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मुकेश अंबानी की फैमिली को जान से मारने की धमकी, दो बार आया फोन: रिलायंस अस्पताल को बम से उड़ाने की भी बात कही

रिलायंस ग्रुप के मुखिया मुकेश अंबानी और उनके पारिवारिक सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी गई है। धमकी देने वाले ने मुंबई स्थित HN रिलायंस फॉउन्डेशन अस्पताल को भी बम से उड़ाने की बात कही है। बुधवार (5 अक्टूबर 2022) को रिलांयस हॉस्पिटल में 5 घंटे के अंतराल में 2 बार फोन के जरिए धमकी दी गई। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक HN रिलायंस फॉउंडेशन अस्पताल के लैंडलाइन पर पहली कॉल दोपहर 12 बज कर 57 मिनट पर आई। लगभग 5 घंटे बाद शाम 5 बज कर 4 मिनट पर दुबारा फोन आया। कॉलर ने रिलायंस अस्पताल उड़ाने की बात कही। साथ ही मुकेश अंबानी, उनकी पत्नी नीता और बेटों आकाश तथा अनंत को भी मार की धमकी दी।

इन फोन कॉल को लेकर डीबी मार्ग थाने में शिकायत की गई। इसके बाद मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस के मुताबिक धमकी एक मोबाइल नंबर से दी थी, जिसे एक विशेष टीम बना कर ट्रेस करने की कोशिश कर रही है। मुकेश अंबानी को 29 सितम्बर 2022 को सरकार ने Z+ सुरक्षा दी थी।

गौरतलब है कि अंबानी परिवार को इस प्रकार की धमकी पहली बार नहीं मिली है। इससे पहले 15 अगस्त को भी एक व्यक्ति ने फोन पर मुकेश और नीता अंबानी को जान से मारने की धमकी दी थी। तब धमकी भरे 8 फोन रिलायंस अस्पताल में किए गए थे। उस समय आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया था।

इसके अलावा फ़रवरी 2021 में अंबानी के घर एंटीलिया के पास एक कार में विस्फोटक मिला था। इस केस में मुंबई पुलिस के इंस्पेक्टर सचिन वाजे का नाम आया था। मामले की जाँच NIA कर रही है। सितम्बर 2021 में एक टैक्सी ड्राइवर ने पुलिस को सूचना दी थी कि उर्दू में बात करने वाले 2 संदिग्धों ने मुकेश अंबानी के घर का पता पूछा था।

‘अब भी PFI के 2 लाख मेंबर एक्टिव, औरतों का भी दस्ता’: रिपोर्ट में बताया- स्थायी सदस्यों को निकाह की इजाजत नहीं, चार स्टेज की ट्रेनिंग

कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से इस कट्टरपंथी इस्लामी संगठन को लेकर लगातार नई जानकारी सामने आ रही है। इसके मुताबिक पीएफआई ने ग्रामीण इलाकों तक अपनी पैठ बना रखी है। उसके करीब 2 लाख मेंबर अभी भी एक्टिव हैं। औरतों का अलग दस्ता है। साथी संगठन के स्थायी सदस्यों को निकाह की इजाजत नहीं थी।

दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट से ये तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि इन सूचनाओं को इकट्ठा करने के लिए पीएफआई की जाँच से लंबे समय से जुड़े अधिकारियों से बात की गई है। कट्टरपंथी संगठन के महत्वपूर्ण ठिकानों की पड़ताल की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार PFI में चार स्टेज में ट्रेनिंग दी जाती थी। जो तीसरे स्टेज की ट्रेनिंग हासिल करने के लिए चुने जाते थे, वे स्थायी सदस्य होते थे। इन्हें कट्टरपंथी विचारधारा के प्रचार-प्रसार के लिए अपने घरों से दूर जाना पड़ता था। इन्हें सैलरी मिलती थी। साथ ही अन्य खर्चे भी संगठन उठाता था। सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद उनकी पैरवी के लिए सुप्रीम कोर्ट के वकील तक लगाए जाते थे।

दूसरे चरण ट्रेनिंग में कट्टरपंथी फॉलोवर बनाने का काम मिलता था। पुलिस से निबटने की ट्रेनिंग मिलती थी। इस दौरान कैडरों को सैलरी भी मिलने लगती थी। अकेले बिहार में 15000 कैडरों के ट्रेनिंग लेने का खुलासा फुलवारी शरीफ में छापेमारी के बाद पटना पुलिस ने किया था।

ट्रेनिंग के लास्ट स्टेज में केवल 5% खासमखास कैडरों को विदेशी नेटवर्क बनाने के काम पर लगाया जाता था। इन्हे दूसरे देशों के पैसे जुटाने आदि के काम सौंपे जाते थे। एक जाँच में पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया पर सीरिया में चल रही लड़ाई के लिए भारत में भर्ती अभियान चलाने का आरोप लगा था। इस भर्ती अभियान में कैडरों को हथियार चलाने और बम बनाने की ट्रेनिंग दी जाती थी। PFI पर साल 2047 तक भारत को इस्लामी मुल्क में तब्दील करने की साजिश रचने का आरोप है।

‘आदिपुरुष गरिमा के खिलाफ, इस पर लगे प्रतिबंध’: अयोध्या राम मंदिर के मुख्य पुजारी बोले- विवाद पैदा करने के लिए न हो फिल्मों का निर्माण

500 करोड़ के बजट में बनी फिल्म ‘आदिपुरुष’ के टीजर पर विवाद जारी है। फिल्म में भगवान राम, हनुमान और रावण के गलत चित्रण को लेकर इस पर तत्काल बैन लगाने की माँग की गई है। उत्तर प्रदेश में अयोध्या के राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने बुधवार (5 अक्टूबर 2022) को कहा कि भगवान राम, हनुमान और रावण का चित्रण महाकाव्य के अनुसार नहीं है। ये फिल्म उनकी गरिमा के खिलाफ है। मुख्य पुजारी ने आगे कहा कि फिल्म बनाना कोई अपराध नहीं है, लेकिन उन्हें सुर्खियों में लाने के लिए जानबूझकर विवाद पैदा करने के लिए नहीं बनाया जाना चाहिए।

दरअसल, प्रभास (Prabhas), सैफ अली खान (Saif Ali Khan) और कृति सेनन (Kriti Sanon) स्टारर ‘आदिपुरुष’ का 1.46 मिनट का टीजर 2 अक्टूबर 2022 को अयोध्या में रिलीज किया गया था। उसके बाद से ही यह फिल्म विवादों में है।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने भी इस टीजर की निंदा की है। उन्होंने कहा कि हिंदू देवी-देवताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पाठक ने कहा, “संतों ने जो कुछ भी कहा है, उस पर ध्यान देने की जरूरत है। फिल्मों ने अक्सर हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाई है। जब भी हमारी संस्कृति पर हमला हुआ, इन्हीं संतों और अखाड़ों ने हमारी संस्कृति को बचाया है। हमें अपनी संस्कृति पर गर्व है।”

वहीं, इस फिल्म को लेकर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “मैंने अभी तक टीजर नहीं देखा, लेकिन अगर इससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची है, तो इसे दर्शकों को दिखाने से पहले ठीक करने की जरूरत है।”

इससे पहले भाजपा प्रवक्ता मालविका अविनाश ने रावण के चित्रण को लेकर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था, “मैं इस बात से दुखी हूँ कि निर्देशक ने रामायण को लेकर कोई शोध नहीं किया। वाल्मीकि की रामायण, कम्बा रामायण या तुलसीदास की रामायण को लेकर की गईं कई व्याख्याएँ हैं, जो पूरी दुनिया में उपलब्ध है। वे रामायण का सुंदर चित्रण करते हैं। कम से कम वे हमारे देश में पहले से बनी फिल्मों पर तो शोध कर ही सकते थे।’ अविनाश ने कहा, “टीजर में दिखाई देने वाला रावण मुझे भारतीय नहीं दिखता। वह नीली आँखों वाला, चमड़े की जैकेट पहने हुए है। रचनात्मक और स्वतंत्रता की आड़ में ये हमारे इतिहास को इस तरह से पेश नहीं कर सकते।” मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी फिल्म के आपत्तिजनक दृश्यों को नहीं हटाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

बाल ठाकरे का बेटा सीएम शिंदे के साथ मंच पर, ‘गर्व से कहो हिंदू हैं’ के लगे नारे: दशहरा रैली में ‘उद्धव की गद्दारी’ पर चर्चा

महाराष्ट्र (Maharashtra) में शिवसेना (Shiv Sena) के दोनों गुटों ने आज बुधवार (5 अक्टूबर 2022) को दशहरा रैली का आयोजन कर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (CM Eknath Shinde) गुट ने बाला साहेब की कुर्सी को श्रद्धांजलि दी और 51 फीट लंबी तलवार की पूजा की। इस दौरान सीएम शिंदे ने कहा कि उनका बेटा सीएम पद का उत्तराधिकारी नहीं होगा, बल्कि जो उत्तराधिकारी होगा, वही उनका बेटा होगा।

शिंदे गुट की रैली में बाला साहेब ठाकरे (Bala Saheb Thackeray) के बेटे जयदेव ठाकरे (Jaidev Thackeray) और उनकी पूर्व पत्नी स्मिता ठाकरे (Smita Thackeray) भी उपस्थित रहीं। इसके अलावा, बाला साहेब के निजी सहायक चंपा सिंह थापा भी उपस्थित थे। इस दौरान लोगों की मौजूदगी में तलवार की शस्त्र पूजा की गई।

रैली से पहले शिंदे कवि हरिवंश राय बच्चन की पंक्ति ‘मेरा बेटा उत्तराधिकारी नहीं होगा, उत्तराधिकारी ही मेरा बेटा होगा’ ट्वीट किया। अपने ट्वीट में उन्होंने उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे पर निशाना साधते हुए लिखा, “मेरे बेटे, बेटे होने से मेरे उत्तराधिकारी नहीं होंगे, जो मेरे उत्तराधिकारी होंगे, वो मेरे बेटे होंगे – हरिवंशराय बच्चन।”

रैली में बोलते हुए शिंदे ने कहा कि महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार में उद्धव कॉन्ग्रेस (Congress) और एनसीपी (NCP) की धुन पर नाचते रहे। उन्होंने कहा कि गद्दारी हुई थी, लेकिन 2019 में। महाविकास अघाड़ी की सरकार बनाकर गद्दारी की गई थी।

इस दौरान एकनाथ शिंदे ने कहा, “बाला साहेब ठाकरे के विचार हमारे साथ हैं।” बाला साहेब के विचारों को समर्थन देने के लिए उन्होंने रैली में आए लोगों का आभार व्यक्त किया। सीएम शिंदे ने मंच से ‘शिवाजी महाराज की जय’, ‘बाला साहेब जिंदाबाद’ और ‘गर्व से कहो हम हिंदू हैं‘ के नारे लगवाए।

बता दें कि आज रैली से पहले दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट की घटना सामने आई थी। घटना नासिक-आगरा हाईवे पर इगतपुरी-कसरा शिवारा की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ठाकरे गुट के समर्थकों को ले जा रही बस को शिंदे गुट वाली बोलेरो ने ओवरटेक किया। इसके बाद शिंदे गुट के समर्थकों ने ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं की ओर इशारे किया। इसके बाद महिला कार्यकर्ताओं ने बोलेरो को रोकर शिंदे समर्थकों की पिटाई कर दी।

ठाकरे गुट के 2 सांसद और 5 विधायक टूटने का दावा

उधर शिंदे शिवसेना के लोकसभा सदस्य कृपाल तुमाणे ने बुधवार (5 अक्टूबर 2022) को दावा किया कि उद्धव ठाकरे गुट के 2 सांसद और 5 विधायक शाम को दशहरा रैली में मुख्यमंत्री शिंदे की लीडरशिप में शामिल होंगे। शिवसेना के जिन 2 सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने की बात कही जा रही है, उनमें एक मुंबई और एक मराठवाड़ा क्षेत्र से बताए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि इस साल जून में शिवसेना दो फाड़ हो गई थी। इस समय शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट के साथ पार्टी के 40 विधायक और 12 लोकसभा सांसद हैं। वहीं, उद्धव ठाकरे गुट के साथ 15 विधायक और 6 लोकसभा सदस्य बचे हुए हैं।

जिस गेट में अंदर से लगा ताला, वहाँ महबूबा मुफ्ती हो गईं नजरबंद: ‘कहीं भी जाने लिए स्वतंत्र’ लिख श्रीनगर पुलिस ने दिया जवाब

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) के कश्मीर दौरे के दौरान उन्हें नजरबंद कर दिया गया है। हालाँकि, पुलिस ने इन आरोपों का खंडन किया है।

महबूबा मुफ्ती ने बुधवार (5 अक्टूबर 2022) को ट्विटर पर एक बंद गेट की तस्वीर शेयर की है। इसके साथ ही उन्होंने लिखा:

“एक ओर गृहमंत्री अमित शाह कश्मीर में सब कुछ सामान्य होने का दावा करते हुए घूम रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री को घर में ही बंद कर दिया गया है। मुझे एक कार्यकर्ता की शादी के लिए पट्टन जाना था। अगर एक पूर्व सीएम के मौलिक अधिकारों को इतनी आसानी से छीना जा सकता है, तो आम आदमी की दुर्दशा के बारे में सोच भी नहीं सकते हैं।”

महबूबा मुफ्ती के दावे का खंडन करते हुए श्रीनगर पुलिस ने इसका जवाब दिया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “उनके द्वारा ट्वीट की गई तस्वीर गेट के अंदर की है, जिसमें बंगले में रहने वाले लोगों ने अपना ताला लगाया है। वह कहीं भी जाने लिए स्वतंत्र हैं।” इसके आगे श्रीनगर पुलिस ने लिखा, “हमें बताया गया था कि वो पट्टन के लिए 1 बजे रवाना होंगी। उनकी यात्रा पर कोई प्रतिबंध नहीं है।”

इसके बाद महबूबा मुफ्ती ने श्रीनगर पुलिस के ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बारामूला के एसपी रईस मोहम्मद भट्ट का नाम लेते हुए लिखा, “मुझे मंगलवार (4 अक्टूबर 2022) रात बताया गया कि मैं पट्टन नहीं जा सकती हूँ। आज जम्मू-कश्मीर पुलिस ने खुद ही मेरे गेट को अंदर से लॉक कर दिया और अब वह झूठ बोल रहे हैं। यह दुखद है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियाँ बड़ी ही बेशर्मी से अपनी गलतियाँ छिपाने के लिए इस तरह का झूठ बोल रही हैं।”

आपको बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर 2022 से 3 दिन के जम्मू-कश्मीर दौरे पर हैं। अमित शाह ने राजौरी में मंगलवार (4 अक्टूबर 2022) को एक रैली को संबोधित करते हुए गाँधी, मुफ्ती और अब्दुल्ला परिवार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा:

“70 साल तक जम्मू-कश्मीर पर 3 परिवारों ने राज किया। लोकतंत्र सिर्फ अपने परिवारों में बना दिया था। तीन परिवारों ने लोकतंत्र और जम्हूरियत का मतलब सिर्फ पीढ़ियों तक शासन करना बना दिया था। पहले जो हक 3 परिवारों के पास था, आज वह अधिकार 30 हजार लोगों को मिला है।”

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रैली में मोदी-मोदी के नारे लगने पर कहा कि यह उन लोगों के लिए जवाब है, जो कहते थे कि अनुच्छेद-370 हटेगा तो आग लग जाएगी… खून की नदियाँ बह जाएँगी।

PKMKB ट्वीट शेयर किया शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने: घेरने चली थीं शिंदे सरकार को, लोगों ने लिए मजे

पूर्व कॉन्ग्रेस नेता और फिलहाल शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी (Priyanka Chaturvedi) ने महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) सरकार पर हमला करने के चक्कर में अपनी ही किरकिरी करा ली। बुधवार (5 अक्टूबर 2022) को उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर पीकेएमकेबी (PKMKB) का स्क्रीनशॉट साझा किया है, जिसमें शिंदे सरकार की प्रशंसा की गई है।

महाराष्ट्र में शिवसेना (Shiv Sena) नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर एकनाथ शिंदे ने राकांपा-शिवसेना-कॉन्ग्रेस की महाआघाड़ी सरकार को गिरा दिया था। ऐसे में प्रियंका चतुर्वेदी ने शिंदे सरकार पर हमला करने के लिए उनकी प्रशंसा करने वाले ‘पीकेएमकेबी’ (@OfficialPKMKB) के ट्वीट का सहारा लिया। मतलब कॉमन सेंस को कोने में डाल दिया, जो समझ में आए-ना आए… ट्वीट कर दिया।

प्रियंका चतुर्वेदी का PKMKB वाला ट्वीट

इस ट्वीट पर किस-किस तरह के रिएक्शन आए हैं, जरा उनको भी देखा जाए:

अब बात करते हैं ‘पीकेएमकेबी’ हैंडल की। दरअसल, यह एक पैरोडी अकाउंट है। इन दिनों ट्विटर पर पैरोडी अकाउंट्स को काफी पसंद किया जा रहा है। मजाकिया लहजे में खबरें परोसने वाले इन अकाउंट्स में यूजर्स कई बार असली और नकली का फर्क करने में गच्चा खा जाते हैं और फेक न्यूज को असली मानकर शेयर किया जाने लगता है।

पैरोडी अकाउंट्स के ट्वीट को सही समझने की यही गलती शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी की। हालाँकि, उनका ध्यान ट्विटर हैंडल के बायो पर नहीं गया होगा, ऐसी उम्मीद कर सकते हैं आप। अगर गया होता तो वह आसानी से समझ सकतीं कि यह एक ट्रोल अकाउंट है और इसका स्क्रीनशॉट साझा नहीं करतीं।

ध्यान देने लायक बात यह भी है कि ‘पीकेएमकेबी’ हैंडल का स्थान कराची, पाकिस्तान की बजाए कराची, भारत लिखा हुआ है। यह तो हर कोई जानता है कि कराची अभी पाकिस्तान का हिस्सा है न कि भारत का। लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि पीकेएमकेबी वास्तव में भारतीयों द्वारा पाकिस्तानियों का मजाक उड़ाने के लिए बनाया गया पैरोडी अकाउंट है।

14 फरवरी 2019 को पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान बलिदान हो गए थे। इसके बाद सीमा पार आतंकी शिविरों को नष्ट करने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक की गई थी। तब से भारतीय ट्विटर यूजर्स अक्सर ‘पीकेएमकेबी’ का इस्तेमाल यहाँ पाकिस्तान से जुड़ी खबरों को मजाकिया लहजे में शेयर करने के लिए करते हैं, जैसे पाकिस्तान की हार हो, या फिर क्रिकेट मैच हो या फिर कोई और खबर।

पैरोडी अकाउंट और रियल अकाउंट में फर्क न कर पाना प्रियंका चतुर्वेदी के सामान्य ज्ञान पर प्रश्न उठाता है कि वह देश में चल रही गतिविधियों से कितनी अंजान हैं।

प्रियंका चतुर्वेदी और उनका गणित

इससे पहले भी प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने खराब गणित का परिचय देते हुए मोदी सरकार पर हमला किया था। कोरोना वायरस के कारण लगाए गए लॉकडाउन के दौरान उन्होंने झूठा दावा किया था कि मोदी सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के लिए विशेष ट्रेनें चलाकर भारी मुनाफा कमाया है। तब शिवसेना नेता ‘अर्जित राजस्व’ और ‘लाभ’ के बीच के अंतर को समझने में विफल रही थीं।

उस समय प्रियंका चतुर्वेदी के दावों भारतीय रेलवे ने भारी मुनाफा कमाया है, के विपरीत रेलवे ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाने पर 2142 करोड़ रुपए खर्च किए थे। लेकिन सिर्फ 429 करोड़ रुपए का राजस्व कमाया था और कोई लाभ नहीं हुआ था। वास्तव में, मोदी सरकार को श्रमिक ट्रेनें चलाने के बाद लगभग 1700 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था।

इससे पहले 2014 की शुरुआत में, उन्हें संख्याओं को गलत तरीके से पढ़ते हुए और मोदी सरकार पर हमला करते हुए भी देखा गया था।

प्रियंका चतुर्वेदी का 2014 वाला ट्वीट

उस समय प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा था कि उपभोक्ता वस्तुओं के लिए औद्योगिक उत्पादन का सूचकांक जून 2014 में 23.4 से जुलाई 2014 में 20.9 हो गया, जो वास्तव में सूचकांक में वृद्धि है। प्रियंका ने इसके जरिए मोदी सरकार पर कटाक्ष करने की कोशिश की थी। जब गलती समझ में आई तो उन्होंने यह ट्वीट डिलीट कर दिया था।

महिलाओं को अपना प्राइवेट पार्ट दिखाने वाले साजिद खान को Bigg Boss में लेने पर भड़कीं मंदाना करीमी, कहा- इंडस्ट्री में महिलाओं का कोई सम्मान नहीं है

बॉलीवुड अभिनेत्री मंदाना करीमी (Mandana Karimi) ने सीजन-16 (Bigg Boss 16) में साजिद खान (Sajid Khan) को एक प्रतिभागी के रूप में लेने पर बिग बॉस के निर्माताओं के प्रति नाराजगी जाहिर की है। करीमी उन अभिनेत्रियों में शामिल हैं, जिन्होंने साजिद खान पर MeeToo का आरोप लगाया था।

एक अंग्रेजी दैनिक को दिए साक्षात्कार में मंदाना करीमी ने कहा कि फिल्म उद्योग में ‘महिलाओं के लिए कोई सम्मान नहीं’ है। मंदाना ने कहा कि बॉलीवुड में अब काम करने का उनका कोई इरादा नहीं है। मंदाना करीमी अंतिम बार एकता कपूर की सीरियल लॉकअप में दिखी थीं।

मंदाना ने कहा, “लोगों के लिए जीवन ऐसा बन गया है कि अगर इससे मुझे फायदा होने वाला है और मैं पैसा कमा सकती हूँ तो कौन परवाह करता है? इंडस्ट्री एक ऐसी जगह है, जहाँ कोई किसी की माँ, प्रेमी, प्रेमिका या पति होता है। यह ऐसा है कि ‘तुम मेरी पीठ खुजलाओ और मैं तुम्हारी पीठ खुजलाऊंगा।”

बता दें कि सिर्फ मंदाना करीमी ने ही नहीं, बल्कि BB OTT फेम उर्फी जावेद ने भी साजिद खान के बिग बॉस में भाग लेने की आलोचना की है। वहीं, साजिश पर आरोप लगाने वाली सोना महापात्रा ने भी निर्माताओं की आलोचना की है।

उर्फी ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर लिखा है, “बिग बॉस आपने ऐसा क्यों किया? जब आप जब आप सेक्सुअल प्रिडेटर्स का सपोर्ट करते हैं, तब आप उनको बताते हैं कि जो उन्होंने किया वो ठीक है। इन आदमियों को यह जानना जरूरी है कि यह व्यवहार ठीक नहीं है। वे इससे बच नहीं सकते। यौन शिकारियों के साथ काम करना बंद कीजिए।”

उर्फी ने आगे कहा, “यह कॉन्ट्रोवर्शियल नहीं, बहुत शर्मनाक है। साजिद खान ने जो किया उसके लिए उसने कभी माफी नहीं माँगी। सोचिए, जिन लड़कियों को उसने प्रताड़ित किया वे क्या महसूस कर रही होंगी।”

सेक्सुअल हैरेसमेंट का जिक्र करते हुए उर्फी ने लिखा, “साजिद पर आरोप है अपने प्राइवेट पार्ट्स लड़कियों को दिखाना। एक्ट्रेस बनने की चाहत रखने वाली लड़कियों को फिल्म में लेने के लिए न्यूड्स भेजने को कहना। महिलाओं से भद्दी और अश्लील भाषा का इस्तेमाल करना। महिला साथियों के सामने पोर्न कॉन्टेंट देखना।”

उर्फी ने कश्मीरा शाह और शहनाज गिल को भी नहीं बख्शा। शहनाज की साजिद के सपोर्ट पर उर्फी ने लिखा कि कोई सेक्सुअल प्रिडेटर की तारीफ कैसे कर सकता है। उन्होंने कहा, “आप सब उसे हीरो बना रहे हैं। इसने स्क्रिप्ट से क्या हँसाया, असल जिंदगी में इसने जाने कितनी लड़कियों को रूलाया है।”

बता दें कि दिवंगत जिया खान की बहन करिश्मा का एक वीडियो क्लिप भी सामने आया था, जिसमें साजिद की करतूत दिखती है। क्लिप बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री का एक हिस्सा है। इसमें करिश्मा कहती हैं, “मुझे याद है कि मैं अपनी बहन (जिया) के साथ साजिद खान के घर गई थी। उस समय मैं शायद सिर्फ़ 16 साल की थी। हम लोग किचन टेबल के पास थे। मैंने पतली स्ट्रिप वाला टॉप पहना था और टेबल पर झुकी हुई थी।” 

वीडियो में आगे जिया की बहन कहती हैं, “वो मुझे लगातार देख रहा था और उसने अचानक कहा- “ओह इसे मेरे साथ सेक्स करना है।” मेरी बहन जिया फौरन मेरे पक्ष में आई और कहा, “तुम क्या कह रहे हो।”

साजिद खान ने कहा, “देखो, ये कैसे बैठी है।” इस पर मेरी बहन ने कहा, “अरे नहीं। ये मासूम है और छोटी भी। वो ये सब नहीं चाहती।” इसके बाद करिश्मा ने बताया कि वो अपनी बहन के साथ वहाँ से चली आई। लेकिन उन्होंने वीडियो में बताया कि उन्हें बहुत हैरानी और घिनौना महसूस हो रहा था। जिया की बहन कहती हैं कि जब साजिद खान ने उनकी बहन से टॉप उतारने को कहा था, तब वह घर आकर बहुत रोईं थीं।

करिश्मा ने कहा था, “वो रिहर्सल का समय था। वह स्क्रिप्ट पढ़ रही थी, तभी उसने (साजिद) ने उससे उसका टॉप और ब्रा हटाने को कहा। उसे नहीं समझ आया कि वो क्या करे। उसने कहा था कि अभी तो फिल्म शुरू भी नहीं हुई और ये सब अभी से हो रहा है। वो घर आकर बहुत रोई थी। उसका कहना था कि उनके पास कॉन्ट्रैक्ट हैं। अगर मैंने छोड़ा तो मुझ पर मुकदमा होगा। अगर नहीं छोड़ा तो मेरा यौन उत्पीड़न होगा। हर स्थिति हारने वाली है।’”

बॉयफ्रेंड रॉकी जायसवाल के साथ हिना खान ने लिया माँ दुर्गा का आशीर्वाद: अल्लाह, इस्लाम, फतवा… मिल रही हर तरह की धमकी-गाली

बॉलीवुड अभिनेत्री और टीवी इंडस्ट्री का जाना माना चेहरा हिना खान (Hina Khan) नवमी के दिन माँ दुर्गा के दरबार में आशीर्वाद लेने पहुँची। उन्होंने माँ के दरबार में पहुँच कर वहाँ अपनी तस्वीरें भी क्लिक करवाईं। यही उनकी तकलीफ का कारण बनी। कट्टरपंथी इस्लामी अब उनके पीछे पड़े हैं।

‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में अक्षरा की भूमिका निभाकर घर-घर में अपनी अलग पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस ने अपने 4 अक्टूबर 2022 को इंस्टाग्राम पर भी ये तस्वीरें शेयर कीं। जहाँ कुछ लोगों को उनका ट्रेडिशनल लुक पसंद आ रहा है, वहीं कुछ मुस्लिम यूजर्स ऐसे भी हैं, जो उन्हें माँ के दरबार में हाजिरी लगाने पर ट्रोल कर रहे हैं।

फोटो साभार: हिना खान इंस्टाग्राम

एक यूजर ने लिखा, “शर्म तो आ नहीं रही होगी आपको। बेशर्म एक्ट्रेस मेरी इतनी फेवरेट थी आप।”

इजहार अंसारी नाम के यूजर ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि बिग बॉस की सना को देखो और इनको देखो। अल्लाह इनको हिदायत दे, खैर। इसके बाद नावेद खान लिखता है, “इस पर फतवा लगाना जरूरी है।” समीर अजीज भी हिना खान पर भड़कते हुए लिखता है, “कम से कम अल्लाह के खौफ से डरो।”

फोटो साभार : हिना खान इंस्टाग्राम

इसके अलावा खातिजा मलिक ने लिखा, ‘‘यार कैसी मुस्लिम हैं आप। हमारा रब हमें इस बात की इजाजत नहीं देता यार। आप एक मुस्लिम हो।” एक और यूजर ने लिखा, “हिना ये सब मत करो। अपने पिता के लिए मगफिरा (God’s Forgiveness) का जरिया बनो। उन्हें आपकी दुआओं की जरूरत है। अगर आप ऐसी चीजों में शामिल होंगी, तो आप ये सब नहीं कर पाएँगी।”

हिना खान के फोटो शेयर करते ही मुस्लिम यूजर्स उन्हें इस्लाम की दुहाई देने लगे। एक अन्य यूजर ने कहा, “यदि आप मानती हैं कि आप मुस्लिम हैं तो आप गलत हैं। आप मुस्लिम होती तो ऐसा नहीं करती। अपना नाम बदल कर कोई हिंदू नाम रख लें ओके।”

फोटो साभार : हिना खान इंस्टाग्राम

इन मुस्लिम यूजर में लड़कियाँ भी शामिल हैं। मरियम कादरी लिखती हैं, “अल्लाह इसे हिदायत दे। मुस्लिम होकर पूजा में शामिल हो रही है।”

फोटो साभार : हिना खान इंस्टाग्राम

खान उजेर ने लिखा, “तुम पर शर्म आती है… तुम ऐसा कैसे कर सकती हो… यह गलत है… पता होते हुए हुए भी काफिरों के त्योहारों में जा रही तू… तेरी हिम्मत कैसे हुई… गणपति में भी तुमने पैर पर माथा टेका था। समझ वगैरा है कि नहीं सिर्फ अल्लाह के सामने सिर झुकाओ… अल्लाह हिदायत दे।”

आपको बता दें कि हिना खान अपने बॉयफ्रेंड रॉकी जायसवाल के साथ दुर्गा माँ का आशीर्वाद लेने गई थीं। हिंदू बॉयफ्रेंड के कारण भी कट्टरपंथी मुस्लिमों को मिर्ची लगी होगी, ऐसा कयास लगाया जा सकता है।

ठाकरे गुट के 2 MP और 5 MLA के शिंदे कैंप में आने का दावा: महाराष्ट्र में दशहरा रैली से पहले दोनों गुटों के समर्थकों के बीच मारपीट, अश्लील इशारे का आरोप

महाराष्ट्र (Maharashtra) में शिवसेना (Shivsena) में टूट के बाद पहली बार दोनों गुट के लोग दशहरा रैली का आयोजन कर रहे हैं। इस दौरान के दौरान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (CM Eknath Shinde) और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Ex-CM Uddhav Thackeray) गुट के समर्थकों के बीच जमकर मारपीट हुई। वहीं, ठाकरे गुट के कुछ सांसद-विधायकों के शिंदे गुट में शामिल होने की बात कही जा रही है।

दरअसल, कोर्ट के आदेश ने उद्धव ठाकरे को दादर के शिवाजी पार्क में रैली की इजाजत दी थी। यहाँ पर शिंदे गुट ने भी रैली का दावा पेश किया था। इसके बाद मामला कोर्ट में चला गया। बाद में शिंदे गुट को BKC मैदान में दशहरा रैली के आयोजन की अनुमति मिली।

दोनों गुटों की रैली को देखते हुए पुलिस चप्पे पर तैनात रही। हालाँकि, इसके बावजूद दोनों गुटों में मारपीट हो गई। कहा जा रहा है कि शिंदे समर्थक एक कार्यकर्ता ने ठाकरे समर्थक एक महिला कार्यकर्ता को इशारा कर दिया। इसके बाद ठाकरे गुट के समर्थकों ने शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं की पिटाई कर दी।

घटना नासिक-आगरा हाईवे पर इगतपुरी-कसरा शिवारा की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ठाकरे गुट के समर्थकों को ले जा रही बस को शिंदे गुट वाली बोलेरो ने ओवरटेक किया। इसके बाद शिंदे गुट के समर्थकों ने ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं की ओर इशारे किया। इसके बाद महिला कार्यकर्ताओं ने बोलेरो को रोकर शिंदे समर्थकों की पिटाई कर दी।

बता दें कि उद्धव ठाकरे ने इस रैली में 50,000 कार्यकर्ताओं को शामिल करने का लक्ष्य रखा है। मुंबई के 227 वार्डों में से प्रत्येक वार्ड से 4 बसों से कार्यकर्ताओं को लाने का जिम्मा सभी विभाग प्रमुखों को सौंपा गया है। वहीं, शिंदे गुट ने रैली के लिए 10,000 कार्यकर्ताओं का लक्ष्य रखा है और इसके लिए सभी विधायकों को निर्देश दिए गए हैं।

ठाकरे गुट के 2 सांसद और 5 विधायक टूटने का दावा

उधर शिंदे शिवसेना के लोकसभा सदस्य कृपाल तुमाणे ने बुधवार (5 अक्टूबर 2022) को दावा किया कि उद्धव ठाकरे गुट के 2 सांसद और 5 विधायक शाम को दशहरा रैली में मुख्यमंत्री शिंदे की लीडरशिप में शामिल होंगे। शिवसेना के जिन 2 सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने की बात कही जा रही है, उनमें एक मुंबई और एक मराठवाड़ा क्षेत्र से बताए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि इस साल जून में शिवसेना दो फाड़ हो गई थी। इस समय शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट के साथ पार्टी के 40 विधायक और 12 लोकसभा सांसद हैं। वहीं, उद्धव ठाकरे गुट के साथ 15 विधायक और 6 लोकसभा सदस्य बचे हुए हैं।

ऑफिस में हस्तमैथुन, ब्रिटेन में ऐसा करने वाले 74 लाख लोग: सर्वे में 22% मर्दों, 7% महिलाओं ने दिल खोल कर बात की

लोग ऑफिस जाते हैं, काम करते हैं… घर वापस आकर खाना खाते हैं, सो जाते हैं। यह आम जिंदगी है। ब्रिटेन के लोग ऐसी आम जिंदगी शायद पसंद नहीं करते। मेंटॉस वाली ‘बिंदास जिंदगी’ की तरह वहाँ ऑफिस में लोग काम के दौरान हस्तमैथुन भी करना पसंद करते हैं।

चौंकिए मत। ब्रिटेन के लोगों ने खुद ही बताया है अपनी पसंद के बारे में। Chemist4U नाम की एक संस्था ने सर्वे किया। ब्रिटेन के 2000 लोगों ने इसमें भाग लिया। इनमें से 14% लोगों ने स्वीकार किया कि वो ऑफिस में काम के दौरान हस्तमैथुन करते हैं।

प्रतिशत को संख्या में समझने की कोशिश कीजिए। ऑफिस में काम के दौरान हस्तमैथुन वाले सर्वे से निकले आँकड़ों के अनुसार 74 लाख ब्रिटिश लोग ऐसा करते हैं। इनमें 22 प्रतिशत पुरुष जबकि 7 प्रतिशत महिला होती हैं।

ऑफिस में हस्तमैथुन का उम्र और कमाई से रिश्ता

इस सर्वे में भाग लेने वाले 25 से 34 साल के लोगों में से 27 प्रतिशत ने माना कि वो ऑफिस में हस्तमैथुन करते हैं। 25 से 34 साल के लोगों में यह प्रतिशत 18 रहा जबकि 45 से 54 वालों ने खुद को 15 प्रतिशत तक सीमित रखा।

कमाई की बात करें तो जितनी ज्यादा कमाई, उतना ही ज्यादा प्रतिशत देखने को मिला। 25000 से लेकर 35000 ब्रिटिश पाउंड (23 लाख से 32 लाख रुपए) की औसत कमाई वाले लोगों में से 24 प्रतिशत ने माना कि वो ऑफिस में हस्तमैथुन करते हैं। 15000 से लेकर 25000 ब्रिटिश पाउंड (14 लाख से 23 लाख रुपए) की कमाई वालों का इसमें प्रतिशत रहा 18… जबकि 35000 से लेकर 45000 ब्रिटिश पाउंड (32 लाख से 42 लाख रुपए) की औसत कमाई वाले सबसे आगे रहे।

कोरोना, लॉकडाउन और हस्तमैथुन

Chemist4U नाम की एक संस्था के सर्वे से पहले कोरोना काल में ब्रिटिश लोगों ने कैसे समय बिताया, इसे जानने के लिए 2 विश्वविद्यालयों ने सर्वे किया था। इस सर्वे में सैकड़ों लोगों ने बताया था कि इस दौरान उन्होंने सामान्य से ज्यादा हस्तमैथुन किया। ब्रिटेन में पुरुष हफ्ते में औसतन 2 बार हस्तमैथुन करते हैं, वहीं ब्रिटिश महिलाऐं हफ्ते में एक बार ऐसा करती हैं। कुछ युवकों ने इस दौरान पोर्न देख कर समय बिताने की बात स्वीकारी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सर्वे में कुल 25% ब्रिटिश लोगों ने कोरोना के दौरान लगे लॉकडाउन में अधिक हस्तमैथुन करने, 19.5% लोगों ने सामान्य से अधिक पोर्न देखने और 8.5% लोगों ने सेक्स टॉय का ज्यादा प्रयोग की जानकारी दी। सर्वे में एक चौथाई युवकों ने बताया कि उन्होंने साल 2020 के पहले लॉकडाउन में सबसे ज्यादा बार हस्तमैथुन किया। ये वो समय था जब कोरोना काल का प्रतिबंध सबसे चरम पर था और किसी को भी किसी से मिलने की इजाजत नहीं थी। यह सर्वे 18 से 32 साल के बीच आयु वाले 565 युवाओं पर किया गया।