।

वास्तव में, इस्लामिक देश पाकिस्तान हमेशा से ही अल्पसंख्यकों के लिए नर्क की तरह रहा है। वहाँ, हिंदू, सिख और ईसाइयों को लगातार प्रताड़ित किया जाता है। पाकिस्तान में, हिन्दुओं को न केवल धर्मांतरण बल्कि धार्मिक हिंसा और बलात्कार जैसे अनेकानेक तरीकों से प्रताड़ित किया जाता रहा है।

सिंध में हिंदुओं का सामूहिक धर्मांतरण

पिछले साल जुलाई में, ऑपइंडिया ने बताया था कि पाकिस्तान के सिंध प्रांत में सामूहिक रूप से 60 हिन्दुओं का धर्मांतरण किया गया था। अब्दुल रऊफ निजामनी नामक व्यक्ति ने यह सामूहिक धर्मांतरण करवाया था। धर्मांतरण के बाद उसने एक फेसबुक पोस्ट में, खुशी मनाते हुए लिखा था “अल्हम्दुलिल्लाह आज मेरी निगरानी में 60 लोग मुसलमान हुई हैं इनके लिए दुआ करें। (आज, मेरी निगरानी में 60 लोगों ने इस्लाम स्वीकार किया है। कृपया उनके लिए दुआ करें)।”

अब्दुल रऊफ निजामनी के फेसबुक प्रोफाइल के मुताबिक, वह पाकिस्तान के सिंध प्रांत के मतली में नगर समिति का अध्यक्ष है। उसके फेसबुक प्रोफाइल पर 4,275 फॉलोअर्स भी हैं।

अब्दुल रऊफ निजामनी द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में, मौलवी को 60 हिंदुओं को कलमा (निष्ठा की इस्लामी शपथ) पढ़ाकर उनका धर्मांतरण कराते हुए देखा जा सकता है।

इसके अलावा, एक अन्य वीडियो में इस मौलवी को यह कहते हुए भी देखा जा सकता है कि यह धर्मांतरित हुए लोगों की पहली नमाज थी। उसने वीडियो में कहा है “एक मुसलमान के जीवन का एकमात्र उद्देश्य अल्लाह को खुश करना है। तभी आपके जीवन का उद्देश्य पूरा होगा।”

गौरतलब है कि पाकिस्तान में हिन्दुओं को प्रताड़ित करने और धर्मांतरण की खबरें आती रहती हैं। 28 अगस्त 2022 को सिंध के ही शाहदादपुर इलाके में एक 8 साल की लड़की को खालिद और दिलशेख नाम के आरोपितों ने बाढ़ राहत वस्तुएँ दिलाने के नाम पर अपहरण किया था और उसके साथ दुष्कर्म किया था। इसके अलावा जून 2022 में सिंध की ही रहने वाली करीना नाम की हिंदू लड़की का अपहरण कर लिया गया था। बाद में करीना ने कोर्ट में खलील नाम के व्यक्ति से जबरन निकाह का बयान देते हुए अपने परिवार के साथ रहने की इच्छा जताई थी।

‘मेरा तन, मेरा मन’: हिजाब के विरोध में ईरानी एक्ट्रेस ने उतारे शरीर से सारे कपड़े, Video इंस्टाग्राम पर शेयर की

ईरान में हिजाब को लेकर भड़की आग सोशल मीडिया के जरिए पूरी दुनिया में फैल चुकी है। बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा और मंदाना करीमी के बाद अब हिजाब (Hijab) को लेकर एक और अभिनेत्री का रिएक्शन सामने आया है। नेटफ्लिक्स की हिट सीरीज सेक्रेड गेम्स में काम कर चुकी एलनाज नोरौजी (Elnaaz Norouzi) ने हिजाब का विरोध करते हुए मंगलवार (11 अक्टूबर 2022) को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है।

इस वीडियो को उन्होंने ‘मॉय बॉडी-मॉय चॉइस’ का नाम दिया है। इसमें वह कैमरे के सामने एक-एक करके अपने सारे कपड़े उतारती हुई नजर आ रही हैं। उनकी वीडियो का काफी लोग सपोर्ट कर रहे हैं। उन्ही में से एक एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला भी हैं। उन्होंने उनकी पोस्ट पर कमेंट भी किया है।

उर्वशी रौतेला ने लिखा, “हमें आप पर गर्व है क्वीन। हम महिलाओं का समर्थन करते हैं।” वहीं टीवी एक्ट्रेस स्मृति खन्ना ने भी कमेंट में सलाम करने वाला इमोजी बनाया है। इनके अलावा अन्य यूजर्स ने भी नोरौजी के इस वीडियो की सराहना की है।

फोटो साभार: एलनाज नोरौजी का इंस्टाग्राम

दरअसल, बॉलीवुड एक्ट्रेस एलनाज नौरोजी मूल रूप से ईरान की रहने वाली हैं। उनका पूरा परिवार भी ईरान में ही रहता है। सितंबर 2022 में भी उन्होंने हिजाब विरोधी प्रदर्शन को लेकर इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में उन्होंने बताया था कि कैसे ईरान में छोटी-छोटी बातों को लेकर लोगों के साथ बुरी तरह व्यवहार किया जाता है। यदि वजह थोड़ी सी भी बड़ी हुई तो उन्हें बेरहमी से पीटा भी जाता है। वह बॉलीवुड के कई कलाकारों के साथ टीवी एड में भी काम कर चुकी हैं।

बता दें कि ईरान में इन दिनों हिजाब विरोधी प्रदर्शन तेज हो गया है। इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत हिजाब नहीं पहनने के कारण महसा अमीनी नाम की लड़की की पुलिस की पिटाई से मौत के बाद हुई थी। इस विरोध प्रदर्शन में अब तक कई लोग मारे जा चुके हैं। इसके बावजूद यह प्रदर्शन रुकने का नाम नहीं ले रहा है।

पहले किया दुष्कर्म, फिर वेश्यावृत्ति में धकेला: ब्रैडफॉर्ड में छोटी बच्ची से रेप मामले में उमर, खालिद, जमील समेत 24 आरोपित गिरफ्तार

यूनाइटेड किंगडम की वेस्ट यॉर्कशायर पुलिस ने ब्रैडफोर्ड के बाल यौन शोषण मामले में गुरुवार (6 अक्टूबर 2022) को उमर ताज नाम के एक अन्य आरोपित को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के बाद, यौन शोषण के इस मामले में आरोपितों की संख्या 24 हो गई है। आरोपित ने 13 साल की बच्ची के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया और उसे वेश्यावृत्ति में धकेल दिया था।

वेस्ट यॉर्कशायर पुलिस ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि बच्ची का दुष्कर्म करने के आरोपित उमर ताज (35) को शुक्रवार (7 अक्टूबर 2022) को ब्रैडफोर्ड मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। इस मामले के शेष आरोपित सितंबर में अदालत में पेश हो चुके हैं। पीड़ित बच्ची के साथ साल 2007 से 2011 के बीच दुष्कर्म को अंजाम दिया गया था।

बलात्कार और बाल वेश्यावृत्ति सहित यौन अपराधों के लिए अब तक पासकले मासिमो (40), खजर हुसैन (41), सैयद शब्बीर (39), अब्बास हुसैन (41), मुसादक हुसैन (37), अमजद हुसैन) 36 सैयद हसन बशारत (33), हन्नान मिया (37), बुरहान उद्दीन अली (36), अब्दुल बसिथ (40), आसिफ बुधिया (39), शाजाद खादम (38), इब्राहिम अली (35), अशफाक अहमद (34) ), आफताब अहमद (33), यूसुफ भट्टी (36), अनवर अजीज (32), शाहीनुल हक (35), जमील अहमद (32), ब्रायन डेविस (53), खालिद परवेज (63), मोहम्मद नदीम अली (38) और मुहम्मद यासिर (36) को गिरफ्तार किया गया है।

बाल यौन शोषण के अलावा, यह मामला ग्रूमिंग जिहाद से भी संबंधित है। वास्तव में, ग्रूमिंग जिहाद एक वैश्विक मुद्दा है। हालाँकि, यह यूनाइटेड किंगडम में सबसे अधिक तेजी से बढ़ता जा रहा है। जहाँ, इस्लामवादी लड़के वहाँ की कम उम्र की लड़कियों और महिलाओं को अपना ‘शिकार’ बना रहे हैं। इस्लामिक लड़के, लड़कियों को सजा देने के तौर पर उनका दैहिक शोषण करते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, साल 2020 में, यूनाइटेड किंगडम की पुलिस ने वेस्ट यॉर्कशायर में कम उम्र की 8 लड़कियों के खिलाफ 150 से अधिक यौन अपराधों के लिए 32 पुरुषों को आरोपित बनाया है। पीड़ित लड़कियों के साथ साल 1999 से 2012 के बीच सैकड़ों बार दुष्कर्म किए गए थे। सबसे बड़ी बात यह है कि इन लड़कियों की उम्र 13-16 वर्ष के बीच थी।

अधिकांश आरोपी यूनाइटेड किंगडम के बैटले और ड्यूस्बरी इलाकों के रहने वाले हैं। उन पर बलात्कार, अभद्रता, एक बच्चे के साथ यौन गतिविधि, तस्करी, बलात्कार के लिए उकसाने, बलात्कार की साजिश, बच्चों की अश्लील तस्वीरें बनाने और पॉर्न वीडियो बनाने सहित कई गंभीर यौन अपराधों का आरोप लगाया गया है।

2018-2019 में इंग्लैंड में लगभग 19,000 बच्चियों का किया गया यौन शोषण

डेलीमेल की रिपोर्ट में बताया गया है, आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि पिछले वर्ष इंग्लैंड में लगभग 19,000 नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण किया किया गया था। इंग्लैंड में स्थानीय अधिकारियों ने 2018-19 में लगभग 18,700 संदिग्ध पीड़ितों की पहचान की है। यह संख्या पाँच साल पहले 3,300 थी। इसका सीधा मतलब है कि यूनाइटेड किंगडम में इस्लामवादी लड़के, छोटी बच्चियों का साथ बड़ी संख्या में यौन शोषण कर रहे हैं।

पहले देना पड़ा इस्तीफा, अब पहुँचे थाने: 10 हजार हिंदुओं के धर्मांतरण कार्यक्रम में ‘हिंदूविरोधी शपथ’ लेकर फँसे AAP के पूर्व मंत्री, शिकायतें दर्ज

केजरीवाल सरकार के पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम (Rajendra Pal Gautam) की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद दिल्ली पुलिस आज (11 अक्टूबर 2022) उनके घर पर पहुँची। हिंदू देवी-देवताओं को ना मानने की शपथ दिलाने के ​मामले में पुलिस ने उन्हें नोटिस देकर पहाड़गंज थाने में पूछताछ के लिए बुलाया। इसके बाद वह पूछताछ के लिए यहाँ पहुँचे।

दिल्ली पुलिस के नोटिस में कहा गया, “दशहरे के दिन (5 अक्टूबर 2022) नई दिल्ली के अंबेडकर भवन में हुए एक कार्यक्रम में कुछ शब्द कहे गए थे। इनसे हिंदुओं की भावनाएँ आहत हुई हैं। इस कार्यक्रम में आप (राजेंद्र पाल गौतम) भी मौजूद थे।” दिल्ली पुलिस की ओर से यह भी कहा गया है कि इस मामले में लिखित शिकायतें मिली हैं, जिनके आधार पर मामले की जाँच की जा रही है।

दिल्ली पुलिस का नोटिस (फोटो साभार: इंडिया टुडे)

बता दें कि राजेंद्र पाल गौतम 5 अक्टूबर 2022 को दिल्ली में आयोजित एक धर्मांतरण कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसमें 10 हजार हिंदुओं को बौद्ध धर्म में धर्मांतरित किया गया था। कार्यक्रम का वीडियो दिल्ली बीजेपी ने शेयर किया था। वीडियो में आप (AAP) मंत्री समेत कई अन्य लोगों को शपथ लेते हुए दिखाया गया है।

शपथ में कहा जा रहा था, “मैं हिंदू धर्म के देवी देवताओं ब्रह्मा, विष्णु, महेश, श्रीराम और श्रीकृष्ण को भगवान नहीं मानूँगा, न ही उनकी पूजा करूँगा। मुझे राम और कृष्ण में कोई विश्वास नहीं होगा, जिन्हें भगवान का अवतार माना जाता है।”

यह शपथ बीआर अंबेडकर की विवादास्पद 22 प्रतिज्ञाओं से काफी मिलती-जुलती थी। इस दौरान उन्हे यह भी कहते हुए सुना गया था, “मैं इस बात को नहीं मानता और न ही मानूँगा कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार थे। मैं इसे केवल पागलपन और झूठा प्रचार मानता हूँ। मैं श्राद्ध नहीं करूँगा और न ही पिंडदान करूँगा।”

इसके बाद भाजपा दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने 7 अगस्त 2022 को आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल और राजेंद्र पाल गौतम के खिलाफ संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आदेश गुप्ता ने अपनी शिकायत में केजरीवाल और गौतम पर हिंदुओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर आम जनता को भड़काने और अंबेडकर भवन में बयान देकर उसे सोशल मीडिया साझा करके दंगा, हिंसा और सार्वजनिक उपद्रव भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।

‘पालघर हत्याकांड की हो CBI जाँच, हमें कोई दिक्कत नहीं’ : SC में बोली महाराष्ट्र की शिंदे सरकार, उद्धव सरकार हमेशा विरोध करती थी

साल 2020 में महाराष्ट्र के पालघर में मॉब लिंचिंग कर साधुओं की हत्या कर दी गई थी। हत्या के इस मामले में महाराष्ट्र सरकार रुख बदलते हुए इसकी जाँच सीबीआई को सौंपने को तैयार हो गई है। मंगलवार (11 अक्टूबर 2022) को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र की भाजपा-शिंदे सरकार ने कोर्ट से कहा है कि उन्हें इस मामले की जाँच सीबीआई से कराने में कोई आपत्ति नहीं है। इससे पहले, तत्कालीन उद्धव सरकार ने सीबीआई जाँच कराने से इनकार कर दिया था।

दरअसल, अप्रैल 2022 में महाराज कल्पवृक्ष गिरि और सुशील गिरि महाराज को पालघर में भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला था। जब यह घटना हुई थी तब दोनों साधु मुंबई से सूरत की यात्रा कर रहे थे। इस यात्रा के दौरान, उनकी कार को 200 से अधिक लोगों की भीड़ ने रोक लिया था। इसके बाद भीड़ ने पथराव करने के बाद उनकी कार को उलट दिया था। जिसके बाद, साधुओं की इतनी पिटाई की गई थी कि उन्होंने दम तोड़ दिया था।

इस घटना के बाद, जून 2020 में पंच दशाबन जूना अखाड़े के हिंदू साधुओं और दो मृतक साधुओं के रिश्तेदारों ने मामले की जाँच कर रहे राज्य के अधिकारियों पर पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट से एनआईए/सीबीआई जाँच की माँग की थी।

इस मामले में, भाजपा समर्थित एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामे दाखिल कर कहा कि वह पालघर हिंसा मामले में दो साधुओं समेत 3 लोगों की हत्या के मामले की जाँच को सीबीआई को सौंपने के लिए तैयार है। इस जाँच से सरकार को कोई आपत्ति नहीं होगी।

गौरतलब है कि इससे पहले जब इस मामले की सुनवाई हुई थी तब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली तत्कालीन महाविकास अघाड़ी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई जाँच का विरोध किया था। उद्धव ठाकरे सरकार की ओर से यह दलील दी गई थी कि महाराष्ट्र पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की है। साथ ही, जिन पुलिसकर्मियों ने इसकी जाँच में लापरवाही की थी उनके खिलाफ एक्शन भी लिया जा चुका है।